Author: bharati

  • होली खेलते समय रहें सावधान, कान में गया रंग बना सकता है सूजन दर्द और फंगल इंफेक्शन की वजह

    होली खेलते समय रहें सावधान, कान में गया रंग बना सकता है सूजन दर्द और फंगल इंफेक्शन की वजह


    नई दिल्ली :होली का त्योहार खुशियों रंगों और उत्साह का प्रतीक है। इस दिन लोग एक-दूसरे पर रंग और पानी डालकर जश्न मनाते हैं। लेकिन मस्ती के बीच अक्सर कुछ छोटी लापरवाहियां बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन जाती हैं। आमतौर पर लोग होली के रंग से त्वचा और बालों को होने वाले नुकसान की बात करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यही रंग कान की नली को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

    कान की नली बेहद पतली और संवेदनशील त्वचा से बनी होती है। जब सूखा या गीला रंग कान के अंदर चला जाता है तो यह नमी के संपर्क में आकर अंदर ही चिपक सकता है। धीरे-धीरे यह रंग कान के मैल के साथ मिलकर सख्त परत बना देता है, जिससे कान में भारीपन महसूस होने लगता है। कई बार लोगों को लगता है कि यह सामान्य गंदगी है और वे कॉटन बड या पिन जैसी नुकीली चीजों से इसे निकालने की कोशिश करते हैं। यह आदत स्थिति को और बिगाड़ सकती है। इससे मैल और रंग और अंदर धकेल दिया जाता है, कान की नली में सूजन बढ़ जाती है और तेज दर्द शुरू हो सकता है।

    रंगों में मौजूद केमिकल्स भी समस्या को गंभीर बना सकते हैं। ये केमिकल त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे एलर्जिक रिएक्शन शुरू हो सकता है। कान की नली में यह प्रतिक्रिया ज्यादा तीव्र होती है, जिसके कारण खुजली, जलन और सूजन महसूस होती है। अगर कान में लगातार नमी बनी रहती है तो फंगल संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। कुछ मामलों में बैक्टीरियल संक्रमण विकसित होकर मवाद जैसा स्राव, तेज दर्द और सुनाई कम देने जैसी परेशानी पैदा कर सकता है।

    होली खेलने के बाद अगर कान में लगातार खुजली हो रही है, दर्द या इरिटेशन महसूस हो रहा है, पानी या मवाद जैसा तरल निकल रहा है या सुनने की क्षमता कम हो रही है तो इन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि रंग या पानी कान के ज्यादा अंदर तक चला गया हो तो चक्कर आने की शिकायत भी हो सकती है। बच्चों में यह समस्या अधिक देखी जाती है क्योंकि वे खेलते समय सावधानी कम बरतते हैं।

    अगर होली खेलते समय कान में रंग चला जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे जरूरी बात है कि कान में कोई भी नुकीली वस्तु बिल्कुल न डालें। सिर को एक तरफ झुकाकर हल्के से बाहर की ओर थपथपाएं ताकि फंसा हुआ पानी या ढीला रंग बाहर निकल सके। अगर कान में पानी गया है तो बाहरी हिस्से को सूखे और साफ कपड़े से धीरे से पोंछ लें।

    यदि 24 से 48 घंटे के भीतर लक्षण कम नहीं होते या दर्द बढ़ता है तो ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है। डॉक्टर माइक्रोस्कोप की मदद से सुरक्षित तरीके से कान की सफाई करते हैं और जरूरत पड़ने पर एंटीबायोटिक या एंटीफंगल ड्रॉप्स देते हैं।

    होली खेलने से पहले कुछ सावधानियां अपनाकर इन समस्याओं से बचा जा सकता है। कान के बाहरी हिस्से में हल्की पेट्रोलियम जेली लगाने से रंग सीधे त्वचा पर चिपकने से बचता है। होली खेलते समय किसी के कान में जबरदस्ती पानी न डालें। कोशिश करें कि ऑर्गेनिक या हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें और संभव हो तो कानों को ढककर होली खेलें। थोड़ी सी सतर्कता आपको त्योहार की खुशियों के साथ स्वास्थ्य भी सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है।

