Author: bharati

  • Sprouts Health Tips: हर किसी को नहीं सूट करता अंकुरित आहार, ये लोग जरूर बरतें सावधानी

    Sprouts Health Tips: हर किसी को नहीं सूट करता अंकुरित आहार, ये लोग जरूर बरतें सावधानी


    नई दिल्ली:अंकुरित अनाज या स्प्राउट्स आज के समय में सेहत के प्रति जागरूक लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो चुके हैं। प्रोटीन और फाइबर से भरपूर यह आहार शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ मांसपेशियों और कोशिकाओं के निर्माण में भी मदद करता है। लेकिन क्या यह सभी के लिए समान रूप से फायदेमंद है? आयुर्वेद के अनुसार इसका जवाब है नहीं।

    आयुर्वेद में अंकुरित आहार को संतुलित तरीके से और सही व्यक्ति के लिए ही उपयुक्त माना गया है। अंकुरित आहार पचने में थोड़ा भारी होता है और अगर इसे गलत तरीके से खाया जाए तो यह शरीर में वात दोष को बढ़ा सकता है। इससे गैस, पेट फूलना और शरीर में रूखापन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए विशेषज्ञ हमेशा इसे सीमित मात्रा में और सही तरीके से खाने की सलाह देते हैं।

    विशेष रूप से उन लोगों को अंकुरित आहार से सावधान रहना चाहिए जिनका पाचन कमजोर है। अगर किसी व्यक्ति को कब्ज, अपच या मंद पाचन की समस्या रहती है, तो उन्हें स्प्राउट्स का सेवन कम या बंद कर देना चाहिए। कमजोर पाचन तंत्र में यह आहार सही तरीके से पच नहीं पाता और इससे शरीर में टॉक्सिन्स बनने लगते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

    इसके अलावा, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भी अंकुरित आहार देने से बचना चाहिए। इस उम्र में पाचन तंत्र अपेक्षाकृत कमजोर होता है, जिससे स्प्राउट्स का पाचन कठिन हो सकता है। इसी तरह जिन लोगों का स्वभाव वात प्रधान होता है, उन्हें भी इसका सेवन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए, क्योंकि यह वात को और बढ़ा सकता है।

    अंकुरित आहार का सेवन करते समय उसकी सही विधि भी बेहद महत्वपूर्ण है। आयुर्वेद के अनुसार, स्प्राउट्स को कच्चा खाने से बचना चाहिए। बेहतर है कि उन्हें हल्का उबालकर या पकाकर, घी या तेल के साथ खाया जाए। इससे पाचन आसान होता है और शरीर को अधिकतम पोषण मिल पाता है।

    एक और जरूरी बात यह है कि अंकुरित अनाज को सही समय पर खाया जाए। अंकुरण के तुरंत बाद ही इसका सेवन करना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि अधिक समय तक रखने पर इसके पोषक तत्वों में कमी आ सकती है। ताजे स्प्राउट्स शरीर के लिए अधिक लाभकारी होते हैं।

    अंकुरित आहार को अपनी डाइट में शामिल करते समय संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है। इसे अपनी संपूर्ण डाइट का एक हिस्सा बनाएं, न कि पूरी डाइट का विकल्प। सही मात्रा, सही तरीका और सही व्यक्ति के अनुसार इसका सेवन करने पर यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।
    अंकुरित आहार एक पौष्टिक विकल्प जरूर है, लेकिन यह हर किसी के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं है। अपनी शारीरिक प्रकृति और पाचन क्षमता को ध्यान में रखते हुए ही इसका सेवन करना चाहिए, ताकि इसका लाभ मिले और कोई नुकसान न हो।

  • मुझे पसंद नहीं यह नियम’-अक्षर पटेल ने IPL के इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर उठाए सवाल

    मुझे पसंद नहीं यह नियम’-अक्षर पटेल ने IPL के इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली:Axar Patel ने इंडियन प्रीमियर लीग में लागू ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम को लेकर अपनी असहमति खुलकर जाहिर की है। Delhi Capitals के कप्तान के तौर पर उन्होंने साफ कहा कि यह नियम उन्हें व्यक्तिगत रूप से पसंद नहीं है, क्योंकि इससे ऑलराउंडर खिलाड़ियों की भूमिका कमजोर हो रही है।

    एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अक्षर पटेल ने कहा कि पहले टीम संतुलन बनाने के लिए ऑलराउंडर बेहद अहम होते थे, जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान देते थे। लेकिन ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम आने के बाद टीम मैनेजमेंट अब किसी विशेष बल्लेबाज या गेंदबाज को प्राथमिकता देता है। ऐसे में ऑलराउंडर की जरूरत कम होती जा रही है। उनके मुताबिक यह बदलाव खेल के मूल संतुलन को प्रभावित करता है।

    अक्षर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह हमेशा टीम की जरूरत के हिसाब से खुद को ढालते आए हैं। इसी वजह से उन्हें ‘क्राइसिस मैन’ का टैग भी मिला है। उन्होंने बताया कि कभी उन्हें फिनिशर की भूमिका निभानी होती है, तो कभी मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करनी पड़ती है। कई बार गेंदबाजी में भी अहम जिम्मेदारी उठानी होती है। उनके अनुसार, क्रिकेट एक टीम गेम है और हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका के प्रति लचीला रहना चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि अगर खिलाड़ी अपनी पसंद की भूमिका न मिलने पर निराश हो जाए, तो इसका सीधा असर उसके प्रदर्शन पर पड़ता है। इसलिए वह हमेशा टीम की जरूरत को प्राथमिकता देते हैं और उसी मानसिकता के साथ मैदान पर उतरते हैं। अक्षर का मानना है कि जब आप हर परिस्थिति के लिए तैयार रहते हैं, तभी आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते हैं।

    यह पहली बार नहीं है जब अक्षर पटेल ने इस नियम पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले 2024 में भी उन्होंने कहा था कि इस नियम के कारण उनकी बल्लेबाजी पोजिशन प्रभावित हुई थी। गौरतलब है कि Indian Premier League में ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम 2023 में लागू किया गया था, जिसका उद्देश्य मैच को और रोमांचक बनाना था। हालांकि, कई खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने इसे लेकर अलग-अलग राय व्यक्त की है।

    अब जब IPL 2026 का आगाज होने वाला है, तो इस नियम को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। दिल्ली कैपिटल्स की टीम अपना पहला मुकाबला Lucknow Super Giants के खिलाफ 1 अप्रैल को खेलेगी। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इस नियम के तहत अपनी रणनीति कैसे तैयार करती है।

    अक्षर पटेल का यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि क्रिकेट में नए नियमों को लेकर खिलाड़ियों के बीच अब भी मतभेद मौजूद हैं। आने वाले समय में यह बहस और भी गहराने की संभावना है, खासकर तब जब ऑलराउंडर्स की भूमिका को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं।

  • अश्लील कंटेंट पर जीरो टॉलरेंस: ‘टटीरी’ सॉन्ग हटाने में जुटी हरियाणा पुलिस

    अश्लील कंटेंट पर जीरो टॉलरेंस: ‘टटीरी’ सॉन्ग हटाने में जुटी हरियाणा पुलिस

    नई दिल्ली:रैपर Badshah के विवादित गाने ‘टटीरी’ को लेकर Haryana Police ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार अब तक इस गाने से जुड़े कुल 857 लिंक विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटवाए जा चुके हैं। इनमें 154 यूट्यूब वीडियो और 703 इंस्टाग्राम रील्स शामिल हैं, जो इस गाने को प्रमोट या शेयर कर रहे थे।

    यह कार्रवाई उन आरोपों के बाद की गई है, जिनमें गाने के बोलों में महिलाओं और नाबालिगों के प्रति आपत्तिजनक और अश्लील भाषा के इस्तेमाल की बात सामने आई थी। पुलिस ने इसे समाज के लिए हानिकारक मानते हुए स्पष्ट किया है कि इस तरह के कंटेंट को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    पंचकूला पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किया है। इन नोटिस में गाने के हर वर्जन—चाहे वह री-अपलोड हो, शॉर्ट वीडियो हो या किसी अन्य फॉर्मेट में—उसे तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस की साइबर टीम लगातार ऐसे कंटेंट की निगरानी कर रही है और नए अपलोड्स को भी ट्रैक कर रही है।

