Author: bharati

  • कृषि विज्ञान मेलों का लाभ उठाएं उन्नत खेती करें किसान : कृषि मंत्री कंषाना

    कृषि विज्ञान मेलों का लाभ उठाएं उन्नत खेती करें किसान : कृषि मंत्री कंषाना


    भोपाल! किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसान कल्याण वर्ष 
    2026में कृषि नवाचार और उन्नत खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में कृषि विज्ञान मेलों का आयोजन किया जा रहा है। कृषिउद्यानिकीतकनीक विस्तारण एवं तिलहन मिशन में जिला स्तर पर कृषि विज्ञान मेले आयोजित किया जा रहे हैं। इन मेलों का लाभ उठाकर किसान निरंतर उन्नत खेती करें और प्रदेश की समृद्धि में अपना योगदान दें।   

    कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि मेलों का उद्देश्य कृषकों को उन्नत कृषि तकनीकों, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, मूल्य संवर्धन, विपणन, सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप एवं स्प्रिंकलर), नरवाई प्रबंधन, तिलहनी-दलहनी फसलों के विस्तार तथा आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी प्रदान करना है। “कृषि विज्ञान मेला” किसानों को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने की दिशा में विशेष महत्व रखते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसानों की समृद्धि और कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

    मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि शासन विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रहा है। उन्होंने मिश्रित खेती की पारंपरिक पद्धति को भूमि की उर्वरता के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि वर्तमान में एकल फसल प्रणाली एवं रासायनिक उर्वरकों-कीटनाशकों के अत्याधिक उपयोग से भूमि की गुणवत्ता के साथ सभी का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने किसानों से नवीन तकनीकों एवं ज्ञान को व्यवहार में लाने तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाकर स्वस्थ समाज एवं समृद्ध किसान के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया।

    किसान, कृषि विज्ञान मेलों में केवल अवलोकन तक सीमित न रहें, बल्कि शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लें। कृषि मंत्री श्री कंषाना ने बताया कि प्रदेश में जैविक खेती को व्यापक रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को उन्नत कृषि एवं उद्यानिकी की ओर प्रेरित करना आवश्यक है, जिससे कृषि क्षेत्र में नवाचार एवं समृद्धि सुनिश्चित हो सके। किसान, कृषि विज्ञान मेलों में प्रदर्शनी को ध्यानपूर्वक देखें, समझें और प्राप्त जानकारी को अपनी खेती में लागू करें। उन्होंने कहा कि नरवाई जलाने से भूमि की उर्वरकता को हानि होती है तथा दंड का प्रावधान है। नरवाई का उपयोग जैविक खाद एवं अन्य उपयोगों में कर लाभ अर्जित किया जा सकता है।

  • बंदियों की सोच सकारात्मक बनाने के प्रयास हो : राज्यपाल पटेल

    बंदियों की सोच सकारात्मक बनाने के प्रयास हो : राज्यपाल पटेल


    भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि बंदी
     पुनर्वास प्रयासों को समग्रता और बहुआयामी स्वरूप में किया जाना चाहिए। कार्य का दृष्टिकोण मानवतावादी हो। भाव संवेदनशील और विचारशील होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुनर्वास प्रयासों में सकारात्मक सोच के निर्माण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री का मन की बात कार्यक्रम बंदियों की सोच को रचनात्मक दिशा देने। भविष्य के प्रति विश्वास और आत्मबल को मजबूत करने में बहुत सहयोगी होगा।

    राज्यपाल श्री पटेल सोमवार को लोकभवन में गृह एवं जेल विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिव शेखर शुक्ला, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, विशेष महानिदेशक जेल श्री अखितो सेमा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

    राज्यपाल श्री पटेल ने अधिकारियों से कहा कि बंदी उत्पादक गतिविधियों के द्वारा बंदियों के परिवारों के जीवन निर्वाह में आर्थिक सहयोग के उद्देश्य से नियोजन गतिविधियों का संयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि जेलों में बंद मामूली अपराधों के विचाराधीन कैदियों को केवल दंड देना ही नहींबल्कि उन्हें सकारात्मक सुधार के जरिए समाज की मुख्य धारा में वापस भेजना पुनर्वास प्रयासों का मूलाधार होना चाहिए। भाव उनको अपराधी की पहचान से मुक्त होकर बेहतर नागरिक के रूप में स्थापित होने में मदद का होना चाहिए। समाज के नव-निर्माण में वे अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।

