Author: bharati

  • गुना के स्कूल में मधुमक्खियों का हमला, 36 से ज्यादा बच्चे-स्टाफ घायल, आधे घंटे तक मची भगदड़

    गुना के स्कूल में मधुमक्खियों का हमला, 36 से ज्यादा बच्चे-स्टाफ घायल, आधे घंटे तक मची भगदड़


    गुना। शहर के वंदना कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मधुमक्खियों के एक बड़े झुंड ने अचानक हमला कर दिया। इस घटना में 36 से अधिक छात्र-छात्राएं अभिभावक और स्कूल स्टाफ घायल हो गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्चे रोज की तरह प्रार्थना सभा के लिए स्कूल परिसर में जुट रहे थे। इसी दौरान परिसर में मौजूद एक पेड़ से मधुमक्खियों का झुंड नीचे आ गया और लोगों पर हमला कर दिया। कुछ ही मिनटों में शांत माहौल चीख-पुकार और भगदड़ में बदल गया।

    आधे घंटे तक दहशत कई बच्चे गिरकर घायल

    जान बचाने के लिए बच्चे इधर-उधर भागने लगे जिससे कई बच्चे गिरकर चोटिल हो गए। करीब आधे घंटे तक स्कूल परिसर में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

    घायलों का तुरंत इलाज स्कूल में छुट्टी घोषित

    स्कूल प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को मेडिकल रूम में प्राथमिक उपचार दिया। गंभीर रूप से प्रभावित बच्चों के परिजनों को बुलाया गया जबकि कुछ को एहतियात के तौर पर नजदीकी अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद स्कूल में छुट्टी घोषित कर दी गई।

    प्रशासन ने दिए छत्ते हटाने के निर्देश

    सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। अधिकारियों ने स्कूल परिसर में लगे मधुमक्खियों के छत्तों को हटाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के निर्देश दिए।

    अभिभावकों में नाराजगी सुरक्षा पर उठे सवाल


    घटना के बाद अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते छत्ते हटाए जाते तो इस तरह की घटना टाली जा सकती थी। कुछ अभिभावकों ने बच्चों से तुरंत मिलने नहीं दिए जाने पर भी नाराजगी जताई।

    अधिकारी बोलीं- सभी बच्चे सुरक्षित

    बीईओ गरिमा टोप्पो ने बताया कि यह एक आकस्मिक घटना थी और स्कूल प्रबंधन ने समय रहते स्थिति संभाल ली। सभी बच्चे सुरक्षित हैं और किसी को गंभीर नुकसान नहीं हुआ है। फिलहाल स्कूल परिसर में स्थिति पूरी तरह सामान्य है।

  • नरवाई जलाने पर कार्रवाई के खिलाफ किसान सड़कों पर, उज्जैन में प्रदर्शन, मालवा की 115 तहसीलों में गूंजा विरोध

    नरवाई जलाने पर कार्रवाई के खिलाफ किसान सड़कों पर, उज्जैन में प्रदर्शन, मालवा की 115 तहसीलों में गूंजा विरोध


    उज्जैन। नरवाई जलाने पर हो रही एफआईआर और जुर्माने की कार्रवाई के विरोध में भारतीय किसान संघ ने सोमवार को उज्जैन में रैली निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसान नीलगंगा क्षेत्र से रैली निकालते हुए टॉवर चौक पहुंचे और वहां से कलेक्टर कार्यालय स्थित संकुल भवन पहुंचकर नारेबाजी की।

    नरवाई मामलों में कार्रवाई रोकने की मांग

    किसानों की मुख्य मांग थी कि नरवाई जलाने वाले किसानों पर दर्ज एफआईआर और जुर्माने की कार्रवाई तत्काल बंद की जाए। साथ ही पहले से दर्ज सभी प्रकरणों को खत्म करने की मांग भी उठाई गई।

    खेती से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाए

    प्रदर्शन के दौरान किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी जल्द शुरू करने, सभी खरीदी केंद्रों पर बड़े तोल कांटे लगाने और भावांतर योजना का लाभ देने की मांग रखी। इसके अलावा ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का बीमा जल्द जारी करने और बैंक खाता पलटी की तारीख 15 मई तक बढ़ाने की मांग भी शामिल रही।

    मालवा में एक साथ व्यापक प्रदर्शन

    किसान संघ के अनुसार, मालवा प्रांत की 115 तहसीलों में एक साथ विरोध प्रदर्शन किया गया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखी, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा और वे सड़कों पर उतरेंगे।

