Author: bharati

  • भीषण गर्मी में राहत के तरीके, हीटवेव से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स

    भीषण गर्मी में राहत के तरीके, हीटवेव से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स

    नई दिल्ली । अप्रैल का महीना शुरू हो गया है ऐसे में धीरे-धीरे मौसम में बदलाव होगा और गर्मी शुरू हो जाएगी। गर्मी धीरे-धीरे इतनी तेज हो जाती है कि उसे सेहत पर काफी असर पड़ने लगता है। आगामी दिनों में जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा, हर उम्र वर्ग के लोगों के लिए कुछ शारीरिक चुनौतियां भी खड़ी होंगी। बढ़ती गर्मी से बचाव रखते हुए अच्छा स्वास्थ्य कैसे पाएं, खान-पान में क्या बदलाव करें और क्या सावधानियां जरूरी हैं। इन सभी बातों को जानने के लिए नीचे बताई गई जानकारी को जरूर पढ़ें।

    बच्चों के लिए रहे सावधान
    इस समय भले ही मौसम ठंडा हुआ है तापमान में गिरावट आई है लेकिन सेहत पर खतरा अभी भी है। बरसात से मौसम हल्का ठंडा हुआ है, लेकिन इससे सर्दी-जुकाम और बुखार का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, आगामी दिनों में तापमान अधिक बढ़ेगा। इसलिए 12 वर्ष तक के बच्चों को धूप और तपिश के पिक टाइम में बचाना जरूरी रहता है। इस उम्र के बच्चों को सुबह 11 से शाम 5 बजे तक धूप से बचाए रखना जरूरी है” इसके साथ जब भी वह बाहर जाएं उन्हें टॉप और पानी की बोतल ये सब चीज देना बिल्कुल ना भूले।

    खान-पान का रखन होगा ध्यान
    खान-पान में भी कुछ बदलाव करना जरूरी है, जैसे की शुद्ध पेयजल (प्यूरीफाइड वॉटर) अधिक लें।साथ ही नींबू पानी और ओआरएस जरूर लें। इसके अलावा बच्चों की डाइट में फल (फ्रूट्स) की मात्रा बढ़ाना भी जरूरी है। इसके साथ ही आपको ज्यादा मसाले वाली चीज नहीं खानी चाहिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीते रहना चाहिए पानी समय पर पीने से सेहतमंद रहेंगे।

    गर्भवती महिलाएं इन बातों का रखें ध्यान
    इस गर्मी से बचने के लिए गर्भवती महिलाएं अपने और गर्भ में पल रहे बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए और हाइड्रेट रहने के लिए अधिक पानी पीएं। लस्सी और ओआरएस का सेवन अधिक करें।यदि मजबूरन धूप में निकलना पड़ रहा है तो ऐसे में सिर पर टोपी पहनें और सनग्लास का इस्तेमाल जरूर करें। साथ ही लू से अपना बचाव करें और कहीं खुले में कुछ देर रूकना जरूरी हो तो पेड़ की छांव का सहारा लें।

  • मध्यपूर्व में तनाव कम होने से भारतीय शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 918 अंक उछला

    मध्यपूर्व में तनाव कम होने से भारतीय शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 918 अंक उछला


    नई दिल्ली।मध्यपूर्व में तनाव कम होने के संकेतों के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कारोबार के अंत में BSE Sensex 918.60 अंक यानी 1.20% उछलकर 77,550.25 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 275.50 अंक यानी 1.10% की बढ़त के साथ 24,050.60 पर पहुंच गया।

    ऑटो और बैंकिंग शेयर बने बाजार के हीरो

    इस तेजी में सबसे बड़ा योगदान ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर का रहा।

    निफ्टी ऑटो: +2.85% (टॉप गेनर)
    निफ्टी रियल्टी: +2.08%
    निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज: +2.06%
    निफ्टी पीएसयू बैंक: +2.01%
    निफ्टी प्राइवेट बैंक: +1.98%
    इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और कंजम्प्शन सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।

