Author: bharati

  • आज भी फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते हैं NSA अजीत डोभाल

    आज भी फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते हैं NSA अजीत डोभाल

    नई दिल्‍ली। आज के दौर में जहां मोबाइल फोन और इंटरनेट जीवन की अनिवार्य जरूरत बन चुके हैं, वहीं भारत के सबसे ताकतवर सुरक्षा विशेषज्ञों में से एक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एनएसए (NSA) अजीत डोभाल ने अपनी एक अनूठी आदत से सबको चौंका दिया है। शनिवार को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ के उद्घाटन सत्र में उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए बताया कि वे आज भी मोबाइल फोन और इंटरनेट का उपयोग नहीं करते हैं।

    डोभाल ने कहा, “फोन और इंटरनेट ही संवाद के एकमात्र माध्यम नहीं हैं। संपर्क करने के ऐसे कई अन्य तरीके हैं जिनके बारे में ज्यादातर लोगों को पता तक नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल विशेष परिस्थितियों में ही फोन का उपयोग करते हैं, जैसे कि विदेश में रहने वाले लोगों या अपने परिवार से बात करने के लिए।

    उन्होंने युवाओं को धैर्य का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि संदेश हमेशा ईमानदारी से संप्रेषित होने चाहिए, न कि प्रोपेगेंडा के माध्यम से।
    कौन हैं अजीत डोभाल?
    अजीत डोभाल भारत के 5वें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। 1945 में उत्तराखंड में जन्मे डोभाल केरल कैडर के रिटायर्ड IPS अधिकारी हैं। उनके नाम कई ऐसी उपलब्धियां दर्ज हैं जो किसी फिल्म की पटकथा जैसी लगती हैं। वे भारत के इतिहास में ‘कीर्ति चक्र’ पाने वाले सबसे युवा पुलिस अधिकारी हैं। सितंबर 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक की योजना बनाने और उन्हें सफलतापूर्वक अंजाम देने में उनकी मुख्य भूमिका रही है। डोकलाम विवाद को सुलझाने और पूर्वोत्तर भारत में उग्रवाद को खत्म करने में उन्होंने कड़ा रुख अपनाया।
    पाकिस्तान में 7 साल ‘अंडरकवर’

    अजीत डोभाल का करियर हैरतअंगेज कारनामों से भरा रहा है। कहा जाता है कि उन्होंने पाकिस्तान में एक ‘अंडरकवर’ एजेंट के रूप में 7 साल बिताए, जहां उन्होंने चरमपंथी समूहों की खुफिया जानकारी इकट्ठा की। इसके बाद उन्होंने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग में 6 साल तक काम किया। 1971 से 1999 के बीच उन्होंने इंडियन एयरलाइंस के कम से कम 15 अपहरण मामलों को सुलझाया। 1999 के कुख्यात कंधार कांड (IC-814) में वे मुख्य वार्ताकारों में से एक थे। मिजोरम और पंजाब में आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ उन्होंने जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई।

    युवा नेताओं को संबोधित करते हुए डोभाल ने भावुक होकर कहा कि भारत ने अपनी आजादी के लिए बहुत भारी कीमत चुकाई है। कई पीढ़ियों ने इसके लिए नुकसान और कठिनाइयां झेली हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे भारत के समृद्ध इतिहास और उसकी उन्नत सभ्यता से प्रेरणा लें और देश के मूल्यों, अधिकारों और विश्वासों के आधार पर एक शक्तिशाली भारत का निर्माण करें।

