Author: bharati

  • आईपीएल 2026: केकेआर ने मुंबई इंडियंस को हराकर प्लेऑफ की उम्मीदें रखीं जिंदा

    आईपीएल 2026: केकेआर ने मुंबई इंडियंस को हराकर प्लेऑफ की उम्मीदें रखीं जिंदा


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 65वें मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुंबई इंडियंस को 4 विकेट से हराकर प्लेऑफ की दौड़ में अपनी उम्मीदें जिंदा रखी हैं। ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में केकेआर ने 18.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया और 7 गेंद शेष रहते जीत दर्ज की।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज 41 रन के स्कोर तक अपने 4 अहम विकेट गंवा दिए थे, जिससे पारी पर शुरुआती दबाव साफ नजर आया। हालांकि इसके बाद कप्तान हार्दिक पांड्या ने तिलक वर्मा के साथ मिलकर पारी को संभालने की कोशिश की और 49 गेंदों में 43 रन की साझेदारी की।

    तिलक वर्मा 20 रन बनाकर आउट हुए, जबकि कप्तान पांड्या ने 26 रनों का योगदान दिया। इसके बाद कॉर्बिन बॉश और दीपक चाहर ने आठवें विकेट के लिए 42 रनों की अहम साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। बॉश 32 रन बनाकर नाबाद लौटे। मुंबई की पूरी टीम 8 विकेट खोकर 147 रन ही बना सकी।

    केकेआर की ओर से गेंदबाजी में सौरभ दुबे, कैमरून ग्रीन और कार्तिक त्यागी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2-2 विकेट हासिल किए, जबकि सुनील नरेन को 1 सफलता मिली।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी केकेआर की शुरुआत भी कुछ खास नहीं रही और फिन एलन जल्दी आउट हो गए। इसके बाद कप्तान अजिंक्य रहाणे और मनीष पांडे ने पारी को संभालते हुए 38 रनों की साझेदारी की। रहाणे 21 रन बनाकर पवेलियन लौटे।

    इसके बाद कैमरून ग्रीन के आउट होने के बाद केकेआर ने 7.1 ओवर में 54 रन पर 3 विकेट खो दिए थे, जिससे मुकाबला रोमांचक स्थिति में पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद रोवमैन पॉवेल और मनीष पांडे ने 64 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

    मनीष पांडे ने 45 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि पॉवेल ने 40 रन बनाए। अंतिम ओवरों में रिंकू सिंह और अनुकूल रॉय ने संयम दिखाते हुए टीम को जीत दिला दी।

    मुंबई इंडियंस की ओर से कॉर्बिन बॉश ने 3 विकेट लेकर अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि दीपक चाहर, गजनफर और जसप्रीत बुमराह को 1-1 सफलता मिली। हालांकि उनकी मेहनत टीम को जीत नहीं दिला सकी।

    इस जीत के साथ केकेआर ने प्लेऑफ की रेस में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, जबकि मुंबई इंडियंस के लिए आगे की राह और कठिन हो गई है।

  • अदाणी ग्रुप मामले के समाधान से भारत के न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर को मिल सकती है नई रफ्तार, अमेरिकी बिजनेस लीडर का बड़ा बयान

    अदाणी ग्रुप मामले के समाधान से भारत के न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर को मिल सकती है नई रफ्तार, अमेरिकी बिजनेस लीडर का बड़ा बयान


    नई दिल्ली । भारत के ऊर्जा क्षेत्र और विशेष रूप से परमाणु ऊर्जा के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि अदाणी ग्रुप से जुड़े एक मामले के समाधान के बाद भारत को न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में आगे बढ़ने में नई गति मिल सकती है। यह टिप्पणी एक प्रमुख अमेरिकी बिजनेस लीडर ने की है, जिन्होंने भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से विचार साझा किए हैं।

    उन्होंने कहा कि भारत में तेजी से हो रहे औद्योगीकरण और बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए केवल पारंपरिक या नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि एक स्थिर और भरोसेमंद आधार-लोड ऊर्जा प्रणाली की आवश्यकता है, जिसमें परमाणु ऊर्जा की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। उनके अनुसार किसी भी बड़े औद्योगिक राष्ट्र के लिए न्यूक्लियर एनर्जी एक अनिवार्य आधार है, जो 24 घंटे निरंतर और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर सकती है।