    आईटी सेक्टर में रही कमजोरी

    जहां अधिकांश सेक्टर्स में तेजी रही, वहीं आईटी शेयरों पर दबाव बना रहा। निफ्टी आईटी 1.91% की गिरावट के साथ बंद हुआ। Infosys, TCS और HCLTech जैसे दिग्गज शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।

    मिडकैप और स्मॉलकैप में भी शानदार तेजी

    बाजार की तेजी सिर्फ लार्जकैप तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यापक बाजार में भी खरीदारी का माहौल दिखा:

    निफ्टी मिडकैप 100: +1.52% (57,843.95)
    निफ्टी स्मॉलकैप 100: +1.65% (16,840.10)
    सेंसेक्स के टॉप गेनर्स

    इस तेजी में Asian Paints, ICICI Bank, Mahindra & Mahindra, State Bank of India, Axis Bank, HDFC Bank और Larsen & Toubro जैसे शेयरों में मजबूत खरीदारी रही। वहीं Sun Pharma, Infosys और Tech Mahindra गिरावट में रहे।

    एक्सपर्ट की राय: आगे क्या?

    Sudeep Shah (SBI सिक्योरिटीज) के अनुसार, बाजार ने गैप-अप ओपनिंग के बाद स्थिर रेंज में कारोबार किया और 24,000 के ऊपर मजबूती से बंद हुआ।

    रेजिस्टेंस: 24,200 – 24,250
    ब्रेकआउट पर लक्ष्य: 24,400 से 24,600
    सपोर्ट: 23,850 – 23,800

    मध्यपूर्व में तनाव कम होने से निवेशकों का भरोसा लौटा है, जिससे बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली। अगर वैश्विक संकेत सकारात्मक बने रहते हैं, तो आने वाले समय में बाजार और ऊपर जा सकता है।

  • यूपीआई के 10 साल पूरे: लेनदेन की वॉल्यूम 12,000 गुना बढ़ी; वैल्यू में 4,000 गुना से अधिक की बढ़ोतरी

    यूपीआई के 10 साल पूरे: लेनदेन की वॉल्यूम 12,000 गुना बढ़ी; वैल्यू में 4,000 गुना से अधिक की बढ़ोतरी


    नई दिल्ली। भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI (Unified Payments Interface) ने 11 अप्रैल को अपने 10 साल पूरे कर लिए हैं। इस एक दशक में यूपीआई ने देश में लेनदेन के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, इसकी लेनदेन वॉल्यूम में 12,000 गुना से ज्यादा और वैल्यू में 4,000 गुना से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।

    2017 से 2026 तक का सफर: जबरदस्त ग्रोथ

    एनालिटिक्स फर्म Tracxn के अनुसार,

    वित्त वर्ष 2017: 1.786 करोड़ ट्रांजैक्शन, 6,952 करोड़ रुपए वैल्यू
    वित्त वर्ष 2026: 218.98 अरब ट्रांजैक्शन, 285 लाख करोड़ रुपए वैल्यू

    यह आंकड़े दिखाते हैं कि यूपीआई ने बेहद कम समय में अभूतपूर्व विस्तार किया है।

    महामारी के दौरान मिली सबसे बड़ी रफ्तार

    शुरुआती वर्षों में धीमी बढ़त के बाद कोविड-19 महामारी के दौरान यूपीआई ने तेजी से रफ्तार पकड़ी:

    FY21: 22.33 अरब ट्रांजैक्शन
    FY22: 45.97 अरब
    FY23: 83.75 अरब

    इसके बाद भी ग्रोथ जारी रही और FY24 में 130.13 अरब और FY25 में 185.87 अरब लेनदेन दर्ज किए गए।

    मार्च 2026 में बना नया रिकॉर्ड

    National Payments Corporation of India (NPCI) के अनुसार, मार्च 2026 में यूपीआई ने अब तक का सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड बनाया:

