Author: bharati

  • आईपीएल में बड़ा कारनामा: अक्षर पटेल और डेविड मिलर की पारी से DC ने पलटा मैच

    आईपीएल में बड़ा कारनामा: अक्षर पटेल और डेविड मिलर की पारी से DC ने पलटा मैच


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के 55वें मुकाबले में Delhi Capitals ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए Punjab Kings को 3 विकेट से मात दी। धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में दिल्ली ने 211 रनों का लक्ष्य 19 ओवर में 7 विकेट खोकर हासिल कर लिया। यह आईपीएल इतिहास में दिल्ली कैपिटल्स का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज साबित हुआ।
    मैच की शुरुआत दिल्ली के लिए बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक पोरेल मात्र 5 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि केएल राहुल सिर्फ 9 रन ही बना सके। मिडिल ऑर्डर भी लड़खड़ा गया और साहिल प्रकाश 13 रन तथा ट्रिस्टन स्टब्स 12 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। 74 रन पर 4 विकेट गिरने के बाद दिल्ली संकट में नजर आ रही थी।
    लेकिन इसके बाद कप्तान Axar Patel और डेविड मिलर ने पारी को संभाला। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 34 गेंदों में 64 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। अक्षर पटेल ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 30 गेंदों में 56 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वहीं David Miller ने भी 28 गेंदों में 51 रन बनाकर टीम को मजबूती दी।
    अंतिम ओवरों में आशुतोष शर्मा ने 10 गेंदों में 24 रन की तेज पारी खेली। वहीं माधव तिवारी और आकिब नबी ने नाबाद रहते हुए तेजी से रन बटोरे और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। आखिरी क्षणों में लगाए गए बड़े शॉट्स ने मैच का रोमांच चरम पर पहुंचा दिया और दिल्ली कैपिटल्स ने जीत दर्ज कर ली।
    इससे पहले पंजाब किंग्स की ओर से बेहतरीन बल्लेबाजी देखने को मिली। कप्तान Shreyas Iyer ने 36 गेंदों में 59 रनों की नाबाद पारी खेली। वहीं प्रियांश आर्या ने 33 गेंदों में 56 रन बनाए और टीम को मजबूत शुरुआत दी। कूपर कोनोली ने 38 रनों का योगदान दिया, जबकि सूर्यांश शेडगे ने अंतिम ओवरों में तेजी से 21 रन जोड़े।
    दिल्ली की गेंदबाजी में Mitchell Starc और माधव तिवारी ने 2-2 विकेट हासिल किए। हालांकि पंजाब की मजबूत बल्लेबाजी के बावजूद दिल्ली ने शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम किया।
    यह मुकाबला आईपीएल के सबसे रोमांचक मैचों में से एक माना जा रहा है, जहां दबाव के बीच दिल्ली कैपिटल्स ने बेहतरीन टीमवर्क दिखाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

  • रिजेक्शन से आत्मविश्वास टूटने तक का सफर: रुबीना दिलैक की जिंदगी का वह मोड़ जिसने उन्हें मजबूत बना दिया

    रिजेक्शन से आत्मविश्वास टूटने तक का सफर: रुबीना दिलैक की जिंदगी का वह मोड़ जिसने उन्हें मजबूत बना दिया


    नई दिल्ली ।टीवी इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री रुबीना दिलैक ने हाल ही में अपने शुरुआती करियर के उस दौर को याद किया, जिसने उनकी सोच और आत्मविश्वास दोनों को गहराई से प्रभावित किया था। आज वह जिस मुकाम पर हैं, वहां पहुंचना आसान नहीं था, क्योंकि एक समय ऐसा भी था जब उन्हें उनके लुक्स के आधार पर रिजेक्शन का सामना करना पड़ा था।

    रुबीना ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शुरुआती दिनों में जब वह इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही थीं, तब उन्हें कई बार अपने चेहरे और व्यक्तित्व को लेकर कठोर टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। एक मौके पर तो एक डायरेक्टर ने सीधे यह कह दिया था कि उनका चेहरा “लीड रोल के लायक नहीं” है। यह बात उनके लिए बेहद आहत करने वाली थी और इसी ने उनके आत्मविश्वास को हिला कर रख दिया था।