    राज्य के पुलिस महानिदेशक Ajay Singhal ने इस मुद्दे पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों की गरिमा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी दोहराया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जिम्मेदारी बनाए रखना बेहद जरूरी है और इसके लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।

    वहीं, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक Shibash Kabiraj ने सोशल मीडिया यूजर्स को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इस गाने पर रील बनाता है, वीडियो शेयर करता है या किसी भी रूप में इसे फैलाने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अकाउंट्स को ब्लॉक किया जा सकता है और बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त धाराओं में केस दर्ज होगा।

    यह मामला Panchkula के सेक्टर-20 स्थित साइबर थाना में दर्ज किया गया है। पुलिस की टीमें लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रहकर उन यूजर्स की पहचान कर रही हैं, जो इस गाने को फैलाने में शामिल हैं।

    हरियाणा पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस तरह के किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को शेयर करने से बचें और यदि कहीं ऐसा कंटेंट दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया आज एक शक्तिशाली माध्यम है, इसलिए इसका उपयोग जिम्मेदारी के साथ करना जरूरी है।

    यह कार्रवाई एक बड़े संदेश के तौर पर देखी जा रही है कि अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील और अपमानजनक कंटेंट के खिलाफ सख्ती बढ़ रही है। आने वाले समय में ऐसे मामलों में और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं, ताकि ऑनलाइन स्पेस को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाया जा सके।

  • युवाओं के दिलों पर राज क्यों करता है BTS? संघर्ष से स्टारडम तक की पूरी कहानी

    युवाओं के दिलों पर राज क्यों करता है BTS? संघर्ष से स्टारडम तक की पूरी कहानी


    नई दिल्ली : दक्षिण कोरिया का मशहूर के-पॉप ग्रुप BTS आज सिर्फ एक म्यूजिक बैंड नहीं, बल्कि युवाओं की भावनाओं और सपनों की आवाज बन चुका है। दुनिया के लगभग हर कोने में इनके फैंस मौजूद हैं, जिन्हें ‘ARMY’ के नाम से जाना जाता है। लेकिन आखिर ऐसा क्या है जिसने इस सात सदस्यों वाले ग्रुप को इतना खास बना दिया कि आज की युवा पीढ़ी इनके नाम से ही उत्साहित हो जाती है।

    इस सफर की शुरुआत साल 2010 में BigHit Entertainment से हुई, जिसे आज HYBE के नाम से जाना जाता है। कंपनी के सीईओ Bang Si-hyuk ने एक अलग तरह का हिप-हॉप ग्रुप बनाने का सपना देखा। इस ग्रुप में सात सदस्यों को जोड़ा गया-RM, Jin, Suga, J-Hope, Jimin, V और Jungkook।

    शुरुआती दौर बेहद कठिन था। सीमित संसाधनों के कारण सभी सदस्य एक छोटे से कमरे में रहते थे और कई बार उनके पास खाने तक के पैसे नहीं होते थे। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। 13 जून 2013 को उन्होंने ‘No More Dream’ गाने और ‘2 Cool 4 School’ एल्बम के साथ डेब्यू किया। शुरुआत में उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी मेहनत और जुनून ने धीरे-धीरे लोगों का दिल जीत लिया।

    BTS की सबसे बड़ी ताकत उनका म्यूजिक और मैसेज है। इनके गाने सिर्फ एंटरटेनमेंट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, अकेलापन, आत्म-स्वीकृति और जीवन की चुनौतियों जैसे विषयों को छूते हैं। ‘Love Yourself’ जैसी एल्बम सीरीज ने युवाओं को खुद से प्यार करना और अपनी पहचान स्वीकार करना सिखाया। यही कारण है कि आज के दौर में जब युवा मानसिक दबाव और भावनात्मक संघर्ष से जूझ रहे हैं, BTS उनके लिए एक सहारा बन गया है।