  • मध्य प्रदेश में फिल्म ‘शतक’ टैक्स फ्री, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की घोषणा

    मध्य प्रदेश में फिल्म ‘शतक’ टैक्स फ्री, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की घोषणा


    भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को प्रदेश में टैक्स फ्री करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह फिल्म राष्ट्रसेवा और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रभावशाली संदेश देती है।

    मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में जानकारी दी कि फिल्म ‘शतक’ को पूरे मध्य प्रदेश में करमुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म उस सांस्कृतिक परंपरा और राष्ट्रनिर्माण के विचार को सशक्त रूप से प्रस्तुत करती है, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दशकों से आगे बढ़ाया है। उनके अनुसार, संगठित विचार, मजबूत चरित्र और सेवा भाव से ही आत्मनिर्भर और सशक्त भारत का निर्माण संभव है।

    गौरतलब है कि ‘शतक’ 20 फरवरी को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म में संघ के 100 वर्षों की यात्रा को दर्शाया गया है। इसकी कहानी 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा संगठन की स्थापना से शुरू होती है और दिखाया गया है कि किस प्रकार एक छोटे समूह से शुरू हुआ प्रयास आज विशाल संगठन में बदल गया।

    फिल्म में डॉ. हेडगेवार के साथ उनके उत्तराधिकारी माधव सदाशिव गोलवलकर (गुरुजी) के जीवन और संघर्षों को प्रमुखता से उकेरा गया है। साथ ही स्वतंत्रता संग्राम, विभाजन काल, दादरा और नगर हवेली की मुक्ति, कश्मीर मुद्दा और 1975 के आपातकाल के दौरान संगठन की भूमिका को भी दर्शाया गया है।

    फिल्म की खासियत यह है कि इसमें एआई और आधुनिक ग्राफिक्स तकनीक के जरिए विनायक दामोदर सावरकर, महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल और सुभाष चंद्र बोस जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।

    फिल्म का निर्देशन आशीष मॉल ने किया है, जबकि निर्माण वीर कपूर ने किया है। अभिनेता अजय देवगन ने फिल्म की कहानी को अपनी आवाज दी है। मुख्यमंत्री के इस फैसले का प्रदेश में व्यापक स्वागत किया जा रहा है।

  • इंदौर में होली पर टेपा सम्मेलन हास्य व्यंग्य कवियों की प्रस्तुति सब्जियों की माला से अनोखा सम्मान

    इंदौर में होली पर टेपा सम्मेलन हास्य व्यंग्य कवियों की प्रस्तुति सब्जियों की माला से अनोखा सम्मान


    Indoreहोली के रंगों के बीच इंदौर में इस बार हंसी और व्यंग्य का ऐसा समागम सजा जिसने लोगों को देर रात तक ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया। मल्हारगंज मेनरोड स्थित नेमीनाथ चौराहे पर आयोजित टेपा सम्मेलन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि त्योहार केवल रंग और गुलाल तक सीमित नहीं होते बल्कि वे सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और सामाजिक जुड़ाव का भी बड़ा माध्यम हैं।

    Indore में आयोजित इस खास आयोजन में शहरभर से लोग जुटे और मंच पर सजे हास्य व्यंग्य के रंगों का भरपूर आनंद लिया। सम्मेलन में सरिता सरोज विभा सिंह गोविंद शर्मा राजेश लोटपोट ब्रजकिशोर पटेल और अकबर ताज जैसे चर्चित कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को जीवंत बनाए रखा। समसामयिक मुद्दों सामाजिक विसंगतियों और राजनीतिक हालात पर किए गए हल्के फुल्के कटाक्षों ने दर्शकों को सोचने पर भी मजबूर किया और हंसी से लोटपोट भी कर दिया।

    कार्यक्रम की सबसे खास बात रही सम्मान का अनोखा अंदाज। जहां आमतौर पर मंचों पर महंगी शॉल और फूलों के गुलदस्ते भेंट किए जाते हैं वहीं यहां अतिथियों को टाट की शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। फूलों की जगह सब्जियों की माला पहनाई गई सिर पर झाड़ू से बनी टोपी सजाई गई और गोभी के पत्तों से तैयार गुलदस्ता भेंट किया गया। इस व्यंग्यात्मक लेकिन सादगी भरे सम्मान ने मंच और पंडाल दोनों में मौजूद लोगों को खूब गुदगुदाया।

    यह आयोजन श्री एक पहल संस्था द्वारा पिछले डेढ़ दशक से लगातार किया जा रहा है और हर वर्ष इसकी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। इस बार कार्यक्रम में समाजसेवी सुभाष खण्डेलवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे जबकि नवीन गोधा प्रमुख अतिथि के तौर पर मंच पर मौजूद थे। अध्यक्षता योगेन्द्र महंत ने की और विशेष अतिथियों में नारायण अग्रवाल वीरेन्द्रजी गुप्ता सरदारमल जैन और नितेश जैन आरोन शामिल रहे।

    देर रात तक चले इस सम्मेलन में श्रोता अपनी सीटों से टस से मस नहीं हुए। हर कविता पर तालियों की गड़गड़ाहट और ठहाकों की गूंज माहौल को उत्साह से भर देती रही। मंच संचालन भी रोचक और चुटीले अंदाज में किया गया जिससे कार्यक्रम की ऊर्जा लगातार बनी रही।

    होली के इस आयोजन में उत्साह उस समय और बढ़ गया जब भारत की टी 20 टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने की खबर आई। कई दर्शक मोबाइल पर मैच का स्कोर देखते हुए भी कवियों की प्रस्तुतियों का आनंद लेते रहे। रंगों के इस पर्व पर हंसी का यह आयोजन लोगों के लिए यादगार बन गया।

    टेपा सम्मेलन ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल परंपराओं का निर्वाह नहीं बल्कि समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का अवसर भी होते हैं। जब रंगों के साथ हास्य और व्यंग्य का संगम हो जाए तो त्योहार की खुशी कई गुना बढ़ जाती है और यही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता रही।

  • भोपाल में नई आबकारी नीति लागू, शराब दुकानों को छोटे समूहों में बांटा गया

    भोपाल में नई आबकारी नीति लागू, शराब दुकानों को छोटे समूहों में बांटा गया


    नई दिल्ली। प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति लागू कर दी है। इस नीति के तहत शराब दुकानों को बड़े ठेकेदारों के एकाधिपत्य से मुक्त कर छोटे-छोटे समूहों में बांटा गया है। भोपाल में कुल 87 शराब दुकानों को 20 ग्रुप्स में बांटा गया है, जिनके आवंटन की प्रक्रिया ई-टेंडर के जरिए की जा रही है।
    पहले की व्यवस्था और बदलाव:
    वित्तीय वर्ष 2025-26 में भोपाल की सभी दुकानों को सिर्फ 4 बड़े ग्रुप में बांटा गया था। इससे बड़े ठेकेदारों का दबदबा कायम था। इस बार नई नीति के तहत छोटे और नए लाइसेंसियों को भागीदारी का मौका मिलेगा। एकाधिपत्य समाप्त होने से पुराने ठेकेदारों में चिंता है और वे घाटे का प्रचार करके नए ठेकेदारों को हतोत्साहित करने की कोशिश कर रहे हैं।
    राजस्व और मुनाफा
    अंकड़ों के अनुसार, वर्तमान वर्ष 2025-26 में फरवरी के अंत तक प्रत्येक ग्रुप ने 50 करोड़ रुपए से अधिक मुनाफा कमाया है। इसके बावजूद बड़े ठेकेदार घाटे का प्रचार कर रहे हैं ताकि नए ठेकेदार सामने न आएं और भविष्य में बड़े ग्रुप बनाकर उनका एकाधिपत्य कायम रहे।
    ठेके की कीमतों में वृद्धि
    वित्तीय वर्ष 2024-25 में ठेके की नीलामी 1193 करोड़ रुपए से अधिक में हुई थी, जो टारगेट से 11% यानी 120 करोड़ रुपए ज्यादा थी। इस बार आरक्षित मूल्य 1432 करोड़ रुपए रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20% अधिक है।

    भोपाल के प्रमुख समूहों की कीमतें

    पिपलानी समूह: 4 दुकानें – पिपलानी, अयोध्या नगर, रत्नागिरी तिराहा और पटेल नगर। नई कीमत 127.77 करोड़ रुपए, पहले 106.48 करोड़ रुपए।बाग सेवनिया समूह: 121.89 करोड़ रुपए, पहले 101 करोड़ रुपए।

    नीति का लाभ
    छोटे समूह बनाए जाने से ज्यादा बोलीदाता सामने आएंगे, जिससे सरकार को सीधे राजस्व में फायदा होगा। आबकारी विभाग के अनुसार, नई व्यवस्था से सरकार को लगभग 238 करोड़ रुपए अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। टेंडर फाइनल होने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

    नई आबकारी नीति से न केवल बड़े ठेकेदारों का एकाधिपत्य समाप्त होगा, बल्कि छोटे और नए लाइसेंसियों को भी व्यवसाय में भागीदारी का अवसर मिलेगा। ई-टेंडर के जरिए आवंटन से पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार को अतिरिक्त राजस्व का लाभ मिलेगा।

  • ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच संघर्ष चौथे दिन भी जारी, क्षेत्रीय तनाव बढ़ा, खेल और तेल रूट भी प्रभावित

    ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच संघर्ष चौथे दिन भी जारी, क्षेत्रीय तनाव बढ़ा, खेल और तेल रूट भी प्रभावित


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया से बड़ी खबर है, जहाँ एशियाई महिला फुटबॉल कप के उद्घाटन मैच में ईरानी महिला फुटबॉल टीम ने राष्ट्रगान नहीं गाया। खिलाड़ी लाइन में खड़ी रहीं, लेकिन चुप रहीं। कोच मारजियेह जाफरी मुस्कुराती रहीं। यह कदम हाल के अमेरिका और इजराइल के हमलों और ईरान के नेताओं की मौत के विरोध का प्रतीक माना जा रहा है। कप्तान जहरा घानबरी और कोच से खामेनेई की मौत पर सवाल किए गए, लेकिन उन्हें जवाब नहीं देने दिया गया।

    हार्मुज स्ट्रेट बंद: ईरान ने चेतावनी दी है कि इस रणनीतिक तेल रूट से गुजरने वाले जहाजों पर हमला किया जाएगा। भारत का करीब 50% तेल इसी मार्ग से आता है। अगर इस मार्ग को अवरुद्ध रखा गया, तो वैश्विक तेल बाजार में कीमतों में तेजी आने की संभावना है और भारत सहित तेल आयातक देशों पर दबाव बढ़ सकता है।

    जंग का हाल: चार दिन में 787 लोग मारे गए हैं। 153 शहरों को निशाना बनाया गया और कुल 1,039 हमले हुए। यह जानकारी ईरानियन रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने दी। बढ़ता हिंसक संघर्ष क्षेत्रीय सुरक्षा और मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बन गया है।

    लेबनान में हिजबुल्लाह पर प्रतिबंध: राष्ट्रपति मिशेल औन ने घोषणा की कि हिजबुल्लाह को अपने हथियार सरकार को सौंपने होंगे। यह कदम लेबनान-इजराइल सीमा पर हालिया रॉकेट हमलों और बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया। उनका कहना है कि अब युद्ध और शांति का निर्णय केवल लेबनानी राज्य के हाथ में होगा।

    इजराइल पर ईरान का मिसाइल हमला: ईरान की मिसाइल ने इजराइल के सेंट्रल शहर पेटाह टिकवा को निशाना बनाया। मिसाइल के टुकड़े शहर में गिरे, जिससे कुछ नुकसान हुआ। इजराइली मीडिया के अनुसार यह हमला अमेरिका और इजराइल की ईरान विरोधी सैन्य कार्रवाइयों के जवाब में किया गया।

    पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि ईरान पर चल रही जंग पाकिस्तान के लिए गंभीर सुरक्षा खतरा पैदा कर रही है। उन्होंने जायनिस्ट विचारधारा और इजराइल की गतिविधियों को मुस्लिम दुनिया में अस्थिरता का मुख्य कारण बताया। पूर्व राजदूत मलीहा लोधी ने भी कहा कि पाकिस्तान को ट्रम्प द्वारा बनाए “बोर्ड ऑफ पीस” से बाहर निकलना चाहिए।

    फ्रांस तैयार: विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा कि अगर फ्रांस के सहयोगी देशों को मदद की जरूरत पड़ी, तो फ्रांस रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। करीब 4 लाख फ्रांसीसी नागरिक प्रभावित देशों में मौजूद हैं, जिन्हें सुरक्षित लाने के लिए कमर्शियल और सैन्य उड़ानों की व्यवस्था की जाएगी।

    अंतरराष्ट्रीय असर: हार्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा, क्षेत्रीय तनाव और ईरान-इजराइल-अमेरिका संघर्ष के कारण वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ सकता है।

  • मध्यप्रदेश में RTE प्रवेश 2026–27 की प्रक्रिया घोषित, ऑनलाइन आवेदन और लॉटरी से मिलेगा निजी स्कूलों में निशुल्क दाखिला

    मध्यप्रदेश में RTE प्रवेश 2026–27 की प्रक्रिया घोषित, ऑनलाइन आवेदन और लॉटरी से मिलेगा निजी स्कूलों में निशुल्क दाखिला

    मध्यप्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सत्र 2026–27 के लिए निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया 13 मार्च 2026 से शुरू होने जा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित समूह के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पूरी समय सारिणी जारी कर दी है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 28 मार्च 2026 निर्धारित की गई है और इच्छुक अभिभावक आरटीई पोर्टल www.rteportal.mp.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे।

    राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक हरजिंदर सिंह के अनुसार इस वर्ष भी चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से की जाएगी। 2 अप्रैल 2026 को लॉटरी निकाली जाएगी और उसी के आधार पर छात्रों को निजी विद्यालयों में सीट आवंटित की जाएगी। लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदकों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए सूचना भेजी जाएगी। साथ ही चयन सूची पोर्टल पर भी उपलब्ध रहेगी।

    समय सारिणी के अनुसार 9 मार्च 2026 से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों और उनमें उपलब्ध सीटों की जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित कर दी जाएगी। इससे अभिभावकों को यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस स्कूल में कितनी सीटें उपलब्ध हैं। आवेदन करते समय पात्रता से संबंधित कोई एक आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा।

    आवेदन प्रक्रिया के दौरान 13 से 28 मार्च के बीच त्रुटि सुधार का अवसर भी दिया जाएगा ताकि अभिभावक किसी गलती को समय रहते ठीक कर सकें। इसके अलावा 14 मार्च से 30 मार्च 2026 के बीच दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित संकुल केन्द्र वाले स्कूल में अधिकृत अधिकारी से कराना होगा। आवेदक जिस श्रेणी या निवास क्षेत्र के आधार पर प्रवेश चाहते हैं उससे संबंधित मूल प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सत्यापन कराना अनिवार्य रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लॉटरी से पहले दस्तावेज सत्यापन हो जाने से बाद में प्रवेश निरस्त होने की संभावना काफी कम हो जाएगी।