  • भारत में 100 करोड़ की 'डिजिटल डकैती' का भंडाफोड़

    भारत में 100 करोड़ की 'डिजिटल डकैती' का भंडाफोड़

    नई दिल्‍ली। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इसमें हजारों लोगों को कथित तौर पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर डरा-धमकाकर लगभग 100 करोड़ रुपये की ठगी की गई। आरोप है कि यह ठगी करने वाला गिरोह खुद को एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) का अधिकारी बताकर लोगों को कॉल करता था और कहता था कि उनके मोबाइल नंबर आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े मामलों में इस्तेमाल हुए हैं। इस सिंडिकेट के तार पाकिस्तान समेत कई देशों तक फैले हुए हैं।
    पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    कैसे दिया जाता था ठगी को अंजाम
    दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (IFSO) विनीत कुमार ने बताया कि सितंबर 2025 से शुरू हुई इस ठगी में फ्रॉडस्टर्स पीड़ितों को फोन कर पहलगाम हमला और दिल्ली के रेड फोर्ट ब्लास्ट जैसे आतंकी मामलों से उनके फोन नंबरों के जुड़े होने का आरोप लगाते थे। उन्हें तत्काल गिरफ्तारी की धमकी दी जाती थी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया जाता था। इस पूरे नेटवर्क का संचालन चीन, नेपाल, कंबोडिया, ताइवान और पाकिस्तान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों द्वारा किया जा रहा था। अब तक इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक ताइवान का नागरिक भी शामिल है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, इस सिंडिकेट ने अवैध SIMBOX डिवाइसों का इस्तेमाल किया, जो कई SIM कार्ड रखकर अंतरराष्ट्रीय कॉल्स को भारतीय नंबरों के रूप में दिखाते हैं। ये कॉल्स विदेशों (खासकर कंबोडिया) से आती थीं, लेकिन SIMBOX के जरिए स्थानीय दिखाई देती थीं।

    यानी विदेशी कॉल भी भारत की लोकल कॉल जैसी दिखाई देती है। फ्रॉडस्टर्स ने जानबूझकर 2G नेटवर्क का उपयोग किया ताकि रीयल-टाइम ट्रैकिंग मुश्किल हो जाए। SIMBOX में IMEI नंबरों को ओवरराइट और रोटेट किया जाता था, जिससे एक ही नंबर एक दिन में कई शहरों से आता दिखता था, जिससे जांच एजेंसियां भ्रमित हो जाती थीं।
    फॉरेंसिक जांच में 5,000 से ज्यादा कम्प्रोमाइज्ड IMEI नंबर और करीब 20,000 SIM कार्ड इस नेटवर्क से जुड़े पाए गए। पुलिस ने दिल्ली, मुंबई और मोहाली से 22 SIMBOX डिवाइस, मोबाइल फोन, लैपटॉप, राउटर, CCTV कैमरे, पासपोर्ट और विदेशी SIM कार्ड बरामद किए।
    जांच और गिरफ्तारी
    दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट के डिप्टी कमिश्नर विनीत कुमार ने बताया कि सितंबर में कई शिकायतें मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया और करीब 25 पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम बनाई गई। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) और डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) की मदद से तकनीकी जांच शुरू की गई।

    सबसे पहला SIM बॉक्स इंस्टॉलेशन गॉयला डेयरी, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में ट्रेस किया गया। इसके बाद एक महीने की गोपनीय निगरानी में दिल्ली के चार अलग-अलग इलाकों में सक्रिय ठिकानों का पता चला। छापेमारी में शशि प्रसाद (53) और परविंदर सिंह (38) को गिरफ्तार किया गया, जो कथित तौर पर दिल्ली में पांच जगहों पर इस अवैध इंफ्रास्ट्रक्चर को संभाल रहे थे।

  • शहडोल: जहां छात्राएं हो रही हैं लापता, उसी गर्ल्स हॉस्टल में अश्लील गानों पर रील, शिक्षा परिसर पर उठे गंभीर सवाल

    शहडोल: जहां छात्राएं हो रही हैं लापता, उसी गर्ल्स हॉस्टल में अश्लील गानों पर रील, शिक्षा परिसर पर उठे गंभीर सवाल


    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के सोहागपुर क्षेत्र स्थित माता शबरी शासकीय कन्या शिक्षा परिसर कंचनपुर एक बार फिर विवादों में है। यहां के गर्ल्स हॉस्टल से दो छात्राओं के लापता होने की घटना के बाद अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। एक वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक शिक्षिका और छात्राएं स्कूल ड्रेस में क्लासरूम के अंदर अश्लील भोजपुरी गाने पर डांस करते हुए रील बना रही हैं। इस वीडियो ने न केवल शिक्षा परिसर की मर्यादा को सवालों के घेरे में डाल दिया है बल्कि परिसर की सुरक्षा और अनुशासन पर भी गंभीर चिंताएं उत्पन्न कर दी हैं।

    वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि छात्राएं स्कूल ड्रेस में क्लासरूम में मौजूद हैं और एक शिक्षिका उनके साथ लोकप्रिय भोजपुरी गाने पतली कमरिया मोरी हाय-हाय पर ठुमके लगाती दिख रही हैं। क्लासरूम जैसा पवित्र शैक्षिक स्थान इस तरह की गतिविधियों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता जिससे अभिभावकों और समाज में नाराजगी फैल गई है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब शिक्षिका खुद इस प्रकार का व्यवहार करेंगी तो छात्राओं पर इसका क्या असर पड़ेगा।

