Author: bharati

  • 28 जुलाई 2026 का राशिफल: किस राशि पर होगी किस्मत मेहरबान, किसे बरतनी होगी सावधानी, पढ़ें आज का संपूर्ण भविष्यफल

    28 जुलाई 2026 का राशिफल: किस राशि पर होगी किस्मत मेहरबान, किसे बरतनी होगी सावधानी, पढ़ें आज का संपूर्ण भविष्यफल


    नई दिल्ली। 28 जुलाई 2026 का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर, आर्थिक लाभ और करियर में प्रगति लेकर आने वाला है। कुछ राशियों को भाग्य का पूरा साथ मिलेगा तो कुछ को स्वास्थ्य, खर्च और निर्णयों को लेकर विशेष सतर्क रहने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।

    मेष
    भाग्य आपके पक्ष में रहेगा। धर्म और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। लंबे समय से रुके कार्य पूरे हो सकते हैं। करियर में नई संभावनाएं बनेंगी और महत्वपूर्ण चर्चाओं में सफलता मिलेगी। आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।
    शुभ अंक: 1, 9
    शुभ रंग: चमकीला लाल

    वृषभ
    स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। परिवार के बड़े सदस्यों की सलाह लाभदायक साबित होगी। शोध और अध्ययन से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है। जिद और अहंकार से दूर रहकर काम करें।
    शुभ अंक: 1, 6, 9
    शुभ रंग: हल्का भूरा

    मिथुन
    साझेदारी के कार्यों में लाभ मिलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा और सामाजिक सम्मान बढ़ेगा। पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग हैं। करियर और कारोबार में सहयोगियों का साथ मिलेगा।
    शुभ अंक: 1, 5, 9
    शुभ रंग: बादामी

    कर्क
    योजनाबद्ध तरीके से काम करें। खर्चों पर नियंत्रण रखें और लेनदेन में सावधानी बरतें। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन सामान्य रहेगा। सकारात्मक सोच से कार्यों में सफलता मिलेगी।
    शुभ अंक: 1, 2, 9
    शुभ रंग: गुलाबी

    सिंह
    आज का दिन उपलब्धियों से भरा रहेगा। आर्थिक लाभ के नए अवसर मिलेंगे। संतान की ओर से शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। पढ़ाई और करियर में अच्छा प्रदर्शन रहेगा। दोस्तों का पूरा सहयोग मिलेगा।
    शुभ अंक: 1, 9
    शुभ रंग: चेरी रेड

    कन्या
    आवेश में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। पारिवारिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। वाहन और संपत्ति से जुड़े कार्य पूरे हो सकते हैं। अनुशासन और विनम्रता से सफलता मिलेगी।
    शुभ अंक: 1, 5, 9
    शुभ रंग: खाकी

    तुला
    सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। शुभ समाचार मिलने के योग हैं। व्यापार और कार्यक्षेत्र में अनुकूल परिस्थितियां रहेंगी। वाणी की मधुरता से नए अवसर प्राप्त होंगे।
    शुभ अंक: 6, 9
    शुभ रंग: शहद जैसा

    वृश्चिक
    घर में खुशियों का माहौल रहेगा। आर्थिक मामलों में तेजी आएगी। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। भावनाओं पर नियंत्रण रखें और वाणी में मधुरता बनाए रखें।
    शुभ अंक: 1, 9
    शुभ रंग: गहरा लाल

    धनु
    रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। करियर और व्यापार में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। प्रभावशाली व्यक्तित्व से लोग प्रभावित होंगे। नवाचार से लाभ मिलेगा।
    शुभ अंक: 1, 3, 9
    शुभ रंग: सनराइज

    मकर
    विदेश से जुड़े कार्यों में प्रगति होगी। खर्चों और कानूनी मामलों में सतर्क रहें। कामकाज में ढिलाई न करें। धैर्य और विवेक से आगे बढ़ें।
    शुभ अंक: 8, 9
    शुभ रंग: गहरा भूरा

    कुंभ
    व्यापार में विस्तार होगा। प्रबंधन क्षमता मजबूत रहेगी। मित्रों और सहयोगियों का साथ मिलेगा। पुराने अटके कार्य पूरे होने की संभावना है।
    शुभ अंक: 8, 9
    शुभ रंग: गेहूंआ

    मीन
    करियर और कारोबार में बड़ी सफलता मिलने के संकेत हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। महत्वपूर्ण कार्य समय पर पूरे होंगे।
    शुभ अंक: 1, 3, 9
    शुभ रंग: पीला

