Author: bharati

  • पश्चिम बंगालः टूट की कगार पर ममता बनर्जी की पार्टी TMC…. अलग गुट बनाने चले 60 MLAs

    पश्चिम बंगालः टूट की कगार पर ममता बनर्जी की पार्टी TMC…. अलग गुट बनाने चले 60 MLAs


    कोलकाता।
    ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) टूट की कगार पर है। अटकलें हैं कि पार्टी के दो फाड़ हो सकते हैं और करीब 60 विधायक ऋतब्रत बनर्जी (Ritabrata Banerjee) को समर्थन देने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। संभावनाएं हैं कि बुधवार को विधायक एकजुट होकर पश्चिम बंगाल विधानसभा स्पीकर को समर्थन पत्र सौंप सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो पार्टी 60 और 20 के गुट में बंट जाएगी और ममता बनर्जी गुट से विपक्ष का दर्ज भी छिन जाएगा।

    कथित नए गुट के सदस्यों ने 80 में से 60 टीएमसी विधायकों का समर्थन हासिल कर लिया है। एक नेता ने अखबार से कहा, ‘मान्यता पाने के लिए हमारा पत्र तैयार है, क्योंकि असली टीएमसी तैयार है। हम बुधवार को बंगाल विधानसभा स्पीकर रतींद्रनाथ बोस को पत्र सौंप देंगे।’ कहा जा रहा है कि ये सभी विधायक ऋतब्रत बनर्जी की उम्मीदवारी को समर्थन दे रहे हैं।


    पश्चिम बंगाल के मंत्री ने बढ़ाई चर्चा

    पश्चिम बंगाल के मंत्री तापस रॉय ने मंगलवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस में महाराष्ट्र जैसी टूट होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं।रॉय ने दावा किया कि तृणमूल ने कई ऐसे लोगों को शामिल किया, जिनका राजनीति से ज्यादा सरोकार नहीं था। उन्होंने दावा किया कि अब पार्टी के अंदरूनी मतभेद और अंतर्विरोध सतह पर दिखाई देने लगे हैं।


    ऋतब्रत बनर्जी विधायकों से मिले

    विधानसभा परिसर से बाहर आने के बाद पत्रकारों से बातचीत में ऋतब्रत बनर्जी ने स्वीकार किया कि उनकी मुलाकात विधायक हॉस्टल में कुछ विधायकों से हुई और उनके साथ मुरमुरा खाया था। बनर्जी ने कहा कि वह ‘एक-एक दिन के हिसाब से आगे बढ़ने’ में विश्वास रखते हैं। उन्होंने 50 से ज्यादा विधायकों के उनके साथ आने की अटकलों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

    उन्होंने दावा किया कि शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता निर्वाचित करने संबंधी कोई औपचारिक प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था। बनर्जी के अनुसार, जिस कागज पर उनके हस्ताक्षर लिए गए थे, वह महज उपस्थिति दर्ज करने के लिए था। टीएमसी ने ऋतब्रत समेत दो विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया था।


    विरोध प्रदर्शन में नहीं पहुंचे सांसद और विधायक

    ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद मंगलवार को पहली बड़ी राजनीतिक लामबंदी की, लेकिन एस्प्लेनेड के वाई-चैनल पर आयोजित धरना कार्यक्रम में कम भीड़ और कई सांसदों-विधायकों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। बनर्जी के विरोध प्रदर्शन के लिए वाई-चैनल के बस अड्डे के करीब एक धरना मंच तैयार किया गया था।

    यहां चंद्रिमा भट्टाचार्य, शोभनदेब चट्टोपाध्याय, डेरेक ओ’ब्रायन, फिरहाद हकीम और अन्य वरिष्ठ नेता बनर्जी के साथ मौजूद रहे, लेकिन बड़ी संख्या में सांसदों और विधायकों की गैरमौजूदगी ने पार्टी के भीतर असंतोष की अटकलों को और बल दिया।

  • डॉन 3 पर नया बवाल, रणवीर सिंह ने FWICE के खिलाफ उठाया कानूनी कदम

    डॉन 3 पर नया बवाल, रणवीर सिंह ने FWICE के खिलाफ उठाया कानूनी कदम


    नई दिल्ली। रणवीर सिंह और FWICE के बीच चल रहा विवाद अब कानूनी स्तर तक पहुंच गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रणवीर सिंह ने संगठन को लीगल नोटिस भेजा है। बताया जा रहा है कि नोटिस भेजे जाने के बाद FWICE को अदालत या कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखना पड़ सकता है। हालांकि नोटिस में की गई मांगों का आधिकारिक विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।

    FWICE ने जारी किया था गैर-सहयोग निर्देश
    पिछले सप्ताह FWICE ने अपने सदस्यों से रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करने का आग्रह किया था। संगठन का यह कदम ‘डॉन 3’ परियोजना से जुड़े विवाद के बाद सामने आया। FWICE का कहना था कि फिल्म से अचानक अलग होने के कारण निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, जिसके चलते संगठन ने यह रुख अपनाया।

    फरहान अख्तर और एक्सेल एंटरटेनमेंट की शिकायत
    रिपोर्ट्स के अनुसार फरहान अख्तर और Excel Entertainment ने FWICE को शिकायत भेजी थी। शिकायत में कहा गया था कि फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर लगभग 45 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके थे। ऐसे में मुख्य अभिनेता के परियोजना से हटने से निर्माण प्रक्रिया प्रभावित हुई और आर्थिक नुकसान हुआ।

    क्या है पूरा मामला?
    कुछ वर्ष पहले Don 3 की घोषणा हुई थी, जिसमें रणवीर सिंह को नए ‘डॉन’ के रूप में पेश किया गया था। यह भूमिका पहले शाहरुख खान निभा चुके हैं। बाद में खबरें आईं कि रणवीर अब इस फिल्म का हिस्सा नहीं हैं। इसके बाद निर्माताओं और अभिनेता के बीच मतभेदों की चर्चा शुरू हुई, जो अब कानूनी नोटिस तक पहुंच गई है।

    आगे क्या हो सकता है?
    फिल्म इंडस्ट्री की नजरें अब इस मामले पर टिकी हैं। यदि दोनों पक्ष बातचीत से समाधान नहीं निकालते, तो विवाद लंबी कानूनी प्रक्रिया का रूप ले सकता है। वहीं, उद्योग जगत यह भी देख रहा है कि इसका असर रणवीर सिंह की आगामी फिल्मों और ‘डॉन 3’ की प्रगति पर कितना पड़ता है।

    रणवीर के आगामी प्रोजेक्ट्स
    विवादों के बीच रणवीर सिंह अपने अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक वह निर्देशक आदित्य धर की एक नई फिल्म से जुड़े हैं। इसके अलावा निर्देशक जय मेहता की एक ज़ॉम्बी-आधारित फिल्म में भी उनके काम करने की चर्चा है।

  • ‘जब रफी साहब की आवाज ने बदल दी राजेश खन्ना की जिद्द’: एक गाने ने रच दिया था इतिहास

    ‘जब रफी साहब की आवाज ने बदल दी राजेश खन्ना की जिद्द’: एक गाने ने रच दिया था इतिहास


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार राजेश खन्ना अपने करियर के चरम पर थे। उस समय उनके कई हिट गाने किशोर कुमार की आवाज में रिकॉर्ड हो रहे थे। राजेश खन्ना को यह विश्वास था कि किशोर कुमार उनकी सफलता की “लकी आवाज” हैं। लेकिन फिल्म ‘दो रास्ते’ के एक गाने को लेकर स्थिति बदल गई, जब संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत–प्यारेलाल ने अलग राय रखी।

    मखमली आवाज की तलाश और रफी की एंट्री
    म्यूजिक डायरेक्टर्स का मानना था कि इस खास गाने के लिए एक ऐसी आवाज चाहिए जो नरम, भावपूर्ण और रूहानी हो। इसी कारण उन्होंने मोहम्मद रफी को चुना। राजेश खन्ना इसके खिलाफ थे और उन्होंने किशोर कुमार की आवाज की जिद्द रखी, लेकिन संगीतकारों ने स्पष्ट कहा कि इस गाने के साथ सिर्फ रफी साहब ही न्याय कर सकते हैं।