    गौरतलब है कि इसी शिक्षा परिसर से 28 दिसंबर 2025 को कक्षा 12वीं की एक छात्रा हॉस्टल से मामा के साथ घर जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वह घर नहीं पहुंची। इस मामले में तत्कालीन हॉस्टल अधीक्षिका सुलोचना बट्टे की शिकायत पर सोहागपुर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया था। पुलिस अभी तक इस मामले की जांच कर रही थी कि 8 जनवरी 2026 को कक्षा 10वीं की एक और छात्रा के लापता होने की घटना सामने आई। इस छात्रा ने अपने नाना और दो सहेलियों के साथ हॉस्टल में प्रवेश किया था लेकिन छात्रा बाद में सहेलियों से कहकर बाहर निकली और फिर लौटकर नहीं आई।

    रोल कॉल के दौरान उसकी अनुपस्थिति का पता चलने पर प्रबंधन में हड़कंप मच गया। इसके बाद प्रिंसिपल देवेंद्र श्रीवास्तव ने भी सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई जिस पर पुलिस ने फिर से अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी।इन घटनाओं के बीच शिक्षिका का यह वायरल वीडियो पूरे शिक्षा परिसर की साख पर बट्टा लगा रहा है। इस मामले पर सहायक आयुक्त जन जातीय कार्य विभाग आनंद राय सिन्हा का कहना है कि वीडियो संभवत 26 जनवरी की तैयारी के दौरान का हो सकता है जब बच्चे प्रैक्टिस कर रहे थे। हालांकि उन्होंने मामले की गंभीरता से लिया और कहा कि जांच की जाएगी और उचित कार्यवाही की जाएगी।

  • नाबालिग को जेल में रखने के मामले में HC ने सरकार को लगाई फटकार, 5 लाख मुआवज़ा देने का आदेश

    नाबालिग को जेल में रखने के मामले में HC ने सरकार को लगाई फटकार, 5 लाख मुआवज़ा देने का आदेश

    पटना। पटना हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते एक नाबालिग को ₹5 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश दिया, जिसे बिहार पुलिस ने गैर-कानूनी तरीके से गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने इस काम को भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उसके मौलिक अधिकार का घोर उल्लंघन बताया।

    जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और जस्टिस रितेश कुमार की डिवीजन बेंच ने कहा कि गिरफ्तारी कानून की तय प्रक्रिया की पूरी तरह से अनदेखी करके सिर्फ़ डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (DIG) के कहने पर की गई, जबकि नाबालिग को पहले ही चार्जशीट में बरी कर दिया गया।
    हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि मुआवज़े की रकम और ₹15,000 का मुक़दमे का खर्च राज्य सरकार देगी। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि यह खर्च उन दोषी पुलिस अधिकारियों की सैलरी से वसूला जाना चाहिए, जो प्रशासनिक जांच के बाद ज़िम्मेदार पाए जाएंगे।

    संक्षेप में मामला
    याचिकाकर्ता (एक नाबालिग) ने गैर-कानूनी हिरासत से रिहाई के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) की रिट याचिका दायर की। याचिकाकर्ता का नाम शुरू में ज़मीन विवाद और मारपीट के मामले में FIR में है।
    हालांकि, शुरुआती जांच के दौरान, IO को याचिकाकर्ता सहित दस आरोपियों के खिलाफ़ अपर्याप्त सबूत मिले। नतीजतन, 1 सितंबर, 2025 को चार्जशीट दायर की गई, जिसमें याचिकाकर्ता का नाम आरोपी के तौर पर था, लेकिन उस पर आरोप नहीं लगाए गए। इसलिए उसे ट्रायल के लिए नहीं भेजा गया।

    हालांकि, इसके बाद शिकायतकर्ता ने DIG, कोसी रेंज, सहरसा से संपर्क किया और याचिकाकर्ता-नाबालिग सहित दस आरोपियों को बरी किए जाने की शिकायत की।

    DIG ने एक सुपरविज़न नोट में IO को जांच आगे बढ़ाने का यह मानते हुए निर्देश दिया कि आरोप सच हैं और निर्देश दिया कि बाकी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।
    DIG के सुपरविज़न नोट को केस डायरी में शामिल किया गया और फिर IO सीधे आरोपी के घर पर छापा मारने गया। उसने मौजूदा याचिकाकर्ता को गिरफ्तार कर लिया, उसकी उम्र 19 साल बताई और उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