    आज का विशेष उपाय
    मंगलवार के दिन भगवान हनुमान की पूजा करें। लाल फल या लाल वस्तुओं का दान करें तथा “ॐ अं अंगारकाय नमः” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। इससे साहस, ऊर्जा और सकारात्मकता में वृद्धि होगी।

  • बिहार सरकार का बड़ा फैसला: छात्र आंदोलन से जुड़े सभी मामले वापस होंगे, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना

    बिहार सरकार का बड़ा फैसला: छात्र आंदोलन से जुड़े सभी मामले वापस होंगे, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना


    पटना।
    बिहार सरकार ने हाल में हुए छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में बड़ा निर्णय लेते हुए प्रदर्शन के दौरान दर्ज सभी प्राथमिकी (एफआईआर), परिवाद और कानूनी नोटिस वापस लेने का आदेश जारी किया है। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, आंदोलन के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए छात्रों की रिहाई की प्रक्रिया भी तत्काल शुरू कर दी गई है।

    सरकार के निर्देश के मुताबिक, 26 जुलाई शाम 6 बजे तक आंदोलन और प्रदर्शन से संबंधित दर्ज सभी एफआईआर, परिवाद तथा जारी किए गए कानूनी नोटिस निरस्त किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इस अवधि से पहले गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए छात्रों को आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर शीघ्र रिहा किया जाए।

    छात्रों के भविष्य को देखते हुए लिया गया फैसला

    गृह विभाग की अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्णय छात्रों के शैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल आंदोलन या प्रदर्शन में भाग लेने के आधार पर किसी भी छात्र के खिलाफ आगे कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

    प्रशासन को दिए गए स्पष्ट निर्देश

    सरकार ने संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया है कि अधिसूचना का तत्काल पालन सुनिश्चित किया जाए और सभी लंबित मामलों को निर्धारित समयसीमा के भीतर वापस लेने की कार्रवाई पूरी की जाए। साथ ही, हिरासत में मौजूद छात्रों की रिहाई में अनावश्यक देरी न हो।

    छात्र संगठनों ने जताई राहत

    सरकार के इस फैसले के बाद छात्र संगठनों और अभिभावकों ने राहत व्यक्त की है। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि यह कदम छात्रों और सरकार के बीच विश्वास बहाल करने तथा आंदोलन के बाद बने तनावपूर्ण माहौल को सामान्य करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। फिलहाल राज्यभर में आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने और छात्रों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

  • सऊदी अरब की अबकैक तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, भीषण आग से वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ी चिंता

    सऊदी अरब की अबकैक तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, भीषण आग से वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ी चिंता


    रियाद।
    सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको की अबकैक (Abqaiq) तेल रिफाइनरी और ईस्ट-वेस्ट पंपिंग स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई। हमले के बाद संयंत्र के कई हिस्सों से आग की ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं। उपग्रह तस्वीरों में भी रिफाइनरी परिसर में व्यापक नुकसान के संकेत मिले हैं।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमले में दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल प्रसंस्करण सुविधाओं में शामिल अबकैक संयंत्र को नुकसान पहुंचा है। सऊदी अधिकारियों ने इस हमले के पीछे इराक में सक्रिय एक सशस्त्र संगठन का हाथ होने का दावा किया है, जिस पर ईरान समर्थित होने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

    दुनिया की सबसे अहम तेल प्रसंस्करण इकाइयों में शामिल

    अबकैक रिफाइनरी को दुनिया का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल स्टेबलाइजेशन प्लांट माना जाता है। यहां बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया जाता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस संयंत्र में किसी भी प्रकार की बाधा का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ सकता है।

    आग पर काबू पाने के प्रयास तेज

    हमले के बाद सऊदी अरामको और संबंधित एजेंसियों ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन कार्रवाई शुरू कर दी। आग को नियंत्रित करने और अतिरिक्त नुकसान रोकने के लिए कई उत्पादन केंद्रों पर इमरजेंसी फ्लेयरिंग की गई। सुरक्षा एजेंसियां हमले के कारणों और क्षति का आकलन कर रही हैं।

    सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा नुकसान

    उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों में रिफाइनरी के कई हिस्सों में आग और धुएं के बड़े गुबार दिखाई दिए हैं। शुरुआती आकलन के मुताबिक, संयंत्र के कुछ परिचालन हिस्से प्रभावित हुए हैं, हालांकि उत्पादन क्षमता पर वास्तविक असर का आधिकारिक विवरण अभी जारी नहीं किया गया है।

    वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है प्रभाव

    ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अबकैक रिफाइनरी का संचालन लंबे समय तक प्रभावित रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है। इससे वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव और ऊर्जा बाजार में अस्थिरता की संभावना भी बढ़ सकती है।