    उस समय रुबीना खुद को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थीं। उनके अनुसार, वह अपने लुक्स को लेकर अक्सर असहज महसूस करती थीं, खासकर जब उनके दांतों में ब्रेसेस लगे हुए थे। उन्हें लगता था कि शायद वह उस इंडस्ट्री के मानकों पर खरी नहीं उतरतीं, जहां बाहरी खूबसूरती को अक्सर बहुत महत्व दिया जाता है। इस सोच ने उन्हें कई बार भीतर से कमजोर भी किया।

    लेकिन समय के साथ उन्होंने खुद को समझना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने यह महसूस किया कि बाहरी आलोचनाएं उनकी पहचान तय नहीं कर सकतीं। उन्होंने अपनी कमियों को कमजोरी के रूप में नहीं, बल्कि अपने व्यक्तित्व का हिस्सा मानना शुरू किया। यही सोच उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आई।

    रुबीना के अनुसार, खुद को स्वीकार करना आसान नहीं था, लेकिन यही वह कदम था जिसने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया। उन्होंने अपने भीतर आत्मविश्वास को फिर से खड़ा किया और अपने करियर को एक नई दिशा देने की कोशिश की। इस बदलाव ने उन्हें न केवल एक बेहतर कलाकार बनाया, बल्कि एक मजबूत इंसान भी बनाया।

    अपने निजी जीवन के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि मां बनने के बाद उनकी प्राथमिकताएं पूरी तरह बदल गई हैं। अब उनके लिए काम से ज्यादा परिवार और बच्चों की सुरक्षा महत्वपूर्ण हो गई है। किसी चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट में हिस्सा लेना उनके लिए अब केवल प्रोफेशनल फैसला नहीं होता, बल्कि भावनात्मक रूप से भी एक बड़ी जिम्मेदारी बन गया है।

    इस सफर में उनके जीवनसाथी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि कठिन समय में उन्हें अपने परिवार का पूरा सहयोग मिला, जिसने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। यह समर्थन उनके लिए बेहद अहम साबित हुआ, खासकर तब जब वह खुद पर विश्वास खोने लगी थीं।

    आज रुबीना दिलैक उस मुकाम पर हैं जहां वह न केवल एक सफल अभिनेत्री हैं, बल्कि कई लोगों के लिए प्रेरणा भी बन चुकी हैं। उनका यह सफर यह दिखाता है कि असफलता और आलोचना अंत नहीं होती, बल्कि सही सोच और आत्मविश्वास के साथ उन्हें ताकत में बदला जा सकता है।

  • रणवीर सिंह बनेंगे भगवान शिव, अमिश त्रिपाठी की 'द इमॉर्टल्स ऑफ मेलुहा' पर आधारित भव्य ट्रायलॉजी का हुआ शंखनाद

    रणवीर सिंह बनेंगे भगवान शिव, अमिश त्रिपाठी की 'द इमॉर्टल्स ऑफ मेलुहा' पर आधारित भव्य ट्रायलॉजी का हुआ शंखनाद


    नई दिल्ली ।भारतीय फिल्म उद्योग के ऊर्जावान अभिनेता रणवीर सिंह इन दिनों अपने करियर के सबसे सुनहरे दौर से गुजर रहे हैं। अपनी पिछली रिलीज फिल्मों की ऐतिहासिक सफलता के बाद, रणवीर ने अब एक ऐसे प्रोजेक्ट पर हाथ डाला है जो भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हो सकता है। ताजा जानकारी के अनुसार, रणवीर सिंह विख्यात लेखक अमिश त्रिपाठी की सर्वाधिक बिकने वाली पुस्तक शृंखला ‘द इमॉर्टल्स ऑफ मेलुहा’ पर आधारित एक भव्य ट्रायलॉजी फिल्म बनाने की योजना बना रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस फिल्म में रणवीर न केवल मुख्य भूमिका में नजर आएंगे, बल्कि वे इसे अपने स्वयं के प्रोडक्शन बैनर के तले निर्मित भी करेंगे। यह फिल्म भगवान शिव के एक मानवीय और वीर स्वरूप की गाथा होगी, जो एक प्राचीन सभ्यता के भाग्य को बदलने की अद्भुत क्षमता रखते हैं।