    उज्जैन, देवास और इंदौर में कार्रवाई जारी
    प्रशासन की ओर से सैटेलाइट रिपोर्ट के आधार पर उज्जैन जिले में 334 किसानों की पहचान की गई है, जिन पर कार्रवाई चल रही है। देवास में 5 और इंदौर में 211 मामलों में भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

  • भीकनगांव में दर्दनाक वारदात: बेटे ने मां की गर्दन पर किए 4 वार, शव पर पानी डाला

    भीकनगांव में दर्दनाक वारदात: बेटे ने मां की गर्दन पर किए 4 वार, शव पर पानी डाला


    नई दिल्ली। भीकनगांव में शनिवार शाम 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला रामई बाई की उनके 55 वर्षीय बेटे विष्णु सावले ने कुल्हाड़ी से गर्दन पर चार वार कर हत्या कर दी। घटना के पीछे बेटे का आरोप है कि वह अपनी बीमार मां की लगातार देखभाल से तंग आ गया था। हत्या के बाद आरोपी ने शव पर पानी डालकर खून साफ करने का प्रयास भी किया।

    घर में अकेला था आरोपी, पलंग पर की वारदात
    एडीओपी राकेश आर्य ने बताया कि यह दर्दनाक घटना शनिवार शाम को हुई। उस समय घर में केवल विष्णु सावले ही मौजूद था। उसने अपनी मां की बीमारी और उनकी देखभाल से परेशान होकर घर से कुल्हाड़ी निकाली और पलंग पर लेटी रामई बाई की गर्दन पर चार बार वार किया। इस हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने कुल्हाड़ी छिपा दी और खून साफ करने के लिए शव पर पानी डालने की कोशिश की।

    पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया
    सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर फॉरेंसिक टीम के माध्यम से सबूत जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके बाद आरोपी बेटे विष्णु सावले को हिरासत में लिया गया। पुलिस पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल किया।

    आरोपी का बयान- “परेशानी भरे जीवन से मुक्त किया”
    पूछताछ में विष्णु ने कहा कि उसकी मां बीमारी के कारण बिस्तर पर ही रहती थीं। उसे उनकी देखभाल में खाना खिलाना, पानी पिलाना, नहलाना और साफ-सफाई करना पड़ता था। उसने आरोप लगाया कि यह जीवन उसके लिए बहुत परेशानी भरा था, और उसने अपनी मां को इस जीवन से मुक्त करने का निर्णय लिया।

    जेल भेजा गया आरोपी
    पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां उसे जेल भेज दिया गया। घटना ने स्थानीय लोगों में सन्नाटा और भय फैला दिया है। पड़ोसियों ने बताया कि रामई बाई हमेशा अपने बेटे के साथ रहती थीं और किसी से कोई शिकवा-शिकायत नहीं करती थीं।

    भीकनगांव में बेटे ने अपनी बीमार मां की देखभाल से तंग होकर कुल्हाड़ी से गर्दन पर चार वार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने खून साफ करने का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने खुद कबूल किया कि उसने अपनी मां को “परेशानी भरे जीवन से मुक्त” किया। घटना ने इलाके में सन्नाटा और शोक की स्थिति पैदा कर दी है।

  • ग्वालियर में चूरन नोट गैंग का खुलासा: 10 गुना मुनाफे का झांसा देकर लोगों से ठगी, आरोपी गिरफ्तार

    ग्वालियर में चूरन नोट गैंग का खुलासा: 10 गुना मुनाफे का झांसा देकर लोगों से ठगी, आरोपी गिरफ्तार


    ग्वालियर। शहर में नकली नोट के नाम पर ठगी करने वाले एक शातिर चूरन नोट गैंग का पर्दाफाश हुआ है। महाराजपुरा थाना पुलिस ने घेराबंदी कर गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया, जो एक डेयरी व्यवसायी को 30 लाख रुपये के नकली नोट देने पहुंचा था।

    10 गुना मुनाफे का लालच देकर फंसाता था आरोपी
    गिरफ्तार आरोपी आजाद अली लोगों को 1 रुपये के बदले 10 रुपये देने का लालच देता था। वह खुद को नकली नोटों का बड़ा कारोबारी बताकर दावा करता था कि उसके नोट असली जैसे ही हैं और आसानी से बाजार में चल जाते हैं।