    सऊदी सरकार ने कहा है कि वह हमले की जांच कर रही है और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा ऊर्जा अवसंरचना की सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे।

  • बेटी के जन्म पर रिश्तों में आई दरार की कहानी बनी चर्चा, बुजुर्ग दंपति ने समाज को दिया समानता का संदेश

    बेटी के जन्म पर रिश्तों में आई दरार की कहानी बनी चर्चा, बुजुर्ग दंपति ने समाज को दिया समानता का संदेश

    नई दिल्ली । बेटी और बेटे के बीच भेदभाव को लेकर समाज में समय-समय पर बहस होती रही है। इसी विषय से जुड़ा एक अनुभव इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक बुजुर्ग दंपति ने अपने वीडियो के माध्यम से एक महिला की आपबीती साझा करते हुए समाज से बेटियों के प्रति समान और सम्मानजनक व्यवहार अपनाने की अपील की। वीडियो में साझा किए गए अनुभव ने परिवार, पालन-पोषण और सामाजिक सोच को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

    वीडियो में बताया गया कि एक महिला ने बुजुर्ग दंपति से अपनी एक परिचित की कहानी साझा की। महिला के अनुसार, उसकी सहेली ने बेटी को जन्म दिया तो ससुराल पक्ष का व्यवहार अचानक बदल गया। कथित तौर पर परिवार के सदस्य नवजात बच्ची और उसकी मां से मिलने अस्पताल तक नहीं पहुंचे। इतना ही नहीं, अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी उसे अपने ससुराल ले जाने के बजाय मायके भेज दिया गया।

    महिला ने यह भी दावा किया कि बेटी के जन्म के बाद कई वर्षों तक ससुराल पक्ष ने उससे कोई संपर्क नहीं रखा और न ही उसकी या बच्ची की कोई जानकारी ली। बाद में जब बच्ची के पालन-पोषण और खर्च से जुड़े अधिकारों के लिए कानूनी नोटिस भेजा गया, तब कथित रूप से ससुराल पक्ष ने दोबारा संपर्क करने की इच्छा जताई। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस अनुभव ने सामाजिक सोच और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।

    इस पूरे प्रसंग पर प्रतिक्रिया देते हुए बुजुर्ग दंपति ने कहा कि किसी भी बच्चे के जन्म को परिवार के लिए खुशी का अवसर माना जाना चाहिए, चाहे वह बेटा हो या बेटी। उन्होंने कहा कि बेटियां किसी भी दृष्टि से परिवार पर बोझ नहीं होतीं, बल्कि वे भी परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने और माता-पिता का सहारा बनने में समान रूप से सक्षम होती हैं। उनके अनुसार, बच्चे के लिंग के आधार पर व्यवहार बदलना न केवल सामाजिक असमानता को बढ़ावा देता है, बल्कि परिवारों में भावनात्मक दूरी भी पैदा करता है।

    दंपति ने यह भी कहा कि आधुनिक समाज में शिक्षा, रोजगार, खेल, विज्ञान, प्रशासन और अन्य अनेक क्षेत्रों में बेटियां लगातार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे में केवल लिंग के आधार पर उनके साथ भेदभाव करना न तो सामाजिक रूप से उचित है और न ही मानवीय दृष्टि से स्वीकार्य। उनका मानना है कि बच्चों के प्रति समान अवसर और समान सम्मान ही स्वस्थ समाज की पहचान है।

    विशेषज्ञ भी समय-समय पर इस बात पर जोर देते रहे हैं कि परिवार का सहयोग और सकारात्मक वातावरण बच्चे के मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि जन्म के समय ही भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाए, तो इसका प्रभाव केवल मां पर ही नहीं, बल्कि बच्चे के भविष्य और पूरे परिवार के संबंधों पर भी पड़ सकता है।

    सोशल मीडिया पर सामने आई यह कहानी एक व्यक्तिगत अनुभव के रूप में साझा की गई है, लेकिन इसने बेटियों के सम्मान, लैंगिक समानता और जिम्मेदार अभिभावक बनने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर फिर से चर्चा शुरू कर दी है। समाज में समान अवसर और समान सम्मान की भावना को मजबूत करना ही ऐसे संदेशों का मुख्य उद्देश्य माना जा रहा है।

  • शीजान खान ने अपनाई शाकाहारी डाइट, बोले- सही पोषण से बिना नॉनवेज भी बनाए रखी जा सकती है फिटनेस

    शीजान खान ने अपनाई शाकाहारी डाइट, बोले- सही पोषण से बिना नॉनवेज भी बनाए रखी जा सकती है फिटनेस

