Author: bharati

  • कीमती सामान नहीं मिला तो जूते चुराकर भागे चोर, CCTV में कैद

    कीमती सामान नहीं मिला तो जूते चुराकर भागे चोर, CCTV में कैद


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के इंदार थाना क्षेत्र के खतौरा गांव में चोरी की एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां शनिवार देर रात 7 से 8 बदमाश चोरी की नीयत से एक घर में घुसे, लेकिन जब उन्हें कोई कीमती सामान नहीं मिला तो वे घर से दो जोड़ी जूते चुराकर फरार हो गए। पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है।

    जानकारी के अनुसार, खतौरा गांव निवासी मोहर सिंह कुशवाह के घर में शनिवार रात करीब 3:38 बजे बदमाश बाउंड्री फांदकर अंदर दाखिल हुए। सीसीटीवी फुटेज में कई संदिग्ध घर के आसपास घूमते और छत पर चढ़ने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि बदमाश करीब 10 मिनट तक घर के अंदर और बाहर मंडराते रहे। कुछ आरोपियों के पास हथियार होने की भी आशंका जताई गई है।

    घटना का खुलासा तब हुआ जब सुबह करीब 4 बजे मोहर सिंह कुशवाह की नींद खुली। उन्होंने घर में लगे एलसीडी स्क्रीन पर देखा कि कुछ सीसीटीवी कैमरों के एंगल बदले हुए हैं। शक होने पर जब रिकॉर्डिंग चेक की गई तो घर में कई बदमाश घूमते नजर आए।

    परिवार के अनुसार, चोरों ने घर में काफी तलाश की, लेकिन उन्हें कोई नकदी या कीमती सामान हाथ नहीं लगा। आखिर में बदमाश किरायेदारों के दो जोड़ी जूते उठाकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग रात की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में रात के समय संदिग्ध गतिविधियां बढ़ रही हैं और पुलिस गश्त को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। यह घटना भले ही सुनने में अजीब लगे, लेकिन इससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि अगर बदमाश हथियार लेकर घरों में घुस रहे हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

  • केरल में नई सरकार की तस्वीर साफ, सतीशन कैबिनेट में चेन्निथला से लेकर युवा चेहरों तक पर बड़ा दांव

    केरल में नई सरकार की तस्वीर साफ, सतीशन कैबिनेट में चेन्निथला से लेकर युवा चेहरों तक पर बड़ा दांव


    नई दिल्ली ।  केरल में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक हलचल अब नई सरकार के गठन पर केंद्रित हो गई है, जहां यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की भारी जीत के बाद वी.डी. सतीशन के नेतृत्व में बनने वाली नई कैबिनेट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटों के मजबूत जनादेश के साथ यूडीएफ ने जहां सत्ता में वापसी की है, वहीं अब मंत्रिमंडल में किसे जगह मिलेगी, इस पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए मनोनीत वी.डी. सतीशन और केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठकों के बाद मंत्रिमंडल की रूपरेखा लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, और माना जा रहा है कि विभागों के बंटवारे के साथ नामों की आधिकारिक घोषणा जल्द हो सकती है।

    सूत्रों के अनुसार, नई सरकार में अनुभव और युवा नेतृत्व का संतुलन बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि मंत्रिमंडल न केवल प्रशासनिक रूप से मजबूत हो, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करे। इसी रणनीति के तहत क्षेत्रीय संतुलन को भी प्रमुखता दी गई है, जिसमें त्रावणकोर, कोच्चि और मालाबार क्षेत्रों से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही समुदायिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए नायर, ईझवा, ईसाई और मुस्लिम समुदायों के बीच भी उचित भागीदारी देने की योजना तैयार की गई है, ताकि सरकार को व्यापक सामाजिक स्वीकार्यता मिल सके।

    सबसे चर्चित नामों में वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है, जिन्हें गृह या वित्त जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी मिल सकती है। पार्टी के भीतर उन्हें एक अनुभवी और भरोसेमंद नेता के रूप में देखा जाता है, और ऐसे में उनकी भूमिका नई सरकार में काफी अहम मानी जा रही है। इसके अलावा सहयोगी दलों में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को उनके मजबूत प्रदर्शन के आधार पर महत्वपूर्ण मंत्रालय दिए जाने की संभावना है, जबकि केरल कांग्रेस के जोसेफ गुट को भी सरकार में सम्मानजनक हिस्सेदारी मिलने की उम्मीद है।

