Author: bharati

  • भारत आ रहे एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा को लेकर भारत सतर्क, फारस की खाड़ी के पास नौसेना के युद्धपोत तैनात

    भारत आ रहे एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा को लेकर भारत सतर्क, फारस की खाड़ी के पास नौसेना के युद्धपोत तैनात


    तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए कदम तेज कर दिए हैं। भारतीय नौसेना ने फारस की खाड़ी के आसपास अपने कई युद्धपोत तैनात कर दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर भारत की ओर आने वाले व्यापारिक जहाजों को सहायता और सुरक्षा दी जा सके।

    सूत्रों के मुताबिक इन युद्धपोतों की तैनाती का उद्देश्य भारतीय व्यापारिक जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, क्योंकि क्षेत्र में हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं।

    दो भारतीय एलपीजी जहाजों को मिली अनुमति

    इस बीच शनिवार को ईरान ने भारत की ओर जा रहे दो भारतीय झंडे वाले एलपीजी जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी। इनमें एक जहाज शिवालिक है, जो जहाज ट्रैकिंग वेबसाइट के अनुसार फिलहाल ओमान के पास देखा गया है और इसके 21 मार्च तक अपने गंतव्य तक पहुंचने की संभावना है।

    भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर नजर

    बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने शुक्रवार को फारस की खाड़ी की समुद्री स्थिति और भारतीय जहाजों व नाविकों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। मंत्रालय के मुताबिक फारस की खाड़ी में 24 भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर 668 भारतीय नाविक तैनात हैं, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में तीन जहाजों पर 76 भारतीय नाविक मौजूद हैं।

    24 घंटे निगरानी कर रही सरकार

    मंत्रालय ने बताया कि डीजी शिपिंग जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय मिशनों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। सभी जहाजों और चालक दल की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। 24 घंटे के नियंत्रण कक्ष के सक्रिय होने के बाद से अब तक 2,425 से अधिक कॉल और 4,441 ईमेल प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही 223 से ज्यादा फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी भी सुनिश्चित की गई है।

    ईरान ने सुरक्षित रास्ता देने का भरोसा दिया

    भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद ईरान भारत की ओर जाने वाले जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराएगा। उन्होंने भारत और ईरान को पुराने मित्र बताते हुए कहा कि दोनों देशों के हित और भविष्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

    होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद पर ईरान का बयान

    वहीं भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि ईरान कभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना नहीं चाहता था। उन्होंने मौजूदा हालात के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वैश्विक नेताओं को युद्ध रोकने के लिए उन पर दबाव बनाना चाहिए, क्योंकि बढ़ती तेल कीमतों का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।

  • Weekly Horoscope 15-21 March 2026: चैत्र नवरात्रि और खरमास की शुरुआत, जानें कैसा रहेगा आपका सप्ताह

    Weekly Horoscope 15-21 March 2026: चैत्र नवरात्रि और खरमास की शुरुआत, जानें कैसा रहेगा आपका सप्ताह

    नई दिल्ली । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह नक्षत्रों की चाल व्यक्ति के जीवन के कई पहलुओं को प्रभावित करती है। 15 से 21 मार्च के इस सप्ताह में चैत्र नवरात्रि और खरमास की शुरुआत हो रही है। इस दौरान ग्रहों का गोचर बड़े बदलाव और नए अवसरों का संकेत दे रहा है। 15 मार्च को शुक्र का रेवती नक्षत्र में प्रवेश होने से चांदी, शक्कर और कपूर जैसी श्वेत वस्तुओं के भाव में कुछ मंदी देखी जा सकती है। मौसम की बात करें तो उत्तर भारत में तापमान बढ़ेगा, जबकि बंगाल और असम में छिटपुट वर्षा की संभावना रहेगी।

    इस सप्ताह कुछ महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार भी हैं। 15 मार्च को सौर चैत्र मास और खरमास शुरू होंगे। 18 मार्च को श्राद्ध अमावस्या है। 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा और कलश स्थापना का आरंभ होगा, जबकि 21 मार्च को गणगौर तीज और मत्स्यावतार का पर्व मनाया जाएगा।

    मेष राशि यह सप्ताह सोच समझकर कदम बढ़ाने का है। वरिष्ठजनों से प्रशंसा और सामाजिक सक्रियता बढ़ेगी। भूमि भवन के सौदे फायदेमंद रहेंगे, जबकि व्यापारिक यात्राएं सुखद परिणाम देंगी। अतिरिक्त जिम्मेदारियों के लिए खुद को तैयार रखें।

    वृषभ राशि कार्यक्षेत्र में संतुष्टि का समय है। नौकरीपेशा लोगों के लिए पदोन्नति के योग हैं। कानूनी और संपत्ति संबंधी मामले आसानी से सुलझेंगे। घर में मांगलिक कार्यों की योजना बन सकती है। परिवार के बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

    मिथुन राशि लक्ष्यों की ओर जोश के साथ बढ़ें। अनुसंधान और कला से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिलेगी। उच्च अधिकारियों के साथ काम करने के अवसर मिलेंगे। जीवनसाथी और बच्चों की अपेक्षाएं बढ़ सकती हैं, जिससे घर का माहौल सौहार्दपूर्ण रहेगा।

    कर्क राशि मन की दुविधाओं को छोड़कर काम पर ध्यान दें। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। सामाजिक स्थिति सुधारने के लिए खर्च बढ़ सकता है। व्यवसाय में मित्र को साझेदार बना सकते हैं। सप्ताहांत में थकान और स्वास्थ्य में गिरावट से बचने के लिए आराम जरूरी है।

    सिंह राशि धार्मिक और व्यापारिक यात्राओं में रुचि बढ़ेगी। किसी बड़ी योजना का हिस्सा बन सकते हैं। कड़ी मेहनत और योजनाबद्ध प्रयास से सफलता मिलेगी। जान पहचान का दायरा बढ़ेगा।

    कन्या राशि सप्ताह चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अधिकारियों के साथ तालमेल जरूरी है। नए व्यापारिक साझेदार जुड़ सकते हैं। करीबी रिश्तेदार का सहयोग मिलेगा। सप्ताहांत में अति आत्मविश्वास से बचें।

    तुला राशि सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। करियर में सुधार और नए वाहन की योजना बन सकती है। वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। सप्ताहांत में मनोरंजक यात्रा का अवसर मिलेगा।

    वृश्चिक राशि महत्वाकांक्षा बढ़ेगी, लेकिन घरेलू मोर्चे पर कुछ विपरीत परिस्थितियां हो सकती हैं। अनुभवी व्यक्ति की सलाह लाभकारी रहेगी। अजनबियों पर भरोसा न करें। बच्चों की जरूरतों पर ध्यान दें। स्वास्थ्य नरम गरम रहेगा।

    धनु राशि कार्यस्थल पर योग्यता का सम्मान मिलेगा। करियर में मनोवांछित परिणाम होंगे। आर्थिक स्थिति सुधरेगी। विरोधियों से सतर्क रहें। दाम्पत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी।

    मकर राशि करियर की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होने वाला सप्ताह है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिल सकती है। यात्रा में फिजूलखर्ची से बचें। सप्ताह के मध्य में बड़ा व्यावसायिक निर्णय लेना पड़ सकता है।

    कुंभ राशि प्रगति की नई दिशा में कदम बढ़ेंगे। संपत्ति लेन देन से लाभ होगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता हो सकती है। खोई हुई वस्तु मिलने से मन प्रसन्न रहेगा।

    मीन राशि कार्यक्षेत्र में बड़ी उपलब्धि संभव है। जीवनसाथी का सहयोग नए अवसर लाएगा। नई कार्यशैली लाभकारी रहेगी। कामकाजी महिलाओं को थोड़ी भागदौड़ और परेशानी हो सकती है। मांगलिक कार्यों पर चर्चा संभव है।

  • तेज धूप में स्किन जल रही है? बाहर निकलने से पहले अपनाएं ये 4 असरदार टिप्स

    तेज धूप में स्किन जल रही है? बाहर निकलने से पहले अपनाएं ये 4 असरदार टिप्स


    नई दिल्ली । जैसे ही मार्च का महीना आता है उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में गर्मी का असर दिखना शुरू हो जाता है। पारा बढ़ने के साथ ही तेज धूप उमस और पसीना लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। इस मौसम में सबसे अधिक प्रभावित हमारी त्वचा होती है। सूरज की हानिकारक किरणें त्वचा को टैन करती हैं सनबर्न और समय से पहले झुर्रियों का कारण भी बनती हैं।अगर आपको गर्मी में बाहर निकलना पड़ता है तो अपनी त्वचा का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ आसान और असरदार उपाय अपनाकर आप त्वचा को तेज धूप से बचा सकते हैं।

