Author: bharati

  • बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए 9 नामों पर लगाई मुहर, नितिन नवीन और राहुल सिन्हा को मौका

    बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए 9 नामों पर लगाई मुहर, नितिन नवीन और राहुल सिन्हा को मौका


    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने आगामी राज्यसभा चुनाव के मद्देनज़र अपने 9 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने बिहार, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है। टिकट वितरण में संगठनात्मक पकड़ और राजनीतिक सक्रियता को प्राथमिकता दी गई है।

    देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को मतदान होना है। चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है और नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च निर्धारित की गई है।

    बिहार से पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। वे पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके हैं और राज्य की राजनीति में उनकी मजबूत पहचान है। इसी राज्य से युवा नेता शिवेश कुमार को भी उम्मीदवार घोषित किया गया है। बिहार में कुल 5 सीटों पर चुनाव होना है।

    पश्चिम बंगाल से पार्टी ने राहुल सिन्हा को मैदान में उतारा है, जो राज्य में बीजेपी के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं।

    असम में तीन सीटों के लिए होने वाले चुनाव में पार्टी ने तेराश गोवाला और जोगेन मोहन को प्रत्याशी बनाया है। दोनों नेता राज्य की राजनीति में सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं।

    ओडिशा से मनमोहन समल और सुजीत कुमार को टिकट दिया गया है। राज्य में बीजेपी की सरकार होने के कारण पार्टी की स्थिति को मजबूत माना जा रहा है।

    छत्तीसगढ़ में दो सीटें खाली हो रही हैं, जहां से लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार घोषित किया गया है। वे भाजपा महिला मोर्चा में सक्रिय रही हैं और सामाजिक कार्यों के लिए जानी जाती हैं।

    हरियाणा में भी दो सीटों पर चुनाव होना है। यहां से पार्टी ने संजय भाटिया को उम्मीदवार बनाया है। वे प्रशासनिक पृष्ठभूमि से जुड़े रहे हैं और संगठन में अहम जिम्मेदारियां निभाते आए हैं।

  • यूपी में गो माता पूरी तरह सुरक्षित: केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष को चेताया

    यूपी में गो माता पूरी तरह सुरक्षित: केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष को चेताया



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में कहीं भी गोहत्या नहीं हो रही है और किसी में इतनी हिम्मत नहीं कि गो माता को खरोंच तक पहुंचा सके। उन्होंने यह बात सोमवार को वाराणसी के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान कही। मौर्य ने कहा कि सरकार गो संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में पहले भी व्यापक आंदोलन किए गए हैं।

    यह बयान Keshav Prasad Maurya ने उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक गोहत्या होने के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया, जो स्वामी Avimukteshwaranand द्वारा लगाए गए थे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी Avimukteshwaranand को कहीं भी आने-जाने और अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, और सरकार उनके सम्मान की पूरी सुरक्षा करती है।

    केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष Akhilesh Yadav पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सब समझती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिनके शासनकाल में शिव भक्तों, राम भक्तों और गो भक्तों पर अत्याचार हुए, वे आज गो रक्षा की बात कर रहे हैं।

    राज्य सरकार ने लगातार गो संरक्षण को प्राथमिकता दी है। गौशालाओं और गो रक्षा समितियों के माध्यम से गो माता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है, और कानूनी प्रावधानों के तहत गोहत्या और हिंसा के मामलों पर सख्त कार्रवाई होती है। इस दिशा में सरकार ने पुलिस और वन विभाग के साथ मिलकर नियमित निगरानी प्रणाली लागू की है।

    Keshav Prasad Maurya का यह बयान प्रदेश में धार्मिक और सामाजिक स्थिरता बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति या संगठन कानून का उल्लंघन करते हुए गो माता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    इस प्रकार के राजनीतिक और धार्मिक बयान समाज में चर्चा का विषय बनते हैं, लेकिन उपमुख्यमंत्री ने इसे संतुलित और शांतिपूर्ण तरीके से पेश किया है, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि गो माता की सुरक्षा और कानून की पालना दोनों सुनिश्चित हों।