    दरअसल, मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के समय भी इस बात पर ध्यान नहीं दिलाया गया कि याचिकाकर्ता का नाम केस में चार्जशीट न किए गए लोगों की लिस्ट में था। यहां तक ​​कि संबंधित मजिस्ट्रेट ने भी मामले के इन पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया।

    सीधे-सीधे, बिना सोचे-समझे, याचिकाकर्ता को जेल भेज दिया।
    हाईकोर्ट की टिप्पणियां
    बेंच ने पुलिस के काम करने के तरीके पर कड़ी आपत्ति जताई। उसने कहा कि एक बार जब चार्जशीट दायर हो गई, जिसमें याचिकाकर्ता को ट्रायल के लिए नहीं भेजा गया दिखाया गया, तो IO मजिस्ट्रेट के सामने आगे की जांच के लिए आवेदन किए बिना उसे गिरफ्तार नहीं कर सकता।

    कोर्ट ने कहा:
    “इस मामले में याचिकाकर्ता की आज़ादी छीन ली गई और पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई से उसके जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन हुआ। DIG, कोशी रेंज का आरोपों को सच मानकर मामले की जांच करने का निर्देश निर्दोषता की धारणा के सिद्धांतों के खिलाफ है, जो आपराधिक कानून न्यायशास्त्र का मुख्य सिद्धांत है। I.O. ने बिना किसी ठोस सबूत के 16 साल से कम उम्र के छात्र याचिकाकर्ता को गिरफ्तार कर लिया।

    वह इस मामले में ऐसा नहीं कर सकता था।”
    हाईकोर्ट ने इस मामले में क्षेत्राधिकार मजिस्ट्रेट की भूमिका पर भी असंतोष व्यक्त किया। उसने कहा कि जब याचिकाकर्ता को पेश किया गया तो मजिस्ट्रेट यह देखने में विफल रहा कि पिछली रिपोर्ट में उसे ‘चार्जशीटेड नहीं’ के रूप में सूचीबद्ध किया गया।
    इसके अलावा, उसने कहा कि याचिकाकर्ता के नाबालिग होने के बावजूद (बाद में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने पुष्टि की कि घटना के समय उसकी उम्र 15 साल, 06 महीने और 08 दिन थी), मजिस्ट्रेट ने उसे ऑब्जर्वेशन होम के बजाय जेल भेज दिया क्योंकि उसने बिना सोचे-समझे काम किया।

    कोर्ट ने दुख जताते हुए कहा,
    “जांच एजेंसी द्वारा पावर के गलत इस्तेमाल और याचिकाकर्ता के अधिकार और आज़ादी की रक्षा करने में कोर्ट की नाकामी के कारण उसे अब तक ढाई महीने से ज़्यादा समय तक जेल में रहना पड़ा है”।
    इस पृष्ठभूमि में हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड द्वारा ऑब्जर्वेशन होम/चिल्ड्रन होम से तुरंत रिहा किया जाए। इस संबंध में, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड, मधेपुरा द्वारा तुरंत एक उचित रिहाई आदेश जारी किया जाएगा।

    कोर्ट ने राज्य को आदेश दिया कि वह उस युवा लड़के को एक महीने के अंदर शारीरिक और मानसिक पीड़ा के लिए मुआवजे के तौर पर ₹5 लाख का भुगतान करे। इसके अलावा, उसे मुकदमेबाजी के खर्च के तौर पर ₹15,000 दिए गए।
    कोर्ट ने सक्षम अथॉरिटी/पुलिस महानिदेशक, बिहार को भी निर्देश दिया कि वे इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच करें, जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों के आधार पर उचित कार्रवाई करें, और दोषी अधिकारियों से लागत और मुआवजे की रकम वसूल करें।

    कोर्ट ने आदेश दिया,
    “याचिकाकर्ता को दिए जाने वाला जुर्माना और मुआवजे की रकम जांच पूरी होने के बाद इस आदेश की कॉपी मिलने/सूचित होने की तारीख से छह महीने के अंदर दोषी अधिकारियों से वसूल की जाएगी”। याचिकाकर्ता की ओर से वकील शाश्वत कुमार, अमन आलम और अमरनाथ कुमार पेश हुए।

  • Bharat Coking Coal IPO GMP Day 2: बीसीसीएल आईपीओ पर टूटे निवेशक! जीएमपी दे रहा तगड़े मुनाफे का संकेत, निवेश करें या नहीं?

    Bharat Coking Coal IPO GMP Day 2: बीसीसीएल आईपीओ पर टूटे निवेशक! जीएमपी दे रहा तगड़े मुनाफे का संकेत, निवेश करें या नहीं?

    नई दिल्ली| भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का आईपीओ 9 जनवरी 2026 को खुला और 13 जनवरी तक निवेशकों के लिए उपलब्ध रहेगा। BCCL, कोल इंडिया लिमिटेड की सब्सिडियरी कंपनी है और यह कोकिंग कोल के खनन में देश में अहम भूमिका निभाती है। आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल है, जिसमें कुल 46.57 करोड़ शेयर प्रमोटर यानी कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा बेचे जा रहे हैं। इससे BCCL को सीधे कोई नया पैसा नहीं मिलेगा, बल्कि यह राशि कोल इंडिया के पास जाएगी। आईपीओ के प्राइस बैंड को 21 से 23 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। रिटेल निवेशकों को कम से कम 600 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा, जिसका ऊपरी प्राइस बैंड पर निवेश करीब 13,800 रुपये आएगा। शेयर का अलॉटमेंट 14 जनवरी को और डीमैट खाते में क्रेडिट 15 जनवरी को होने की संभावना है, वहीं 16 जनवरी को बीएसई और एनएसई पर लिस्टिंग होने की उम्मीद है।

    ग्रे मार्केट प्रीमियम और निवेशकों की उम्मीद
    ग्रे मार्केट में BCCL के आईपीओ को शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। 12 जनवरी 2026 तक इस आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 10.6 रुपये तक पहुंच गया है। यदि इसे अपर प्राइस बैंड 23 रुपये के हिसाब से देखें तो लिस्टिंग के समय शेयर की कीमत लगभग 33.6 रुपये हो सकती है। इससे निवेशकों को लिस्टिंग पर करीब 46 प्रतिशत तक रिटर्न मिलने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म एसबीआई सिक्योरिटीज के अनुसार, बीसीसीएल ने वित्त वर्ष 2023-25 के दौरान आय, मुनाफा और ऑपरेटिंग कमाई में लगातार सुधार दिखाया है। कंपनी अपनी कोल वॉशरी क्षमता को 13.65 मिलियन टन से बढ़ाकर 20.65 मिलियन टन करने की योजना पर काम कर रही है। नई वॉशरी और मौजूदा मूनिडीह वॉशरी का विस्तार करके उत्पादन क्षमता दोगुनी की जाएगी।

    BCCL का महत्व और बाजार में स्थिति
    बीसीसीएल का मुख्य काम कोकिंग कोल का खनन करना है, जो स्टील उत्पादन के लिए अनिवार्य कच्चा माल है। इस वजह से इसकी अहमियत देश के स्टील सेक्टर में बेहद ज्यादा है। कंपनी का कारोबार झारखंड और पश्चिम बंगाल में फैले खदान क्षेत्रों में केंद्रित है, जिसमें झरिया और रानीगंज क्षेत्र शामिल हैं। कुल लीज एरिया करीब 288 वर्ग किलोमीटर है। कंपनी का प्रशासनिक केंद्र धनबाद और क्षेत्रीय कार्यालय कोलकाता में स्थित हैं। ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी रिसर्च का मानना है कि बीसीसीएल की बाजार में मजबूत पकड़ और भरोसेमंद रिकॉर्ड इसे लिस्टिंग गेन के लिहाज से निवेशकों के लिए आकर्षक बनाता है।

    बीसीसीएल आईपीओ में निवेश करने से रिटेल निवेशकों को लिस्टिंग पर तगड़ा फायदा मिलने की संभावना है। ग्रे मार्केट प्रीमियम और कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के मद्देनजर, यह आईपीओ अल्पकालिक निवेशकों के लिए लाभकारी अवसर प्रदान कर सकता है। हालांकि, निवेश करने से पहले प्राइस बैंड, कंपनी की योजना और स्टील उद्योग की स्थिति का ध्यान रखना आवश्यक है।

  • Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति से जुड़े 7 जरूरी काम जो पुण्य की प्राप्ति के लिए हर किसी को करने चाहिए

    Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति से जुड़े 7 जरूरी काम जो पुण्य की प्राप्ति के लिए हर किसी को करने चाहिए

    नई दिल्ली| Makar Sankranti 2026 Puja Ke Upay: सनातन परंपरा में हर साल 14 या 15 जनवरी को मकर संक्रांति का महापर्व मनाया जाता है. हिंदू मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान सूर्य धनु राशि से निकलकर अपने पुत्र शनिदेव की राशि मकर में प्रवेश करते हैं. इस दिन स्नान, ध्यान और दान करने का बहुत ज्यादा महत्व होता है. मान्यता है कि इस दिन व्यक्ति सूर्य रश्मियों के पुण्य प्रभाव से पूरे साल सुख, सौभाग्य और आरोग्य को प्राप्त करता है. अलग-अलग प्रां​तों में अलग-अलग नाम से मनाए जाने वाले इस पावन पर्व को उत्तर भारत में खिचड़ी के नाम से जाना जाता है. आइए जानते हैं कि मकर संक्रांति के दिन व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति के लिए कौन से 7 काम जरूर करने चाहिए.

    1. तिल के तेल से करें मालिश

    हिंदू मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति के पर्व पर तिल का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. मान्यता है कि संक्रांति के दिन व्यक्ति द्वारा तिल के तेल से मालिश करने से शुभता सूर्य की कृपा प्राप्त होती है. मान्यता है कि सूर्य देव की कृपा से पूरे साल व्यक्ति स्वस्थ रहता है.

    2. तिल का उबटन लगाएं

    हिंदू मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति के दिन गुडलक को पाने के लिए न सिर्फ तिल का तेल बल्कि तिल का उबटन भी लगाना चाहिए. मान्यता है कि तिल का उबटन लगाने से व्यक्ति कांतिवान बनता है.

    3. गंगा स्नान

    हिंदू मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. मान्यता कि संक्रांति के दिन पुण्यदायिनी मां गंगा के अमृतजल में लगाई गई तीन डुबकी अनंत पुण्य प्रदान करने वाली होती है.

    4. तिलयुक्त जल से करें स्नान

    हिंदू मान्यता के अनुसार यदि आप तिल के तेल से मालिश या उससे बना उबटन न लगा पाएं तो कम से कम अपने नहाने के पानी में तिल डालकर स्नान करें. मान्यता है​ कि ​मकर संक्रांति पर तिलयुक्त जल से स्नान करने पर व्यक्ति को सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

    5. पूजा में तिल से करें हवन

    हिंदू मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति के दिन स्नान-ध्यान के बाद हवन करने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है. मकर संक्रांति के दिन आपके द्वारा की जाने वाली साधना-आराधना का पुण्यफल तब और बढ़ जाता है जब आप हवन सामग्री में तिल मिलाकर देवताओं के लिए विशेष रूप से हवन करते हैं. मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन तिल से हवन करने पर व्यक्ति पर लक्ष्मी और नारायण दोनों की कृपा बरसती है.

    6. जरूरतमंद लोगों को करें तिल का दान

    मकर संक्रांति के पावन पर्व पर स्नान के साथ दान का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन काले तिल के साथ गुड़ का दान करने पर न सिर्फ भगवान सूर्य बल्कि शनिदेव की कृपा भी अवश्य प्राप्त होती है.

    7. जरूर करें तिल से बना भोजन

    मकर संक्रांति पर पूजा के तमाम उपायों की तरह तिल से बना भोजन भी शुभ फल प्रदान करता है. ऐसे में आप इस दिन तिल से बने लड्डू, गजक, रेवड़ी आदि का सेवन अवश्य करें. मान्यता है कि प्रसाद स्वरूप तिल से बनी चीजों का सेवन करने पर सूर्य देव की विशेष कृपा बरसती है.

