Author: bharati

  • फार्मा सेक्टर में आईपीओ की हलचल तेज, गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल का एसएमई मुद्दा 39% जीएमपी पर बना चर्चा का केंद्र

    फार्मा सेक्टर में आईपीओ की हलचल तेज, गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल का एसएमई मुद्दा 39% जीएमपी पर बना चर्चा का केंद्र

    नई दिल्ली । फार्मा सेक्टर की उभरती हुई कंपनी Goldline Pharmaceutical ने अपने SME IPO के जरिए निवेश बाजार में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। कंपनी का यह आईपीओ आज से निवेशकों के लिए खुल गया है, जिसे लेकर बाजार में पहले ही काफी उत्साह देखा जा रहा है। खास बात यह है कि कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम लगभग 39 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे और संभावित लिस्टिंग गेन की उम्मीद को दर्शाता है।

    Goldline Pharmaceutical का यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है, जिसके तहत कंपनी 27 लाख नए शेयर जारी कर रही है। इस इश्यू के माध्यम से कंपनी कुल 11.61 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखती है। प्राइस बैंड 41 रुपये से 43 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, जबकि निवेशकों को कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा, जिसमें 3,000 शेयर शामिल हैं। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि लगभग 2.58 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जो इसे एक मध्यम स्तर के SME इश्यू की श्रेणी में लाता है।

    कंपनी का बिजनेस मॉडल पारंपरिक फार्मा कंपनियों से अलग है। Goldline Pharmaceutical सीधे दवाइयों का निर्माण नहीं करती, बल्कि एक एसेट-लाइट मॉडल पर काम करती है। इसके तहत कंपनी तीसरे पक्ष के मैन्युफैक्चरर्स से दवाइयां बनवाकर उन्हें अपने ब्रांड नाम से बाजार में बेचती है। इस रणनीति के कारण कंपनी को भारी इंफ्रास्ट्रक्चर और उत्पादन लागत से राहत मिलती है, जिससे वह कम लागत में तेजी से विस्तार कर सकती है।

    कंपनी का नेटवर्क भी लगातार मजबूत हो रहा है और यह कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक, डायबिटीज केयर, पीडियाट्रिक्स और क्रिटिकल केयर जैसे प्रमुख मेडिकल सेगमेंट में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। वर्तमान में कंपनी 15 मैन्युफैक्चरर्स और 7 डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ मिलकर काम कर रही है। इसके उत्पाद महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, तमिलनाडु, राजस्थान और बिहार जैसे कई राज्यों में उपलब्ध हैं, जो इसके बढ़ते वितरण नेटवर्क को दर्शाता है।

    वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में स्थिर वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी की कुल आय 23.57 करोड़ रुपये थी, जो 2025 में बढ़कर 28.06 करोड़ रुपये हो गई। इसी अवधि में मुनाफा भी 1.81 करोड़ रुपये से बढ़कर 2.83 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह वृद्धि कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता और बिजनेस मॉडल की मजबूती को दर्शाती है।

    IPO से प्राप्त होने वाली राशि का बड़ा हिस्सा कंपनी अपने मौजूदा कर्ज को कम करने में उपयोग करेगी, जिसमें लगभग 8.35 करोड़ रुपये का उपयोग ऋण पुनर्भुगतान या प्रीपेमेंट के लिए किया जाएगा। शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों और संचालन विस्तार में किया जाएगा। निवेशकों के बीच बढ़ती रुचि और मजबूत GMP संकेत दे रहे हैं कि यह IPO लिस्टिंग के समय अच्छा प्रदर्शन कर सकता है, हालांकि अंतिम परिणाम बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

  • अचानक ब्रेक से बड़ा हादसा: दो बाइकों की टक्कर में 5 घायल, दंपती की हालत गंभीर

    अचानक ब्रेक से बड़ा हादसा: दो बाइकों की टक्कर में 5 घायल, दंपती की हालत गंभीर


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के पांढुर्णा क्षेत्र के मोरडोगरी के पास सोमवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें पांच लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को तत्काल पांढुर्णा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दो गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया है।

    दोनों बाइकों पर सवार थे अलग-अलग लोग
    जानकारी के अनुसार, पहली बाइक पर ग्राम नाडा सावनेर निवासी हुकुमचंद डहारे (45) अपनी पत्नी प्रगति डहारे (30) के साथ पांढुर्णा की ओर जा रहे थे। वहीं दूसरी बाइक पर अमोल बोरीवार (32), सविता बघारे (34) और तीन वर्षीय बालक चेतन बघारे सिवनी की ओर जा रहे थे। दोनों वाहन अलग-अलग दिशाओं से आ रहे थे, लेकिन मोरडोगरी के पास अचानक स्थिति बदल गई और बड़ा हादसा हो गया।

    अचानक ब्रेक और लापरवाही बनी हादसे की वजह
    घायलों के अनुसार, मोरडोगरी के पास अचानक ब्रेक लगाने के कारण दोनों बाइक अनियंत्रित हो गईं और आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिर पड़े और सभी को गंभीर चोटें आईं।
    हादसे के बाद राहगीरों ने तुरंत मदद की और घायलों को सड़क से हटाकर अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया।

    दंपती की हालत गंभीर, नागपुर रेफर
    अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि हुकुमचंद डहारे और उनकी पत्नी प्रगति डहारे के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। उनकी स्थिति को देखते हुए दोनों को नागपुर रेफर कर दिया गया है। अन्य तीन घायलों का इलाज पांढुर्णा सिविल अस्पताल में जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

    पुलिस ने शुरू की जांच, यातायात प्रभावित
    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी बाधित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि हादसा केवल अचानक ब्रेक की वजह से हुआ या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क पर सावधानी और सुरक्षित ड्राइविंग की आवश्यकता को उजागर करता है। थोड़ी सी लापरवाही ने पांच लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर दिया।
  • UK राजनीति में भूचाल: 70 से अधिक लेबर सांसदों ने स्टार्मर के इस्तीफे की मांग, नेतृत्व संकट गहराया

    UK राजनीति में भूचाल: 70 से अधिक लेबर सांसदों ने स्टार्मर के इस्तीफे की मांग, नेतृत्व संकट गहराया


    नई दिल्ली। यूनाइटेड किंगडम (UK) की राजनीति में इस समय भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है, जहां सत्ताधारी लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व संकट गहराता जा रहा है और प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय और क्षेत्रीय चुनावों में पार्टी को मिली करारी हार के बाद अब हालात ऐसे बन गए हैं कि 70 से अधिक लेबर सांसदों ने खुले तौर पर स्टार्मर से इस्तीफे की मांग कर दी है। इन सांसदों का कहना है कि चुनावी नतीजे पार्टी की नीतियों और नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं और इसके लिए जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।

    मामला तब और गंभीर हो गया जब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चार मंत्री सहयोगियों ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया, जिससे सरकार के भीतर अस्थिरता और बढ़ गई है। इसके साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या कीर स्टार्मर 2029 में होने वाले अगले आम चुनाव तक लेबर पार्टी का नेतृत्व बनाए रख पाएंगे या नहीं। यह सवाल अब पार्टी के अंदर एक बड़े राजनीतिक संकट के रूप में उभर चुका है।

    ब्रिटिश मीडिया की रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि विदेश सचिव यवेट कूपर और गृह मंत्री शबाना महमूद जैसे वरिष्ठ नेताओं सहित कई कैबिनेट मंत्रियों ने स्टार्मर से आग्रह किया है कि वे चुनावी हार के बाद नेतृत्व में बदलाव या सत्ता के सुचारू हस्तांतरण पर विचार करें। हालांकि बढ़ते दबाव और पार्टी के भीतर बगावत जैसी स्थिति के बावजूद कीर स्टार्मर ने स्पष्ट रूप से इस्तीफे की मांगों को खारिज कर दिया है।

    लंदन में पार्टी समर्थकों को संबोधित करते हुए स्टार्मर ने कहा कि उन्हें पता है कि उन पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन वे अपने नेतृत्व पर विश्वास बहाल करने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि वह आलोचनाओं को गंभीरता से लेते हैं, लेकिन अपने पद से पीछे हटने के बजाय सुधार और मजबूती की दिशा में काम करेंगे।

    यह पूरा राजनीतिक विवाद उस समय और गहरा गया है जब इंग्लैंड के काउंसिल चुनावों में लेबर पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा स्कॉटलैंड और वेल्स में भी पार्टी को गंभीर नुकसान उठाना पड़ा है। वेल्स में तो लेबर पार्टी ने 1999 के बाद पहली बार वेल्श संसद पर अपना नियंत्रण भी खो दिया है, जिससे पार्टी की लोकप्रियता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

    गौरतलब है कि कीर स्टार्मर जुलाई 2024 में एक बड़ी जीत के साथ सत्ता में आए थे, जब उन्होंने 14 साल से सत्ता में रही कंजर्वेटिव पार्टी को हराकर सरकार बनाई थी। लेकिन सत्ता में आने के बाद से ही उन्हें आर्थिक ठहराव, बढ़ती महंगाई और कई राजनीतिक विवादों को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इन चुनौतियों ने उनकी सरकार की लोकप्रियता पर असर डाला है और अब चुनावी हार ने स्थिति को और कठिन बना दिया है।

    अपने नेतृत्व को मजबूत करने की कोशिश में स्टार्मर ने अपनी सरकार की नीतियों में बड़े बदलाव का वादा किया है। उन्होंने आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, ऊर्जा सुधारों को लागू करने और यूरोपीय देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया है। हालांकि पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के चलते उनका आगे का राजनीतिक रास्ता चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है और आने वाले समय में लेबर पार्टी की दिशा और नेतृत्व दोनों पर बड़ा फैसला हो सकता है।

  • रॉयल्टी दरों में बड़ी कटौती का असर: ONGC और Oil India ने पकड़ी रफ्तार, निवेशकों में उत्साह

    रॉयल्टी दरों में बड़ी कटौती का असर: ONGC और Oil India ने पकड़ी रफ्तार, निवेशकों में उत्साह

    नई दिल्ली । सरकार द्वारा कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस पर रॉयल्टी दरों में महत्वपूर्ण कटौती के फैसले ने देश के ऊर्जा क्षेत्र में नई हलचल पैदा कर दी है। इस निर्णय के बाद सरकारी स्वामित्व वाली प्रमुख कंपनियों ONGC और Oil India के शेयर बाजार में तेज़ी से उछल गए और निवेशकों में नया उत्साह देखने को मिला। बाजार में इस कदम को ऊर्जा क्षेत्र के लिए राहत और दीर्घकालिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है।

    सरकार ने ऑफशोर कच्चे तेल उत्पादन पर रॉयल्टी दर को घटाकर पहले से कम कर दिया है, जबकि प्राकृतिक गैस पर लागू रॉयल्टी संरचना को भी संशोधित किया गया है। नए बदलावों के तहत उत्पादन लागत में कमी आने की उम्मीद है, जिससे कंपनियों की लाभप्रदता में सुधार होगा। इस फैसले के बाद ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तुरंत सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली।

    शेयर बाजार में ONGC और Oil India दोनों के स्टॉक्स में मजबूती देखी गई। विशेष रूप से Oil India के शेयरों में अधिक तेजी रही, जहां यह इंट्राडे कारोबार के दौरान अपने उच्च स्तर तक पहुंच गया। वहीं ONGC के शेयरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई और यह लगातार मजबूत रुझान के साथ ट्रेड करता रहा। इस तेजी ने यह संकेत दिया कि निवेशक सरकार के इस निर्णय को दीर्घकालिक रूप से लाभकारी मान रहे हैं।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार रॉयल्टी दरों में कमी से इन कंपनियों के नकदी प्रवाह पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उत्पादन लागत घटने के कारण उनका शुद्ध लाभ बढ़ने की संभावना है, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम विशेष रूप से अपस्ट्रीम तेल और गैस कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित हो सकता है, जो पिछले कुछ वर्षों में कर बोझ और वैश्विक कीमतों की अनिश्चितता से प्रभावित रही हैं।

    इसके अलावा, इस फैसले को निवेश माहौल सुधारने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है। लंबे समय से ऊर्जा कंपनियों पर बढ़ते करों और नीतिगत अनिश्चितताओं को लेकर चिंताएं बनी हुई थीं, जिसके कारण इस सेक्टर का प्रदर्शन वैश्विक स्तर पर अपेक्षाकृत कमजोर रहा था। लेकिन रॉयल्टी दरों में यह कटौती निवेशकों की उन चिंताओं को कुछ हद तक कम करती दिख रही है।

    विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर या ऊंची बनी रहती हैं, तो ONGC जैसी कंपनियां आने वाले समय में मजबूत रिटर्न देने की क्षमता रखती हैं। वहीं Oil India को भी उत्पादन लागत में राहत मिलने से अपने परिचालन प्रदर्शन को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।

    कुल मिलाकर सरकार का यह निर्णय ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक मोड़ साबित हो सकता है। बाजार में आई यह तेजी केवल एक तात्कालिक प्रतिक्रिया नहीं बल्कि भविष्य की संभावनाओं का संकेत भी मानी जा रही है, जहां ऊर्जा कंपनियां अधिक स्थिर और लाभदायक विकास की ओर बढ़ सकती हैं।

  • बारातियों से भरा मैजिक वाहन पलटा, एक ही परिवार के 15 लोग घायल, बस की लापरवाही से हुआ हादसा

    बारातियों से भरा मैजिक वाहन पलटा, एक ही परिवार के 15 लोग घायल, बस की लापरवाही से हुआ हादसा


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के सौसर थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। काजलवाणी और कुड़म गांव के बीच बारातियों से भरा एक मैजिक वाहन अचानक सड़क किनारे पलट गया। इस हादसे में एक ही परिवार के 15 सदस्य घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें छिंदवाड़ा जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

    यह सभी लोग सौसर के वार्ड क्रमांक 1 से भीमालगोंडी गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। यात्रा के दौरान जैसे ही वाहन काजलवाणी और कुड़म के बीच पहुंचा, सामने से आ रही एक बस ने अचानक कट मार दिया। इसी दौरान मैजिक चालक ने वाहन को बचाने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ गया और वाहन सड़क किनारे पलट गया।

    बस की लापरवाही से हुआ हादसा, चालक ने खोया नियंत्र
    प्रत्यक्षदर्शियों और मैजिक चालक भरत चवारे के अनुसार, बस ने अचानक दिशा बदलते हुए कट मारा, जिससे स्थिति असंतुलित हो गई। चालक ने वाहन को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन भारी संख्या में बैठे यात्रियों के कारण मैजिक का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क से नीचे पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए पहुंचे। सभी घायलों को वाहन से बाहर निकाला गया और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

    घायलों को अस्पताल में भर्ती, दो की हालत गंभी
    सूचना मिलते ही सौसर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सौसर सिविल अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दो गंभीर घायलों सूरज और सुरेश को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल छिंदवाड़ा रेफर कर दिया। अन्य 13 घायलों का इलाज सौसर सिविल अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, कई लोगों को हल्की से मध्यम चोटें आई हैं, लेकिन सभी को निगरानी में रखा गया है।

    पुलिस ने शुरू की जांच, यातायात हुआ प्रभावि
    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की गंभीर अनदेखी की ओर इशारा करता है। एक छोटी सी लापरवाही ने खुशियों से भरे सफर को दर्दनाक हादसे में बदल दिया।

  • ईरान का कड़ा रुख: नाकेबंदी खत्म करो, फ्रीज संपत्तियां लौटाओ, वरना बढ़ेगा तनाव

    ईरान का कड़ा रुख: नाकेबंदी खत्म करो, फ्रीज संपत्तियां लौटाओ, वरना बढ़ेगा तनाव



    नई दिल्ली। ईरान के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही चर्चाओं और तनावों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय के अनुसार तेहरान की ओर से प्रस्तुत प्रस्ताव में कई ऐसे मुद्दों को शामिल किया गया है जो सीधे क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक प्रतिबंधों और सैन्य गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। इस प्रस्ताव में सबसे प्रमुख मांग यह रखी गई है कि अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत समाप्त किया जाए। ईरान का कहना है कि यह नाकेबंदी न केवल उसके आर्थिक हितों को प्रभावित कर रही है बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी नकारात्मक असर डाल रही है।

    इसके साथ ही ईरान ने यह भी मांग की है कि पूरे क्षेत्र में चल रहे सैन्य अभियानों पर रोक लगाई जाए। खासतौर पर उन गतिविधियों का उल्लेख किया गया है जिनमें लेबनान में सक्रिय हिजबुल्ला को निशाना बनाते हुए इजरायली हमले शामिल हैं। ईरान का तर्क है कि इस प्रकार की सैन्य कार्रवाइयां तनाव को और बढ़ाती हैं और क्षेत्र को अस्थिरता की ओर धकेलती हैं। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि स्थायी शांति और सुरक्षा के लिए सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए और सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक रास्ता अपनाना चाहिए।

    इसके अलावा ईरान ने उन सभी संपत्तियों को वापस जारी करने की भी मांग की है जो लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण विदेशों में फ्रीज कर दी गई हैं। ईरान का कहना है कि ये संपत्तियां उसके वैध आर्थिक संसाधन हैं और इन पर लगाए गए प्रतिबंध अनुचित हैं। मंत्रालय के अनुसार, इन संपत्तियों को रोककर रखना न केवल आर्थिक अन्याय है बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों की भावना के भी खिलाफ है।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने इस पूरे मुद्दे पर स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान ने किसी भी प्रकार की रियायत या विशेष सुविधा की मांग नहीं की है। उनके अनुसार ईरान केवल अपने उन अधिकारों की मांग कर रहा है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वैध माने जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान हमेशा बातचीत और कूटनीति के पक्ष में रहा है, लेकिन उसके मूल अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा।

    इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव की स्थिति चर्चा में आ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मुद्दे पर बातचीत आगे बढ़ती है तो क्षेत्रीय राजनीति में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन यदि गतिरोध बना रहता है तो तनाव और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

  • कृतिका नक्षत्र में प्लूटो के प्रवेश से बदलेंगे इन राशियों के भाग्‍य, धन और सफलता के खुलेंगे नए रास्ते

    कृतिका नक्षत्र में प्लूटो के प्रवेश से बदलेंगे इन राशियों के भाग्‍य, धन और सफलता के खुलेंगे नए रास्ते

    नई दिल्ली । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 12 मई 2026 का दिन खास माना जा रहा है। आज सुबह 5 बजकर 23 मिनट पर अरुण ग्रह यानी प्लूटो ने कृतिका नक्षत्र में प्रवेश किया है। प्लूटो बेहद धीमी गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है, इसलिए इसका प्रभाव लंबे समय तक देखने को मिल सकता है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक यह नक्षत्र परिवर्तन कई लोगों के जीवन में बड़े बदलाव, नए अवसर और अचानक मिलने वाली सफलताओं के संकेत दे सकता है।

    प्लूटो के नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव
    ज्योतिष में प्लूटो को गहराई, परिवर्तन और छिपी शक्तियों का प्रतीक माना जाता है। कृतिका नक्षत्र में इसका प्रवेश पुराने कार्यों के परिणाम सामने लाने और नई शुरुआत के अवसर पैदा करने वाला माना जा रहा है। खासकर उन लोगों को लाभ मिल सकता है जो लंबे समय से मेहनत कर रहे हैं लेकिन अब तक अपेक्षित परिणाम नहीं मिले थे।

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। पुराने निवेश से फायदा मिलने और अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। करियर में नई दिशा मिलने की संभावना भी है।

    सिंह राशि
    सिंह राशि वालों का आत्मविश्वास बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने और रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। सामाजिक मान-सम्मान में भी वृद्धि हो सकती है।

    तुला राशि
    तुला राशि के लोगों को भाग्य का साथ मिल सकता है। नए अवसर मिलने और निवेश से लाभ होने की संभावना जताई जा रही है। विदेश या नई जगह से जुड़े कामों में भी सफलता मिल सकती है।

    कुंभ राशि
    कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर करियर में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। अचानक सफलता, आर्थिक मजबूती और नई योजनाओं में अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं।

    इस दौरान क्या करें
    ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार इस समय अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए। अधूरे काम पूरे करने की कोशिश करें और अचानक मिलने वाले अवसरों को नजरअंदाज न करें। सकारात्मक सोच बनाए रखना भी लाभकारी रहेगा।

  • झांसी बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में लॉ छात्र से मारपीट का मामला: विरोध के बाद गार्ड सस्पेंड, छात्रों का धरना जारी

    झांसी बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में लॉ छात्र से मारपीट का मामला: विरोध के बाद गार्ड सस्पेंड, छात्रों का धरना जारी



    नई दिल्ली। झांसी स्थित Bundelkhand University में लॉ छात्र के साथ हुई कथित मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद छात्रों के भारी विरोध और प्रदर्शन के बीच आरोपी सिक्योरिटी गार्ड को निलंबित कर दिया गया है।

    क्या है पूरा मामला?
    घटना विश्वविद्यालय के परीक्षा भवन में हुई बताई जा रही है, जहां लॉ विभाग के छात्र परीक्षा देने पहुंचे थे। इसी दौरान सुरक्षा गार्ड और छात्रों के बीच विवाद हो गया, जो बाद में मारपीट में बदल गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया।

    छात्रों का गुस्सा और प्रदर्शन
    आरोपी गार्ड पर कार्रवाई न होने से नाराज छात्रों ने सोमवार को  यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। करीब 5 घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की  इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हल्की झड़प भी हुई।

    गार्ड सस्पेंड, लेकिन छात्र अब भी नाराज
    बढ़ते विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपी सिक्योरिटी गार्ड अमित को निलंबित कर दिया है।लेकिन छात्र अभी भी मांग कर रहे हैं किअन्य जिम्मेदार गार्डों पर भी कार्रवाई होसार्वजनिक माफी दी जाए।सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया जाए।

    छात्र संगठनों का समर्थन
    इस आंदोलन को कई छात्र संगठनों का समर्थन मिला, जिनमें शामिल हैं:एबीवीपी एनएसयूआई
    समाजवादी छात्रसभाआजाद समाज पार्टी छात्र संगठन सभी ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर 7 दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा।आंदोलन और तेज किया जाएगाBundelkhand University में हुआ यह मामला अब सिर्फ एक मारपीट की घटना नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल छात्रों और प्रशासन के बीच बातचीत और तनाव दोनों जारी हैं।

  • एमपी में उज्जैन समेत 6 जिलों में लू का अलर्ट, रतलाम में लगातार दूसरे दिन 45 डिग्री पहुंचा

    एमपी में उज्जैन समेत 6 जिलों में लू का अलर्ट, रतलाम में लगातार दूसरे दिन 45 डिग्री पहुंचा

    भोपाल । मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर थमते ही गर्मी ने फिर से तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश में अब हीट वेव यानी लू का असर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने मंगलवार को उज्जैन, धार, आलीराजपुर, बड़वानी, रतलाम और झाबुआ जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भीषण गर्मी बनी रह सकती है। इस दौरान तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।

    कई शहरों में बढ़ेगा तापमान
    मौसम विभाग का कहना है कि मंगलवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर समेत प्रदेश के 49 जिलों में तेज गर्मी का असर रहेगा। कई शहरों में तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। उज्जैन संभाग के रतलाम, नीमच और मंदसौर सबसे ज्यादा गर्म रहने की संभावना जताई गई है।

