Author: bharati

  • MP: भोपाल में धोती-कुर्ता पहनकर छक्के-चौके लगा रहे खिलाड़ी, संस्कृत में हो रही कमेंट्री

    MP: भोपाल में धोती-कुर्ता पहनकर छक्के-चौके लगा रहे खिलाड़ी, संस्कृत में हो रही कमेंट्री


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में इन दिनों एक बहुत खास क्रिकेट टूर्नामेंट (Special Cricket Tournament) खेला जा रहा है, जिसमें हिस्सा ले रहीं टीमें जर्सी व लोअर ना पहनते हुए धोती व कुर्ता पहनकर खेल रही हैं, साथ ही यहां होने वाले मैचों की कमेंट्री भी हिन्दी या अंग्रेजी में ना होकर संस्कृत में हो रही है। दरअसल हम बात कर रहे हैं शहर के अंकुर क्रिकेट मैदान में खेले जा रहे महर्षि मैत्री क्रिकेट टूर्नामेंट की, जिसका छठा संस्करण इस साल हो रहा है। इस टूर्नामेंट में वेदपाठी ब्राह्मणों की 27 टीमें भाग ले रही हैं। ये युवा पंडित अपनी पारंपरिक वेशभूषा में तिलक व त्रिपुंड लगाकर बैट-बॉल से खेलते दिखाई दे रहे हैं।

    खास बात यह है कि इन टीमों में केवल उन्हीं खिलाड़ियों का चयन किया गया है, जो कि वैदिक मंत्रों का उच्चारण अच्छे से कर पाते हैं। जानकारी देते हुए आयोजकों ने कहा कि इस टूर्नामेंट में केवल वैदिक और कर्मकांडी ब्राह्मण ही हिस्सा ले रहे हैं, जिनका चयन इस आधार पर हुआ है कि वह संस्कृत में मंत्रों का उच्चारण करने में कितने निपुण हैं।

    यह है आयोजन का उद्देश्य
    आयोजकों ने बताया कि इस टूर्नामेंट के आयोजन का उद्देश्य देवभाषा संस्कृत का प्रचार प्रसार करना और लोगों को अपनी भाषा, परंपरा और संस्कृति से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि खेल, लोगों को भाषा और परंपरा से जोड़ने का एक शक्तिशाली माध्यम है। आगे उन्होंने बताया कि यहां खेल रही टीमों में हिस्सा लेने के लिए केवल वैदिक स्कूल व विश्व विद्यालय में पढ़ाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आपकी संस्कृत भाषा व वैदिक मंत्रों के उच्चारण पर कितनी अच्छी पकड़ है, यह सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि वैदिक मंत्रों का उच्चारण ना कर पाने वालों को यहां पर खेलने का मौका नहीं दिया जाता है।

    चतुष्कम यानी चौका, षठकम यानी छक्का
    संस्कृत में कमेंट्री होने की वजह से लोगों को यहां क्रिकेट की आम शब्दावली से अलग शब्द सुनने को मिल रहे हैं। जिसके अनुसार यहां बैट को वल्लक:, गेंद को कन्दुकम, चौके को चतुष्कम और छक्के को षठकम् कहा जा रहा है।

    टीमों के नाम भी हैं बेहद खास
    इस टूर्नामेंट में मध्य प्रदेश के अलावा दिल्ली और महाराष्ट्र की कुल 27 टीमें हिस्सा ले रहीं हैं, और इन टीमों के नाम भी बेहद खास हैं। जैसे वेंकटेश्वर बालाजी, बागेश्वर ब्लास्ट, आचार्य पाणिग्रही, मां शशि गुरुकुल, मां नर्मदा खंड, हिंगलाज एकादश, बाहुबली एकादश, रीवा एकादशी, विश्वनाथ एकादशी, गांधीनगर एकादशी आदि।

    हो रहे 8-8 ओवर के मैच
    इस टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन 5 से 9 जनवरी तक किया जा रहा है और इसका आयोजन वैदिक ब्राह्मण युवा खेल कल्याण समिति और परशुराम कल्याण बोर्ड द्वारा करवाया जा रहा है। इसमें होने वाले मैच आठ-आठ ओवर के हैं। आयोजकों ने आईपीएल में भी अन्य भाषाओं की तरह संस्कृत में कमेंट्री करवाने की मांग रखी।

