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अध्ययन सुमन ने साल 2008 में फिल्म हाल-ए-दिल से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। हालांकि, उन्हें असली पहचान कंगना रनौत के साथ आई फिल्म राज द मिस्ट्री कंटिन्यूज से मिली। यह फिल्म दर्शकों को खूब पसंद आई और अध्ययन की एक्टिंग को भी सराहा गया। इसी दौरान उनकी फिल्म जश्न भी रिलीज हुई, जिसमें उनके अभिनय को क्रिटिक्स से अच्छी प्रतिक्रिया मिली।
इसके बाद अध्ययन देहरादून डायरी, हिम्मतवाला, हार्टलेस, लखनवी इश्क और इश्क क्लिक जैसी फिल्मों में नजर आए, लेकिन ये फिल्में बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा सकीं।
अध्ययन सुमन की पर्सनल लाइफ ने उनके प्रोफेशनल करियर पर भी गहरा असर डाला। खासतौर पर कंगना रनौत के साथ उनके रिश्ते को लेकर काफी विवाद हुआ। अध्ययन ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि वह कंगना के साथ रिलेशनशिप में थे और इस रिश्ते के दौरान उन्होंने मानसिक रूप से काफी मुश्किल समय देखा। उन्होंने कंगना पर गंभीर आरोप भी लगाए, जिसके बाद यह मामला लंबे समय तक मीडिया में छाया रहा।
एक समय ऐसा भी आया जब अध्ययन डिप्रेशन से गुजरने लगे। उनके पिता शेखर सुमन ने खुद इस बात का खुलासा किया था कि अध्ययन इतने परेशान हो गए थे कि उन्हें सुसाइड तक के ख्याल आने लगे थे।
कंगना के बाद अध्ययन का नाम एक्ट्रेस मायरा मिश्रा के साथ भी जुड़ा। दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहे, लेकिन कुछ समय बाद उनका ब्रेकअप हो गया। ब्रेकअप के बाद मायरा ने कहा था कि अध्ययन बदल गए थे, जबकि अध्ययन का कहना था कि जिंदगी में बदलाव आते रहते हैं और वह किसी को भी खुद को कमजोर महसूस नहीं करने देंगे।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्हें रात में ही सूचना मिली थी कि शहर में अवैध रूप से गोमांस का परिवहन किया जा रहा है। सुबह कार्यकर्ता संदिग्ध वाहनों की तलाश में निकल पड़े और बाजना बस स्टैंड पर एक बाइक को घेर लिया। उनके अनुसार बाइक पर मांस से भरे कट्टे थे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे इलाके का वातावरण तनावपूर्ण हो गया।सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव और हाट चौकी प्रभारी पंकज राजपूत सहित अन्य पुलिस कर्मी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से बात कर उन्हें समझाया और मांस की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। लगभग दो घंटे बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मौके पर तीन से चार बाइक थीं, जिनमें से तीन बाइक सवार भागने में सफल हो गए। पुलिस ने एक बाइक को पकड़ लिया, लेकिन चालक फरार हो गया। जांच में पकड़े गए मांस के दो कट्टों में से एक को पशु चिकित्सालय भेजा गया, जबकि दूसरा कट्टा मौके पर रखा गया। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह मांस भैंस के बच्चों का पाया गया।डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति की पहचान रतलाम जिले के रावटी निवासी लालचंद पिता देवचंद के रूप में हुई है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी ने प्रारंभिक बयान में दावा किया कि उसने मांस रतलाम की एक लाइसेंसी दुकान से खरीदा और गांव में आयोजित कार्यक्रम के लिए ले जा रहा था।
पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी जांच जारी है और मांस की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई होगी।रतलाम में यह घटना स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रही। हिंदू संगठनों ने स्पष्ट किया कि वे ऐसे मामलों पर सख्त नजर रखेंगे, जबकि पुलिस ने आश्वासन दिया कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।