    22.64 अरब ट्रांजैक्शन (फरवरी: 20.39 अरब)
    सालाना आधार पर 24% की बढ़त

    इसने जनवरी 2026 के 21.70 अरब के पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।

    डिजिटल इकोसिस्टम का तेजी से विस्तार

    यूपीआई की सफलता का एक बड़ा कारण इसका तेजी से बढ़ता इंफ्रास्ट्रक्चर भी है:

    यूपीआई QR कोड: 73.13 करोड़ (15% वृद्धि)
    पॉइंट-ऑफ-सेल टर्मिनल: 1.148 करोड़ (15% वृद्धि)

    इससे छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े कारोबारियों तक डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिला है।

    क्यों खास है यूपीआई?

    UPI (Unified Payments Interface) ने भारत में:

    कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा दिया
    छोटे व्यापारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा
    आम लोगों के लिए आसान और तेज पेमेंट सिस्टम उपलब्ध कराया
    निष्कर्ष

    10 साल में यूपीआई ने भारत को डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में वैश्विक लीडर बना दिया है। इसकी तेजी से बढ़ती पहुंच और उपयोग भविष्य में भी अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखती है।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सुधार पर जोर, गडकरी बोले- क्लीयरेंस में देरी से बढ़ती है लागत

    इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सुधार पर जोर, गडकरी बोले- क्लीयरेंस में देरी से बढ़ती है लागत


    नई दिल्ली।भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 3 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह में 9.063 अरब डॉलर बढ़कर 697.121 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। Reserve Bank of India (आरबीआई) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है। इससे पहले के सप्ताह में भंडार में 10.288 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी।

    गोल्ड रिजर्व में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

    विदेशी मुद्रा भंडार में इस बार सबसे बड़ा योगदान गोल्ड रिजर्व का रहा।

    गोल्ड रिजर्व: 7.221 अरब डॉलर बढ़कर 120.742 अरब डॉलर
    फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA): 1.784 अरब डॉलर बढ़कर 552.856 अरब डॉलर

    एफसीए में डॉलर के अलावा येन, यूरो और पाउंड जैसी प्रमुख वैश्विक मुद्राएं शामिल होती हैं, जिनकी वैल्यू डॉलर में आंकी जाती है।

    एसडीआर में हल्की बढ़त, आईएमएफ पोजीशन स्थिर

    आरबीआई के अनुसार,

    एसडीआर (Special Drawing Rights): 5.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.707 अरब डॉलर
    आईएमएफ में भारत की रिजर्व पोजीशन: 4.816 अरब डॉलर (कोई बदलाव नहीं)
    क्यों अहम होता है विदेशी मुद्रा भंडार?

    किसी भी देश के लिए विदेशी मुद्रा भंडार उसकी आर्थिक ताकत का महत्वपूर्ण संकेतक होता है।

    यह मुद्रा विनिमय दर को स्थिर रखने में मदद करता है
    वैश्विक व्यापार को सुगम बनाता है
    आर्थिक संकट के समय सुरक्षा कवच का काम करता है

    जब रुपये पर दबाव बढ़ता है, तो केंद्रीय बैंक इसी भंडार का इस्तेमाल कर डॉलर की बिक्री कर मुद्रा को स्थिर करता है।

    मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत

    विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि देश में डॉलर की आवक मजबूत बनी हुई है। इससे भारत की वैश्विक व्यापार क्षमता बढ़ती है और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होता है।

    विदेशी मुद्रा भंडार में आई यह बढ़त भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है, जो न केवल वित्तीय स्थिरता को मजबूत करेगी, बल्कि वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति को भी और सुदृढ़ बनाएगी।