  • जन्मदिन की पार्टी बनी जानलेवा: नशे में युवक ने चढ़ा हाईटेंशन लाइन टावर, घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    जन्मदिन की पार्टी बनी जानलेवा: नशे में युवक ने चढ़ा हाईटेंशन लाइन टावर, घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन


    अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के राजेन्द्रग्राम थाना क्षेत्र स्थित ग्राम दूधमनिया में एक युवक के जन्मदिन की पार्टी ने जानलेवा मोड़ ले लिया। शराब के नशे में धुत होकर युवक हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गया, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। यह घटना उस वक्त हुई जब युवक अपने रिश्तेदार के यहां जन्मदिन मनाने गया था और अत्यधिक शराब सेवन के बाद उसने पास ही गुजर रही हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ने की साहसिक, लेकिन खतरनाक हरकत कर दी।

    युवक इतनी ऊंचाई तक पहुंच गया कि नीचे उतरने से इंकार कर दिया। इस घटना को देखकर गांववाले घबराए और तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। जैसे ही पुलिस को खबर मिली, राजेन्द्रग्राम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उतरा। स्थिति गंभीर होते देख पुलिस ने विद्युत विभाग से संपर्क किया और हाईटेंशन लाइन की सप्लाई बंद कराई। इसके बाद रेस्क्यू टीम को बुलाया गया।

    घंटों की कड़ी मशक्कत और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया। अंत में युवक को समझाइश देने के बाद उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया।घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पुलिस और प्रशासन की तत्परता से जान बचाई जा सकी, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि नशे में युवकों को किसी भी तरह की जोखिम से बचाना कितना जरूरी है।

  • Budget पर मिले सुझावों में क्रिप्टो पर 20% टैक्स लगाने की मांग…कर मुक्त हो PF योगदान

    Budget पर मिले सुझावों में क्रिप्टो पर 20% टैक्स लगाने की मांग…कर मुक्त हो PF योगदान


    नई दिल्ली।
    वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) अब तक राज्यों और अलग-अलग क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनसे आगामी बजट (Budget 2026) को लेकर सुझाव ले चुका है। बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन सुझाव (Online Suggestions) भेज रहे हैं। अभी तक क्रिप्टो करेंसी (Cryptocurrency) पर लगने वाले टैक्स को कम करने और उसकी निगरानी के लिए समूचित प्रावधान को लेकर सबसे ज्यादा सुझाव मिले हैं।

    कुछ लोगों ने सुझाव दिया है कि क्रिप्टो पर सीधे 20 फीसदी कर लगाया जाना चाहिए। लोगों का सुझाव है कि क्रिप्टो और ब्लॉकचेन सेक्टर के लिए स्पष्ट, संतुलित और व्यावहारिक नीति बनाई जाए।


    अभी कितना लगता है टैक्स

    वर्तमान में 30 फीसदी टैक्स और एक फीसदी टीडीएस लगता है जो छोटे निवेशकों व स्टार्टअप्स के लिए बाधा है, जिसे तर्कसंगत किया जाना चाहिए। क्रिप्टो को डिजिटल एसेट की स्पष्ट परिभाषा मिले और नुकसान को लाभ से समायोजित करने की अनुमति दी जाए। इससे नवाचार बढ़ेगा, रोजगार सृजित होंगे और भारत डिजिटल अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनेगा।

    क्रिप्टोकरेंसी को नियंत्रित ढंग से लागू करने के लिए भी सुझाव दिए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने सुझाव दिया है कि इसके लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा एवं व्यापक कानून बनाया जाए, जिसमें इसकी कानूनी स्थिति, उपयोग और सीमाएं स्पष्ट हों। इसकी निगरानी के लिए एक नियामक प्राधिकरण का गठन किया जाए। केवाईसी एवं एंटी मनी लॉड्रिंग (एएमएल) नियमों का पालन सभी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर नियमों को अनिवार्य किया जाए, जिससे अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।


    पीएफ योगदान पर न लगाया जाए टैक्स

    मौजूदा नियमों के तहत किसी कर्मचारी के पीएफ खाते में सालाना 2.5 लाख रुपये के योगदान पर अर्जित ब्याज कर मुक्त होती है लेकिन 2.5 लाख रुपये से अधिक के योगदान पर अर्जित ब्याज पर कर्मचारी को कर देना होता है। लोगों ने सुझाव रखा है कि ईपीएफओ में होने वाले योगदान में कर से जुड़े प्रावधान को हटाया जाए क्योंकि इस प्रावधान से अनिवार्य पीएफ योगदान करने वाले कर्मचारी प्रभावित होते हैं।

    इसके बाद कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन बढ़ाए जाने को लेकर सुझाव आए हैं। काफी लोगों ने www.mygov.in वेबसाइट पर जाकर सुझाव दिया है कि कर्मचारियों की न्यूनतम वेतनमान सीमा को बढ़ाया जाएगा। करीब 11 वर्षों से न्यूनतम वेतन न बढ़ाए जाने के चलते लोगों का ईपीएफओ में जमा होने वाला अंशदान सीमित है। ऐसी स्थिति में निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को लंबी नौकरी करने के बाद भी पेंशन बहुत कम मिलती है।