    यदि किसी अभिभावक को ऑनलाइन आवेदन में कोई कठिनाई आती है तो वे अपने विकासखंड के बीआरसी कार्यालय सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना कार्यालय विकासखंड स्रोत केन्द्र या जनशिक्षा केन्द्र कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आवेदन प्रक्रिया में अभिभावकों की हर संभव सहायता सुनिश्चित करें।

    प्रवेश के लिए आयु सीमा भी तय कर दी गई है। नर्सरी केजी 1 और केजी 2 के लिए बच्चे की आयु 3 वर्ष से 4 वर्ष 6 माह के बीच होनी चाहिए। कक्षा 1 में प्रवेश के लिए आयु 6 वर्ष से 7 वर्ष 6 माह तक निर्धारित की गई है। नर्सरी और केजी कक्षाओं के लिए आयु की गणना 31 जुलाई 2026 की स्थिति में तथा कक्षा 1 के लिए 30 सितंबर 2026 की स्थिति में की जाएगी।

    आरटीई के तहत यह प्रक्रिया उन परिवारों के लिए सुनहरा अवसर है जो अपने बच्चों को निजी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना चाहते हैं लेकिन आर्थिक कारणों से ऐसा नहीं कर पाते। समय सीमा का ध्यान रखते हुए अभिभावकों को तय तिथियों के भीतर आवेदन और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्जवल बन सके।

  • वजन घटाने में आ रही है रुकावट? स्लो मेटाबॉलिज्म हो सकता है बड़ा विलेन; डाइट, एक्सरसाइज और नींद के जरिए ऐसे बदलें अपने शरीर का गियर

    वजन घटाने में आ रही है रुकावट? स्लो मेटाबॉलिज्म हो सकता है बड़ा विलेन; डाइट, एक्सरसाइज और नींद के जरिए ऐसे बदलें अपने शरीर का गियर

    नई दिल्ली :अक्सर लोग वजन बढ़ने या हर समय थकान महसूस होने की शिकायत करते हैं, लेकिन इसके पीछे की मुख्य वजह को नजरअंदाज कर देते हैं। मेडिकल साइंस की भाषा में इसे ‘स्लो मेटाबॉलिज्म’ कहा जाता है। सरल शब्दों में समझें तो मेटाबॉलिज्म हमारे शरीर की वह आंतरिक रासायनिक प्रक्रिया है, जो हमारे द्वारा खाए गए भोजन और पेय पदार्थों को ऊर्जा (एनर्जी) में बदलने का काम करती है। जब यह प्रक्रिया सुस्त पड़ जाती है, तो शरीर कैलोरी को जलाने के बजाय उसे फैट के रूप में जमा करने लगता है। लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी हेड डॉ. लोकेंद्र गुप्ता के अनुसार, मेटाबॉलिज्म का सीधा संबंध हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से है। यदि आपका मेटाबॉलिक रेट धीमा है, तो यह केवल वजन बढ़ने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह शरीर के हर अंग को प्रभावित करना शुरू कर देता है।

    मेटाबॉलिज्म धीमा होने के लक्षण काफी स्पष्ट होते हैं, लेकिन लोग इन्हें सामान्य कमजोरी समझकर टाल देते हैं। इसका सबसे बड़ा संकेत है-बिना किसी खास कारण के वजन का बढ़ना या जिम और डाइटिंग के बावजूद वजन कम न होना। जब शरीर भोजन से पर्याप्त ऊर्जा का उत्पादन नहीं कर पाता, तो व्यक्ति हर समय थकान और कमजोरी महसूस करता है। इसके अलावा, स्लो मेटाबॉलिज्म के कारण त्वचा में रूखापन, बालों का अत्यधिक झड़ना और पाचन संबंधी गंभीर समस्याएं जैसे कब्ज की शिकायत रहने लगती है। इतना ही नहीं, यह स्थिति शरीर की आंतरिक गर्मी पैदा करने की क्षमता को भी कम कर देती है, जिससे व्यक्ति को सामान्य तापमान में भी दूसरों के मुकाबले ज्यादा ठंड महसूस होती है। मानसिक स्तर पर यह ‘ब्रेन फॉग’ पैदा करता है, जिससे एकाग्रता में कमी और चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह इंसुलिन रेजिस्टेंस की ओर ले जा सकता है, जो भविष्य में डायबिटीज और थायराइड जैसी बीमारियों का मुख्य कारण बनता है।