  • रोज हेलमेट पहनते हैं? जानिए क्या सच में इससे झड़ते हैं बाल, एक्सपर्ट ने बताया ट्रैक्शन एलोपेसिया का कारण और इलाज

    रोज हेलमेट पहनते हैं? जानिए क्या सच में इससे झड़ते हैं बाल, एक्सपर्ट ने बताया ट्रैक्शन एलोपेसिया का कारण और इलाज


    नई दिल्ली। रोजाना बाइक या स्कूटर चलाने वाले लोगों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या लगातार हेलमेट पहनने से बाल झड़ने लगते हैं। सड़क सुरक्षा के लिहाज से हेलमेट अनिवार्य है, लेकिन हेयर फॉल की बढ़ती शिकायतों ने कई लोगों को चिंतित कर दिया है। विशेषज्ञों का साफ कहना है कि हेलमेट खुद समस्या नहीं है, बल्कि उसका गलत उपयोग और साफ-सफाई की कमी बाल झड़ने की वजह बन सकती है।

    Marengo Asia Hospitals की सीनियर डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका हेमराजानी के अनुसार, लंबे समय तक बहुत टाइट हेलमेट पहनने से ‘ट्रैक्शन एलोपेसिया’ नामक स्थिति विकसित हो सकती है। यह हेयर लॉस का एक प्रकार है, जो बालों की जड़ों पर लगातार खिंचाव और दबाव पड़ने से होता है। जब हेलमेट जरूरत से ज्यादा कसकर पहना जाता है, तो स्कैल्प के कुछ हिस्सों पर लगातार रगड़ और दबाव बनता है, जिससे हेयर फॉलिकल्स कमजोर पड़ सकते हैं।

    इसके अलावा, हेलमेट के अंदर जमा पसीना, गर्मी और प्राकृतिक तेल भी स्कैल्प की सेहत को प्रभावित करते हैं। यदि हेलमेट के अंदरूनी पैड नियमित रूप से साफ नहीं किए जाएं, तो उनमें बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं, जो डैंड्रफ, खुजली और बाल झड़ने की समस्या को बढ़ा सकते हैं। कई लोग लंबे बालों को कसकर बांधकर हेलमेट पहनते हैं, जिससे जड़ों पर अतिरिक्त खिंचाव पड़ता है और नुकसान की संभावना बढ़ जाती है।

    हालांकि, इस समस्या से बचाव संभव है। सबसे पहले, सही फिट वाला हेलमेट चुनना जरूरी है, जो सिर पर सुरक्षित बैठे लेकिन अत्यधिक दबाव न डाले। वेंटिलेशन की सुविधा वाला हेलमेट स्कैल्प को सांस लेने का मौका देता है। हेलमेट पहनने से पहले सूती या पसीना सोखने वाली इनर कैप का इस्तेमाल करने से रगड़ और नमी कम होती है। हेलमेट के अंदरूनी पैड को समय-समय पर धोना और पूरी तरह सुखाकर ही इस्तेमाल करना चाहिए।

    यदि हेयरलाइन पीछे जाने लगे, बाल पतले दिखें या असामान्य रूप से झड़ने लगें, तो तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। शुरुआती चरण में ट्रैक्शन एलोपेसिया को नियंत्रित किया जा सकता है। टॉपिकल मिनोक्सिडिल, पीआरपी थेरेपी, हेयर पेप्टाइड्स और लो-लेवल लाइट थेरेपी जैसे आधुनिक उपचार उपलब्ध हैं, जो स्कैल्प में रक्त संचार बढ़ाकर नए बालों की ग्रोथ में मदद करते हैं।

