Author: bharati

  • कंगना रनौत का ट्रोलर्स पर वार: ऐश्वर्या राय को लेकर दिया सख्त जवाब

    कंगना रनौत का ट्रोलर्स पर वार: ऐश्वर्या राय को लेकर दिया सख्त जवाब


    नई दिल्ली। कान फिल्म फेस्टिवल 2026 में ऐश्वर्या राय बच्चन एक बार फिर अपने ग्लैमरस और एलिगेंट लुक्स को लेकर चर्चा में आ गई हैं। रेड कार्पेट पर उनके अलग-अलग फैशन एक्सपेरिमेंट्स को जहां एक तरफ खूब सराहा गया, वहीं सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। इस बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस और राजनेता कंगना रनौत उनके समर्थन में सामने आई हैं और ट्रोलर्स को कड़ा जवाब दिया है।

    कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर ऐश्वर्या राय की तारीफ करते हुए कहा कि फैशन और स्टाइल किसी व्यक्ति के आत्म-अभिव्यक्ति का माध्यम होता है और किसी भी महिला को किसी को कुछ साबित करने की जरूरत नहीं होती। उन्होंने लिखा कि ऐश्वर्या बेहद शानदार लग रही हैं और जो लोग उन्हें आलोचना की नजर से देख रहे हैं, उन्हें पहले खुद को देखना चाहिए।

    कंगना ने अपनी पोस्ट में साफ कहा कि ऐश्वर्या राय किसी को खुश करने के लिए रेड कार्पेट पर नहीं आतीं, बल्कि वह अपनी मौजूदगी और आत्मविश्वास से वहां चमकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर लोगों को उम्रदराज महिलाओं को रेड कार्पेट पर देखने की आदत नहीं है, तो अब उन्हें इसकी आदत डाल लेनी चाहिए।

    कंगना के इस बयान ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है, जहां एक वर्ग उनके समर्थन को सही ठहरा रहा है तो दूसरा इसे अलग नजरिए से देख रहा है। हालांकि, कई यूजर्स ने कंगना के बयान को महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास से जोड़ते हुए सराहा भी है।

    इस बीच कान फिल्म फेस्टिवल में ऐश्वर्या राय के साथ उनकी बेटी आराध्या बच्चन भी नजर आईं, जिसने इस बार खास ध्यान खींचा। रूबी रेड गाउन में आराध्या का रेड कार्पेट डेब्यू काफी चर्चा में रहा और उनकी तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं।

    ऐश्वर्या राय हर साल की तरह इस बार भी अपने स्टाइल और ग्रेस के कारण सुर्खियों में बनी हुई हैं, जबकि कंगना रनौत का यह समर्थन बयान इस पूरे मामले को और अधिक चर्चित बना रहा है।

  • आकाश में 31 मई की रात दिखेगा दुर्लभ नजारा…. Blue Moon होगा पूर्णिमा का चांद

    आकाश में 31 मई की रात दिखेगा दुर्लभ नजारा…. Blue Moon होगा पूर्णिमा का चांद


    नई दिल्ली।
    आसमान (Sky) में होने वाली खगोलीय घटनाएं (Astronomical Events) हमेशा लोगों को आकर्षित करती हैं और मई 2026 के अंत में ऐसा ही एक दुर्लभ नजारा (Rare sight) देखने को मिलने वाला है. इस महीने के दौरान दूसरी बार पूर्णिमा का चंद्रमा (Full Moon) दिखाई देगा, जिसे लोकप्रिय रूप से “ब्लू मून” (Blue Moon) कहा जाता है. यह घटना बहुत कम देखने को मिलती है, इसलिए खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह खास अवसर माना जा रहा है.

    मई 2026 की पहली पूर्णिमा 1 मई को दिखाई दी थी, जबकि दूसरी पूर्णिमा 31 मई को दिखाई देगी. एक ही कैलेंडर महीने में दो पूर्ण चंद्रमा दिखाई देने की वजह से इस दूसरे पूर्णिमा चंद्रमा को Blue Moon कहा जाता है. हालांकि इसके नाम से ऐसा लग सकता है कि चंद्रमा नीले रंग का दिखाई देगा, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता.