  • US में लोकप्रियता की तुलना… एक्सपर्ट बोले- मोदी 10 साल से सत्ता में… ट्रंप 3 साल में हो जाएंगे बाहर

    US में लोकप्रियता की तुलना… एक्सपर्ट बोले- मोदी 10 साल से सत्ता में… ट्रंप 3 साल में हो जाएंगे बाहर


    वाशिंगटन।
    वेनेजुएला (Venezuela) के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) की निगाहें दूसरे देशों पर भी हैं। वहीं, इसी बीच वह भारत (India) को टैरिफ को लेकर फिर से धमकाते नजर आ रहे हैं। अब जानकारों का मानना है कि वेनेजुएला ऑपरेशन के बाद थोड़े समय के लिए मिल रहे ये फायदे ट्रंप के पद छोड़ने के बाद खत्म हो सकते हैं। साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की लोकप्रियता की तुलना की जा रही है।

    जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट इयान ब्रेमर को अमेरिका को होने वाले लॉन्ग टर्म फायदों पर संदेह है। उन्होंने कहा कि जब ट्रंप 2029 में दफ्तर छोड़ेंगे, तो ये थोड़े समय के फायदों पर विराम लग सकता है। उन्होंने कहा कि भारत की तरह नहीं है, जहां प्रधानमंत्री मोदी लोकप्रियता के कारण 10 सालों से ज्यादा सत्ता में है। वहीं, ओवल ऑफिस में ट्रंप का कार्यकाल सीमित है।

    उन्होंने कहा कि चीन, रूस और भारत के विपरीत अमेरिका में हर चार साल में नेतृत्व बदलता है। उन्होंने कहा कि इसके चलते अमेरिका में सरकारी उपायों में निरंतरता नहीं रह जाती है और नतीजों में समय लगता है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगला राष्ट्रपति ट्रंप के किए कई कामों को पलट सकता है, ठीक वैसे ही जैसे ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति के कामों के साथ किया।

    ब्रेमर ने कहा, ‘ट्रंप ने जो किया उसे अगला राष्ट्रपति बदल भी सकता है। यह शी जिनपिंग नहीं है, यह मोदी भी नहीं है जो 10 साल से ज्यादा समय से देश चला रहे हैं और लोकतंत्र में लोकप्रिय बने हुए हैं। यह ट्रंप हैं, जो 80 साल के हैं और अलोकप्रिय हैं और 3 साल में पद छोड़ देंगे।’

    तेल पर बोले
    ब्रेमर ने कहा कि तेल की वैश्विक दरें, वेनेजुएला में राजनीतिक स्थिरता और ट्रंप के बाद क्या होगा, ये सब तय करेंगे कि काराकास के तेल भंडार का अमेरिका को फायदा हो रहा है या नहीं। उन्होंने कहा, ‘और तेल। आप जानते हैं कि वेनेजुएला अभी सिर्फ 8 लाख बैरल रोज बना रहा है। यह आंकड़ा 30 लाख बैरल हुआ करता था। इसे बढ़ाने के लिए आपको राजनीतिक स्थिरता चाहिए।’

    उन्होंने कहा, ‘आपको एक ऐसे आर्थिक पर्यावरण की जरूरत है, जिसमें तेल कंपनियां भरोसा कर सकें। आपको उस भरोसे की जरूरत है कि वो बैरल फायदेमंद होंगी और अभी एनर्जी की कीमतें काफी कम हैं।’

    उन्होंने वेनेजुएला से तेल निकाले जाने को लेकर कहा कि तेल कंपनियों का निवेश चक्र, दफ्तर में अमेरिकी राष्ट्रपतियों के रहने से ज्यादा होता है। उन्होंने कहा, ‘आपको इस भरोसे की भी जरूरत होगी कि जिस राजनीतिक व्यवस्था का समर्थन ट्रंप कर रहे हैं, वो 2029 में उनके जाने के बाद भी बनी रहेगी।’

  • बांग्लादेश के वायुसेना प्रमुख पहुंचे इस्लामाबाद… पाकिस्तान से फाइटर जेट खरीदने की तैयारी

    बांग्लादेश के वायुसेना प्रमुख पहुंचे इस्लामाबाद… पाकिस्तान से फाइटर जेट खरीदने की तैयारी


    इस्लामाबाद।
    बांग्लादेश (Bangladesh) अब पाकिस्तान (Pakistan) से फाइटर जेट (Fighter jet) खरीदने की फिराक में है। इसी सिलसिले में बांग्लादेश वायुसेना (Bangladesh Air Force) के एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान (Air Chief Marshal Hasan Mahmood Khan) ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान वायुसेना के चीफ एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू (Pakistan Air Force Chief Air Chief Marshal Zaheer Ahmed Babar Sidhu) से मुलाकात की। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और इसके बाद दोनों सैन्य नेताओं ने रक्षा सहयोग से संबंधित मामलों पर चर्चा की और समीक्षा की। पाकिस्तान और बांग्लादेश ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूर करने की दिशा में बांग्लादेश द्वारा पाकिस्तान के जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट की संभावित खरीद पर विस्तृत चर्चा की। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग, इंटर-सर्विसेस पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी।

    आईएसपीआर के अनुसार बांग्लादेश वायुसेना के एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान वायुसेना के चीफ एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू से मुलाकात की। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और इसके बाद दोनों सैन्य नेताओं ने रक्षा सहयोग से संबंधित मामलों पर चर्चा की और समीक्षा की। यह विमान, जो चीन और पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित है, एक 4.5 जेनरेशन का मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट है, जिसमें आधुनिक चीनी एवियोनिक्स और हाई-रेंज हथियार हल्के एयरफ्रेम में एकीकृत हैं।

    बयान में आगे कहा गया कि बैठक में ऑपरेशनल सहयोग और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और एयरोस्पेस उन्नति में सहयोग पर जोर दिया गया। पाकिस्तानी वायुसेना प्रमुख बाबर सिद्हू ने अपने बंगलादेशी समकक्ष हसन खान को जेएफ-17 ब्लॉक तृतीय के हालिया उन्नयन के बारे में जानकारी दी तथा बंगलादेश वायुसेना को बेसिक से एडवांस्ड फ्लाइंग और विशेष कोर्स तक व्यापक प्रशिक्षण फ्रेमवर्क के माध्यम से समर्थन देने की पाकिस्तानी वायुसेना की प्रतिबद्धता दोहराई।

    बयान में आगे कहा गया कि बांग्लादेशी वायुसेना प्रमुख ने पाकिस्तानी वायुसेना के कॉम्बैट रिकॉर्ड की सराहना की और इसके ऑपरेशनल विशेषज्ञता से लाभ उठाने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने बंगलादेश वायुसेना के पुराने बेड़े के रखरखाव समर्थन और हवाई निगरानी बढ़ाने के लिए एयर डिफेंस राडार सिस्टम के एकीकरण में सहायता मांगी।

    सैन्य मीडिया विंग के अनुसार बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तानी वायुसेना की प्रमुख सुविधाओं का दौरा किया, जिसमें नेशनल आईएसआर एंड इंटीग्रेटेड एयर ऑपरेशंस सेंटर, पाकिस्तानी वायुसेना साइबर कमांड और नेशनल एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी पार्क शामिल हैं।

  • बॉक्स ऑफिस पर पकड़ी रफ्तार ‘इक्कीस’: छठे दिन अगस्त्य नंदा की फिल्म की कमाई में जबरदस्त उछाल

    बॉक्स ऑफिस पर पकड़ी रफ्तार ‘इक्कीस’: छठे दिन अगस्त्य नंदा की फिल्म की कमाई में जबरदस्त उछाल