  • कालाष्टमी 2026 पर करें ये अचूक उपाय बच्चों को नजर दोष से मिलेगी तुरंत सुरक्षा

    कालाष्टमी 2026 पर करें ये अचूक उपाय बच्चों को नजर दोष से मिलेगी तुरंत सुरक्षा


    नई दिल्ली । भारतीय परंपरा में बच्चों को नजर दोष से बचाने के लिए कई धार्मिक और ज्योतिषीय उपाय बताए गए हैं और इनमें कालाष्टमी का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन भगवान काल भैरव को समर्पित होता है जिन्हें संकटों का नाश करने वाला और समय का स्वामी माना जाता है। मान्यता है कि कालाष्टमी के दिन किए गए उपाय नकारात्मक शक्तियों को दूर करते हैं और बच्चों को बुरी नजर से सुरक्षित रखते हैं। वर्ष 2026 में 10 अप्रैल को कालाष्टमी का व्रत मनाया जा रहा है और इस दिन किए गए सरल उपाय बेहद प्रभावी माने जाते हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कालाष्टमी हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आती है और इस दिन भगवान काल भैरव की पूजा विशेष फलदायी होती है। काशी में काल भैरव को कोतवाल कहा जाता है और उन्हें सुरक्षा और न्याय का देवता माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा करने से भय संकट और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है। ज्योतिष शास्त्र में भी इस दिन को तंत्र मंत्र और रक्षा उपायों के लिए अत्यंत शक्तिशाली माना गया है।

    यदि आपके घर में छोटे बच्चे हैं और आपको लगता है कि उन्हें बार बार नजर लग जाती है तो कालाष्टमी के दिन कुछ आसान उपाय जरूर करने चाहिए। सबसे पहले घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं। दीपक जलाने के बाद उसकी लौ से काजल तैयार करें और इस काजल को बच्चे के माथे या कान के पीछे हल्का सा लगा दें। ऐसा करने से नजर दोष से बचाव होता है और बच्चे के चारों ओर एक सकारात्मक ऊर्जा का घेरा बनता है।

    इसके अलावा आप मंदिर जाकर भगवान काल भैरव के चरणों में काला धागा अर्पित कर सकते हैं। इस धागे पर थोड़ा सा सिंदूर लगाकर इसे बच्चे के हाथ या गले में बांध दें। मान्यता है कि यह काला धागा एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है और बुरी नजर के प्रभाव को दूर करता है। इस दौरान “ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं” मंत्र का जाप करना भी अत्यंत लाभकारी माना गया है।

    कालाष्टमी के दिन रात 9 बजे से 11 बजे के बीच पूजा करना सबसे शुभ माना जाता है। इस समय की गई पूजा जल्दी फल देती है और भगवान काल भैरव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। भक्त इस दौरान व्रत रखते हैं दीप जलाते हैं और भगवान से अपने परिवार विशेषकर बच्चों की रक्षा की प्रार्थना करते हैं।

    यह दिन केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है बल्कि यह विश्वास और आस्था का प्रतीक भी है। ऐसे उपाय लोगों को मानसिक शांति और सुरक्षा का एहसास देते हैं। हालांकि इन उपायों के साथ साथ बच्चों की देखभाल स्वच्छता और स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। कालाष्टमी पर किए गए ये सरल उपाय न केवल परंपरा का हिस्सा हैं बल्कि पीढ़ियों से चले आ रहे विश्वास का प्रतीक भी हैं जो आज भी लोगों के जीवन में उतने ही प्रभावी माने जाते हैं।

  • भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 697 अरब डॉलर पार, 9.06 अरब डॉलर की जोरदार बढ़ोतरी

    भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 697 अरब डॉलर पार, 9.06 अरब डॉलर की जोरदार बढ़ोतरी


    नई दिल्ली। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 3 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह में 9.063 अरब डॉलर बढ़कर 697.121 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। Reserve Bank of India (आरबीआई) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है। इससे पहले के सप्ताह में भंडार में 10.288 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी।

    गोल्ड रिजर्व में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

    विदेशी मुद्रा भंडार में इस बार सबसे बड़ा योगदान गोल्ड रिजर्व का रहा।

    गोल्ड रिजर्व: 7.221 अरब डॉलर बढ़कर 120.742 अरब डॉलर
    फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA): 1.784 अरब डॉलर बढ़कर 552.856 अरब डॉलर

