Author: bharati

  • ऑपरेशन सिंदूर की सालगिरह पर चीन का प्रोपेगेंडा: J-10CE अपग्रेड कर राफेल पर फिर किया दावा, वीडियो से मचा विवाद

    ऑपरेशन सिंदूर की सालगिरह पर चीन का प्रोपेगेंडा: J-10CE अपग्रेड कर राफेल पर फिर किया दावा, वीडियो से मचा विवाद



    नई दिल्ली। चीन की ओर से एक बार फिर अपने लड़ाकू विमान J-10CE को लेकर नए दावे सामने आए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय सैन्य और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ के आसपास चीनी मीडिया और कुछ आधिकारिक चैनलों ने इस फाइटर जेट से जुड़ा एक नया वीडियो और अपग्रेड की जानकारी साझा की है।

    दावा किया जा रहा है कि चीन ने अपने मल्टी-रोल फाइटर जेट Chengdu J-10CE में तकनीकी सुधार किए हैं, जिसमें इसके हथियार सिस्टम और कॉम्बैट क्षमता को और उन्नत बनाने की बात कही गई है। इसके साथ ही मीडिया रिपोर्ट्स में लंबी दूरी की मिसाइल PL-15 का भी जिक्र किया गया है, जिसे इस विमान की ताकत के रूप में पेश किया जा रहा है।

    चीनी मीडिया ने अपने प्रसारण में यह भी दावा दोहराया है कि J-10C/CE का उपयोग हाल के संघर्षों में किया गया था और इससे दुश्मन के विमानों को नुकसान पहुंचा था। हालांकि, इन दावों के समर्थन में स्वतंत्र और पुष्ट प्रमाण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं, और कई विशेषज्ञ इन्हें प्रचार (propaganda) का हिस्सा मानते हैं।

    रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि चीन अपने इस विमान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब तक सीमित देशों को छोड़कर इसे बड़े स्तर पर कोई नया खरीदार नहीं मिला है। पाकिस्तान इस विमान का प्रमुख उपयोगकर्ता बताया जाता है।

    इसी बीच चीनी रक्षा उद्योग से जुड़े अधिकारियों के हवाले से यह भी कहा गया है कि J-10CE के नए वर्जन में कई सुधार किए जा रहे हैं ताकि इसकी मल्टी-डोमेन कॉम्बैट क्षमता और बढ़ सके, जिसमें हवा से हवा, हवा से जमीन और समुद्री लक्ष्य पर हमले की क्षमता शामिल है।

    कुल मिलाकर यह मामला केवल तकनीकी अपग्रेड का नहीं बल्कि वैश्विक हथियार बाजार और रणनीतिक प्रभाव बढ़ाने की प्रतिस्पर्धा का हिस्सा माना जा रहा है, जहां दावों और वास्तविकता के बीच अंतर को लेकर लगातार बहस जारी है।

  • उमरिया में बड़ा रेल हादसा टला: चलती मालगाड़ी के तीन डिब्बों से उठा धुआं, स्टेशन पर रोकी गई ट्रेन

    उमरिया में बड़ा रेल हादसा टला: चलती मालगाड़ी के तीन डिब्बों से उठा धुआं, स्टेशन पर रोकी गई ट्रेन




    नई दिल्ली।  उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली रेलवे स्टेशन पर रविवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब शहडोल से कटनी जा रही कोयले से लदी एक मालगाड़ी के तीन डिब्बों से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। ट्रेन सामान्य गति से अपने मार्ग पर आगे बढ़ रही थी, तभी मालगाड़ी के गार्ड ने डिब्बों से उठते धुएं को देखा और तुरंत इसकी सूचना स्टेशन प्रबंधन को दी। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन सतर्क हो गया और बिना देर किए मालगाड़ी को बिरसिंहपुर पाली स्टेशन पर रोक दिया गया।

    फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई
    ट्रेन रुकने के बाद जब जांच की गई तो पाया गया कि तीन डिब्बों से लगातार धुआं निकल रहा था, जिससे किसी संभावित आग की आशंका बढ़ गई। स्थिति को गंभीर देखते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। कुछ ही समय में दमकल टीम मौके पर पहुंची और डिब्बों पर लगातार पानी की बौछार कर आग लगने की आशंका को नियंत्रित किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद धुआं पूरी तरह बंद हो गया, जिससे रेलवे और यात्रियों ने राहत की सांस ली।