    नई दिल्ली। बॉलीवुड दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र की आखिरी मूवी ‘इक्कीस’ को दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा है। इस मूवी को देख फैंस काफी इमोशनल भी हो रहे हैं। फिल्म में अमिताभ बच्चन के पोते अगस्त्य नंदा लीड किरदार में हैं। इनके अलावा जयदीप अहलावत, सिकंदर खेर और सिमर भाटिया जैसे कलाकारों ने अपनी एक्टिंग से सभी का दिल जीता। ‘इक्कीस’ मूवी 1 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। ऐसे में अब ‘इक्कीस’ के 6वें दिन के बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट आ गई है। तो चलिए जानते हैं इसने अब तक कितना कमा लिया…
    मंगलवार को आया ‘इक्कीस’ की कमाई में उछाल
    निर्देशक श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी ‘इक्कीस’ को क्रिटिक्स के साथ-साथ दर्शकों के भी शानदार रिव्यू मिले हैं। ये फिल्म सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की जिंदगी पर बनी है, जो साल 1971 की भारत-पाकिस्तान की लड़ाई में शहीद हो गए थे। अरुण का रोल ‘इक्कीस’ में अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा ने निभाया है। ‘इक्कीस’ के सामने रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’, ‘अवतार 3’ और ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ जैसी फिल्मों हैं। ‘इक्कीस’ ने 7 करोड़ रुपये के साथ शानदार ओपनिंग की थी। ऐसे में अब ‘इक्कीस’ के मंगलवार के कलेक्शन सामने आ चुके हैं। Sacnilk की अर्ली रिपोर्ट के अनुसार, ‘इक्कीस’ ने 6वें दिन खबर लिखने तक 1.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है। ये आंकड़े काफी निराश करने वाले हैं। इस तरह इंडियन बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का अभी तक का टोटल कलेक्शन 23.00 करोड़ रुपये हो गया है।
    डे वाइज देखें ‘इक्कीस’ का कलेक्शन
    डे 1 7 करोड़ रुपये
    डे 2 3.5 करोड़ रुपये
    डे 3 4.65 करोड़ रुपये
    डे 4 5 करोड़ रुपये
    डे 5 1.35 करोड़ रुपये
    डे 6 1.50 करोड़ रुपये
    कुल कलेक्शन 23.00 करोड़ रुपये (अर्ली रिपोर्ट)
  • देशभर में ठंड का कहर: दिल्ली में साल का पहला कोल्ड डे, 13 राज्यों में शीतलहर का अलर्ट

    देशभर में ठंड का कहर: दिल्ली में साल का पहला कोल्ड डे, 13 राज्यों में शीतलहर का अलर्ट

    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली और एनसीआर में सर्दी ने अब पूरी तरह अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। मंगलवार को दिल्ली में इस सीजन का पहला कोल्ड डे रिकॉर्ड किया गया, जब अधिकतम तापमान में अचानक गिरावट आई और दिनभर ठंडी हवाओं ने लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर दिया। धूप के बावजूद सर्द हवाओं के चलते ठिठुरन बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रह सकता है।

    13 राज्यों में शीतलहर का अलर्ट

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के दौरान देश के 13 राज्यों में शीतलहर को लेकर चेतावनी जारी की है। उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड और सिक्किम में ठंड का प्रकोप बढ़ने की संभावना जताई गई है।

    झारखंड के गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और चतरा जिलों में शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में खासकर सुबह और रात के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है।

    कोलकाता में टूटा सर्दी का रिकॉर्ड

    उधर, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। शहर में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो जनवरी महीने का अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि दक्षिणी पश्चिम बंगाल में आने वाले दिनों में ठंड और तेज हो सकती है।

    कोहरे की चादर से ढकेंगे कई राज्य

    मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कई हिस्सों में घने कोहरे को लेकर भी चेतावनी दी है। 7 से 9 जनवरी के बीच उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़ के कई इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसके अलावा पश्चिमी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में भी 7 जनवरी को सुबह घना कोहरा देखने को मिल सकता है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।

    देशभर में गिरता पारा

    जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में पारा 0 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और ओडिशा के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 5 से 10 डिग्री तक गिर चुका है। मैदानी इलाकों में सबसे कम तापमान पश्चिमी मध्य प्रदेश के राजगढ़ में 2.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट

    7 जनवरी 2026 को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद के साथ हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड और बढ़ेगी, जबकि मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं का असर और तेज हो सकता है।

  • JNU नारेबाजी विवाद: ‘शरजील इमाम की औलादों के इरादों को कुचलेंगे’ CM फडणवीस का तीखा हमला

    JNU नारेबाजी विवाद: ‘शरजील इमाम की औलादों के इरादों को कुचलेंगे’ CM फडणवीस का तीखा हमला