    बिजनेस लीडर ने यह भी कहा कि अदाणी ग्रुप जैसे बड़े भारतीय औद्योगिक समूहों की भूमिका ऊर्जा और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में महत्वपूर्ण हो सकती है। उनके अनुसार इस तरह के समूह बड़े स्तर पर परियोजनाओं को तेजी से लागू करने की क्षमता रखते हैं, जो न्यूक्लियर एनर्जी जैसे जटिल क्षेत्र में भी सहायक साबित हो सकती है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि संबंधित मामलों के समाधान से अब सहयोग और निवेश के नए अवसर खुल सकते हैं।

    उन्होंने भारत की नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सौर और पवन ऊर्जा में हुई प्रगति की सराहना की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि केवल इन स्रोतों पर निर्भरता से बिजली ग्रिड में अस्थिरता की समस्या उत्पन्न हो सकती है। उनके अनुसार बैटरी स्टोरेज और अन्य तकनीकी सीमाओं के कारण सौर ऊर्जा पूरी तरह से निरंतर आपूर्ति देने में सक्षम नहीं है, जबकि परमाणु ऊर्जा इस कमी को पूरा कर सकती है।

    विशेषज्ञ ने छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के उपयोग पर भी जोर दिया और कहा कि भारत जैसे बड़े और विविध देश में यदि इस तकनीक को स्थानीय स्तर पर लागू किया जाए तो ऊर्जा उत्पादन और वितरण प्रणाली अधिक कुशल हो सकती है। इससे बड़े ट्रांसमिशन नेटवर्क पर निर्भरता कम होगी और लागत भी नियंत्रित रह सकेगी।

    उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कंपनी भारत में पहले से ही सहयोग की संभावनाओं पर काम कर रही है और भारतीय अधिकारियों के साथ बातचीत जारी है। उनके अनुसार यदि भारत विदेशी निवेश और तकनीकी साझेदारी के लिए और अधिक खुला दृष्टिकोण अपनाता है तो परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से विकास संभव है।

    उन्होंने यह भी राय दी कि वैश्विक स्तर पर परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं में अधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी से तकनीकी नवाचार और सुरक्षा मानकों में सुधार हो सकता है। उनके अनुसार भारत इस क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है, बशर्ते नीति और निवेश वातावरण अधिक अनुकूल बनाया जाए।

  • अदालत से शमी को क्लीन चिट, चेक बाउंस मामले में फैसला आया पक्ष में

    अदालत से शमी को क्लीन चिट, चेक बाउंस मामले में फैसला आया पक्ष में


    नई दिल्ली। । भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को एक लंबे समय से चल रहे कानूनी मामले में बड़ी राहत मिली है। चेक बाउंस से जुड़े चार साल पुराने केस में अलीपुर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है। यह मामला उनकी अलग रह रही पत्नी हसीन जहां द्वारा दर्ज कराया गया था।

    मामले के अनुसार हसीन जहां ने आरोप लगाया था कि मोहम्मद शमी ने घरेलू खर्च के लिए उन्हें 1 लाख रुपये का चेक दिया था, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया था। इसी आधार पर उन्होंने अदालत का रुख किया और शमी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

    बुधवार को अलीपुर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई, जहां अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर शमी को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। फैसले के बाद शमी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उन्हें पहले से भरोसा था कि न्याय उनके पक्ष में आएगा, क्योंकि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया था।

    शमी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने हर स्थिति को हमेशा ईमानदारी से संभाला है और जो भी वित्तीय जिम्मेदारियां थीं, उन्हें पूरा किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए मैदान के अंदर और बाहर दोनों ही जगह जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है।

    गौरतलब है कि मोहम्मद शमी फिलहाल आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेल रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से वह अपने निजी जीवन और कानूनी विवादों को लेकर लगातार चर्चा में रहे हैं।

    इस मामले के साथ-साथ शमी और हसीन जहां के बीच भरण-पोषण और गुजारा भत्ते को लेकर कानूनी लड़ाई अभी भी जारी है। कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार शमी अपनी पत्नी को प्रति माह 1.5 लाख रुपये और बेटी के भरण-पोषण के लिए 2.5 लाख रुपये का भुगतान कर रहे हैं।

    वहीं हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए यह दलील दी है कि यह राशि पर्याप्त नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में शमी और पश्चिम बंगाल सरकार दोनों को नोटिस जारी किया है और मामले की सुनवाई जारी है।