    स्टूडियो में हुआ वो जादू जिसने सब बदल दिया
    जब मोहम्मद रफी ने स्टूडियो में “रेशमी जुल्फें” गाया, तो पूरा माहौल बदल गया। उनकी आवाज में ऐसा जादू था कि हर कोई मंत्रमुग्ध रह गया। रिकॉर्डिंग सुनने के बाद खुद राजेश खन्ना भी इस गाने के फैन बन गए। कहा जाता है कि इसी पल उन्होंने स्वीकार किया कि यह गाना सिर्फ रफी साहब की आवाज में ही सही लग सकता है।

    फिल्म, कास्ट और दिलचस्प किस्से
    फिल्म के लिए पहले संजय खान को अप्रोच किया गया था, लेकिन बाद में यह रोल संजय खान से हटकर राजेश खन्ना को मिला। फिल्म में मुमताज पहली बार बतौर लीड ए-ग्रेड अभिनेत्री नजर आईं और उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।

    रफी की विरासत और दीवानगी
    मोहम्मद रफी की आवाज का जादू ऐसा था कि संगीतकारों से लेकर दर्शकों तक हर कोई उनके गीतों का दीवाना था। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके अंतिम संस्कार में भारी बारिश के बावजूद हजारों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।

    यह किस्सा सिर्फ एक गाने का नहीं, बल्कि उस दौर की संगीत परंपरा और कलाकारों की समझ का प्रतीक है, जहां सही आवाज और सही भाव ही किसी गीत को अमर बना देते थे। “रेशमी जुल्फें” ने न सिर्फ राजेश खन्ना की सोच बदली, बल्कि मोहम्मद रफी की गायकी को एक और ऐतिहासिक ऊंचाई दी

  • ‘फिल्म इंडस्ट्री से दूरी जरूरी थी’ – भारत भाग्य विधाता से पहले कंगना रनौत का बड़ा बयान, जानिए वजह

    ‘फिल्म इंडस्ट्री से दूरी जरूरी थी’ – भारत भाग्य विधाता से पहले कंगना रनौत का बड़ा बयान, जानिए वजह


    नई दिल्ली। अपनी अपकमिंग फिल्म को लेकर चल रहे प्रमोशन के दौरान कंगना रनौत ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय तक रहने के बाद अक्सर कलाकार एक “बबल” में जीने लगते हैं, जहां वास्तविक जीवन से दूरी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपनी नई फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के किरदार में खुद को ढालना शुरू किया, तो उन्हें एहसास हुआ कि इस भूमिका को सही तरीके से निभाने के लिए वास्तविक जीवन के अनुभव जरूरी हैं।

    नर्स के किरदार ने बदला नजरिया
    कंगना इस फिल्म में एक नर्स का किरदार निभा रही हैं, जो 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि पर आधारित कहानी से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि यह किरदार केवल अभिनय नहीं, बल्कि “एक तरह की तपस्या” जैसा अनुभव था। उनके मुताबिक, मिडल क्लास बैकग्राउंड से आने के बावजूद लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री में रहने के कारण असल जिंदगी से दूरी बढ़ जाती है।

    राजनीति और आम लोगों से जुड़ाव का असर
    कंगना रनौत ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राजनीति से जुड़े रहने के कारण उन्हें आम लोगों से सीधे बातचीत का मौका मिला, जिससे उनके अभिनय में और गहराई आई। उनके अनुसार, एक कलाकार के लिए सिर्फ ग्लैमर नहीं बल्कि समाज की वास्तविकता को समझना भी जरूरी है।

    फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ पर चर्चा तेज
    फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म में कंगना का किरदार मुंबई हमलों के दौरान मेडिकल स्टाफ की भूमिका पर केंद्रित है। फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद दर्शकों में उत्सुकता बढ़ गई है और सोशल मीडिया पर इसे लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

    कंगना रनौत का कहना है कि वास्तविक जीवन से दूरी कभी-कभी कलाकारों के लिए जरूरी हो सकती है, ताकि वे अपने किरदारों को ज्यादा प्रामाणिक तरीके से निभा सकें। ‘भारत भाग्य विधाता’ के जरिए वह एक बार फिर गंभीर और संवेदनशील भूमिका में नजर आने वाली हैं।