     बड़ा हादसा टला, जांच जारी
    समय रहते की गई कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। रेलवे अधिकारियों ने स्थिति सामान्य होने के बाद मालगाड़ी की विस्तृत जांच और सुरक्षा परीक्षण कराया। इसके बाद ट्रेन को सुरक्षित रूप से कटनी की ओर रवाना कर दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कोयले के अत्यधिक गर्म होने या रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण धुआं निकलने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। रेलवे प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आगे की निगरानी और सुरक्षा उपायों को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं।

  • X पर वायरल पोस्ट से गरमाई जौनपुर की सियासत: सपा सांसद प्रिया सरोज पर क्षेत्र से दूरी के गंभीर आरोप

    X पर वायरल पोस्ट से गरमाई जौनपुर की सियासत: सपा सांसद प्रिया सरोज पर क्षेत्र से दूरी के गंभीर आरोप




    नई दिल्ली। जौनपुर की राजनीति में समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स X पर एक कथित सपा समर्थक का पोस्ट वायरल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। इस पोस्ट में सांसद पर क्षेत्र में सक्रिय न रहने और जनता के कामों से दूरी बनाए रखने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

    वायरल पोस्ट में यूजर ने दावा किया है कि उन्होंने चुनाव के समय प्रिया सरोज और उनके परिवार के समर्थन में प्रचार किया था, लेकिन जीत के बाद सांसद क्षेत्र में कम सक्रिय रहती हैं और ज्यादा समय कथित तौर पर नोएडा और लखनऊ में बिताती हैं। पोस्ट में यह भी लिखा गया है कि अगर भविष्य में फिर से उन्हें टिकट दिया गया तो वह उनके खिलाफ प्रचार करेंगे।

    यह पोस्ट सीधे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को टैग करते हुए लिखा गया है, जिसके बाद मामला सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित न रहकर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। पोस्ट वायरल होने के बाद अलग-अलग यूजर्स की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ ने आरोपों का समर्थन किया, तो कुछ ने इसे व्यक्तिगत नाराजगी या राजनीतिक बयान बताया।

    कुछ अन्य यूजर्स ने भी सांसद की सक्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र में अधिक समय देना चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने इसे पार्टी के अंदरूनी असंतोष के संकेत के रूप में भी देखा है।

    फिलहाल इस पूरे मामले पर प्रिया सरोज या समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर शुरू हुई यह बहस जौनपुर की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रही है और इसे आने वाले समय में राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
  • तेंदूपत्ता संग्रह के दौरान बाघ का हमला, उमरिया में ग्रामीणों की बहादुरी से बची महिला की जान

    तेंदूपत्ता संग्रह के दौरान बाघ का हमला, उमरिया में ग्रामीणों की बहादुरी से बची महिला की जान


    नई दिल्ली। उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान एक महिला पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। ग्राम मानपुर निवासी निरसिया अपने परिवार और अन्य ग्रामीणों के साथ जंगल में तेंदूपत्ता इकट्ठा करने गई थीं। इसी दौरान जंगल में मौजूद बाघ ने उन पर झपट्टा मार दिया। हमले में महिला के दाहिने हाथ और हथेली में गंभीर चोटें आईं, जिससे वह मौके पर ही घायल हो गईं।

     ग्रामीणों की सूझबूझ से टली बड़ी अनहोनी
    घटना के दौरान आसपास मौजूद ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए जोरदार शोर मचाया, जिससे बाघ मौके से पीछे हट गया और जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें शहडोल स्थित बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    वन विभाग की सतर्कता और सलाह
    इस घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए निगरानी तेज कर दी है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे जंगल में समूह में जाएं और निर्धारित समय के बाद ही प्रवेश करें। विभाग ने यह भी कहा है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है क्योंकि वन्यजीवों की मौजूदगी वाले इलाकों में अचानक हमले का खतरा बना रहता है। फिलहाल प्रशासन पीड़ित परिवार को सहायता राशि उपलब्ध करा चुका है और आगे की निगरानी जारी है।

  • कच्चे तेल की तेजी और वैश्विक अनिश्चितता से शेयर बाजार में बिकवाली तेज, निफ्टी दबाव में

    कच्चे तेल की तेजी और वैश्विक अनिश्चितता से शेयर बाजार में बिकवाली तेज, निफ्टी दबाव में