    क्या है Blue Moon?

    Blue Moon एक खगोलीय घटना है, जिसमें एक ही कैलेंडर महीने के भीतर दो बार पूर्णिमा आती है. आमतौर पर किसी महीने में केवल एक ही पूर्णिमा होती है, लेकिन कभी-कभी चंद्रमा के चक्र और कैलेंडर की गणना के बीच अंतर के कारण ऐसा अवसर बन जाता है जब एक महीने में दो पूर्णिमा दिखाई देती हैं.

    जब दूसरी पूर्णिमा उसी महीने में आती है, तो उसे Blue Moon कहा जाता है. यह घटना हर साल नहीं होती, इसलिए इसे दुर्लभ माना जाता है. यही कारण है कि दुनिया भर के स्काईवॉचर्स इस घटना का बेसब्री से इंतजार करते हैं.


    31 मई को कब और कहां दिखाई देगा Blue Moon?

    रिपोर्ट के अनुसार, 31 मई 2026 को Blue Moon पूर्वी दिशा के आसमान में उदय होगा. यह सामान्य पूर्णिमा की तुलना में क्षितिज के थोड़ा नीचे दिखाई देगा और कन्या राशि (Virgo Constellation) के दाईं ओर नजर आएगा.

    मौसम साफ रहने पर लोग इसे खुली जगहों से आसानी से देख सकेंगे. शहरों की तेज रोशनी से दूर क्षेत्रों में यह नजारा और भी शानदार दिखाई दे सकता है. चूंकि यह घटना महीने के अंतिम दिन हो रही है, इसलिए इसे वर्ष 2026 के सबसे चर्चित चंद्र घटनाओं में से एक माना जा रहा है.


    Blue Moon नाम क्यों पड़ा?

    कई लोगों को लगता है कि Blue Moon के दौरान चंद्रमा नीला दिखाई देता है, लेकिन वास्तव में इसका रंग सामान्य पूर्णिमा जैसा ही रहता है. “Blue Moon” केवल एक खगोलीय नाम है, जो एक महीने में दूसरी पूर्णिमा को दिया जाता है.

    इस नाम का उपयोग वर्षों से किया जाता रहा है और यह धीरे-धीरे लोकप्रिय संस्कृति का हिस्सा बन गया. हालांकि कुछ विशेष वायुमंडलीय परिस्थितियों में चंद्रमा हल्का नीला दिखाई दे सकता है, लेकिन इसका इस खगोलीय घटना से कोई सीधा संबंध नहीं होता.


    आखिर Blue Moon होता क्यों है?

    Blue Moon की वजह चंद्रमा और कैलेंडर के बीच मौजूद समय का अंतर है. पृथ्वी को अपनी धुरी पर एक चक्कर लगाने में 24 घंटे लगते हैं, जिससे एक दिन बनता है. वहीं पृथ्वी को सूर्य का एक चक्कर पूरा करने में लगभग 365 दिन लगते हैं, जिससे एक वर्ष बनता है.

    दूसरी ओर, चंद्रमा को पृथ्वी के चारों ओर एक पूरा चक्र पूरा करने में लगभग 29.5 दिन लगते हैं. यदि 12 चंद्र चक्रों को जोड़ा जाए, तो यह एक कैलेंडर वर्ष से लगभग 11 दिन कम होता है. यही अंतर समय के साथ बढ़ता जाता है और कभी-कभी किसी वर्ष में एक अतिरिक्त पूर्णिमा दिखाई देने लगती है. इसी वजह से मई 2026 में दो पूर्णिमा देखने को मिलेंगी.


    मई की पहली पूर्णिमा को क्या कहा गया?