  • FIFA World Cup के सबसे घातक स्ट्राइकर, जिनके गोल आज भी रिकॉर्ड हैं

    FIFA World Cup के सबसे घातक स्ट्राइकर, जिनके गोल आज भी रिकॉर्ड हैं


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 11 जून से USA, कनाडा और मैक्सिको में संयुक्त रूप से होने जा रहा है। यह टूर्नामेंट फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े आयोजनों में से एक होगा, जहां एक बार फिर दुनिया की नजरें दिग्गज खिलाड़ियों पर होंगी।

    लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के इस वर्ल्ड कप को आखिरी माना जा रहा है, जिससे टूर्नामेंट और भी ऐतिहासिक बन जाता है। वहीं डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना एक बार फिर खिताब बचाने उतरेगी।

    1. मिरोस्लाव क्लोस – 16 गोल (सबसे ऊपर)
    जर्मनी के दिग्गज स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोस वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2002 से 2014 के बीच 4 वर्ल्ड कप में 24 मैच खेलकर 16 गोल किए। उनकी खासियत रही लगातार प्रदर्शन, जिसमें 2002 और 2006 में 5-5 गोल शामिल हैं। यह रिकॉर्ड अब तक कोई नहीं तोड़ सका है।

    2. रोनाल्डो (ब्राजील) – 15 गोल
    रोनाल्डो, जिन्हें “फेनोमेनन” कहा जाता है, ने 1994 से 2006 के बीच 19 मैचों में 15 गोल किए। 2002 का वर्ल्ड कप उनके करियर का स्वर्णिम अध्याय रहा, जहां उन्होंने 8 गोल दागकर ब्राजील को चैंपियन बनाया।

    3. जस्ट फॉन्टेन – 13 गोल (एक टूर्नामेंट में रिकॉर्ड)
    जस्ट फॉन्टेन ने 1958 वर्ल्ड कप में इतिहास रच दिया। उन्होंने सिर्फ 6 मैचों में 13 गोल दागे, जो किसी एक संस्करण में सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड है। यह उपलब्धि आज भी लगभग अटूट मानी जाती है।

    4. लियोनेल मेसी – 13 गोल
    लियोनेल मेसी ने 2006 से 2022 तक वर्ल्ड कप में 13 गोल किए। 2022 का वर्ल्ड कप उनके करियर का सबसे यादगार टूर्नामेंट रहा, जहां उन्होंने 7 गोल करते हुए अर्जेंटीना को चैंपियन बनाया।

    5. किलियन एमबाप्पे – 12 गोल (और बढ़ रहा है)
    किलियन एमबाप्पे ने अब तक सिर्फ 14 मैचों में 12 गोल दागे हैं। 2018 और 2022 वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन शानदार रहा, खासकर 2022 में उन्होंने 8 गोल कर गोल्डन बूट अपने नाम किया और फाइनल में हैट्रिक लगाई।

     गोलों की रफ्तार ही बनाती है दिग्गज
    वर्ल्ड कप इतिहास में ये खिलाड़ी सिर्फ गोल स्कोरर नहीं बल्कि मैच विनर रहे हैं। 2026 वर्ल्ड कप में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या एमबाप्पे या कोई नया स्टार इस रिकॉर्ड लिस्ट को बदल पाता है या नहीं।

  • राज्यसभा रेस में कमलनाथ का नाम सबसे आगे, सियासी हलचल तेज

    राज्यसभा रेस में कमलनाथ का नाम सबसे आगे, सियासी हलचल तेज


    मध्यप्रदेश  मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया 8 जून तक पूरी होनी है। इनमें से दो सीटें भारतीय जनता पार्टी के पास हैं, जबकि एक सीट पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दावा है।इसी एक सीट को लेकर कांग्रेस के भीतर जबरदस्त सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। दिल्ली से लेकर भोपाल तक बैठकों का दौर जारी है और अगले दो दिनों में उम्मीदवारों के नाम तय होने की संभावना जताई जा रही है।

