Author: bharati

  • 31 मई की रात बनेगी यादगार, चांद दिखेगा छोटा और कम चमकीला; जानिए क्या है ब्लू माइक्रोमून

    31 मई की रात बनेगी यादगार, चांद दिखेगा छोटा और कम चमकीला; जानिए क्या है ब्लू माइक्रोमून


    नई दिल्ली। खगोल विज्ञान और अंतरिक्षीय घटनाओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए 31 मई 2026 की रात एक यादगार अनुभव लेकर आ रही है। आज रात आसमान में एक ऐसा दुर्लभ खगोलीय संयोग देखने को मिलेगा, जिसे वैज्ञानिक और खगोल प्रेमी समान रूप से विशेष मानते हैं। इस अवसर पर ‘ब्लू मून’ और ‘माइक्रोमून’ एक साथ दिखाई देंगे। यही वजह है कि इसे ‘ब्लू माइक्रोमून’ कहा जा रहा है। खास बात यह है कि यह वर्ष 2026 का सबसे छोटा पूर्णिमा का चंद्रमा भी होगा।

    नेशनल अवॉर्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के अनुसार ‘ब्लू मून’ शब्द को लेकर लोगों में अक्सर भ्रम रहता है। नाम में ब्लू यानी नीला शब्द होने के बावजूद चंद्रमा का रंग नीला नहीं होगा। खगोलीय परिभाषा के अनुसार जब किसी एक अंग्रेजी महीने में दो बार पूर्णिमा पड़ती है, तब दूसरी पूर्णिमा को ‘ब्लू मून’ कहा जाता है। मई 2026 में पहली पूर्णिमा 1 मई को हुई थी, जबकि दूसरी पूर्णिमा 31 मई को पड़ रही है। इसी कारण आज का पूर्ण चंद्रमा ब्लू मून कहलाएगा।

    इस दुर्लभ घटना को और भी खास बनाता है माइक्रोमून का संयोग। दरअसल आज चंद्रमा पृथ्वी से अपनी अधिकतम दूरी यानी एपोजी के आसपास रहेगा। इस दौरान पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी लगभग 4 लाख 6 हजार किलोमीटर तक पहुंच जाएगी। अधिक दूरी होने के कारण चंद्रमा सामान्य पूर्णिमा की तुलना में लगभग 5 से 7 प्रतिशत छोटा और करीब 10 प्रतिशत कम चमकीला दिखाई देगा। इसी स्थिति को खगोल विज्ञान में माइक्रोमून कहा जाता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि मंथली ब्लू मून और माइक्रोमून का एक साथ दिखाई देना बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना है। यही कारण है कि दुनियाभर के खगोल प्रेमियों की नजरें आज रात के आसमान पर टिकी हुई हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार आज अधिकमास की ज्येष्ठ पूर्णिमा है और चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित रहेगा। इसी वजह से इसे ‘स्कार्पियो ब्लू मून’ भी कहा जा रहा है।

    आज रात का एक और आकर्षण वृश्चिक तारामंडल का सबसे चमकीला लाल तारा ‘एंटारेस’ होगा। चंद्रमा इस तारे के बेहद करीब दिखाई देगा, जिससे आसमान का दृश्य और अधिक मनमोहक बन जाएगा। अच्छी बात यह है कि इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए किसी टेलिस्कोप या बाइनाकुलर की आवश्यकता नहीं होगी। साफ मौसम में यह दृश्य पूरी रात सामान्य आंखों से देखा जा सकेगा।

    खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार ब्लू मून की अगली प्रमुख घटनाएं 20 मई 2027 को सीजनल ब्लू मून, 31 दिसंबर 2028 को पूर्ण चंद्रग्रहण के साथ मंथली ब्लू मून और 24 अगस्त 2029 को सीजनल ब्लू मून के रूप में देखने को मिलेंगी। ऐसे में 31 मई 2026 की यह रात खगोल प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। आसमान में सजा यह दुर्लभ महासंयोग विज्ञान और प्रकृति के अद्भुत मेल का शानदार उदाहरण बनेगा।

  • देश के लिए पदक का सपना अधूरा रह गया: पैरा खिलाड़ी चिराग त्यागी की हत्या से खेल जगत स्तब्ध

    देश के लिए पदक का सपना अधूरा रह गया: पैरा खिलाड़ी चिराग त्यागी की हत्या से खेल जगत स्तब्ध