    नई दिल्ली । टेलीविजन अभिनेता शीजान खान ने अपनी फिटनेस और खान-पान से जुड़ा एक अहम बदलाव साझा करते हुए बताया है कि उन्होंने पूरी तरह शाकाहारी जीवनशैली अपना ली है। उनका कहना है कि लंबे समय से प्रचलित इस धारणा को उन्होंने अपने अनुभव से गलत साबित किया है कि बेहतर फिटनेस और मसल्स बनाने के लिए नॉनवेज भोजन अनिवार्य होता है। अभिनेता के अनुसार, संतुलित पोषण और सही डाइट प्लानिंग के जरिए शाकाहारी भोजन के साथ भी शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिल सकते हैं।

    इन दिनों अपने टीवी शो ‘गंगा मैया की बेटियां’ में नजर आ रहे शीजान खान ने बताया कि शूटिंग के दौरान लंबे और व्यस्त कार्य घंटे होने के कारण ऊर्जा बनाए रखना उनके लिए बेहद जरूरी होता है। इसी वजह से वह अपनी डाइट को लेकर विशेष सतर्क रहते हैं और हर भोजन में पोषण का संतुलन बनाए रखने की कोशिश करते हैं। उनका मानना है कि फिटनेस केवल अधिक भोजन करने से नहीं, बल्कि सही पोषक तत्वों का उचित मात्रा में सेवन करने से हासिल होती है।

    अभिनेता ने बताया कि वह अपनी रोजमर्रा की डाइट में प्रोटीन और फाइबर पर विशेष ध्यान देते हैं। उनके अनुसार, पनीर शाकाहारी भोजन में प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, जबकि प्रोटीन शेक उनकी दैनिक पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है। उनका कहना है कि संतुलित भोजन और नियमित दिनचर्या ही फिटनेस बनाए रखने का सबसे प्रभावी तरीका है।

    शीजान खान ने यह भी स्वीकार किया कि पहले उन्हें लगता था कि यदि वह चिकन और अंडे जैसे खाद्य पदार्थ छोड़ देंगे तो उनकी मांसपेशियों की मजबूती और फिटनेस प्रभावित होगी। हालांकि, शाकाहारी जीवनशैली अपनाने के बाद उनका अनुभव इससे बिल्कुल अलग रहा। उन्होंने बताया कि उचित योजना के साथ तैयार की गई डाइट ने उन्हें यह महसूस कराया कि शरीर को आवश्यक पोषण केवल नॉनवेज से ही नहीं, बल्कि शाकाहारी स्रोतों से भी मिल सकता है।

    उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी तरह शाकाहारी बने लगभग छह महीने हो चुके हैं और यह पहली बार है जब उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपने इस बदलाव के बारे में विस्तार से बात की है। उनके अनुसार, इस दौरान उन्होंने अपनी फिटनेस, ऊर्जा और मसल्स में कोई नकारात्मक बदलाव महसूस नहीं किया। इसके विपरीत, सही खान-पान और अनुशासित जीवनशैली ने उन्हें पहले की तरह सक्रिय बनाए रखा है।

    डाइट और फिटनेस के अलावा शीजान खान ने अपने एक अन्य शौक का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्हें खाना बनाना बेहद पसंद है। हालांकि, व्यस्त शूटिंग शेड्यूल के कारण उन्हें रसोई में अधिक समय बिताने का अवसर नहीं मिल पाता, लेकिन जब भी समय मिलता है, वह अपने लिए और दोस्तों के लिए खाना बनाना पसंद करते हैं। उनका मानना है कि घर का संतुलित और पौष्टिक भोजन स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    शीजान खान का कहना है कि फिटनेस का मूल आधार केवल किसी एक प्रकार के भोजन पर निर्भर नहीं करता, बल्कि संतुलित पोषण, नियमित व्यायाम और अनुशासित दिनचर्या पर आधारित होता है। उनका अनुभव उन लोगों के लिए भी प्रेरणादायक हो सकता है, जो शाकाहारी भोजन अपनाने के बाद फिटनेस को लेकर संदेह रखते हैं। अभिनेता का मानना है कि यदि भोजन की योजना वैज्ञानिक और संतुलित तरीके से बनाई जाए, तो शाकाहारी आहार के साथ भी बेहतर स्वास्थ्य और मजबूत फिटनेस हासिल की जा सकती है।

  • संसद में सरकार का खुलासा, 100 करोड़ रुपये से ज्यादा आय बताने वाले करदाताओं की संख्या 142 से बढ़कर 576 हुई