    विशेषज्ञों का स्पष्ट संदेश है कि हेलमेट छोड़ना समाधान नहीं है। सही तरीके से फिट और साफ-सुथरा हेलमेट पहनकर आप अपनी सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं और बालों की सेहत भी बनाए रख सकते हैं।

  • साध्वी रंजना विवाद ने पकड़ा तूल: मिसरोद में पाटीदार समाज का प्रदर्शन, ‘जिहादी’ कहने वालों पर कार्रवाई की मांग

    साध्वी रंजना विवाद ने पकड़ा तूल: मिसरोद में पाटीदार समाज का प्रदर्शन, ‘जिहादी’ कहने वालों पर कार्रवाई की मांग


    मिसरोद । मिसरोद में साध्वी रंजना दीदी से जुड़े कार विवाद ने अब सामाजिक और राजनीतिक रंग ले लिया है। मंगलवार को पाटीदार समाज, ओबीसी मोर्चा और सकल हिंदू समाज के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग पाटीदार समाज के मांगलिक भवन में एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। प्रदर्शन के दौरान “जय श्री राम” के नारे लगाए गए और बाद में एसीपी को कलेक्टर व कमिश्नर के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

     उनका कहना है कि मिसरोद थाने में उनके खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज किए गए हैं। ज्ञापन में मांग की गई कि दर्ज मामलों को समाप्त किया जाए, समाज की ओर से भी एफआईआर दर्ज की जाए और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष व सख्त कार्रवाई हो।

    पाटीदार संगठन के सदस्य अजय पाटीदार ने कहा कि समाज को “जिहादी” या “अराजक” कहना बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समाज को हिंदू समाज का हिस्सा नहीं माना जाएगा तो वे सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन पर विचार करने को मजबूर होंगे। इस बयान के बाद सभा स्थल पर माहौल कुछ देर के लिए और गरमा गया।

    समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि 25-26 फरवरी को मुख्य मार्ग पर साध्वी रंजना दीदी के वाहन से जुड़ा ओवरटेक को लेकर सामान्य विवाद हुआ था, जिसे बाद में गंभीर धाराओं में बदल दिया गया। समाज का दावा है कि घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरों की जांच से पूरी सच्चाई सामने आ सकती है।

    मामले की पृष्ठभूमि में साध्वी रंजना दीदी द्वारा दर्ज एफआईआर शामिल है, जिसमें मारपीट, तोड़फोड़, छेड़छाड़ और जान से मारने की कोशिश जैसे आरोप लगाए गए हैं। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। इससे पहले विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी थाने के बाहर प्रदर्शन कर सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

    फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से जारी है और तथ्य सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, पाटीदार समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। यह मामला अब प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन, दोनों दृष्टि से संवेदनशील बन गया है। 

  • अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कुवैत में 5-6 मार्च की सीबीएसई परीक्षाएं स्थगित

    अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कुवैत में 5-6 मार्च की सीबीएसई परीक्षाएं स्थगित


    कुवैत सिटी। अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में बने तनावपूर्ण हालात को देखते हुए कुवैत में 5 और 6 मार्च को होने वाली 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने मंगलवार को जानकारी दी कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने एहतियाती कदम के तौर पर यह फैसला लिया है।

    दूतावास की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि क्षेत्र में मौजूदा घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। स्थगित की गई परीक्षाओं की नई तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी।

    विज्ञप्ति के अनुसार, सीबीएसई 5 मार्च को स्थिति की समीक्षा करेगा और 7 मार्च से निर्धारित परीक्षाओं के संबंध में उचित निर्णय लेगा। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे आगे की जानकारी के लिए अपने-अपने स्कूलों के संपर्क में रहें और केवल आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें।

    गौरतलब है कि इससे पहले बोर्ड ने बहरीन, ईरान सहित कुछ अन्य पश्चिम एशियाई देशों में 2 मार्च को निर्धारित 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं भी स्थगित कर दी थीं। क्षेत्र में जारी अस्थिर हालात को देखते हुए आगे की परीक्षाओं पर भी स्थिति की समीक्षा के बाद निर्णय लिया जाएगा।