  • गूगल रिव्यू से कमाई का झांसा: ठगों ने वर्किंग वुमन ऐश्वर्या से की 5 लाख की ठगी

    गूगल रिव्यू से कमाई का झांसा: ठगों ने वर्किंग वुमन ऐश्वर्या से की 5 लाख की ठगी


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक और साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने एक महिला को गूगल रिव्यू के नाम पर बड़ी रकम का लालच देकर ठग लिया। बरेला थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें महिला ने बताया कि साइबर ठगों ने उन्हें गूगल रिव्यू के बदले अच्छी कमाई का वादा किया और धीरे-धीरे करीब 5 लाख रुपये की ठगी कर ली।

    पीड़िता, ऐश्वर्या नामदेव, एक वर्किंग वुमन हैं जो हैदराबाद की एक निजी कंपनी में डाटा एनालिस्ट के तौर पर काम करती हैं और वर्क फ्रॉम होम करती हैं। कुछ समय पहले उनके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि गूगल पर रिव्यू लिखकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। इस लालच में फंसकर ऐश्वर्या ने ठगों के साथ संपर्क किया और एक टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ीं।

    शुरुआत में ठगों ने उन्हें छोटे-मोटे मुनाफे का वादा कर विश्वास जीता। इसके बाद ठगों ने ऐश्वर्या को और ज्यादा निवेश करने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे उन्होंने करीब 5 लाख रुपये निवेश कर दिए। लेकिन जब उन्हें एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुकी हैं तो उन्होंने बरेला थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस अब साइबर ठगों की तलाश कर रही है। पुलिस की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसे किसी भी ऑफर पर विश्वास न करें जो घर बैठे बड़ी कमाई का वादा करता हो। साथ ही साइबर ठगी से बचने के लिए अनजान लिंक या ग्रुपों में निवेश करने से बचें।

  • Pakistan: इस्लामाबाद में शादी समारोह में हुआ गैस सिलेंडर में ब्लास्ट… दूल्हा-दुल्हन समेत 8 लोगों की मौत

    Pakistan: इस्लामाबाद में शादी समारोह में हुआ गैस सिलेंडर में ब्लास्ट… दूल्हा-दुल्हन समेत 8 लोगों की मौत

    इस्लामाबाद । पाकिस्तान (Pakistan) की राजधानी इस्लामाबाद (Islamabad) में रविवार की सुबह शादी समारोह (Wedding ceremony.) के बाद घर में रखा गैस सिलेंडर (Gas Cylinder suddenly exploded) अचानक फट गया। इसकी चपेट में आन से 8 लोगों की मौत हो गई, जिसमें दुल्हन और दूल्हा भी शामिल हैं। पुलिस और अधिकारियों ने यह जानकारी दी। विस्फोट तब हुआ जब शादी में शामिल मेहमान जोड़े के उत्सव के बाद घर में सो रहे थे। इस धमाके से घर का एक हिस्सा ढह गया, जिसके कारण यह हादसा हुआ। इस्लामाबाद पुलिस ने यह जानकारी दी है। इस घटना में 7 अन्य लोग घायल भी हुए हैं।

    पुलिस के बयान में कहा गया कि यह विस्फोट शहर के दिल में स्थित एक आवासीय इलाके में हुआ। सरकारी प्रशासक साहिबजादा यूसुफ ने बताया कि रविवार की सुबह जल्दी इस धमाके की सूचना मिली और अधिकारी अभी भी जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आसपास के कुछ घरों को भी नुकसान पहुंचा है। पुलिस ने कहा कि जांच अभी जारी है। यह दुखद घटना शादी के उत्सव को मातम में बदल देने वाली एक बड़ी त्रासदी बन गई।

    घटना पर प्रधानमंत्री ने जताया गहरा दुख
    प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Prime Minister Shehbaz Sharif) ने इस घटना में जान गंवाने वालों पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उनके कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को बेहतरीन इलाज उपलब्ध कराया जाए और पूर्ण जांच के आदेश दिए। पाकिस्तान के कई घरों में कम प्राकृतिक गैस दबाव के कारण तरल पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जाता है और गैस रिसाव के कारण ऐसे सिलेंडरों से जुड़े घातक हादसे अक्सर होते हैं।