सौर कणों से खतरा और 24 घंटे निगरानी
मंगल पर परसीवरेंस रोवर देगा एडवांस वार्निंग
Orion यान में रेडिएशन सुरक्षा

आर अश्विन ने सोशल मीडिया पर संजय सैमसन को ग्राउंड फील्डिंग का अभ्यास दिखाया। सैमसन के फील्डिंग कोच जेम्स फोस्टर के साथ आउटफील्ड में कैच पकड़ने का अभ्यास कर रहे थे। पोस्ट के चिप्स में अश्विन ने लिखा, “संकेत हैं या चीजें धीरे-धीरे-धीरे-धीरे आसान हो रही हैं।” इस संदेश के बीच चर्चा का एक नया विषय बन गया है और कई लोगों का मानना है कि यह सुझाव देता है कि इस सीजन में धोनी फिर से विकेट के पीछे रह सकते हैं।
नमूना या आउटफील्डर?
आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले माना जा रहा था कि सीएसके में संजू सैमसन विकेटकीपिंग की भूमिका हो सकती है, जबकि एमएस धोनी को इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर मैदान पर उतारा जा सकता है। लेकिन अब अश्विन की पोस्ट के मुताबिक, खास बात यह है कि धोनी इस बार भी विकेटकीपिंग करेंगे और सैमसन आउटफील्डर की टीम मजबूत होगी।
संजू का फील्डिंग कौशल
विकेटकीपिंग के अलावा संजू सैमसन बेहतरीन फील्डर के रूप में जाने जाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय मैचों में भी उन्होंने डीपी में एथलेटिक और पेशेवर फील्डिंग का प्रदर्शन किया है। उनके पास लंबे समय तक कैच लेने और दबाव में शानदार प्रदर्शन करने का अनुभव है। इस कारण से, आउटफील्डर के रूप में उनके पास सीएसके के लिए बहुत बढ़िया साबित हो सकता है।
टी20 विश्व कप 2026 का अनुभव
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाने में संजू सैमसन की अहम भूमिका रही थी। इस अनुभव का प्रदर्शन और इसके बाद उनकी सीएसके टीम में एंट्री ने टीम के टॉप-क्रम प्लेटफॉर्म को पहले से मजबूत और खतरनाक बना दिया है। उनकी चुनौतीपूर्ण शैली और रणनीति टीम को अधिक लचीला और खतरनाक बनाने में मदद मिलेगी।
सीएसके के लिए प्रतिष्ठित लाभ
अगर संजू सैमसन आउटफील्डर की भूमिका में प्रतियोगी हैं, तो इससे टीम को उनकी बल्लेबाजी और मैदान पर उनके सहयोगियों का सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। इससे धोनी को भी विकेटीपिंघ और विद्वान में ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा। ऐसे में टीम को पुराने और आक्रामक विकल्प मिलेंगे, जो सीज़न के दौरान कई मुकाबलों में आखिरी साबित हो सकते हैं।

ऐसे डिज़ाइनर की मदद के लिए आगे आई थीं रवीना
एशले ने हाल में अविनाश त्रिपाठी के साथ बातचीत में बताया कि उन्होंने आमिर खान की फिल्म जो जीता वही सिकंदर के एक्टर्स के आउटफिट्स के लिए काम किया था। बाद उन्हें अच्छा काम नहीं मिला तो वो प्रोडक्शन के काम से जुड़ गए। इसी दौरान उनकी मुलाकात रवीना टंडन से हुई। एशले ने बताया कि वो एक ऐड शूट के दौरा रवीना से मिले। आखिरी मिनट पर उन्होंने ही रवीना के फेल हुए डिज़ाइनर आउटफिट को फिक्स किया। रवीना उस समय जानती नहीं थीं कि वो वही एशले रेबोलो हैं जिन्होंने जो जीता वही सिकंदर के लिए काम किया था। एशले ने बताया कि उन्हें अच्छा काम नहीं मिल रहा है। तब रवीना ने कहा था कि उन्हें लोगों का इंतजार नहीं करना चाहिए कि वो काम देंगे, उन्हें मांग लेना चाहिए। रवीना की ये बातें सुन एशले ने उन्हीं से काम मांग लिया। इसके बाद उन्हें रवीना के डिज़ाइनर के तौर पर फिल्म अंदाज अपना अपना मिली।
रवीना के आउटफिट पर नजर रखती थीं करिश्मा
फिल्म अंदाज अपना अपना के लिए एशले ने ही रवीना के आउटफिट डिज़ाइन किए थे। इसी फिल्म में करिश्मा कपूर भी हीरोइन थीं। एशले ने कहा कि उस समय करिश्मा अपनी टीम में से किसी को रवीना का कॉस्टयूम चेक करने के लिए भेजती थीं। एशले ने कहा कि करिश्मा पता करती थीं कि रवीना के आउटफिट क्या है, उन्हें किसने डिज़ाइन किया है, क्या बनाया गया है। उसके बाद वो अपने स्टाइलिश को ये सब नोट करने को कहती थीं। एशले ने बताया कि उस फिल्म में रवीना बहुत सुंदर लग रही थीं। उन्हें नहीं पता था कि इसके बाद वो करिश्मा कपूर के साथ भी कई फिल्मों में साथ काम करेंगे।
आमिर ने कही थीं दोनों एक्ट्रेसेज के बीच टेंशन की बात