    मई 2026 की पहली पूर्णिमा 1 मई को दिखाई दी थी, जिसे “फ्लावर मून” (Flower Moon) कहा जाता है. यह नाम वसंत ऋतु में फूलों के खिलने से जुड़ा हुआ है. उत्तरी गोलार्ध के कई हिस्सों में इस समय प्रकृति पूरी तरह खिल उठती है, इसलिए इस पूर्णिमा को Flower Moon का नाम दिया गया. पहली पूर्णिमा और दूसरी पूर्णिमा के बीच लगभग 29.5 दिनों का अंतर होता है. इसी कारण मई के अंत तक एक और पूर्णिमा दिखाई दे रही है, जो Blue Moon के रूप में जानी जाएगी.


    खगोल प्रेमियों के लिए खास मौका

    Blue Moon केवल एक सुंदर दृश्य ही नहीं, बल्कि यह हमें चंद्रमा और पृथ्वी की गति को बेहतर तरीके से समझने का अवसर भी देता है. खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह एक यादगार रात हो सकती है. यदि मौसम साफ रहा तो 31 मई की रात आसमान में चमकता हुआ पूर्ण चंद्रमा एक शानदार दृश्य पेश करेगा।

  • Natural Beauty Care: दही और चावल का आटा त्वचा के लिए क्यों है फायदेमंद?

    Natural Beauty Care: दही और चावल का आटा त्वचा के लिए क्यों है फायदेमंद?


    नई दिल्ली । आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी और प्रदूषण के कारण त्वचा की समस्याएं आम हो गई हैं। ऐसे में लोग महंगे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स की बजाय प्राकृतिक और घरेलू नुस्खों की ओर रुख कर रहे हैं। दही और चावल का आटा त्वचा की देखभाल के लिए एक बेहद सरल और प्रभावी उपाय माना जाता है, जिसे आसानी से घर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

    दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा की गहराई से सफाई करने में मदद करता है और डेड स्किन सेल्स को हटाता है। वहीं चावल का आटा एक प्राकृतिक स्क्रब की तरह काम करता है, जो त्वचा को एक्सफोलिएट कर उसे मुलायम और चमकदार बनाता है। जब इन दोनों को मिलाकर फेस पैक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, तो यह त्वचा पर जमी गंदगी और टैनिंग को कम करने में सहायक होता है।

    इस फेस पैक को बनाने के लिए दो चम्मच दही में एक से दो चम्मच चावल का आटा मिलाकर एक पेस्ट तैयार किया जाता है। इसे चेहरे पर हल्के हाथों से लगाकर 10 से 15 मिनट तक छोड़ दिया जाता है। सूखने के बाद हल्के हाथों से मसाज करते हुए धोने पर त्वचा साफ और ताजगी भरी नजर आती है।

    यह नुस्खा खासतौर पर ऑयली और डल स्किन के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। यह न सिर्फ चेहरे की चमक बढ़ाता है, बल्कि पिंपल्स और दाग-धब्बों को कम करने में भी मदद करता है। नियमित उपयोग से त्वचा का रंग निखरता है और चेहरा प्राकृतिक रूप से ग्लो करने लगता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार यह एक सुरक्षित और केमिकल-फ्री उपाय है, लेकिन बहुत संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को पहले पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए। सप्ताह में दो से तीन बार इसका इस्तेमाल बेहतर परिणाम देता है।

    कुल मिलाकर दही और चावल का आटा त्वचा की देखभाल का एक आसान, सस्ता और असरदार तरीका है, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाने में मदद करता है।

  • चीन ने लॉन्च किया शेनझोउ 23 अंतरिक्ष यान… 3 लोगों को भेजा स्पेस स्टेशन

    चीन ने लॉन्च किया शेनझोउ 23 अंतरिक्ष यान… 3 लोगों को भेजा स्पेस स्टेशन


    बीजिंग।
    चीन (China) ने अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम (Space Program) को नई रफ्तार देते हुए रविवार रात शेनझोउ-23 अंतरिक्ष यान (Shenzhou-23 spacecraft) को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। इस मिशन के जरिए तीन अंतरिक्ष यात्रियों को चीन के तियांगोंग स्पेस स्टेशन (Tiangong Space Station) भेजा गया है। खास बात यह है कि इस मिशन में शामिल एक अंतरिक्ष यात्री पूरे एक साल तक अंतरिक्ष में रहेगा। चीन इसे इंसानी शरीर और दिमाग पर लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने के असर को समझने का बड़ा प्रयोग मान रहा है। इस मिशन को चीन के 2030 तक इंसान को चांद पर उतारने के लक्ष्य से भी जोड़कर देखा जा रहा है।


    क्या है शेनझोउ-23 मिशन की सबसे बड़ी खासियत?