    एफसीए में डॉलर के अलावा येन, यूरो और पाउंड जैसी प्रमुख वैश्विक मुद्राएं शामिल होती हैं, जिनकी वैल्यू डॉलर में आंकी जाती है।

    एसडीआर में हल्की बढ़त, आईएमएफ पोजीशन स्थिर

    आरबीआई के अनुसार,

    एसडीआर (Special Drawing Rights): 5.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.707 अरब डॉलर
    आईएमएफ में भारत की रिजर्व पोजीशन: 4.816 अरब डॉलर (कोई बदलाव नहीं)
    क्यों अहम होता है विदेशी मुद्रा भंडार?

    किसी भी देश के लिए विदेशी मुद्रा भंडार उसकी आर्थिक ताकत का महत्वपूर्ण संकेतक होता है।

    यह मुद्रा विनिमय दर को स्थिर रखने में मदद करता है
    वैश्विक व्यापार को सुगम बनाता है
    आर्थिक संकट के समय सुरक्षा कवच का काम करता है

    जब रुपये पर दबाव बढ़ता है, तो केंद्रीय बैंक इसी भंडार का इस्तेमाल कर डॉलर की बिक्री कर मुद्रा को स्थिर करता है।

    मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत

    विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि देश में डॉलर की आवक मजबूत बनी हुई है। इससे भारत की वैश्विक व्यापार क्षमता बढ़ती है और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होता है।

    विदेशी मुद्रा भंडार में आई यह बढ़त भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है, जो न केवल वित्तीय स्थिरता को मजबूत करेगी, बल्कि वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति को भी और सुदृढ़ बनाएगी।

  • मध्यप्रदेश में जुए के खिलाफ सख्त एक्शन पन्ना में छापा नौ गिरफ्तार लाखों की जब्ती

    मध्यप्रदेश में जुए के खिलाफ सख्त एक्शन पन्ना में छापा नौ गिरफ्तार लाखों की जब्ती


    पन्ना । मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है जहां अमानगंज थाना क्षेत्र में जुए के फड़ पर दबिश देकर नौ जुआरियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने न केवल आरोपियों को पकड़ा बल्कि मौके से लाखों रुपये के मशरुका को भी जब्त किया जिससे इलाके में हड़कंप मच गया और अवैध जुआ संचालन करने वालों में डर का माहौल बन गया है।

    जानकारी के अनुसार पुलिस को लंबे समय से अमानगंज क्षेत्र में जुए के बड़े फड़ संचालित होने की सूचना मिल रही थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने पूरी योजना बनाकर टीम गठित की और देर रात छापेमार कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस की टीम जैसे ही मौके पर पहुंची वहां जुआ खेल रहे लोगों में भगदड़ मच गई लेकिन घेराबंदी पहले से ही मजबूत होने के कारण कोई भी आरोपी भाग नहीं सका और सभी को मौके पर ही दबोच लिया गया।

    कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल नौ जुआरियों को गिरफ्तार किया जिनके कब्जे से 77 हजार 580 रुपये नगद बरामद किए गए। इसके अलावा जुआ खेलने में उपयोग की जा रही 52 पत्तों की ताश की गड्डी भी जब्त की गई। पुलिस ने मौके से एक बिना नंबर की सेल्टोस कार एक स्कूटी चार मोटरसाइकिल और नौ मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में लिए हैं। जब्त किए गए कुल मशरुका की कीमत 14 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है जो इस पूरे नेटवर्क के बड़े स्तर पर संचालित होने की ओर इशारा करती है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अवैध जुए के अड्डे न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनते हैं बल्कि समाज में अपराध को भी बढ़ावा देते हैं। जुए की लत में फंसे लोग अक्सर आर्थिक रूप से बर्बाद हो जाते हैं और कई बार आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल हो जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस लगातार ऐसे ठिकानों पर नजर बनाए हुए है और सख्त कार्रवाई कर रही है।