    सनस्क्रीन धूप से सबसे मजबूत सुरक्षा
    धूप में निकलने से कम से कम 20 मिनट पहले चेहरे गर्दन हाथ और पैरों पर SPF 30+ वाला सनस्क्रीन जरूर लगाएं। याद रखें कि एक बार सनस्क्रीन लगाने से काम नहीं चलता। अगर आप लंबे समय तक बाहर हैं तो हर 3-4 घंटे में इसे दोबारा लगाना जरूरी है। सनस्क्रीन त्वचा को सीधे यूवी किरणों से बचाता है और टैनिंग को रोकता है।

    हाइड्रेशन अंदर से रखे त्वचा को नमी से भरपूर

    त्वचा की चमक सिर्फ क्रीम या लोशन पर निर्भर नहीं करती बल्कि शरीर के अंदर मौजूद नमी भी महत्वपूर्ण होती है। गर्मियों में पसीने के जरिए शरीर का पानी बाहर निकल जाता है। इसे पूरा करने के लिए दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पीना चाहिए। इसके अलावा तरबूज खरबूजा खीरा और संतरे जैसे पानी से भरपूर मौसमी फलों को आहार में शामिल करें। इससे त्वचा प्राकृतिक रूप से हाइड्रेटेड और कोमल बनी रहती है।

    पहनावा और समय का ध्यान

    तेज धूप सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सबसे अधिक हानिकारक होती है। इस दौरान अगर संभव हो तो घर के अंदर रहें। यदि बाहर निकलना जरूरी है तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। सूती कपड़े पसीने को सोखते हैं और त्वचा को सांस लेने में मदद करते हैं। साथ ही स्कार्फ चौड़े किनारे वाली टोपी धूप का चश्मा और छाता का उपयोग करना न भूलें।

    सनबर्न और टैनिंग के घरेलू उपाय

    अगर धूप के कारण त्वचा झुलस गई या टैनिंग हो गई है तो घबराने की जरूरत नहीं है। किचन में मौजूद कुछ प्राकृतिक चीजें राहत देती हैं। प्रभावित हिस्से पर ठंडा एलोवेरा जेल लगाएं। इसके अलावा दही खीरे का रस या टमाटर का रस लगाने से भी टैनिंग कम होती है और त्वचा को ठंडक मिलती है। गर्मियों में त्वचा का ख्याल रखना न सिर्फ आपकी सुंदरता बढ़ाता है बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी जरूरी है। इन आसान टिप्स को अपनाकर आप धूप के नुकसान से अपनी त्वचा को बचा सकते हैं और प्राकृतिक रूप से कोमल और चमकदार बनाए रख सकते हैं।

  • चैत्र नवरात्र 2026: पहले तीन दिन रहेगा पंचक का साया, जानिए घटस्थापना पर इसका क्या पड़ेगा प्रभाव

    चैत्र नवरात्र 2026: पहले तीन दिन रहेगा पंचक का साया, जानिए घटस्थापना पर इसका क्या पड़ेगा प्रभाव


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्र को अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक महत्व वाला पर्व माना जाता है। यह नौ दिनों तक चलने वाला उत्सव देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना को समर्पित होता है। हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से इसकी शुरुआत होती है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्र 19 मार्च से प्रारंभ होकर 27 मार्च तक मनाई जाएगी। नवरात्र के पहले दिन होने वाली सबसे महत्वपूर्ण रस्म कलश स्थापना या घटस्थापना होती है जिसे देवी शक्ति के घर में प्रवेश का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से पूजा करने पर घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख समृद्धि का वास होता है।

    हालांकि इस वर्ष नवरात्र की शुरुआत के साथ एक विशेष ज्योतिषीय स्थिति भी बन रही है। दरअसल नवरात्र के पहले दिन से पंचक का प्रभाव भी रहेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार पंचक 16 मार्च 2026 की शाम 6 बजकर 14 मिनट से शुरू होकर 21 मार्च 2026 तक रहेगा। इस तरह नवरात्र के शुरुआती तीन दिन पंचक की अवधि में ही पड़ेंगे। पंचक को ज्योतिष शास्त्र में ऐसा समय माना जाता है जब कुछ विशेष प्रकार के शुभ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान वाहन खरीदना नया व्यवसाय शुरू करना गृह प्रवेश करना या विवाह जैसे बड़े और मांगलिक कार्यों को टालना बेहतर माना जाता है। मान्यता है कि इस समय शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं या उनका अपेक्षित फल नहीं मिल पाता। इसी कारण लोग पंचक के दौरान बड़े आर्थिक या सामाजिक निर्णय लेने में सावधानी बरतते हैं।

    हालांकि धार्मिक और नियत तिथि वाले पर्व त्योहारों पर पंचक का प्रभाव नहीं माना जाता। इसी वजह से नवरात्र की घटस्थापना पर पंचक का कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना करना पूरी तरह से शुभ और शास्त्रसम्मत है। इस दिन विधिपूर्वक पूजा अर्चना व्रत और मां दुर्गा की आराधना करने से जीवन में सुख शांति समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि होती है।

    इस वर्ष नवरात्र के पहले तीन दिन पंचक में पड़ने के कारण श्रद्धालुओं को यह सलाह दी जा रही है कि धार्मिक कार्यों को छोड़कर अन्य मांगलिक गतिविधियों से परहेज करें। जैसे वाहन खरीदना नया व्यापार शुरू करना गृह प्रवेश विवाह या मुंडन जैसे संस्कार इन दिनों में टाल देना बेहतर माना जाता है।

    नवरात्र के नौ दिनों में भक्त माता दुर्गा के नौ रूपों शैलपुत्री ब्रह्मचारिणी चंद्रघंटा कूष्मांडा स्कंदमाता कात्यायनी कालरात्रि महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा करते हैं। इस दौरान लोग व्रत रखते हैं भजन कीर्तन करते हैं दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं और घरों तथा मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना का आयोजन करते हैं। श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा से जीवन में मानसिक शांति सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का संचार होता है।

    इस प्रकार पंचक के प्रभाव के बावजूद चैत्र नवरात्र की घटस्थापना और पूजा अर्चना पूरी तरह शुभ मानी जाती है। श्रद्धालु इस पावन पर्व को पूरे उत्साह और आस्था के साथ मनाते हैं और मां दुर्गा से सुख समृद्धि तथा कल्याण की कामना करते हैं।

  • चैत्र नवरात्र 2026: डोली में आएंगी मां दुर्गा, हाथी पर होगा प्रस्थान; 72 साल बाद बन रहा विशेष संयोग

    चैत्र नवरात्र 2026: डोली में आएंगी मां दुर्गा, हाथी पर होगा प्रस्थान; 72 साल बाद बन रहा विशेष संयोग

    नई दिल्ली । शक्ति उपासना का महान पर्व चैत्र नवरात्र इस वर्ष 19 मार्च से प्रारंभ होकर 27 मार्च तक मनाया जाएगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। इस बार नवरात्र की शुरुआत गुरुवार से हो रही है जिसके कारण शास्त्रीय मान्यता के अनुसार मां दुर्गा का आगमन डोली पर माना जा रहा है। धार्मिक ग्रंथों में डोली में माता के आगमन को महामारी संघर्ष या प्राकृतिक चुनौतियों का संकेत माना गया है जो समाज को सावधान और सतर्क रहने का संदेश देता है। हालांकि इस बार माता रानी का प्रस्थान हाथी पर होगा जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। हाथी पर माता का गमन अच्छी वर्षा समृद्ध कृषि आर्थिक उन्नति और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष चैत्र नवरात्रि कई विशेष ज्योतिषीय संयोगों के कारण और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि लगभग 72 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ऐसा दुर्लभ योग बन रहा है जब अमावस्या तिथि के साये में ही कलश स्थापना की जाएगी। सामान्यतः प्रतिपदा तिथि में घट स्थापना का विधान होता है लेकिन इस बार सूर्योदय अमावस्या तिथि में होने के कारण शास्त्रों के अनुसार उसी समय विधि-विधान से कलश स्थापना की जाएगी। ज्योतिषाचार्य भोला पंडित के अनुसार यह दुर्लभ संयोग आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी माना जाता है।

    हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6 बजकर 52 मिनट से प्रारंभ होगी। हालांकि उस समय सूर्योदय अमावस्या तिथि में रहेगा इसलिए शास्त्र सम्मत नियमों के अनुसार उसी अवधि में कलश स्थापना करना शुभ माना जाएगा। इस दिन शुक्ल योग ब्रह्म योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का त्रिवेणी संगम भी बन रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह महासंयोग भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला माना जाता है। गुरुवार से पर्व शुरू होने के कारण मां दुर्गा का आगमन डोली पर होगा जिसे चुनौतियों का संकेत माना गया है लेकिन श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा जीवन में सुख शांति और समृद्धि के द्वार खोल सकती है।

    नवरात्रि के पहले दिन यानी 19 मार्च को कलश स्थापना के लिए दो विशेष शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। पहला श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 2 मिनट से 8 बजकर 40 मिनट तक रहेगा जबकि दूसरा शुभ समय सुबह 9 बजकर 16 मिनट से 10 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन स्थिर लग्नों में घट स्थापना करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    नवरात्र पर्व को लेकर धार्मिक स्थलों और मंदिरों में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी अंजोरा से लेकर डोंगरगढ़ तक भक्तों की सुविधा के लिए सेवा पंडाल लगाए जाएंगे। मंदिर समितियों और सेवादारों द्वारा व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। वहीं जिला प्रशासन ने भी बैठक कर सुरक्षा यातायात और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।

    इस तरह चैत्र नवरात्र का यह पावन पर्व न केवल आस्था और भक्ति का प्रतीक है बल्कि विशेष ज्योतिषीय संयोगों के कारण इस वर्ष इसे और भी अधिक महत्वपूर्ण और फलदायी माना जा रहा है।

  • OTT पर दस्तक देने जा रही विजय सेतुपति की मिस्ट्री वेब सीरीज ‘मुथु एंगिरा काट्टान’

    OTT पर दस्तक देने जा रही विजय सेतुपति की मिस्ट्री वेब सीरीज ‘मुथु एंगिरा काट्टान’


    नई दिल्ली। साउथ के सुपरस्टार विजय सेतुपति अपनी आगामी वेब सीरीज ‘मुथु एंगिरा काट्टान’ की रिलीज़ की तैयारियों में जुटे हैं। इस मिस्ट्री ड्रामा का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ किया गया है, जो दर्शकों को मुख्य किरदार मुथु की रहस्यमयी और जटिल दुनिया की झलक दिखाता है।

    कहानी की झलक
    ट्रेलर में मुथु एक ऐसा किरदार दिखाई देता है, जिसे हर कोई अलग-अलग नजरिए से देखता है।

    किसी के लिए मुथु महान हस्ती,

    किसी के लिए खतरा,

    और किसी के लिए चमत्कार है।

    सीरीज की कहानी दर्शकों को मुथु के पीछे की सच्चाई तक पहुँचने का रोमांच देती है और यह समझने की कोशिश करती है कि लोग उसे इतना अलग-अलग नजरिए से क्यों देखते हैं। गहराई और परतों वाला स्टोरीटेलिंग स्टाइल इसे नाटकीय और रोमांचक बनाता है।

    कास्ट और क्रिएटिव टीम
    मुख्य कलाकार: विजय सेतुपति, मिलिंद सोमन
    सपोर्टिंग कलाकार: सुदेव नायर, वदिवेल मुरुगन, ऋषा जैकब्स, VJ पार्वती, कलैवनी भास्कर, मुथुकुमार
    निर्माता और निर्देशक: M. Manikandan, B. Ajithkumar

    OTT रिलीज़ की तारीख और प्लेटफ़ॉर्म
    स्ट्रीमिंग शुरू: 27 मार्च, 2026
    प्लेटफ़ॉर्म: JioHotstar (Hotstar Specials)
    “यारू इंथा मुथु एंगिरा काट्टान? Hotstar Specials ‘मुथु एंगिरा काट्टान’ 27 मार्च से सिर्फ JioHotstar पर।”

    विजय सेतुपति का वर्कफ्रंट
    इस वेब सीरीज के अलावा विजय सेतुपति की आने वाली फिल्में हैं:

    स्लम डॉग: 33 टेम्पल रोड

    पॉकेट नॉवेल

    जेलर 2 (कैमियो)

    अरसन
    इस मिस्ट्री थ्रिलर को देखने के लिए 27 मार्च से Hotstar पर तैयार रहें, और जानें कि मुथु उर्फ काट्टान कौन है!