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राजधानी भोपाल के सुभाष एक्सीलेंस स्कूल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी विद्यार्थियों के साथ सूर्य नमस्कार किया। इस अवसर पर सीएम ने युवाओं को नशे और बुरी आदतों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि आज का युवा तेजी से गलत आदतों की ओर बढ़ रहा है जो न केवल उनके व्यक्तिगत विकास बल्कि समाज के भविष्य के लिए भी खतरा है। उन्होंने युवाओं से प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा योग करने की सलाह दी और कहा कि अगर पूरा योग संभव न हो तो केवल सूर्य नमस्कार को भी दैनिक जीवन में शामिल करना पर्याप्त है।सीएम मोहन यादव ने युवाओं में घटती पढ़ाई की आदत पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मोबाइल और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के बीच पुस्तकें पढ़ने की आदत कमजोर हो रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल पाठ्यक्रम की किताबें ही नहीं बल्कि रुचि और प्रेरणा के अनुसार साहित्य पढ़ें। उन्होंने युवाओं को खेलकूद योग और अध्ययन को संतुलित जीवनशैली का हिस्सा बनाने की भी सलाह दी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को याद करते हुए सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने कह-गर्व से कहिए हम हिंदू हैं। इस बयान पर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों ने तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी।प्रदेश के अन्य जिलों में भी सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन हुआ। रायसेन में लगभग तीन हजार बच्चों ने एक साथ सूर्य नमस्कार किया उज्जैन के दशहरा मैदान में करीब 1500 विद्यार्थियों ने योगाभ्यास किया। ग्वालियर में 2000 से अधिक स्थानों पर सामूहिक सूर्य नमस्कार कराया गया जिसमें प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भी भाग लिया।
हालांकि कुछ जिलों में आयोजन में अधिकारियों की उपस्थिति कम रही। रतलाम में जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारी अनुपस्थित रहे जबकि भिंड में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दूरी बनाए रखी। इसके बावजूद प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों सामाजिक संगठनों और युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी ने कार्यक्रम की सफलता और महत्व को रेखांकित किया।राष्ट्रीय युवा दिवस के इस अवसर पर सामूहिक सूर्य नमस्कार और योगाभ्यास ने युवाओं को न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए प्रेरित किया बल्कि अनुशासन अध्ययन और सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश भी दिया।

करीब ढाई किलोमीटर लंबी यह भव्य यात्रा चार घंटे से अधिक समय में संपन्न हुई। यात्रा दास हनुमान बगीची से प्रारंभ होकर बड़ा गणपति, टोरी कार्नर, लोहारपट्टी, कैलाश मार्ग, पंचकुईया और भूतेश्वर महादेव होते हुए पुनः दास हनुमान बगीची पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए 200 से अधिक स्वागत मंच और भव्य तोरण द्वार बनाए गए थे। जगह-जगह पुष्पवर्षा, प्रसाद वितरण और फलाहार की व्यवस्था ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।यात्रा का सबसे आकर्षक दृश्य हेलिकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा रही, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। फूलों की वर्षा के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते, झूमते-थिरकते हुए भक्ति में लीन नजर आए। बैंड-बाजे, भजन मंडलियां, हनुमत ढोल, धार्मिक झांकियां, अश्वारोही बालक और ऊंटों की उपस्थिति ने यात्रा को भव्य और अविस्मरणीय बना दिया।