बता दें, अंदाज अपना अपना की शूटिंग के दौरान रवीना और करिश्मा के बीच का विवाद सेट पर मौजूद सभी लोगों को पता चल गया था। आमिर खान ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि वो अकेले एक्टर थे जो शूटिंग के लिए सेट पर टाइम पर आते थे। उन्होंने बताया कि उस रवीना-करिश्मा के बीच दिक्कतें चल रही थीं। हालांकि, दोनों एक्ट्रेसेज ने इस बारे में कभी खुलकर बात नहीं की। रवीना ने फराह के व्लॉग में उस समय को बचपना बताया था।

जनरल अनिल चौहान जो देश के दूसरे सीडीएस हैं लगभग चार वर्षों से इस पद पर कार्यरत हैं और उनका विस्तारित कार्यकाल मई के अंत में खत्म होगा। वहीं नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी भी 62 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद मई के अंत तक सेवानिवृत्त हो जाएंगे। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी 30 जून को 62 वर्ष की अधिकतम आयु पूरी कर पद छोड़ेंगे।
इसी क्रम में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर कामत भी 31 मई को रिटायर होने जा रहे हैं। हालांकि वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह का कार्यकाल अभी जारी रहेगा जो इस वर्ष अक्टूबर में समाप्त होगा।
रक्षा मंत्रालय के संशोधित नियमों के अनुसार नए सीडीएस के चयन के लिए पात्रता का दायरा बढ़ाया गया है। तीनों सेनाओं के वे सभी थ्री स्टार अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एयर मार्शल और वाइस एडमिरल जो वर्तमान में सेवारत हैं या पिछले दो वर्षों में रिटायर हुए हैं इस पद के लिए योग्य माने जाएंगे। हालांकि चयन के समय उनकी आयु 62 वर्ष से कम होना अनिवार्य है।
सरकार के पास करीब 150 से अधिक अधिकारियों का विकल्प मौजूद है जिनमें से नए सीडीएस का चयन किया जाएगा। संभावना है कि अप्रैल के अंत तक कैबिनेट की नियुक्ति समिति इस पर अंतिम निर्णय ले लेगी।

दक्षिण अफ्रीका की मजबूत शुरुआत
दक्षिण अफ़्रीका ने टेस्ला पर पहली बार फ़्लोटिंग करने का निर्णय लिया और 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 159 रन बनाए। टीम की ओर से एनेरी डर्कसेन ने 32 स्ट्राइकर, 8 स्टील और 1 बॉलर की मदद से सबसे ज्यादा 55 रन बनाए। सबसे बड़ी बल्लेबाज सुने लुस ने 30 रन बनाए, दूसरा टॉप स्कोरर रही। हालाँकि न्यूजीलैंड की ओर से दक्षिण अफ्रीका को समयबद्ध नियंत्रण प्रदान किया गया।
न्यूज़ीलैण्ड की नोटबुक
न्यूजीलैंड के जेस केर ने 4 ओवर में केवल 16 रन देकर 3 विकेट झटके, जिससे मैच में निर्णायक मोड़ आ गया। कैप्टन एमेलिया केर और सोफी डिवेन को 1-1 विकेट मिला, समर्पित टीम ने महत्वपूर्ण सफलताएं दिलाईं। जेस केर की शानदार गेंदबाजी के दम पर न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका तक का स्कोर सीमित रखा।
लक्ष्य का सफल पीछा
160 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड ने 18.3 ओवर में 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। सोफी डिवेन ने इस जीत में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 34 गेंदों में 64 रन बनाए, जिसमें 6 सिल्विया और 4 सेल्स शामिल थे। इसके अलावा कैप्टन एमेलिया केर ने 31 और जॉर्जिया प्लिमर ने 29 रन का योगदान दिया। ब्रुक हैलिडे 16 और मैडी ग्रीन 9 रन रेस्टेड रिले, जिससे टीम ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया।
दक्षिण अफ्रीका का प्रयास
दक्षिण अफ्रीका की ओर से क्लो ट्रायोन ने 2 विकेट लिए, जबकि एनेरी डर्कसेन और एन माल्बा को 1-1 सफलता मिली। हालाँकि टीम की ओर से न्यूजीलैंड के माउंट बोल्ट को दौरे में सफलता नहीं मिली।
प्लेयर ऑफ द मैच और आगामी मुकाबला
इस क्लब के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के लिए जेस केर को चुना गया, उन्होंने अपनी टीम को मजबूती से आगे बढ़ाया और बढ़त हासिल की। सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला 25 मार्च को हेग्ले ओवल, क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा, जिसमें न्यूजीलैंड सीरीज को अपना नाम देने की पूरी कोशिश की जाएगी।
महिला और पुरुष टीमों का शानदार प्रदर्शन
इस समय दक्षिण अफ्रीका की महिला और पुरुष टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर हैं, जहां वे 5-5 टी20 मैच खेल रही हैं। महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले ही सीरीज में 3-1 की बढ़त बना ली है। वहीं, पुरुष टीम ने भी 2-1 से अहम बढ़त हासिल कर ली है, जिससे दोनों ही न्यूजीलैंड चैंपियनशिप के घरेलू प्रदर्शन पर नजरें टिकी हुई हैं।

भारत की रिफाइनरियों की तैयारी
भारत का ईरान से तेल आयात इतिहास

मृतक की पत्नी उपिंदर कौर ने अपनी शिकायत में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, पिछले कई महीनों से वेयरहाउस टेंडर के आवंटन को लेकर उनके पति पर भारी दबाव बनाया जा रहा था। आरोपी उन पर नियमों के विरुद्ध जाकर अपने पक्ष में टेंडर अलॉट करने का दबाव डाल रहे थे। आरोप है कि पूर्व मंत्री और उनके सहयोगियों ने रंधावा के साथ मारपीट की और उन पर पिस्तौल से वार भी किया। उन्हें इस हद तक अपमानित किया गया कि वे टूट गए।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि रंधावा को बंदूक की नोक पर एक झूठा वीडियो बयान रिकॉर्ड करने के लिए मजबूर किया गया था। रंधावा को धमकाया गया था कि यदि उन्होंने बात नहीं मानी, तो गैंगस्टरों के जरिए उन्हें और उनके बच्चों को नुकसान पहुंचाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर आया आखिरी वीडियो
लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर रंधावा ने शनिवार तड़के करीब 5:30 बजे जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। अपनी मृत्यु से ठीक पहले उन्होंने एक छोटा वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसी वीडियो और पत्नी के बयानों को पुलिस ने जांच का मुख्य आधार बनाया है।
विपक्ष ने खोला मोर्चा
इस घटना के बाद पंजाब की विपक्षी पार्टियों ने ‘आप’ सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने रंजीत एवेन्यू स्थित रंधावा के आवास पर जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। विपक्षी दलों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और रविवार को मुख्यमंत्री आवास के बाहर बड़े विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। रंधावा की आत्महत्या ने राज्य में भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जोकोविच के रिकॉर्ड के बराबर
इस जीत के साथ सिनर ने दिग्गज नोवाक जोकोविच के एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड की प्रशंसा कर ली है। नवंबर में पेरिस मास्टर्स और इंडियन वेल्स में खिताबी जीत दर्ज करने के बाद, सिनर अब एटीपी मास्टर्स 1000 इवेंट में लगातार 24 सेट जीतने वाले खिलाड़ियों की सूची में जोकोविच के साथ बने हुए हैं। यह उपलब्धि उनकी ऑटोमोबाइल और साइकोलोजी का प्रमाण है।
तीसरे दौर में चुनौती
अब सिनर का मुकाबला तीसरे राउंड में 30वें सीड कोरेंटिन माउटेट से है। इस मैच में पहले सेट की जीत के साथ ही सिनर के पास जोकोविच से आगे का मौका मिलेगा। जोकोविच ने हाल ही में टॉमस माचाक को 6-0, 1-6, 6-4 से मात दी, जिससे इस स्कोरर के लिए चुनौती और भी बढ़ गई।
सिनर की प्रतिक्रिया
मैच के बाद सिनर ने कहा, “मुझे लगता है कि कभी-कभी स्कोरबोर्ड का महत्व होता है, लेकिन मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैं एक खिलाड़ी के रूप में हमेशा के लिए बेहतर बन गया हूं। मैं हर विरोधी के साथ समान व्यवहार करता हूं और अदालत पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की पूरी कोशिश करता हूं।” उनके इस सामान और खेल भावना ने दर्शकों को भी प्रभावित किया।
मियामी में दूसरा खिताब और ‘सनशाइन डबल’ की कोशिश
सिनर मियामी ओपन में अपना दूसरा खिताब की तैयारी कर रहे हैं। इससे पहले 2024 में उन्होंने यह खिताब जीता था। इस बार, उनके पास के साउथ फ्लोरिडा में किसी एटीपी रैंकिंग प्वाइंट जमावड़े की जरूरत नहीं है, जिससे उन्हें विश्व के नंबर 1 खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज के साथ अपने इवेंट में मोमेंटम बनाने का मौका मिल रहा है। इंडियन वेल्स में अपनी 2026 की पहली ट्रॉफी के बाद, सिनर 2017 में रोजर फेडरर के बाद ‘सनशाइन डबल’ पूरा करने वाले पहले खिलाड़ी बनने की कोशिश कर रहे हैं।
एटीपी मास्टर्स 1000 में अलेक्जेंडर शेवचेंको की जीत
दूसरी ओर, कजाकिस्तान के खिलाड़ी अलेक्जेंडर शेवचेंको ने बेन शेल्टन को मात देकर शानदार वापसी की। 6-7(3), 7-6(3), 6-3 के साथ उन्होंने तीसरे टॉप-10 में जीत दर्ज की और फ्लोरिडा में सबसे बड़े टूर्नामेंट में शेल्टन को 1-4 से हराया। शेवचेंको की यह जीत एटीपी मास्टर्स 1000 में उनके स्थिर प्रदर्शन का परिचय है।
उत्साहवर्धक मुकाबलों का दौर जारी
मियामी ओपन में अभी भी कई मनोरंजक सुपरस्टार्स हैं और प्रशंसकों को जानिक सिनर, कोरेंटिन माउटेट, अलेक्जेंडर शेवचेंको जैसे खिलाड़ियों के हाई वोल्टेज टेनिस देखने को मिलेंगे। इस टूर्नामेंट में रिकॉर्ड्स टूट रहे हैं और नए रिकॉर्ड सामने आ रहे हैं।

वार्ता के ईरानी ब्योरे के अनुसार, पेजेश्कियन ने भारत से आग्रह किया कि वह ब्रिक्स (BRICS) के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की शत्रुता को रोकने के लिए अपनी स्वतंत्र भूमिका का लाभ उठाए।
आपको बता दें कि ब्रिक्स दुनिया की पांच सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है। ब्रिक्स के सदस्य देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। वर्ष 2024 में समूह में विस्तार के बाद अब इसके सदस्य देशों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। नए सदस्यों में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
परमाणु हथियारों के पक्ष में नहीं थे खामेनेई
ब्योरे के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने उस अमेरिकी दावे को खारिज कर दिया कि अमेरिका ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए उसके खिलाफ सैन्य हमला शुरू किया था। ब्योरे में कहा गया है कि पेजेश्कियन ने इस बात पर भी जोर दिया कि दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने परमाणु हथियारों का दृढ़ता से विरोध किया था और उनके विकास की दिशा में किसी भी कदम को प्रतिबंधित करने के लिए प्रशासनिक और धार्मिक दोनों तरह के निर्देश जारी किए थे।
पीएम मोदी ने दी ईद की बधाई
ईरान के राष्ट्रपति के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें ईद और नवरोज की शुभकामनाएं दीं और आशा जताई कि त्योहार का यह मौसम पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाए। प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ”राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से बात की और ईद एवं नवरोज की शुभकामनाएं दीं। हमने आशा व्यक्त की कि त्योहार का मौसम पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाए।”
ईरान के समर्थन की सराहना
मोदी ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं। उन्होंने कहा, ”नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के महत्व को दोहराया कि जहाजरानी मार्ग खुले और सुरक्षित रहें।” प्रधानमंत्री ने ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए ईरान के निरंतर समर्थन की भी सराहना की।
मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच टेलीफोन पर यह दूसरी बातचीत थी। पश्चिम एशियाई गैस केंद्रों पर नए हमलों को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के मद्देनजर दोनों नेताओं के बीच यह वार्ता हुई।
अमेरिका-इजरायल को रोकना होगा
ईरान द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र से इतर विश्व नेताओं के साथ संवाद करने के लिए ईरान की निरंतर तत्परता को दोहराया जिसमें तेहरान की शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों की पुष्टि और निगरानी के लिए वार्ताएं शामिल हैं। वार्ता के ब्योरे के अनुसार, ”राष्ट्रपति ने पश्चिमी एशिया के देशों से मिलकर एक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा, जिसका उद्देश्य विदेशी हस्तक्षेप के बिना क्षेत्रीय सहयोग के माध्यम से क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करना है। ब्योरे के मुताबिक, ”उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि क्षेत्र में युद्ध और संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका और इजरायल द्वारा आक्रामकता का तत्काल समापन आवश्यक है।”