    इसके अलावा, BTS अपने फैंस के साथ मजबूत कनेक्शन बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया का भरपूर इस्तेमाल करता है। वे अपने फैंस से सीधे संवाद करते हैं, जिससे उनके और ARMY के बीच एक खास रिश्ता बन गया है। यही कनेक्शन उन्हें बाकी म्यूजिक ग्रुप्स से अलग बनाता है।

    उनका स्टाइल, डांस और विजुअल प्रेजेंटेशन भी युवाओं को खूब आकर्षित करता है। रंग-बिरंगे बाल, यूनिक फैशन और हाई-एनर्जी परफॉर्मेंस ने उन्हें एक ट्रेंडसेटर बना दिया है। इतना ही नहीं, BTS लैंगिक रूढ़ियों को तोड़ने और अपनी पहचान को खुले तौर पर अपनाने के लिए भी जाना जाता है, जो युवाओं को खुद को एक्सप्रेस करने की प्रेरणा देता है।

    हाल ही में 2026 में उनकी वापसी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनका क्रेज कम होने वाला नहीं है। BTS आज सिर्फ एक बैंड नहीं, बल्कि एक ग्लोबल मूवमेंट बन चुका है, जो संगीत के जरिए दुनिया भर के युवाओं को जोड़ रहा है और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है।

  • ट्रंप के अल्टीमेटम से बढ़ा तनाव: रूस ने दी सख्त चेतावनी, परमाणु ठिकानों पर हमले को बताया बेहद खतरनाक

    ट्रंप के अल्टीमेटम से बढ़ा तनाव: रूस ने दी सख्त चेतावनी, परमाणु ठिकानों पर हमले को बताया बेहद खतरनाक


    नई दिल्ली:मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम ने वैश्विक चिंता को और गहरा कर दिया है। इस अल्टीमेटम के बाद जहां ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी, वहीं अब रूस ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपना स्पष्ट रुख सामने रखा है। रूस का कहना है कि मौजूदा हालात को युद्ध के बजाय राजनीतिक और रणनीतिक तरीकों से सुलझाया जाना चाहिए।

    क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने साफ शब्दों में कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने का एकमात्र प्रभावी तरीका संवाद और कूटनीति है। उनका मानना है कि सैन्य कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं, जिसका असर केवल क्षेत्रीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरी दुनिया को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

    रूस ने खास तौर पर ईरान के बुशहर परमाणु पावर प्लांट पर संभावित हमले की आशंका को बेहद गंभीर बताया है। पेसकोव ने चेतावनी दी कि किसी भी परमाणु सुविधा पर हमला न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा बल्कि इससे मानवीय आपदा भी पैदा हो सकती है, जिसकी भरपाई संभव नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि रूस इस मुद्दे पर अमेरिका तक अपनी चिंताएं स्पष्ट रूप से पहुंचा चुका है।

    इसी बीच, ईरान के नतांज परमाणु परिसर पर हाल ही में हुए हमलों ने भी स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। यह परिसर ईरान के परमाणु कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां यूरेनियम संवर्धन का कार्य होता है। इस पर हुए हमले को रूस ने अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताते हुए कड़ी निंदा की थी।

    इस मामले में इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी ने भी चिंता व्यक्त की है। हालांकि एजेंसी ने स्पष्ट किया कि किसी प्रकार का रेडियोएक्टिव रिसाव नहीं हुआ, लेकिन उसने एहतियात बरतने और स्थिति पर करीबी नजर रखने की जरूरत पर जोर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया तो इसके परिणाम बेहद खतरनाक हो सकते हैं।

    मौजूदा हालात ऐसे समय में सामने आए हैं जब पहले से ही अमेरिका और ईरान के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं, और इजरायल भी इस समीकरण का अहम हिस्सा है। ऐसे में किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई पूरे क्षेत्र को बड़े संघर्ष की ओर धकेल सकती है।

    रूस का यह बयान वैश्विक स्तर पर शांति की अपील के रूप में देखा जा रहा है। यह साफ संकेत देता है कि बड़ी शक्तियां अब इस संकट को युद्ध के बजाय बातचीत के जरिए सुलझाने के पक्ष में हैं। हालांकि, आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या संबंधित देश इस सलाह को मानते हैं या फिर यह तनाव एक बड़े संघर्ष का रूप लेता है।