    नई दिल्ली ।सोमवार का सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद निराशाजनक साबित हुआ, जहां शुरुआत से ही बिकवाली का दबाव देखने को मिला और दिनभर बाजार कमजोर दायरे में कारोबार करता रहा। सुबह के समय जैसे ही कारोबार की शुरुआत हुई, बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई और निवेशकों के बीच घबराहट का माहौल बन गया। निफ्टी ने महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर 24000 को टूटते हुए नीचे की ओर रुख किया, जो बाजार की धारणा के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

    दिन की शुरुआत में ही भारी गैपडाउन ओपनिंग ने बाजार की दिशा तय कर दी थी। वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव, विशेष रूप से मध्य पूर्व में बढ़ती अनिश्चितता और बड़े देशों के बीच कूटनीतिक गतिरोध ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित किया है। इसी का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने महंगाई और लागत बढ़ने की आशंका को मजबूत किया, जिससे निवेशकों ने जोखिम कम करने की रणनीति अपनाई।

    कारोबार के दौरान निफ्टी लगातार दबाव में रहा और 23900 के स्तर से भी नीचे चला गया। यह गिरावट इस बात का संकेत है कि बाजार में फिलहाल खरीदारी की ताकत कमजोर है और निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। तकनीकी रूप से 24000 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट माना जा रहा था, लेकिन भारी बिकवाली के कारण यह स्तर टूट गया और अब बाजार की दिशा और अधिक संवेदनशील हो गई है।

    सेक्टोरल मोर्चे पर भी स्थिति कमजोर रही। बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। इन क्षेत्रों में निवेशकों ने तेजी से मुनाफावसूली की, जिससे पूरे बाजार पर दबाव बढ़ गया। बड़े और मिडकैप शेयरों में भी समान रूप से कमजोरी देखने को मिली, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि गिरावट किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं है बल्कि व्यापक स्तर पर फैली हुई है।

    कुछ चुनिंदा कंपनियों में हल्की तेजी जरूर देखने को मिली, लेकिन वह बाजार की बड़ी गिरावट को संतुलित नहीं कर सकी। कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में तिमाही परिणामों के बाद दबाव बना रहा, जिससे निवेशकों की धारणा और अधिक सतर्क हो गई है। बाजार में अस्थिरता के बीच ट्रेडर्स ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया, जिससे इक्विटी में बिकवाली का दबाव और बढ़ गया।

    कुल मिलाकर, वर्तमान परिस्थितियां यह संकेत दे रही हैं कि जब तक वैश्विक तनाव में राहत नहीं मिलती और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निफ्टी के लिए अब 23800 का स्तर अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24000 अब एक मजबूत प्रतिरोध के रूप में काम कर सकता है। बाजार फिलहाल अनिश्चितता के दौर में है और निवेशकों को आगे के रुझान पर नजर बनाए रखने की आवश्यकता है।

  • विदिशा में सनसनी: मंदिर जा रही महिला से बाइक सवार बदमाशों ने की चेन स्नैचिंग, फरार

    विदिशा में सनसनी: मंदिर जा रही महिला से बाइक सवार बदमाशों ने की चेन स्नैचिंग, फरार


    नई दिल्ली। विदिशा शहर में रविवार रात उस समय सनसनी फैल गई जब एक महिला मंदिर दर्शन के लिए जाते समय चेन स्नैचिंग का शिकार हो गई। जानकारी के अनुसार महिला अपने भतीजे के साथ स्कूटी से बाढ़ वाले गणेश मंदिर जा रही थीं। जैसे ही वे निर्धारित मार्ग पर पहुंचीं, पीछे से एक सफेद बाइक पर सवार दो युवक तेजी से उनके पास आए। कुछ ही सेकंड में बदमाशों ने चलते वाहन पर महिला के गले पर झपट्टा मारकर सोने की चेन छीन ली और मौके से फरार हो गए। पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि पीड़ित परिवार कुछ समझ पाता उससे पहले आरोपी आंखों से ओझल हो चुके थे।

    दूसरा भाग इलाके में दहशत और पुलिस की कार्रवाई
    घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। पीड़ित महिला की पहचान प्रमोद गुप्ता की बहन के रूप में हुई है, जो उस समय अपने भतीजे के साथ मौजूद थीं। बताया जा रहा है कि महिला भोपाल से विदिशा आई थीं और मंदिर दर्शन के लिए निकली थीं। वारदात की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने आसपास के इलाकों में नाकेबंदी कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। साथ ही घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि बदमाशों की पहचान की जा सके।