    नई कैबिनेट में युवाओं और पहली बार मंत्री बनने वाले चेहरों को भी शामिल किए जाने की तैयारी है, जिससे सरकार में नई ऊर्जा का संचार हो सके। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि आने वाले वर्षों में विकास और प्रशासनिक सुधारों के लिए युवा नेतृत्व की भूमिका अहम होगी। इसके साथ ही महिला प्रतिनिधित्व को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है और दो महिला विधायकों को कैबिनेट में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे सरकार का सामाजिक आधार और व्यापक हो सके।

    राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह मंत्रिमंडल न केवल सत्ता संतुलन का प्रतीक होगा, बल्कि केरल की विकास यात्रा को नई दिशा देने का भी प्रयास करेगा। मुख्यमंत्री सतीशन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि उनकी सरकार पूरी तरह पारदर्शिता, जवाबदेही और विकास के एजेंडे पर काम करेगी। शपथ ग्रहण समारोह से पहले राज्य में राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरम है और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि नई सरकार अपने पहले फैसलों से जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है।

  • सनघटा डैम में कार्रवाई: बालाजी क्रेशर सील, भारी मात्रा में गिट्टी जब्त

    सनघटा डैम में कार्रवाई: बालाजी क्रेशर सील, भारी मात्रा में गिट्टी जब्त


    नई दिल्ली। शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में निर्माणाधीन सनघटा डैम परियोजना में गुणवत्ता को लेकर सामने आई लापरवाही पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के औचक निरीक्षण के बाद खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बालाजी क्रेशर को सील कर दिया। मौके से करीब 4 हजार घनमीटर गिट्टी के साथ एक पोकलेन और एक हाइड्रा मशीन भी जब्त की गई है।

    दरअसल, शनिवार को कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सनघटा डैम, निर्माणाधीन पंप स्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन के कार्यों का अचानक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान निर्माण सामग्री की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। कई जगहों पर सामग्री की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल सामने आए, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

    कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनके निर्देश के बाद खनिज विभाग की टीम हरकत में आई और खनिज निरीक्षक सोनू श्रीवास के नेतृत्व में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की गई।

    खनिज विभाग ने गिट्टी निर्माण के लिए संचालित बालाजी क्रेशर को सील कर दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगली अनुमति तक क्रेशर बंद रहेगा। इसके अलावा मौके पर मौजूद लगभग 4000 घनमीटर गिट्टी को जब्त किया गया। कार्रवाई के दौरान एक पोकलेन मशीन और एक हाइड्रा मशीन भी जब्त की गई, जिनका उपयोग निर्माण कार्यों में किया जा रहा था।

    प्रशासन की इस कार्रवाई से निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में चल रही अन्य परियोजनाओं की भी गुणवत्ता जांच की जाएगी और जहां भी अनियमितता मिलेगी वहां सख्त कार्रवाई होगी।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं। अब प्रशासन की सख्ती से उम्मीद जगी है कि विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी।

    यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अब सरकारी परियोजनाओं में लापरवाही और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल पर प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

  • ब्रिटेन में सियासी भूचाल! PM कीर स्टारमर के इस्तीफे की अटकलें तेज, लेबर पार्टी में बढ़ी अंदरूनी कलह

    ब्रिटेन में सियासी भूचाल! PM कीर स्टारमर के इस्तीफे की अटकलें तेज, लेबर पार्टी में बढ़ी अंदरूनी कलह



    नई दिल्ली। यूनाइटेड किंगडम की राजनीति में इस समय बड़ा राजनीतिक संकट देखने को मिल रहा है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर को लेकर इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबर पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष, गिरती लोकप्रियता और लगातार विवादों के बीच स्टारमर ने अपने करीबी सहयोगियों से संकेत दिए हैं कि वह सही समय आने पर पद छोड़ने पर विचार कर सकते हैं।

    एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के अंदर यह माना जा रहा है कि मौजूदा हालात लंबे समय तक टिकाऊ नहीं हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि स्टारमर सम्मानजनक तरीके से और अपनी शर्तों पर पद छोड़ना चाहते हैं।

    लेबर सरकार पर कई मोर्चों से दबाव
    ब्रिटेन की लेबर सरकार हाल के महीनों में कई विवादों में घिरी रही है। पार्टी के भीतर नियुक्तियों को लेकर सवाल उठे, जबकि कुछ नेताओं के विवादित नामों से जुड़े आरोपों ने सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा स्थानीय चुनावों में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन ने भी नेतृत्व पर दबाव बढ़ा दिया है।