    नई दिल्ली। देश के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतने का सपना देख रहे युवा पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या ने पूरे खेल जगत को झकझोर कर रख दिया है। महज 24 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके चिराग की गाजियाबाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के खुलासे के बाद सामने आई जानकारी ने सभी को हैरान कर दिया, क्योंकि हत्या का आरोपी कोई और नहीं बल्कि उनका पुराना साथी और पैरा खिलाड़ी निकला।

    गाजियाबाद के मुरादनगर क्षेत्र के बसंतपुर सैंथली गांव निवासी चिराग त्यागी देश के उभरते हुए पैरा एथलीटों में गिने जाते थे। हाल ही में उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता की 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। इस जीत के साथ उन्होंने अक्टूबर में जापान में होने वाले पैरा एशियन गेम्स के लिए भी अपनी जगह लगभग सुनिश्चित कर ली थी। परिवार और गांव में उनकी सफलता का जश्न मनाया जा रहा था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह खुशी कुछ ही दिनों में मातम में बदल जाएगी।

    पुलिस के अनुसार साईं कुंज इलाके में एक युवक का शव मिलने की सूचना के बाद जांच शुरू की गई। घटनास्थल पर पहुंची टीम ने पाया कि चिराग को बेहद नजदीक से गोली मारी गई थी। शुरुआती जांच में हत्या की आशंका के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसकी पहचान यश खटीक के रूप में हुई।

    पूछताछ के दौरान यश खटीक ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस जांच में सामने आया कि यश भी पैरा एथलेटिक्स से जुड़ा खिलाड़ी है और पहले चिराग के साथ प्रशिक्षण लिया करता था। दोनों ब्लाइंड कैटेगरी की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे। आरोपी ने बताया कि कुछ समय पहले दस्तावेज सत्यापन से जुड़े एक मामले में चिराग ने उसके खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत के बाद उसका क्वालिफिकेशन रद्द हो गया और वह प्रतियोगिता से बाहर हो गया था। इसी बात को लेकर वह चिराग से नाराज चल रहा था और बदला लेने की योजना बना रहा था।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अवैध रूप से पिस्तौल की व्यवस्था की और मौका मिलते ही चिराग को निशाना बना दिया। हत्या के बाद वह फरार होने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की मदद से उसे जल्द ही पकड़ लिया गया।

    परिजनों के अनुसार चिराग घर से यह कहकर निकले थे कि वह हॉस्टल जा रहे हैं। काफी देर तक संपर्क न होने पर परिवार चिंतित हो गया था। इसी बीच पुलिस को एक शव मिलने की सूचना मिली और बाद में उसकी पहचान चिराग के रूप में हुई। इस खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

    पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्तौल की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी। मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

    चिराग त्यागी की असमय मौत ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे खेल समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक ऐसा खिलाड़ी, जो कुछ महीनों बाद जापान में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाला था, अब सिर्फ यादों में रह गया है।

  • IPL 2026 फाइनल का करोड़ों का दांव! RCB या GT, चैंपियन बनते ही मिलेगी इतनी बड़ी प्राइज मनी

    IPL 2026 फाइनल का करोड़ों का दांव! RCB या GT, चैंपियन बनते ही मिलेगी इतनी बड़ी प्राइज मनी


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है और अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं। डिफेंडिंग चैंपियन Royal Challengers Bengaluru और Gujarat Titans के बीच 31 मई को होने वाला खिताबी मुकाबला सिर्फ ट्रॉफी की जंग नहीं बल्कि करोड़ों रुपये की इनामी राशि का भी मुकाबला है। ऐसे में फैंस के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि आईपीएल 2026 की प्राइज मनी में कोई बदलाव हुआ है या नहीं और विजेता टीम को आखिर कितनी रकम मिलने वाली है।

    अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी Board of Control for Cricket in India ने आईपीएल 2026 की प्राइज मनी में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की है। इसका मतलब है कि पिछले कई वर्षों से चली आ रही इनामी राशि इस सीजन में भी बरकरार रहने की संभावना है।

    आईपीएल के मौजूदा प्राइज स्ट्रक्चर के अनुसार टूर्नामेंट जीतने वाली टीम को 20 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि प्रदान की जाएगी। वहीं फाइनल में हारने वाली रनरअप टीम को लगभग 13 करोड़ रुपये का इनाम मिलेगा। इसके अलावा प्लेऑफ में तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 7 करोड़ रुपये और चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को 6.5 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

    दिलचस्प बात यह है कि आईपीएल की शुरुआत वर्ष 2008 में हुई थी, तब विजेता टीम को सिर्फ 4.8 करोड़ रुपये और उपविजेता को 2.4 करोड़ रुपये मिलते थे। टूर्नामेंट की लोकप्रियता और व्यावसायिक सफलता बढ़ने के साथ-साथ इनामी राशि में भी लगातार वृद्धि हुई। वर्ष 2010 में विजेता राशि बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी गई, जबकि 2014 में यह बढ़कर 15 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसके बाद 2016 में आखिरी बार बड़ा बदलाव हुआ और विजेता टीम की प्राइज मनी 20 करोड़ रुपये निर्धारित की गई। तब से लेकर अब तक यही राशि जारी है।

    टीमों को मिलने वाली इनामी राशि के अलावा खिलाड़ियों के लिए भी कई व्यक्तिगत पुरस्कार रखे गए हैं। पूरे सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज को ऑरेंज कैप के साथ 10 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज को पर्पल कैप और 10 लाख रुपये मिलेंगे। वहीं मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर को 15 लाख रुपये तथा इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन को 20 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।

    इसके अलावा सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और फेयर प्ले अवॉर्ड जैसी श्रेणियों में भी 10-10 लाख रुपये की राशि दी जाती है। ये पुरस्कार खिलाड़ियों और टीमों के पूरे सीजन के प्रदर्शन को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं।

    अब जब आईपीएल 2026 अपने चरम पर पहुंच चुका है, तो करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर ट्रॉफी और 20 करोड़ रुपये की इनामी राशि पर कौन कब्जा जमाता है। क्या रजत पाटीदार की कप्तानी में आरसीबी लगातार दूसरी बार खिताब जीत पाएगी या शुभमन गिल की गुजरात टाइटंस नया इतिहास रचेगी, इसका फैसला आज रात मैदान पर होगा।

  • ‘घूसखोर पंडित’ विवाद पर अभिनेता का बयान, धमकियों का किया खुलासा

    ‘घूसखोर पंडित’ विवाद पर अभिनेता का बयान, धमकियों का किया खुलासा


    नई दिल्ली। अभिनेता मनोज बाजपेयी इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘गवर्नर’ को लेकर सुर्खियों में हैं, लेकिन उनकी विवादित फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का मुद्दा अभी भी चर्चा में बना हुआ है। फिल्म के टाइटल को लेकर हुए भारी विरोध और कानूनी विवाद के बीच अब मनोज बाजपेयी ने पहली बार विस्तार से बताया है कि इस पूरे मामले ने उन्हें और उनके परिवार को किस तरह प्रभावित किया।

    दरअसल, इस साल की शुरुआत में एक ओटीटी प्लेटफॉर्म ने अपने 2026 कंटेंट लाइनअप की घोषणा की थी, जिसमें मनोज बाजपेयी अभिनीत फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ भी शामिल थी। फिल्म का नाम सामने आते ही सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया। कई संगठनों, सामाजिक समूहों और राजनीतिक नेताओं ने इस टाइटल पर आपत्ति जताई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि विवाद अदालत और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। बाद में अदालत के निर्देश और बढ़ते विरोध को देखते हुए मेकर्स ने फिल्म का टाइटल वापस लेने और बदलने का फैसला किया।

    हाल ही में पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में मनोज बाजपेयी ने कहा कि फिल्म की टीम को इस तरह के बड़े विवाद की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। उन्होंने बताया कि जैसे ही यह महसूस हुआ कि बड़ी संख्या में लोग फिल्म के नाम से आहत हैं, मेकर्स ने सिर्फ दो दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी। मनोज के मुताबिक अगर किसी रचनात्मक कार्य से लोगों की भावनाएं आहत होती हैं, तो उसे सुधारने में कोई हर्ज नहीं है।

    उन्होंने कहा कि एक क्रिएटिव व्यक्ति के लिए किसी फिल्म का टाइटल बदलना कोई बड़ी बात नहीं होती। उनके अनुसार फिल्म निर्माता और लेखक कई नए और बेहतर नाम सोच सकते हैं। इसलिए फिल्म के नाम को लेकर उनकी ओर से कभी कोई जिद नहीं थी।

    हालांकि विवाद का सबसे कठिन पहलू वह था जब यह व्यक्तिगत स्तर तक पहुंच गया। मनोज बाजपेयी ने खुलासा किया कि इस दौरान उन्हें लगातार ऑनलाइन ट्रोलिंग, गालियां और धमकियों का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं, कई लोगों ने उनके परिवार को भी इस विवाद में घसीटना शुरू कर दिया, जिससे उनके परिजन परेशान और चिंतित हो गए थे।