    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनकर जेल की दीवारों के पीछे एकाकी जीवन जी रहे बंदियों को देश की प्रगति और प्रेरक कहानियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उनके जीवन में आशावाद और नव-निर्माण का संचार होगा। बंदियों के भीतर छिपी नकारात्मकता में कमी आएगी। सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्म-सुधार की भावना जागृत होगी। उन्होंने जेलों में लंबित दया याचिकाओं, महिला बंदियों के बच्चों के उचित लालनपालन की व्यवस्थाओं, महिला बंदियों के पुनर्वास, दिव्यांग एवं बुजुर्ग बंदियों के लिए आवश्यक कृत्रिम उपकरणों की उपलब्धता और श्रम शक्ति के उत्पादक गतिविधियों में नियोजन के संबंध चर्चा की।

    अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि वर्ष 2025-26 में प्राप्त 18 दया याचिकाओं का प्रक्रिया के विभिन्न स्तरों पर परीक्षण किया जा रहा है। जेल विभाग द्वारा विगत पांच वर्षों में प्राप्त सभी दया याचिकाओं का परीक्षण कराया जा रहा है। विभाग द्वारा उनके त्वरित निराकरण के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर भी बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 180 देशों के 11 लाख लोगों के द्वारा देखे जाने वाले गीता पाठ के ऑनलाइन कार्यक्रम का प्रदेश की जेलों में प्रसारण की अभिनव पहल जेल विभाग द्वारा की गई है। साप्ताहिक प्रसारण में गीता के श्लोक का शुद्ध उच्चारण और श्लोक का भावार्थ कर समझाया जाता है।

  • जब माधुरी की आंखों में देख शर्मा गए थे जग्गू दादा: 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' में जैकी श्रॉफ ने खोले रोमांस के दिलचस्प राज

    जब माधुरी की आंखों में देख शर्मा गए थे जग्गू दादा: 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' में जैकी श्रॉफ ने खोले रोमांस के दिलचस्प राज


    नई दिल्ली :बॉलीवुड के दो दिग्गज सितारे जैकी श्रॉफ और माधुरी दीक्षित जब एक साथ ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ के मंच पर पहुंचे तो यादों का कारवां मानों ठहर सा गया। कॉमेडी किंग कपिल शर्मा के साथ गुफ्तगू के दौरान जग्गू दादा ने अपनी चिर-परिचित बेबाकी और मासूमियत के साथ माधुरी दीक्षित की जमकर तारीफ की। जैकी ने माधुरी को न केवल एक बेहतरीन अदाकारा बताया बल्कि उन्हें जमीन से जुड़ी हुई एक ऐसी शख्सियत करार दिया जिसकी सादगी का जादू आज भी बरकरार है। बातचीत के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए जैकी ने बताया कि भले ही पर्दे पर उन्होंने कई रोमांटिक किरदार निभाए हों लेकिन असल जिंदगी में वह माधुरी के साथ रोमांटिक सीन फिल्माते समय बुरी तरह शर्माया करते थे।

    यादों के झरोखे को खोलते हुए माधुरी दीक्षित ने अपनी पहली मुलाकात का किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि यह मुलाकात मशहूर फिल्म ‘कर्मा’ के सेट पर हुई थी। उस वक्त माधुरी फिल्म इंडस्ट्री में नई थीं और फिल्म में एक छोटे से गाने का हिस्सा थीं। माधुरी ने हंसते हुए याद किया कि कैसे अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ एक कोने में बैठकर उन्हें ‘तिरछी नजरों’ से देख रहे थे।

    उस समय की अपनी घबराहट को याद करते हुए माधुरी ने बताया कि दो बड़े स्टार्स के सामने वह काफी नर्वस महसूस कर रही थीं। वहीं दूसरी ओर जैकी श्रॉफ ने बताया कि उन्होंने माधुरी के बारे में सबसे पहले मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान से सुना था। सरोज खान ने ही सुभाष घई को माधुरी के हुनर और खूबसूरती के बारे में बताते हुए उन्हें कास्ट करने की सलाह दी थी।