  • लुधियाना में दर्दनाक हादसा: खाना खाने जा रहे ड्राइवर को पिकअप ने रौंदा, मौके पर मौत; आरोपी गिरफ्तार

    लुधियाना में दर्दनाक हादसा: खाना खाने जा रहे ड्राइवर को पिकअप ने रौंदा, मौके पर मौत; आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली। Ludhiana के मोती नगर स्थित ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में सोमवार दोपहर एक तेज रफ्तार महिंद्रा पिकअप ने पैदल जा रहे ड्राइवर को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक को गिरफ्तार कर वाहन को कब्जे में ले लिया।

    मृतक की पहचान राम प्रसाद पाटीदार के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश का निवासी था और पिछले तीन वर्षों से ट्रांसपोर्ट कारोबारी रसील चंद के यहां ड्राइवर के रूप में कार्यरत था। जानकारी के मुताबिक 2 मार्च को दोपहर करीब 3 बजे राम प्रसाद पैदल ही खाना खाने के लिए जा रहा था। इसी दौरान ट्रांसपोर्ट नगर के पास अचानक तेज टक्कर की आवाज सुनाई दी।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिंद्रा पिकअप तेज और लापरवाही से चलाई जा रही थी। वाहन चालक ने सामने पैदल जा रहे राम प्रसाद को नहीं देखा और सीधे टक्कर मार दी। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें लगने के कारण राम प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई।

    जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी चालक की पहचान गणेश कुमार निवासी गांव नड्ड, जिला सांबा, जम्मू-कश्मीर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे मौके से ही हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में लापरवाही से वाहन चलाना हादसे की मुख्य वजह सामने आई है।

    थाना मोती नगर पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज किया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

    यह हादसा एक बार फिर शहर में लापरवाह ड्राइविंग पर सवाल खड़े करता है। पुलिस का कहना है कि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

    Keywords (comma separated): Ludhiana, मोती नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, सड़क हादसा, पिकअप दुर्घटना, राम प्रसाद पाटीदार, गणेश कुमार, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, BNS 281, BNS 106(1), लापरवाह ड्राइविंग, पुलिस कार्रवाई

  • खामेनेई की मौत पर प्रधानमंत्री मोदी को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए: राहुल गांधी

    खामेनेई की मौत पर प्रधानमंत्री मोदी को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए: राहुल गांधी


    नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ईरान के हालात पर चिंता जताते हुए कहा है कि वहां के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला खामेनेई की मौत लक्ष्य कर की गई हत्या है और इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को स्पष्ट रूप से अपनी राय रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत को अपनी विदेश नीति के अनुरूप स्पष्ट और सुसंगत रुख अपनाना चाहिए।

    खाड़ी में बढ़ते तनाव पर जताई चिंता
    राहुल गांधी ने कहा कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ता संघर्ष एक संवेदनशील क्षेत्र को व्यापक युद्ध की ओर धकेल रहा है। उनके मुताबिक इस तनाव का असर खाड़ी देशों में रह रहे करीब एक करोड़ भारतीयों पर भी पड़ सकता है, जो अनिश्चितता और असुरक्षा की स्थिति का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध जैसे हालात केवल क्षेत्रीय स्थिरता ही नहीं, बल्कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती हैं।

    संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा की मांग
    कांग्रेस नेता ने सुरक्षा चिंताओं को स्वाभाविक बताते हुए कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता का उल्लंघन कर किए गए हमले संकट को और गहरा करेंगे। उन्होंने कहा कि ईरान पर एकतरफा हमलों के साथ-साथ ईरान द्वारा पश्चिम एशिया के अन्य देशों पर की जा रही कार्रवाई, दोनों की निंदा की जानी चाहिए। उनका मानना है कि हिंसा से केवल हिंसा जन्म लेती है और संवाद व संयम ही शांति का एकमात्र रास्ता है।