    नई दिल्ली। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर लगाए गए विवादित नारों ने एक बार फिर देश की राजनीति को गरमा दिया है। इस घटना के बाद जहां JNU प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए FIR दर्ज कराई, वहीं अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान ने इस विवाद को और तीखा बना दिया है।

    JNU प्रशासन ने इस नारेबाजी को लोकतंत्र और राष्ट्रीय मूल्यों पर हमला करार देते हुए साफ कहा है कि विश्वविद्यालय किसी भी तरह की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का मंच नहीं बन सकता। प्रशासन की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है और पूरे मामले की जांच जारी है।

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़ा है पूरा मामला

    दरअसल, यह विवाद सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद शुरू हुआ। मंगलवार को शीर्ष अदालत ने फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में जेल में बंद आरोपियों शरजील इमाम और उमर खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के तुरंत बाद JNU कैंपस में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।

    प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए गए, जिससे देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिली। इस घटना को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।

    CM देवेंद्र फडणवीस का तीखा बयान

    JNU में हुई नारेबाजी पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ा और विवादित बयान दिया है। नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि JNU में लगाए गए नारे देशविरोधी मानसिकता को दर्शाते हैं।

    फडणवीस ने कहा, “ये शरजील इमाम की औलादें हैं, जो JNU में पैदा हुई हैं। देशद्रोहियों और देश को तोड़ने की भाषा बोलने वालों के इरादों को कुचलने का काम किया जाएगा।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई है।

    उन्होंने यह भी साफ किया कि देश की एकता और अखंडता के खिलाफ किसी भी सोच को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    शिवाजी महाराज पर भी दिया बयान

    इसी दौरान देवेंद्र फडणवीस ने छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर भी अहम टिप्पणी की। केंद्रीय मंत्री सीआर पाटील के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि महापुरुष किसी एक समाज या जाति के नहीं होते।

    फडणवीस ने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज पूरे देश के थे। उन्हें किसी एक समाज से जोड़ना गलत है। महापुरुषों को बांटना देश के हित में नहीं है।”

    JNU विवाद और नेताओं के बयानों के बाद यह मुद्दा अब केवल विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा विषय बन गया है।

  • टीवी सुपरस्टार इरफान खान की सालगिरह: यादगार किरदारों में छोड़ा अपना असर

    टीवी सुपरस्टार इरफान खान की सालगिरह: यादगार किरदारों में छोड़ा अपना असर

    नई दिल्ली। अपनी दमदार ऐक्टिंग और आवाज के दम पर लोगों को एंटरटेन करने वाला हिंदी सिनेमा का हीरा यानी इरफान खान अब इस दुनिया में नहीं रहें। पिछले दो महीनों से उनकी तबियत खराब थी, जिसके बाद उन्हें कोलोन इंफेक्शन के कारण हाल ही मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन वहां वह अपनी जिंदगी की रेस हार गए।
    इरफान खान सिनेमा की दुनिया का वह हीरा थे, जिसकी चमक दिन-रात बढ़ती ही गई और हर निर्माता-निर्देशक उनके साथ काम करने को मचल उठा। सिर्फ फिल्मों ही नहीं बल्कि टीवी की दुनिया में भी इरफान ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। शायद ही लोग जानते हों लेकिन सिनेमा का स्टार बनने से पहले इरफान टीवी की दुनिया के सुपरस्टार बने।

    मुस्लिम पठानी परिवार में जन्म, यह था असली नाम
    7 जनवरी 1967 को जयपुर के मुस्लिम पठानी परिवार में जन्मे इरफान बचपन से ही बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उनका पूरा और असली नाम था साहबजादे इरफान अली खान, जिसे बाद में बदलकर इरफान खान कर लिया। इरफान खान कभी भी ऐक्टिंग में नहीं आना चाहते थे। उनकी ख्वाहिश तो क्रिकेटर बनने की थी, लेकिन नैशनल स्क्रूल ऑफ ड्रामा से स्कॉलरशिप मिली तो ऐक्टिंग का कीड़ा जाग गया।

    मुंबई आने पर एसी रिपेयर का काम किया
    ऐक्टिंग का चस्का लेकर इरफान खान मुंबई आ गए और यहां उन्होंने एसी रिपेयर करने का काम शुरू कर दिया। माना जाता है कि जिस शख्स के घर वह सबसे पहले एसी ठीक करने गए थे, वह सुपरस्टार राजेश खन्ना का घर था।

    टीवी की दुनिया में कदम रखते ही मचाया था तहलका
    खैर, इसके बाद इरफान खान की एंट्री ऐक्टिंग में हुई और पहला कदम टीवी की दुनिया में रखा। पहला टीवी शो ‘श्रीकांत’ था और इसके बाद उन्होंने ‘भारत एक खोज’, ‘कहकशां’ ‘सारा जहां हमारा’, ‘बनेगी अपनी बात’, ‘चाणक्य’, ‘अंगूरी’, ‘स्पर्श’ और ‘चंद्रकांता’ जैसे सीरियलों में काम किया और अपनी एक अलग पहचान बनाई।

    नीरजा गुलेरी के ‘चंद्रकांता’ में इरफान खान ने शिवदत्त के विश्वसनीय पात्र बद्रीनाथ का किरदार निभाया था। बद्रीनाथ के अलावा उन्होंने जुड़वां भाई सोमनाथ का किरदार भी प्ले किया। इस शो ने तो इरफान खान के करियर की दिशा ही बदल दी। उनके पास फिल्म और टीवी के बड़े ऑफरों की लाइन ही लग गई।
    इस बीच इरफान ने दूरदर्शन पर ‘लाल घास पर नीले घोड़े’ नाम का एक टेलिप्ले किया था, जिसमें उन्होंने लेनिन का किरदार निभाया। इसके अलावा इरफान ने टीवी सीरीज ‘डर’ में भी काम किा, जिसमें उन्होंने साइको किलर का रोल किया था। इस सीरीज में ऐक्टर के के मेनन भी थे। इरफान थिअटर और टीवी की दुनिया में कमाल किए जा रहे थे कि तभी मीरा नायर की नजर उन पर पड़ी और साल 1988 में इरफान को अपनी फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’ में काम दिया। यहीं से इरफान के लिए बॉलिवुड के दरवाजे खुल गए।
    जब इरफान खान ने कर लिया था ऐक्टिंग छोड़ने का फैसला
    लेकिन इसी दौरान इरफान खान की जिंदगी में वह मोड़ भी आया था जब वह ऐक्टिंग छोड़ देना चाहते थे। यह तब की बात हैजब वह टीवी के साथ फिल्मों में भी काम कर रहे थे। टीवी शोज हिट हो रहे थे, लेकिन इरफान को मलाल था कि एक भी फिल्म चल नहीं रही है। लेकिन 2001 में आई आसिफ कपाड़िया की फिल्म ‘द वॉरियर’ ने उनका मन बदल दिया।
  • मंत्रि-परिषद की बैठक में मंत्री-परिषद सदस्यों को मिले टैबलेट

    मंत्रि-परिषद की बैठक में मंत्री-परिषद सदस्यों को मिले टैबलेट


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में एक नए नवाचार करते हुए आज मंत्रि-परिषद की बैठक में मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों को टैबलेट वितरण किया। उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद से संबंधित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। मंत्रालय में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कैबिनेट के सदस्यों और मंत्रि-परिषद के भारसाधक सचिवों को टैबलेट प्रदाय करने की शुरूआत हुई। कैबिनेट के सदस्यों ने टैबलेट प्राप्त किए और प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैबिनेट सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत ई-कैबिनेट की पहल हुई है। ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के संबंध में संबंधितों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह एप्लीकेशन आधुनिक तकनीक, पेपरलैस, सुरक्षित और ऐसी गोपनीय प्रणाली है, जिसे मंत्रि-परिषद सदस्य कभी भी और कहीं भी अपनी सुविधा के अनुसार अवलोकन कर सकते हैं। मुख्य रूप से मंत्रि-परिषद की कार्य सूची देखने, ई-कैबिनेट एप्लीकेशन द्वारा पूर्व की बैठकों में लिए गए निर्णयों का पालन-प्रतिवेदन देखने में सुविधा होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि पारदर्शिता और समय की बचत के लिए मंत्रि-परिषद सदस्य नई व्यवस्था का पूरा लाभ लेंगे। प्रारंभ में मंत्रि-परिषद बैठक का एजेण्डा भौतिक एवं डिजिटल रूप दोनों फार्मेट में भेजा जाएगा, बाद में यह पूर्णता डिजिटल रूप में भेजा जाएगा। इस पेपरलैस व्यवस्था अर्थात ई-कैबिनेट एप्लीकेशन प्रारंभ होने से भौतिक रूप से होने वाले फोल्डर वितरण, कागज एवं समय की बचत हो सकेगी।

    मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बताया कि वर्ष 1960 से लेकर अब तक लिए गए मंत्रि-परिषद के निर्णयों को डिजिटलाइज किया गया है। गत 2 वर्ष के मंत्रि-परिषद के निर्णय एक क्लिक पर देखे जा सकते हैं। मंत्रि-परिषद की बैठक के अंत में एक प्रेजेंटेशन द्वारा मंत्रियों को टैबलेट के उपयोग को प्रारंभ करने के उद्देश्य, व्यापक उपयोगिता और टैबलेट के कार्य संचालन की बुनियादी जानकारी दी गई।

  • क्यों हनुमान जी थे लक्ष्मण से भी प्रिय प्रभु श्री राम के लिए? पढ़ें यह भावुक प्रसंग

    क्यों हनुमान जी थे लक्ष्मण से भी प्रिय प्रभु श्री राम के लिए? पढ़ें यह भावुक प्रसंग


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में मंगलवार का दिन विशेष रूप से शक्ति भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। यह दिन प्रभु श्री राम के परम भक्त हनुमान जी को समर्पित है। गोस्वामी तुलसीदास की काव्य कृति श्रीरामचरितमानस के किष्किंधा कांड में एक ऐसा भावुक प्रसंग मिलता हैजो श्री राम और हनुमान जी के अटूट प्रेम को दर्शाता है। इस प्रसंग में श्री राम ने हनुमान जी को अपने छोटे भाई लक्ष्मण से भी दोगुना प्रिय बताया है। आइए जानेंआखिर क्यों हनुमान जी थे श्री राम के लिए लक्ष्मण से भी अधिक प्रिय।

    ऋष्यमूक पर्वत पर हनुमान जी से पहली मुलाकात

    जब श्री राम और लक्ष्मण माता सीता की खोज में वन-वन भटक रहे थेतो वे किष्किंधा के ऋष्यमूक पर्वत के पास पहुंचे। वहां वानरराज सुग्रीवजो पहले ही बाली से भयभीत थेउन्हें देखकर डर गए। उन्हें संदेह हुआ कि कहीं ये दोनों प्रभु श्री राम के विरोधी तो नहीं हैं। इस कारण सुग्रीव ने हनुमान जी को ब्राह्मण का रूप धारण कर भेजाताकि वह यह पता कर सकें कि ये दोनों व्यक्ति कौन हैं।हनुमान जी ने ब्राह्मण का रूप अपनाया और श्री राम से उनका परिचय पूछा। जब श्री राम ने कहा कि वे दशरथ के पुत्र हैं और माता सीता की खोज में निकले हैंतब हनुमान जी ने तुरंत अपना असली रूप प्रकट किया और श्री राम के चरणों में गिर पड़े। इस घटना ने श्री राम और हनुमान जी के बीच के अटूट प्रेम की शुरुआत की।

    मम प्रिय लक्ष्मण ते दूना – जब श्री राम भावुक हुए

    हनुमान जीजो अपने प्रभु से मिलकर अत्यधिक भावुक हो गए थेउन्होंने अपनी भूल के लिए श्री राम से क्षमा मांगी। हनुमान जी ने कहाहे भगवान! मैं मूर्ख हूंलेकिन आपने मुझे क्यों नहीं पहचाना? इस पर श्री राम ने हनुमान जी को गले से लगा लिया और कहा:सुनु कपि जियँ मानसि जनि ऊना। तैं मम प्रिय लछिमन ते दूना॥ समदरसी मोहि कह सब कोऊ। सेवक प्रिय अनन्य गति सोऊ॥अर्थ: श्री राम ने कहाहे हनुमान! अपने मन में कोई ग्लानि मत लाओ। तुम मुझे लक्ष्मण से भी दो गुने प्रिय हो। भले ही दुनिया मुझे समदर्शी कहेलेकिन मुझे वह सेवक सबसे प्रिय है जो पूरी तरह से मेरे शरण में रहता है और अनन्य भाव से समर्पित होता है।