    शो के दौरान जब कपिल शर्मा ने चुटकी लेते हुए जैकी से पूछा कि वे रिहर्सल छोड़कर माधुरी को क्यों निहारते रहते थे तो जग्गू दादा ने बेहद दार्शनिक अंदाज में जवाब दिया कि कई बार आपको माधुरी जैसी शख्सियत के सामने खुद को भूलना पड़ता है।

    उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी याद दिलाया कि माधुरी ने उनके साथ हर तरह के रिश्ते निभाए हैं-वे पर्दे पर उनकी प्रेमिका पत्नी और यहाँ तक कि ‘संगीत’ फिल्म में उनकी सास का किरदार भी निभा चुकी हैं। जैकी ने स्वीकार किया कि माधुरी की आंखों में देखकर बात करना या उनके साथ रोमांटिक गाने शूट करना उनके लिए सबसे कठिन काम होता था।

    जैकी श्रॉफ ने अपनी झिझक का कारण बताते हुए कहा कि वह कभी भी पर्दे पर निजी भावनाओं को दिखाने के आदी नहीं थे। उनके अनुसार फिल्म भले ही काल्पनिक हो लेकिन कुछ भावनाएं और इमोशन्स बहुत व्यक्तिगत होते हैं जो दिल में बसते हैं।

    ऐसे में माधुरी जैसी प्रभावशाली अभिनेत्री के सामने अभिनय करना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। जैकी और माधुरी की यह जुगलबंदी न केवल दर्शकों के लिए मनोरंजन लेकर आई बल्कि बॉलीवुड के उस सुनहरे दौर की यादें भी ताजा कर गई जहाँ सम्मान और सादगी ही रिश्तों की बुनियाद हुआ करती थी।

  • मौत पर नहीं चाहिए था तमाशा, वसीयत में लिख दी थी आखिरी ख्वाहिश; खंडवा की मिट्टी में ही क्यों समाना चाहते थे किशोर दा?

    मौत पर नहीं चाहिए था तमाशा, वसीयत में लिख दी थी आखिरी ख्वाहिश; खंडवा की मिट्टी में ही क्यों समाना चाहते थे किशोर दा?



    नई दिल्ली।
    भारतीय संगीत जगत के ‘अनमोल रत्न’ और अपनी बहुमुखी गायकी से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले किशोर कुमार केवल अपनी आवाज के जादू के लिए ही नहीं, बल्कि अपने बेहद अलग और उसूलपसंद अंदाज के लिए भी मशहूर थे। किशोर दा के गानों में जहाँ एक ओर मस्ती और रोमांस की खनक होती थी, वहीं दूसरी ओर जब वे दर्द भरे नग्में गाते थे, तो सुनने वालों की आंखें नम हो जाती थीं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने वाले इस महान फनकार ने अपनी मौत के बाद के सफर को लेकर भी एक खास वसीयत तैयार की थी? किशोर कुमार नहीं चाहते थे कि उनके जाने के बाद उनकी अंतिम यात्रा किसी फिल्मी तमाशे या किसी बड़े “प्रीमियर” जैसी नजर आए।

    इस दिलचस्प और भावुक कर देने वाले वाकये का खुलासा मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने अपने एक शो के दौरान किया था। जावेद अख्तर ने बताया कि एक रिकॉर्डिंग के दौरान किशोर दा ने उनसे अपनी वसीयत का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने लिखित निर्देश दिए हैं कि मृत्यु के बाद उनका क्रियाकर्म उनके पैतृक शहर खंडवा में ही किया जाए। जब जावेद अख्तर ने हैरानी से इसका कारण पूछा, तो किशोर कुमार का जवाब बेहद मार्मिक था। उन्होंने कहा था कि वे मुंबई की इस ग्लैमरस दुनिया के बीच अपना अंतिम संस्कार नहीं चाहते।

    किशोर दा का मानना था कि मुंबई में किसी दिग्गज कलाकार की मौत पर पूरी फिल्म इंडस्ट्री उमड़ पड़ती है, बाहर हजारों की भीड़ जमा हो जाती है और लोग सेलिब्रिटीज को देखकर शोर मचाने लगते हैं। उन्हें डर था कि कहीं उनकी अंतिम विदाई किसी फिल्म के भव्य प्रीमियर जैसी न लगने लगे। वे चाहते थे कि जिस छोटे शहर की मिट्टी से वे आए हैं, उनका शरीर उसी मिट्टी में जाकर विलीन हो जाए। यही कारण है कि आज उनकी समाधि मुंबई में नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के खंडवा में स्थित है।