    अब सवाल यह उठता है कि आखिर मेटाबॉलिक रेट को फिर से कैसे सक्रिय या बूस्ट किया जाए? हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसके लिए जीवनशैली में चार बड़े बदलाव जरूरी हैं। सबसे पहले अपनी डाइट में सुधार करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। शरीर में पानी की हल्की सी कमी भी इस प्रक्रिया को धीमा कर देती है। दूसरा महत्वपूर्ण टूल है-स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज। मांसपेशियों के ऊतक Muscle Tissues आराम की स्थिति में भी फैट के मुकाबले अधिक कैलोरी जलाते हैं। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारक है ‘नींद’। अक्सर लोग इसे नजरअंदाज करते हैं, लेकिन अधूरी नींद ब्लड शुगर के स्तर को बिगाड़ती है और भूख को नियंत्रित करने वाले घ्रेलिन और लेप्टिन हार्मोन्स को असंतुलित कर देती है, जिससे मेटाबॉलिज्म पूरी तरह सुस्त पड़ जाता है। हर रात 7-8 घंटे की गहरी नींद शरीर को रिपेयर करने के लिए अनिवार्य है। सही पोषण, नियमित व्यायाम और तनाव मुक्त जीवन के जरिए आप अपने मेटाबॉलिज्म को तेज कर एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

  • ओमान में ईरान का हमला: भारतीय शिप पर भीषण हमला-तेल बाजार में भारी उछाल

    ओमान में ईरान का हमला: भारतीय शिप पर भीषण हमला-तेल बाजार में भारी उछाल


    नई दिल्ली।
     ओमान के समुद्री क्षेत्र में ईरानी हमलों के बीच भारतीय शिप एमकेडी वीओएम पर भयंकर हादसा हुआ, जिसमें कम से कम तीन भारतीयों की मौत हुई और 20 से अधिक लोग घायल हुए। हादसा मार्शैल आइलैंड्स के झंडे वाले जहाज पर मस्कट से 52 नॉटिकल माइलेज दूर हुआ। चालक दल के अन्य सदस्यों को पनामा झंडे वाले वाणिज्यिक पोत एमवी सैंड की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया।

    इस हमले के पीछे ईरान का ओमान की समुद्री सीमा पर हमला करना और अमेरिका–इजरायल के हालिया हमलों के जवाब में उठाया गया कदम माना जा रहा है। ओमान की रॉयल नेवी ने प्रभावित टैंकर की निगरानी शुरू कर दी है और समुद्री क्षेत्रों से गुजरने वाले जहाजों को सतर्क किया गया है।

    इस हमले से वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच गया। अमेरिकी क्रूड की कीमत 7.6 प्रतिशत बढ़कर 72.12 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 8.6 प्रतिशत बढ़कर 79.11 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यूरोप में प्राकृतिक गैस वायदा कीमतों में 40 प्रतिशत से अधिक की उछाल आई।

    ओमान में भारतीय मिशन लगातार स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और सभी लापता चालक दल के सदस्यों को खोजने के प्रयास जारी हैं। इस हमले ने न केवल भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को चुनौती दी है बल्कि मध्यपूर्व और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर भी गंभीर प्रभाव डाला है।

  • बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए 9 नामों पर लगाई मुहर, नितिन नवीन और राहुल सिन्हा को मौका

    बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए 9 नामों पर लगाई मुहर, नितिन नवीन और राहुल सिन्हा को मौका


    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने आगामी राज्यसभा चुनाव के मद्देनज़र अपने 9 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने बिहार, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है। टिकट वितरण में संगठनात्मक पकड़ और राजनीतिक सक्रियता को प्राथमिकता दी गई है।

    देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को मतदान होना है। चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है और नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च निर्धारित की गई है।

    बिहार से पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। वे पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके हैं और राज्य की राजनीति में उनकी मजबूत पहचान है। इसी राज्य से युवा नेता शिवेश कुमार को भी उम्मीदवार घोषित किया गया है। बिहार में कुल 5 सीटों पर चुनाव होना है।

    पश्चिम बंगाल से पार्टी ने राहुल सिन्हा को मैदान में उतारा है, जो राज्य में बीजेपी के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं।

    असम में तीन सीटों के लिए होने वाले चुनाव में पार्टी ने तेराश गोवाला और जोगेन मोहन को प्रत्याशी बनाया है। दोनों नेता राज्य की राजनीति में सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं।

    ओडिशा से मनमोहन समल और सुजीत कुमार को टिकट दिया गया है। राज्य में बीजेपी की सरकार होने के कारण पार्टी की स्थिति को मजबूत माना जा रहा है।

    छत्तीसगढ़ में दो सीटें खाली हो रही हैं, जहां से लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार घोषित किया गया है। वे भाजपा महिला मोर्चा में सक्रिय रही हैं और सामाजिक कार्यों के लिए जानी जाती हैं।

    हरियाणा में भी दो सीटों पर चुनाव होना है। यहां से पार्टी ने संजय भाटिया को उम्मीदवार बनाया है। वे प्रशासनिक पृष्ठभूमि से जुड़े रहे हैं और संगठन में अहम जिम्मेदारियां निभाते आए हैं।

  • यूपी में गो माता पूरी तरह सुरक्षित: केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष को चेताया

    यूपी में गो माता पूरी तरह सुरक्षित: केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष को चेताया



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में कहीं भी गोहत्या नहीं हो रही है और किसी में इतनी हिम्मत नहीं कि गो माता को खरोंच तक पहुंचा सके। उन्होंने यह बात सोमवार को वाराणसी के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान कही। मौर्य ने कहा कि सरकार गो संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में पहले भी व्यापक आंदोलन किए गए हैं।

    यह बयान Keshav Prasad Maurya ने उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक गोहत्या होने के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया, जो स्वामी Avimukteshwaranand द्वारा लगाए गए थे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी Avimukteshwaranand को कहीं भी आने-जाने और अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, और सरकार उनके सम्मान की पूरी सुरक्षा करती है।

    केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष Akhilesh Yadav पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सब समझती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिनके शासनकाल में शिव भक्तों, राम भक्तों और गो भक्तों पर अत्याचार हुए, वे आज गो रक्षा की बात कर रहे हैं।

    राज्य सरकार ने लगातार गो संरक्षण को प्राथमिकता दी है। गौशालाओं और गो रक्षा समितियों के माध्यम से गो माता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है, और कानूनी प्रावधानों के तहत गोहत्या और हिंसा के मामलों पर सख्त कार्रवाई होती है। इस दिशा में सरकार ने पुलिस और वन विभाग के साथ मिलकर नियमित निगरानी प्रणाली लागू की है।

    Keshav Prasad Maurya का यह बयान प्रदेश में धार्मिक और सामाजिक स्थिरता बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति या संगठन कानून का उल्लंघन करते हुए गो माता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    इस प्रकार के राजनीतिक और धार्मिक बयान समाज में चर्चा का विषय बनते हैं, लेकिन उपमुख्यमंत्री ने इसे संतुलित और शांतिपूर्ण तरीके से पेश किया है, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि गो माता की सुरक्षा और कानून की पालना दोनों सुनिश्चित हों।