  • भारत के पास वर्तमान में पर्याप्त उर्वरक भंडार : विदेश मंत्रालय

    भारत के पास वर्तमान में पर्याप्त उर्वरक भंडार : विदेश मंत्रालय


    नई दिल्ली।
    केन्द्र सरकार ने कहा है कि भारत के पास वर्तमान में पर्याप्त उर्वरक भंडार है। शनिवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस समय भारत के पास उर्वरकों का पर्याप्त भंडार है, विशेष रूप से खरीफ 2026 के लिए। यूरिया का हमारा भंडार पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक है। डाई-अमोनियम फास्फेट(डीएपी) का भंडार पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना है। नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम (एनपीके) का भंडार भी पिछले वर्ष की तुलना में आज काफी अधिक है। यूरिया के हमारे घरेलू उत्पादन की बात करें तो, हमारा वर्तमान उत्पादन हमारी निर्धारित खपत से अधिक होगा, विशेष रूप से रबी का मौसम समाप्त होने वाला है। इसके अलावा, हमने अपने कुछ संयंत्रों के निर्धारित वार्षिक रखरखाव को समय से पहले पूरा कर लिया है, जिसका अर्थ है कि हम उपलब्ध गैस के साथ उत्पादन को अधिकतम करने में सक्षम हैं।

    पत्रकार वार्ता में रणधीर जायसवाल ने कहा कि उर्वरक विभाग ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए समय रहते वैश्विक निविदाएं जारी कर दी थीं। इन्हें बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और उम्मीद है मार्च के अंत तक विभिन्न स्रोतों से ऑर्डर की गई अधिकांश मात्रा प्राप्त हो जाएगी। उर्वरक विभाग ने प्रतिस्पर्धी आधार पर स्पॉट गैस की खरीद का भी निर्णय लिया है और पहले चरण की खरीद मंगलवार तक पूरी हो जाएगी। 15 मई तक खरीफ की मांग चरम पर पहुंचने तक उर्वरकों का पर्याप्त भंडार प्राप्त हो जाएगा। उर्वरक विभाग वैश्विक और घरेलू दोनों ही रुझानों पर सावधानीपूर्वक नजर रख रहा है और आवश्यक कदम उठा रहा है।

    ब्रिक्स के संबंध में रणधीर जायसवाल ने कहा कि कुछ सदस्य पश्चिम एशिया क्षेत्र की मौजूदा स्थिति में सीधे तौर पर शामिल हैं, जिससे चल रहे संघर्ष पर ब्रिक्स के साझा रुख पर आम सहमति बनाने में बाधा आ रही है। ब्रिक्स के अध्यक्ष के रूप में, भारत शेरपा चैनल के माध्यम से सदस्य देशों के बीच चर्चाओं को सुगम बना रहा है। पिछली वर्चुअल ब्रिक्स शेरपा बैठक 12 मार्च को आयोजित की गई थी। इसके अतिरिक्त, भारतीय नेतृत्व क्षेत्र में ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में है। भारत का यह संपर्क जारी रखेगा।

  • जेएलएन स्टेडियम में ‘ओडिशा पर्व’ की धूम, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हुईं शामिल

    जेएलएन स्टेडियम में ‘ओडिशा पर्व’ की धूम, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हुईं शामिल


    नई दिल्ली।
    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के साथ जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम परिसर में आयोजित ‘ओडिशा पर्व-2026’ में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित किया और दिल्ली में रहने वाले उड़िया समुदाय को इस सांस्कृतिक उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को ओडिशा की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और आस्था का जीवंत उत्सव बताते हुए इसकी सराहना की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत गर्व और खुशी की बात है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ओडिशा की संस्कृति, कला, संगीत, नृत्य और परंपराओं को इतने भव्य रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। दिल्ली में रहने वाला हर उड़िया परिवार आज भी अपनी जड़ों, अपनी सांस्कृतिक विरासत और अपनी मातृभूमि ओडिशा से गहराई से जुड़ा हुआ है।