    फिल्म जगत में इस खबर के आने के बाद से ही प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि फिल्म की पूरी स्टार कास्ट अभी फाइनल नहीं हुई है, लेकिन स्क्रीनप्ले पर काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस महागाथा के पहले भाग का प्रोडक्शन कार्य साल 2028 तक शुरू होने की संभावना है। दिलचस्प बात यह है कि इस कहानी के अधिकारों को लेकर बॉलीवुड में लंबे समय से चर्चाएं थीं। पूर्व में अक्षय कुमार जैसे बड़े सितारों ने भी इस कहानी में रुचि दिखाई थी, लेकिन अंततः यह प्रोजेक्ट रणवीर सिंह के खाते में गया है। रणवीर की टीम इस प्रोजेक्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए बड़े पैमाने पर तकनीकी और रचनात्मक निवेश करने की तैयारी में है।

    रणवीर सिंह की हालिया फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। स्पाई थ्रिलर शैली में उनकी पिछली प्रस्तुतियों ने वैश्विक स्तर पर हजारों करोड़ का कारोबार कर उनकी साख को एक वैश्विक सितारे के रूप में स्थापित किया है। उनके अभिनय की विविधता और किरदार में जान फूंकने की कला को देखते हुए यह माना जा रहा है कि भगवान शिव का जटिल और शक्तिशाली किरदार उनके लिए एक नई चुनौती और उपलब्धि होगा। इसके साथ ही, चर्चाएं यह भी हैं कि वे आगामी वर्षों में कुछ अन्य बड़े निर्देशकों के साथ भी बड़े स्तर की एक्शन और थ्रिलर फिल्मों में नजर आएंगे। फिलहाल, ‘द इमॉर्टल्स ऑफ मेलुहा’ पर आधारित यह प्रोजेक्ट भारतीय पौराणिक कथाओं को बड़े पर्दे पर देखने वाले दर्शकों के लिए एक बड़ा आकर्षण बनने जा रहा है।

  • राज कपूर का दामाद बनते-बनते रह गया बॉलीवुड का यह 'लव स्टोरी' हीरो, पिता की दोस्ती के खातिर दत्त खानदान से जोड़ा अटूट रिश्ता

    राज कपूर का दामाद बनते-बनते रह गया बॉलीवुड का यह 'लव स्टोरी' हीरो, पिता की दोस्ती के खातिर दत्त खानदान से जोड़ा अटूट रिश्ता


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के इतिहास में अस्सी का दशक बदलाव की एक ऐसी लहर लेकर आया था जिसने रातों-रात एक नया सुपरस्टार पैदा कर दिया था। उस दौर में जहाँ एक्शन और एंग्री यंग मैन का जादू सिर चढ़कर बोल रहा था, वहीं एक दुबले-पतले और मासूम चेहरे वाले युवक ने ‘चॉकलेटी हीरो’ की परिभाषा को नए सिरे से परिभाषित किया। यह शख्स कोई और नहीं बल्कि बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता राजेंद्र कुमार के बेटे कुमार गौरव थे। कुमार गौरव ने जब साल 1981 में फिल्म ‘लव स्टोरी’ से अपना डेब्यू किया, तो उन्होंने सफलता के ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए कि बड़े-बड़े स्थापित अभिनेताओं के सिंहासन डोल गए थे। उनकी लोकप्रियता का आलम यह था कि उस दौर में उन्हें देखने के लिए सिनेमाघरों के बाहर मीलों लंबी कतारें लगती थीं और उनकी पर्सनैलिटी के आगे खुद संजय दत्त तक को कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा था।