    इस कार्रवाई के बाद इलाके के लोगों ने भी राहत की सांस ली है क्योंकि लंबे समय से यहां जुए के फड़ की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बेहतर होगी और असामाजिक तत्वों पर लगाम लगेगी।

    पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सके। साथ ही जब्त किए गए वाहनों और मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है जिससे और सुराग मिलने की उम्मीद है।

    पन्ना पुलिस ने साफ संकेत दिए हैं कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास को भी मजबूत करती है।

  • खजराना में भीषण आग से मची अफरा तफरी समय रहते बचाए गए तीन बच्चे टला बड़ा हादसा

    खजराना में भीषण आग से मची अफरा तफरी समय रहते बचाए गए तीन बच्चे टला बड़ा हादसा


    इंदौर । इंदौर में गुरुवार रात एक बड़ा हादसा होते होते टल गया जब खजराना थाना क्षेत्र में स्थित एक तीन मंजिला मकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा घर धुएं और लपटों से घिर गया। घर में मौजूद परिवार के सदस्य किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे लेकिन तीसरी मंजिल पर तीन छोटे बच्चे फंस गए जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों ने तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी और मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को समझते हुए बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। उस समय तक फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी ऐसे में पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत टैंकर मंगवाया। टैंकर पर सीढ़ी लगाकर तीसरी मंजिल तक पहुंचने की कोशिश की गई। घना धुआं और अंधेरा इस काम को बेहद मुश्किल बना रहे थे लेकिन पुलिसकर्मियों ने हिम्मत नहीं हारी।

    पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर मानव श्रृंखला बनाई और बेहद जोखिम उठाते हुए सीढ़ी के सहारे तीसरी मंजिल तक पहुंचे। वहां फंसे बच्चों को एक एक कर सुरक्षित नीचे उतारा गया। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान हर पल खतरा बना हुआ था क्योंकि आग लगातार फैल रही थी लेकिन सूझबूझ और तेजी से काम करते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बच्चों के सुरक्षित बाहर आते ही मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।

    इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई जो कि सबसे बड़ी राहत की बात रही। हालांकि मकान का कुछ हिस्सा आग की चपेट में आ गया लेकिन समय रहते बचाव कार्य होने से बड़ा नुकसान टल गया। बाद में फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।

    यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि पिछले महीने ही इंदौर में एक दर्दनाक हादसा हुआ था जहां एक मकान के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार में आग लगने से पूरे घर में आग फैल गई थी। उस हादसे में घर के अंदर फंसे लोग समय पर बाहर नहीं निकल सके और इलेक्ट्रॉनिक लॉक नहीं खुलने के कारण आठ लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। उस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था।

    ताजा घटना में जिस तरह पुलिस ने तत्परता दिखाई और बिना किसी संसाधन के तत्काल निर्णय लेकर बच्चों की जान बचाई वह सराहनीय है। यह घटना न केवल आपात स्थिति में सूझबूझ की अहमियत को दर्शाती है बल्कि यह भी बताती है कि समय पर लिया गया निर्णय कितनी बड़ी त्रासदी को टाल सकता है।

  • वंदे मातरम विवाद पर इंदौर में सियासी घमासान बीजेपी का 85 वार्डों में विरोध

    वंदे मातरम विवाद पर इंदौर में सियासी घमासान बीजेपी का 85 वार्डों में विरोध


    इंदौर । इंदौर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। नगर निगम के बजट सत्र में कुछ पार्षदों द्वारा वंदे मातरम गाने से इनकार के बाद यह मामला अब सड़कों तक पहुंच गया है और शहर के लगभग सभी वार्डों में विरोध प्रदर्शन और कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है और लगातार कांग्रेस पर निशाना साध रही है।