    पहले असली नोट देकर जीतता था भरोसा
    पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी शुरुआत में 500, 200 और 100 रुपये के असली नोट देता था और उन्हें नकली बताता था। जब ये नोट बाजार में आसानी से चल जाते, तो लोगों को उसकी बात पर यकीन हो जाता और वे बड़ी डील के लिए तैयार हो जाते।

    असली के बीच चिल्ड्रन बैंक नोट छिपाकर देता था माल

    पुलिस के अनुसार, आरोपी असली नोटों की गड्डियों के ऊपर एक-दो असली नोट लगाकर नीचे चिल्ड्रन बैंक चूरन नोट रख देता था और इसी तरह लोगों को ठगता था।

    3 लाख के बदले 30 लाख की डील

    दतिया के डेयरी कारोबारी सोनू पाल को भी आरोपी ने इसी तरह फंसाया। व्हाट्सऐप कॉल के जरिए संपर्क कर उसने 3 लाख के बदले 30 लाख देने का झांसा दिया। भरोसा बनाने के लिए पहले असली नोट दिए और बाद में 40 हजार रुपये एडवांस भी ले लिया।

    शक हुआ तो पुलिस को दी सूचना

    जब कारोबारी को संदेह हुआ, तो उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपी को दीनदयाल नगर के टाइगर चौक पर बैग के साथ पकड़ लिया।

    बैग खोलते ही सामने आया सच
    तलाशी के दौरान पुलिस को 500, 200 और 100 रुपये की कुल 20 गड्डियां मिलीं। हर गड्डी में ऊपर असली नोट और नीचे चिल्ड्रन बैंक के नोट भरे हुए थे। पुलिस ने 500 की 13, 200 की 5 और 100 की 2 गड्डियां जब्त की हैं।

    नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

    पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पहले भी कई लोगों को इसी तरह ठग चुका है। फिलहाल पुलिस उसके नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।

  • विधायक बोले: तब विषम परिस्थितियां थीं, खरगोन में भाजपा स्थापना दिवस पर कार्यक्रम सम्पन्न

    विधायक बोले: तब विषम परिस्थितियां थीं, खरगोन में भाजपा स्थापना दिवस पर कार्यक्रम सम्पन्न


    नई दिल्ली। खरगोन में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना 47वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर जिला कार्यालय परिसर में सुबह 10 बजे जिलाध्यक्ष नंदा ब्राह्मणे ने भाजपा का ध्वज फहराया। समारोह में प्रदेश स्तर पर आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला।

    विधायक बोले- 1980 में थीं विषम परिस्थितियां
    खरगोन के विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने कहा कि पार्टी की स्थापना 1980 में ऐसे समय में हुई जब परिस्थितियां विषम थीं। उन्होंने बताया कि उस समय राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियां काफी जटिल थीं। आज कार्यकर्ता इस स्थापना दिवस को उत्सव के रूप में मना रहे हैं, और हर स्तर पर सक्रियता दिखाई दे रही है।

    जिलेभर में बूथ स्तर तक कार्यक्रम आयोजित
    भाजपा मीडिया प्रभारी कांतिलाल कर्मा ने बताया कि स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जिले भर में बूथ स्तर तक कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में पार्टी के इतिहास, उपलब्धियां और आगामी योजनाओं के बारे में चर्चा की जाएगी।

    कार्यक्रम में शामिल हुए वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी
    इस अवसर पर पूर्व विधायक बाबूलाल महाजन, पूर्व जिलाध्यक्ष परसराम चौहान और रणजीत डंडीर, वर्तमान जिलाध्यक्ष कल्याण अग्रवाल, अजा मोर्चा जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर भालसे, अजजा मोर्चा जिलाध्यक्ष संतोष सोलंकी, उपाध्यक्ष शालिनी रतोरिया, उपाध्यक्ष प्रभा राठौर, विजय पटेल, कोषाध्यक्ष भीमसिंह जाधव, महामंत्री विवेक भटोरे, हरेसिंह चावड़ा सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    कार्यक्रम की विशेषताएं और संदेश
    स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में पार्टी के इतिहास और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया गया कि वे पार्टी के उद्देश्यों और नीतियों को आम जनता तक पहुंचाएं। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक जागरूकता और संगठनात्मक मजबूती पर भी जोर दिया गया।

    खरगोन में भाजपा का 47वां स्थापना दिवस जिला कार्यालय में ध्वजारोहण और समारोह के साथ मनाया गया। विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने कहा कि 1980 में पार्टी की स्थापना विषम परिस्थितियों में हुई थी। जिलेभर में बूथ स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए गए और वरिष्ठ नेता व पदाधिकारी उपस्थित रहे। पार्टी कार्यकर्ता उत्सव के साथ आज भी अपने उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित हैं।

  • बैतूल में पार्क, मंदिर और खेल मैदान की जमीन होगी सुरक्षित, अवैध बिक्री पर रोक

    बैतूल में पार्क, मंदिर और खेल मैदान की जमीन होगी सुरक्षित, अवैध बिक्री पर रोक


    बैतूल,। मध्यप्रदेश में नगर पालिका ने कॉलोनियों में सार्वजनिक उपयोग के लिए छोड़ी जाने वाली जमीनों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की तैयारी कर ली है अब नगर पालिका ऐसे ‘रेस्ट ऑफ लैंड’ को अपने नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू करेगी ताकि अवैध बिक्री और प्लॉटिंग पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।

    नगर पालिका अधिनियम के अनुसार कॉलोनी विकास के दौरान कॉलोनी बनाने वाले डेवलपर्स को मंदिर, पार्क, खेल मैदान और अन्य सार्वजनिक उपयोग के लिए भूमि छोड़ना अनिवार्य होता है लेकिन कई मामलों में अनुमति मिलने के बाद इन जमीनों को अवैध रूप से प्लॉट बनाकर बेच दिया जाता है जिससे कॉलोनीवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाती हैं

    नगर पालिका के अधिकारी बताते हैं कि अब इस प्रक्रिया से सार्वजनिक जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और भविष्य में किसी भी अवैध बिक्री या प्लॉटिंग की संभावना समाप्त हो जाएगी इसके लिए कॉलोनी में छोड़ी गई हर भूमि का रिकॉर्ड अपडेट कर नगर पालिका के नाम दर्ज किया जाएगा

    इस पहल से कॉलोनीवासियों के लिए पार्क, खेल मैदान और मंदिर जैसी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और शहरी नियोजन के नियमों का पालन भी कड़ाई से होगा अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि इस कदम से नगर में शहरी विकास और योजना निर्माण में पारदर्शिता बढ़ेगी

    नगर पालिका ने कॉलोनाइजरों और नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक जमीन के संरक्षण में सहयोग करें और किसी भी अवैध प्लॉटिंग या बिक्री की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें ताकि कार्रवाई समय पर की जा सके इस कदम के साथ बैतूल नगर प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कॉलोनियों में रह रहे लोग अपनी सार्वजनिक सुविधाओं का पूरा लाभ ले सकें और शहर का नियोजित विकास प्रभावी तरीके से हो

  • ग्वालियर से लाया गया गौवंश, छत्तीसगढ़ भेजने की तैयारी नाकाम, शिवपुरी पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

    ग्वालियर से लाया गया गौवंश, छत्तीसगढ़ भेजने की तैयारी नाकाम, शिवपुरी पुलिस ने किया बड़ा खुलासा


    शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र में पुलिस ने रविवार को एनएच-46 पर एक गबन से 31 गौवंश बरामद किए। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। घटना सुबह हुई, जब पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि अंतिम संस्कार के लिए गए गौवंश से छत्तीसगढ़ ले जाया जा रहा है।

    हाईवे पर स्थित इनफार्मर की सूचना
    कोलारस थाना प्रभारी गब्बर सिंह गुर्जर के निर्देशन में पुलिस टीम एनएच-46 हाईवे पर नियुक्त किया गया। सुबह करीब 11 बजे पैडौरा चौक के पास राज होटल के पास एक संदिग्ध चोर निकला और उसकी जांच की गई।

    अप्रकाशित में 31 गौवंश
    जांच के दौरान 31 गॉवंस-थूंसकर शामिल मिले। सभी किसानों के सींग रस्सियों से बांधे गए थे, जिससे उनकी हालत गंभीर हो रही थी।

    दो गौ शिक्षकों की गर्लफ्रेंड
    पुलिस ने वाहन में सवार दो चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी पहचान राजस्थान के इस्लामपुर निवासी सलमान खान और श्योपुर निवासी इरशाद खान के रूप में हुई। पूछताछ में पूछताछ में पता चला कि उन्होंने गौवंश को कैटलॉग से लेकर छत्तीसगढ़ ले जाने की योजना बनाई थी।

    गौवंश को सुरक्षित स्थान पर रखा गया
    बदरवास के एनवारा गांव स्थित श्री वैकुंठधाम के सभी 31 गौवंश को तत्काल सुरक्षित कर लिया गया। गौवंश की देखभाल के लिए वहां संतुष्टी संतोषी बने हुए हैं।