    शेनझोउ-23 अंतरिक्ष यान को उत्तर-पश्चिम चीन स्थित जियुक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से लॉन्च किया गया। मिशन में कमांडर झू यांगझू के साथ झांग झियुआन और लाई का-यिंग शामिल हैं। लाई का-यिंग को चीनी अधिकारियों ने ली जियायिंग नाम से भी पहचान दी है। वह हांगकांग में जन्मी पहली महिला अंतरिक्ष यात्री हैं, जिन्हें किसी स्पेस मिशन में भेजा गया है। उनके पास कंप्यूटर फॉरेंसिक में डॉक्टरेट की डिग्री भी है। चीन ने इस मिशन को तकनीक और विज्ञान के क्षेत्र में अपनी बड़ी उपलब्धि बताया है।


    अंतरिक्ष स्टेशन पर क्या काम करेंगे वैज्ञानिक और यात्री?

    चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक यह टीम अंतरिक्ष स्टेशन पर कई वैज्ञानिक प्रयोग और तकनीकी परियोजनाओं पर काम करेगी। इसके साथ ही शेनझोउ-21 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ इन-ऑर्बिट रोटेशन भी किया जाएगा। शेनझोउ-21 की टीम पिछले 200 दिनों से ज्यादा समय से तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर मौजूद है। मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने से शरीर पर पड़ने वाले असर, काम करने की क्षमता और मानसिक स्थिति का अध्ययन करना होगा। चीन का कहना है कि इससे भविष्य के लंबे अंतरिक्ष मिशनों, खासकर चांद और उससे आगे की यात्राओं की तैयारी मजबूत होगी।


    क्या अमेरिका-चीन की अंतरिक्ष होड़ अब और तेज होगी?

    चीन लगातार अपने स्पेस प्रोग्राम को आगे बढ़ा रहा है। तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर पहले भी कई मिशन भेजे जा चुके हैं। चीन ने यह स्टेशन तब विकसित किया था, जब उसे राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन कार्यक्रम से लगभग बाहर कर दिया गया था। अब चीन और अमेरिका के बीच अंतरिक्ष को लेकर मुकाबला और तेज होता दिख रहा है। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा भी 2028 तक फिर से इंसानों को चांद पर उतारने की तैयारी कर रही है। ऐसे में चीन का यह मिशन सिर्फ वैज्ञानिक अभियान नहीं बल्कि ताकत और तकनीक का प्रदर्शन भी माना जा रहा है।


    तियांगोंग स्टेशन क्यों बन रहा है चीन की नई ताकत?

    तियांगोंग स्पेस स्टेशन का मतलब स्वर्गीय महल होता है। इस स्टेशन ने पहली बार 2021 में अंतरिक्ष यात्रियों की मेजबानी की थी। चीन का शेनझोउ कार्यक्रम लगातार विस्तार कर रहा है। पिछले साल इसी कार्यक्रम के तहत एक आपातकालीन मिशन भी चलाया गया था, जिसमें खराब अंतरिक्ष यान की वजह से स्टेशन पर फंसे अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित वापस लाया गया था। अब शेनझोउ-23 मिशन के जरिए चीन यह दिखाना चाहता है कि वह लंबे समय तक अंतरिक्ष में इंसानों को सुरक्षित रखने और बड़े वैज्ञानिक मिशन चलाने में सक्षम है। यही वजह है कि दुनिया की नजर इस मिशन पर टिकी हुई है।

  • MP: बांधवगढ़ रिजर्व क्षेत्र में बाघ ने घर में घुसकर किया हमला महिला की मौत, 3 घायल

    MP: बांधवगढ़ रिजर्व क्षेत्र में बाघ ने घर में घुसकर किया हमला महिला की मौत, 3 घायल