    कमलनाथ रेस में सबसे आगे, दिल्ली का फैसला निर्णायक
    सूत्रों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ राज्यसभा उम्मीदवारों की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान करेगा, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी की भूमिका अहम होगी। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहले ही तीसरी बार राज्यसभा जाने से इनकार कर चुके हैं, लेकिन पार्टी नेतृत्व यदि चाहे तो उनके नाम पर भी अंतिम निर्णय संभव है।

    जातीय समीकरणों पर भी कांग्रेस का फोकस
    इस बार कांग्रेस केवल वरिष्ठता नहीं, बल्कि जातीय संतुलन को भी ध्यान में रखकर उम्मीदवार तय करने की रणनीति बना रही है। पार्टी OBC, SC, ST और सामान्य वर्ग से संतुलित प्रतिनिधित्व देने पर विचार कर रही है। इस सूची में पूर्व मंत्री अरुण यादव, सज्जन सिंह वर्मा, कमलेश्वर पटेल समेत कई नामों पर चर्चा चल रही है।

    पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी भी चर्चा में
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी हालांकि सार्वजनिक रूप से राज्यसभा की रेस से खुद को अलग बता चुके हैं, लेकिन पार्टी के अंदर उनकी सक्रियता और दिल्ली नेतृत्व से संपर्क को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के स्तर पर भी उनके नाम को लेकर समर्थन की बात सामने आ रही है।

    दिल्ली में होगा अंतिम फैसला
    कर्नाटक में नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद कांग्रेस मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक होने की संभावना है। इसी बैठक में मध्यप्रदेश राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है। पार्टी रणनीति यह भी है कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सभी वर्गों को साधते हुए उम्मीदवारों का चयन किया जाए।

    मध्यप्रदेश में राज्यसभा सीट को लेकर कांग्रेस के भीतर घमासान तेज है। कमलनाथ सबसे आगे जरूर माने जा रहे हैं, लेकिन अंतिम निर्णय पूरी तरह दिल्ली नेतृत्व के हाथ में है। जातीय समीकरण और राजनीतिक संतुलन इस फैसले में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

  • भोपाल में बड़ी समीक्षा बैठक: जल जीवन मिशन को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य, केंद्र से मिलेंगे 5000 करोड़

    भोपाल में बड़ी समीक्षा बैठक: जल जीवन मिशन को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य, केंद्र से मिलेंगे 5000 करोड़


    भोपाल । डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रदेश में पेयजल आपूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जल प्रबंधन को केवल ट्यूबवेल आधारित व्यवस्था से आगे बढ़ाकर सतत जल स्रोतों की दिशा में मजबूत किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में जल जीवन मिशन का लक्ष्य मार्च 2028 तक हर घर तक नल से जल पहुंचाना है। इसके लिए केंद्र सरकार से लगभग 5000 करोड़ रुपये की सहायता मिलने जा रही है, जिससे योजनाओं को नई रफ्तार मिलेगी।

    प्रदेश में 80% कार्य पूरा, 1.11 करोड़ परिवारों को मिला नल कनेक्शन
    बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में जल जीवन मिशन का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। अब तक 1 करोड़ 11 लाख से अधिक परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। राज्य के 14,200 गांवों को ‘हर घर जल’ घोषित किया गया है। दिसंबर 2023 से अब तक 16.50 लाख नए नल कनेक्शन जोड़े गए हैं, जबकि 15,238 नए नलकूप और हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। उज्जैन संभाग सहित 11 जिलों में 100 प्रतिशत कार्य पूरा होने की उपलब्धि भी दर्ज की गई है।

    सीएम का सख्त संदेश: “सिर्फ आंकड़ों में नहीं, जमीन पर दिखे काम”
    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेताया कि योजनाओं की प्रगति केवल रिपोर्टों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा—“हवा में मत रहिए, जमीन पर काम दिखना चाहिए।” उन्होंने विशेष रूप से सीवेज प्रबंधन पर ध्यान देने की बात कही और इंदौर में गंदगी की स्थिति को लेकर असंतोष भी जताया। उन्होंने कहा कि अब राज्य में जल संरक्षण के लिए तालाब, सरोवर निर्माण और जल रिचार्जिंग को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि भूजल स्तर स्थिर रहे और ट्यूबवेल पर निर्भरता घटे।

    नई योजना: जल निगम का नाम बदलेगा, सीवेज पर भी फोकस
    सरकार ने निर्णय लिया है कि मध्यप्रदेश जल निगम का नाम बदलकर “जल एवं सीवेज प्रबंधन निगम” किया जाएगा। इससे स्पष्ट होगा कि संस्था अब केवल पेयजल नहीं, बल्कि सीवेज प्रबंधन पर भी समान रूप से काम करेगी। इसके साथ ही इंदौर और इंदौर जैसे मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों के लिए सतही जल प्रबंधन योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

    नवाचार और जनभागीदारी पर जोर
    बैठक में बताया गया कि राज्य ने बोरवेल सुरक्षा के लिए कानून बनाकर देश में उदाहरण पेश किया है। साथ ही सौर और पवन ऊर्जा आधारित जल परियोजनाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। जल संरक्षण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले गांवों और पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। अक्टूबर 2026 में राज्य स्तरीय जल उत्सव आयोजित करने की योजना भी तैयार है।

    वैज्ञानिक सहयोग और तकनीकी सुधार
    जल प्रबंधन में वैज्ञानिक सहयोग के लिए MAPCAST की विशेषज्ञता ली जाएगी। साथ ही 155 प्रयोगशालाओं को NABL प्रमाणन मिल चुका है, जिससे पानी की गुणवत्ता जांच प्रणाली मजबूत हुई है।

    प्रदेश सरकार का फोकस अब केवल जल आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक जल संरक्षण, सीवेज प्रबंधन और शहरी जल योजना पर भी है। केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों से जल जीवन मिशन को तय समय सीमा में पूरा करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है।

  • आज का राशिफल: सिंह राशि के लिए शुभ संकेत, कई राशियों को मिलेगा लाभ

    आज का राशिफल: सिंह राशि के लिए शुभ संकेत, कई राशियों को मिलेगा लाभ


    नई दिल्ली । 3 जून 2026 का राशिफल बताता है कि सिंह राशि वालों के लिए दिन शुभ रहेगा और खुशखबरी मिलने के संकेत हैं। अन्य राशियों के लिए भी करियर, धन और रिश्तों में मिले-जुले परिणाम रहेंगे।

    मेष राश
    आज आत्मविश्वास बढ़ेगा और कार्यों में गति आएगी। भाग्य का सहयोग मिलेगा। करियर में प्रगति के संकेत हैं और सम्मान बढ़ सकता है।

    वृषभ राशि
    धोखे और गलत लोगों से सावधान रहें। निर्णय सोच-समझकर लें। स्वास्थ्य और कार्यों में सतर्कता जरूरी है।

    मिथुन राशि
    कारोबार और साझेदारी में लाभ के योग हैं। नए प्रस्ताव मिल सकते हैं और रिश्तों में मजबूती आएगी।

    कर्क राशि
    कार्यस्थल पर मेहनत अधिक करनी होगी। अनजान लोगों से दूरी रखें और काम समय पर पूरा करें।

    सिंह राशि
    आज का दिन बेहद शुभ रहेगा। मित्रों और सहयोगियों का साथ मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और कोई शुभ सूचना मिल सकती है। खुशखबरी मिलने के संकेत हैं।

    कन्या राशि
    अहंकार और जिद से बचें। पारिवारिक मामलों में संयम रखें और संबंधों को सुधारने पर ध्यान दें।

    तुला राशि
    कामकाज संतुलित रहेगा। आर्थिक लाभ के योग बनेंगे और सामाजिक संपर्क मजबूत होंगे।

    वृश्चिक राशि
    परिवार में शुभ कार्यों की संभावना है। रिश्तों में सुधार होगा और माहौल सकारात्मक रहेगा।

    धनु राशि
    रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। मान-सम्मान बढ़ेगा और पारिवारिक सहयोग मिलेगा।

    मकर राशि
    वित्तीय मामलों में सावधानी रखें। निवेश से पहले सोच-विचार जरूरी है। जल्दबाजी से बचें।

    कुंभ राशि
    आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी और मान-सम्मान बढ़ेगा।