    ज़ेब जब्त, मामला दर्ज
    पुलिस ने ज़ब्ती कर ली है। दोनों जानवरों के खिलाफ संबंधित धाराओं में दर्ज मामले में दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    :
    शिवपुरी के कोलारस थाना क्षेत्र में NH-46 पर 31 गौवंश बरामद किया गया और दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। गौवंश उदाहरण से लेकर छत्तीसगढ़ भेजा जा रहे थे। सभी को सुरक्षित दुकानों में छोड़ दिया गया, और जब्ती कर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

  • पुलिस की बड़ी कार्रवाई! नरवर में टीन शेड से 50 पेटी शराब बरामद

    पुलिस की बड़ी कार्रवाई! नरवर में टीन शेड से 50 पेटी शराब बरामद


    नई दिल्ली। शिवपुरी जिले के Narwar थाना क्षेत्र में मगरौनी चौकी पुलिस ने रविवार को एक आरोपी के घर के बाहर टीन शेड में छुपाकर रखी गई अवैध शराब की भारी खेप जब्त की। यह कार्रवाई स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर बन गई। बरामद शराब की मात्रा 50 पेटी यानी कुल 465 लीटर थी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2.06 लाख रुपए बताई गई है। इस दौरान आरोपी सोनू पिता रघुवीर परिहार मौके से भाग निकला और अब उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।

    मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
    मगरौनी चौकी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम भदारी निवासी सोनू अपने खेत पर बने मकान के बाहर टीन शेड में अवैध शराब छुपा रहा है। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी ने पुलिस को देखकर बाइक से फरार होने की कोशिश की। पुलिस ने तेज रफ्तार से अभियान चलाकर टीन शेड में छुपी शराब को जब्त किया।

    अवैध शराब का भंडार और कीमत
    पुलिस ने कुल 50 पेटी शराब जब्त की, जो लगभग 465 लीटर के बराबर थी। इस शराब की बाजार कीमत करीब 2.06 लाख रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई इलाके में शराब तस्करी और नशे पर लगाम लगाने के प्रयास के तहत की गई।

    आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज
    नरवर थाना प्रभारी विनय यादव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी की तलाश जारी है और पुलिस ने आसपास के इलाकों में छापेमारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर कार्रवाई पूरी की जाएगी।

    स्थानीय सुरक्षा और चेतावनी
    इस घटना से यह साफ हो गया कि स्थानीय पुलिस अवैध शराब तस्करी को रोकने में सख्त कदम उठा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी स्थान पर शराब की अवैध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से नशे के खतरे को कम किया जा सकता है और समाज में कानून का संदेश भी मजबूत होता है।

    आगे की कार्रवाई और निगरानी
    मगरौनी चौकी पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी के परिवार और आस-पास के लोगों से पूछताछ की जाएगी ताकि अवैध शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

    नरवर के टीन शेड से 50 पेटी अवैध शराब (465 लीटर) जब्त की गई, जिसकी कीमत 2.06 लाख रुपए है। आरोपी सोनू परिहार मौके से फरार है। मगरौनी चौकी पुलिस ने आबकारी अधिनियम 34(2) के तहत मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। यह कार्रवाई अवैध शराब तस्करी रोकने और समाज में सुरक्षा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

  • सिंधिया के कार्यक्रम में सम्मान भी, अव्यवस्था भी! हेल्थ कैंप के बाद खाने को लेकर हंगामा

    सिंधिया के कार्यक्रम में सम्मान भी, अव्यवस्था भी! हेल्थ कैंप के बाद खाने को लेकर हंगामा


    शिवपुरी में रविवार देर शाम मेगा हेल्थ ग्रुप के सहयोगियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री विश्वनाथ ने इंस्ट्रक्शन की। 16 से 24 मार्च तक वे इस बड़े स्वास्थ्य शिविर में “करिश्मा” पद पर आसीन हुए, जिसमें योगदान देने वाले अभियोजक, कर्मचारी अधिकारी, स्वयंसेवक और सफाई कर्मचारी शामिल थे। इस दौरान करीब 350 लोगों को सम्मानित किया गया, इस भव्य समारोह को सफल बनाकर अहम भूमिका निभाई गई।