  • वैश्विक मजबूती का असर: भारतीय शेयर बाजार की दमदार शुरुआत, सेंसेक्स 75,500 के पार, निफ्टी में भी तेज उछाल

    वैश्विक मजबूती का असर: भारतीय शेयर बाजार की दमदार शुरुआत, सेंसेक्स 75,500 के पार, निफ्टी में भी तेज उछाल


    नई दिल्ली । वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को सकारात्मक रुख के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती सत्र में निवेशकों का भरोसा मजबूत नजर आया और प्रमुख सूचकांक हरे निशान में खुले। सेंसेक्स में तेजी के साथ उछाल देखा गया, जबकि निफ्टी ने भी मजबूती के साथ कारोबार शुरू किया। बाजार की यह चाल वैश्विक आर्थिक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बनी सकारात्मक स्थिति से प्रभावित मानी जा रही है।

    शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में तेज बढ़त दर्ज की गई और यह 75 हजार के ऊपर कारोबार करता नजर आया। निफ्टी ने भी मजबूत शुरुआत करते हुए 23 हजार के ऊपर अपना स्तर बनाए रखा। बाजार में खासतौर पर डिफेंस सेक्टर के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिसने पूरे बाजार के मूड को सकारात्मक बनाए रखा। इसके अलावा पीएसयू बैंक, रियल्टी, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, कंजप्शन और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में भी तेजी का रुख देखा गया। लगभग सभी प्रमुख सेक्टर शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ ट्रेड करते नजर आए, जिससे बाजार में व्यापक स्तर पर मजबूती का संकेत मिला।

    मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी हुई दिखाई दी। दोनों सेगमेंट में तेजी के साथ खरीदारी देखने को मिली, जिससे यह संकेत मिला कि सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं बल्कि मध्यम और छोटे शेयरों में भी निवेशकों का भरोसा कायम है। इससे पूरे बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा और निवेश गतिविधियां बढ़ीं।

    सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में कई बड़ी कंपनियों के स्टॉक्स में तेजी देखी गई। बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटो और कंज्यूमर सेक्टर से जुड़े शेयरों ने बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। वहीं कुछ आईटी और फार्मा शेयरों में हल्की गिरावट भी दर्ज की गई, लेकिन इसका प्रभाव व्यापक बाजार पर सीमित रहा।

    एशियाई बाजारों में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला, जहां टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और बैंकॉक के बाजार हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। दूसरी ओर कुछ बाजारों में हल्की कमजोरी भी देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर वैश्विक स्तर पर निवेशकों का मूड सकारात्मक बना रहा। अमेरिकी बाजारों में भी पिछले सत्र में अच्छी तेजी दर्ज की गई, जिसने एशियाई और भारतीय बाजारों को अतिरिक्त समर्थन दिया।

    बाजार विश्लेषकों के अनुसार वैश्विक संकेतों के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और डॉलर में कमजोरी भी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक कारक साबित हुए हैं। इन सभी कारणों ने मिलकर निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और बाजार में खरीदारी को प्रोत्साहित किया।

    हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली का दबाव बना हुआ है, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत खरीदारी ने बाजार को स्थिरता प्रदान की है। लगातार निवेश के चलते बाजार में संतुलन बना हुआ है और तेजी का रुझान कायम है। कुल मिलाकर, मौजूदा परिस्थितियों में भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत वैश्विक संकेतों का सकारात्मक लाभ उठाते हुए दिन की शुरुआत मजबूती के साथ की है।

  • अनाथ बच्चों के हक में फैसला: रोजगार दस्तावेजों की जांच के बाद होगा मुआवजा तय

    अनाथ बच्चों के हक में फैसला: रोजगार दस्तावेजों की जांच के बाद होगा मुआवजा तय


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक बेहद संवेदनशील मामले में तीन नाबालिग बच्चों के हित में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है, जिनके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। कटनी-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना में मजदूरी के दौरान जान गंवाने वाले मजदूर के बच्चों से जुड़े मुआवजा मामले में हाईकोर्ट ने लेबर कोर्ट को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अंतिम निर्णय सुनाने से पहले रोजगार से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेजों पर विचार किया जाए।