इस ऐतिहासिक चरण पादुका यात्रा में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए। संत-महंत, महामंडलेश्वर, किन्नर समाज की मंडली और गौशालाओं के प्रतिनिधियों की सहभागिता ने सामाजिक समरसता का संदेश दिया।इससे पहले सुबह से ही इंदौर के विभिन्न क्षेत्रों में हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला शुरू हो गई थी। दूधिया ग्राम में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए RSS के अखिल भारतीय व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक ने मातृ शक्ति और समाज की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति शक्ति और करुणा का संतुलन सिखाती है और समय आने पर समाज को अपने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए संगठित होना चाहिए।
सम्मेलनों में संत-समाज ने सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। मातृ शक्ति से जुड़े वक्ताओं ने पंच परिवर्तन और कुटुंब व्यवस्था को सशक्त बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रमों में बच्चों और युवाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। दुर्गावाहिनी से जुड़ी बालिकाओं ने शस्त्र कला का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान खींचा।आयोजन के समापन पर भारत माता की आरती और समरसता भोज का आयोजन किया गया। संघ पदाधिकारियों के अनुसार, महानगर में आयोजित 251 हिंदू सम्मेलनों में लगभग 12 लाख लोगों की सहभागिता रही। आगामी 18 जनवरी को शेष सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा, जबकि 14 से 20 जनवरी तक जय सियाराम बाबा की प्रतिमा का प्रकटोत्सव भी मनाया जाएगा। यह आयोजन इंदौर के सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास में एक यादगार अध्याय बन गया है।

जोड़ों और घुटनों के दर्द में राहत
सर्दी के मौसम में जोड़ों और घुटनों में दर्द और अकड़न आम समस्या बन जाती है। हल्दी में मौजूद सूजन कम करने वाले गुण शरीर के दर्द को कम करने में मदद करते हैं। रोज रात को हल्दी वाला दूध पीने से हड्डियां मजबूत होती हैं और पुराने दर्द से राहत मिलती है। अगर आपको जोड़ों में दर्द की समस्या है, तो हल्दी वाला दूध एक प्रभावी घरेलू इलाज साबित हो सकता है।
सर्दी-जुकाम से बचाव में असरदार
मौसम बदलने पर सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। हल्दी वाला दूध शरीर को अंदर से गर्म रखता है और खांसी और जुकाम के लक्षणों से बचाव में मदद करता है। हल्दी के जीवाणुरोधी गुण गले की खराश और सीने की जकड़न को दूर करने में सहायक होते हैं, जिससे राहत मिलती है। अगर आप सर्दी-जुकाम से बचना चाहते हैं, तो हल्दी वाला दूध पिएं।
अच्छी और गहरी नींद के लिए फायदेमंद
अगर आपको रात में नींद न आने की समस्या है, तो हल्दी वाला दूध एक कारगर उपाय हो सकता है। हल्दी और दूध दोनों ही दिमाग को शांत करने में मदद करते हैं, जिससे तनाव कम होता है और नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है। इससे आपकी नींद गहरी होती है और आप ताजगी महसूस करते हैं।
त्वचा में लाता है प्राकृतिक चमक
हल्दी त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद है। यह शरीर को अंदर से साफ करती है, खून को शुद्ध करती है, जिससे पिंपल्स और मुंहासों की समस्या कम होती है। हल्दी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स और जीवाणुरोधी गुण त्वचा को निखारने में मदद करते हैं, जिससे त्वचा साफ, चमकदार और सुंदर दिखने लगती है।
पाचन रहेगा दुरुस्त
तला-भुना और भारी भोजन पाचन तंत्र को बिगाड़ सकता है। हल्दी वाला दूध पेट की गैस, अपच और जलन जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। यह आपके मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाता है, जिससे वजन बढ़ने की चिंता कम हो जाती है। यदि आप पाचन संबंधी समस्याओं से परेशान हैं, तो हल्दी वाला दूध आपके लिए एक प्राकृतिक उपाय हो सकता हैअगर आप सर्दियों में खुद को फिट और एनर्जेटिक रखना चाहते हैं, तो रोज रात सोने से पहले हल्दी वाले दूध की आदत डालें। यह न सिर्फ आपके शरीर को स्वस्थ रखेगा, बल्कि आपकी त्वचा और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाएगा। हल्दी वाला दूध एक बहुत ही सरल और प्रभावी तरीका है जो लंबे समय तक आपकी सेहत को बनाए रखने में मदद करेगा