    मीन राशि
    कामकाज में तेजी आएगी। आय में वृद्धि के संकेत हैं और नए अवसर मिल सकते हैं।

  • ढीली हो गई है जींस? बिना टेलर के घर पर ऐसे पाएं फिर से परफेक्ट फिटिंग

    ढीली हो गई है जींस? बिना टेलर के घर पर ऐसे पाएं फिर से परफेक्ट फिटिंग

    नई दिल्ली । जींस आज के दौर में लगभग हर व्यक्ति की वॉर्डरोब का अहम हिस्सा बन चुकी है। चाहे ऑफिस जाना हो, कॉलेज की क्लास अटेंड करनी हो, दोस्तों के साथ घूमने का प्लान हो या फिर किसी छोटी यात्रा पर निकलना हो, जींस हर अवसर पर आराम और स्टाइल का बेहतरीन मेल प्रदान करती है। इसकी खासियत यही है कि यह लंबे समय तक इस्तेमाल की जा सकती है, लेकिन लगातार पहनने और बार-बार धोने के कारण इसकी फिटिंग धीरे-धीरे प्रभावित होने लगती है। कई बार पसंदीदा जींस इतनी ढीली हो जाती है कि उसे पहनने का मन नहीं करता, जबकि वह अभी भी अच्छी स्थिति में होती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार डेनिम फैब्रिक समय के साथ अपने मूल आकार में बदलाव महसूस कर सकता है। शरीर की गतिविधियों, लगातार खिंचाव और नियमित उपयोग के कारण कपड़े के रेशे थोड़े फैल जाते हैं। यही वजह है कि नई जींस कुछ महीनों बाद पहले जैसी फिट महसूस नहीं होती। कई लोग इस समस्या का समाधान टेलरिंग के जरिए ढूंढ़ते हैं, लेकिन हर बार कपड़े में बदलाव करवाना जरूरी नहीं होता। कुछ आसान घरेलू उपायों की मदद से भी फिटिंग में सुधार लाया जा सकता है।

    ऐसा ही एक तरीका ठंडे पानी का उपयोग है, जिसे कई लोग डेनिम केयर के लिए अपनाते हैं। माना जाता है कि बहुत ठंडा पानी कुछ प्रकार के फैब्रिक को अपनी मूल संरचना के करीब लौटने में मदद कर सकता है। इसके लिए किसी बड़ी बाल्टी या टब में पर्याप्त मात्रा में पानी भरकर उसमें बर्फ के टुकड़े डाल दिए जाते हैं। जब पानी पूरी तरह ठंडा हो जाए तो जींस को उसमें अच्छी तरह डुबोकर कुछ समय के लिए छोड़ दिया जाता है। इसके बाद जींस को निकालकर अतिरिक्त पानी हल्के हाथों से निचोड़ा जाता है और सीधी धूप की बजाय छांव में सुखाया जाता है।

    जींस पूरी तरह सूखने के बाद कई लोगों को उसकी फिटिंग में हल्का बदलाव महसूस हो सकता है। हालांकि यह तरीका हर प्रकार के डेनिम या हर ब्रांड की जींस पर एक जैसा असर नहीं दिखाता, क्योंकि कपड़े की गुणवत्ता और उसमें इस्तेमाल किए गए फैब्रिक मिश्रण का प्रभाव भी महत्वपूर्ण होता है। फिर भी यह एक ऐसा उपाय है जिसे बिना किसी अतिरिक्त खर्च के घर पर आजमाया जा सकता है। खास बात यह है कि इसमें जींस को काटने, सिलने या स्थायी बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ती।

    फैशन विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि जींस की फिटिंग लंबे समय तक बनाए रखने के लिए उसे जरूरत से ज्यादा बार न धोएं और हमेशा देखभाल संबंधी निर्देशों का पालन करें। सही तरीके से धुलाई और सुखाने की आदतें डेनिम की उम्र बढ़ाने में मदद करती हैं। इसके अलावा अत्यधिक गर्म पानी और तेज ड्रायर का उपयोग करने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे कपड़े की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