    यह मामला सिवनी जिले के देवरी तहसील निवासी कुलपत दास कुलदीप से जुड़ा है, जो कटनी-सिंगरौली रेल लाइन के दोहरीकरण कार्य में मजदूरी कर रहे थे। 19 दिसंबर 2018 को कार्य के दौरान मालगाड़ी से कोयले का बड़ा टुकड़ा गिरने से उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

    पति की मौत के बाद उनकी पत्नी बबली ने वर्ष 2019 में कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत मुआवजे की मांग को लेकर लेबर कोर्ट में दावा प्रस्तुत किया था। लेकिन केस लंबित रहने के दौरान 3 नवंबर 2023 को पत्नी बबली का भी निधन हो गया, जिसके बाद यह जिम्मेदारी तीनों नाबालिग बच्चों के नाना प्रेमदास ने संभाली।

    वर्तमान में तीनों बच्चे, जिनकी उम्र 9 से 12 वर्ष के बीच है, अपने नाना के सहारे न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। 4 मई 2026 को मामले की अंतिम बहस पूरी हो चुकी थी, लेकिन इसी दौरान यह बात सामने आई कि मृतक के रोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं हैं।

    इसके बाद बच्चों की ओर से लेबर कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत कर संबंधित दस्तावेजों को तलब करने की मांग की गई, लेकिन उस पर सुनवाई नहीं हुई। अधिवक्ता राकेश सिंह ने अदालत को बताया कि दस्तावेजों के बिना न्यायपूर्ण निर्णय संभव नहीं है, फिर भी आवेदन पर विचार नहीं किया गया।

    लेबर कोर्ट के इस रवैये के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां जस्टिस विवेक जैन ने सुनवाई करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि कर्मचारी क्षतिपूर्ति आयुक्त पहले दस्तावेजों से जुड़े आवेदन पर निर्णय लें और उसके बाद ही अंतिम फैसला सुनाया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि आवेदन खारिज किया जाता है, तो बच्चों को उस आदेश को चुनौती देने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिया जाए।

    हाईकोर्ट का यह फैसला न सिर्फ कानूनी प्रक्रिया की पारदर्शिता को मजबूत करता है, बल्कि तीन मासूम बच्चों के भविष्य को लेकर एक उम्मीद की किरण भी लेकर आया है, जो अपने माता-पिता को खोने के बाद न्याय की लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं।

  • जबलपुर में फर्जी डॉक्टर का भंडाफोड़: 80 हजार वेतन लेकर करता था सिर्फ 2 घंटे ड्यूटी

    जबलपुर में फर्जी डॉक्टर का भंडाफोड़: 80 हजार वेतन लेकर करता था सिर्फ 2 घंटे ड्यूटी


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के जबलपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां संजीवनी क्लीनिक में फर्जी एमबीबीएस डिग्री और जाली मेडिकल रजिस्ट्रेशन के आधार पर एक व्यक्ति के डॉक्टर बनकर काम करने का खुलासा हुआ है। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी हर महीने करीब 80 हजार रुपये वेतन लेता था, लेकिन मरीजों का इलाज करने की बजाय केवल कुछ घंटे ही क्लीनिक में मौजूद रहता था।

    यह मामला तब सामने आया जब दमोह पुलिस की जांच में संजीवनी क्लीनिक से जुड़े दो अन्य फर्जी डॉक्टरों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। जांच आगे बढ़ी तो जबलपुर के चेरीताल स्थित क्लीनिक में पदस्थ अजय मौर्य का नाम सामने आया, जिसे बाद में हिरासत में लिया गया।

    सूत्रों और जांच रिपोर्ट के अनुसार अजय मौर्य मार्च 2025 में क्लीनिक में नियुक्त हुआ था और डेढ़ साल से अधिक समय तक यहां कार्यरत रहा। इस दौरान वह हर महीने नियमित रूप से वेतन लेता रहा, लेकिन मरीजों के इलाज में उसकी भूमिका बेहद सीमित रही। क्लीनिक स्टाफ और मरीजों के अनुसार वह केवल दो घंटे के लिए आता था और ज्यादातर समय अपने केबिन में बैठा रहता था।

    स्थानीय मरीजों ने बताया कि इलाज का पूरा काम काउंटर पर बैठे स्टाफ द्वारा ही किया जाता था। मरीजों की समस्या सुनकर वहीं दवा दे दी जाती थी और डॉक्टर से मिलने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती थी। कई मरीजों ने यह भी कहा कि उन्होंने डॉक्टर अजय मौर्य को कभी गंभीर रूप से मरीजों का परीक्षण करते नहीं देखा।