    उमरिया।
    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) के पास स्थित पनपथा गांव के खेरवा टोला (Kherwa Tola, Panpatha village) में रविवार तड़के करीब 3 बजे एक बाघ रिहायशी इलाके में घुस आया. बाघ ने अचानक ग्रामीणों पर हमला बोल दिया, जिसमें फूल बाई पाल (40) की मौके पर ही मौत हो गई. बाघ के इस हमले में तीन अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं

    फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय के अनुसार, हमले के बाद बाघ मृतिका के घर के अंदर ही घुस गया. जब वन विभाग की टीम बचाव अभियान के लिए पहुंची और बाघ को बेहोश करने के लिए ट्रैंक्विलाइजर किया, तो उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. जांच करने पर पता चला कि बाघ की पहले ही मौत हो चुकी थी. अधिकारियों ने ‘ओवरडोज’ के आरोपों से इनकार किया है।


    गुस्साए ग्रामीणों का वन अधिकारियों पर हमला

    बाघ के बार-बार होने वाले हमलों से गुस्साए ग्रामीणों का सब्र इस घटना के बाद टूट गया. ग्रामीणों ने कथित तौर पर वन रेंजर प्रतीक श्रीवास्तव को निशाना बनाया, जिससे वे घायल हो गए. एक महिला वन कर्मचारी के साथ भी हाथापाई की गई।

    ग्रामीणों का कहना है कि मदद के लिए बार-बार फोन करने के बावजूद अधिकारी समय पर नहीं पहुंचे. विरोध के कारण बचाव अभियान में देरी हुई और ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोक दिया.


    बाघ का दोबारा होगा पोस्टमार्टम

    बाघ की संदिग्ध मौत को देखते हुए प्रशासन ने नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) के प्रोटोकॉल के तहत कड़े कदम उठाए हैं. बाघ के शव को SWFH जबलपुर के डीप फ्रिज में सुरक्षित रखा गया है। दिल्ली और नागपुर के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में तीन पशु चिकित्सकों की टीम दोबारा शव का परीक्षण करेगी, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।


    मुआवजा और सहायता का ऐलान

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया और ‘X’ के माध्यम से राहत राशि की घोषणा की. मृतका फूल बाई पाल के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. वहीं, घायलों का मुफ्त इलाज होगा और अस्पताल में रहने के दौरान उन्हें 500 रुपये प्रतिदिन का खर्च दिया जाएगा. गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।


    बढ़ता मानव-बाघ संघर्ष

    हाल ही में ऐसी घटनाओं में इजाफा हुआ है. शुक्रवार को ही महाराष्ट्र के चंद्रपुर में भी बाघ के हमले में चार महिलाओं की मौत हो गई थी. बांधवगढ़ में हुई यह घटना वन्यजीव प्रबंधन और ग्रामीणों की सुरक्षा के बीच बढ़ती खाई को दर्शाती है।

  • MP: छतरपुर में बेकाबू ट्रक ने ई-रिक्शा को रौंदा, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, 5 घायल

    MP: छतरपुर में बेकाबू ट्रक ने ई-रिक्शा को रौंदा, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, 5 घायल


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर जिले (Chhatarpur district) में रविवार को दर्दनाक सड़क हादसा (Tragic Road Accident) हो गया। बिजावर रोड स्थित मतगुवा पेट्रोल पंप के पास ई-रिक्शा और ट्रक की जोरदार टक्कर में एक ही परिवार के तीन लोगों (Three people) की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    जानकारी के मुताबिक, हटनाई थाना ईशानगर निवासी करंजू आदिवासी अपने परिवार के साथ बटन नंदगाय, सटई से ई-रिक्शा में सवार होकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान मतगुवा की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे में सुमन आदिवासी (16 वर्ष), सोमवती आदिवासी (8 वर्ष) और भूरा आदिवासी (5 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। तीनों एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। वहीं हादसे में करंजू आदिवासी (41 वर्ष), कन्हैया आदिवासी (14 वर्ष), गेंदा आदिवासी (38 वर्ष) और अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    बताया गया है कि घायल किशन आदिवासी विजयपुरा सटई निवासी हैं, जो टैक्सी चालक और मृतकों के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। हादसे के बाद मृतकों के परिवार में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