    किशोर कुमार का यह अनोखा अंदाज केवल उनकी वसीयत तक सीमित नहीं था, बल्कि उनके काम करने के तरीके में भी झलकता था। ऐसा ही एक मजेदार किस्सा साल 1974 में आई फिल्म ‘आपकी कसम’ के सुपरहिट गाने “जय जय शिवशंकर” से जुड़ा है। राजेश खन्ना और मुमताज पर फिल्माए गए इस गाने को आर.डी. बर्मन ने कंपोज किया था। रिकॉर्डिंग के दौरान फिल्म के प्रोड्यूसर बार-बार पंचम दा आर.डी. बर्मन को बजट और पैसों के खर्च को लेकर ताने मार रहे थे। जब यह बात किशोर कुमार के कानों तक पहुँची, तो उन्होंने अपने ही अंदाज में प्रोड्यूसर को सबक सिखाने की ठानी।

    गाने के अंत में उन्होंने अचानक एक लाइन जोड़ दी- अरे बजाओ रे बजाओ, 50 हजार खर्च हो गए! यह लाइन किसी स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं थी, बल्कि प्रोड्यूसर के तानों का करारा जवाब था। किशोर दा का यह बेबाकपन और अपनी जड़ों के प्रति उनका गहरा लगाव ही उन्हें एक आम गायक से अलग कर लेजेंड बनाता है। वे एक ऐसे कलाकार थे जिन्होंने शोहरत के शिखर पर रहते हुए भी सादगी और अपनी मिट्टी की सुगंध को कभी ओझल नहीं होने दिया।

  • पुराने विवाद का बदला लेने के लिए नाबालिगों ने किया चाकू से हमला, छात्र की दो उंगलियां भी कट गईं

    पुराने विवाद का बदला लेने के लिए नाबालिगों ने किया चाकू से हमला, छात्र की दो उंगलियां भी कट गईं


    भोपाल से आज की एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। राजधानी भोपाल के टीला जमालपुरा क्षेत्र में गणेश चौक स्थित एक स्नूकर क्लब में 10वीं के एक छात्र पर मात्र 30 सेकेंड में 27 बार चाकू से हमला किया गया। घटना का CCTV फुटेज 22 फरवरी को सामने आया और देखते ही देखते सोशल मीडिया और पुलिस दोनों में सनसनी फैल गई।

    बताया जाता है कि इस हमले के पीछे पुराने विवाद था। हमलावर और पीड़ित एक ही कोचिंग में साथ पढ़ते थे और किसी पिछले झगड़े में थप्पड़ मारने का मामला भी शामिल था। इसी विवाद का बदला लेने के लिए दो नाबालिग आरोपियों ने फिल्मी स्टाइल में क्लब में घुसकर अचानक ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जैसे ही छात्र ने खुद को बचाने की कोशिश की, दोनों हमलावर 30 सेकेंड के भीतर लगातार 27 बार चाकू से वार कर फरार हो गए।

    हमले के कारण पीड़ित छात्र के हाथ में 10 से अधिक कट के निशान हैं। केवल इतना ही नहीं, छात्र की दो उंगलियां भी कट गई हैं और कंधे और पीठ पर गंभीर चोटों के निशान हैं। घटना के तुरंत बाद घायल छात्र को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बचाव में लगी हुई है।

    पुलिस ने बताया कि CCTV फुटेज में पूरी घटना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। फुटेज में देखा जा सकता है कि दोनों नाबालिग आरोपियों ने अपने आप को बिल्कुल फिल्मी हीरो की तरह प्रस्तुत किया और अचानक हमला किया। घटना ने आसपास के इलाके में लोगों को डर और आश्चर्य में डाल दिया है।टीला जमालपुरा थाना ने घटना के बाद तुरंत जांच शुरू की। साधारण धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धाराओं को बढ़ाया जाएगा। आरोपी नाबालिग होने के कारण फिलहाल उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा और बाल कल्याण समिति की निगरानी में रखा जाएगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के हमले बच्चों में बढ़ती हिंसा और तनाव का संकेत हैं। पुराने विवाद और आपसी झगड़ों का बदला लेने की मानसिकता नाबालिगों को गंभीर अपराध करने के लिए उकसाती है। इस घटना ने यह भी दिखाया कि परिवार और शिक्षकों को बच्चों के बीच बढ़ते तनाव पर नजर रखनी कितनी जरूरी है।

