Author: bharati

  • वैश्विक संकट का असर जारी, कच्चा तेल 100 डॉलर के आसपास रहने की संभावना

    वैश्विक संकट का असर जारी, कच्चा तेल 100 डॉलर के आसपास रहने की संभावना

    नई दिल्ली । वैश्विक ऊर्जा बाजार एक बार फिर अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है, जहां कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता की बजाय उतार-चढ़ाव का दबाव बना हुआ है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के कारण आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रह सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही रणनीतिक समुद्री मार्गों में कुछ राहत मिले, लेकिन वैश्विक बाजार पर इसका तात्कालिक असर सीमित रहेगा।

    विश्लेषकों के अनुसार, शिपिंग व्यवस्था, रिफाइनरी संचालन और टैंकरों की उपलब्धता पर पड़ रहे दबाव के कारण तेल की सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य नहीं हो पा रही है। इन बाधाओं के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है और बड़े सुधार की संभावना फिलहाल कमजोर दिखाई दे रही है।

    रिपोर्ट में यह भी अनुमान जताया गया है कि आने वाले समय में ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत लगभग 97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रह सकती है। इसका मतलब है कि ऊर्जा बाजार को मध्यम अवधि में सप्लाई की कमी और भू-राजनीतिक तनाव दोनों का सामना करना पड़ सकता है। यह स्थिति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है, क्योंकि तेल की कीमतों का सीधा असर परिवहन, उत्पादन और महंगाई पर पड़ता है।

    हाल के दिनों में तेल बाजार में तेजी भी देखी गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रही है, जबकि अन्य बेंचमार्क भी इसी स्तर के आसपास मजबूती दिखा रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह बढ़त केवल मांग और आपूर्ति के असंतुलन का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें राजनीतिक तनाव और क्षेत्रीय अस्थिरता की भी अहम भूमिका है।

    इसके अलावा, उत्पादन में भी गिरावट देखने को मिली है। प्रमुख तेल उत्पादक समूह द्वारा हाल के महीनों में उत्पादन में कटौती के कारण वैश्विक आपूर्ति और सीमित हो गई है। उत्पादन में इस कमी ने कीमतों को और अधिक मजबूती दी है और बाजार में अस्थिरता को बढ़ा दिया है।

    विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि सिर्फ समुद्री मार्गों के सामान्य होने से बाजार तुरंत स्थिर नहीं होगा। लॉजिस्टिक चुनौतियां, सप्लाई चेन की बाधाएं और उत्पादन में असंतुलन आने वाले महीनों तक जारी रह सकते हैं। इसका सीधा असर तेल की कीमतों पर देखने को मिलेगा।

    कुल मिलाकर, कच्चे तेल का बाजार फिलहाल एक संवेदनशील दौर से गुजर रहा है, जहां हर भू-राजनीतिक घटना कीमतों को प्रभावित करने की क्षमता रखती है। जब तक वैश्विक स्तर पर तनाव और आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं पूरी तरह हल नहीं होतीं, तब तक तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट की उम्मीद कम ही दिखाई देती है।