    स्थिति तब और गंभीर हो गई जब पूर्व हेल्थ सेक्रेटरी वेस स्ट्रीटिंग ने इस्तीफा देकर खुलकर नेतृत्व को चुनौती देने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में लेबर पार्टी में नेतृत्व की दौड़ होती है तो वह प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदारी पेश करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि स्टारमर को अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट टाइमलाइन तय करनी चाहिए।



    लोकप्रियता में भारी गिरावट
    यूगव यूके के सर्वे के मुताबिक करीब 69 प्रतिशत ब्रिटिश नागरिकों की राय कीर स्टारमर को लेकर नकारात्मक है। रिपोर्ट्स में उन्हें हाल के वर्षों के सबसे कम लोकप्रिय प्रधानमंत्रियों में गिना जा रहा है। कई राजनीतिक विश्लेषक उनकी तुलना पूर्व प्रधानमंत्री लिज ट्रस से भी कर रहे हैं, जिनका कार्यकाल बेहद छोटा रहा था।

    लेबर पार्टी के अंदर भी चिंता बढ़ती जा रही है कि अगर लोकप्रियता में गिरावट जारी रही तो भविष्य के चुनावों में पार्टी को बड़ा नुकसान हो सकता है। साथ ही दक्षिणपंथी नेता निगेल फराज और उनकी पार्टी Reform UK को इसका फायदा मिलने की आशंका जताई जा रही है।

    इस्तीफे की अटकलों पर स्टारमर का जवाब
    बढ़ती अटकलों के बीच प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने सीधे इस्तीफे पर टिप्पणी नहीं की, लेकिन देश में बढ़ते सामाजिक और राजनीतिक तनाव पर बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन नफरत और विभाजन फैलाने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    स्टारमर ने यह भी कहा कि सरकार कट्टरपंथी और उग्र विचारों को बढ़ावा देने वाले तत्वों पर नजर रख रही है और ऐसे लोगों को ब्रिटेन के मूल्यों के खिलाफ बताया।

  • जुनैद सुल्तानी और अशद साबरी के बीच सूफियाना मुकाबला, श्रद्धालुओं की भीड़

    जुनैद सुल्तानी और अशद साबरी के बीच सूफियाना मुकाबला, श्रद्धालुओं की भीड़


    सागर । सागर में सर्वधर्म कौमी एकता और भाईचारे के प्रतीक माने जाने वाले पीली कोठी वाले बाबा की दरगाह पर इन दिनों आस्था और सूफियाना रंग का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां आयोजित हो रहे कुतुब हजरत सैयद दाऊद मक्की चिश्ती साबरी के 76वें सालाना उर्स के दूसरे दिन शनिवार रात दरगाह परिसर कव्वालियों और गजलों की गूंज से सराबोर रहा। दूर-दूर से पहुंचे अकीदतमंदों ने बाबा की दरगाह पर मत्था टेककर अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।

    उर्स के दूसरे दिन आयोजित कव्वाली कार्यक्रम में मशहूर फनकार जुनैद सुल्तानी कव्वाल पार्टी और अशद निशहद साबरी कव्वाल पार्टी के बीच शानदार मुकाबला हुआ। दोनों कलाकारों की सूफियाना प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। कव्वालियों की धुन पर लोग देर रात तक झूमते रहे और दरगाह परिसर में उत्साह का माहौल बना रहा।

    कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और सम्मान के साथ हुई। इसके बाद नाते पाक, सलाम और फातिहा पेश की गई। दरगाह पर पहुंचे लोगों ने देश की एकता, अखंडता और भाईचारे के लिए दुआ मांगी। आयोजन के दौरान तबर्रुक भी वितरित किया गया।

    उर्स कमेटी के अध्यक्ष अरशद अली ने बताया कि तीन दिवसीय उर्स का समापन रविवार को होगा। अंतिम दिन हिंदुस्तान के मशहूर फनकार चांद कादरी कव्वाल पार्टी और शब्बीर सदाकत साबरी कव्वाल पार्टी के बीच कव्वाली मुकाबला आयोजित किया जाएगा। इसी कार्यक्रम के साथ उर्स का औपचारिक समापन होगा।

    उर्स में शहर सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। दरगाह परिसर में लगे मेले में भी लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। आयोजन में उर्स कमेटी के सदस्य और स्थानीय लोग लगातार व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।

    यह उर्स केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया है, जहां हर धर्म और समुदाय के लोग एक साथ शामिल होकर इंसानियत और मोहब्बत का संदेश दे रहे हैं।

  • जनरल द्विवेदी के बयान से बौखलाया पाकिस्तान, परमाणु ताकत का जिक्र कर दी बड़ी चेतावनी

    जनरल द्विवेदी के बयान से बौखलाया पाकिस्तान, परमाणु ताकत का जिक्र कर दी बड़ी चेतावनी


    नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की पाकिस्तान पर की गई सख्त टिप्पणी के बाद दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। पाकिस्तान की सेना ने भारतीय आर्मी चीफ के बयान को “उकसावे वाला” बताते हुए परमाणु ताकत का जिक्र कर अप्रत्यक्ष चेतावनी दी है।

    दरअसल, नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर निशाना साधते हुए कहा था कि पाकिस्तान को तय करना होगा कि वह “भूगोल का हिस्सा बना रहना चाहता है या इतिहास बनना चाहता है।” उनका यह बयान तेजी से चर्चा में आ गया।

    भारतीय सेना प्रमुख की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान सेना की मीडिया विंग ISPR ने बयान जारी किया। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि पाकिस्तान एक “घोषित परमाणु शक्ति” है और दक्षिण एशिया के भूगोल व इतिहास का स्थायी हिस्सा रहेगा।

    ISPR ने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाले हैं और दक्षिण एशिया को संघर्ष की ओर धकेल सकते हैं। बयान में यह भी कहा गया कि अगर पाकिस्तान पर हमला हुआ तो उसके परिणाम “व्यापक और पारस्परिक” होंगे।

    पाकिस्तानी सेना ने भारत पर “सभ्यतागत श्रेष्ठता” दिखाने और क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ाने का आरोप भी लगाया। साथ ही दावा किया कि जिम्मेदार परमाणु देशों को संयम और रणनीतिक संतुलन बनाए रखना चाहिए।

    हालांकि भारत की ओर से लंबे समय से यह कहा जाता रहा है कि पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देता रहा है और सीमा पार आतंकी गतिविधियां दोनों देशों के रिश्तों में सबसे बड़ी बाधा हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में बढ़ी बयानबाजी और सुरक्षा मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव फिर से तेज होता दिखाई दे रहा है।

  • NTA भंग करने की मांग तेज, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन

    NTA भंग करने की मांग तेज, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन

    रीवा। NEET 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में उठ रहे विरोध के बीच रीवा में भी सियासी और छात्र संगठनों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने 19 मई को डिप्टी सीएम आवास के बाहर बड़ा प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि छात्रों के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी के खिलाफ यह आंदोलन किया जाएगा।

    रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में NSUI रीवा जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता घंटी और शंख बजाकर विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों ने देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    NSUI ने “NEET 2026 न्याय अभियान” के तहत कई अहम मांगें रखी हैं। संगठन ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तत्काल भंग करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे और पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही प्रभावित छात्रों के लिए मुफ्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता और फ्री लीगल एड उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।

    संगठन का कहना है कि यदि दोबारा परीक्षा आयोजित की जाती है तो छात्रों को मुफ्त यात्रा और ठहरने की सुविधा भी सरकार को उपलब्ध करानी चाहिए। NSUI नेताओं ने कहा कि केवल री-एग्जाम कराना समाधान नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

    प्रेस वार्ता में नेताओं ने 2015 के AIPMT पेपर लीक, 2024 और अब 2026 के NEET विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि बार-बार सामने आ रहे घोटाले शिक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर रहे हैं। उन्होंने कोटा, सीकर और जयपुर जैसे बड़े कोचिंग हब की भूमिका की भी जांच की मांग उठाई।

    इधर, NSUI के प्रदर्शन ऐलान से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी रीवा में मशाल जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

    रीवा में बढ़ते विरोध प्रदर्शन से साफ है कि NEET पेपर लीक मामला अब सिर्फ शिक्षा का मुद्दा नहीं बल्कि बड़ा राजनीतिक और जनआंदोलन बनता जा रहा है।

  • सलमान खान का इमोशनल खुलासा: पहली कमाई से पिता को दिया था खास तोहफा, फिर हुई फटकार

    सलमान खान का इमोशनल खुलासा: पहली कमाई से पिता को दिया था खास तोहफा, फिर हुई फटकार