    घटना के बाद टीला जमालपुरा इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने आस-पास के क्लबों और कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस लगातार गश्त बढ़ा रही है और संदिग्धों की पहचान कर रही है।

    भोपाल की यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य में चिंता का विषय बन गई है। शिक्षकों, अभिभावकों और प्रशासन को अब मिलकर नाबालिगों के बीच हिंसा और विवादों को रोकने के लिए कड़ा कदम उठाना होगा। पुलिस और परिवार दोनों ही पीड़ित छात्र के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।आज का यह मामला एक चेतावनी की तरह है कि नाबालिग अपराध और हिंसा रोकने के लिए समय रहते जागरूकता संवाद और कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

  • ग्वालियर से यूथ कांग्रेस नेता गिरफ्तार, दिल्ली में विरोध प्रदर्शन का आरोप

    ग्वालियर से यूथ कांग्रेस नेता गिरफ्तार, दिल्ली में विरोध प्रदर्शन का आरोप


    ग्वालियर से एक यूथ कांग्रेस नेता को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उन्हें दिल्ली ले जाया गया। इस घटना ने कांग्रेस पार्टी में भी हलचल मचा दी है। जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए नेता का नाम जितेंद्र यादव है, जो ग्वालियर के यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में रहते हैं और पूर्व प्रदेश सचिव भी रह चुके हैं। दिल्ली पुलिस को संदेह है कि वह हाल ही में दिल्ली में भारत मंडपम में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट के दौरान हुए कांग्रेस विरोध प्रदर्शन में शामिल थे।

    समित कार्यक्रम के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस को इस प्रदर्शन के फुटेज और आधारों के माध्यम से यह अंदेशा है कि इसका उद्देश्य देश की छवि को प्रभावित करना हो सकता है। इसी के चलते दिल्ली पुलिस ने यूथ कांग्रेस नेता जितेंद्र यादव की तलाश शुरू की और उन्हें हिरासत में लिया।

    ग्वालियर में इस खबर ने जिला कांग्रेस में हलचल पैदा कर दी। कांग्रेस प्रवक्ता आर पी सिंह ने बताया कि हिरासत की जानकारी अभी तक आधिकारिक रूप से नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जितेंद्र यादव के घर में प्रवेश करते समय पूरे परिवार को परेशान किया और उनके मोबाइल भी जब्त कर लिए। उन्होंने इस कार्रवाई को अराजकता और आतंकवादी जैसी हरकत करार दिया।

    आर पी सिंह ने आगे कहा कि सुबह से ही शहर और ग्रामीण कांग्रेस के पदाधिकारी थाने, एसपी कार्यालय और क्राइम ब्रांच सहित कई जगहों पर जाकर जानकारी लेने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अभी तक किसी भी तरफ से सही जानकारी नहीं मिली है। उनका कहना है कि यदि कोई छात्र आंदोलन में शामिल हुआ है या किसी तरह के आरोप का सामना कर रहा है, तो परिवारों का अधिकार है कि वे यह जान सकें कि उनका बच्चा सुरक्षित है या नहीं।

    पुलिस के पदाधिकारी इस मामले पर कैमरे के सामने बोलने से बचते दिखे, जिससे परिवार और कांग्रेस नेताओं में चिंता और बढ़ गई। इस बीच, ग्वालियर में भी स्थानीय यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता और आम जनता इस घटना की गंभीरता पर चर्चा कर रहे हैं।

    इस मामले ने राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है। यूथ कांग्रेस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयां लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि यह हिरासत केवल जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा रही है।जैसे-जैसे मामले में आगे की जानकारी सामने आएगी, इसे लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया और भी स्पष्ट होगी। 

  • लो प्रेशर एरिया और टर्फ ने बदल डाला मौसम, एमपी के 8 जिलों में बारिश का खतरा

    लो प्रेशर एरिया और टर्फ ने बदल डाला मौसम, एमपी के 8 जिलों में बारिश का खतरा


    मध्यप्रदेश में मौसम ने एक बार फिर से अपनी अनिश्चितता दिखाई है और मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। शहडोल, सिंगरौली, सीधी, अनूपपुर, उमरिया समेत आठ जिलों में आज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर सक्रिय लो प्रेशर एरिया और उस पर गुजर रही टर्फ के कारण प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में मौसम में बदलाव महसूस किया जा रहा है।