    मनोज ने कहा कि जब उन्हें धमकियां मिल रही थीं तब भी वह लगातार यात्रा कर रहे थे और अपने काम में व्यस्त थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोई डर महसूस नहीं हुआ, लेकिन जब किसी व्यक्ति के परिवार को निशाना बनाया जाता है, तब स्थिति दुखद हो जाती है। अभिनेता ने कहा कि ऐसे लोगों के प्रति उन्हें गुस्से से ज्यादा सहानुभूति महसूस होती है।

    उन्होंने सोशल मीडिया पर बिना पूरी जानकारी के राय बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। मनोज का कहना है कि आज कई लोग किसी विषय को समझने से पहले ही निष्कर्ष निकाल लेते हैं। उन्होंने कहा कि वह पढ़े-लिखे और समझदार व्यक्ति हैं तथा किसी मुद्दे को गहराई से समझने में विश्वास रखते हैं। लेकिन जो लोग बिना तथ्य जाने राय बना लेते हैं, उनसे बहस करने में न तो उनकी रुचि है और न ही समय।

    गौरतलब है कि विवाद के बाद फिल्म का मूल टाइटल वापस ले लिया गया था और नए नाम की घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। वहीं मनोज बाजपेयी की नई फिल्म ‘गवर्नर’ 12 जून को रिलीज होने वाली है, जिससे उनके प्रशंसकों को काफी उम्मीदें हैं।

    इस पूरे विवाद पर मनोज बाजपेयी का बयान एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी विषय पर प्रतिक्रिया देने से पहले तथ्यों को समझना कितना जरूरी है।

  • ओमान की खाड़ी में अमेरिकी कार्रवाई, नाकेबंदी तोड़ने पर जहाज के इंजन रूम पर दागी मिसाइल, किया निष्क्रिय

    ओमान की खाड़ी में अमेरिकी कार्रवाई, नाकेबंदी तोड़ने पर जहाज के इंजन रूम पर दागी मिसाइल, किया निष्क्रिय


    नई दिल्ली। ओमान की खाड़ी में अमेरिका ने एक बड़ा सैन्य कदम उठाते हुए ईरान की ओर बढ़ रहे एक व्यावसायिक जहाज को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, गांबिया के झंडे वाले एम/वी लियान स्टार (M/V Lian Star) नामक जहाज ने अमेरिकी चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद उसके इंजन रूम पर हेलफायर मिसाइल दागकर उसे निष्क्रिय कर दिया गया।

    20 से ज्यादा चेतावनियों के बाद हुआ एक्शन
    CENTCOM के मुताबिक अमेरिकी बलों ने जहाज को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ओमान की खाड़ी से गुजरते हुए देखा था। जहाज के क्रू को रेडियो संदेशों के जरिए 20 से अधिक बार चेतावनी दी गई कि वह अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा है और तुरंत अपना रास्ता बदले। लेकिन चेतावनियों के बावजूद जहाज आगे बढ़ता रहा।

    हेलफायर मिसाइल से इंजन किया निष्क्रिय
    अमेरिकी सेना ने बताया कि आदेश नहीं मानने पर एक सैन्य विमान ने जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाकर हेलफायर मिसाइल दागी। हमले के बाद जहाज का इंजन बंद हो गया और वह समुद्र में निष्क्रिय अवस्था में बहता रह गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार जहाज पर कब्जा नहीं किया गया है, लेकिन उसे ईरान पहुंचने से रोक दिया गया।

    ईरान से युद्धविराम के बीच सख्त निगरानी
    अमेरिका का कहना है कि ईरान के साथ लागू युद्धविराम के बावजूद क्षेत्र में नाकेबंदी और समुद्री सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। CENTCOM के अनुसार अप्रैल में नाकेबंदी शुरू होने के बाद यह छठा मामला है जब किसी जहाज को रोकने के लिए कार्रवाई की गई। अब तक 116 से अधिक जहाजों का मार्ग बदला जा चुका है और कई व्यावसायिक जहाजों को निष्क्रिय किया गया है।

    वैश्विक व्यापार और तेल बाजार पर असर
    अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण होरमुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में समुद्री गतिविधियों पर असर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार इस स्थिति का प्रभाव तेल और गैस आपूर्ति श्रृंखला पर भी देखा जा रहा है, जबकि क्षेत्र में युद्धविराम को आगे बढ़ाने को लेकर बातचीत जारी है।

    बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
    विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री नाकेबंदी लागू करने के लिए इस तरह की सैन्य कार्रवाई क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकती है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उसका उद्देश्य नाकेबंदी लागू करना और समुद्री मार्गों पर नियंत्रण बनाए रखना है, न कि संघर्ष को और बढ़ाना।

  • UP : गाजियाबाद पुलिस का बड़ा एक्शन, सूर्या मर्डर केस का मुख्य आरोपी एनकाउंटर में ढेर

    UP : गाजियाबाद पुलिस का बड़ा एक्शन, सूर्या मर्डर केस का मुख्य आरोपी एनकाउंटर में ढेर


    लखनऊ । गाजियाबाद के खोड़ा में बकरीद पर 17 साल के सूर्या चौहान की हत्या कर दी गई थी. अब इस मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी असद को पकड़ लिया था. हालांकि, मुठभेड़ के दौरान लगी गोली के कारण अस्पताल में इलाज के दौरान असद की मौत हो गई है.

    पुलिस को बीती देर रात एक पुख्ता सूचना मिली थी. जानकारी के मुताबिक, इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद अपने किसी दोस्त से पैसे लेने के लिए खोड़ा इलाके में आने वाला था. पैसे लेने के बाद उसका प्लान शहर छोड़कर भागने का था. सूचना मिलते ही गाजियाबाद पुलिस ने असद को दबोचने के लिए इलाके में एक जाल बिछाया और घेराबंदी की. कुछ ही समय बाद असद एक दूसके व्यक्ति के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां पहुंचा और पुलिस ने उसे दबोच लिया.

    एनकाउंटर में एक पुलिस कॉन्स्टेबल भी घायल
    पुलिस ने दावा किया है कि उन्होंने उसे रुकने का इशारा किया. हालांकि, असद ने रुकने के बजाय ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने भी आत्मरक्षा में तुरंत जवाबी कार्रवाई की. दोनों तरफ से हुई इस फायरिंग में असद को गोली लग गई और वो गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. इस मुठभेड़ में एक पुलिस कॉन्स्टेबल भी घायल हुआ है.

    पिस्तौल और बाइक बरामद, दूसरा आरोपी फरार
    गाजियाबाद पुलिस ने घटनास्थल से वो मोटरसाइकिल बरामद कर ली है जिससे आरोपी आया था. इसके साथ ही असद के पास से एक देसी पिस्तौल भी बरामद की गई है, जिसका इस्तेमाल उसने पुलिस पर फायरिंग के लिए किया था. हालांकि, इस मुठभेड़ के दौरान मोटरसाइकिल पर असद के साथ मौजूद उसका दोस्त मौके से भागने में कामयाब रहा. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार तलाश कर रही है.

    सूर्या की हत्या का सीसीटीवी वीडियो भी आया था सामने
    सूर्या चौहान की हत्या का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया था जिसमें कुछ युवक उस पर चाकू से हमला करते दिखाई दिए थे. पुलिस ने इस मामले में पहले ही 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और दो आरोपी फरार थे. असद इस हत्याकांड का चौथा और मुख्य आरोपी था, जिसपर पुलिस ने 50 हजार का ईनाम भी घोषित किया था. अब पुलिस को पांचवें आरोपी की तलाश है.

    सूर्या के परिजनों ने आरापियों के एनकाउंटर और बुलडोजर एक्शन की मांग भी की थी. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भारी सुरक्षा के बीच सूर्या का अंतिम संस्कार किया गया था.

  • राहु का नक्षत्र परिवर्तन: 2 अगस्त तक 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, 2 राशियों को बरतनी होगी सावधानी

    राहु का नक्षत्र परिवर्तन: 2 अगस्त तक 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, 2 राशियों को बरतनी होगी सावधानी


    नई दिल्ली।
    वैदिक ज्योतिष में राहु को रहस्यमयी, अप्रत्याशित और अचानक परिणाम देने वाला ग्रह माना जाता है। 31 मई 2026 को राहु ने अपनी चाल बदलते हुए शतभिषा नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश कर लिया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार राहु 2 अगस्त 2026 तक इसी चरण में रहेंगे। चूंकि शतभिषा नक्षत्र का स्वामी स्वयं राहु है, इसलिए यह गोचर विशेष प्रभावशाली माना जा रहा है।

    ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार राहु का यह परिवर्तन सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगा। हालांकि कुछ राशियों के लिए यह समय आर्थिक उन्नति, करियर ग्रोथ और नए अवसर लेकर आ सकता है, जबकि कुछ राशि वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    इन 3 राशियों को मिलेगा विशेष लाभ