    भारत को नैतिक रूप से स्पष्ट होना चाहिए
    सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय कानून और मानव जीवन की रक्षा के पक्ष में खुलकर बोलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी राष्ट्राध्यक्ष की हत्या को विश्व व्यवस्था तय करने का तरीका माना जा सकता है। उनका कहना था कि भारत की विदेश नीति संप्रभुता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित रही है और उसे उसी दिशा में सुसंगत बने रहना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर चुप नहीं रहना चाहिए, क्योंकि मौजूदा हालात में भारत की आवाज वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण है और चुप्पी देश की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकती है।नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ईरान के हालात पर चिंता जताते हुए कहा है कि वहां के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला खामेनेई की मौत लक्ष्य कर की गई हत्या है और इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को स्पष्ट रूप से अपनी राय रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत को अपनी विदेश नीति के अनुरूप स्पष्ट और सुसंगत रुख अपनाना चाहिए।

    खाड़ी में बढ़ते तनाव पर जताई चिंता
    राहुल गांधी ने कहा कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ता संघर्ष एक संवेदनशील क्षेत्र को व्यापक युद्ध की ओर धकेल रहा है। उनके मुताबिक इस तनाव का असर खाड़ी देशों में रह रहे करीब एक करोड़ भारतीयों पर भी पड़ सकता है, जो अनिश्चितता और असुरक्षा की स्थिति का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध जैसे हालात केवल क्षेत्रीय स्थिरता ही नहीं, बल्कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती हैं।

    संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा की मांग
    कांग्रेस नेता ने सुरक्षा चिंताओं को स्वाभाविक बताते हुए कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता का उल्लंघन कर किए गए हमले संकट को और गहरा करेंगे। उन्होंने कहा कि ईरान पर एकतरफा हमलों के साथ-साथ ईरान द्वारा पश्चिम एशिया के अन्य देशों पर की जा रही कार्रवाई, दोनों की निंदा की जानी चाहिए। उनका मानना है कि हिंसा से केवल हिंसा जन्म लेती है और संवाद व संयम ही शांति का एकमात्र रास्ता है।

    भारत को नैतिक रूप से स्पष्ट होना चाहिए
    सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय कानून और मानव जीवन की रक्षा के पक्ष में खुलकर बोलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी राष्ट्राध्यक्ष की हत्या को विश्व व्यवस्था तय करने का तरीका माना जा सकता है। उनका कहना था कि भारत की विदेश नीति संप्रभुता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित रही है और उसे उसी दिशा में सुसंगत बने रहना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर चुप नहीं रहना चाहिए, क्योंकि मौजूदा हालात में भारत की आवाज वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण है और चुप्पी देश की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकती है।

  • हरित प्रदेश’ की ओर यूपी! 9 साल में 242 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए

    हरित प्रदेश’ की ओर यूपी! 9 साल में 242 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए


    नई दिल्ली उत्तर प्रदेश को विकास के साथ-साथ हरियाली की नई पहचान देने की दिशा में Yogi Adityanath के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार अभियान चला रही है। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश भर में 242 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए हैं। इसके परिणामस्वरूप राज्य का वनाच्छादन भी बढ़ा है और यूपी अब ‘हरित प्रदेश’ की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाता दिख रहा है।

    वन क्षेत्र में 559.19 वर्ग किमी की बढ़ोतरी
    Forest Survey of India की ‘भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट-2023’ के अनुसार उत्तर प्रदेश के वनाच्छादन में 559.19 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी व्यापक स्तर पर चलाए गए पौधरोपण अभियानों का परिणाम मानी जा रही है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में सत्ता संभालने के बाद से पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता में रखा। हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस और वर्षाकाल के दौरान राज्यव्यापी पौधरोपण अभियान चलाया जाता है, जिसकी मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री करते हैं।