  • Somvar Shivling Puja: सही विधि से करें पूजा, मिलेंगे सुख-शांति और मनोकामना पूर्ति के संकेत

    Somvar Shivling Puja: सही विधि से करें पूजा, मिलेंगे सुख-शांति और मनोकामना पूर्ति के संकेत


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में भगवान शिव को अत्यंत दयालु और शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है। विशेष रूप से सोमवार का दिन शिव भक्ति के लिए सबसे शुभ माना गया है। इस दिन शिवलिंग पर विधि-विधान से पूजा करने और कुछ खास वस्तुएं अर्पित करने से जीवन के सभी दुख और कष्ट दूर होने की मान्यता है।

    सोमवार के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद भक्त शिवालय या घर के मंदिर में शिवलिंग की पूजा करते हैं। पूजा की शुरुआत गंगाजल से शिवलिंग के अभिषेक से होती है। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है। यह प्रक्रिया न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का भी स्रोत मानी जाती है।

    शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाना अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और इसे अर्पित करने से भक्तों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। इसके साथ ही धतूरा, भांग और आक के फूल भी शिव पूजा में विशेष महत्व रखते हैं। सफेद पुष्प जैसे कनेर और चमेली चढ़ाने से भी भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

    पूजा के दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस मंत्र के नियमित जाप से मन शांत होता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। भक्त सोमवार का व्रत भी रखते हैं, जिसमें फलाहार या एक समय सात्विक भोजन ग्रहण किया जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग पर जल अर्पित करने से मन की शुद्धि होती है और जीवन में चल रही बाधाएं दूर होती हैं। वहीं दूध अर्पित करने से मानसिक शांति और पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है। शहद और घी अर्पित करने से आर्थिक समृद्धि के मार्ग खुलते हैं।

    सोमवार की शिव पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी मानी जाती है जो जीवन में तनाव, कर्ज या रिश्तों की समस्याओं से जूझ रहे हों। कहा जाता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा जीवन में चमत्कारिक बदलाव ला सकती है।

    कुल मिलाकर सोमवार को शिवलिंग पूजा न केवल एक धार्मिक परंपरा है, बल्कि यह आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन में संतुलन स्थापित करने का एक शक्तिशाली माध्यम भी है।

  • Chardham Yatra: एक माह में 8 लाख से अधिक भक्तों ने किए बाबा केदारनाथ के दर्शन….

    Chardham Yatra: एक माह में 8 लाख से अधिक भक्तों ने किए बाबा केदारनाथ के दर्शन….


    रुद्रप्रयाग।
    केदारनाथ यात्रा (Kedarnath Yatra) को एक माह पूरा हो गया है। इस अवधि में 8 लाख से अधिक तीर्थयात्री बाबा केदार (Baba Kedar) के दर्शन कर चुके हैं। जबकि इस बीच एक लाख से अधिक यात्री वाहन केदारघाटी में पहुंचे हैं। अभी तक की यात्रा में 65 फीसदी युवा एवं 35 फीसदी बुर्जुग एवं अन्य यात्री धाम पहुंचे हैं।

    बीती 22 अप्रैल को भगवान केदारनाथ (Lord Kedarnath) के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोले गए। पहले ही दिन 38000 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। जबकि इसके बाद यात्री संख्या लगातार बढ़ती रही। अप्रैल माह से लेकर मई माह में निरंतर यात्रियों का सैलाब केदारधाम उमड़ रहा है।


    चारधामों में सबसे अधिक केदारनाथ पहुंचे

    चारधामों में केदारनाथ में सर्वाधिक यात्री पहुंच रहे हैं। 23 मई तक केदारनाथ धाम में 811923 तीर्थयात्रियों ने दर्शन कर लिए हैं। वहीं जून माह में स्कूलों में अवकाश होते ही यात्रियों की संख्या इससे भी अधिक होगी।