    तीसरा भाग लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं
    शहर में हाल के दिनों में इस तरह की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चलते वाहन से चेन स्नैचिंग की यह वारदात पुलिस गश्त और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ा रही है। पीड़ित परिवार ने घटना के बाद गहरी चिंता जताई है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच और फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। फिलहाल इस घटना ने स्थानीय लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है और लोग शाम के समय यात्रा करने से भी सतर्क हो गए हैं।

  • डिहाइड्रेशन से बचने का आसान उपाय ORS, शरीर में बनाए रखता है नमक-पानी का संतुलन

    डिहाइड्रेशन से बचने का आसान उपाय ORS, शरीर में बनाए रखता है नमक-पानी का संतुलन


    नई दिल्ली । गर्मी का मौसम आते ही शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की समस्या तेजी से बढ़ने लगती है। तेज धूप, ज्यादा पसीना, उल्टी-दस्त और लंबे समय तक बाहर रहने के कारण शरीर से पानी के साथ जरूरी नमक और मिनरल्स भी निकल जाते हैं। इससे कमजोरी, चक्कर आना, थकान और कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, ऐसी स्थिति में सबसे आसान, सस्ता और प्रभावी उपाय है-ओआरएस (ORS – Oral Rehydration Solution)।

     क्यों जरूरी है ORS?
    डॉक्टरों का कहना है कि जब शरीर से ज्यादा मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम और पोटैशियम बाहर निकल जाते हैं, तो केवल साधारण पानी पीना पर्याप्त नहीं होता। पानी प्यास तो बुझा देता है, लेकिन शरीर में जरूरी नमक और मिनरल्स की कमी पूरी नहीं कर पाता।
    यहीं ORS शरीर में नमक और पानी का सही संतुलन बनाकर तेजी से राहत पहुंचाने का काम करता है।

     ORS कैसे करता है काम?
    ओआरएस शरीर को तेजी से हाइड्रेट करता है और खोए हुए इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई करता है। इससे शरीर की कमजोरी कम होती है और मरीज जल्दी रिकवर करने लगता है।
    विशेषज्ञों के अनुसार, दस्त या उल्टी शुरू होते ही ORS का सेवन शुरू कर देना चाहिए ताकि शरीर में पानी और नमक का संतुलन बना रहे।

     बच्चों से बुजुर्गों तक सभी के लिए सुरक्षित
    ORS का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह बच्चों, बड़ों और बुजुर्गों—सभी के लिए सुरक्षित माना जाता है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन जल्दी गंभीर रूप ले सकता है, इसलिए समय रहते ORS देना बेहद जरूरी होता है।

    घर पर कैसे बनाएं ORS?
    ORS को घर पर भी आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसके लिए-
    एक लीटर उबले और ठंडे पानी में ORS पाउच मिलाएं
    इसे अच्छी तरह घोल लें
    दस्त या उल्टी के दौरान थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पीते रहें
    बाजार में उपलब्ध पैकेट वाले ORS का उपयोग करना अधिक सुरक्षित और आसान माना जाता है।

    गर्मियों में ORS के फायदे

    शरीर को तेजी से हाइड्रेट करता है
    कमजोरी और थकान कम करता है
    पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखता है
    डिहाइड्रेशन से बचाव करता है
    अस्पताल जाने की जरूरत कम कर सकता है

    कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
    अगर ORS लेने के बाद भी लगातार उल्टी, तेज बुखार, बेहोशी, अत्यधिक कमजोरी या दस्त की समस्या बनी रहे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

    छोटी सावधानी, बड़ा बचाव
    गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए ORS बेहद जरूरी और प्रभावी उपाय माना जाता है। समय पर इसका सेवन शरीर को सुरक्षित रखने और गंभीर स्थिति से बचाने में मदद करता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह जीवनरक्षक साबित हो सकता है। गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए ORS सबसे आसान और प्रभावी उपाय है, जो शरीर में पानी और जरूरी नमक का संतुलन बनाए रखता है।

  • बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच टाइटन पर निवेशकों का भरोसा कायम, ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट

    बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच टाइटन पर निवेशकों का भरोसा कायम, ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट

    नई दिल्ली । सोने की कीमतें लगातार रिकॉर्ड स्तर के आसपास बनी हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद भारतीय ज्वैलरी बाजार की बड़ी कंपनियों की रफ्तार धीमी नहीं हुई है। खासकर Titan Company ने इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भी ऐसा प्रदर्शन किया है जिसने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