    मिथुन राशि
    राहु का यह परिवर्तन मिथुन राशि के जातकों के लिए सकारात्मक परिणाम दे सकता है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की सराहना करेंगे और पदोन्नति के अवसर बन सकते हैं। आय के नए स्रोत खुलने की संभावना है, वहीं लंबे समय से अटका धन वापस मिल सकता है। व्यापार में नए समझौते लाभकारी साबित हो सकते हैं। परिवार में चल रहे मतभेद भी धीरे-धीरे समाप्त होने के संकेत हैं।

    मकर राशि
    मकर राशि के लोगों को अचानक धन लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। पैतृक संपत्ति, पुराने निवेश या किसी अप्रत्याशित स्रोत से आर्थिक फायदा हो सकता है। रियल एस्टेट, सोना-चांदी और डिजिटल फाइनेंस से जुड़े कारोबारियों के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है। व्यापार विस्तार की योजनाएं गति पकड़ सकती हैं। स्वास्थ्य और मानसिक तनाव से भी राहत मिलने की संभावना है।

    मीन राशि
    मीन राशि के जातकों के लिए विदेशी अवसरों के द्वार खुल सकते हैं। विदेश में नौकरी, शिक्षा या व्यापार से जुड़े प्रयास सफल होने की संभावना है। कार्यस्थल पर आपकी रचनात्मकता की सराहना होगी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। करियर और निवेश से जुड़े फैसलों में सफलता मिलने के संकेत हैं।

    इन 2 राशियों को रहना होगा सतर्क


    मेष राश
    मेष राशि वालों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है। अचानक खर्च बढ़ सकते हैं, जिससे बजट प्रभावित हो सकता है। जोखिम वाले निवेश, सट्टा या कर्ज लेने जैसे फैसलों से बचना बेहतर रहेगा।

    सिंह राश
    सिंह राशि के जातकों को व्यवसाय और नौकरी में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। साझेदारी और कार्यस्थल पर गलतफहमियां बढ़ने से आर्थिक नुकसान की आशंका है। वित्तीय मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचने की सलाह दी गई है।

    राहु के अशुभ प्रभाव को कम करने के उपाय
    – नियमित रूप से या बुधवार और शनिवार को काले कुत्ते को सरसों के तेल लगी रोटी खिलाएं।
    – भगवान शिव की पूजा-अर्चना करें।
    – प्रतिदिन ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।
    – शिव चालीसा का पाठ लाभकारी माना जाता है।
    – पक्षियों को सात प्रकार के अनाज (सप्तधान्य) खिलाना शुभ फलदायी हो सकता है।

  • मप्र में बदला मौसम का मिजाज, आज 47 जिलों में बारिश और 8 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट

    मप्र में बदला मौसम का मिजाज, आज 47 जिलों में बारिश और 8 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट


    भोपाल।
    इस बार नौतपा में मध्य प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। जहां आमतौर पर इस दौरान भीषण गर्मी और लू का असर रहता है, वहीं प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। शनिवार को 20 से अधिक जिलों में बारिश हुई, जबकि रविवार सुबह राजधानी भोपाल के कई इलाकों में बूंदाबांदी दर्ज की गई।

    शनिवार देर रात करीब 12:30 बजे से तड़के 3 बजे तक भोपाल में तेज हवाएं चलीं। आंधी के कारण शहर के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

    47 जिलों में बारिश, 8 जिलों में ओलों की चेतावनी
    मौसम विभाग ने रविवार के लिए प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, छतरपुर, कटनी, उमरिया और शहडोल जिलों में ओलावृष्टि और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

    इसके अलावा प्रदेश के 47 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। राहत की बात यह है कि कहीं भी लू चलने की चेतावनी जारी नहीं की गई है। मई माह में यह पहली बार होगा जब पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी का असर लगभग समाप्त रहेगा।

    दो दिनों से जारी है बारिश का सिलसिला
    पिछले दो दिनों से प्रदेश में मौसम प्रणाली सक्रिय बनी हुई है। शुक्रवार शाम से शनिवार रात तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई। टीकमगढ़ में सवा इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि दतिया में आधा इंच और नौगांव में करीब पौन इंच बारिश हुई।

    ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, धार, गुना, दमोह, रीवा, सतना, उमरिया, खरगोन, शिवपुरी, डिंडौरी, मंदसौर, खंडवा, शाजापुर, देवास, झाबुआ, मुरैना, बैतूल, बालाघाट और श्योपुर सहित कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई। श्योपुर में ओलावृष्टि की भी सूचना मिली है।