    पिछले रविवार को प्रदेश के दक्षिणी जिलों में मौसम की अचानक करवट देखी गई थी और अब सोमवार को पूर्वी जिलों में पानी गिरने की संभावना बढ़ गई है। मौसम विभाग का कहना है कि इस बार बारिश केवल मौसम को ठंडा ही नहीं करेगी बल्कि कई जगहों पर तेज आंधी भी चल सकती है। खासकर सिंगरौली, सीधी, शहडोल, अनूपपुर और उमरिया जिलों में लोगों को मौसम के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    बारिश की वजह से प्रदेश में दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। पचमढ़ी में रात का तापमान सबसे कम 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, राजगढ़ में 11 डिग्री, शहडोल जिले के कल्याणपुर में 11.2 डिग्री, करौंदी में 11.4 डिग्री और मंदसौर में 11.5 डिग्री के न्यूनतम तापमान का रिकार्ड बना। इस गिरावट ने मौसम को काफी ठंडा और राहत भरा बना दिया है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि लो प्रेशर एरिया और टर्फ के प्रभाव से न केवल बारिश की संभावना बढ़ी है बल्कि हवा में बदलाव भी देखा जा रहा है। इस वजह से पूर्वी और कुछ मध्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। बारिश के चलते किसान, सड़क यात्री और स्थानीय लोग विशेष सतर्क रहें। अचानक मौसम बदलने से फसल, ट्रैफिक और रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।

    मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले 24 घंटे में स्थिति के अनुसार और अपडेट जारी किए जाएंगे। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे भारी बारिश, तेज हवा और आकाशीय गतिविधियों से जुड़े समाचारों पर ध्यान दें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। विशेष रूप से स्कूल, बाजार और ओपन एरिया में मौसम की स्थिति के अनुसार सतर्कता बरतें।

    प्रदेश में लगातार बदलते मौसम का असर न केवल जीवनशैली पर बल्कि आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ता है। कृषि क्षेत्रों में फसल की सुरक्षा और सिंचाई के प्रबंधन के लिए मौसम विभाग के अलर्ट का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस समय मौसम में तेजी से बदलाव होने की वजह से विभाग ने नागरिकों से सावधानी बरतने और घरों में सुरक्षित रहने की अपील की है।

  • मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र में उठे संवेदनशील मुद्दे, सीएम डॉ मोहन यादव का रायसेन दौरा, बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी

    मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र में उठे संवेदनशील मुद्दे, सीएम डॉ मोहन यादव का रायसेन दौरा, बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी


    मध्यप्रदेश/भोपाल से आज की बड़ी खबर यह है कि मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का छठा दिन जोरदार चर्चा के साथ शुरू हुआ। सदन में गांधी मेडिकल कॉलेज की छात्रा रोशनी कलेश की दुखद मौत का मामला चर्चा का मुख्य केंद्र बना। कांग्रेस विधायक सेना पटेल ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए इस मुद्दे को उठाया। सदन में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान पर भी जोरदार बहस हुई। किसान समुदाय के लिए यह चिंता का विषय बन गया है और सदन में इसे गंभीरता से उठाया गया। अनुदान मांगों और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विधायक चर्चा कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की आज की दिनचर्या भी काफी व्यस्त है। सुबह 10:45 बजे वह विधानसभा पहुंचे और 11 बजे से सदन की कार्यवाही में शामिल हुए। दोपहर 3:45 बजे के आसपास सीएम रायसेन के लिए रवाना होंगे और शाम 4:30 बजे हलाली डैम में आयोजित वन विभाग के कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री 5 गिद्धों को हलाली डैम क्षेत्र में मुक्त करेंगे, जो वन्य जीवन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह कार्यक्रम स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं के लिए भी उत्साहजनक है।

    ग्वालियर की 14वीं बटालियन में आज सिपाही भर्ती परीक्षा का आयोजन हो रहा है। इस परीक्षा में कुल 5500 अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया 14 मार्च तक चलेगी और प्रत्येक दिन लगभग 400 उम्मीदवार परीक्षा देंगे। यह अवसर युवाओं के लिए नौकरी पाने का महत्वपूर्ण मौका है और क्षेत्र में काफी उत्साह देखा जा रहा है।

    मध्यप्रदेश में बिजली महंगी होने की संभावना भी अब लोगों की चिंता का विषय बन गई है। राज्य की बिजली वितरण कंपनियों ने विद्युत नियामक आयोग को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10.19 प्रतिशत दर बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा है। अगर यह प्रस्ताव स्वीकृत हो गया तो 1 अप्रैल 2026 से नई दरें लागू होंगी। इससे प्रदेश के एक करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को आर्थिक झटका लग सकता है और चर्चा का विषय बन जाएगा।

    मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में जनजातीय चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी 28 फरवरी तक चलेगी। इसमें डिंडोरी के पाटनगढ़ निवासी गौंड चित्रकार कुम्हार सिंह धुर्वे के चित्र प्रदर्शित किए गए हैं, जो बिक्री के लिए भी उपलब्ध हैं। इन चित्रों में पशु-पक्षी, जंगल और पहाड़ी जीवन की झलक दिखाई देती है। कुम्हार सिंह धुर्वे ने चित्रकला अपने बच्चों के साथ सीखते हुए इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। यह प्रदर्शनी कला प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

    आज का दिन मध्यप्रदेश के लिए कई महत्वपूर्ण गतिविधियों और निर्णयों से भरा है। विधानसभा में उठाए गए संवेदनशील मुद्दे, सिपाही भर्ती की तैयारियां, सीएम के पर्यावरण संरक्षण प्रयास और बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी सभी जनता के ध्यान में हैं। साथ ही जनजातीय कला को सम्मान देने वाला यह प्रदर्शनी भी राज्य में सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ा रही है।

  • बाबा महाकालेश्वर में भव्य भस्म आरती, त्रिनेत्र और त्रिशूल से अलंकृत महाकाल का अद्भुत श्रृंगार

    बाबा महाकालेश्वर में भव्य भस्म आरती, त्रिनेत्र और त्रिशूल से अलंकृत महाकाल का अद्भुत श्रृंगार


    उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के 4 बजे भव्य भस्म आरती संपन्न हुई। फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के अवसर पर मंदिर के कपाट खोले गए और पुजारियों ने भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार आरंभ किया। गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन करने के बाद बाबा महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके उपरांत पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया जिसमें दूध, दही, घी, शहद और फलों का रस शामिल था।

    इस दिन बाबा महाकाल का श्रृंगार अत्यंत मनोहारी था। चंदन के त्रिपुंड, त्रिनेत्र और भांग से अलंकृत महाकाल ने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। भस्म अर्पित करने से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। इसके बाद कपूर आरती के माध्यम से ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढंककर भस्म अर्पित किया गया।

    श्रद्धालुओं की भक्ति और उत्साह देखते ही बनता था। रजत के मुकुट और मुण्डमाल से महाकाल का अलंकरण किया गया। रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की माला से भगवान का श्रृंगार और भी अद्भुत लग रहा था। मंदिर के गर्भगृह में महाकाल के जयकारे गुंज रहे थे और प्रत्येक श्रद्धालु अपने मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु नंदी महाराज के पास जाकर आशीर्वाद प्राप्त कर रहा था।

    भस्म आरती के दौरान मंदिर का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण था। सुबह-सुबह सैकड़ों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे। कुछ श्रद्धालु अपने सिर पर त्रिशूल अर्पित कर आभूषणों से सजाए गए महाकाल का मनोहारी श्रृंगार देखकर भावविभोर हो गए। पूरी नगरी और मंदिर जयकारों से गूंज रहा था। श्रद्धालु भक्तों ने नंदी महाराज के कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की।

    मंदिर के प्रत्येक कोने में भस्म और पुष्पों की महक ने वातावरण को दिव्यता से भर दिया। इस विशेष अवसर पर भगवान महाकाल का अलंकरण और श्रृंगार अत्यंत भव्य था। भस्म आरती का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था बल्कि यह भक्तों के लिए आध्यात्मिक अनुभव का अनोखा अवसर भी साबित हुआ।

    श्रद्धालु इस पावन अवसर पर अपने परिवार और मित्रों के साथ आए और दिव्य अनुभव का आनंद लिया। बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार, मंत्रोच्चार, पंचामृत अभिषेक और भस्म आरती सभी के लिए अनंत पुण्य का स्रोत बनी। उज्जैन का यह पावन दृश्य हर श्रद्धालु के हृदय में अमिट छाप छोड़ गया।

  • टी20 वर्ल्ड कप: हार का 'सुंदर' बहाना या मिलर का प्रहार? सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 76 रनों से रौंदा!