    मुख्यमंत्री ने इस भव्य आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि वर्ष 2017 से लगातार आयोजित हो रहा ‘ओडिशा पर्व’ आज लगभग एक दशक की गौरवपूर्ण यात्रा पूरी कर चुका है। दिल्ली में रहने वाला हर उड़िया परिवार पूरे वर्ष इस पर्व का उत्सुकता से इंतजार करता है क्योंकि यह उत्सव न केवल संस्कृति का उत्सव है बल्कि यह लोगों को अपनी परंपराओं और पहचान से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि उन्हें इस मंच से दिल्ली में बसे अपने उड़िया परिवार को अपने विस्तारित परिवार की तरह संबोधित करने का अवसर मिला है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन भारत की विविधता और एकता की भावना को और अधिक सुदृढ़ करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें यह विशेष सौभाग्य प्राप्त हुआ कि जब उन्हें दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने की जिम्मेदारी मिली तो वह सबसे पहले ओडिशा जाकर प्रभु जगन्नाथ के दर्शन करने गई। दिल्ली में आयोजित भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में भी उन्होंने श्रद्धापूर्वक भाग लिया और उस यात्रा की परंपराओं का पालन करते हुए ‘छेरा पहरा’ की पवित्र रीति में भी सहभागिता की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में लगभग 15 लाख लोग ओडिशा से जुड़े हुए हैं और यही इस महानगर की विशेषता है कि यहां देश के हर राज्य और हर संस्कृति के लोग मिलकर रहते हैं। दिल्ली सभी को खुले दिल से अपनाती है और हर नागरिक को यह विश्वास दिलाती है कि यह शहर उनका अपना है। उन्होंने ओडिशा में रहने वाले लोगों को भी आश्वस्त करते हुए कहा कि दिल्ली में रहने वाले उनके परिवार जन सुरक्षित हैं और दिल्ली सरकार उनकी हर आवश्यकता और चिंता का पूरा ध्यान रखती है। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार ने पहली बार उत्कल दिवस को सरकारी स्तर पर भव्य रूप से आयोजित कर समाज के लोगों का सम्मान किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु जगन्नाथ केवल ओडिशा के लोगों की आस्था का केंद्र नहीं हैं, बल्कि दिल्ली में भी विभिन्न समुदायों के लोग अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से उनकी पूजा-अर्चना करते हैं और रथ यात्राओं का आयोजन करते हैं। उन्होंने उन सभी लोगों का भी अभिनंदन किया जो इस परंपरा को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कला, साहित्य और इतिहास की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदेश अपनी विविध परंपराओं, लोकनृत्यों, गीतों और साहित्य के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करता है।

  • हॉकी : फाइनल में इंग्लैंड हराया, फिर भी भारत ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई

    हॉकी : फाइनल में इंग्लैंड हराया, फिर भी भारत ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई


    हैदराबाद।
    एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 क्वालिफायर्स के फाइनल में भारत की महिला हॉकी टीम को इंग्लैंड के हाथों 0-2 की हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस हार के बावजूद भारतीय टीम ने आगामी हॉकी वर्ल्ड कप, बेल्जियम और नीदरलैंड्स 2026 के लिए क्वालिफाई कर लिया।

    जीएमसी बालयोगी हॉकी ग्राउंड में खेले गए मैच में इंग्लैंड की ग्रेस बाल्सडॉन (13’) और एलिजाबेथ नील (43’) ने गोल किए, जबकि भारतीय टीम कोई गोल नहीं कर सकी।

    भारत ने मैच की शुरुआत आक्रामक रूप से की। नवीत कौर की मदद से पहले दो मिनट में ही भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन उनका ड्रैग फ्लिक इंग्लैंड की गोलकीपर ने रोका। पहले क्वार्टर के अंत में इंग्लैंड ने पेनल्टी कॉर्नर का फायदा उठाते हुए ग्रेस बाल्सडॉन ने गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई।

    दूसरे क्वार्टर में खेल समान रूप से संतुलित रहा। भारत ने पहले हाफ में आठ बार सर्कल में प्रवेश किया और इंग्लैंड की रक्षा को चुनौती दी, लेकिन गोलकीपर पर दबाव डालने में सफल नहीं रही। इंग्लैंड ने अपनी एक गोल की बढ़त को पहले हाफ के अंत तक बनाए रखा।

