Author: bharati

  • सात असफल IVF प्रयासों के बाद मिली खुशियों की सौगात, संभावना सेठ और अविनाश द्विवेदी बने जुड़वां बच्चों के माता-पिता

    सात असफल IVF प्रयासों के बाद मिली खुशियों की सौगात, संभावना सेठ और अविनाश द्विवेदी बने जुड़वां बच्चों के माता-पिता

    नई दिल्ली । टीवी और मनोरंजन जगत की चर्चित अभिनेत्री संभावना सेठ के जीवन में आखिरकार वह खुशी आ गई है जिसका उन्हें और उनके परिवार को वर्षों से इंतजार था। करीब दस वर्षों तक मातृत्व की राह में लगातार चुनौतियों और असफलताओं का सामना करने के बाद संभावना सेठ और उनके पति अविनाश द्विवेदी जुड़वां बच्चों के माता-पिता बन गए हैं। सरोगेसी के माध्यम से मिले इस सुखद उपहार ने न केवल उनके परिवार को नई खुशियां दी हैं, बल्कि उनके लाखों प्रशंसकों को भी भावुक कर दिया है।

    इस खुशखबरी की जानकारी कपल ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। अस्पताल से साझा की गई तस्वीरों में दोनों के चेहरे पर लंबे संघर्ष के बाद मिली सफलता और संतोष साफ दिखाई दे रहा था। तस्वीरों में संभावना की आंखों में खुशी के आंसू नजर आए, जबकि अविनाश उनके साथ खड़े होकर इस विशेष पल को महसूस करते दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में कपल ने इस खुशी की तुलना समय से पहले आई दीपावली से करते हुए बताया कि उनके घर लक्ष्मी और गणेश के रूप में दो नई खुशियों का आगमन हुआ है।

    संभावना सेठ का मातृत्व का सफर आसान नहीं रहा। अभिनेत्री ने पहले भी कई अवसरों पर खुलकर बताया था कि मां बनने की उनकी इच्छा ने उन्हें वर्षों तक मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक संघर्षों से गुजरने पर मजबूर किया। उन्होंने लगातार चिकित्सा उपचार कराए और सात बार आईवीएफ प्रक्रिया का सहारा लिया, लेकिन हर बार उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। कई बार गर्भधारण के बाद गर्भपात जैसी पीड़ादायक परिस्थितियों ने भी उनके जीवन को प्रभावित किया। इन असफलताओं के बावजूद उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी और अपने लक्ष्य की ओर लगातार प्रयास करती रहीं।

    लगातार असफल चिकित्सा प्रयासों के बाद संभावना और अविनाश ने सरोगेसी का विकल्प चुना। यह निर्णय उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। लंबे इंतजार और धैर्य के बाद आखिरकार उनके घर जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ, जिसने उनके वर्षों पुराने सपने को साकार कर दिया। इस उपलब्धि को कपल ने भगवान की कृपा और अपने संघर्ष की जीत बताया है।

    उनकी इस खुशी में मनोरंजन जगत की कई हस्तियां भी शामिल हुईं। गौहर खान ने परिवार और नवजात बच्चों के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद भविष्य की कामना की। वहीं उर्फी जावेद, देबिना बनर्जी, किश्वर मर्चेंट और रोहित पुरोहित सहित कई कलाकारों ने उन्हें बधाई संदेश भेजे। सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने भी इस नए अध्याय के लिए कपल को शुभकामनाएं दीं।

    संभावना सेठ की यह कहानी केवल एक सेलिब्रिटी के माता-पिता बनने की खबर नहीं है, बल्कि उन हजारों दंपतियों के लिए प्रेरणा भी है जो लंबे समय तक संतान सुख के लिए संघर्ष करते हैं। उनका सफर यह संदेश देता है कि कठिन परिस्थितियों, असफलताओं और निराशाओं के बावजूद धैर्य, विश्वास और सही निर्णय जीवन में नई उम्मीदों के द्वार खोल सकते हैं। जुड़वां बच्चों के आगमन के साथ संभावना और अविनाश के जीवन में खुशियों का नया अध्याय शुरू हो गया है, जिसका इंतजार उन्होंने पूरे दस वर्षों तक किया था।

  • विदिशा में सड़कों की दुर्दशा पर तंज, कांग्रेस ने गड्ढों का पूजन कर साधा निशाना

    विदिशा में सड़कों की दुर्दशा पर तंज, कांग्रेस ने गड्ढों का पूजन कर साधा निशाना


    मध्य प्रदेश । विदिशा जिले में सड़क की खराब हालत और बढ़ते गड्ढों को लेकर कांग्रेस ने सांकेतिक विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने शहर के अलग-अलग इलाकों में सड़क के गड्ढों की पूजा-अर्चना कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि बरसात में गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है।

     भाजपा सरकार और जनप्रतिनिधियों पर निशाना
    कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने आरोप लगाया कि जिले में भाजपा सांसद, विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष होने के बावजूद सड़कें बदहाल हैं। उनका कहना है कि जनता ने विकास के लिए जनप्रतिनिधियों को चुना था, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है।

     पूरे जिले में सड़कें खराब होने का दावा
    कांग्रेस नेताओं के अनुसार केवल शहर ही नहीं, बल्कि पूरे जिले में सड़कों की स्थिति खराब है। कई जगह लंबे समय से मरम्मत और निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक खींचतान के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

    “सद्बुद्धि” की प्रार्थना और विरोध का संदेश
    कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि गड्ढों की पूजा कर उन्होंने जिम्मेदारों को “सद्बुद्धि” देने और जल्द सड़क सुधार की प्रार्थना की है। यह प्रदर्शन पूरी तरह सांकेतिक था, जिसका उद्देश्य जनता की समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करना था।

     आगे आंदोलन की चेतावनी
    कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़कों की मरम्मत शुरू नहीं हुई तो पार्टी कलेक्ट्रेट का घेराव करेगी। साथ ही आने वाले दौरों में वरिष्ठ नेताओं से भी इस मुद्दे पर जवाब मांगा जाएगा।

  • आग से बचाव पर बड़ा एक्शन, इमारतों में आपातकालीन निकासी व्यवस्था की होगी जांच

    आग से बचाव पर बड़ा एक्शन, इमारतों में आपातकालीन निकासी व्यवस्था की होगी जांच


    विदिशा । विदिशा में जिला प्रशासन ने नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी बड़े प्रतिष्ठानों की जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कदम दिल्ली की हालिया आगजनी घटना के बाद एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
    फायर सेफ्टी से लेकर निकासी व्यवस्था तक जांच
    जांच टीम होटल, लॉज, अस्पताल और बहुमंजिला इमारतों में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा करेगी, जैसे:
    फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता और कार्यशीलता
    आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की व्यवस्था
    फायर एनओसी (No Objection Certificate) की वैधता
    विद्युत सुरक्षा मानक
    भवन निर्माण नियमों का पालन
     नियमों की अनदेखी पर होगी सख्त कार्रवा
    प्रशासन ने साफ किया है कि यदि किसी भी प्रतिष्ठान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या अवैध निर्माण पाया गया, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

    संयुक्त टीम करेगी निरीक्षण
    इस अभियान के लिए प्रशासन ने नगर पालिका, फायर ब्रिगेड, लोक निर्माण विभाग और अन्य विभागों की संयुक्त टीम बनाई है। यह टीम जिलेभर में चरणबद्ध तरीके से सभी प्रमुख प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करेगी और रिपोर्ट तैयार करेगी।

     पहले से रोकथाम पर जोर
    अधिकारियों का मानना है कि हादसे के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि पहले ही सुरक्षा मानकों की जांच कर कमियों को दूर किया जाए। इसी सोच के तहत यह अभियान शुरू किया गया है।

  • हड़ताल के बीच धार्मिक रास्ता अपनाया, सतना में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का सुंदरकांड पाठ

    हड़ताल के बीच धार्मिक रास्ता अपनाया, सतना में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का सुंदरकांड पाठ


    मध्य प्रदेश । सतना जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान कर्मचारियों ने विरोध को आध्यात्मिक रूप देते हुए भगवान श्रीराम और बजरंगबली की आराधना के साथ सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया। इसके बाद सद्बुद्धि यज्ञ किया गया, जिसमें कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन को “सद्बुद्धि” देने और लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की प्रार्थना की।

    सामूहिक प्रार्थना और बड़ी भागीदारी
    इस कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी शामिल हुए। वातावरण में भक्ति और मांगों को लेकर गंभीरता—दोनों का मिश्रण देखने को मिला। कर्मचारियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह उनके अधिकार, सम्मानजनक भविष्य और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर है।

    कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
    आंदोलनरत कर्मचारियों ने सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं:
    नियमितीकरण का लाभ देना
    एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा लागू करना
    हर साल 10% वेतन वृद्धि
    महंगाई भत्ता (DA) देना
    CHO के वेतन में PBI समायोजन
    वेतन विसंगतियों का पुनः परीक्षण
    समान कार्य के लिए समान वेतन
    सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा

     सरकार से समाधान की उम्मीद
    कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि सरकार सकारात्मक निर्णय लेकर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े हजारों परिवारों को राहत देगी।

    आंदोलन का शांतिपूर्ण स्वरूप
    पूरे कार्यक्रम में कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी। सुंदरकांड और यज्ञ के माध्यम से उन्होंने समाधान की दिशा में सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की।

  • जब गोविंदा को देखकर आश्वस्त नहीं थे पहलाज निहलानी, लेकिन डांस टैलेंट ने दिलाया बॉलीवुड में पहला बड़ा मौका

    जब गोविंदा को देखकर आश्वस्त नहीं थे पहलाज निहलानी, लेकिन डांस टैलेंट ने दिलाया बॉलीवुड में पहला बड़ा मौका


    नई दिल्ली/ मुंबई । हिंदी सिनेमा के जाने-माने फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी के निधन के बाद फिल्म जगत उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहा है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने कई सफल फिल्मों का निर्माण किया और अनेक कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया। उनके जीवन से जुड़े कई यादगार प्रसंग इन दिनों चर्चा में हैं, जिनमें अभिनेता Govinda के करियर की शुरुआत से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी शामिल है।

    पहलाज निहलानी उन निर्माताओं में गिने जाते थे, जो नए कलाकारों की क्षमता को पहचानने में विश्वास रखते थे। फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उन्होंने 1980 के दशक में कदम रखा और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी फिल्मों में मनोरंजन, पारिवारिक भावनाएं और व्यावसायिक सफलता का संतुलित मेल देखने को मिलता था। इसी दौर में उन्होंने एक ऐसे युवा कलाकार को मौका दिया, जो आगे चलकर हिंदी सिनेमा का बड़ा सितारा बना।

    यह कहानी उस समय की है जब गोविंदा अपने करियर की शुरुआत करने की कोशिश कर रहे थे। पहलाज निहलानी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब गोविंदा पहली बार उनसे मिलने पहुंचे तो उनका व्यक्तित्व और लुक उन्हें बहुत प्रभावशाली नहीं लगा। निर्माता के मन में यह संदेह था कि क्या यह युवा अभिनेता बड़े पर्दे पर दर्शकों को प्रभावित कर पाएगा। पहली मुलाकात के बाद वह पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे और किसी निर्णय पर पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था।

    हालांकि अगले ही दिन परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं। गोविंदा अपने डांस का एक वीडियो लेकर निहलानी के पास पहुंचे। जैसे ही निर्माता ने वह वीडियो देखा, उनकी राय बदल गई। गोविंदा की ऊर्जा, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति और शानदार नृत्य कौशल ने उन्हें प्रभावित कर दिया। निहलानी को महसूस हुआ कि इस युवा कलाकार में वह क्षमता मौजूद है जो उसे भीड़ से अलग बनाती है। इसके बाद उन्होंने गोविंदा को अपनी फिल्म में मुख्य भूमिका देने का फैसला कर लिया।

    यह फैसला आगे चलकर हिंदी फिल्म उद्योग के सबसे सफल निर्णयों में शामिल माना गया। वर्ष 1986 में रिलीज हुई Ilzaam से गोविंदा ने बतौर हीरो बॉलीवुड में कदम रखा। फिल्म को अच्छी प्रतिक्रिया मिली और अभिनेता को दर्शकों के बीच पहचान मिलने लगी। इसके बाद गोविंदा और पहलाज निहलानी की जोड़ी ने कई सफल फिल्मों में साथ काम किया।

    उनकी साझेदारी ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं। Shola Aur Shabnam और Aankhen जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। इन फिल्मों की सफलता ने गोविंदा को उस दौर के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में शामिल कर दिया। उनकी कॉमिक टाइमिंग, डांस और मनोरंजक अभिनय शैली दर्शकों की पहली पसंद बन गई।

    पहलाज निहलानी का योगदान केवल सफल फिल्में बनाने तक सीमित नहीं था। उन्होंने कई कलाकारों को अवसर देकर उनके करियर को नई दिशा दी। निर्माता के रूप में उनकी पहचान ऐसे फिल्मकार की रही, जो दर्शकों की पसंद को अच्छी तरह समझते थे। बाद में उन्होंने फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई और फिल्म उद्योग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई।

    उनके निधन के साथ हिंदी सिनेमा ने एक ऐसे निर्माता को खो दिया है, जिसने न केवल कई सफल फिल्मों का निर्माण किया बल्कि नए कलाकारों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। गोविंदा से जुड़ा यह किस्सा उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण और प्रतिभा पहचानने की क्षमता का एक यादगार उदाहरण माना जाता है।

  • गाजीपुर माता मंदिर में बड़ी वारदात, चांदी सिंहासन उखाड़कर ले गए चोर; जांच जारी

    गाजीपुर माता मंदिर में बड़ी वारदात, चांदी सिंहासन उखाड़कर ले गए चोर; जांच जारी


    मध्य प्रदेश । सतना जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र के शिवराजपुर स्थित गाजीपुर माता मंदिर में बुधवार रात बड़ी वारदात हुई। अज्ञात चोर मंदिर परिसर में घुसे और वहां स्थापित चांदी का भारी सिंहासन उखाड़कर ले गए। इस चोरी की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है, जिससे स्थानीय श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश है।

     पुलिस मौके पर पहुंची, जांच तेज
    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। नागौद एसडीओपी रघु केसरी और सिंहपुर थाना प्रभारी पंकज शुक्ला ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मंदिर परिसर के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है ताकि चोरों की पहचान की जा सके।

     तकनीकी जांच और सुराग तलाश
    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई टीमें गठित की हैं। आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

     ग्रामीणों में नाराजगी, सुरक्षा बढ़ाने की मांग
    मंदिर में हुई इस बड़ी चोरी के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में गहरी नाराजगी है। लोगों ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।

     प्रशासन का आश्वासन
    पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। जल्द ही इस चोरी का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।

  • युवक को घेरकर जमीन पर गिराया और घसीटा, रीवा में मारपीट का वीडियो वायरल

    युवक को घेरकर जमीन पर गिराया और घसीटा, रीवा में मारपीट का वीडियो वायरल


    मध्य प्रदेश । रीवा के लोकप्रिय पर्यटन स्थल पूर्वा फॉल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह कुछ युवक मौके पर पहुंचे और पहले से मौजूद दूसरे पक्ष के युवकों से बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट और हिंसा में बदल गया।

     पांच युवकों ने मिलकर किया हमला
    घटना में आरोप है कि पांच युवकों ने मिलकर एक युवक को घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। पीड़ित को जमीन पर गिराकर घसीटते हुए भी पीटा गया, जिससे वह घायल हो गया। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, इस हमले में अभिषेक नामक युवक को निशाना बनाया गया, जबकि उसके साथ मौजूद अन्य लोग भी विवाद में शामिल थे।

     वीडियो में कैद हुई पूरी वारदात
    घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे भीड़ में घिरे युवक को बेरहमी से पीटा जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश भी की, लेकिन हिंसा तब तक जारी रही।

    पुरानी रंजिश बनी विवाद की वजह
    सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्ष एक-दूसरे को पहले से जानते थे और उनके बीच पहले से विवाद चल रहा था। माना जा रहा है कि उसी पुरानी रंजिश ने इस घटना को जन्म दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव जैसी स्थिति बन गई।

     पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की पहचान जारी
    मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। एडिशनल एसपी के अनुसार, वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    आगे की कार्रवाई
    फिलहाल पुलिस वीडियो फुटेज को अहम साक्ष्य मानकर जांच कर रही है। घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करने का प्रयास जारी है, ताकि दोषियों पर उचित कार्रवाई की जा सके।
  • नहर हादसे के बाद लापता जवान की तलाश तेज, आज एक महिला को डूबने से बचाया गया

    नहर हादसे के बाद लापता जवान की तलाश तेज, आज एक महिला को डूबने से बचाया गया


    रीवा: जिले के सिलपरा डैम में बुधवार सुबह डूबे सेना के जवान गौरव द्विवेदी (28) की तलाश दूसरे दिन भी जारी रही, लेकिन गुरुवार शाम तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। घटना के बाद से इलाके में चिंता का माहौल बना हुआ है और एसडीईआरएफ की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई है।

    जानकारी के अनुसार, बघवार गांव निवासी गौरव द्विवेदी अपने परिवार के साथ डैम घूमने गए थे। इस दौरान नहाते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरे पानी में चले गए। देखते ही देखते वे पानी में लापता हो गए, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    SDERF की टीम का लगातार सर्च ऑपरेशन
    घटना की जानकारी मिलते ही बिछिया थाना पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया गया। गोताखोरों की मदद से डैम में लगातार सर्चिंग की जा रही है, लेकिन अब तक जवान का कोई पता नहीं चल पाया है। प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज कर दिया है।

    सर्चिंग के दौरान बड़ा हादसा टला, महिला को बचाया गया
    सर्च ऑपरेशन के दौरान गुरुवार को एक और हादसा होते-होते टल गया। भटलो गांव निवासी पार्वती देवी चिराहुला कॉलोनी से अपने गांव लौट रही थीं, तभी सिलपरा नहर के पास अचानक उन्हें चक्कर आ गया और वे नहर में गिर गईं। तेज बहाव के बीच स्थिति गंभीर हो सकती थी, लेकिन मौके पर मौजूद SDERF टीम ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते बचाव होने से एक बड़ी अनहोनी टल गई।

    अस्पताल में भर्ती, जवान की तलाश जारी
    रेस्क्यू के बाद महिला को प्राथमिक उपचार दिया गया और डायल-112 की मदद से अस्पताल भेजा गया, जहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण जारी है। वहीं डूबे हुए जवान की तलाश में टीमें लगातार जुटी हुई हैं। डीएसपी उदित मिश्रा ने बताया कि सर्च ऑपरेशन बिना रुके जारी है और हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि जवान को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके।

    रीवा का सिलपरा डैम हादसा एक तरफ दुखद स्थिति पैदा कर रहा है, वहीं रेस्क्यू टीम की तत्परता ने एक और जान बचाकर बड़ी अनहोनी को टाल दिया है। फिलहाल पूरे इलाके की नजरें जवान की तलाश पर टिकी हैं।

  • “NEET दोबारा करा लोगे, बेटी लौटा पाओगे?”-परिवार का दर्द और राहुल के बयान पर मचा राजनीतिक घमासान

    “NEET दोबारा करा लोगे, बेटी लौटा पाओगे?”-परिवार का दर्द और राहुल के बयान पर मचा राजनीतिक घमासान


    नई दिल्ली: NEET परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और अनिश्चितता के बीच नागपुर में आत्महत्या करने वाली मऊगंज की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। परिवार गहरे सदमे में है और मां की आंखों से निकलता हर शब्द दर्द की कहानी बयां कर रहा है। मां नीलम चतुर्वेदी का कहना है, “पेपर तो दोबारा करा लोगे, लेकिन मेरी बेटी को लौटा पाओगे क्या?”

    घटना के बाद मामला केवल पारिवारिक त्रासदी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने आकांक्षा की मौत को सिस्टम की विफलता बताया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक और परीक्षा में अनिश्चितता ने छात्रा के भविष्य और मानसिक स्थिति पर गंभीर असर डाला, जिससे यह दुखद कदम उठाना पड़ा।

    राहुल गांधी का सरकार पर हमला, BJP ने किया पलटवार
    राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि यह घटना केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का परिणाम है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सवाल उठाए। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए राहुल गांधी पर “प्रोपेगेंडा फैलाने” का आरोप लगाया। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि विपक्ष भय और भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। इस बयानबाजी के बीच मामला लगातार गरमाता जा रहा है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

    परिवार का दर्द: कर्ज, संघर्ष और टूटे सपने
    उधर मऊगंज स्थित परिवार में मातम पसरा है। परिवार के अनुसार आकांक्षा बेहद मेधावी छात्रा थी और डॉक्टर बनने का सपना देखती थी। पिता ने बेटी की पढ़ाई के लिए 15–20 लाख रुपये तक का कर्ज लिया था। आर्थिक दबाव और भविष्य की उम्मीदों के बीच परिवार संघर्ष कर रहा था। मां ने रोते हुए बताया कि परिवार पहले ही भारी कर्ज में डूबा हुआ था, और बेटी पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा था। पिता की तबीयत भी खराब बताई जा रही है और वे अस्पताल में भर्ती हैं।

    डिप्रेशन और तनाव की स्थिति ने बढ़ाई चिंता
    परिजनों के अनुसार, पेपर लीक की खबरों के बाद छात्रा मानसिक तनाव में आ गई थी। परीक्षा परिणाम और भविष्य को लेकर अनिश्चितता ने उसकी मानसिक स्थिति को प्रभावित किया। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से वह चुपचाप रहने लगी थी और उसने खाना-पीना भी कम कर दिया था।

    गांव में मातम और डर का माहौल
    इस घटना के बाद गांव में भी गहरा असर देखने को मिल रहा है। लोग अपनी बेटियों को बाहर पढ़ाई के लिए भेजने को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों में डर और असुरक्षा का माहौल है।

    आकांक्षा चतुर्वेदी की मौत ने न केवल एक परिवार को तोड़ दिया है, बल्कि परीक्षा प्रणाली, मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मामला राजनीतिक बहस और सामाजिक चिंता दोनों का केंद्र बना हुआ है।

  • शरीर में पानी की कमी बन सकती है गंभीर खतरा, जानिए घर पर ORS बनाने का सही और आसान तरीका

    शरीर में पानी की कमी बन सकती है गंभीर खतरा, जानिए घर पर ORS बनाने का सही और आसान तरीका

    नई दिल्ली । देश के कई हिस्सों में लगातार बढ़ रहे तापमान और हीटवेव जैसी परिस्थितियों के बीच डिहाइड्रेशन एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनकर सामने आ रहा है। तेज धूप, अत्यधिक पसीना और शरीर से लगातार पानी निकलने के कारण लोगों में कमजोरी, चक्कर, थकान और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं देखने को मिल रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम में शरीर में पानी और आवश्यक खनिजों का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।

    गर्मी के दौरान शरीर से केवल पानी ही नहीं निकलता, बल्कि सोडियम, पोटैशियम और अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रोलाइट्स भी कम हो जाते हैं। ऐसे में केवल पानी पीना कई बार पर्याप्त नहीं होता। इसी वजह से ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन यानी ORS को डिहाइड्रेशन से बचाव का प्रभावी उपाय माना जाता है। यह शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है तथा थकान और कमजोरी जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक होता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार यदि बाजार में ORS उपलब्ध न हो तो इसे घर पर भी आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसके लिए केवल तीन सामान्य चीजों की आवश्यकता होती है। एक लीटर साफ पीने के पानी में छह चम्मच चीनी और आधा चम्मच नमक अच्छी तरह मिलाकर ORS तैयार किया जा सकता है। यह घोल शरीर में पानी की कमी को दूर करने और आवश्यक लवणों की पूर्ति करने में मदद करता है।

    हालांकि ORS बनाते समय सही मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। नमक या चीनी की अधिक मात्रा घोल के प्रभाव को कम कर सकती है और कुछ मामलों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पैदा कर सकती है। इसलिए निर्धारित अनुपात में ही इसे तैयार करने की सलाह दी जाती है। तैयार घोल को साफ बर्तन में रखना चाहिए और लंबे समय तक उपयोग के लिए संग्रहित नहीं करना चाहिए।

    डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेतों को पहचानना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। अत्यधिक प्यास लगना, मुंह सूखना, सिरदर्द, कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना और पेशाब की मात्रा कम होना इसके सामान्य लक्षण हैं। बच्चों और बुजुर्गों में यह समस्या अधिक गंभीर रूप ले सकती है, इसलिए उनके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि गर्मी के मौसम में केवल ORS पर निर्भर रहने के बजाय नियमित रूप से पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। इसके अलावा मौसमी फल, नारियल पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थ भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। दिन के सबसे गर्म समय में बाहर निकलने से बचना और हल्के कपड़े पहनना भी स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण उपायों में शामिल है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार उल्टी, दस्त, अत्यधिक कमजोरी, बेहोशी या भ्रम जैसी गंभीर समस्याएं महसूस हों तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है। समय पर पहचान और सही देखभाल से डिहाइड्रेशन से जुड़ी जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

    गर्मी के इस मौसम में सावधानी, पर्याप्त तरल पदार्थों का सेवन और जरूरत पड़ने पर ORS का उपयोग लोगों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सरल घरेलू उपायों को अपनाकर शरीर को पानी की कमी से बचाया जा सकता है और भीषण गर्मी के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।