    संसद में सरकार का खुलासा, 100 करोड़ रुपये से ज्यादा आय बताने वाले करदाताओं की संख्या 142 से बढ़कर 576 हुई

    नई दिल्ली ।देश में 100 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक आय घोषित करने वाले आयकरदाताओं की संख्या में पिछले पांच वर्षों के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि आकलन वर्ष 2025-26 में ऐसे करदाताओं की संख्या बढ़कर 576 हो गई, जबकि आकलन वर्ष 2021-22 में यह आंकड़ा केवल 142 था। इस प्रकार पांच वर्षों में इस श्रेणी के करदाताओं की संख्या में लगभग 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो देश में उच्च आय वर्ग के करदाताओं की बढ़ती संख्या को दर्शाती है।
    लोकसभा में एक लिखित उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि विभिन्न आकलन वर्षों के दौरान इस श्रेणी के करदाताओं की संख्या में उतार-चढ़ाव के बावजूद समग्र रूप से वृद्धि का रुझान स्पष्ट दिखाई देता है। उनके अनुसार आकलन वर्ष 2022-23 में 301 करदाताओं ने 100 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक आय घोषित की थी। इसके बाद आकलन वर्ष 2023-24 में यह संख्या घटकर 284 रह गई, लेकिन अगले वर्षों में फिर तेजी से बढ़ोतरी हुई। आकलन वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 415 तक पहुंचा और 2025-26 में बढ़कर 576 हो गया।
    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि आयकर अधिनियम, 2025 के अंतर्गत ‘अरबपति’ शब्द की कोई कानूनी या वैधानिक परिभाषा निर्धारित नहीं की गई है। इसलिए संसद में उपलब्ध कराए गए आंकड़े केवल उन आयकर रिटर्न पर आधारित हैं, जिनमें संबंधित व्यक्तियों ने अपनी वार्षिक आय 100 करोड़ रुपये से अधिक घोषित की है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आंकड़े घोषित आय के आधार पर तैयार किए गए हैं।
    आय असमानता से जुड़े प्रश्न के उत्तर में सरकार ने कहा कि हाल के वर्षों में आय वितरण की स्थिति में सुधार के संकेत मिले हैं। सरकार के अनुसार घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण 2023-24 के आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आय असमानता में कमी दर्ज की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों का जिनी गुणांक 2022-23 के 0.266 से घटकर 2023-24 में 0.237 हो गया, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 0.314 से घटकर 0.284 पर आ गया। सरकार का मानना है कि यह बदलाव आय वितरण में अपेक्षाकृत संतुलन आने की दिशा में सकारात्मक संकेत देता है।
    सरकार ने रोजगार के मोर्चे पर भी सुधार का दावा किया। पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे के अनुसार, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों की बेरोजगारी दर वर्ष 2023-24 में घटकर 3.1 प्रतिशत रह गई। सरकार का कहना है कि रोजगार सृजन, कौशल विकास और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से श्रम बाजार की स्थिति में सुधार हुआ है।
    सरकार ने संसद में यह भी कहा कि आय असमानता कम करने के लिए प्रगतिशील कर व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसके साथ ही रोजगार सृजन कार्यक्रमों, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर सार्वजनिक निवेश बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि लक्षित कर प्रोत्साहनों और विकास आधारित निवेश के माध्यम से रोजगार के अवसरों का विस्तार करने तथा समावेशी आर्थिक विकास को गति देने के प्रयास जारी रहें

  • दुबई से मुंबई जा रही इंडिगो फ्लाइट की राजकोट में इमरजेंसी लैंडिंग, कार्गो होल्ड में धुएं की सूचना से सतर्कता

    दुबई से मुंबई जा रही इंडिगो फ्लाइट की राजकोट में इमरजेंसी लैंडिंग, कार्गो होल्ड में धुएं की सूचना से सतर्कता

    नई दिल्ली । दुबई से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो की एक यात्री उड़ान को सोमवार को एहतियात के तौर पर गुजरात के राजकोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। उड़ान के दौरान विमान के कार्गो होल्ड में धुआं होने की सूचना मिलने के बाद पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया और विमान को राजकोट की ओर डायवर्ट करने का निर्णय लिया। अधिकारियों के अनुसार सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, उड़ान सामान्य रूप से अपने निर्धारित मार्ग पर थी, तभी विमान के कार्गो सेक्शन से धुएं का संकेत मिलने की सूचना सामने आई। विमानन सुरक्षा नियमों के तहत ऐसी स्थिति को गंभीरता से लिया जाता है। इसी कारण चालक दल ने बिना किसी देरी के निकटतम उपयुक्त हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद विमान को राजकोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया।