    हालिया तिमाही परिणामों के बाद कंपनी को लेकर निवेशकों की धारणा और मजबूत हुई है। कंपनी ने न केवल मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है, बल्कि राजस्व में भी प्रभावशाली वृद्धि दिखाई है। यही कारण है कि इसके शेयर को लेकर बाजार में नई उम्मीदें पैदा हुई हैं।

    कंपनी का सबसे बड़ा मजबूत पक्ष इसका ज्वैलरी बिजनेस माना जा रहा है, जो लगातार नए ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है। इसके अलावा कंपनी अब केवल पारंपरिक सोने और हीरे के आभूषणों तक सीमित नहीं रही, बल्कि स्टडेड ज्वैलरी, प्रीमियम कलेक्शन, डिजिटल ज्वैलरी और लैब-ग्रोथ डायमंड जैसे आधुनिक सेगमेंट में भी तेजी से विस्तार कर रही है। इस विविधता ने कंपनी की पकड़ को और मजबूत बना दिया है।

    साथ ही वॉच और अन्य उभरते कारोबार भी कंपनी की कुल ग्रोथ में अहम भूमिका निभा रहे हैं। बदलते उपभोक्ता रुझानों के बीच ब्रांडेड ज्वैलरी की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसका सीधा फायदा टाइटन को मिल रहा है।

    हालांकि शेयर बाजार में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और हाल ही में शेयर में गिरावट भी दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत ब्रांड वैल्यू और स्थिर बिजनेस मॉडल कंपनी को आने वाले वर्षों में और ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय ज्वैलरी सेक्टर में संगठित कंपनियों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है और टाइटन इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभर रहा है। शहरीकरण, बढ़ती आय और ब्रांडेड प्रोडक्ट्स के प्रति झुकाव ने इस सेक्टर को नई गति दी है।

  • सिर्फ 7 दिनों में काले धब्बों की समस्या को कम करने का असरदार स्किन केयर रूटीन

    सिर्फ 7 दिनों में काले धब्बों की समस्या को कम करने का असरदार स्किन केयर रूटीन

    skin care| त्वचा पर काले धब्बों को बढ़ाने में धूप की सबसे बड़ी भूमिका होती है। इसलिए स्किन केयर की शुरुआत हमेशा सनस्क्रीन से करनी चाहिए। रोज बाहर निकलने से पहले SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन लगाना जरूरी है। यह न सिर्फ त्वचा को हानिकारक UV किरणों से बचाता है, बल्कि पहले से मौजूद दाग-धब्बों को और गहरा होने से भी रोकता है। बिना सनस्क्रीन के कोई भी स्किन केयर रूटीन पूरी तरह प्रभावी नहीं माना जा सकता।
    सही फेसवॉश से करें त्वचा की सफाई
    दिन में दो बार हल्के और माइल्ड फेसवॉश से चेहरा धोना चाहिए। बहुत ज्यादा हार्श साबुन या केमिकल वाले प्रोडक्ट त्वचा की प्राकृतिक नमी को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे स्किन और अधिक डल दिखने लगती है। माइल्ड क्लेंजर त्वचा की गंदगी को हटाकर उसे साफ और बैलेंस बनाए रखता है।
    रात में प्राकृतिक उपचार का असर
    रात का समय त्वचा की मरम्मत के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इस दौरान कुछ प्राकृतिक उपाय काले धब्बों को हल्का करने में मदद कर सकते हैं। एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक देकर उसे रिपेयर करता है और धीरे-धीरे दाग कम करता है। हल्दी और दही का फेस पैक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, जो त्वचा को निखारता है। वहीं नींबू रस को सावधानीपूर्वक और डाइल्यूट करके केवल हल्के दागों पर लगाया जा सकता है, क्योंकि यह संवेदनशील त्वचा में जलन पैदा कर सकता है।
    मॉइस्चराइजिंग: हेल्दी स्किन का आधार
    कई लोग काले धब्बों के इलाज में मॉइस्चराइज़र को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह बेहद जरूरी है। सूखी त्वचा में दाग-धब्बे ज्यादा स्पष्ट दिखते हैं। हल्का और नॉन-ग्रीसी मॉइस्चराइज़र त्वचा को हाइड्रेट रखता है और उसे स्मूद बनाता है।
    डाइट का असर भी उतना ही महत्वपूर्ण
    त्वचा की खूबसूरती सिर्फ बाहरी देखभाल से नहीं, बल्कि अंदरूनी पोषण से भी जुड़ी होती है। पर्याप्त पानी पीना, विटामिन C से भरपूर फल जैसे संतरा और अमरूद का सेवन करना और तले-भुने भोजन से दूरी बनाना त्वचा को अंदर से साफ और हेल्दी बनाता है।
    हल्की स्क्रबिंग से त्वचा की सफाई
    हफ्ते में दो बार हल्की स्क्रबिंग करने से डेड स्किन सेल्स हटते हैं और त्वचा अधिक चमकदार दिखाई देती है। ओट्स या कॉफी स्क्रब का उपयोग सुरक्षित माना जाता है, लेकिन ज्यादा स्क्रबिंग से बचना चाहिए क्योंकि इससे स्किन डैमेज हो सकती है।
    धैर्य के साथ मिलेगा बेहतर परिणाम
    यह समझना जरूरी है कि काले धब्बे 7 दिनों में पूरी तरह खत्म नहीं होते, खासकर अगर वे पुराने, मुंहासों के बाद बने हुए या हार्मोनल कारणों से हों। लेकिन सही स्किन केयर रूटीन अपनाने से उनकी दृश्यता काफी कम हो सकती है और त्वचा अधिक साफ, चमकदार और स्वस्थ नजर आने लगती है।

  • इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए चिया सीड्स का सेवन, जानिए क्‍या कहते हैं डॉक्टर ?

    इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए चिया सीड्स का सेवन, जानिए क्‍या कहते हैं डॉक्टर ?


    नई दिल्ली: सेहत के लिए फायदेमंद माने जाने वाले चिया सीड्स आजकल काफी लोकप्रिय हो गए हैं। इनमें भरपूर मात्रा में फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन और आंतों की सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक यह हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं हैं। गलत तरीके या गलत स्थिति में इनका सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है।

    विशेषज्ञों ने बताया है कि किन परिस्थितियों में चिया सीड्स से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आंतों और मेटाबॉलिज्म के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन इनकी मात्रा और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति बेहद महत्वपूर्ण है।

    1. निगलने में दिक्कत वाले लोग
    डॉक्टर के अनुसार चिया सीड्स पानी में मिलकर अपने वजन से 10 से 12 गुना तक फूल जाते हैं। ऐसे में इन्हें सूखा खाने पर ये गले या भोजन नली में फंस सकते हैं। जिन लोगों को निगलने में परेशानी है या भोजन नली संकरी है, उन्हें इनसे बचना चाहिए।

    2. अचानक ज्यादा फाइबर लेने वाले
    दो बड़े चम्मच चिया सीड्स में लगभग 10 ग्राम फाइबर होता है। अगर कोई व्यक्ति अचानक अपने आहार में इतना फाइबर जोड़ ले, तो गैस, पेट फूलना और पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। यह समस्या चिड़चिड़ी आंत (IBS) के मरीजों में ज्यादा देखी जा सकती है।

    3. ब्लड थिनर दवा लेने वाले
    चिया सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जिसका हल्का असर खून को पतला करने जैसा हो सकता है। इसलिए जो लोग पहले से ब्लड थिनर दवाएं ले रहे हैं, उन्हें इनका सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।

    4. आंतों की गंभीर समस्या वाले मरीज
    जिन लोगों को आंतों की गति धीमी होने या पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर समस्याएं हैं, उनके लिए चिया सीड्स परेशानी बढ़ा सकते हैं। यह बीज जेल जैसा बनकर आंतों में भारीपन पैदा कर सकते हैं।

    5. बीज से एलर्जी वाले लोग
    हालांकि यह स्थिति दुर्लभ है, लेकिन जिन लोगों को बीजों से एलर्जी होती है, उन्हें चिया सीड्स से पूरी तरह बचना चाहिए, क्योंकि इससे एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है।

    सही तरीके से सेवन जरूरी
    विशेषज्ञों के अनुसार अधिकतर लोगों के लिए चिया सीड्स फायदेमंद हैं, बशर्ते इन्हें सही तरीके से लिया जाए। इन्हें हमेशा पानी, दूध या दही में भिगोकर ही खाना चाहिए।

    डॉक्टर सलाह देते हैं कि शुरुआत एक चम्मच से करें और धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाकर दो चम्मच तक ले जाएं। सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करने पर ये आंतों की सेहत और शरीर के लिए काफी लाभकारी हो सकते हैं, लेकिन हर व्यक्ति की स्थिति अलग होती है, इसलिए सावधानी जरूरी है।

    (डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। हम किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)