ब्रिक्स की भारत की अध्यक्षता का जिक्र करते हुए पेजेश्कियन ने समूह से ईरान के खिलाफ आक्रामकता रोकने और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शांति एवं स्थिरता की रक्षा करने में स्वतंत्र भूमिका निभाने का आह्वान किया। ईरान की ओर से जारी वार्ता के ब्योरे में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और फारस की खाड़ी में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।
ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने 12 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी को ईरान की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी थी और क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम पर अपना दृष्टिकोण साझा किया था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में उभर रही सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और भारत के इस रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से किया जाना चाहिए।
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने अपने पड़ोसी देशों और इजरायल को निशाना बनाया। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को भी नियंत्रित करता है, जो एक महत्वपूर्ण समुद्री परिवहन मार्ग है। इसके माध्यम से विश्व के 20 प्रतिशत ऊर्जा उत्पादों का परिवहन होता है। संघर्ष के बाद से, ईरान ने बहुत कम जहाजों को इससे गुजरने की अनुमति दी है। संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने कई देशों के नेताओं से भी बात की है। इनमें सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, फ्रांस और मलेशिया के नेता शामिल हैं।

ईटानगर राजधानी क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक न्येलम नेगा ने बताया कि असम पुलिस ने सूचना दी थी कि आरोपी ने वॉट्सऐप के जरिए मुख्यमंत्री को धमकी भरा संदेश भेजा था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। पूछताछ के दौरान डोर्नाल ने पुलिस को बताया कि उसने शराब की एक दुकान से पैसे का गबन किया था। जब दुकान मालिक ने उससे हिसाब मांगा, तो उसने असम के मुख्यमंत्री के आधिकारिक ईमेल पर पैसे की मांग करते हुए संदेश भेजा।
इंटरनेट से हासिल किया नंबर
पुलिस ने बताया कि जब उसे कोई जवाब नहीं मिला, तो उसने इंटरनेट से एक वॉट्सऐप नंबर हासिल कर मुख्यमंत्री को धमकी भरा संदेश भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच के लिए आरोपी को असम पुलिस के हवाले कर दिया गया है। एसपी नेगा ने लोगों से संयम बरतने और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी तरह का दुरुपयोग या कानून का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नामांकन भर चुके हैं हिमंता
गौरतलब है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा चुनाव के लिए जलुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया। सरमा ने नामांकन के दौरान कहा कि जनता का भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और उसी के सहारे वे आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने नामांकन से पहले खानापारा वेटरनरी मैदान से कामरूप (मेट्रो) के उपायुक्त कार्यालय तक एक विशाल रैली निकाली। इस रैली में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय लोग शामिल हुए। पूरे रास्ते में समर्थकों का उत्साह देखने लायक था और जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। इस मौके पर उन्होंने लोगों से समर्थन और आशीर्वाद की अपील भी की।
सरमा ने सोशल मीडिया पर साझा संदेश में कहाकि जलुकबाड़ी की जनता उनके परिवार की तरह है और उनके आशीर्वाद से ही वह नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं। उन्होंने अपनी मां के आशीर्वाद का जिक्र करते हुए कहा कि व्यस्तता के कारण भले ही वे उनके साथ अधिक समय नहीं बिता पाते, लेकिन उनकी मां का आशीर्वाद उन्हें लगातार असम की सेवा के लिए प्रेरित करता है। सरमा ने धार्मिक आस्था का भी उल्लेख किया और कहाकि मां कामाख्या और महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव के आशीर्वाद से उन्होंने यह नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने इसे अपने जीवन की एक महत्वपूर्ण राजनीतिक यात्रा बताते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।