    इसके लिए प्रशासन, पुलिस और बीकेटीसी विशेष तैयारियों में लगी है। भीड़ नियंत्रण के लिए आला अधिकारी बैठकें कर योजना बना रहे हैं ताकि सभी यात्रियों को सुलभ दर्शन कराए जा सके। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि अभी तक रिकार्ड यात्री दर्शनों को पहुंचे हैं। अब स्कूलों में अवकाश होते ही यात्री संख्या बढ़ेगी इसके लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।


    39 यात्रियों की हो चुकी मौत

    केदारनाथ यात्रा में कई यात्रियों को मुश्किलें भी उठानी पड़ रही है। ऑक्सीजन की कमी और ठंड के चलते यहां यात्रियों का स्वास्थ्य भी खराब हो रहा है। अभी तक विभिन्न कारणों से 39 यात्रियों की मौत हो चुकी है।


    बीकेटीसी को हो चुकी 14.50 करोड़ की आय

    एक महीने की अवधि में बदरी-केदार मंदिर समिति को 14.50 करोड़ की आय हुई है। बदरी केदार मंदिर समिति बड़ी संख्या में आ रहे तीर्थयात्रियों को सुलभ दर्शन कराने के लिए दिन रात ड्यूटी पर तैनात है। दिनभर में केदारनाथ मंदिर महज 3-4 घंटे ही बंद हो रहा है। अन्य समय मंदिर दर्शनों के लिए खुला रखा गया है।


    30925 यात्री कर चुके हैं हेलीकॉप्टर से यात्रा

    केदारनाथ के लिए 8 हेलीकॉप्टर कम्पनियों से 30025 यात्री यात्रा कर चुके हैं। जबकि हेलीकॉप्टरों ने एक माह की अवधि में कुल 5362 उड़ाने की है। इस दौरान 30925 यात्री हेलीकॉप्टर से केदारनाथ गए जबकि 30822 तीर्थयात्री केदारनाथ से वापस आए।

    घोड़े-खच्चरों से 2 करोड़ 44 लाख की आय
    मुख्य विकास अधिकारी आरएस रावत ने बताया कि केदारनाथ यात्रा में इस साल 7744 घोड़े खच्चर पंजीकृत है जबकि इनसे अभी तक 2 करोड़ 44 लाख 91 हजार की आय प्राप्त हुई है। अभी लम्बी यात्रा शेष है। जिससे आय में भी रिकार्ड इजाफा होगा।

  • PM मोदी को झालमुड़ी खिलाकर फेमस हुए बंगाल के विक्रम को पाक-बांग्लादेश से मिल रही धमकियां…..

    PM मोदी को झालमुड़ी खिलाकर फेमस हुए बंगाल के विक्रम को पाक-बांग्लादेश से मिल रही धमकियां…..


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal.) के झारग्राम (Jhargram) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के चुनाव प्रचार के दौरान सड़क किनारे के स्टॉल से झालमुड़ी (Jhalmuri) खरीदने का वीडियो वायरल हुआ था। उस स्टॉल के मालिक विक्रम कुमार साहू अचानक चर्चा में आ गए। पीएम मोदी खुद उनके हाथ से तैयार झालमुड़ी खाते दिखे। हालांकि, फेमस होने के साथ ही साहू की मुश्किलें भी शुरू हो गईं। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से उनके मोबाइल पर बार-बार मौत की धमकियां मिल रही हैं। धमकियां टेक्स्ट मैसेज, व्हाट्सएप और वीडियो कॉल के जरिए आ रही हैं।

    एक वीडियो कॉल में तो साहू को बंदूक दिखाकर धमकाया गया। इससे उनके परिवार में दहशत फैल गई और उन्होंने कुछ दिनों के लिए अपनी दुकान भी बंद कर दी थी। झारग्राम पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साहू के स्टॉल पर यूनिफॉर्म और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों की तैनाती कर दी है। स्टॉल पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। साइबर क्राइम एक्सपर्ट्स को भी मामले में शामिल किया गया है।