    एक दिन में 37.21 करोड़ पौधे
    प्रदेश में पिछले वर्ष 9 जुलाई को एक ही दिन में 37.21 करोड़ पौधे लगाने का रिकॉर्ड बनाया गया। यह अभियान जनभागीदारी के साथ संचालित हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया।

    इतना ही नहीं, वाराणसी के सुजाबाद डोमरी क्षेत्र में आयोजित ‘वृहद पौधरोपण कार्यक्रम’ में मात्र एक घंटे में 2,51,446 पौधों का रोपण कर नया इतिहास रचा गया। इस उपलब्धि पर Guinness World Records के जज ऋषिनाथ ने महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को प्रमाणपत्र सौंपा।

    चीन का पुराना रिकॉर्ड टूटा
    सुजाबाद डोमरी के 350 बीघा क्षेत्र में विकसित ‘शहरी वन’ ने विश्व स्तर पर पहचान बनाई। इससे पहले 10 मार्च 2018 को चीन की हेनान प्रांतीय समिति ने 1,53,981 पौधों का रोपण कर रिकॉर्ड बनाया था, जिसे काशीवासियों ने पीछे छोड़ दिया।

    इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री Narendra Modi की प्रेरणा और मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन का परिणाम बताया जा रहा है।

    ‘ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट’ और जनजागरण
    प्रदेश सरकार ने 1 से 7 जुलाई 2025 के बीच जन्मे 18,348 नवजातों को ‘ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट’ प्रदान किए। उनके अभिभावकों को फलदार, लकड़ी और सहजन जैसी प्रजातियों के पौधे दिए गए। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को भी व्यापक सराहना मिली।

    साथ ही, गांवों में ‘ग्रीन चौपाल’ की शुरुआत कर पर्यावरण संरक्षण को जनांदोलन का रूप देने की कोशिश की गई है। अब तक 15,000 से अधिक ग्रामसभाओं में ग्रीन चौपाल आयोजित की जा चुकी हैं, जहां महीने में कम से कम एक बैठक अनिवार्य है।

    2026 में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य
    वर्षाकाल 2026 के लिए सरकार ने 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। बजट में सामाजिक वानिकी योजना के लिए 800 करोड़ रुपये, पौधशाला प्रबंधन के लिए 220 करोड़ रुपये और राज्य प्रतिकारात्मक वनरोपण योजना के लिए 189 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने 2030 तक प्रदेश के हरित आवरण को 15 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जनभागीदारी इसी तरह बनी रही, तो यूपी न केवल विकास बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।

  • सावधान! वेज बर्गर के नाम पर खिला दिया सूअर का मांस; सतना की पिज्जा शॉप पर ₹8 लाख का हर्जाना, 9% ब्याज भी देना होगा

    सावधान! वेज बर्गर के नाम पर खिला दिया सूअर का मांस; सतना की पिज्जा शॉप पर ₹8 लाख का हर्जाना, 9% ब्याज भी देना होगा

    मध्य प्रदेश के सतना जिले से फास्ट फूड के शौकीनों को सतर्क कर देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ एक नामी मल्टीनेशनल पिज्जा कंपनी की ब्रांच को ग्राहक की धार्मिक भावनाओं को आहत करना और सेवा में गंभीर लापरवाही बरतना बेहद भारी पड़ गया है। जिला उपभोक्ता फोरम ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित पिज्जा कंपनी पर 8 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। यह फैसला शहर की निवासी नैंसी तिवारी और उनके पति सूरज तिवारी द्वारा करीब डेढ़ साल तक लड़ी गई कानूनी लड़ाई के बाद आया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों की आस्था और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    यह विचलित कर देने वाली घटना 31 अक्टूबर 2024, दीपावली के पावन पर्व पर घटी थी। पीड़ित दंपति सिविल लाइन पन्ना नाका मार्ग स्थित इस मशहूर पिज्जा शॉप पर डिनर के लिए गए थे। उन्होंने पूरी तरह शाकाहारी (वेज) पिज्जा और बर्गर का ऑर्डर दिया था। जैसे ही उन्होंने बर्गर खाना शुरू किया, उन्हें स्वाद में गड़बड़ी महसूस हुई और अचानक तेज उल्टियां होने लगीं। जब उन्होंने बर्गर की बारीकी से जांच की, तो उनके होश उड़ गए; वेज बर्गर के नाम पर उन्हें सूअर का मांस Pork परोस दिया गया था। इस भयंकर चूक के बाद जब दंपति ने संचालक से शिकायत की, तो प्रबंधन ने अपनी गलती मानने के बजाय ग्राहकों की बात को अनसुना कर दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