    राजकोट एयरपोर्ट प्रशासन ने पुष्टि की कि विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई और उतरने के तुरंत बाद सभी आवश्यक आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखा गया। एयरपोर्ट पर पहले से अग्निशमन दल, चिकित्सा टीम और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तैयारी के साथ मौजूद थीं ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। हालांकि लैंडिंग के बाद किसी प्रकार की आपात स्थिति सामने नहीं आई और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद विमान को तकनीकी निरीक्षण के लिए अलग स्थान पर ले जाया गया। विशेषज्ञों की टीम कार्गो होल्ड की विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि धुएं का संकेत किस कारण से मिला। प्रारंभिक स्तर पर किसी तकनीकी खराबी, उपकरण की समस्या या अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

    विमानन क्षेत्र में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है और किसी भी प्रकार के धुएं या आग से संबंधित संकेत मिलने पर तत्काल एहतियाती कदम उठाना निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा होता है। ऐसे मामलों में पायलट स्थिति का आकलन करते हुए निकटतम सुरक्षित हवाई अड्डे पर विमान उतारने का निर्णय लेते हैं ताकि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    घटना के बाद एयरपोर्ट अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा शुरू कर दी है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही विमान को आगे की उड़ान के लिए अनुमति दी जाएगी। वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए एयरलाइन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। अधिकारियों ने दोहराया कि इमरजेंसी लैंडिंग पूरी तरह एहतियात के तहत कराई गई और समय पर उठाए गए कदमों की वजह से किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।

    यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि विमानन क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाता है। किसी भी संभावित जोखिम की स्थिति में तत्काल निर्णय लेकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एयरलाइन और विमानन अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। फिलहाल सभी की निगाहें तकनीकी जांच रिपोर्ट पर हैं, जिससे धुएं की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

  • लोक परीक्षा संशोधन बिल पर लोकसभा में गतिरोध, छात्रों के मुद्दे पर चर्चा की मांग से कार्यवाही बार-बार बाधित

    लोक परीक्षा संशोधन बिल पर लोकसभा में गतिरोध, छात्रों के मुद्दे पर चर्चा की मांग से कार्यवाही बार-बार बाधित

    नई दिल्ली । सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लाए गए लोक परीक्षा संशोधन बिल पर सोमवार को लोकसभा में चर्चा शुरू नहीं हो सकी। विपक्षी दलों के लगातार हंगामे और छात्रों की कथित पिटाई के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। स्थिति को सामान्य बनाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सरकार और विपक्ष दोनों से आपसी सहमति बनाकर सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की अपील की।

    दोपहर दो बजे जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, विपक्षी सांसद सदन के वेल में पहुंच गए और छात्रों से जुड़े मामले पर चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। लगातार शोर-शराबे के बीच सदन में निर्धारित कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्ष से कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि वे विधेयक पर चर्चा नहीं करना चाहते। लगभग पांच मिनट तक गतिरोध बने रहने के बाद उन्होंने शाम पांच बजे तक सभी पक्षों को सहमति बनाने का समय देने की घोषणा की।

    इससे पहले भी दिन के दौरान लोकसभा की कार्यवाही दोपहर बारह बजे और उसके बाद दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी थी। इसी तरह राज्यसभा में भी हंगामे के कारण कार्यवाही प्रभावित रही और वहां भी सदन को दो बार स्थगित करना पड़ा। संसद के दोनों सदनों में बने गतिरोध के कारण दिनभर निर्धारित विधायी कार्य प्रभावित रहा।

    सुबह केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन बिल पेश किया। यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं, पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

    संसद की कार्यवाही के दौरान एक अन्य राजनीतिक घटनाक्रम भी चर्चा में रहा। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे, जहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सांसदों ने उनका स्वागत किया। उन्हें शॉल और मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया गया तथा कई सांसद उनके साथ संसद भवन के भीतर तक गए। इस दौरान समर्थन में नारे भी लगाए गए। धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक विवाद के बाद 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दिया था।

    संसद में जारी गतिरोध समाप्त करने के लिए राजनीतिक स्तर पर भी प्रयास तेज किए गए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर सदन की कार्यवाही सामान्य बनाने पर चर्चा की। बैठक में विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया और गतिरोध समाप्त करने के संभावित विकल्पों पर विचार-विमर्श किया गया।

    इसी बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से अपील की कि लोक परीक्षा संशोधन बिल देश के करोड़ों विद्यार्थियों और सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विधेयक है, इसलिए इसे सदन में चर्चा का अवसर मिलना चाहिए। दूसरी ओर विपक्ष का कहना है कि छात्रों से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर पहले विस्तृत चर्चा कराई जाए। अब सभी की निगाहें आगामी संसदीय बैठकों पर हैं, जहां यह स्पष्ट होगा कि सहमति बनने के बाद विधेयक पर चर्चा आगे बढ़ पाती है या नहीं।

  • 'लवयात्री' के बाद करियर में आया ठहराव, आयुष शर्मा ने संघर्ष और एक्टिंग स्कूल लौटने का किया खुलासा

    'लवयात्री' के बाद करियर में आया ठहराव, आयुष शर्मा ने संघर्ष और एक्टिंग स्कूल लौटने का किया खुलासा

    नई दिल्ली । अभिनेता आयुष शर्मा ने अपने फिल्मी करियर के संघर्ष को लेकर खुलकर बात करते हुए बताया है कि पहली फिल्म के बाद उन्हें उम्मीद के अनुरूप काम नहीं मिला। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें विश्वास था कि डेब्यू के बाद नए प्रोजेक्ट्स के प्रस्ताव आएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी अनुभव ने उन्हें अपने अभिनय पर दोबारा काम करने और खुद को बेहतर बनाने के लिए फिर से एक्टिंग स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया।

    आयुष शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत फिल्म ‘लवयात्री’ से की थी। इस फिल्म से उन्हें काफी उम्मीदें थीं और उन्हें लगा था कि इसके बाद उन्हें अलग-अलग तरह की फिल्मों के प्रस्ताव मिलेंगे। हालांकि, उनकी अपेक्षाओं के विपरीत ऐसा नहीं हुआ। उनका कहना है कि पहली फिल्म में उनके अभिनय को वैसी सराहना नहीं मिली, जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी। इसके चलते उन्हें अपने करियर की दिशा पर दोबारा गंभीरता से विचार करना पड़ा।

    उन्होंने कहा कि अभिनय के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए केवल पहली फिल्म पर्याप्त नहीं होती, बल्कि लगातार अच्छा प्रदर्शन और दर्शकों की स्वीकृति भी जरूरी होती है। इसी सोच के साथ उन्होंने दोबारा एक्टिंग स्कूल जाकर अपनी कला को और निखारने का फैसला किया। उनका मानना है कि एक कलाकार के लिए सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती और हर अनुभव उसे बेहतर बनने का अवसर देता है।

    आयुष शर्मा ने यह भी बताया कि उनके करियर के शुरुआती दौर में अभिनेता सलमान खान ने उन्हें लगातार मार्गदर्शन दिया। फिल्मों के चयन से लेकर अभिनय से जुड़े कई पहलुओं पर उन्हें सलाह मिलती रही। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग का अनुभव कम होने के कारण उन्होंने वरिष्ठ कलाकार के रूप में सलमान खान के सुझावों को हमेशा गंभीरता से लिया। बाद में दोनों ने फिल्म ‘अंतिम: द फाइनल ट्रुथ’ में साथ काम किया, जिससे उन्हें उम्मीद थी कि उनके करियर को नई गति मिलेगी।

    उन्होंने स्वीकार किया कि ‘अंतिम’ के बाद भी उन्हें वैसी फिल्में नहीं मिलीं, जैसी वे करना चाहते थे। उनके अनुसार फिल्म उद्योग में अवसर काफी हद तक बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर निर्भर करते हैं। यदि किसी कलाकार की फिल्में व्यावसायिक रूप से अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पातीं, तो नए अवसर सीमित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे लगातार अच्छे किरदारों की तलाश में हैं और भविष्य में चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाना चाहते हैं।

    आयुष शर्मा का मानना है कि फिल्मी करियर में संघर्ष हर कलाकार के सफर का हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि कठिन समय के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने कौशल को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। उनका विश्वास है कि लगातार मेहनत और सही अवसर मिलने पर कलाकार अपनी पहचान बना सकता है। इसी सोच के साथ वे भविष्य की परियोजनाओं का इंतजार कर रहे हैं और अपने अभिनय के माध्यम से दर्शकों का भरोसा जीतना चाहते हैं।

    आयुष शर्मा ने वर्ष 2018 में फिल्म ‘लवयात्री’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने ‘अंतिम: द फाइनल ट्रुथ’ और ‘रुसलान’ जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभाईं। हालांकि अब तक उनका सफर अपेक्षित सफलता तक नहीं पहुंच सका है, लेकिन उनका कहना है कि वे अपने अभिनय को लगातार बेहतर बनाने और नए अवसरों के लिए पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

  • मोबाइल फोन से शुरू की ब्रांडिंग, हेयर स्टार्टअप को बनाया करोड़ों का बिजनेस; पारुल गुलाटी की प्रेरक सफलता की कहानी