    हनुमान जी क्यों थे श्री राम के लिए इतने प्रिय

    लक्ष्मण जीश्री राम के छोटे भाई थे और वे हमेशा उनके साथ रहते थेलेकिन हनुमान जी ने स्वयं को एक सेवक के रूप में पूरी तरह से समर्पित कर दिया था। शास्त्रों के अनुसारजो भक्त अपना अहंकार त्यागकर पूरी तरह से ईश्वर के शरण में रहता हैवह उनके लिए परिवार से भी बढ़कर होता है। यही कारण है कि हनुमान जी को श्री राम ने भरत सम भाई और लक्ष्मण से दूना प्रिय कहा।

    मंगलवार और हनुमान जी का विशेष संबंध

    यह मान्यता है कि हनुमान जी और श्री राम की पहली मुलाकात मंगलवार के दिन हुई थीइसलिए यह दिन हनुमान जी के साथ-साथ श्री राम की पूजा के लिए भी विशेष माना जाता है। बड़ा मंगल और बुढ़वा मंगल जैसे पर्व भी इसी दिन के साथ जुड़ी हुई हैंजो दर्शाते हैं कि प्रभु और भक्त का यह मिलन उसी समय हुआ था। इस प्रसंग से यह साफ होता है कि हनुमान जी का श्री राम के प्रति समर्पण और प्रेम अत्यधिक गहरा थाऔर इसीलिए श्री राम ने उन्हें अपने हृदय से लगाया और उन्हें लक्ष्मण से भी प्रिय माना।

  • महाकाल दर्शन जा रहे 3 दोस्तों की दर्दनाक मौत, तेलंगाना से उज्जैन-अयोध्या की यात्रा में हादसा

    महाकाल दर्शन जा रहे 3 दोस्तों की दर्दनाक मौत, तेलंगाना से उज्जैन-अयोध्या की यात्रा में हादसा


    उज्जैन । उज्जैन के देवास रोड स्थित चंदेसरा इलाके में मंगलवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हुआ। तेलंगाना से महाकाल मंदिर और अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए आ रहे युवकों की टेंपो ट्रक्स (क्रमांक KA36N0688) ट्राले से जा टकराई। हादसा सुबह करीब चार बजे हुआ, जिसमें तीन युवकों की मौत हो गई।

    तेलंगाना के फरीदपुर, मेहबूबनगर निवासी बी. नरसिम्हा (20 वर्ष) अपने सात दोस्तों के साथ यात्रा कर रहे थे। दुर्घटना के समय ट्राले में पाइप भरे हुए थे।

    ट्राले के चालक ने अचानक ब्रेक लगाने के कारण ट्रक्स ट्राले में जा घुसी।

    हादसे में घायल सभी को तुरंत चरक अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने नरसिम्हा पिता बालचंद्रणा (20 वर्ष) और जगन्नाथ पिता बेंकेंटेस (26 वर्ष) को मृत घोषित किया। गंभीर रूप से घायल शिवा कुमार पिता एलप्पा (25 वर्ष) को इंदौर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

    अन्य घायल युवकों में के.बी. नरसिम्हा, रामप्पा, मलेन पिता नरसप्पा, अरतिद पिता लक्ष्मण (11 वर्ष), वाहन चालक बाल मंद्रप्पा, चिन्ना कुंधाकुंटा, जिया कुमार पिता एलव्या और काशष्या पिता चित्रा रामुनु शामिल हैं। सभी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

    एडिशनल एसपी गुरु प्रसाद पराशर ने बताया कि यह हादसा धार्मिक यात्रा पर जा रहे युवकों के लिए दर्दनाक साबित हुआ। पुलिस ने ट्राले को जब्त कर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

    यह हादसा न केवल परिवार और दोस्तों के लिए त्रासदी है, बल्कि सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के पालन पर भी सवाल खड़ा करता है।