    क्लीनिक में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर ने भी इस बात की पुष्टि की कि डॉक्टर रोजाना केवल कुछ समय के लिए आते थे और जल्दी चले जाते थे। किसी को अंदेशा नहीं था कि उनके दस्तावेज फर्जी हो सकते हैं।

    जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों आरोपी डॉक्टर एनएचएम के तहत संविदा पर नियुक्त किए गए थे और पिछले कुछ वर्षों में लाखों रुपये वेतन के रूप में प्राप्त कर चुके थे। अकेले अजय मौर्य ने ही करीब 14 लाख रुपये से अधिक वेतन ले लिया था।

    इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग और एनएचएम की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि वॉक-इन इंटरव्यू के जरिए की गई नियुक्तियों में दस्तावेजों की सही तरह से जांच नहीं की गई। इसी का फायदा उठाकर फर्जी डिग्रीधारी लोगों ने सरकारी सिस्टम में घुसपैठ कर ली।

    जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह मामला सिर्फ तीन लोगों तक सीमित नहीं है और प्रदेश में 70 से अधिक फर्जी डॉक्टर इसी तरह सरकारी या निजी क्लीनिकों में काम कर सकते हैं। इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क की भी संभावना जताई जा रही है, जो फर्जी डिग्री और मेडिकल रजिस्ट्रेशन तैयार कराने का काम करता है।

    फिलहाल पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड हीरा सिंह कौशल को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। यह मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और जांच लगातार जारी है।

  • MSP भुगतान घोटाला: फर्जी खातों में पहुंची किसानों की मेहनत की रकम

    MSP भुगतान घोटाला: फर्जी खातों में पहुंची किसानों की मेहनत की रकम


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में किसानों की मेहनत की कमाई पर बड़ा साइबर हमला सामने आया है, जहां समर्थन मूल्य पर बेचे गए गेहूं का भुगतान सीधे किसानों के खातों में न जाकर फर्जी बैंक खातों में पहुंच गया। इस मामले ने न केवल सरकारी भुगतान प्रणाली बल्कि आधार लिंकिंग और डिजिटल ट्रांजैक्शन व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जिले के कोलारस, बदरवास और शिवपुरी ब्लॉक की कई सहकारी संस्थाओं से जुड़े इस फर्जीवाड़े की जांच साइबर सेल द्वारा की जा रही है। शुरुआती जांच में करीब 100 संदिग्ध बैंक खातों पर होल्ड लगाया गया है, जबकि संबंधित फिनो बैंक और कियोस्क आईडी की गहन जांच की जा रही है।

    साइबर सेल प्रभारी धर्मेंद्र सिंह जाट के अनुसार, अभी तक दो किसानों की विस्तृत शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनके आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच आगे बढ़ाई गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि गुना जिले के चक्का क्षेत्र में रामलाल सहरिया के नाम पर जारी कियोस्क आईडी के जरिए संदिग्ध खाते खोले गए थे, जिनका इस्तेमाल इस पूरे फर्जीवाड़े में किया गया।

    मामले में सामने आए अलग-अलग उदाहरणों ने इस घोटाले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। ग्राम गंगौरा के किसान भजन सिंह ने पत्नी सुशीला देवी के नाम पर सेवा सहकारी संस्था कोटा में 86 क्विंटल गेहूं बेचा था, लेकिन भुगतान के लिए दिए गए एक्सिस बैंक खाते के बजाय 2.25 लाख रुपये फिनो बैंक के खाते में ट्रांसफर हो गए। परिवार का कहना है कि उनका इस बैंक में कोई खाता ही नहीं है।

    इसी तरह ग्राम बेंहटा के किसान विश्वीर सिंह जाट ने 306 क्विंटल गेहूं बेचा, जिसमें 6.65 लाख रुपये का भुगतान फर्जी खाते में चला गया। वहीं ग्राम सूखा राजापुर के अमर सिंह लोधी के 1.48 लाख रुपये भी SBI खाते के बजाय फिनो बैंक खाते में पहुंच गए, जबकि परिवार ने ऐसे किसी खाते से इनकार किया है।

    एक अन्य मामले में ग्राम सुरवाया के किसान राजेंद्र उर्फ गब्बर सिंह गुर्जर के 44 हजार 626 रुपये भी गलत खाते में ट्रांसफर हो गए, हालांकि समय रहते खाते को होल्ड कर दिया गया जिससे रकम निकाली नहीं जा सकी।

    जांच में सामने आया है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में किसानों के नाम पर बिना दस्तावेज और बिना बायोमेट्रिक सत्यापन के खाते खोले गए और उन्हें आधार से लिंक कर दिया गया। एनपीसीआई सिस्टम का दुरुपयोग कर नए लिंक किए गए खातों में सरकारी भुगतान सीधे ट्रांसफर करा लिया गया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह तरीका बेहद खतरनाक है क्योंकि इसी पैटर्न पर अन्य सरकारी योजनाओं जैसे पीएम आवास, लाड़ली बहना योजना, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांग पेंशन की राशि भी खतरे में पड़ सकती है।

    फिलहाल साइबर सेल पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और बैंकिंग सिस्टम से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है, ताकि इस बड़े फर्जीवाड़े में शामिल सभी आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

  • वर्षों की मेहनत, अनुशासन और जुनून की उड़ान: तुलसी रेड्डी ने फतह की दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट

    वर्षों की मेहनत, अनुशासन और जुनून की उड़ान: तुलसी रेड्डी ने फतह की दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट


    नई दिल्ली। तेलंगाना के हैदराबाद क्षेत्र के कुतबुल्लापुर मंडल के बोवरामपेट गांव के रहने वाले पर्वतारोही तुलसी रेड्डी पालपुनूरी ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक पहुंचकर एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है जिसने पूरे देश को गौरव और प्रेरणा से भर दिया है। वर्षों की कठिन ट्रेनिंग, अनुशासन और निरंतर प्रयासों के बाद मिली यह सफलता केवल एक पर्वतारोहण उपलब्धि नहीं बल्कि आत्मविश्वास, धैर्य और जीवन में बदलाव की एक जीवंत कहानी है। तुलसी रेड्डी की यह यात्रा साधारण जीवनशैली से शुरू होकर असाधारण उपलब्धि तक पहुंचने की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।

    तुलसी रेड्डी की शुरुआत किसी पेशेवर खिलाड़ी या पर्वतारोही के रूप में नहीं हुई थी, बल्कि वे सामान्य जीवन जीते हुए फिटनेस की ओर आकर्षित हुए। उन्होंने स्वास्थ्य सुधार के लिए जिम जाना शुरू किया और धीरे-धीरे यह आदत उनके जीवन का जुनून बन गई। फिटनेस के प्रति बढ़ते समर्पण ने उन्हें एंड्योरेंस स्पोर्ट्स की ओर प्रेरित किया, जहां उन्होंने लंबी दूरी की दौड़ और कठिन शारीरिक चुनौतियों को अपनाया। इसके बाद उन्होंने पर्वतारोहण की दुनिया में कदम रखा और खुद को ऊंचाइयों की कठिन परिस्थितियों के लिए तैयार करना शुरू किया। लगातार मेहनत और अभ्यास के कारण उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के अभियानों में भाग लिया और धीरे-धीरे उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में अपनी क्षमता साबित की।

    अपने अभियान के दौरान तुलसी रेड्डी ने केवल एवरेस्ट ही नहीं बल्कि दुनिया की कई कठिन चोटियों को भी सफलतापूर्वक पार किया। इनमें यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस, दक्षिण अमेरिका की एकोंकागुआ, अफ्रीका की किलिमंजारो और भारत तथा आसपास के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों की कई कठिन चोटियां शामिल हैं। इन सभी अभियानों ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से और अधिक मजबूत बनाया। कठिन मौसम, ऑक्सीजन की कमी और जोखिम भरे रास्तों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और हर चुनौती को सीख के रूप में स्वीकार किया। एवरेस्ट अभियान के दौरान भी उन्हें कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी तैयारी और दृढ़ संकल्प ने उन्हें सफलता की ओर अग्रसर किया।

    एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचना उनके लिए केवल एक लक्ष्य की प्राप्ति नहीं था, बल्कि वर्षों की मेहनत, त्याग और परिवार तथा साथियों के सहयोग का परिणाम था। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, गाइड्स और टीम को दिया जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ निभाया। उनके परिवार ने इस उपलब्धि को गर्व और भावनात्मक क्षण बताया। तुलसी रेड्डी की यह उपलब्धि आज उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो जीवन में बड़े सपने देखते हैं लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर हो तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं होती।