    टी20 वर्ल्ड कप: हार का 'सुंदर' बहाना या मिलर का प्रहार? सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 76 रनों से रौंदा!


    नई दिल्ली।आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण का वह बहुप्रतीक्षित मुकाबला, जिससे भारतीय फैंस को बड़ी उम्मीदें थीं, अंततः निराशा और विवादों की भेंट चढ़ गया। ब्रिजटाउन के मैदान पर खेले गए इस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को हर मोर्चे पर पछाड़ते हुए 76 रनों की करारी शिकस्त दी। लेकिन इस मुकाबले की चर्चा केवल हार-जीत तक सीमित नहीं रही, बल्कि मैदान पर वाशिंगटन सुंदर और डेविड मिलर के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने खेल भावना और दबाव के स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।

    मैच की शुरुआत से ही टीम मैनेजमेंट का एक फैसला चर्चा का केंद्र बना रहा, जब इन-फॉर्म अक्षर पटेल को बेंच पर बैठाकर वाशिंगटन सुंदर को प्लेइंग इलेवन में जगह दी गई। पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 187 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। शुरुआती झटकों के बाद दक्षिण अफ्रीका की पारी को अनुभवी डेविड मिलर ने संभाला। मिलर ने भारतीय गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए शानदार अर्धशतक जड़ा और मैच का रुख पूरी तरह अपनी टीम की ओर मोड़ दिया। भारतीय गेंदबाज विकेट की तलाश में छटपटाते रहे, लेकिन मिलर का बल्ला आग उगलता रहा।

    विवाद की चिंगारी मैच के 14वें ओवर में सुलगी। गेंदबाजी छोर पर वाशिंगटन सुंदर थे और नॉन-स्ट्राइकर एंड पर डेविड मिलर खड़े थे। ओवर की एक गेंद फेंकते समय सुंदर अचानक रुक गए और अंपायर से शिकायत की कि मिलर क्रीज के बहुत करीब खड़े होकर उन्हें बाधित कर रहे हैं। सुंदर के हाव-भाव और इशारों ने मिलर को उकसा दिया। ओवर समाप्त होते ही यह विवाद शब्दों की जंग में बदल गया। मिलर और सुंदर एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए और दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि अंपायरों और अन्य खिलाड़ियों को बीच-बचाव के लिए आना पड़ा। यह घटना स्पष्ट कर रही थी कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर खिलाड़ियों पर प्रदर्शन का कितना भारी दबाव है।

    सुंदर के लिए यह मैच किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। गेंदबाजी में उन्होंने 2 ओवर में 17 रन लुटाए और कोई सफलता हासिल नहीं कर सके। वहीं, जब बल्लेबाजी की बारी आई तो वह महज 11 रन बनाकर चलते बने। दूसरी ओर, 188 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। पारी के पहले ही ओवर में सलामी बल्लेबाज ईशान किशन शून्य पर पवेलियन लौट गए, जिसके बाद विकेटों के गिरने का सिलसिला अंत तक नहीं थमा। पूरी भारतीय टीम 18.5 ओवरों में मात्र 111 रनों पर ढेर हो गई।

    दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने अनुशासित लाइन-लेंथ से भारतीय बल्लेबाजों को बांधे रखा। इस शर्मनाक हार ने न केवल भारत के नेट रन रेट को बिगाड़ा है, बल्कि सेमीफाइनल की राह को भी बेहद कठिन बना दिया है। टीम इंडिया के लिए अब आगे के हर मुकाबले ‘करो या मरो’ की स्थिति वाले होंगे। सुपर-8 का यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट के लिए एक कड़ा सबक है कि बड़े मैचों में रणनीति और अनुशासन ही जीत की कुंजी होते हैं, केवल बहस और दबाव नहीं।