  • 16 कंपनियां करेंगी भर्ती: सीहोर रोजगार मेले में युवाओं के लिए बड़े अवसर

    16 कंपनियां करेंगी भर्ती: सीहोर रोजगार मेले में युवाओं के लिए बड़े अवसर


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। 12 मई को ‘युवा संगम रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेला’ का आयोजन किया जाएगा। यह मेला महिला आईटीआई संस्थान, सीहोर में सुबह 11 बजे से शुरू होगा।
    इस रोजगार मेले का आयोजन रोजगार विभाग द्वारा किया जा रहा है, जिसमें कुल 16 कंपनियां भाग लेंगी। इन कंपनियों द्वारा लगभग 1610 से अधिक पदों पर योग्य युवाओं की भर्ती की जाएगी। यह मेला स्थानीय युवाओं के साथ-साथ प्रदेश और अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के लिए भी रोजगार का बड़ा अवसर लेकर आया है।
    मेले में विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां शामिल होंगी, जो अलग-अलग योग्यता और कौशल के आधार पर युवाओं का चयन करेंगी। इससे बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी पाने का सुनहरा मौका मिलेगा।
    इसके साथ ही जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहेगा। यह केंद्र स्वरोजगार योजनाओं के तहत युवाओं को मार्गदर्शन देगा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायता करेगा। साथ ही नए आवेदन तैयार करने की प्रक्रिया में भी सहयोग प्रदान किया जाएगा।
    आईटीआई विभाग की ओर से भी इस मेले में विशेष भूमिका निभाई जाएगी। विभाग द्वारा युवाओं को अप्रेंटिसशिप के अवसरों के लिए चयनित किया जाएगा, जिससे उन्हें प्रशिक्षण के साथ रोजगार पाने का मौका मिलेगा।
    यह रोजगार मेला न केवल नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाने वालों के लिए भी एक बड़ा मंच साबित होगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार और कौशल विकास से जोड़ा जा सके।
  • सीहोर में कॉन्ट्रैक्टर के घर से 7 लाख नकद और जेवर चोरी, पुलिस अब तक खाली हाथ

    सीहोर में कॉन्ट्रैक्टर के घर से 7 लाख नकद और जेवर चोरी, पुलिस अब तक खाली हाथ


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की अवधपुरी कॉलोनी में हुई 32 लाख रुपए की बड़ी चोरी का मामला 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अनसुलझा है। इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    यह घटना कॉन्ट्रैक्टर दीपक जाधव के घर में हुई, जहां से चोरों ने करीब 7 लाख रुपए नकद और भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। चोरी गए सामान में लगभग 10 लाख रुपए का रानी हार, मंगलसूत्र, सोने की कटोरी, 20 सोने के मोती और चांदी के सिक्के शामिल बताए जा रहे हैं।
    जानकारी के अनुसार, घटना के समय दीपक जाधव का परिवार महाराष्ट्र गया हुआ था। 27 जून को जब वे वापस लौटे तो घर के ताले टूटे मिले और पूरा घर बिखरा पड़ा था। अलमारी खोलने पर नकदी और कीमती जेवर गायब थे, जिससे परिवार के होश उड़ गए।
    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस कॉलोनी में यह वारदात हुई, उसके आसपास पुलिसकर्मियों के आवास भी स्थित हैं। इसके बावजूद चोरों ने आसानी से घर को निशाना बनाया और फरार हो गए। इस घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
    घटना के बाद एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए थे और पुलिस ने कई सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले। कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है।
    थाना प्रभारी ने जल्द खुलासे का दावा किया था, लेकिन 15 दिन से ज्यादा समय बीतने के बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। पीड़ित परिवार लगातार पुलिस थाने के चक्कर लगा रहा है और उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
    इस बड़ी चोरी के मामले में पुलिस की सुस्ती और अब तक कोई सफलता न मिलने से आम जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं और जल्द खुलासे की मांग कर रहे हैं।

  • पाकिस्तान के नोमान अली का कमाल, टेस्ट क्रिकेट में 100 विकेट लेकर रचा इतिहास

    पाकिस्तान के नोमान अली का कमाल, टेस्ट क्रिकेट में 100 विकेट लेकर रचा इतिहास


    नई दिल्ली ।  बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच खेली जा रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में पाकिस्तान के बाएं हाथ के स्पिनर Noman Ali ने इतिहास रच दिया। मैच के पांचवें दिन उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपने 100 विकेट पूरे करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की और इस फॉर्मेट में यह कारनामा करने वाले सबसे उम्रदराज गेंदबाज बन गए।
    नोमान अली ने इस मैच की पारी में 3 विकेट हासिल किए। उनका ऐतिहासिक 100वां विकेट बांग्लादेश के बल्लेबाज मेहदी हसन मिराज के रूप में आया। उन्होंने 39 साल 217 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर इंग्लैंड के दिग्गज बॉबी पील का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 39 साल 180 दिन की उम्र में 100 विकेट पूरे किए थे।
    इस सूची में अन्य महान गेंदबाजों में रे इलिंगवर्थ, क्लैरी ग्रिमेट और सिडनी बार्न्स जैसे नाम भी शामिल हैं, लेकिन नोमान अली ने इस उम्र में पहुंचकर नया इतिहास लिख दिया है। पाकिस्तान क्रिकेट में भी वह सबसे तेजी से 100 विकेट पूरे करने वाले गेंदबाजों की सूची में संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि 22 टेस्ट मैचों में हासिल की है, जो उनकी निरंतरता और क्षमता को दर्शाता है। पाकिस्तान के अन्य महान गेंदबाजों में यासिर शाह, सईद अजमल और वकार युनुस उनसे आगे हैं, लेकिन नोमान का यह प्रदर्शन उन्हें विशेष स्थान दिलाता है।
    मैच की बात करें तो बांग्लादेश ने पहली पारी में 413 रन बनाए, जबकि पाकिस्तान की पहली पारी 386 रन पर समाप्त हुई। बांग्लादेश ने दूसरी पारी 9 विकेट पर 240 रन पर घोषित कर पाकिस्तान को 268 रनों का लक्ष्य दिया। अब पाकिस्तान को जीत के लिए 76 ओवरों में यह लक्ष्य हासिल करना होगा, जिससे मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है।
    नोमान अली की यह ऐतिहासिक उपलब्धि पाकिस्तान क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है और उनके नाम अब टेस्ट क्रिकेट इतिहास में एक खास रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।
  • झांसी में गर्मी का कहर: 39°C पार तापमान, तेज धूप और लू से जनजीवन बेहाल

    झांसी में गर्मी का कहर: 39°C पार तापमान, तेज धूप और लू से जनजीवन बेहाल



    नई दिल्ली। झांसी में मंगलवार को मौसम ने एक बार फिर गर्मी का तीखा रूप दिखाया, जहां सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया। शहर में सुबह 11 बजे तक तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे दिन की शुरुआत ही झुलसाने वाली गर्मी के साथ हुई। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, सड़कों पर गर्मी का असर और ज्यादा महसूस किया गया और दोपहर होते-होते लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई।

    भीषण गर्मी के कारण बाजारों और चौराहों पर सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम नजर आई। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। तेज धूप और लू से बचने के लिए कई लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर या सिर ढककर बाहर निकलते दिखे। सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और सड़क पर काम करने वाले लोगों पर पड़ा, जो छांव और पेड़ों के नीचे राहत तलाशते नजर आए।

    गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में ठंडे पेय पदार्थों की मांग भी बढ़ गई है। शिकंजी, जूस और ठंडे पेय की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है, क्योंकि लोग गर्मी से राहत पाने के लिए इनका सहारा ले रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार दिन के आगे बढ़ने के साथ तापमान में और वृद्धि हो सकती है और दोपहर बाद पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।

    हालांकि मौसम विभाग ने थोड़ी राहत की संभावना भी जताई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दोपहर बाद आसमान में बादल छा सकते हैं और हल्की बारिश भी हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो लोगों को कुछ समय के लिए गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल पूरे दिन तेज गर्मी और उमस बने रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पीते रहें और गर्मी से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाएं, ताकि लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

  • पानी की किल्लत से नाराज लोग सड़क पर उतरे, इंदौर में महापौर और निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

    पानी की किल्लत से नाराज लोग सड़क पर उतरे, इंदौर में महापौर और निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन


    नई दिल्ली । इंदौर में गर्मी बढ़ते ही पानी का संकट गहराता जा रहा है। मंगलवार को शहर के विकास नगर इलाके में पानी की गंभीर समस्या से परेशान रहवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम किया और जोरदार प्रदर्शन करते हुए नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
    प्रदर्शन के दौरान रहवासियों ने खाली मटके सड़क पर फोड़ दिए, जिससे माहौल और अधिक आक्रोशपूर्ण हो गया। इस विरोध प्रदर्शन में स्थानीय पार्षद भी शामिल रहीं, जिन्होंने लोगों के साथ सड़क पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने महापौर और नगर निगम पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।
    स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से पानी की आपूर्ति ठीक नहीं हो रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। लोगों का आरोप है कि पानी की सप्लाई में अनियमितता के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
    बताया जा रहा है कि पानी की सप्लाई में इंटरकनेक्शन के जरिए बदलाव किया गया है, जिसके कारण कुछ इलाकों में पानी का प्रेशर कम हो गया है। साथ ही दूषित पानी की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।
    प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल समस्या के समाधान की मांग की है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग उठाई है। स्थिति को देखते हुए पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया, हालांकि मौके पर स्थिति को संभालने के प्रयास किए गए।
    स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पानी जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर इस तरह का विरोध शहर में प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है
  • डैंड्रफ और खुजली से परेशान हैं? अपनाएं ये आसान घरेलू हर्बल शैम्पू रेसिपी

    डैंड्रफ और खुजली से परेशान हैं? अपनाएं ये आसान घरेलू हर्बल शैम्पू रेसिपी


    नई दिल्ली । गर्मी का मौसम आते ही बालों और स्कैल्प से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ जाती हैं। पसीना, धूल और उमस के कारण अक्सर डैंड्रफ, खुजली और ऑयली स्कैल्प जैसी परेशानियां लोगों को घेर लेती हैं। ऐसे में अधिकतर लोग केमिकल युक्त शैम्पू का उपयोग करते हैं, जो शुरुआती राहत तो देते हैं, लेकिन लंबे समय में बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी वजह से नेचुरल हर्बल उपायों की ओर रुझान बढ़ रहा है।
    आयुर्वेद में नीम को बालों और त्वचा की समस्याओं के लिए बेहद प्रभावी माना गया है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीसेप्टिक गुण स्कैल्प को गहराई से साफ करने और खुजली व डैंड्रफ को कम करने में मदद करते हैं। घर पर बना नीम हर्बल शैम्पू न केवल सुरक्षित है, बल्कि बालों को प्राकृतिक पोषण भी देता है।
    इस शैम्पू को बनाने के लिए ताजी नीम की पत्तियां, पानी, माइल्ड लिक्विड या कास्टाइल साबुन, एलोवेरा जेल और नारियल तेल की जरूरत होती है। सबसे पहले नीम की पत्तियों को अच्छे से धोकर पानी में उबाला जाता है, जब तक पानी आधा न रह जाए। इसके बाद इसे ठंडा कर छान लिया जाता है ताकि नीम का अर्क अलग हो जाए।
    इस अर्क में हल्का साबुन मिलाकर शैम्पू तैयार किया जाता है। चाहें तो इसमें एलोवेरा जेल और नारियल तेल भी मिलाया जा सकता है, जिससे बालों को अतिरिक्त नमी और पोषण मिलता है। यह मिश्रण बालों को साफ करने के साथ-साथ स्कैल्प को ठंडक भी प्रदान करता है।
    इस्तेमाल के लिए बालों को हल्का गीला कर तैयार शैम्पू लगाकर 2–3 मिनट तक हल्की मसाज करनी चाहिए और फिर साफ पानी से धो लेना चाहिए। बेहतर परिणाम के लिए इसका उपयोग सप्ताह में दो से तीन बार किया जा सकता है। यह घरेलू हर्बल शैम्पू खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है, जो डैंड्रफ, खुजली, ऑयली स्कैल्प या हल्के फंगल इंफेक्शन से परेशान रहते हैं। नियमित उपयोग से बाल साफ, मजबूत और स्वस्थ बने रहते हैं।

  • मंगलवार के दिन करें हनुमान मंत्रों का जाप, हर संकट से मिलेगी बड़ी राहत

    मंगलवार के दिन करें हनुमान मंत्रों का जाप, हर संकट से मिलेगी बड़ी राहत


    नई दिल्ली । मंगलवार का दिन हिंदू धर्म में हनुमान जी की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान के साथ पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होने और सुख-समृद्धि प्राप्त होने की मान्यता है। भक्तों का विश्वास है कि इस दिन हनुमान जी की उपासना करने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
    मंगलवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ और विशेषकर लाल रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। पूजा के लिए घर के ईशान कोण को साफ करके वहां हनुमान जी के साथ भगवान राम और माता सीता की प्रतिमा या चित्र स्थापित किए जाते हैं। इसके बाद दीपक जलाकर पुष्प, माला और लाल सिंदूर अर्पित किया जाता है। इस दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है। भोग के रूप में गुड़-चना और बूंदी चढ़ाने की परंपरा भी है।
    पूजा के दौरान हनुमान जी के विशेष मंत्रों का जाप करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। श्रद्धालु निम्न मंत्रों का उच्चारण करते हैं, जिनमें शक्ति और संरक्षण का भाव निहित है-
    ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।
    इसके अलावा अन्य पवित्र मंत्रों का भी जाप किया जाता है, जिनसे मानसिक शांति और भय से मुक्ति मिलने की मान्यता है। भक्तों का विश्वास है कि नियमित रूप से इन मंत्रों का जाप करने से जीवन में आने वाली बाधाएं समाप्त होती हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
    मंगलवार को हनुमान जी को लाल सिंदूर और तिल का तेल अर्पित करना विशेष रूप से शुभ माना गया है। लाल वस्त्र और लाल पुष्प भी उन्हें अत्यंत प्रिय होते हैं। इस दिन की गई सच्चे मन से पूजा भक्त के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली मानी जाती है।
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी की भक्ति से व्यक्ति में साहस, शक्ति और आत्मविश्वास का विकास होता है। मंगलवार का दिन उनके आशीर्वाद को प्राप्त करने का सर्वोत्तम अवसर माना जाता है, जो भक्तों को हर प्रकार के संकट से उबारने की क्षमता रखता है।

  • वट सावित्री व्रत 2026: नए व्रतियों के लिए आसान पूजा विधि और जरूरी नियम

    वट सावित्री व्रत 2026: नए व्रतियों के लिए आसान पूजा विधि और जरूरी नियम


    नई दिल्ली । वट सावित्री व्रत हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा जाता है। इस व्रत का संबंध माता सावित्री और सत्यवान की पौराणिक कथा से जुड़ा है, जिसमें सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प से यमराज से अपने पति के प्राण वापस ले लिए थे। इसी कारण यह व्रत वैवाहिक जीवन की मजबूती और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
    साल 2026 में वट सावित्री व्रत 16 मई, शनिवार को मनाया जाएगा। यह तिथि ज्येष्ठ माह की अमावस्या को पड़ रही है। अमावस्या तिथि का आरंभ सुबह 5 बजकर 11 मिनट पर होगा और यह देर रात 1 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर व्रत 16 मई को ही रखा जाएगा।
    जो महिलाएं पहली बार व्रत रखने जा रही हैं, उनके लिए नियमों का पालन बेहद जरूरी है। इस दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनकर वट वृक्ष की पूजा की जाती है। महिलाएं वट वृक्ष की परिक्रमा करती हैं और कच्चा सूत बांधकर पूजा करती हैं। सावित्री-सत्यवान की कथा सुनना इस व्रत का प्रमुख हिस्सा है। इसके बाद पति की लंबी उम्र और सुख-शांति की कामना की जाती है।
    पूजा के लिए इस दिन शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 12 मिनट से 8 बजकर 24 मिनट तक रहेगा, जो अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 50 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इस वर्ष वट सावित्री व्रत पर सौभाग्य योग और शोभन योग का संयोग भी बन रहा है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है।
    वट सावित्री व्रत न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह पति-पत्नी के अटूट प्रेम और समर्पण को भी दर्शाता है। पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए यह आवश्यक है कि वे पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ पूजा करें ताकि व्रत का पूर्ण फल प्राप्त हो सके।

  • बिग बी की रातों की कहानी: काम और नींद के बीच संघर्ष, मिडनाइट रूटीन ने खींचा ध्यान

    बिग बी की रातों की कहानी: काम और नींद के बीच संघर्ष, मिडनाइट रूटीन ने खींचा ध्यान


    नई दिल्ली ।  बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता Amitabh Bachchan एक बार फिर अपनी पेशेवर प्रतिबद्धता और निजी अनुभवों को लेकर चर्चा में हैं। 83 वर्ष की उम्र में भी लगातार काम करने की उनकी आदत अब उनकी दिनचर्या और नींद पर असर डाल रही है। हाल ही में उन्होंने अपने ब्लॉग के माध्यम से इस बात का खुलासा किया कि व्यस्त कार्य शेड्यूल के चलते उनकी रातों की नींद प्रभावित हो रही है और उनका रूटीन पूरी तरह बदल चुका है।

    अपने ब्लॉग में उन्होंने लिखा कि कई बार रात देर तक काम करने के कारण नींद सामान्य समय पर नहीं आ पाती। उन्होंने यह भी साझा किया कि डॉक्टर अक्सर उन्हें पर्याप्त नींद लेने की सलाह देते हैं, क्योंकि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कम से कम सात घंटे की नींद जरूरी होती है। इसके बावजूद उनका काम और जिम्मेदारियां उन्हें लगातार व्यस्त रखती हैं, जिससे उनका सोने का पैटर्न प्रभावित हो गया है।

    उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए यह भी बताया कि रात के शांत समय में काम करना और विचारों में खोए रहना अब उनकी आदत बन चुकी है। जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब वे अपने काम और डिजिटल माध्यमों से जुड़े रहते हैं। इसी दौरान उन्हें संगीत सुनने का भी समय मिलता है, जिसे वे मानसिक शांति का सबसे बड़ा साधन मानते हैं।

    उन्होंने विशेष रूप से शास्त्रीय और वाद्य संगीत का जिक्र किया, जिसमें स्लाइड गिटार और सितार जैसी धुनें उन्हें गहरी शांति देती हैं। उनके अनुसार, यह संगीत केवल मनोरंजन नहीं बल्कि आत्मा को सुकून देने वाला अनुभव है, जो थकान और मानसिक दबाव को कम करने में मदद करता है।

    अपने विचारों में उन्होंने संगीत को मानवता की एक साझा भाषा भी बताया। उनके अनुसार दुनिया के किसी भी कोने में जाएं, संगीत के सुर एक जैसे ही होते हैं और यही बात इसे सबसे अनोखा बनाती है। उनका मानना है कि संगीत न केवल भावनाओं को जोड़ता है बल्कि इंसान को भीतर से संतुलित भी रखता है।

    काम के मोर्चे पर भी Amitabh Bachchan लगातार सक्रिय हैं। वे जल्द ही एक बड़े फिल्म प्रोजेक्ट के सीक्वल में नजर आने वाले हैं, जिसमें उनका किरदार फिर से दर्शकों के सामने आएगा। इस फिल्म ने पहले भाग में बड़ी सफलता हासिल की थी और अब इसके अगले अध्याय को लेकर भी काफी उत्साह देखा जा रहा है।

    83 साल की उम्र में भी उनकी ऊर्जा और समर्पण यह दिखाते हैं कि उनके लिए अभिनय केवल पेशा नहीं बल्कि जीवन का हिस्सा है। हालांकि नींद और स्वास्थ्य को लेकर उनकी चिंता भी सामने आई है, लेकिन उनका काम के प्रति जुनून अभी भी पहले जैसा ही मजबूत है।

    उनकी यह कहानी सिर्फ एक अभिनेता की दिनचर्या नहीं, बल्कि उस समर्पण की झलक है जो उम्र के साथ भी कम नहीं होता। यह दिखाता है कि कैसे एक कलाकार अपने जुनून और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता रहता है, चाहे परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों।