Author: bharati

  • J&K: पाकिस्तान से सटे बॉर्डर इलाकों में उड़ते देखे गए संदिग्ध ड्रोन… सर्च ऑपरेशन जारी

    J&K: पाकिस्तान से सटे बॉर्डर इलाकों में उड़ते देखे गए संदिग्ध ड्रोन… सर्च ऑपरेशन जारी


    जम्मू।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में इंटरनेशनल बॉर्डर (आईबी) (International Border – IB) और लाइन ऑफ कंट्रोल (Line of Control – LoC) के पास कई फॉरवर्ड इलाकों में रविवार शाम को सुरक्षा बलों ने संदिग्ध ड्रोन (Suspicious drone) की हलचल देखी। उन्होंने बताया कि सभी उड़ने वाली चीजें पाकिस्तान की तरफ से आई थीं, और कुछ मिनट तक भारतीय इलाके के ऊपर मंडराने के बाद वापस चली गईं।

    अधिकारियों के अनुसार, फॉरवर्ड इलाकों में संदिग्ध ड्रोन गतिविधि देखने के बाद सुरक्षा बलों ने जमीन पर तलाशी अभियान शुरू किया है। उन्होंने बताया कि राजौरी में LoC के पास नौशेरा सेक्टर की रखवाली कर रहे सेना के जवानों ने शाम करीब 6.35 बजे गनिया-कलसियां ​​गांव के ऊपर ड्रोन की हलचल देखने के बाद मीडियम और लाइट मशीन गन से फायरिंग की।

    राजौरी जिले के टेरियाथ के खब्बर गांव में शाम 6.35 बजे एक और ड्रोन देखा गया। अधिकारियों ने बताया कि चमकती रोशनी वाली यह उड़ने वाली चीज कालाकोट के धर्मसाल गांव की तरफ से आई और भरख की ओर चली गई। उन्होंने बताया कि सांबा के रामगढ़ सेक्टर में चक बबराल गांव के ऊपर शाम करीब 7.15 बजे चमकती रोशनी वाली ड्रोन जैसी एक चीज़ कई मिनट तक मंडराती हुई देखी गई। पुंछ जिले में LoC के पास मनकोट सेक्टर में शाम 6.25 बजे तैन की तरफ से टोपा की ओर एक और ड्रोन जैसी चीज जाती हुई देखी गई।

    इससे पहले, शुक्रवार रात को, सुरक्षा बलों ने सांबा जिले में बॉर्डर के पास घगवाल के पालूरा गांव में पाकिस्तान से आए एक ड्रोन द्वारा गिराए गए हथियारों का जखीरा बरामद किया। उन्होंने बताया कि बरामदगी में दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 राउंड और एक ग्रेनेड शामिल था। बता दें कि मई महीने में भी पाकिस्तान की ओर से कई ड्रोन भारतीय सीमा में आए थे। तब भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें नाकाम कर दिया था। भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर चलाया था और चार दिनों तक दोनों देशों में बड़ा संघर्ष देखने को मिला। इसके बाद, फिर दोनों देशों के बीच सीजफायर का फैसला हो गया।

  • ग्वालियर: रिटायर्ड अधिकारी से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1 करोड़ 12 लाख की ठगी, पुलिस जांच में जुटी

    ग्वालियर: रिटायर्ड अधिकारी से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1 करोड़ 12 लाख की ठगी, पुलिस जांच में जुटी


    ग्वालियर । साइबर क्राइम के प्रति पुलिस और सरकार की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला ग्वालियर का सामने आया है, जहां रिटायर्ड रजिस्ट्रार अधिकारी से एक करोड़ 12 लाख रुपए की ठगी हो गई। ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर चार अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए।

    दरअसल, रिटायर्ड अधिकारी बिहारी लाल गुप्ता 75 को साइबर अपराधियों ने पुलिस अधिकारी बनकर फंसाया। ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में अरेस्ट करने का डर दिखाते हुए उन्हें झांसे में लिया और डिजिटल अरेस्ट का हवाला देकर एक करोड़ 12 लाख रुपये की ठगी कर डाली। ठगी का एहसास तब हुआ जब गुप्ता साहब ने हाल ही में साइबर जागरूकता से संबंधित एक वीडियो देखा। वीडियो में ठगी के तरीके और सावधानियां बताई गई थीं, जिससे उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।

    16 नवंबर 2025 को ठगों का पहला कॉल आया था, जबकि गुप्ता साहब ने 3 जनवरी 2026 तक ठगों के साथ आखिरी ट्रांजैक्शन किया।जब गुप्ता साहब को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी का एक और उदाहरण है, जो साइबर अपराधियों के बढ़ते मंसूबों को दर्शाता है।

  • ग्रीनलैंड को लेकर लामबंद होने लगा यूरोप, सैन्य मौजूदगी बढ़ाने पर जोर…

    ग्रीनलैंड को लेकर लामबंद होने लगा यूरोप, सैन्य मौजूदगी बढ़ाने पर जोर…


    लंदन।
    यूरोपीय देशों का एक समूह ग्रीनलैंड (European Countries group Greenland) में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की योजना पर चर्चा कर रहा है। इसकी अगुवाई यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) और जर्मनी (Germany) कर रहे हैं। ग्रुप का उद्देश्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) को यह संदेश देना है कि यूरोप और नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (NATO) आर्कटिक सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं। साथ ही स्वयं-शासित डेनिश क्षेत्र ग्रीनलैंड को लेकर वाशिंगटन की कब्जे संबंधी धमकियों का भी जवाब देना इसका मकसद है।

    ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि जर्मनी आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक संयुक्त NATO मिशन प्रस्तावित करने जा रहा है। इस मिशन का नाम आर्कटिक सेंट्री रखा जा सकता है, जो बाल्टिक सागर में महत्वपूर्ण ठिकनों की रक्षा के लिए शुरू किए गए बाल्टिक सेंट्री मिशन की तर्ज पर होगा।


    यूरोपीय कूटनीतिक सक्रियता

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने सहयोगी देशों से हाई नॉर्थ यानी आर्कटिक क्षेत्र में सुरक्षा उपस्थिति बढ़ाने की अपील की है। हाल के दिनों में उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज समेत कई नेताओं से इस मसले पर बातचीत की।

    यूरोपीय नेतृत्व का मानना है कि क्षेत्र में NATO की मजबूत और स्पष्ट भूमिका दिखाकर ट्रंप के उस तर्क को कमजोर किया जा सकता है, जिसके तहत वे राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर ग्रीनलैंड को अमेरिकी नियंत्रण में लेने की बात कर रहे हैं।

    ट्रंप के बयान और बढ़ती चिंता
    हाल की घटनाओं ने यूरोप की चिंता बढ़ा दी है। इस महीने अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने की कार्रवाई के बाद ट्रंप प्रशासन की आक्रामक बयानबाजी फिर चर्चा में आ गई। खासकर ग्रीनलैंड पर सैन्य बल के इस्तेमाल की संभावना ने सहयोगी देशों को अपने विकल्पों पर तेजी से काम करने को मजबूर किया है।

    रविवार रात ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका ग्रीनलैंड का मालिक बनेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका वहां मौजूद अपने सैन्य अड्डे पर फोर्स बढ़ा सकता है, लेकिन वास्तविक स्वामित्व जरूरी है। उनके मुताबिक, अगर अमेरिका ऐसा नहीं करता तो रूस या चीन कर सकते हैं- और यह उनके रहते नहीं होगा।

    NATO की भूमिका पर चर्चा
    इस बीच जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडेफुल इस सप्ताह अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात करेंगे। बातचीत में ग्रीनलैंड और आर्कटिक स्थिरता में NATO की भूमिका प्रमुख विषय होगी।

    वेडेफुल ने कहा- आर्कटिक की सुरक्षा लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। रूस और चीन के साथ पुराने और नए प्रतिद्वंद्वों को देखते हुए हमें NATO के भीतर मिलकर जिम्मेदारी निभाने के तरीकों पर चर्चा करनी चाहिए।


    ब्रिटेन बनाम फ्रांस का दृष्टिकोण

    सूत्रों के मुताबिक, स्टारमर का रुख यह है कि ब्रिटेन और यूरोप को अमेरिका के लिए अपनी ‘सॉफ्ट और हार्ड पावर’ की उपयोगिता दिखाकर ट्रंप को साथ लेना चाहिए- चाहे वह यूक्रेन युद्ध में रूस का प्रतिरोध हो या यूरोप के करीब अमेरिकी सुरक्षा हित। यह फ्रांस जैसे देशों की अपेक्षाकृत मुखर आलोचनात्मक लाइन से अलग है, जिन्होंने हाल ही में अमेरिकी दबाव से यूरोप के लिए खतरे की चेतावनी दी है। पिछले हफ्ते स्टारमर और ट्रंप के बीच हुई बातचीत में यूरो-अटलांटिक सुरक्षा और हाई नॉर्थ में रूस के बढ़ते आक्रामक रवैये को रोकने पर सहमति बनी।


    डेनमार्क की कूटनीतिक कोशिश

    उधर, डेनमार्क अब भी उम्मीद कर रहा है कि वॉशिंगटन की आगामी कूटनीतिक यात्रा से ट्रंप के रुख में नरमी आएगी। डेनमार्क और ग्रीनलैंड के विदेश मंत्री- लार्स लोके रासमुसेन और विवियन मोट्जफेल्ड्ट उन तथ्यात्मक भूलों और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए सुरक्षा दावों को चुनौती देने की तैयारी में हैं, जिनके आधार पर ग्रीनलैंड को लेकर बहस तेज हुई है। हालांकि ट्रंप ने सैन्य बल के इस्तेमाल से इंकार नहीं किया है, लेकिन रूबियो ने सांसदों से कहा कि उद्देश्य हस्तक्षेप नहीं, बल्कि ग्रीनलैंड को खरीदने का है- ताकि NATO की एकता पर सवाल न खड़े हों।

  • इंदौर की रेशम केंद्र गौशाला में भूख-प्यास से 20 गायों की मौत, कांग्रेस ने सरकार से की जांच की मांग

    इंदौर की रेशम केंद्र गौशाला में भूख-प्यास से 20 गायों की मौत, कांग्रेस ने सरकार से की जांच की मांग


    इंदौर । मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में गोवंश संरक्षण को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। शहर के रेशम केंद्र स्थित गौशाला में करीब 20 गायों की मौत हो गई जिसे कांग्रेस ने सरकार की लापरवाही और गोवंश संरक्षण नीति की असफलता करार दिया है। मृत गायों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया गया है, जिसमें कई गायों के शव जमीन पर पड़े हुए दिखाई दे रहे हैं, जिनकी हालत बेहद दयनीय है। कांग्रेस का आरोप है कि ये गायें भूख और प्यास के कारण मरी हैं क्योंकि उन्हें पर्याप्त चारा और पानी नहीं मिला था।

    कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को गंभीर लापरवाही और राज्य सरकार की नाकामी का परिणाम बताया। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गोवंश संरक्षण की जो योजनाएं बनाई गई हैं वे अब तक प्रभावी साबित नहीं हुई हैं। कांग्रेस ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री को एक ईमेल भेजकर मामले की तत्काल जांच की मांग की है। ईमेल में यह भी कहा गया है कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और गौशाला की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।

    कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह घटना केवल लापरवाही का परिणाम नहीं है, बल्कि यह सरकार की गोवंश प्रेम की राजनीति की असफलता को भी उजागर करती है। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि यदि गौशालाओं में सही प्रबंधन होता और सरकार की ओर से पर्याप्त संसाधन मुहैया कराए जाते, तो इस प्रकार की घटनाएं नहीं होतीं। गौशाला में गायों की यह मौत न केवल इंदौर बल्कि पूरे राज्य में एक बड़ा मुद्दा बन गई है। गौवंश संरक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। वहीं अब देखना यह है कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या इस बार गोवंश संरक्षण की नीति में सुधार किया जाएगा।

  • सबसे महंगी घड़ियों के शौकीन क्रिकेटर्स, भारतीय खिलाड़ी हार्दिक पांड्या टॉप पर, कीमत जानकर चौंक जाएंगे

    सबसे महंगी घड़ियों के शौकीन क्रिकेटर्स, भारतीय खिलाड़ी हार्दिक पांड्या टॉप पर, कीमत जानकर चौंक जाएंगे

    नई दिल्ली| क्रिकेट के मैदान पर अपनी प्रतिभा के लिए मशहूर खिलाड़ी अपनी स्टाइल और लक्जरी जीवनशैली के लिए भी हमेशा चर्चा में रहते हैं। खासकर महंगी और ब्रांडेड घड़ियों के मामले में कई खिलाड़ी हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। भारतीय खिलाड़ियों का इस मामले में दबदबा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनिया के सबसे महंगी घड़ियों वाले क्रिकेटरों की सूची में भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या सबसे ऊपर हैं। उनके पास पाटेक फिलिप नॉटिलस ब्रांड की घड़ी है, जिसकी कीमत लगभग 2.7 करोड़ रुपये है। यह घड़ी उनके स्टाइलिश और लक्जरी अंदाज को और भी खास बनाती है।

    विराट कोहली, जिन्हें ‘किंग’ के नाम से जाना जाता है, अपने खेल के साथ-साथ स्टाइल के लिए भी चर्चित हैं। उनके पास Rolex Daytona घड़ी है, जिसकी कीमत लगभग 8.60 लाख रुपये है। इस घड़ी में टैकीमीट्रिक स्केल भी है, जिससे एवरेज स्पीड मापी जा सकती है। इसके अलावा विराट के कलेक्शन में Audemars Piguet Royal Oak और Patek Philippe जैसी हाई-एंड ब्रांड्स की अन्य शानदार घड़ियां भी शामिल हैं।

    पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी अपने लक्जरी और स्टाइलिश जीवन के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके पास पनेराई रेडिओमिर कैलिफोर्निया ब्रांड की घड़ी है, जिसकी कीमत लगभग 9.25 लाख रुपये है। यह घड़ी उनके कलेक्शन का एक प्रमुख हिस्सा है और उनकी स्टाइल को और भी निखारती है। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा भी घड़ियों के शौकीन हैं। उनके कलेक्शन की सबसे महंगी घड़ी Rolex Sky-Dweller है, जिसकी कीमत लगभग 10.7 लाख रुपये है।

    इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स भी स्टाइल और लक्जरी में पीछे नहीं हैं। उनके पास Hublot Big Bang ब्रांड की घड़ी है, जिसे इसके मॉडर्न लुक और आकर्षक डिजाइन के कारण युवा काफी पसंद करते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घड़ी की कीमत लगभग 38.96 लाख रुपये है, जो इसे बेन स्टोक्स के लक्जरी कलेक्शन का सबसे महंगा और प्रमुख हिस्सा बनाती है।

    इन खिलाड़ियों की महंगी घड़ियों का शौक उनके स्टाइलिश व्यक्तित्व का अहम हिस्सा बन चुका है। क्रिकेट प्रेमी और फैंस न केवल उनके खेल बल्कि उनकी लक्जरी जीवनशैली और स्टाइलिश अंदाज को भी पसंद करते हैं। हार्दिक पांड्या, विराट कोहली, धोनी, रोहित शर्मा और बेन स्टोक्स जैसी हस्तियों की यह लक्जरी घड़ियां दर्शाती हैं कि क्रिकेट के मैदान के साथ-साथ फैंस के लिए इनकी स्टाइल और महंगे कलेक्शन की भी खास अहमियत है।

  • बांग्लादेश इस शहर में खेल सकता है अपने टी20 वर्ल्ड कप के मुकाबले, सामने आया बड़ा अपडेट

    बांग्लादेश इस शहर में खेल सकता है अपने टी20 वर्ल्ड कप के मुकाबले, सामने आया बड़ा अपडेट

    नई दिल्ली|  टी20 वर्ल्ड कप 2026 के शुरू होने में अब सिर्फ कुछ ही दिनों का वक्त बाकी रह गया है। इस टूर्नामेंट का आगाज 7 फरवरी से होने वाला है, लेकिन अभी तक ये साफ नहीं हो सका है कि बांग्लादेश की टीम अपने मुकाबले खेलने के लिए भारत आएगी या नहीं। दरअसल बांग्लादेशी क्रिकेट टीम ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए आगामी टी20 वर्ल्ड कप में अपने मुकाबले भारत में खेलने से इनकार कर दिया था। इसके लिए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने ICC को पत्र लिखकर गुजारिश की है कि उनकी टीम के मुकाबले श्रीलंका में शिफ्ट किए जाएं।
    इस शहर में खेले जा सकते है बांग्लादेश के मुकाबले
    रिपोर्ट्स की माने तो इस बात की संभावना बेहद कम है कि बांग्लादेश के मैच श्रीलंका में शिफ्ट किए जाएंगे। दरअसल बीसीसीआई और ICC मिलकर भारत में ही दूसरे वेन्यू की तलाश कर रहे हैं। क्रिकबज की एक रिपोर्ट की माने तो ICC और BCCI ने तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (TNCA) और केरल क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) से बात की है और बांग्लादेश के मैचों को चेन्नई और तिरुवनंतपुरम में शिफ्ट करने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। ऐसे में अब काफी हद तक इस बात की संभावना है कि बांग्लादेश के मुकाबले इन दोनों शहर में खेले जाएं।

    चेन्नई के मैदान पर खेले जाएंगे 7 मैच
    रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि ICC अधिकारियों की TNCA और KCA के अधिकारियों से इस मुद्दे पर बातचीत हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि उन्होंने मैचों की मेजबानी करने की इच्छा जताई है। चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में पहले से ही कुछ मैच शेड्यूल किए गए हैं, यहां कुल 7 मैच खेले जाएंगे जिसमें भारत-ऑस्ट्रेलिया का संभावित सुपर 8 मैच भी शामिल है। माना जा रहा है कि TNCA के अधिकारियों ने ICC और BCCI को बताया है कि उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि उनके पास आठ पिचें हैं।

    ग्रुप सी का हिस्सा है बांग्लादेश
    बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए ग्रुप सी में रखा गया है और शेड्यूल के मुताबिक उनका पहला मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ 7 फरवरी को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में निर्धारित है। इसके बाद 9 और 14 फरवरी को इसी वेन्यू पर बांग्लादेश को इटली और इंग्लैंड से भी मैच खेलना है। फिर 17 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में नेपाल के खिलाफ बांग्लादेश की टीम अपना आखिरी ग्रुप मैच खेलेगी। अब इस शेड्यूल में कितना बदलाव होता है इसकी जानकारी आने वाले कुछ दिनों में मिल जाएगी।

  • The Raja Saab BO Day 3: घटती कमाई के बावजूद 'द राजा साब' ने संडे को जड़ा शतक, 'धुरंधर' का तोड़ा ये रिकॉर्ड, जानें- तीन दिनों का कलेक्शन

    The Raja Saab BO Day 3: घटती कमाई के बावजूद 'द राजा साब' ने संडे को जड़ा शतक, 'धुरंधर' का तोड़ा ये रिकॉर्ड, जानें- तीन दिनों का कलेक्शन



    नई दिल्ली|
    प्रभास स्टारर फैंटेसी हॉरर कॉमेडी फिल्म ‘द राजा साब’ ने 9 जनवरी को रिलीज होने के बाद से ही बॉक्स ऑफिस पर गर्दा उड़ाया हुआ है. ​​फिल्म ने पहले ही दिन दुनिया भर में 100.60 करोड़ रुपये कमा लिये. इसी के साथ प्रभास अकेले ऐसे भारतीय अभिनेता बन गए हैं जिनकी छह फिल्मों ने पहले दिन ही सेंचरी लगाई है. इससे पहले उनकी जिन फिल्मों ने यह उपलब्धि हासिल की है उनमें ‘बाहुबली 2: द कंक्लूजन’, ‘साहो’, ‘आदिपुरुष’, ‘सलार पार्ट 1: सीजफायर’ और ‘कल्कि 2898 एडी’ शामिल हैं. हालांकि दूसरे दिन ‘द राजा साब’ की कमाई में गिरावट दर्ज की गई. चलिए यहां जानते हैं प्रभास की इस फिल्म ने तीसरे दिन यानी संडे को कितनी कमाई की है?
    ‘द राजा साब’ ने तीसरे दिन कितनी की कमाई? धमाकेदार शुरुआत के बावजूद, मारुति द्वारा निर्देशित ‘द राजा साहब’ को दर्शकों और आलोचकों दोनों से कड़ी आलोचना मिली है. कई लोगों ने फिल्म की बेतरतीब स्क्रीनप्ले, इललॉजिकल नेरेटिव, घटिया डायलॉग्स और कमजोर निर्देशन की निंदा की है. कुछ का कहना है कि ‘द राजा साहब’ ह्यूमर और हॉरर के एलिमेंट को इम्प्रेसिव तरीके से दिखाने में असफल रही है और प्रभास की इस फिल्म को “सिनेमा जगत की सबसे बड़ी निराशाओं में से एक” बताया है. इन सबके बीच ये फिल्म ओपनिंग डे के बाद से गिरावट दर्ज कर रही बावजूद इसके इस फिल्म ने रिलीज के तीन दिनों में शतक जड़ दिया है.

    फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो ‘द राजा साब’ ने प्रीव्यू शो से 9.15 करोड़ कमाए थे. इसके बाद दूसरे दिन इस फिल्म ने 53.75 करोड़ की कमाई की थी. वहीं दूसरे दन इस फिल्म ने 51.63 फीसदी की गिरावट के बाद 26 करोड़ कमाए थे.
    वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘द राजा साब’ ने रिलीज के तीसरे दिन यानी संडे को 20 करोड़ का कलेक्शन किया है.
    इसी के साथ प्रभास स्टारर इस फिल्म की तीन दिनों की कुल कमाई अब 108.90 करोड़ रुपये हो गई है.

    ‘द राजा साब’ ने ‘धुरंधर’ को दी मात’द राजा साब’ की कमाई में बेशक गिरावट दर्ज की जा रही है लेकिन इस फिल्म ने रिलीज के महज तीन दिन में 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है. इसी के साथ इसने रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ के ओपनिंग वीकेंड के कलेक्शन 103 करोड़ को मात दे दी है. हालांकि फिल्म को मिल रहे निगेटिव रिव्यू के बाद अब देखना होगा कि ये फिल्म वीकडेज में कैसा परफॉर्म कर पाती है.

    ‘द राजा साब’ स्टार कास्टप्रभास के अलावा, इस हॉरर कॉमेडी में संजय दत्त, बोमन ईरानी, ​​निधि अग्रवाल, मालविका मोहनन, रिद्धि कुमार और ज़रीना वहाब भी अहम भूमिकाओं में हैं. ‘द राजा साहब’ का निर्माण टीजी विश्व प्रसाद, कृति प्रसाद और ईशान सक्सेना ने अपने बैनर पीपल मीडिया फैक्ट्री और आईवी एंटरटेनमेंट के तहत किया है. पहले इसे पिछले साल 10 अप्रैल और 5 दिसंबर को रिलीज़ किया जाना था, लेकिन पोस्ट-प्रोडक्शन और वीएफएक्स के काम में कई बार देरी होने के कारण इसे पोस्टपोन्ड कर दिया गया है.

  • सावधान क्या आपका पार्टनर कर रहा है 'फ्यूचर फेकिंग'? ऐसे पहचानें रिश्ते का ये बड़ा खतरा

    सावधान क्या आपका पार्टनर कर रहा है 'फ्यूचर फेकिंग'? ऐसे पहचानें रिश्ते का ये बड़ा खतरा


    नई दिल्ली । किसी रिश्ते में भविष्य की योजनाएं बनाना और आने वाले समय के बारे में बात करना सामान्य और सकारात्मक माना जाता है। यह न केवल रिश्ते को मजबूत करता है बल्कि एक-दूसरे के साथ आने वाले समय की उम्मीदों को भी साझा करता है। हालांकि जब यही बातें सिर्फ आपको रिश्ते में बनाए रखने के लिए की जाती हैं और उन्हें सच करने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं होता, तो यह रिश्ते के लिए एक गंभीर खतरा बन सकता है। यही है ‘फ्यूचर फेकिंग एक ऐसी मानसिक चाल, जिसमें पार्टनर आपके साथ भविष्य के शानदार सपने दिखाता है लेकिन उन्हें साकार करने की कोई वास्तविक कोशिश नहीं करता।

    फ्यूचर फेकिंग का मतलब क्या है

    फ्यूचर फेकिंग तब मानी जाती है जब कोई व्यक्ति रिश्ते में आपको शादी साथ रहने घर खरीदने बच्चों या अन्य बड़े सपनों की बातें तो करता है लेकिन उन पर अमल करने के लिए कोई कदम नहीं उठाता। असल में इसका मकसद सिर्फ यह होता है कि आप रिश्ते में भावनात्मक रूप से जुड़े रहें, जबकि सामने वाला कोई वास्तविक जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं होता। इस प्रकार का व्यवहार अक्सर उन लोगों में देखने को मिलता है जो बिना किसी जिम्मेदारी को स्वीकार किए सिर्फ प्यार, समय, या ध्यान चाहते हैं।

    फ्यूचर फेकिंग के संकेत

    अत्यधिक वादे, बिना किसी ठोस योजना के यदि रिश्ते की शुरुआत में ही बहुत बड़े वादे किए जाएं, और दोनों के बीच एक-दूसरे को ठीक से जानने का समय भी न हो, तो यह एक खतरे का संकेत हो सकता है।

    बड़ी योजनाओं में कार्रवाई का अभाव

    यदि आपका पार्टनर भविष्य में किसी चीज को लेकर बहुत उत्साहित है, लेकिन उसके काम और उसके शब्दों में स्पष्ट अंतर हो, तो यह ध्यान देने वाली बात है। बड़े सपने दिखाए जाते हैं, लेकिन छोटे वादे भी पूरे नहीं होते।

    समस्याओं से बचने के लिए भविष्य के सपने दिखाना

    कई बार फ्यूचर फेकिंग का इस्तेमाल वर्तमान की समस्याओं से बचने के लिए किया जाता है। जैसे ही आप किसी गंभीर मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं, पार्टनर भविष्य का कोई सुनहरा सपना दिखाकर बात को टाल देता है।

    प्लान असंगत और अस्पष्ट

    ऐसे लोग अक्सर योजना बनाने के बजाय बस बातों में लिपटे रहते हैं। उनके पास कोई तारीख, तरीका या ठोस कदम तय नहीं होता। उनका फोकस आपको खुश रखने पर होता है, न कि वास्तविक कार्यवाही पर।

    आर्थिक फायदे के लिए भविष्य का लालच देना

    कभी-कभी पार्टनर भविष्य की योजनाओं का लालच देकर वर्तमान में अपनी जरूरतें पूरी करता है। उदाहरण के लिए, वह आपके पैसों या अन्य संसाधनों का लाभ उठाने के लिए आपको झूठे सपने दिखा सकता है।

    कैसे पहचानें कि आपका पार्टनर फ्यूचर फेकिंग कर रहा है

    अत्यधिक वादों और भविष्य के बड़े सपनों के बारे में बात करना रिश्ते के प्रारंभ में अगर आपका पार्टनर बहुत बड़ी बड़ी बातें करता है जैसे हम शादी करेंगे हम विदेश जाएंगे हम एक शानदार घर बनाएंगे लेकिन जब उन वादों को पूरा करने की बात आती है तो वह टालमटोल करता है तो यह बड़ा संकेत हो सकता है।

    पार्टी में शामिल न होना

    ऐसे लोग जो सिर्फ भविष्य की बातें करते हैं वे आमतौर पर किसी भी असल योजना या कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेते। यह तब और भी ज्यादा स्पष्ट होता है जब वे छोटी से छोटी जिम्मेदारी भी लेने से कतराते हैं।

    सवालों का बचाव या चिढ़ना

    जब आप उनसे भविष्य के बारे में व्यावहारिक सवाल पूछते हैं और उनका रिएक्शन बचावात्मक होता है या वे गुस्से में आकर बात को टालते हैं तो यह एक संकेत हो सकता है कि वे इस पर अमल करने के लिए तैयार नहीं हैं।

    वादों का बार-बार टूटना

    अगर पार्टनर बार-बार वादे करता है, लेकिन उसे निभाता नहीं है तो यह एक पैटर्न बन चुका है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। हर बार एक नया वादा करना और फिर उसे तोड़ना यह एक स्पष्ट संकेत है कि फ्यूचर फेकिंग हो रही है।

    खुद को इससे कैसे सुरक्षित रखें

    जल्दबाजी में विश्वास न करें किसी पर भरोसा करने से पहले समय लें और देखें कि वह अपने कहे पर कितना कायम रहता है। रिश्ते में ठोस कदम उठाए बिना किसी पर पूरी तरह से विश्वास करना एक बड़ी गलती हो सकती है।

    व्यावहारिक सवाल पूछें

    जब कोई बड़ा वादा किया जाए, तो उससे जुड़े व्यावहारिक सवाल पूछें। जैसे इसके लिए तुम क्या कदम उठाओगे तुमने इस पर क्या काम किया है अगर वह सवालों से बचने की कोशिश करता है या गुस्से में आता है तो यह संकेत हो सकता है कि कुछ गलत है।

    पैटर्न को पहचानें

    यदि वादे बार-बार टूट रहे हैं और भविष्य की योजनाएं बिना किसी ठोस आधार के बनती जा रही हैं तो इसे गंभीरता से लें। यह एक पैटर्न बन चुका है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

  • सोने की अंगूठी पहनने का सही तरीका: राशि, उंगली और शुभ दिन जानिए

    सोने की अंगूठी पहनने का सही तरीका: राशि, उंगली और शुभ दिन जानिए


    नई दिल्ली ।भारतीय ज्योतिष में सोने को सिर्फ आभूषण नहीं बल्कि ग्रहों की सकारात्मक ऊर्जा को संतुलित करने वाली धातु माना जाता है। मान्यता है कि जब सोने की अंगूठी सही उंगली, उचित दिन और विधि से पहनी जाती है, तो यह जीवन में धन, सम्मान और मानसिक स्थिरता बढ़ाने में सहायक होती है। वहीं, गलत नियमों के साथ सोना पहनना विपरीत प्रभाव भी ला सकता है।

    कौन सी उंगली में सोना पहनना शुभ है?
    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अनामिका उंगली सूर्य तत्व का प्रतिनिधित्व करती है। इस उंगली में सोने की अंगूठी पहनने से प्रतिष्ठा आत्मविश्वास और कार्यक्षमता बढ़ती है। कुछ परंपराओं में कनिष्ठा छोटी उंगली में भी सोना पहनने की सलाह दी गई है।वही मध्यमा उंगली शनि से जुड़ी होने के कारण इसमें सोना पहनना तनाव और आर्थिक रुकावट ला सकता है। अंगूठे में सोना पहनना शुभ नहीं माना जाता क्योंकि यह चंद्रमा का संकेतक है।

    सोना पहनने के शुभ दिन

    धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सोना पहनने के लिए गुरुवार सबसे उत्तम माना जाता है, क्योंकि यह बृहस्पति का दिन है। रविवार भी सूर्य से जुड़ा होने के कारण मान-सम्मान बढ़ाने वाला है। इसके अलावा, बुधवार और शुक्रवार सामान्यतः अनुकूल माने जाते हैं।

    सोने की अंगूठी पहनने की पारंपरिक विधि
    सोना पहनने से पहले उसका शुद्धिकरण आवश्यक माना गया है। अंगूठी को पहले गंगाजल या स्वच्छ जल में रखें फिर दूध और शहद से शुद्ध करें। इसके बाद अंगूठी को भगवान विष्णु या सूर्यदेव के सामने रखकर प्रार्थना करें और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 11 बार जाप करें। शुद्धिकरण के बाद इसे अनामिका उंगली में पहनें।
    राशियों के अनुसार अनुकूलता
    ज्योतिष के अनुसार, मेष, सिंह, कर्क, धनु और मीन राशि वाले सोना पहनने से शुभ फल प्राप्त करते हैं। जबकि वृषभ, मिथुन, मकर और कुंभ राशि वालों को बिना व्यक्तिगत कुंडली देखे सोना नहीं पहनना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम निर्णय हमेशा व्यक्तिगत कुंडली देखकर ही लेना चाहिए।

    सोना और ग्रहों का संबंध

    सोना मुख्य रूप से बृहस्पति ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है, जो ज्ञान, धर्म, संतान और धन का कारक माना जाता है। कुछ मान्यताओं में यह सूर्य को भी बल देता है, जिससे आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता मजबूत होती है।

    धार्मिक दृष्टि से महत्व

    धार्मिक परंपराओं में सोना महालक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। यह माना जाता है कि सोना धारण करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और शांति बनी रहती है। हालांकि किसी भी धातु या रत्न को धारण करने से पहले योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श लेना अत्यंत लाभकारी होता है।
  • राशिफल: रविवार को सिंह राशि का दिन रहेगा शानदार, पूरे होंगे अधूरे काम..

    राशिफल: रविवार को सिंह राशि का दिन रहेगा शानदार, पूरे होंगे अधूरे काम..

    नई दिल्ली ।आज का राशिफल | रविवार  11 जनवरी 2026 आज चंद्रमा तुला राशि में गोचर कर रहा है, जिसका असर सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा। रविवार का दिन विशेष रूप से सिंह राशि वालों के लिए उत्साह, ताजगी और सफलता से भरा रहेगा। कई रुके हुए काम पूरे होंगे और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

    मेष: आर्थिक लाभ के योग, व्यापार में नई शुरुआत संभव। जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

    वृषभ: दिन मिश्रित रहेगा। नौकरी में तरक्की के संकेत, लेकिन मानसिक तनाव से बचें।
    मिथुन: शुभ और लाभकारी दिन। प्रेम संबंधों में मधुरता, आय में बढ़ोतरी संभव।
    कर्क: मानसिक अस्थिरता रह सकती है। स्वास्थ्य और खर्च पर नियंत्रण रखें।
    सिंह: ऊर्जा से भरपूर दिन। नए काम शुरू करें, अधूरे कार्य पूरे होंगे, रचनात्मकता बढ़ेगी।
    कन्या: वाणी से प्रभाव बढ़ेगा। आर्थिक लाभ, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचें।
    तुला: आत्मविश्वास मजबूत। नौकरी-व्यापार में लाभ, नए प्लान बनेंगे।
    वृश्चिक: खर्च बढ़ सकता है। स्वास्थ्य और वाहन चलाते समय सावधानी रखें।
    धनु: आय और लाभ के योग। मित्रों का सहयोग मिलेगा।
    मकर: करियर के लिए शानदार दिन। पदोन्नति और मान-सम्मान के संकेत।
    कुंभ: भाग्य का आंशिक साथ। विदेश से जुड़े मामलों में शुभ समाचार।
    मीन: आध्यात्मिक रुझान बढ़ेगा। व्यापार में लाभ, दोपहर बाद सतर्कता जरूर