    अगर आपकी पसंदीदा जींस ढीली हो गई है और आप उसकी फिटिंग सुधारना चाहते हैं, तो यह आसान घरेलू तरीका उपयोगी साबित हो सकता है। सही देखभाल के साथ आपकी जींस लंबे समय तक बेहतर फिटिंग और आकर्षक लुक बनाए रख सकती है।

  • फिटनेस का नया फॉर्मूला: बिना बाहर निकले रोजाना 10,000 कदम चलने का आसान रूटीन

    फिटनेस का नया फॉर्मूला: बिना बाहर निकले रोजाना 10,000 कदम चलने का आसान रूटीन

    नई दिल्ली । आधुनिक जीवनशैली में व्यस्तता इतनी बढ़ गई है कि लोगों के लिए नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निकालना चुनौती बनता जा रहा है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, सीमित शारीरिक गतिविधि और अनियमित दिनचर्या कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ और फिटनेस प्रशिक्षक अक्सर लोगों को रोजाना अधिक चलने-फिरने की सलाह देते हैं। इसी क्रम में प्रतिदिन 10,000 कदम चलने का लक्ष्य लंबे समय से फिटनेस जगत में लोकप्रिय माना जाता रहा है। माना जाता है कि यह आदत शरीर को सक्रिय रखने और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार नियमित रूप से पर्याप्त कदम चलना हृदय स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में सहायक होता है। इसके अलावा यह शरीर में रक्त संचार को बेहतर करता है और अतिरिक्त कैलोरी खर्च करने में मदद करता है। रोजाना सक्रिय रहने से वजन नियंत्रित रखने, मांसपेशियों को मजबूत बनाने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में भी सहायता मिल सकती है। यही कारण है कि कई लोग अपने दैनिक कदमों की संख्या को ट्रैक करने के लिए स्मार्टवॉच या फिटनेस बैंड का उपयोग करते हैं। हालांकि व्यस्त दिनचर्या, खराब मौसम, प्रदूषण या अन्य कारणों से कई लोगों के लिए बाहर जाकर नियमित वॉक करना संभव नहीं हो पाता।

    इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए फिटनेस कोच रीत कौर ने एक ऐसा इनडोर रूटीन साझा किया है, जिसके जरिए घर के अंदर ही 10,000 कदम पूरे किए जा सकते हैं। उनके अनुसार यदि कोई व्यक्ति लगभग 65 मिनट तक लगातार सक्रिय रहते हुए हर मिनट करीब 167 कदम की औसत गति बनाए रखता है, तो वह अपना दैनिक लक्ष्य हासिल कर सकता है। इस तरह का इनडोर वॉकिंग रूटीन उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जो घर से काम करते हैं, जिनके पास पार्क या खुली जगह उपलब्ध नहीं है या जो मौसम की वजह से बाहर नहीं जा पाते।

    घर के अंदर चलने को अधिक रोचक बनाने के लिए लोग अलग-अलग गतिविधियों को भी शामिल कर सकते हैं। जैसे संगीत सुनते हुए चलना, टीवी देखते समय वॉक करना या घर के विभिन्न हिस्सों में निर्धारित समय तक लगातार घूमना। इससे एक ही स्थान पर चलने से होने वाली बोरियत कम हो सकती है और नियमितता बनाए रखना आसान हो सकता है। साथ ही छोटे-छोटे अंतराल में दिनभर चलने की आदत भी कुल कदमों की संख्या बढ़ाने में मदद करती है।

    फिटनेस विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि केवल कदमों की संख्या ही स्वास्थ्य का एकमात्र पैमाना नहीं है। संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और तनाव प्रबंधन भी स्वस्थ जीवनशैली के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। फिर भी नियमित रूप से अधिक चलना एक ऐसी आदत है जिसे लगभग हर आयु वर्ग का व्यक्ति अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकता है। यही कारण है कि दैनिक वॉकिंग को फिटनेस बनाए रखने के सबसे सरल और प्रभावी उपायों में गिना जाता है।

    रोजाना 10,000 कदम चलने का लक्ष्य लोगों को अधिक सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर सकता है। चाहे बाहर खुली हवा में वॉक हो या घर के भीतर किया गया इनडोर रूटीन, नियमित शारीरिक गतिविधि लंबे समय में बेहतर स्वास्थ्य और फिटनेस की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।