    धमकियां देने वाले फोन नंबर्स की पहचान

    पुलिस अधिकारी के अनुसार, धमकियां देने वाले फोन नंबर्स की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज होने के बाद सुरक्षा के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच शुरू कर दी गई है। साहू ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि धमकियों से वे और उनका परिवार बेहद डरा हुआ था। साहू ने कहा कि शुरुआती दिनों में डर के मारे दुकान बंद रखनी पड़ी, लेकिन अब पुलिस सुरक्षा के साथ वे फिर से अपने काम पर लौट आए हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी का झालमुड़ी खाने का वीडियो न सिर्फ चुनावी अभियान को यादगार बनाया, बल्कि झालमुड़ी जैसे पारंपरिक बंगाली स्ट्रीट फूड को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। विपक्ष ने इसे लेकर निशाना भी साधा। झारग्राम पुलिस का कहना है कि वे हर स्तर पर साहू की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। इस मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी ताकि दोषियों को सजा मिल सके।

  • भीषण गर्मी के बीच जल्द दस्तक दे सकती है मॉनसून….. इस साल समय से पहले होगी एंट्री

    भीषण गर्मी के बीच जल्द दस्तक दे सकती है मॉनसून….. इस साल समय से पहले होगी एंट्री


    नई दिल्ली।
    केरल (Keral) में भारी बारिश (Heavy Rain) का दौर शुरू हो गया है। इससे संकेत मिलने लगे हैं कि भीषण गर्मी के बीच मॉनसून (Monsoon) की एंट्री जल्द ही हो सकती है। हालांकि, इसे लेकर IMD यानी भारत मौसम विज्ञान ने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा है। अनुमान लगाया जा रहा था कि केरल में मॉनसून (Monsoon) 26 मई तक दस्तक दे सकता है। इधर, राजधानी दिल्ली (Delhi) अभी तीन दिन तपने के लिए तैयार है।


    कहां पहुंचा मॉनसन

    IMD ने रविवार रात जानकारी दी है कि अगले 2 से 3 दिनों के दौरान दक्षिण पश्चिम मॉनसून के अरब सागर के दक्षिण पश्चिम और दक्षिण पूर्व, कोमोरिन इलाके, दक्षिण पूर्व और पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के बचे हुए हिस्सों में बढ़ने के लिए स्थिति अनुकूल है। हालांकि, केरल में मॉनसून पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून है।


    केरल में येलो अलर्ट

    25 मई को पतनमतिट्टा, आलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड में येलो अलर्ट जारी किया गया है। जबकि, इसके अगले दिन यानी 26 मई को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, आलाप्पुझा और एर्नाकुलम में अलर्ट है। 27 मई को केवल तीन जिलों तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और आलाप्पुझा का नाम दिया गया है।

    अंत में 28 मई को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पतनमतिट्टा, आलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम और इडुक्की को इस सूची में शामिल किया गया है। मौसम विभाग ने मानसून के 26 मई को राज्य में दस्तक देने का अनुमान जताया है। विभाग ने 28 मई से तीन जून के बीच केरल के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का भी अनुमान जताया है।


    देश की सबसे गर्म जगह

    कई राज्यों में रविवार को भीषण गर्मी पड़ी जिनमें से महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र का ब्रह्मपुरी 47.2 डिग्री सेल्सियस के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रहा। हालांकि, मौसम विभाग ने 29 मई से गर्मी से धीरे-धीरे राहत मिलने का अनुमान लगाया है। आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में कहा, ‘अगले सात दिनों तक मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में तथा अगले 3-5 दिनों तक पूर्वी और उससे सटे प्रायद्वीपीय भारत में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है।’


    भयंकर गर्मी के आसार

    जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने लू की चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले तीन से चार दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। यह भी अनुमान है कि 26 और 27 मई को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में पारा 46-47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

    हालांकि, आंध्र प्रदेश में मौसम की स्थिति इसके विपरीत है। कई जिलों में भीषण गर्मी पड़ रही है, जबकि कुछ क्षेत्रों में आने वाले दिनों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने रविवार को चेतावनी जारी की कि अगले तीन दिनों तक भीषण लू चलने की आशंका है।