    रतलाम लगातार सबसे गर्म
    सोमवार को रतलाम में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार दूसरे दिन यहां पारा 45 डिग्री के आसपास बना रहा। इंदौर में इस सीजन का सबसे अधिक तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है। बीते वर्ष 1 मई को यहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री था। उज्जैन में 43 डिग्री, भोपाल में 41.2 डिग्री, जबलपुर में 40.8 डिग्री और ग्वालियर में 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा शाजापुर में 44.2 डिग्री, धार में 44 डिग्री, खरगोन में 42.6 डिग्री, खंडवा में 42.5 डिग्री और गुना में 41.5 डिग्री तापमान रहा। रायसेन, सागर, नर्मदापुरम और श्योपुर में भी पारा 41 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया।

    मई की शुरुआत में लगातार बारिश
    प्रदेश में 30 अप्रैल से 10 मई तक लगातार आंधी और बारिश का दौर चला था। इस दौरान कभी पश्चिमी विक्षोभ तो कभी चक्रवाती सिस्टम और टर्फ का असर देखने को मिला। इसी वजह से मई के पहले सप्ताह में मौसम बदला हुआ रहा।

    मौसम विभाग की सलाह
    गर्मी बढ़ने के साथ मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने और दोपहर की तेज धूप से बचने की अपील की गई है। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

  • आज ज्येष्ठ का दूसरा बड़ा मंगल, जानिए हनुमान पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि

    आज ज्येष्ठ का दूसरा बड़ा मंगल, जानिए हनुमान पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि


    नई दिल्ली ।
    आज 12 मई को ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी माह के मंगलवार को भगवान राम और हनुमान जी की पहली भेंट हुई थी। इसलिए ज्येष्ठ के मंगलवार को विशेष रूप से बजरंगबली की पूजा का महत्व माना जाता है।

    मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने, पूजा-पाठ करने, दान देने और भंडारा करवाने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। हालांकि इस बार बड़ा मंगल पंचक काल में पड़ रहा है, जिसके चलते कई लोग पूजा के शुभ समय और पंचक के प्रभाव को लेकर सवाल कर रहे हैं।

    पूजा का शुभ मुहूर्त
    दूसरे बड़े मंगल पर पूजा का शुभ समय सुबह 8:55 बजे से दोपहर 1:59 बजे तक रहेगा। इसके अलावा शाम को भी पूजा की जा सकती है। संध्या पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7:03 बजे से रात 8:06 बजे तक बताया गया है। इस दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है।

    पंचक में भी कर सकते हैं पूजा
    इस बार बड़ा मंगल रोग पंचक में पड़ रहा है। सामान्य तौर पर पंचक में शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है, लेकिन ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी की पूजा पंचक में भी की जा सकती है। कहा जाता है कि पंचमुखी हनुमान की आराधना करने से भय, तनाव और शत्रु बाधाएं दूर होती हैं। इस दौरान भंडारा करवाना भी शुभ माना गया है। हालांकि नए मांगलिक कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी गई है।

    ऐसे करें हनुमान जी की पूजा
    बड़ा मंगल पर हनुमान जी को सिंदूर, लाल चंदन और लाल फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। साथ ही चमेली के तेल का दीपक जलाने का भी विशेष महत्व है।

    भक्त इस मंत्र का जाप कर सकते हैं:-
    “ॐ नमो भगवते पंचवदनाय, पूर्वकपि मुखाय, सकल शत्रु संहारणाय स्वाहा।”
    इस दिन हनुमान चालीसा, हनुमान बीसा और सुंदरकांड का पाठ करना भी अत्यंत फलदायी माना गया है। हालांकि पंचक के दौरान हवन और यज्ञ करने से बचने की सलाह दी गई है।

    इन बातों का रखें ध्यान
    – पूजा के दौरान काले और नीले रंग के कपड़े पहनने से बचें। लाल, पीले और सफेद रंग को शुभ माना गया है।
    – व्रत रखने वाले लोगों को गुस्सा और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए।
    – पूरे दिन सात्विक भोजन करें और मांसाहार व शराब से परहेज रखें।
    – ब्रह्मचर्य का पालन करना भी शुभ माना गया है।