  • ट्रेडिशनल लुक में लगाएं ग्लैमर का तड़का हरी चूड़ियों के ट्रेंडी डिजाइन्स से पाएं परफेक्ट फेस्टिव स्टाइल

    ट्रेडिशनल लुक में लगाएं ग्लैमर का तड़का हरी चूड़ियों के ट्रेंडी डिजाइन्स से पाएं परफेक्ट फेस्टिव स्टाइल


    नई दिल्ली । नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होते ही हर ओर भक्ति और उत्साह का माहौल बन जाता है और इस खास मौके पर हर कोई अपने लुक को सबसे अलग और आकर्षक बनाना चाहता है पारंपरिक परिधानों के साथ सही एक्सेसरीज का चुनाव ही पूरे लुक को निखारता है और जब बात नवरात्रि की हो तो हरी चूड़ियों का महत्व और भी बढ़ जाता है हरा रंग समृद्धि सकारात्मकता और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है यही कारण है कि इस त्योहार में हरी चूड़ियां पहनना शुभ भी माना जाता है और स्टाइलिश भी

    इस साल बाजार में हरी चूड़ियों के कई नए और यूनिक डिजाइन्स देखने को मिल रहे हैं जो आपके ट्रेडिशनल लुक को एक नया ट्विस्ट दे सकते हैं अब सिर्फ सादी कांच की चूड़ियों का जमाना नहीं रहा बल्कि फैंसी और डिजाइनर चूड़ियां ट्रेंड में हैं जो हर उम्र की महिलाओं को आकर्षित कर रही हैं

    इन दिनों कश्मीरी घुंघरू डिजाइन वाली हरी चूड़ियां काफी लोकप्रिय हो रही हैं इन चूड़ियों के किनारों पर लगे छोटे छोटे घुंघरू हाथों की हर हलचल के साथ मधुर ध्वनि पैदा करते हैं जो आपके लुक में एक अलग ही आकर्षण जोड़ते हैं यह डिजाइन खासतौर पर सिल्क साड़ी और भारी लहंगे के साथ बेहद खूबसूरत लगता है और आपको एक रॉयल और एलिगेंट लुक देता है

    अगर आप कुछ मॉडर्न और स्टाइलिश ट्राई करना चाहती हैं तो पोल्का डॉट डिजाइन वाली हरी चूड़ियां आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती हैं हरे रंग के बेस पर सफेद या गोल्डन डॉट्स वाली ये चूड़ियां सिंपल सूट या इंडो वेस्टर्न आउटफिट्स के साथ बहुत ही ग्रेसफुल लगती हैं खासकर युवा लड़कियों के बीच यह स्टाइल तेजी से ट्रेंड कर रहा है क्योंकि यह ट्रेडिशनल और मॉडर्न का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है

    इसके अलावा स्टोन और थ्रेड वर्क वाली चूड़ियां भी इस सीजन में काफी पसंद की जा रही हैं कांच की हरी चूड़ियों के बीच में स्टोन जड़े कड़े या रेशमी धागों से सजी चूड़ियां आपके हाथों की खूबसूरती को और निखार देती हैं आप इन्हें अपने आउटफिट के अनुसार मिक्स एंड मैच करके भी पहन सकती हैं जिससे आपका लुक और ज्यादा आकर्षक बनता है

    हरी चूड़ियों को स्टाइल करने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उनका चयन अगर आप सिर्फ हरी चूड़ियां पहनने के बजाय उनके बीच में सुनहरे कड़े या डिजाइनर कंगन जोड़ती हैं तो आपका लुक और ज्यादा फेस्टिव और रिच दिखाई देता है अगर आपका आउटफिट प्लेन है तो आप घुंघरू वाली भारी चूड़ियां पहन सकती हैं वहीं अगर आपने पहले से ही हैवी वर्क वाला लहंगा या साड़ी पहनी है तो पतली कांच की चूड़ियां या पोल्का डॉट डिजाइन ज्यादा बेहतर लगेगा