    तीन दिन में 12 डिग्री तक गिरा तापमान
    लगातार बारिश और बादलों के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। कुछ दिन पहले तक प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में शामिल नौगांव में तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो अब घटकर 35.5 डिग्री सेल्सियस रह गया है। यानी तीन दिनों में करीब 12 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई है।

    शनिवार को प्रदेश के 20 शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा। प्रमुख शहरों में ग्वालियर का तापमान 35.6 डिग्री, जबलपुर 38.2 डिग्री, इंदौर 38.8 डिग्री, उज्जैन 39 डिग्री और भोपाल 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान नरसिंहपुर में 43.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि कई शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा।

    आज का मौसम अलर्ट
    देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, छतरपुर, कटनी, उमरिया और शहडोल में ओलावृष्टि और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    आंधी और बारिश की संभावना

    अगले कुछ दिन ऐसा रहेगा मौसम
    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 जून तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। 31 मई के बाद से हीटवेव का कोई अलर्ट नहीं है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

  • रिश्तों में नया नियम या नई मुसीबत? ब्रेकअप फीस को लेकर बहस तेज

    रिश्तों में नया नियम या नई मुसीबत? ब्रेकअप फीस को लेकर बहस तेज


    नई दिल्ली। प्यार और रिश्तों की दुनिया में अक्सर लोग समय, भावनाएं और अपने सपने निवेश करते हैं। जब दो लोग एक-दूसरे के साथ भविष्य की योजनाएं बनाते हैं तो वे सिर्फ भावनात्मक रूप से ही नहीं बल्कि आर्थिक रूप से भी एक-दूसरे से जुड़ जाते हैं। लेकिन अगर रिश्ता टूट जाए तो क्या उस भावनात्मक और आर्थिक निवेश की कोई कीमत हो सकती है? पड़ोसी देश चीन में इन दिनों इसी सवाल को लेकर एक अनोखा ट्रेंड चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे ‘ब्रेकअप फीस’ के नाम से जाना जा रहा है।

    चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहे इस ट्रेंड के तहत यदि कोई कपल लंबे समय तक रिश्ते में रहने के बाद अलग होने का फैसला करता है, तो रिश्ता खत्म करने वाला व्यक्ति अपने साथी को आर्थिक मुआवजा देता है। इसे वहां ‘फेनशोउ फेई’ यानी ब्रेकअप फीस कहा जा रहा है। हालांकि यह कोई सरकारी नियम या कानूनी व्यवस्था नहीं है, बल्कि सामाजिक स्तर पर विकसित हुआ एक चलन है, जिसने लोगों के बीच नई बहस छेड़ दी है।

    इस प्रथा के समर्थकों का मानना है कि किसी भी रिश्ते को निभाने में केवल भावनाएं ही नहीं बल्कि समय, मेहनत और आर्थिक संसाधन भी खर्च होते हैं। कई बार लोग अपने करियर, निजी योजनाओं और जीवन के महत्वपूर्ण वर्षों को रिश्ते के लिए समर्पित कर देते हैं। ऐसे में अगर अचानक रिश्ता खत्म हो जाए तो दूसरे व्यक्ति को भावनात्मक और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इसी नुकसान की भरपाई के रूप में ब्रेकअप फीस को देखा जा रहा है।

    इस मुआवजे की कोई निश्चित राशि तय नहीं होती। यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि रिश्ता कितने समय तक चला, दोनों के बीच आर्थिक सहयोग कितना था और अलगाव किन परिस्थितियों में हुआ। कुछ मामलों में यह रकम कुछ हजार युआन तक सीमित रहती है, जबकि कई चर्चित मामलों में लाखों युआन तक भुगतान किए जाने की खबरें सामने आई हैं। यही वजह है कि यह ट्रेंड लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

    हालांकि इस चलन का विरोध करने वालों की संख्या भी कम नहीं है। आलोचकों का कहना है कि प्यार और भावनाओं को पैसों में नहीं तौला जा सकता। उनके अनुसार यदि रिश्तों को आर्थिक लेन-देन से जोड़ दिया जाए तो उनका मूल उद्देश्य और महत्व ही खत्म हो जाएगा। कई विशेषज्ञ इसे रिश्तों के व्यवसायीकरण की ओर बढ़ता कदम मानते हैं। उनका तर्क है कि किसी रिश्ते की सफलता या असफलता का मूल्यांकन धन के आधार पर नहीं किया जा सकता।

    कानूनी दृष्टि से भी चीन में ब्रेकअप फीस अनिवार्य नहीं है। कोई भी व्यक्ति केवल रिश्ता खत्म करने के कारण भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं है। हालांकि यदि दोनों पक्षों के बीच पहले से कोई लिखित समझौता मौजूद हो और उसमें ब्रेकअप के समय भुगतान की शर्त शामिल हो तो अदालत ऐसे मामलों पर विचार कर सकती है।

    सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर तीखी बहस जारी है। कुछ लोग इसे आधुनिक रिश्तों में जिम्मेदारी और सम्मान का प्रतीक बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे प्यार पर लगाया गया टैक्स कह रहे हैं। युवा पीढ़ी के बीच भी इस मुद्दे पर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है।

    दरअसल यह ट्रेंड केवल पैसे का मामला नहीं है, बल्कि यह बदलते सामाजिक मूल्यों, रिश्तों की नई परिभाषाओं और भावनात्मक जिम्मेदारियों पर भी सवाल खड़े करता है। यही कारण है कि चीन की यह अनोखी ‘ब्रेकअप फीस’ दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गई है और लोगों को रिश्तों की कीमत पर नए सिरे से सोचने के लिए मजबूर कर रही है।

  • गुरु-पुष्य योग में करें ये छोटे उपाय, बढ़ सकते हैं धन और सौभाग्य के योग

    गुरु-पुष्य योग में करें ये छोटे उपाय, बढ़ सकते हैं धन और सौभाग्य के योग


    नई दिल्ली। सनातन धर्म में गुरु-पुष्य योग को सबसे शुभ और मंगलकारी योगों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग बनता है तब गुरु-पुष्य योग का निर्माण होता है। इसे गुरुपुष्यामृत योग भी कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को खरीदारी, निवेश, नए कार्यों की शुरुआत और समृद्धि प्राप्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। वर्ष 2026 में यह विशेष संयोग 18 जून, गुरुवार को बन रहा है। पंचांग के अनुसार यह योग सुबह 5 बजकर 23 मिनट से 11 बजकर 23 मिनट तक प्रभावी रहेगा।

    पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी नक्षत्र में धन और वैभव की अधिष्ठात्री देवी मां लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था। यही कारण है कि इस दिन की गई खरीदारी को अक्षय फल देने वाली माना जाता है। आमतौर पर लोग इस शुभ अवसर पर सोना, चांदी और अन्य कीमती वस्तुएं खरीदते हैं, लेकिन ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ साधारण और कम कीमत वाली वस्तुएं भी घर में सुख-समृद्धि का आगमन कर सकती हैं।

    गुरु-पुष्य योग में पीतल का हाथी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में हाथी को ऐश्वर्य, शक्ति और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि इस दिन घर में पीतल का हाथी स्थापित करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है।

    महालक्ष्मी यंत्र भी इस दिन खरीदने और स्थापित करने के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक विश्वास है कि गुरु-पुष्य योग में महालक्ष्मी यंत्र की स्थापना करने से धन संबंधी परेशानियां दूर होती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसे घर के पूजा स्थल या व्यापारिक प्रतिष्ठान में स्थापित किया जा सकता है।

    पीली कौड़ी को भी मां लक्ष्मी की प्रिय वस्तुओं में शामिल किया जाता है। मान्यता है कि गुरु-पुष्य योग के दिन सात पीली कौड़ियां खरीदकर लक्ष्मी पूजन करने के बाद तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखने से आर्थिक उन्नति के योग बनते हैं और धन संचय में वृद्धि होती है।

    शंखपुष्पी की जड़ को भी विशेष महत्व दिया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे गुरु-पुष्य योग में घर लाकर विधिवत पूजन कर धन स्थान पर रखने से घर में समृद्धि और सकारात्मकता बनी रहती है। इसे मां लक्ष्मी के स्थायी आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है।

    इसके अलावा एकाक्षी नारियल भी इस शुभ योग में खरीदने योग्य माना गया है। इसे मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि गुरु-पुष्य योग में एकाक्षी नारियल घर लाकर पूजा स्थल में स्थापित करने और विधिपूर्वक पूजन करने से परिवार में सुख, शांति और आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

    धार्मिक दृष्टि से गुरु-पुष्य योग केवल खरीदारी का शुभ मुहूर्त नहीं बल्कि नए कार्यों की शुरुआत, निवेश, व्यापार विस्तार और शुभ संकल्पों को पूरा करने का भी श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। हालांकि इन मान्यताओं का आधार धार्मिक विश्वास और परंपराएं हैं। श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार इन उपायों को अपनाते हैं और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।