    न्याय की उम्मीद में पीड़ित परिवार ने पहले पुलिस और फिर जिला उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सितंबर 2025 में एफआईआर दर्ज की थी। फोरम में अधिवक्ता करुणेश अरोरा ने मजबूती से साक्ष्य पेश किए, जिसके बाद 27 फरवरी 2026 को फोरम ने अपना अंतिम फैसला सुनाया। कोर्ट ने पिज्जा कंपनी को मानसिक संताप और सेवा में कमी का दोषी पाते हुए 8 लाख रुपये का मुआवजा, 10 हजार रुपये कानूनी खर्च और पूरी राशि पर 9 प्रतिशत ब्याज देने का आदेश दिया है। कंपनी को यह राशि एक माह के भीतर जमा करनी होगी, अन्यथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 72 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

  • ईरान के गेराश इलाके में 4.3 तीव्रता का भूकंप, अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच बढ़ी मुश्किलें

    ईरान के गेराश इलाके में 4.3 तीव्रता का भूकंप, अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच बढ़ी मुश्किलें


    तेहरान। अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के बीच मंगलवार दोपहर ईरान में भूकंप के झटके महसूस किए गए। दक्षिणी ईरान के गेराश इलाके में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई। सैन्य हमलों से पहले ही तनाव झेल रहे देश में भूकंप के झटकों ने आम लोगों और प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी।

    यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक गेराश के पास आया यह 4.3 मैग्नीट्यूड का भूकंप जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की तत्काल सूचना नहीं है, हालांकि स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पूरी स्थिति स्पष्ट होने में कुछ समय लग सकता है।

    हमलों के बीच कांपा ईरान
    इजरायल और अमेरिका ने शनिवार से ईरान पर अपने हमले तेज कर रखे हैं। इन एयरस्ट्राइक में देश के कई हिस्सों में भारी तबाही की खबरें हैं। मंगलवार को तेहरान से लगभग 800 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व स्थित केरमान एयर बेस पर हुए हमले में कम से कम 13 ईरानी सैनिकों के मारे जाने की सूचना है। बताया गया है कि एक सैन्य हेलीकॉप्टर को निशाना बनाकर हमला किया गया।

    अमेरिका और इजरायल का कहना है कि उनका उद्देश्य ईरान के मिसाइल भंडार और सुरक्षा ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करना है। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ नेता और सैन्य अधिकारी मारे गए हैं।

    लंबे अभियान की तैयारी
    इजरायली सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने कहा है कि उनकी सेना ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले अभियान की तैयारी कर रही है। हालांकि फिलहाल जमीनी सेना उतारने की कोई योजना नहीं है और हवाई हमलों के जरिए ही ईरान की सैन्य क्षमता और सत्ता ढांचे को कमजोर किया जाएगा।

    ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई जारी है। मिसाइल हमलों के जरिए इजरायल और अरब देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ईरान ने इजरायल के अलावा सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी बेस पर मिसाइलें दागी हैं। सैन्य तनाव के इस दौर में आए भूकंप ने हालात को और जटिल बना दिया है, जिससे प्रभावित इलाकों में दहशत और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।