  • पारिवारिक विवाद से बढ़ा मामला: भजन समिति सदस्य पर पुलिस कार्रवाई

    पारिवारिक विवाद से बढ़ा मामला: भजन समिति सदस्य पर पुलिस कार्रवाई



    शिवपुरी । शिवपुरी शहर में एक भजन समिति से जुड़े युवक पर महिला के साथ अश्लील हरकतें करने, ब्लैकमेल करने और धमकी देने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़ित महिला की शिकायत और कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    फतेहपुर क्षेत्र निवासी 40 वर्षीय महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि करीब पांच महीने पहले वह एक हनुमान चालीसा भजन समिति से जुड़ी थी, जहां उसकी पहचान आरोपी संजय गौतम से हुई थी। शुरुआत में धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान जान-पहचान बढ़ी, लेकिन बाद में आरोपी ने महिला पर अनुचित तरीके से नजदीकियां बनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।

    महिला के अनुसार, आरोपी ने समिति के कार्यक्रमों के दौरान कई बार उसके साथ अशोभनीय हरकतें कीं। 28 जनवरी 2026 को हुए एक कार्यक्रम में भी इसी तरह की घटना सामने आई, जिसके बाद महिला ने समिति के कार्यक्रमों में जाना बंद कर दिया। इसके बावजूद आरोपी लगातार फोन कर उसे परेशान करता रहा और मिलने का दबाव बनाता रहा।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब महिला ने आरोपी की बात मानने से इनकार कर दिया, तो उसने बदले की भावना से उसके परिवार को निशाना बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि आरोपी ने महिला के बेटे की नौकरी छुड़वा दी और पति के क्लीनिक को भी बंद करा दिया, जिससे परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया।

    महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी उसे धमकी देता था कि यदि वह उससे मिलने नहीं आई तो उसके परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा, जबकि मिलने पर बेटे को नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था। इस पूरे मामले की कॉल रिकॉर्डिंग भी पीड़िता ने पुलिस को साक्ष्य के रूप में सौंपी है।

    20 मई को भी आरोपी द्वारा फोन कर अश्लील मांग करने और धमकी देने का आरोप है। लगातार बढ़ते दबाव और उत्पीड़न से परेशान होकर महिला ने आखिरकार पुलिस का सहारा लिया।

    फिलहाल कोतवाली पुलिस ने आरोपी संजय गौतम के खिलाफ बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • शिवपुरी में किराना दुकान में आग: पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी घटना

    शिवपुरी में किराना दुकान में आग: पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी घटना


    शिवपुरी शिवपुरी जिले के लुकवासा कस्बे में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब स्टेशन रोड पर स्थित एक बंद किराना दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना में दुकान के अंदर रखा करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य का किराना सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया, जिससे दुकानदार को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।

    रात के समय गश्त पर निकली पुलिस टीम ने सबसे पहले दुकान के शटर से धुआं और लपटें उठती देखीं, जिसके बाद तुरंत दुकानदार पंकज गुप्ता को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दुकानदार मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी।

    दुकानदार के पहुंचने के बाद तुरंत दुकान का शटर तोड़ा गया और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए। स्थिति को देखते हुए आसपास के लोगों को भी मदद के लिए बुलाया गया। पड़ोस में लगे बोरवेल को चालू कर पानी की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। पुलिस और स्थानीय लोगों की संयुक्त मेहनत से करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सका।

    फिलहाल आग लगने के कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को संभावित वजह माना जा रहा है। अचानक लगी आग ने दुकान के भीतर रखे सभी किराना सामान को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे पूरा स्टॉक नष्ट हो गया।

    इस घटना में राहत की बात यह रही कि समय रहते पुलिस ने स्थिति को भांप लिया, जिससे आग आसपास की दुकानों तक नहीं फैल सकी और एक बड़ी दुर्घटना टल गई। हालांकि, व्यापारी को हुए नुकसान ने स्थानीय व्यापारियों में चिंता जरूर बढ़ा दी है।

    फिलहाल प्रशासन और पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग किन परिस्थितियों में लगी।