    मोबाइल फोन से शुरू की ब्रांडिंग, हेयर स्टार्टअप को बनाया करोड़ों का बिजनेस; पारुल गुलाटी की प्रेरक सफलता की कहानी

    नई दिल्ली ।अभिनेत्री और उद्यमी पारुल गुलाटी ने यह साबित किया है कि सफल कारोबार की नींव केवल बड़ी पूंजी पर नहीं, बल्कि सही विचार, लगातार मेहनत और ग्राहकों की जरूरत को समझने पर टिकती है। महज ₹5,000 के शुरुआती निवेश से शुरू हुआ उनका हेयर एक्सटेंशन स्टार्टअप आज करीब 50 करोड़ रुपये के कारोबार तक पहुंच चुका है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने व्यवसाय को जिस तरह आगे बढ़ाया, वह नए उद्यमियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।

    पारुल गुलाटी ने अभिनय के साथ-साथ उद्यमिता की राह तब चुनी, जब उन्होंने महसूस किया कि कई लोग बाल झड़ने और बाल पतले होने जैसी समस्याओं का सामना तो करते हैं, लेकिन इस विषय पर खुलकर बात नहीं करते। उस समय हेयर एक्सटेंशन को लेकर भी लोगों के मन में कई तरह की झिझक और गलत धारणाएं थीं। उन्होंने इसी समस्या को अवसर में बदलने का निर्णय लिया और वर्ष 2017 में अपने स्टार्टअप की शुरुआत की।

    शुरुआती दौर में उनके पास न तो बड़ा निवेश था और न ही महंगी मार्केटिंग का बजट। ऐसे में उन्होंने सोशल मीडिया को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। उन्होंने अपने मोबाइल फोन से ही वीडियो बनाकर लोगों को हेयर एक्सटेंशन के उपयोग, गुणवत्ता और फायदे समझाने शुरू किए। वह स्वयं अपने ब्रांड का चेहरा बनीं और नियमित रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सामग्री साझा करती रहीं। इससे धीरे-धीरे लोगों का भरोसा बढ़ा और उनके उत्पाद की पहचान बनने लगी।

    व्यवसाय के शुरुआती दिनों में पारुल खुद अपने हाथों से हेयर एक्सटेंशन तैयार करती थीं। ग्राहक जुटाना सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन उन्होंने अलग तरीका अपनाया। विभिन्न कार्यक्रमों, ऑडिशन और सार्वजनिक आयोजनों में वह अपने उत्पाद का उपयोग करतीं, जिससे लोगों की जिज्ञासा बढ़ती। इसके बाद संभावित ग्राहक उनके उत्पाद के बारे में जानकारी लेने लगे और धीरे-धीरे ऑर्डर मिलने शुरू हो गए।

    ऑनलाइन लोकप्रियता मिलने से पहले पारुल अलग-अलग शहरों में आयोजित फ्ली मार्केट और प्रदर्शनियों में स्टॉल लगाकर सीधे ग्राहकों से संवाद करती थीं। वह लोगों को उत्पाद का अनुभव करातीं और उन्हें तस्वीरें लेने के लिए प्रेरित करतीं। कई ग्राहक तत्काल खरीदारी नहीं करते थे, लेकिन बाद में सोशल मीडिया या तस्वीरों के माध्यम से दोबारा संपर्क कर उत्पाद खरीदते थे। इस रणनीति ने उनके व्यवसाय को शुरुआती गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    बाद में पारुल गुलाटी ने लोकप्रिय बिजनेस रियलिटी शो शार्क टैंक इंडिया में भी हिस्सा लिया। इस अनुभव को उन्होंने अपने उद्यमी जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उनके अनुसार, इस मंच ने उन्हें यह समझने का अवसर दिया कि किसी भी स्टार्टअप की सफलता के लिए केवल अच्छा उत्पाद ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि वित्तीय योजना, व्यावसायिक रणनीति और निवेशकों की सोच को समझना भी उतना ही आवश्यक है।

    आज उनका स्टार्टअप देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुका है और हेयर एक्सटेंशन श्रेणी में प्रमुख ब्रांडों में गिना जाता है। पारुल की यात्रा यह संदेश देती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि किसी समस्या का व्यावहारिक समाधान तैयार किया जाए और उसे सही तरीके से ग्राहकों तक पहुंचाया जाए, तो छोटा निवेश भी बड़े व्यवसाय में बदल सकता है। उनकी सफलता नए उद्यमियों को नवाचार, धैर्य और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग की दिशा में प्रेरित करती है।