    कुमार गौरव का फिल्मी सफर जितना दिलचस्प रहा, उससे कहीं ज्यादा चर्चा में उनकी निजी जिंदगी और उनके पारिवारिक रिश्ते रहे। बहुत कम लोग जानते हैं कि कुमार गौरव और संजय दत्त का रिश्ता केवल दोस्ती तक सीमित नहीं था, बल्कि वे एक-दूसरे के बेहद करीबी रिश्तेदार भी हैं। इस रिश्ते की नींव दो पुराने दोस्तों ने मिलकर रखी थी। एक जमाने में संजय दत्त के पिता सुनील दत्त और कुमार गौरव के पिता राजेंद्र कुमार के बीच इतनी गहरी दोस्ती थी कि उन्होंने इस मित्रता को रिश्तेदारी में बदलने का साहसिक निर्णय लिया। इसी वादे और दोस्ती के सम्मान में कुमार गौरव ने साल 1984 में सुनील दत्त की बेटी और संजय दत्त की बहन नम्रता दत्त से विवाह किया। यह शादी बॉलीवुड की उन चुनिंदा शादियों में से एक रही जिसने दो महान फिल्मी घरानों को हमेशा के लिए एक सूत्र में पिरो दिया।

    हालांकि, नम्रता दत्त के साथ सात फेरे लेने से पहले कुमार गौरव की निजी जिंदगी में कई बड़े उतार-चढ़ाव आए थे। उनके करियर की शुरुआत में ही उनका नाम उनकी पहली को-स्टार विजयता पंडित के साथ जोड़ा गया था और दोनों के अफेयर की खबरें अखबारों की सुर्खियां बनी हुई थीं। लेकिन अपने पिता के प्रति निष्ठा और पारिवारिक मूल्यों के चलते उन्होंने इस रिश्ते से दूरी बना ली। इतना ही नहीं, एक वक्त ऐसा भी था जब कुमार गौरव बॉलीवुड के शो-मैन राज कपूर के दामाद बनने वाले थे। खबरों की मानें तो राज कपूर की बेटी के साथ उनकी सगाई तक हो चुकी थी, लेकिन वक्त और नियति को कुछ और ही मंजूर था। वह सगाई टूट गई और अंततः पिता राजेंद्र कुमार की इच्छा का सम्मान करते हुए उन्होंने दत्त खानदान की बेटी का हाथ थामा और आज वे अपनी शादीशुदा जिंदगी में बेहद खुश और संतुष्ट हैं।

    आज भले ही कुमार गौरव बड़े पर्दे की चमक-धमक से दूर हो गए हों, लेकिन 80 के दशक की उन यादों में वे आज भी एक अमर सितारे की तरह चमकते हैं। उनकी पहली फिल्म के गानों की धुन आज भी युवाओं के बीच उतनी ही लोकप्रिय है। संजय दत्त और उनका रिश्ता आज भी उतना ही मजबूत है, जितना दशकों पहले हुआ करता था। संजू बाबा के हर मुश्किल दौर में कुमार गौरव और नम्रता चट्टान की तरह उनके साथ खड़े रहे। कुमार गौरव की कहानी हमें यह सिखाती है कि ग्लैमर की दुनिया में सफलता और असफलता तो आती-जाती रहती है, लेकिन जो रिश्ते सच्चे दिल और ईमानदारी से बनाए जाते हैं, वही जीवन की असली विरासत होते हैं। फिल्म जगत में उन्हें एक ऐसे नायक के रूप में याद किया जाएगा जिसने अपनी सादगी और शालीनता से करोड़ों दिलों पर राज किया।

  • आईपीएल 2026 पॉइंट्स टेबल: डीसी की मुश्किलें बढ़ीं, पीबीकेएस टॉप-4 में मजबूत

    आईपीएल 2026 पॉइंट्स टेबल: डीसी की मुश्किलें बढ़ीं, पीबीकेएस टॉप-4 में मजबूत


    नई दिल्ली ।  आईपीएल 2026 का 55वां मुकाबला रोमांच और उतार-चढ़ाव से भरपूर रहा, जहां दिल्ली कैपिटल्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पंजाब किंग्स को 3 विकेट से मात दी। इस जीत के साथ दिल्ली कैपिटल्स ने अंक तालिका में एक स्थान की छलांग लगाई और अब सातवें स्थान पर पहुंच गई है। टीम के अब 12 मैचों में 10 अंक हो गए हैं, जिससे प्लेऑफ की उम्मीदें अभी भी जीवित हैं।
    वहीं पंजाब किंग्स को लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद टीम 14 अंकों के साथ चौथे स्थान पर बनी हुई है। टीम की स्थिति अंक तालिका में मजबूत दिखाई दे रही है, हालांकि लगातार हार ने टीम की लय पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
    अंक तालिका में शीर्ष पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनी हुई है, जिसने 11 मैचों में 14 अंक हासिल किए हैं। वहीं सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटंस भी 14-14 अंकों के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। इन तीनों टीमों के बीच शीर्ष स्थान की जंग बेहद कड़ी होती जा रही है।
    मिडिल ऑर्डर में चेन्नई सुपर किंग्स 12 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर है, जबकि राजस्थान रॉयल्स भी 12 अंकों के साथ छठे स्थान पर बनी हुई है। कोलकाता नाइट राइडर्स भी 9 अंकों के साथ प्लेऑफ की दौड़ में बनी हुई है और आगे के मुकाबलों में वापसी की उम्मीद रखती है। वहीं मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हैं।
    मैच की बात करें तो पंजाब किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 210 रन बनाए। टीम की ओर से श्रेयस अय्यर ने नाबाद 59 रनों की शानदार पारी खेली। उनके अलावा प्रियांश आर्या ने आक्रामक अंदाज में 56 रन बनाए और टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। कूपर कोनोली ने 38 रन जोड़े जबकि सूर्यांश शेडगे ने अंतिम ओवरों में तेज 21 रन बनाकर स्कोर को 210 तक पहुंचाया।
    लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत साधारण रही लेकिन मध्यक्रम ने मैच का रुख बदल दिया। अक्षर पटेल ने 56 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को संभाला। इसके बाद डेविड मिलर ने 51 रनों की तेजतर्रार पारी खेलते हुए मैच को रोमांचक मोड़ पर पहुंचाया। आशुतोष शर्मा ने भी 24 रन बनाकर दबाव कम किया।
    अंतिम ओवरों में माधव तिवारी ने नाबाद 18 रन और आकिब नबी डार ने मात्र 2 गेंदों में 10 रन बनाकर दिल्ली को 19वें ओवर में जीत दिला दी। यह जीत दिल्ली के लिए बेहद महत्वपूर्ण रही, क्योंकि इससे टीम की प्लेऑफ उम्मीदें फिर से मजबूत हो गई हैं।

  • क्या बिखरने वाला है मौनी रॉय और सूरज नाम्बियार का खूबसूरत रिश्ता? अभिनेत्री के सोशल मीडिया हैंडल से पति की तस्वीरों का गायब होना बना रहस्य

    क्या बिखरने वाला है मौनी रॉय और सूरज नाम्बियार का खूबसूरत रिश्ता? अभिनेत्री के सोशल मीडिया हैंडल से पति की तस्वीरों का गायब होना बना रहस्य


    नई दिल्ली ।ग्लैमर की दुनिया में रिश्तों का बनना और बिगड़ना कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब कोई पसंदीदा जोड़ी अचानक अलग होने के संकेत देती है, तो हलचल मचनी स्वाभाविक है। भारतीय सिनेमा और टेलीविजन की चर्चित अभिनेत्री मौनी रॉय और उनके पति सूरज नाम्बियार के बीच बढ़ती दूरियों की खबरें इन दिनों चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई हैं। करीब चार साल पहले एक बेहद खूबसूरत और सांस्कृतिक तालमेल वाली शादी के जरिए सात जन्मों के बंधन में बंधने वाले इस जोड़े के बीच अब कड़वाहट की बू आने लगी है। इस संदेह का सबसे बड़ा कारण डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उठाया गया वह कदम है, जिसमें दोनों ने न केवल एक-दूसरे को अनफॉलो किया, बल्कि अभिनेत्री ने अपने प्रोफाइल से पति के साथ मौजूद लगभग सभी यादें और तस्वीरें भी हटा दी हैं।

    इंटरनेट की दुनिया में सक्रिय रहने वाले प्रशंसकों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि मौनी और सूरज की प्रेम कहानी की शुरुआत साल 2019 में एक नए साल के जश्न के दौरान हुई थी। लंबी डेटिंग और आपसी समझ के बाद साल 2022 की शुरुआत में इन्होंने मलयाली और बंगाली परंपराओं के साथ अपने नए जीवन का आगाज किया था। सोशल मीडिया पर हमेशा एक-दूसरे के प्रति प्यार जाहिर करने वाले इस जोड़े के बीच अचानक आई इस खामोशी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चाओं का बाजार इस बात को लेकर गर्म है कि क्या यह केवल एक अस्थायी मनमुटाव है या फिर पर्दे के पीछे किसी बड़े कानूनी अलगाव की तैयारी चल रही है। लोग इस बात पर भी बहस कर रहे हैं कि क्या यह किसी आने वाले प्रोजेक्ट के लिए महज एक प्रचार का हिस्सा है, हालांकि तस्वीरों का पूरी तरह से डिलीट होना किसी गहरे संकट की ओर ही इशारा करता है।

    मौनी रॉय का करियर ग्राफ हमेशा से प्रभावशाली रहा है, जहाँ उन्होंने छोटे पर्दे पर ‘महादेव’ जैसे पौराणिक किरदारों से घर-घर में पहचान बनाई और बाद में ‘गोल्ड’ और ‘ब्रह्मास्त्र’ जैसी बड़ी फिल्मों के जरिए खुद को एक कुशल अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया। सफलता के इस शिखर पर रहते हुए अपनी निजी जिंदगी में इस तरह के तूफान का सामना करना निश्चित रूप से चुनौतीपूर्ण है। फिलहाल, दोनों ही पक्षों की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साधी गई है। मौनी और सूरज के प्रशंसक केवल उम्मीद ही कर सकते हैं कि यह दूरियां जल्द ही खत्म हों और इस जोड़े के बीच का पुराना तालमेल फिर से लौट आए। जब तक इस मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आता, तब तक दावों और कयासों का यह सिलसिला इसी तरह जारी रहने की संभावना है।

  • आईपीएल 2026 में बदलता खेल: ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस ने बढ़ाया रोमांच

    आईपीएल 2026 में बदलता खेल: ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस ने बढ़ाया रोमांच


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 सीजन में ऑरेंज कैप और पर्पल कैप की रेस लगातार रोमांचक होती जा रही है। 55वें मुकाबले के बाद बल्लेबाजों और गेंदबाजों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच हुए मुकाबले के बाद ऑरेंज कैप की दौड़ में केएल राहुल ने अभिषेक शर्मा को पीछे छोड़ दिया है।

    ऑरेंज कैप की रेस में केएल राहुल आगे
    केएल राहुल ने इस सीजन अब तक 12 मैचों में 477 रन बना लिए हैं और वह सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

    हेनरिक क्लासेन: 494 रन (टॉप पर बरकरार)
    केएल राहुल: 477 रन (दूसरे स्थान पर)
    अभिषेक शर्मा: 475 रन (तीसरे स्थान पर)
    शुभमन गिल: 462 रन (चौथे स्थान पर)
    साई सुदर्शन और वैभव सूर्यवंशी: 440-440 रन
    इस रेस में टॉप-5 बल्लेबाजों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है।

    पर्पल कैप पर भुवनेश्वर कुमार का दबदबा
    गेंदबाजी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने पर्पल कैप पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।
    भुवनेश्वर कुमार: 21 विकेट (टॉप पर)
    अंशुल कंबोज: 19 विकेट
    कगिसो रबाडा: 18 विकेट
    प्रिंस यादव: 16 विकेट
    ईशान मलिंगा और राशिद खान: 15-15 विकेट
    जोफ्रा आर्चर: 15 विकेट

    गेंदबाजों की रेस भी हुई रोमांचक
    पर्पल कैप की रेस में भी कई दिग्गज गेंदबाजों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। हर मैच के बाद टॉप-5 की स्थिति बदलती नजर आ रही है।

    IPL 2026 में ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस बेहद रोमांचक हो गई है। केएल राहुल और हेनरिक क्लासेन के बीच बल्लेबाजी में मुकाबला जारी है, वहीं गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार लगातार दबदबा बनाए हुए हैं।

  • क्रिकेट का नया मंच ईटीपीएल: को-फाउंडर उत्साहित, अभिषेक बच्चन का बड़ा बयान

    क्रिकेट का नया मंच ईटीपीएल: को-फाउंडर उत्साहित, अभिषेक बच्चन का बड़ा बयान

    नई दिल्ली । मुंबई में यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ETPL) को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस लीग के को-फाउंडर और बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन ने इसे क्रिकेट के लिए एक नए युग की शुरुआत बताया है। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट खेल को वैश्विक स्तर पर और अधिक लोकप्रिय बनाएगा। अभिषेक बच्चन लंबे समय से क्रिकेट के प्रति अपने जुनून के लिए जाने जाते हैं और अब वे इस अंतरराष्ट्रीय टी20 लीग के विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

    छह टीमों के साथ मजबूत होती लीग
    अभिषेक बच्चन ने जानकारी दी कि ETPL में अब छह टीमें शामिल हो चुकी हैं–
    डबलिन गार्डियंस
    बेलफास्ट टीम
    एडिनबर्ग टीम
    ग्लासगो टीम
    रॉटरडैम टीम
    एम्स्टर्डम टीम
    उन्होंने बताया कि इन सभी शहरों में क्रिकेट को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और लीग तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

    राहुल द्रविड़ की भूमिका की तारीफ
    अभिषेक बच्चन ने डबलिन फ्रेंचाइजी के मालिक और भारतीय क्रिकेट के दिग्गज राहुल द्रविड़ की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि द्रविड़ को टीम से जोड़ना बेहद आसान रहा। अभिषेक ने कहा कि द्रविड़ का फोकस सिर्फ बिजनेस पर नहीं, बल्कि क्रिकेट की गुणवत्ता और खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी है, जो लीग के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है।

    भारतीय खिलाड़ियों की कमी, लेकिन इंटरनेशनल स्टार्स मौजूद
    ETPL को लेकर उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि BCCI कॉन्ट्रैक्ट नियमों के कारण भारतीय खिलाड़ी इस लीग का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि दुनिया भर के कई बेहतरीन अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी इसमें शामिल होंगे, जिससे लीग की गुणवत्ता बनी रहेगी।

    क्रिकेट और ओलंपिक को लेकर बड़ी उम्मीद
    अभिषेक बच्चन ने क्रिकेट के ओलंपिक में शामिल होने को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह खेल के लिए ऐतिहासिक मौका होगा और इससे क्रिकेट की लोकप्रियता और भी बढ़ेगी।

    ETPL को लेकर अभिषेक बच्चन का उत्साह इस बात का संकेत है कि क्रिकेट अब सिर्फ पारंपरिक मंचों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर नए अवसरों की ओर बढ़ रहा है।

  • जीत के बाद झटका: दिल्ली कैपिटल्स कप्तान पर कार्रवाई, IPL में बड़ा मामला

    जीत के बाद झटका: दिल्ली कैपिटल्स कप्तान पर कार्रवाई, IPL में बड़ा मामला


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के 55वें मुकाबले में धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पंजाब किंग्स (PBKS) को 3 विकेट से हरा दिया। हालांकि जीत के बाद टीम के लिए एक बुरी खबर सामने आई, जब कप्तान अक्षर पटेल पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया गया।

    धीमी ओवर गति बनी जुर्माने की वजह
    अक्षर पटेल पर यह कार्रवाई दिल्ली कैपिटल्स द्वारा निर्धारित समय में ओवर पूरे न करने के कारण की गई है। उन्हें आईपीएल कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.22 के तहत दोषी पाया गया। यह इस सीजन में दिल्ली कैपिटल्स का पहला ओवर-रेट उल्लंघन था, इसलिए केवल कप्तान पर ही जुर्माना लगाया गया है।

    मैच में पंजाब ने दिया था बड़ा लक्ष्य
    पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 210 रन बनाए। टीम के लिए–

    प्रियांश आर्या ने 56 रन
    कप्तान श्रेयस अय्यर ने नाबाद 59 रन
    कूपर कोनोली ने 38 रन
    सूर्यांश शेडगे ने तेज 21 रन
    इन पारियों की बदौलत पंजाब ने मजबूत स्कोर खड़ा किया।

    DC की दमदार वापसी, अक्षर-मिलर की साझेदारी
    लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली कैपिटल्स ने 19 ओवर में 7 विकेट खोकर 211 रन बनाकर मैच जीत लिया।
    कप्तान अक्षर पटेल ने 56 रन की अहम पारी खेली
    डेविड मिलर ने 51 रन बनाए
    दोनों के बीच 64 रनों की साझेदारी हुई
    आखिरी ओवरों में आशुतोष शर्मा और माधव तिवारी की तेज बल्लेबाजी ने टीम को जीत दिलाई।

    माधव तिवारी बने मैच के हीरो
    माधव तिवारी ने सिर्फ 8 गेंदों में 18 रन बनाने के साथ गेंदबाजी में 2 विकेट भी लिए, जिसके चलते उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।

    प्लेऑफ की उम्मीदें बरकरार
    इस जीत के साथ दिल्ली कैपिटल्स के 12 मैचों में 10 अंक हो गए हैं और टीम ने प्लेऑफ की उम्मीदों को जीवित रखा है।

    मैच में जीत के बावजूद कप्तान अक्षर पटेल पर लगा जुर्माना टीम के लिए एक झटका साबित हुआ। वहीं, दिल्ली की यह जीत प्लेऑफ की दौड़ में उसकी स्थिति को मजबूत करती है।

  • Lucknow Super Giants बाहर: लगातार गलतियों ने खत्म किया प्लेऑफ का सफर

    Lucknow Super Giants बाहर: लगातार गलतियों ने खत्म किया प्लेऑफ का सफर


    नई दिल्ली । IPL 2026 सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का प्रदर्शन उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत रहा। ऋषभ पंत की कप्तानी में टीम लगातार दूसरी बार प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही। पूरे सीजन में टीम का प्रदर्शन अस्थिर और कमजोर नजर आया। टीम की हार के पीछे कई कारण रहे, जिनमें बल्लेबाजों की नाकामी, मध्यक्रम की कमजोरी और गेंदबाजों की असंगत प्रदर्शन प्रमुख रहे।

    1. मार्करम और पूरन का फ्लॉप शो
    LSG की बल्लेबाजी की रीढ़ माने जा रहे एडेन मार्करम और निकोलस पूरन इस सीजन पूरी तरह फ्लॉप रहे।
    मार्करम 11 मैचों में सिर्फ 231 रन ही बना सके
    पूरन 11 मैचों में केवल 184 रन ही जोड़ पाए
    दोनों खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन ने टीम की शुरुआत ही कमजोर कर दी।

    2. ऋषभ पंत का निराशाजनक फॉर्म
    कप्तान ऋषभ पंत से इस सीजन बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन उनका प्रदर्शन भी औसत से नीचे रहा।
    11 मैचों में 251 रन
    सिर्फ एक अर्धशतक
    पंत की खराब फॉर्म का सीधा असर टीम के स्कोरिंग पर पड़ा।

    3. कमजोर मध्यक्रम बना सबसे बड़ी समस्या
    LSG का मध्यक्रम इस सीजन पूरी तरह विफल साबित हुआ।
    आयुष बदोनी, हिम्मत सिंह और अब्दुल समद जैसे खिलाड़ी लगातार मौके मिलने के बावजूद प्रभाव छोड़ने में असफल रहे। टॉप ऑर्डर के फेल होने के बाद यह क्रम टीम को संभाल नहीं सका।

    4. दिग्वेश राठी का खराब प्रदर्शन
    पिछले सीजन के हीरो रहे दिग्वेश राठी इस बार उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।
    8 मैचों में सिर्फ 5 विकेट
    इकोनॉमी रेट 10 के करीब
    स्पिन विभाग में उनकी नाकामी टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुई।

    5. गेंदबाजों में निरंतरता की कमी
    LSG के गेंदबाज भी पूरे सीजन अस्थिर रहे।
    मोहम्मद शमी ने कुछ मैचों में शानदार प्रदर्शन किया
    लेकिन कई मुकाबलों में वह महंगे साबित हुए
    प्रिंस यादव ने जरूर निरंतरता दिखाई, लेकिन उन्हें अन्य गेंदबाजों का साथ नहीं मिला

    IPL 2026 में LSG का अभियान निराशाजनक रहा। बल्लेबाजी से लेकर गेंदबाजी तक टीम हर विभाग में कमजोर नजर आई। अगर टीम को अगले सीजन वापसी करनी है, तो उसे अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में बड़े बदलाव करने होंगे।