    नई दिल्ली । 
    बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान ने अपने करियर के शुरुआती दिनों की एक ऐसी कहानी साझा की है, जो उनके संघर्ष, भावनाओं और परिवार के प्रति उनके गहरे लगाव को दर्शाती है। यह किस्सा उस समय का है जब उन्होंने अपनी पहली बड़ी कमाई को अपने लिए नहीं बल्कि अपने पिता सलीम खान के लिए एक खास तोहफे पर खर्च करने का फैसला किया था। यह तोहफा एक बेहद कीमती रोलेक्स घड़ी थी, जिसकी कीमत उस समय लगभग 9 लाख रुपये थी।

    सलमान खान ने बताया कि उस दौर में उनके पास इतनी बड़ी रकम मौजूद नहीं थी, लेकिन अपने पिता के लिए कुछ खास करने की इच्छा इतनी मजबूत थी कि उन्होंने बिना देर किए कर्ज लेने का फैसला कर लिया। उनके पास केवल चार लाख रुपये थे, जबकि बाकी पांच लाख रुपये उन्होंने उधार लेकर पूरे किए। यह निर्णय उनके लिए आर्थिक रूप से आसान नहीं था, लेकिन भावनात्मक रूप से यह उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण था।

    जब सलमान ने वह घड़ी खरीदी और अपने पिता को भेंट की, तो उनका अनुभव बिल्कुल वैसा नहीं था जैसा उन्होंने सोचा था। सलीम खान ने खुशी जताने के बजाय बेटे के इस फैसले पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सलमान को सख्त लहजे में समझाया कि अभी करियर की शुरुआत है और इतनी बड़ी रकम खर्च करना सही नहीं है। सलीम खान ने यहां तक कहा कि क्या वह खुद को कोई राजा-महाराजा समझते हैं जो बिना सोचे-समझे इतना खर्च कर रहे हैं।

    यह प्रतिक्रिया सलमान के लिए उस समय थोड़ी निराशाजनक जरूर रही, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। समय के साथ यह घड़ी केवल एक महंगा तोहफा नहीं रही, बल्कि पिता और पुत्र के रिश्ते की एक यादगार निशानी बन गई। सलीम खान ने उस घड़ी को संभालकर रखा और बाद में जब सलमान ने दोबारा घड़ियां पहनना शुरू किया, तो वही घड़ी उन्होंने अपने बेटे को आशीर्वाद के रूप में वापस सौंप दी।

    सलमान खान ने यह भी बताया कि उन्होंने लंबे समय तक, लगभग 26 से 28 सालों तक घड़ियां पहनना लगभग बंद कर दिया था। उनके अनुसार, जो भी घड़ियां वह कभी-कभार पहनते हैं, वे अक्सर उनके अपने नहीं होते बल्कि दोस्तों से ली हुई होती हैं, जिन्हें वह कुछ समय इस्तेमाल करने के बाद लौटा देते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास किसी बड़े घड़ी संग्रह की जो चर्चा होती है, वह पूरी तरह गलत है।

    यह कहानी केवल एक महंगी घड़ी या कर्ज की नहीं है, बल्कि एक बेटे की अपने पिता के प्रति भावनाओं और जिम्मेदारी की भी झलक है। यह दिखाती है कि कभी-कभी इरादे पैसे से बड़े होते हैं, और रिश्तों की गहराई किसी भी कीमत से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होती है। सलमान खान का यह किस्सा उनके निजी जीवन के उस पहलू को सामने लाता है, जिसमें सफलता से पहले संघर्ष, भावनाएं और पारिवारिक मूल्य सबसे ऊपर रहे हैं।

  • रीवा सड़क हादसा: नाले में गिरी कार, स्थानीय लोगों ने की रेस्क्यू

    रीवा सड़क हादसा: नाले में गिरी कार, स्थानीय लोगों ने की रेस्क्यू


    रीवा  रीवा शहर के करहिया स्थित अग्रवाल पेट्रोल पंप के पास रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। एक तेज रफ्तार ट्रक की लापरवाही के चलते एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने नाले में जा गिरी। अचानक हुए इस हादसे से कार में सवार लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई और कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार मोड़ से गुजर रही थी, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने अचानक कट मार दिया। ट्रक के अचानक सामने आने से कार चालक घबरा गया और वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। नियंत्रण बिगड़ते ही कार सड़क से नीचे उतरकर सीधे नाले में जा घुसी।

    हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए कार में फंसे सवारों को बाहर निकाला और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई, हालांकि सभी को हल्की चोटें आई हैं।

    जानकारी के मुताबिक, कार में सवार लोग सतना निवासी बताए जा रहे हैं, जो किसी काम से परौहा टोला बोदा बाग की ओर जा रहे थे। दुर्घटना के बाद मौके पर काफी देर तक भीड़ जमा रही और स्थानीय लोगों ने सड़क पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर नाराजगी जताई।

    लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर ट्रक और अन्य भारी वाहन तेज गति से चलते हैं और मोड़ पर अचानक कट मार देते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील मोड़ों पर स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन से भी इस घटना की जांच और सड़क सुरक्षा उपायों को लेकर कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।

  • सिनेमा और खुशियों का संगम: एटली ने बेटी को दिया खूबसूरत नाम ‘मियू’, फैंस हुए भावुक

    सिनेमा और खुशियों का संगम: एटली ने बेटी को दिया खूबसूरत नाम ‘मियू’, फैंस हुए भावुक


    नई दिल्ली ।
    साउथ फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित निर्देशक एटली एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं बल्कि उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी एक बेहद भावनात्मक और खुशी भरी खबर है। ‘जवान’ जैसी सुपरहिट फिल्म से अपनी अलग पहचान बना चुके एटली और उनकी पत्नी प्रिया एटली हाल ही में एक बेटी के माता-पिता बने थे, और अब उन्होंने अपनी नन्ही परी के नाम का खुलासा कर दिया है, जिसने फैंस के दिलों को छू लिया है। कपल ने अपनी बेटी का नाम ‘मियू’ रखा है, जिसे उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बेहद खूबसूरत अंदाज में साझा किया।

    एटली और प्रिया द्वारा साझा की गई तस्वीर में एक नन्ही सी बच्ची का हाथ दिखाई देता है, जिसे पेस्टल रंगों की सौम्य पृष्ठभूमि में बेहद सादगी और भावनात्मकता के साथ प्रस्तुत किया गया है। इस तस्वीर के साथ लिखा गया संदेश माता-पिता की भावनाओं को दर्शाता है, जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी जिंदगी में यह छोटी सी जान आने के बाद सब कुछ बदल गया है और उनके दिल में एक नया, गहरा और अनमोल रिश्ता जुड़ गया है।

    ‘मियू’ नाम केवल सुनने में ही सुंदर नहीं है, बल्कि इसका अर्थ भी उतना ही खास और भावनात्मक बताया गया है। इस नाम का मतलब सुंदरता, कोमलता और प्रेम से जुड़ा हुआ है, जो एक नवजात बच्ची की मासूमियत और उसके प्रति माता-पिता के गहरे स्नेह को दर्शाता है। एटली ने इस नाम के माध्यम से अपनी बेटी के लिए अपने भावनात्मक जुड़ाव को एक सरल लेकिन गहरे अर्थ वाले शब्द में व्यक्त किया है, जिसे फैंस भी बेहद पसंद कर रहे हैं।

    जैसे ही यह नाम सामने आया, सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं की बाढ़ आ गई। फिल्म जगत से जुड़े कई कलाकारों और प्रशंसकों ने एटली और प्रिया को बधाइयां दीं और इस नाम को बेहद अनोखा और अर्थपूर्ण बताया। कई लोगों ने इसे एक आधुनिक और भावनात्मक नाम करार दिया, जो सरल होते हुए भी गहरी भावना को व्यक्त करता है। यह पहली बार नहीं है जब एटली अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में आए हैं, लेकिन इस बार उनका यह पोस्ट लोगों के दिलों को ज्यादा गहराई से छू गया है।

    एटली इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘राका’ को लेकर भी चर्चा में बने हुए हैं, जिसमें बड़े स्तर पर प्रोजेक्ट और स्टार कास्ट को लेकर पहले ही जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अल्लू अर्जुन के साथ उनकी इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच खासा बज बना हुआ है, और हाल ही में इसका पोस्टर भी जारी किया गया था, जिसने फिल्म को लेकर उम्मीदों को और बढ़ा दिया है। लेकिन इस बीच उनकी बेटी के नाम की घोषणा ने उनके जीवन के एक नए और भावनात्मक अध्याय को दुनिया के सामने ला दिया है, जिसने उनके प्रशंसकों को भी खुशी से भर दिया है।