    हज़ारों को मिला लाभ, 3600 सर्जरी का रिकॉर्ड

    बिश्नोई ने बताया कि इस मेगा हेल्थ स्पेशियलिटी में करीब 350 विशेषज्ञ विद्वानों ने अपना वैज्ञानिक अध्ययन किया है। प्रतिदिन 20 से 25 हजार की संख्या में लोग निकले, जिसमें लाखों लोग शामिल हुए। ऑपरेशन के दौरान लगभग 3600 सर्जरी की गईं, जिनमें कई जटिल ऑपरेशन शामिल थे। खास बात यह है कि शिवपुरी में पहली बार रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसमें यूनिवर्सल लेवल की सुविधा बताई गई।

    रोबोटिक सर्जरी का अनुभव, तोमर की प्रसिद्धि

    प्रोग्राम में विद्यार्थियों ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने करीब एक घंटे तक रोबोटिक सर्जरी का परीक्षण किया, जहां डॉक्टर मशीन के जरिए दूर से ऑपरेशन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधा न्यूयॉर्क और लंदन जैसे शहरों में भी आसानी से उपलब्ध नहीं है। इस दौरान उन्होंने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को इस इवेंट का “चौकीदार” बनाने के बारे में बताया और हर साल ऐसे कैंप आयोजित करने की घोषणा की।

    मंत्री के जाते ही भोजन स्थल मची रेस्तरां-रेकर

    हालाँकि, कार्यक्रम के समापन के बाद भोजन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। जैसे ही ऑल कोर्स प्रोग्राम से अट्रैक्शन हुए, वहां पर किसानों की भीड़ मौजूद रहती है। स्थिति ऐसी बनी कि लोग प्लेट और भोजन के लिए एक-दूसरे से आगे की यात्रा करने की कोशिश करने लगे, जिससे कुछ देर के लिए रिमोट-सामुहिक का मोहरा बन गया।

    यूजीसी कानून पर सर्व समाज की विचारधारा

    इसी कार्यक्रम के दौरान यूजीसी कानून का विरोध कर रहे साम्य समाज के लोग भी केंद्रीय मंत्री को स्पष्टीकरण देने की मांग कर रहे थे। स्पष्ट ने कहा तो स्वीकार किया गया, लेकिन उस पर विस्तार से चर्चा बिना आगे बढ़ा दी गई। इससे नाराज लोगों ने इसे अपनी अनदेखी की गई फोटो के साथ पोस्ट किया और कहा कि उनकी जिम्मेदारियों को चुपचाप सुना जाना चाहिए।

    सिद्धांत और असुरक्षा की भावना के बीच

    कुल मिलाकर, जहां एक ओर मेगा हेल्थ कैंप की सफलता और चिकित्सा सुविधाओं ने शिवपुरी को नई पहचान दी, वहीं दूसरी ओर कार्यक्रमों के अंत में नतीजे और कुछ भव्य की झलक ने समारोह की चमक को थोड़ा कम कर दिया।
  • सड़क किनारे दिखा 7 फीट का मगरमच्छ, वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

    सड़क किनारे दिखा 7 फीट का मगरमच्छ, वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू


    शिवपुरी। शहर में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पोहरी बस स्टैंड के पीछे स्थित तालाब के पास एक करीब 7 फीट लंबा Crocodile दिखाई दिया। सुबह लगभग 9 बजे पुलिया के पास बैठे इस विशाल मगरमच्छ को देखकर स्थानीय लोगों और राहगीरों में डर का माहौल बन गया। लोग घबराकर दूर से ही निकलने लगे और इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

    स्थानीय लोगों ने दी जानकारी, हालत देखकर जताई आशंका

    स्थानीय निवासी मुकेश कुशवाह के मुताबिक, मगरमच्छ काफी बड़ा था और उसका पेट फूला हुआ नजर आ रहा था। इससे यह अंदाजा लगाया गया कि उसने हाल ही में किसी जानवर संभवतः कुत्ते या सूअर का शिकार किया होगा, जिसके कारण वह ज्यादा सक्रिय नहीं दिख रहा था। इस वजह से वह लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठा रहा।

    वन विभाग की टीम ने संभाली स्थिति

    घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीम ने पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ करीब 30 मिनट तक अभियान चलाया। भीड़ को नियंत्रित करते हुए टीम ने मगरमच्छ को सफलतापूर्वक काबू में कर लिया। इस दौरान सुरक्षा के सभी मानकों का ध्यान रखा गया, ताकि किसी तरह की जनहानि न हो।

    सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया मगरमच्छ

    रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया, जिससे क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सकी। इस पूरे अभियान के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे, लेकिन वन विभाग ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखा।