Author: bharati

  • मौसम विज्ञान के 151 साल: दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों को मिलेंगे 200 नए ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन,

    मौसम विज्ञान के 151 साल: दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों को मिलेंगे 200 नए ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन,


    नई दिल्ली । भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अपने स्थापना के 151वें वर्ष में प्रवेश करते ही देश की मौसम सेवाओं को ‘हाई-टेक’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को घोषणा की कि सरकार देश के चार प्रमुख महानगरों दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और पुणे में कुल 200 नए ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित करेगी। प्रत्येक शहर में 50-50 स्टेशन लगाए जाएंगे, जिससे अब हर गली-मोहल्ले के स्तर पर यानी ‘हाइपर-लोकल’ मौसम पूर्वानुमान संभव हो सकेगा।लोधी रोड स्थित मौसम भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले एक दशक में मौसम पूर्वानुमान की सटीकता में 40 से 50 प्रतिशत तक का सुधार हुआ है।
    उन्होंने कहा कि मिशन मौसम के तहत सरकार अब डेटा-आधारित भविष्यवाणियों पर जोर दे रही है। इन नए स्टेशनों के नेटवर्क से अचानक होने वाली भारी बारिश, भीषण गर्मी और चक्रवातों जैसी प्राकृतिक आपदाओं की जानकारी अधिक सटीकता से मिल सकेगी। विशेष रूप से मासिक और मौसमी पूर्वानुमानों में त्रुटि की दर जो पहले 7.5% थी, वह अब घटकर मात्र 2.5% रह गई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए, डॉ. सिंह ने बताया कि भारत की तकनीक का लाभ अब पड़ोसी देशों जैसे बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और श्रीलंका को भी मिल रहा है। भारत इन देशों को आपदा संबंधी मौसम जानकारी और उपग्रह डेटा प्रदान कर रहा है।
    इसके साथ ही, देश में डॉप्लर रडार नेटवर्क का विस्तार पिछले 10 वर्षों में तीन गुना बढ़ा है, जो अब देश के 87 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र को कवर करता है।इस ऐतिहासिक अवसर पर आधुनिक ‘3D-प्रिंटेड ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन’ और ‘एग्रो-ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन’ का भी उद्घाटन किया गया। ये तकनीकें न केवल शहरी नागरिकों को तीन घंटे पहले सटीक जानकारी अल्ट्रा-शॉर्ट-रेंज पूर्वानुमान प्रदान करेंगी, बल्कि कृषि, विमानन और शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएंगी। कार्यक्रम में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन और IMD के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा सहित कई वरिष्ठ वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

  • सीमा पर मंडराता खतरा: LoC और अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर फिर दिखे पाकिस्तानी ड्रोन, सेना का 'सर्च ऑपरेशन' शुरू

    सीमा पर मंडराता खतरा: LoC और अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर फिर दिखे पाकिस्तानी ड्रोन, सेना का 'सर्च ऑपरेशन' शुरू


    नई दिल्ली । श्रीनगर/जम्मू: गणतंत्र दिवस से पूर्व जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोनों की बढ़ती सक्रियता ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया है। पिछले पांच दिनों के भीतर संदिग्ध ड्रोन देखे जाने की यह तीसरी बड़ी घटना है, जिसके बाद सांबा और पुंछ जिलों में सेना ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। सीमा पार से होने वाली इन संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए भारतीय सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं।

    ताजा घटनाक्रम के अनुसार, गुरुवार शाम सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर और पुंछ के देगवार व मनकोट इलाकों में पाकिस्तानी ड्रोन मंडराते देखे गए। रामगढ़ के चक बबरल गांव के ऊपर शाम करीब 7:15 बजे एक संदिग्ध वस्तु कुछ मिनटों तक उड़ती दिखी, जबकि पुंछ में शाम 6:25 बजे तैन से टोपा की ओर ड्रोन जैसी वस्तु जाती नजर आई। इन गतिविधियों के तुरंत बाद सेना ने अपने एंटी-अनमैन्ड एरियल सिस्टम को सक्रिय कर दिया और संबंधित इलाकों की घेराबंदी कर दी।