    शहर के अलग अलग इलाकों में बीजेपी कार्यकर्ता एकत्र होकर वंदे मातरम का सामूहिक गायन कर रहे हैं और विरोध स्वरूप पुतला दहन भी किया जा रहा है। नवलखा चौराहे पर एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए विवादित पार्षदों के खिलाफ नाराजगी जताई। इसी तरह अन्य प्रमुख स्थानों पर भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे और राष्ट्रगीत के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए गए।

    वार्ड क्रमांक 7 में आयोजित कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी शामिल हुए। उन्होंने मंच से वंदे मातरम गाकर संदेश देने की कोशिश की और कहा कि सभी धर्मों का सम्मान करना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के अधिकांश मुसलमान राष्ट्र और राष्ट्रगीत का सम्मान करते हैं और समाज को बांटने वाली मानसिकता को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।

    यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब नगर निगम के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस की कुछ महिला पार्षदों ने वंदे मातरम गाने से इनकार किया। इसके बाद से ही बीजेपी इस मुद्दे को लेकर लगातार विरोध दर्ज करा रही है। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रगीत का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है और इस तरह का विरोध स्वीकार्य नहीं है।

    वहीं कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर संयमित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है लेकिन राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने भी इस मामले को लेकर तीखी टिप्पणियां की हैं जिससे विवाद और गहराता नजर आ रहा है।

    इस बीच शहर में आयोजित कार्यक्रमों के जरिए बीजेपी इस मुद्दे को जनभावनाओं से जोड़ने की कोशिश कर रही है। सार्वजनिक स्थानों पर राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के जरिए पार्टी ने इसे एक बड़े अभियान का रूप दे दिया है।

    फिलहाल इंदौर में यह मुद्दा केवल एक विवाद तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह सियासी टकराव का बड़ा कारण बन चुका है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर और भी तीखे बयान और राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं जिससे शहर का माहौल और गर्माने की संभावना है।

  • किसानों के समर्थन में प्रदर्शन पड़ा भारी शाजापुर में कांग्रेस नेताओं पर केस दर्ज

    किसानों के समर्थन में प्रदर्शन पड़ा भारी शाजापुर में कांग्रेस नेताओं पर केस दर्ज

    शाजापुर । शाजापुर में किसानों के समर्थन में कांग्रेस द्वारा किए गए कलेक्ट्रेट कार्यालय घेराव का मामला अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए 12 कांग्रेस नेताओं को नामजद करते हुए करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और कांग्रेस ने प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।

    जानकारी के अनुसार बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों की समस्याओं को लेकर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान प्रदर्शन उग्र हो गया और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश कर गए। प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती देने वाले इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने बाद में पूरे मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की।

    लालघाटी थाना पुलिस ने जिन नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है उनमें कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह, कालापीपल के पूर्व विधायक और राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी, सीताराम पवैया, यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष जयंत रामवीर सिंह सिकरवार, किसान कांग्रेस के अध्यक्ष कमल चौधरी और पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष इरशाद खान सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

    इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं ने खुलकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहा है और किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों का गेहूं समय पर नहीं खरीद पा रही है और जब कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आवाज उठाती है तो उसके कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं।

    कुणाल चौधरी ने तीखे शब्दों में कहा कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। उन्होंने प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि कांग्रेस न तो अंग्रेजों से डरी थी और न ही अब किसी दबाव में आएगी। उन्होंने साफ कहा कि यदि किसानों के हक की लड़ाई लड़ने के लिए जेल जाना पड़े तो कांग्रेस कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे।

    कांग्रेस नेताओं ने यह भी मांग की कि सरकार स्पष्ट करे कि किसानों का गेहूं कब खरीदा जाएगा और किसानों पर हो रही वसूली कब बंद होगी। उन्होंने कर्ज माफी और फसल भुगतान जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।

    इस पूरे मामले के बाद शाजापुर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक ओर प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कर रहा है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इसे किसानों की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।