    तीसरे क्वार्टर में इंग्लैंड ने खेल की गति को नियंत्रित किया और गेंद पर कब्जा बनाए रखा। इस दौरान भारत को कुछ मौके मिले, लेकिन वे गोल में बदल नहीं सके। एलिजाबेथ नील का गोल भारतीय डिफेंडर से टकराने के बाद गोलपोस्ट में गया, जिससे इंग्लैंड की बढ़त 2-0 हो गई।

    चौथे क्वार्टर में भारत लगातार गोल की तलाश में आगे बढ़ता रहा और अंतिम क्षणों में पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किया। लेकिन टीम गोल नहीं कर पाई और इंग्लैंड ने 2-0 की जीत दर्ज की।

    हालांकि इस हार के बावजूद भारतीय महिला टीम ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर सभी भारतीय हॉकी प्रशंसकों के लिए उत्साहजनक संदेश दिया। कोच और खिलाड़ियों ने मैच के दौरान अनुशासन और टीम वर्क का शानदार प्रदर्शन किया।

  • करदाताओं को भेजे गए अग्रिम टैक्स रिमाइंडर ईमेल में गड़बड़ी, आयकर विभाग ने जारी किया स्पष्टीकरण

    करदाताओं को भेजे गए अग्रिम टैक्स रिमाइंडर ईमेल में गड़बड़ी, आयकर विभाग ने जारी किया स्पष्टीकरण


    नई दिल्ली।
    आयकर विभाग ने शनिवार को करदाताओं से आकलन वर्ष 2026-27 (वित्त वर्ष 2025–26) के लिए अग्रिम कर ई-अभियान के तहत भेजे गए ईमेल संदेशों के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया है। विभाग ने करदाताओं से त्रुटिपूर्ण ईमेल को नजरअंदाज करने की अपील की है।

    आयकर विभाग ने ‘एक्स’ पोस्ट पर जारी एक बयान में कहा कि उसे करदाताओं से गलत जानकारी वाले ईमेल मिलने की शिकायतें प्राप्त हुई है। विभाग ने इस मुद्दे को ध्यान में लाने के लिए करदाताओं का धन्यवाद किया और असुविधा के लिए माफी मांगी है। आयकर ने बताया कि संचार प्रणाली के लिए जिम्मेदार सेवा प्रदाता के समन्वय से इस मामले को सुलझाया जा रहा है।

    आयकर विभाग ने इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी करते हुए करदाताओं से इन ईमेल को फिलहाल नजरअंदाज करने की अपील की है। विभाग ने स्वीकार किया है कि अग्रिम कर ई-अभियान के तहत भेजे गए कुछ ईमेल में महत्वपूर्ण लेन-देन से संबंधित गलत विवरण थे। दरअसल यह समस्या आकलन वर्ष 2026-27 (वित्त वर्ष 2025-26) के लिए भेजे गए ईमेल में सामने आई है। विभाग ने करदाताओं को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।

    विभाग ने करदाताओं से अनुरोध किया है कि वे पहले भेजे गए त्रुटिपूर्ण ईमेल को अनदेखा करें। विभाग ने करदाताओं को सलाह दी है कि वे अपनी लेन-देन की जानकारी की पुष्टि आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध अनुपालन पोर्टल के ‘ई-अभियान’ टैब के जरिए करें। ये संचार केवल करदाताओं को उनकी वित्तीय जानकारी की समीक्षा करने और अग्रिम कर का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए एक अनुस्मारक के रूप में कार्य करते हैं। विभाग ने इस प्रक्रिया में करदाताओं से सहयोग की अपेक्षा की है।

    उल्लेखनीय है कि पिछले एक-दो दिनों से कई करदाताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) को आयकर विभाग की ओर से ‘नज’ ईमेल भेजे जा रहे थे। विभाग के इन ईमेल में यह कहा गया था कि करदाता द्वारा किया गया एडवांस टैक्स भुगतान उनके वित्तीय लेन-देन से मेल नहीं खाता है। इसके साथ ही ईमेल में उस साल के दौरान किए गए कुछ ‘महत्वपूर्ण ट्रांजैक्शन’ का भी जिक्र किया गया था। इसके बाद आयकर विभाग ने स्पष्टीकरण जारी किया है।