    इसके साथ ही हरी चूड़ियों के साथ ऑक्सीडाइज्ड ज्वेलरी या गोल्डन झुमके पहनने से आपका पूरा लुक संतुलित और स्टाइलिश नजर आता है सही कॉम्बिनेशन और थोड़ी सी क्रिएटिविटी के साथ आप इस नवरात्रि अपने पारंपरिक अंदाज में भी एक नया और आकर्षक ट्विस्ट जोड़ सकती हैं और हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच सकती हैं

  • घी के नाम पर जहर तो नहीं खा रहे आप? ऐसे करें असली और नकली घी की पहचान

    घी के नाम पर जहर तो नहीं खा रहे आप? ऐसे करें असली और नकली घी की पहचान


    नई दिल्ली:भारतीय रसोई में Ghee का महत्व बेहद खास होता है, चाहे पूजा पाठ हो या रोजमर्रा का खाना, घी हर घर में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन आजकल बाजार में मिलावटी घी की बढ़ती समस्या लोगों की सेहत के लिए चिंता का विषय बन गई है, ऐसे में जरूरी है कि हम असली और नकली घी की पहचान करना सीखें ताकि अपने परिवार को सुरक्षित और शुद्ध भोजन दे सकें

    घी की शुद्धता जांचने का सबसे आसान तरीका हथेली टेस्ट माना जाता है, इसके लिए थोड़ा सा घी हथेली पर रखें, असली घी शरीर की गर्माहट से धीरे धीरे पिघलता है, जबकि नकली घी या तो तुरंत पिघल जाता है या फिर बिल्कुल नहीं पिघलता, यह तरीका तुरंत परिणाम देने वाला और बेहद सरल है

    खुशबू के जरिए भी घी की पहचान की जा सकती है, शुद्ध घी में हल्की मीठी और दूध जैसी सुगंध होती है, जबकि मिलावटी घी में केमिकल जैसी गंध आ सकती है या फिर उसमें कोई खास खुशबू नहीं होती, अगर घी को हल्का गर्म किया जाए तो असली घी की खुशबू और ज्यादा उभरकर सामने आती है

    स्वाद भी घी की गुणवत्ता का एक महत्वपूर्ण संकेत देता है, असली घी का स्वाद हल्का मीठा और मुंह में घुल जाने वाला होता है, वहीं नकली घी जीभ पर चिपचिपा लग सकता है या उसका स्वाद अजीब सा महसूस हो सकता है, ऐसे संकेत मिलते ही सतर्क हो जाना चाहिए

    फ्रिज टेस्ट भी काफी प्रभावी माना जाता है, इसके लिए घी को एक कटोरी में डालकर कुछ समय के लिए फ्रिज में रख दें, शुद्ध घी जमने पर एक समान और दानेदार टेक्सचर दिखाता है, जबकि मिलावटी घी अलग अलग परतों में जम सकता है या असमान दिखाई देता है

    पानी में घी डालकर भी उसकी शुद्धता जांची जा सकती है, एक गिलास गुनगुने पानी में थोड़ा सा घी डालें, असली घी नीचे बैठ जाता है, जबकि नकली घी पानी में घुल सकता है या ऊपर तैरने लगता है, यह तरीका भी घर पर आसानी से किया जा सकता है

    एक और तरीका है घी को जलाकर देखना, एक चम्मच में थोड़ा घी लेकर जलाएं, शुद्ध घी साफ लौ के साथ जलता है और उसमें अच्छी खुशबू आती है, जबकि नकली घी जलने पर धुआं देता है या बदबू पैदा करता है

    घी खरीदते समय भी कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है, बहुत सस्ता घी खरीदने से बचें, खुले में बिकने वाले घी पर भरोसा न करें और हमेशा विश्वसनीय ब्रांड या डेयरी से ही खरीदारी करें, इसके अलावा घी का रंग बहुत ज्यादा सफेद या अत्यधिक पीला होना भी संदेह का संकेत हो सकता है

     थोड़ी सी जागरूकता और ये आसान घरेलू तरीके अपनाकर आप मिलावटी घी से बच सकते हैं और अपने परिवार को शुद्ध, स्वादिष्ट और सेहतमंद भोजन दे सकते हैं

  • Travel Tips: दोस्तों के साथ घूमने का बनाएं परफेक्ट प्लान, बैग पैक करें और निकल पड़ें

    Travel Tips: दोस्तों के साथ घूमने का बनाएं परफेक्ट प्लान, बैग पैक करें और निकल पड़ें


    नई दिल्ली।मार्च और अप्रैल का महीना घूमने-फिरने के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है। अगर आपके मन में भी इस समय ऐसा ही कुछ चल रहा हैं तो ये खबर आपके काफी काम की है। मार्च का समय ऐसा है इस समय न तो ज्यादा ठंड होती है और न ही तेज गर्मी, जिससे ट्रैवल का मजा दोगुना हो जाता है। अगर आप दोस्तों के साथ कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो ये समय बिल्कुल परफेक्ट है।

    इन जगहों पर जा सकते हैं
    आप अकेले को या दोस्तों के साथ आपके लिए ये ट्रिप और ये जगह काफी खास होने वाली है। ट्रिप का असली मजा तभी आता हैअपने दोस्त साथ हो और सुहाना मौसम और अच्छा नजारा।आप पहाड़ों की ठंडी वादियों का आनंद लेना चाहते हैं, तो मनाली और ऋषिकेश जैसे डेस्टिनेशन बेस्ट हैं। यहां आप एडवेंचर एक्टिविटीज जैसे रिवर राफ्टिंग, ट्रेकिंग और कैंपिंग का भी अच्छे से आनंद उठा सकते है।

    मुन्नार और ऊटी भी अच्छा ऑप्शन है
    अगर आपको हरियाली और शांति पसंद है, तो मुन्नार और ऊटी जैसी जगहें आपके लिए परफेक्ट हैं। यहां की खूबसूरत वादियां, चाय के बागान और ठंडी हवाएं आपके ट्रिप को यादगार बना देंगी।जहां आपको काफी अच्छे नजारे देखने को मिलेंगे। आप यहां कई यादें अपने कैमरे में भी कैद कर सकते है।

    बीच और पार्टी
    अगर आपको बीच और पार्टी का मजा लेना हो तो गोवा काफी अच्छा ऑप्शन हो सकता है। यहां दोस्तों के साथ बीच पर मस्ती, वाटर स्पोर्ट्स और नाइटलाइफ का अलग ही एक्सपीरियंस मिलता है।गोवा में सबसे पहले आपको बागा बीच और कैलंगुट बीच जरूर जाना चाहिए। ये बीच अपनी साफ रेत, वाटर स्पोर्ट्स और मस्ती भरे माहौल के लिए मशहूर हैं।इसके अलावा, दूधसागर झरना भी देखने लायक है, जहां की प्राकृतिक खूबसूरती आपका मन मोह लेगी।

    इन जगहों पर जा कर आप अपने परिवार या दोस्तों के साथ काफी अच्छा समय बिता सकते हैं। तो देर किस बात की अभी टिकट बुक करें और अपने पसंद की जगहों पर जाएं।

  • मिडिल ईस्ट तनाव से बाजार में हाहाकार! सेंसेक्स 1836 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे लाखों करोड़

    मिडिल ईस्ट तनाव से बाजार में हाहाकार! सेंसेक्स 1836 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे लाखों करोड़


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू राजनीतिक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ नजर आया। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली और प्रमुख सूचकांक BSE Sensex और Nifty 50 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1836.57 अंक यानी 2.46 प्रतिशत टूटकर 72696.39 पर आ गया, जबकि निफ्टी 601.85 अंक यानी 2.60 प्रतिशत गिरकर 22512.65 पर बंद हुआ। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव और युद्ध जैसे हालात ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है।

    निवेशकों को भारी नुकसान, 13.65 लाख करोड़ डूबे

    इस बड़ी गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी आई है। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 14 लाख करोड़ रुपए घट गया और यह 428.76 लाख करोड़ रुपए से गिरकर 415.11 लाख करोड़ रुपए रह गया। इंट्रा डे में बाजार और भी ज्यादा दबाव में दिखा, जहां सेंसेक्स एक समय करीब 1974 अंक तक लुढ़क गया था। वहीं, निफ्टी भी 643 अंकों तक गिर गया था। बाजार में घबराहट का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि India VIX में 19 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई, जो निवेशकों के बीच बढ़ती चिंता को दर्शाता है।

    मिडकैप और स्मॉलकैप में ज्यादा मार, सभी सेक्टर दबाव में

    बाजार में गिरावट सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में और ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 3.90 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 3.94 प्रतिशत गिरा। सेक्टरवार देखें तो कंस्ट्रक्शन, रियल्टी और मेटल सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। बैंकिंग, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर में भी भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि आईटी सेक्टर में अपेक्षाकृत कम कमजोरी देखने को मिली। यह संकेत देता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली हुई है और निवेशकों ने जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनानी शुरू कर दी है।

    तेल कीमतें और होर्मुज संकट बने बड़ी वजह

    विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है। Strait of Hormuz में संभावित बाधा से सप्लाई प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का लगभग 80 प्रतिशत आयात करता है, ऐसे में तेल की कीमतों में तेजी से देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों की कमाई पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते बयानबाजी और संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेतों ने बाजार का माहौल और नकारात्मक कर दिया है।

    आगे का रुख अनिश्चित, निवेशकों में बढ़ी चिंता

    मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में स्थिरता लौटना मुश्किल है। वैश्विक बाजारों के साथ तालमेल के चलते भारत भी इस दबाव से बच नहीं पा रहा है। फिलहाल बाजार का रुख कमजोर बना हुआ है और निवेशकों के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो बाजार में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

  • अरुंधति रेड्डी बनीं ICC प्लेयर ऑफ द मंथ, ऑस्ट्रेलिया में दमदार प्रदर्शन

    अरुंधति रेड्डी बनीं ICC प्लेयर ऑफ द मंथ, ऑस्ट्रेलिया में दमदार प्रदर्शन


    नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज Arundhati Reddy ने शानदार प्रदर्शन के दम पर फरवरी 2026 के लिए International Cricket Council का ‘विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ’ अवॉर्ड अपने नाम किया है। उनके करियर में यह पहला मौका है जब उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को उसके घर में हराने में अहम भूमिका निभाई। भारत की इस ऐतिहासिक टी20 सीरीज जीत में उनकी गेंदबाजी निर्णायक साबित हुई।

    ऑस्ट्रेलिया दौरे पर शानदार प्रदर्शन, टीम की जीत में अहम योगदान

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में अरुंधति रेड्डी ने कमाल की गेंदबाजी करते हुए कुल 8 विकेट झटके। उन्होंने 10.87 की बेहतरीन औसत और 7.25 की इकॉनमी रेट से गेंदबाजी की, जो टी20 फॉर्मेट में बेहद प्रभावी मानी जाती है। उनके प्रदर्शन की बदौलत भारत ने यह सीरीज 2-1 से अपने नाम की। खास बात यह रही कि साल 2016 के बाद यह पहली बार था जब भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया में टी20 सीरीज जीती।

    सिडनी में करियर बेस्ट, हर मैच में दिखाया दम

    दाएं हाथ की इस तेज गेंदबाज ने सिडनी में खेले गए पहले मुकाबले से ही अपने इरादे साफ कर दिए थे। इस मैच में उन्होंने 22 रन देकर 4 विकेट झटके, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इस शानदार गेंदबाजी के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ भी चुना गया। इसके बाद भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी। कैनबरा में खेले गए दूसरे मैच में 30 रन देकर 2 विकेट हासिल किए, जबकि एडिलेड में निर्णायक मुकाबले में 35 रन देकर 2 विकेट लेकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

    विश्व कप से पहले बढ़ा आत्मविश्वास

    अवॉर्ड मिलने के बाद अरुंधति रेड्डी ने इसे अपने करियर का बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में जीत हासिल करना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है और इस जीत से टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। उन्होंने आगामी ICC Women’s T20 World Cup को लेकर भी भरोसा जताया और कहा कि टीम संतुलित है और इस बार मजबूत दावेदार के रूप में उतरेगी। यह प्रदर्शन न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी एक बड़ा संकेत है कि टीम अब बड़े मंच पर दमदार प्रदर्शन के लिए तैयार है।