    इससे पहले 13 जनवरी को राजौरी जिले में दो बार पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए थे, जिन पर जवानों ने फायरिंग की, जिसके बाद वे पाक अधिकृत कश्मीर की ओर लौट गए। वहीं, 11 जनवरी को नौशेरा सेक्टर में जवानों ने मशीन गन से फायरिंग कर ड्रोन की घुसपैठ को नाकाम किया था। सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि पाकिस्तान इन ड्रोनों का उपयोग भारतीय सेना की चौकियों की टोह लेने या फिर आतंकियों के लिए हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप गिराने के लिए कर रहा है। उल्लेखनीय है कि 9 जनवरी को सांबा के पालूरा गांव में ड्रोन द्वारा गिराई गई एक खेप बरामद हुई थी, जिसमें पिस्तौल, मैगजीन और ग्रेनेड शामिल थे।

    इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच, आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भारतीय सेना किसी भी आतंकी या सैन्य दुस्साहस का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि सीमा पार अब भी 8 आतंकी कैंप सक्रिय हैं और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सेना हर हरकत पर नजर रख रही है। इसके अतिरिक्त, राजौरी के काकोरा गांव में सेना ने समय रहते 3 किलो वजन का एक संदिग्ध  बरामद कर उसे नष्ट कर दिया, जिससे एक बड़ी आतंकी साजिश विफल हो गई। गणतंत्र दिवस को देखते हुए पूरी घाटी और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

  • रिश्तों का कत्ल: नाबालिग बेटी से दरिंदगी करने वाले पिता को आखिरी सांस तक उम्रकैद

    रिश्तों का कत्ल: नाबालिग बेटी से दरिंदगी करने वाले पिता को आखिरी सांस तक उम्रकैद


    नई दिल्ली । दिल्ली की एक अदालत ने मानवीय रिश्तों को शर्मसार करने वाले एक जघन्य मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। रोहिणी स्थित पॉक्सो कोर्ट ने अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ बार-बार दुष्कर्म करने वाले एक कलयुगी पिता को ‘प्राकृतिक जीवन के अंत’ यानी आखिरी सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत ने इस अपराध को समाज की अंतरात्मा पर आघात बताते हुए दोषी पिता पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पिता-पुत्री का रिश्ता सबसे पवित्र होता है, लेकिन दोषी ने अपनी क्रूरता से इस भरोसे को पूरी तरह खत्म कर दिया।

    यह मामला तब शुरू हुआ जब पीड़िता की मां ने घर छोड़ दिया और दूसरा विवाह कर लिया। इसके बाद सुरक्षा देने के बजाय पिता ही भक्षक बन गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार 15 फरवरी 2021 की रात पिता ने पहली बार अपनी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया और इसके बाद यह सिलसिला लगातार चलता रहा। डरी-सहमी पीड़िता ने जब अपनी सगी बुआ को इस आपबीती के बारे में बताया, तो वहां से भी उसे कोई मदद नहीं मिली। बुआ ने अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय मामले को दबाने और छिपाने का प्रयास किया। अंततः मई 2021 में जब पीड़िता ने अपनी ताई को पूरी घटना बताई, तब जाकर पुलिस में मामला दर्ज हुआ और इस भयावह सच्चाई का खुलासा हुआ।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने पीड़िता की बुआ के व्यवहार पर भी सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने माना कि बुआ ने अपराध की जानकारी होने के बावजूद उसे छिपाया, जो पॉक्सो एक्ट की धारा 21 ,1 के तहत गंभीर अपराध है। हालांकि, बुआ के दो छोटे बच्चों और उसकी पारिवारिक स्थिति को देखते हुए अदालत ने उसे जेल भेजने के बजाय 20,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इसके साथ ही, अदालत ने पीड़िता के भविष्य और पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए उसे 10.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।

    अदालत में विशेष लोक अभियोजक आदित्य कुमार ने दलील दी कि ऐसे अपराधी किसी भी सहानुभूति के पात्र नहीं हैं। उन्होंने तर्क दिया कि सजा ऐसी होनी चाहिए जो समाज में नजीर पेश करे। बचाव पक्ष ने आरोपी के पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड न होने और जेल में अच्छे आचरण का हवाला देकर रियायत की मांग की थी, जिसे न्यायाधीश ने सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 42 का संदर्भ देते हुए दोषी को धारा 6 के तहत अधिकतम दंड यानी ताउम्र कैद की सजा से दंडित किया। यह फैसला संदेश देता है कि मासूमों के खिलाफ होने वाले ऐसे जघन्य अपराधों पर न्याय प्रणाली का रुख बेहद कड़ा और समझौताविहीन रहेगा।

  • ताजमहल में तीन दिन फ्री एंट्री, शाहजहां–मुमताज की असली कब्र देखने का दुर्लभ मौका

    ताजमहल में तीन दिन फ्री एंट्री, शाहजहां–मुमताज की असली कब्र देखने का दुर्लभ मौका

    नई दिल्ली  आगरा स्थित विश्व धरोहर ताजमहल में बादशाह शाहजहां का तीन दिवसीय सालाना उर्स गुरुवार से शुरू हो गया। उर्स के पहले ही दिन ताजमहल में पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिली। नि:शुल्क प्रवेश की सुविधा मिलने के कारण करीब 60 हजार देशी-विदेशी सैलानी ताजमहल पहुंचे और शाहजहां व मुमताज की असली कब्रों के दीदार किए। भीड़ को संभालने के लिए ताज सुरक्षा पुलिस, सीआईएसएफ और एएसआई अधिकारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

    गुस्ल की रस्म से हुई शुरुआत

    शाहजहां के 371वें उर्स के पहले दिन परंपरा के अनुसार गुस्ल की रस्म अदा की गई। इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और उर्स कमेटी के सदस्यों ने फलों की चादर चढ़ाई। उर्स का आयोजन 17 जनवरी तक चलेगा।

    16 जनवरी को संदल की रस्म और कव्वाली का आयोजन होगा।

    17 जनवरी को चारदपोशी की रस्म अदा की जाएगी, जिसमें लगभग 1,720 मीटर लंबी चादर चढ़ाई जाएगी। इस दिन लंगर का भी वितरण होगा।

    सुरक्षा के कड़े इंतजाम, फिर भी दिखीं अव्यवस्थाएं

    नि:शुल्क प्रवेश के चलते दिनभर लंबी कतारें लगी रहीं। सुरक्षा बलों ने भीड़ प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए, लेकिन पर्यटकों की संख्या अधिक होने से कई जगह अव्यवस्थाएं भी नजर आईं।
    मुख्य गुंबद के बाहर बड़ी संख्या में पर्यटकों ने जूते-चप्पल उतार दिए, जबकि नियमों के अनुसार जूते ऊपर ले जाने की अनुमति नहीं है। कुछ लोग उद्यान में घूमते भी दिखाई दिए, जिन्हें सुरक्षाकर्मियों ने समझाकर रोका।

    भीड़ में बिछड़े लोग, पुलिस ने मिलवाया

    भारी भीड़ के बीच करीब तीन दर्जन बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग अपने परिजनों से बिछड़ गए। ताज सुरक्षा पुलिस और सीआईएसएफ के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए सभी को खोजकर सुरक्षित उनके परिजनों से मिलवाया।

    उर्स का विरोध, पुतला दहन

    उर्स के आयोजन को लेकर अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने विरोध जताया। महासभा के पदाधिकारियों ने एएसआई कार्यालय के बाहर पुतला दहन कर नारेबाजी की। इस दौरान प्रांतीय अध्यक्ष मीना दिवाकर सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    आज दोपहर दो बजे के बाद फ्री एंट्री

    शुक्रवार होने के कारण ताजमहल सुबह से दोपहर दो बजे तक आम पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। इसके बाद पर्यटकों को नि:शुल्क प्रवेश मिलेगा और असली कब्रों के दर्शन भी कराए जाएंगे। हालांकि, स्थानीय नमाजियों के लिए प्रवेश की व्यवस्था पहले की तरह ही रहेगी।

    उर्स के दौरान ताजमहल में उमड़ रही भीड़ यह साबित कर रही है कि इतिहास, आस्था और विरासत का यह संगम आज भी लोगों को उतनी ही शिद्दत से अपनी ओर खींचता है।

  • Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर भूलकर भी न करें ये दान, पितरों के साथ सूर्य देव भी हो सकते हैं नाराज

    Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर भूलकर भी न करें ये दान, पितरों के साथ सूर्य देव भी हो सकते हैं नाराज

    नई दिल्ली हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना जाता है, लेकिन साल की पहली अमावस्या यानी मौनी अमावस्या का महत्व और भी बढ़ जाता है। पंचांग के अनुसार हर वर्ष माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मौनी अमावस्या मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह तिथि 18 जनवरी, रविवार को पड़ रही है। मान्यता है कि इस दिन मौन व्रत, पवित्र नदी में स्नान, दान-पुण्य और पितरों की शांति के लिए किए गए कर्म विशेष फलदायी होते हैं।

    रविवार और सूर्य देव का संयोग
    इस बार मौनी अमावस्या रविवार को पड़ने के कारण इसका महत्व और बढ़ गया है। रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित होता है। ऐसे में इस दिन किए गए गलत दान या अशुभ कर्म न सिर्फ पितरों को नाराज कर सकते हैं, बल्कि कुंडली में सूर्य की स्थिति को भी कमजोर कर सकते हैं। इसलिए शास्त्रों में इस दिन दान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    मौनी अमावस्या पर किन चीजों का दान न करें
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन कुछ वस्तुओं का दान वर्जित होता है। इनमें तामसिक वस्तुएं, टूटी-फूटी चीजें, बासी या झूठा भोजन, कांच का सामान, काले रंग की वस्तुएं, चमड़े से बनी चीजें शामिल हैं।
    इसके अलावा नमक, सरसों का तेल, तिल, खट्टे फल और दही का दान भी इस दिन नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन वस्तुओं का दान करने से पितृ दोष बढ़ता है, जीवन में बाधाएं आती हैं और दुर्भाग्य का सामना करना पड़ सकता है।

    मौनी अमावस्या पर क्या करें दान
    यदि आप इस दिन दान करना चाहते हैं तो शुभ वस्तुओं का ही चयन करें। शास्त्रों के अनुसार अन्न, गुड़, वस्त्र, आंवला, कंबल, धन, जूते, झाड़ू, चांदी और तांबे से बनी वस्तुओं का दान अत्यंत शुभ माना जाता है।

    इसके साथ ही गौ सेवा करना, गायों को चारा खिलाना और पशु-पक्षियों को भोजन कराना भी विशेष पुण्यदायी माना गया है। ऐसा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

    स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
    मौनी अमावस्या पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और दान करने का विशेष महत्व है। द्रिक पंचांग के अनुसार 18 जनवरी 2026 को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 08 मिनट से 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। इस समय पवित्र स्नान, पूजा-पाठ और दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

    धार्मिक नियमों का पालन है जरूरी
    मौनी अमावस्या पर श्रद्धा और नियमों के साथ किए गए दान-पुण्य से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। वहीं, शास्त्र-विरुद्ध दान करने से लाभ की जगह नुकसान भी हो सकता है। इसलिए इस दिन दान से पहले सही जानकारी जरूर रखें और धार्मिक मर्यादाओं का पालन करें।

  • BMC Election 2026: सिर्फ नगर निगम नहीं, मुंबई की असली मिनी सरकार

    BMC Election 2026: सिर्फ नगर निगम नहीं, मुंबई की असली मिनी सरकार


    नई दिल्ली। मुंबई की राजनीतिक और प्रशासनिक धड़कनें इन दिनों बीएमसी चुनावों के साथ जोर पकड़ रही हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को अक्सर सिर्फ एक नगर निगम समझा जाता है, लेकिन यह शहर की असली मिनी सरकार की तरह काम करती है। जहां इस पर सत्ता होती है, वहां शहर की रफ्तार, विकास और जीवन स्तर तय होते हैं। 227 वार्डों के लिए 52.94% मतदान के साथ बीएमसी चुनाव इस बार भी देश की सबसे अमीर और ताकतवर नगर निगम को लेकर सियासी दिलचस्पी का केंद्र बन गया है।

    बीएमसी का इतिहास और सियासी महत्व
    बीएमसी की स्थापना 1865 में हुई थी और यह मुंबई की स्थानीय सरकार की तरह काम करती है। पिछले दो दशकों में शिवसेना का इस पर दबदबा रहा, लेकिन अब पार्टी दो धड़ों में बंटी हुई है

    एक का नेतृत्व उद्धव ठाकरे कर रहे हैं, जबकि दूसरा धड़ा एकनाथ शिंदे के हाथ में है। इस वजह से बीएमसी चुनाव राजनीतिक तौर पर बेहद अहम माना जाता है।

    सड़क और यातायात: मुंबई का कनेक्शन बीएमसी से
    मुंबई का सड़क नेटवर्क लगभग 2,050 किलोमीटर लंबा है। इन सड़कों का निर्माण, रखरखाव और मरम्मत बीएमसी की जिम्मेदारी है। खासतौर पर मानसून में सड़कें गड्ढों से भर जाती हैं, जिससे शहर में यातायात प्रभावित होता है। बीएमसी 700 किलोमीटर सड़कों को सीमेंट कंक्रीट में बदलने का काम कर रही है, जिस पर करीब 17,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके साथ ही फ्लाईओवर, पुल, लिंक रोड और कोस्टल रोड जैसे बड़े प्रोजेक्ट भी बीएमसी की देखरेख में हैं, जिनसे शहर में यातायात की गति बढ़ी है।

    पानी की आपूर्ति और झीलों का प्रबंधन
    मुंबई की पेयजल आपूर्ति सात झीलों पर निर्भर हैतुलसी, विहार, भात्सा, तानसा, अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा और मोडक सागर। इनमें से सिर्फ दो झीलें शहर की सीमा में हैं। बीएमसी इन सभी झीलों का प्रबंधन करती है, पानी को शुद्ध करती है और पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए घर-घर तक पहुंचाती है। लीकेज ठीक करना और बढ़ती आबादी के अनुसार व्यवस्था अपडेट करना भी उसकी जिम्मेदारी है।

    कचरा प्रबंधन और सफाई
    मुंबई में प्रतिदिन 8,000 से 10,000 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। इसे इकट्ठा करना, प्रोसेसिंग प्लांट और लैंडफिल तक पहुंचाना बीएमसी का काम है। इसके अलावा सड़कों की सफाई, सार्वजनिक शौचालयों का रखरखाव और सीवेज ट्रीटमेंट भी नगर निगम की जिम्मेदारी में आता है।

    स्वास्थ्य और शिक्षा
    बीएमसी देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में से एक संचालित करती है। इसके तहत चार मेडिकल कॉलेज अस्पताल, 16 सामान्य अस्पताल, चार विशेष अस्पताल, डिस्पेंसरी और मातृत्व गृह आते हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान बीएमसी की भूमिका पूरे देश में सराही गई थी। शिक्षा के क्षेत्र में बीएमसी 1,100 से ज्यादा नगरपालिका स्कूल चलाती है, जिनमें गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलती है।

    बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट
    मुंबई कोस्टल रोड, गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड और वर्सोवा-भायंदर कोस्टल रोड जैसे प्रोजेक्ट बीएमसी के तहत विकसित किए गए हैं।

    इसके अलावा शहर में 340 से ज्यादा पुल और स्काईवॉक का रखरखाव भी बीएमसी करती है। ये सभी प्रोजेक्ट न सिर्फ यातायात को बेहतर बनाते हैं बल्कि शहर के विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देते हैं।

    बीएमसी चुनाव केवल नगर निगम की कुर्सी के लिए नहीं, बल्कि मुंबई की असली मिनी सरकार के नेतृत्व के लिए अहम हैं। सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और बड़े प्रोजेक्ट्सबीएमसी का दायरा शहर के हर पहलू में फैला है। इसलिए इस चुनाव के नतीजे न केवल राजनीतिक बल्कि शहरी जीवन और विकास की दिशा तय करने वाले होंगे।

  • मरमेड थीम में सजी मालती की चौथी बर्थडे पार्टी, प्रियंका चोपड़ा ने शेयर कीं क्यूट झलकियां

    मरमेड थीम में सजी मालती की चौथी बर्थडे पार्टी, प्रियंका चोपड़ा ने शेयर कीं क्यूट झलकियां

    नई दिल्ली बॉलीवुड से हॉलीवुड तक अपनी पहचान बना चुकीं प्रियंका चोपड़ा और सिंगर निक जोनस की बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनस ने गुरुवार, 15 जनवरी को अपना चौथा जन्मदिन मनाया। इस खास मौके को कपल ने बेहद खास और यादगार बनाया। प्रियंका ने इंस्टाग्राम पर बेटी की बर्थडे पार्टी की झलकियां शेयर कीं, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।
    मरमेड थीम में सजा बर्थडे वेन्यू
    प्रियंका ने मालती के लिए डिज्नी प्रिंसेस और अंडर-द-सी थीम वाली बर्थडे पार्टी रखी। तस्वीरों में पेस्टल शेड्स में सजा खूबसूरत बैकड्रॉप दिखा, जिस पर लिखा था— “Malti’s 4th Birthday”। पार्टी का मुख्य आकर्षण रहा प्रिंसेस एरियल से सजा केक, जो मालती की फेवरेट डिज्नी कैरेक्टर है।
    वेन्यू को मरमेड स्केल डिजाइन, सी नेट्स, सी शेल्स और समुद्री रंगों से सजाया गया था, जिससे पूरा माहौल किसी जादुई समुद्री दुनिया जैसा लग रहा था।
    खास डेकोर और गिफ्ट्स ने बढ़ाया आकर्षण
    पार्टी में बच्चों और मेहमानों के लिए फिश शेप्ड कुकीज, खास गिफ्ट हैम्पर्स और मरमेड शेप बैलून्स भी रखे गए थे। हर छोटी-बड़ी चीज में मालती की पसंद का खास ख्याल रखा गया। तस्वीरें शेयर करते हुए प्रियंका ने कैप्शन में लिखा— “She’s 4!” और पति निक जोनस को टैग किया।
    नानी मधु चोपड़ा का इमोशनल नोट
    मालती की नानी मधु चोपड़ा ने भी इंस्टाग्राम पर कुछ अनसीन तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें नानी-नातिन की प्यारी बॉन्डिंग साफ नजर आई। एक तस्वीर में दोनों वेकेशन के दौरान टहलती दिख रही हैं।
    तस्वीरों के साथ मधु चोपड़ा ने लिखा,
    “तुमने मुझे नानी बनाया और मेरी जिंदगी को जादू से भर दिया। मेरी परी को चौथे जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं।”
    उनका यह पोस्ट फैंस के दिल को छू गया।
    प्रियंका-निक की फैमिली जर्नी
    प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस ने दिसंबर 2018 में शादी की थी। 2022 में कपल ने सरोगेसी के जरिए बेटी मालती का स्वागत किया। प्रियंका अक्सर मालती के साथ बिताए खास पलों की झलकियां सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं। हाल ही में कपल ने मालती के साथ बीच वेकेशन भी एंजॉय किया था।
    प्रियंका के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स
    वर्कफ्रंट की बात करें तो प्रियंका चोपड़ा जल्द ही एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘The Bluff’ में नजर आएंगी, जो 25 फरवरी को प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी। इसके अलावा वह एसएस राजामौली की मेगा फिल्म ‘Varanasi’ में भी नजर आएंगी। इस फिल्म के जरिए प्रियंका करीब 8 साल बाद भारतीय सिनेमा में वापसी करेंगी और यह जनवरी 2027 में रिलीज होगी।
  • बॉलीवुड का ग्लैम नाइट: पुलकित–वरुण की ‘राहु-केतु’ की स्पेशल स्क्रीनिंग में दिखा स्टार पावर

    बॉलीवुड का ग्लैम नाइट: पुलकित–वरुण की ‘राहु-केतु’ की स्पेशल स्क्रीनिंग में दिखा स्टार पावर

    नई दिल्ली  पुलकित सम्राट और वरुण शर्मा स्टारर फिल्म ‘राहु-केतु’ शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। रिलीज से एक दिन पहले गुरुवार को मुंबई में फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई, जहां बॉलीवुड का ग्लैमर देखते ही बना। फिल्म की पूरी स्टार कास्ट के साथ-साथ कई नामी सेलेब्स ने इवेंट में शिरकत कर माहौल को खास बना दिया।
    ‘फुकरे’ की जोड़ी फिर साथ
    ‘फुकरे’ सीरीज में अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसाने वाली पुलकित सम्राट और वरुण शर्मा की जोड़ी एक बार फिर ‘राहु-केतु’ में साथ नजर आ रही है। स्क्रीनिंग के दौरान दोनों एक्टर्स ने साथ एंट्री ली और पैपराजी के सामने हंसी-मजाक करते हुए जमकर पोज दिए।
    कृति सेनन की शानदार मौजूदगी
    वरुण शर्मा की करीबी दोस्त कृति सेनन भी फिल्म को सपोर्ट करने स्क्रीनिंग पर पहुंचीं। सिंपल लेकिन एलिगेंट लुक में नजर आईं कृति ने इवेंट में चार चांद लगा दिए। उनकी एंट्री के बाद पैपराजी का फोकस उन्हीं पर टिक गया।
    कीर्ति खरबंदा ने थामा पुलकित का हाथ
    फिल्म के लीड एक्टर पुलकित सम्राट की पत्नी और अभिनेत्री कीर्ति खरबंदा भी स्क्रीनिंग में नजर आईं। वह पुलकित का हाथ थामे रेड कार्पेट पर पहुंचीं और दोनों की केमिस्ट्री ने फैंस का दिल जीत लिया।
    न्यूली वेड कपल नूपुर सेनन–स्टेबिन बेन भी दिखे
    हाल ही में उदयपुर में शादी के बंधन में बंधे नूपुर सेनन और सिंगर स्टेबिन बेन भी ‘राहु-केतु’ की स्क्रीनिंग में पहुंचे। न्यूली वेड कपल की मौजूदगी ने इवेंट को और खास बना दिया।
    कॉमेडी का डोज देने को तैयार ‘राहु-केतु’
    कॉमेडी से भरपूर फिल्म ‘राहु-केतु’ में पुलकित सम्राट और वरुण शर्मा की जोड़ी एक बार फिर दर्शकों को हंसाने के लिए तैयार है। स्क्रीनिंग में मिली पॉजिटिव प्रतिक्रिया के बाद फिल्म को लेकर फैंस की उत्सुकता और बढ़ गई है।
  • बस हादसों पर RTO की सख्ती: जबलपुर में बस बॉडी मेकिंग कारखानों पर ताबड़तोड़ छापे. एक यूनिट सील

    बस हादसों पर RTO की सख्ती: जबलपुर में बस बॉडी मेकिंग कारखानों पर ताबड़तोड़ छापे. एक यूनिट सील


    जबलपुर । हाल के दिनों में यात्री बसों में आग लगने की घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इन हादसों में कई मासूम लोगों की जान जा चुकी है और कई परिवार उजड़ गए हैं। इन घटनाओं से सबक लेते हुए अब जबलपुर का परिवहन विभाग पूरी तरह सख्ती के मूड में नजर आ रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आरटीओ ने बस बॉडी मेकिंग कारखानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में आरटीओ संतोष पॉल के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने महानद्दा क्षेत्र स्थित ‘दिक्षु बस बॉडी मेकिंग’ कारखाने पर अचानक छापा मारा। जांच के दौरान कारखाने में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
    सबसे अहम बात यह रही कि यूनिट के पास अनिवार्य सर्वे रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी. जो बस बॉडी निर्माण के लिए जरूरी मानी जाती है। इसके अलावा मौके पर सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी देखी गई।जांच में यह भी पाया गया कि कारखाने में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और निर्माण प्रक्रिया में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। इन गंभीर खामियों को देखते हुए परिवहन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बस बॉडी मेकिंग यूनिट को सील कर दिया। आरटीओ की इस सख्त कार्रवाई से बस बॉडी निर्माताओं में हड़कंप मच गया है।

    जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कई बस बॉडी सेंटर्स ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तय मापदंडों की अनदेखी कर रहे हैं। यही लापरवाही आगे चलकर बड़े हादसों की वजह बन रही है। नियमों के उल्लंघन के तहत घटिया क्वालिटी की वायरिंग. ज्वलनशील मटेरियल का उपयोग. इमरजेंसी गेट की कमी और फायर सेफ्टी मानकों में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है।सबसे चिंताजनक बात यह है कि कुछ कारखाने बिना ARAI सर्टिफिकेशन के ही बस बॉडी का निर्माण कर रहे हैं. जो सीधे तौर पर यात्रियों की जान को खतरे में डालता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बसों में लगने वाली आग की बड़ी वजह शॉर्ट सर्किट और खराब वायरिंग होती है. जिसकी जड़ इन्हीं अवैध और लापरवाह निर्माण प्रक्रियाओं में छिपी है।

    परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आरटीओ का कहना है कि जो भी बस बॉडी निर्माता नियमों का पालन नहीं करेगा. उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. चाहे वह सीलिंग हो या कानूनी कार्रवाई। आने वाले दिनों में जबलपुर के अन्य बस बॉडी मेकिंग सेंटर्स पर भी इसी तरह की जांच और छापेमारी की जाएगी। विभाग की इस सख्ती से यह उम्मीद की जा रही है कि बस निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होगा और भविष्य में बसों में होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं पर प्रभावी रूप से रोक लग सकेगी। यात्रियों की जान बचाने के लिए उठाया गया यह कदम परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

  • सूर्यकुमार यादव विवाद मामले में खुशी मुखर्जी पर 100 करोड़ का मानहानि केस, सोशल मीडिया बयान बना कानूनी संकट

    सूर्यकुमार यादव विवाद मामले में खुशी मुखर्जी पर 100 करोड़ का मानहानि केस, सोशल मीडिया बयान बना कानूनी संकट




    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव को लेकर अभिनेत्री खुशी मुखर्जी का दिया गया बयान अब बड़े कानूनी विवाद में बदल गया है। खुशी मुखर्जी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में दावा किया था कि सूर्यकुमार यादव उन्हें बार-बार मैसेज किया करते थे। यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया और क्रिकेट फैंस ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी।
    मुंबई के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने खुशी मुखर्जी के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मानहानि दावा दायर कर दिया है। फैजान अंसारी का कहना है कि खुशी मुखर्जी के आरोप बेबुनियाद हैं और इससे एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उनके अनुसार इस तरह के बयान केवल सुर्ख़ियों में आने और पब्लिसिटी पाने के लिए दिए गए हैं।

    फैजान अंसारी ने खुद गाजीपुर पुलिस स्टेशन जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने मीडिया से कहा कि इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

    अंसारी का यह भी कहना है कि यह मामला केवल सूर्यकुमार यादव की नहीं, बल्कि पूरे देश के एक सम्मानित खिलाड़ी की प्रतिष्ठा का सवाल है।

    उन्होंने साफ किया कि खुशी मुखर्जी के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर कर दिया गया है। यदि अभिनेत्री अपने आरोप सबूतों के साथ साबित कर देती हैं, तो वह सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए तैयार हैं, लेकिन तब तक वह पीछे हटने वाले नहीं हैं।

    खुशी मुखर्जी ने अपने इंटरव्यू में यह स्पष्ट किया था कि उनके और सूर्यकुमार यादव के बीच कभी कोई निजी या रोमांटिक रिश्ता नहीं रहा, लेकिन उनके मैसेज वाले बयान ने ही विवाद को जन्म दिया। अब यह मामला कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया है, और अगले कदमों पर सभी की नजर है।