Author: bharati

  • जाह्नवी कपूर की सुंदरता पर विवाद, ओरी ने ध्रुव राठी को कहा एंटी-नेशनल, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

    जाह्नवी कपूर की सुंदरता पर विवाद, ओरी ने ध्रुव राठी को कहा एंटी-नेशनल, सोशल मीडिया पर मचा बवाल




    नई दिल्ली।
    जाह्नवी कपूर की पर्सनल अपीयरेंस को लेकर यूट्यूबर और कंटेंट क्रिएटर ध्रुव राठी के वीडियो ने सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया है। 25 दिसंबर को राठी ने अपने यूट्यूब चैनल पर ‘The FAKE Beauty of Bollywood Celebrities’ नामक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कई बॉलीवुड अभिनेत्रियों जैसे जाह्नवी कपूर, दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा, काजोल, शिल्पा शेट्टी, बिपाशा बसु और श्रुति हासन पर प्लास्टिक सर्जरी, बोटॉक्स, फिलर्स और स्किन लाइटनिंग जैसी कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट कराने का आरोप लगाया।
    वीडियो के थंबनेल में खासतौर पर जाह्नवी कपूर की कथित ‘पहले और बाद’ की तस्वीरें दिखाई गईं, जिससे सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई।

    इस वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर्सनैलिटी और जाह्नवी की करीबी दोस्त ओरहान अवतरमणि उर्फ ओरी ने जाह्नवी का खुलकर समर्थन किया। ओरी ने इंस्टाग्राम रील पर कमेंट करते हुए लिखा कि जाह्नवी को शायद यह भी नहीं पता होगा कि ध्रुव राठी कौन हैं।

    उन्होंने ध्रुव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ऐसे वीडियो सिर्फ लाइमलाइट पाने और ध्यान खींचने के लिए बनाते हैं। इसके अलावा ओरी ने और कड़ा बयान देते हुए राठी को “एंटी-नेशनल” करार दिया और कहा कि वह उन्हें केवल उस व्यक्ति के रूप में जानते हैं जो ट्रेन स्टेशन पर पपाराजी न मिलने की शिकायत करता है।

    यह विवाद इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि वीडियो जारी होने के कुछ घंटे पहले ही जाह्नवी कपूर ने बांग्लादेश में हुई कथित लिंचिंग की घटना की निंदा करते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी साझा की थी। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या जाह्नवी को जानबूझकर निशाना बनाया गया।

    ध्रुव राठी पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। इससे पहले उन्होंने दीपिका पादुकोण पर स्किन लाइटनिंग ट्रीटमेंट का आरोप लगाया था, जिस पर उनके फैंस ने विरोध किया। इसके अलावा उन्होंने रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना की फिल्म ‘धुरंधर’ को ‘प्रोपेगेंडा फिल्म’ बताते हुए आलोचना झेली थी।

    फिलहाल जाह्नवी कपूर को लेकर शुरू हुआ यह विवाद ओरी और ध्रुव राठी के बीच तीखी बयानबाजी में बदल चुका है और सोशल मीडिया पर यह मुद्दा लगातार छाया हुआ है। इस पूरे मामले ने बॉलीवुड सितारों की पर्सनल लाइफ और सोशल मीडिया की ताकत पर नई बहस छेड़ दी है।

  • कांग्रेस में सियासी हलचल तेज, दिग्विजय सिंह ने मोदी-आडवाणी की तस्वीर से दी संदेश

    कांग्रेस में सियासी हलचल तेज, दिग्विजय सिंह ने मोदी-आडवाणी की तस्वीर से दी संदेश




    DigvijaySinghनई दिल्ली।
    कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की पुरानी तस्वीर साझा कर सियासत में हलचल मचा दी है। इस तस्वीर में मोदी आडवाणी के पैरों के पास बैठे दिखाई दे रहे हैं, और दिग्विजय सिंह ने इसे संगठन की ताकत और जमीनी कार्यकर्ताओं की अहमियत के रूप में पेश किया।
    सियासी गलियारों में इस पोस्ट को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे भाजपा और आरएसएस की संगठनात्मक मजबूती के संदर्भ में देख रहे हैं, जबकि कई इसे कांग्रेस में जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की कमी और संगठन सुधार की आवश्यकता के इशारे के रूप में मान रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या दिग्विजय सिंह अपने इस पोस्ट के जरिए कांग्रेस नेतृत्व को अप्रत्यक्ष संदेश दे रहे हैं।

    इस पोस्ट को और ज्यादा चर्चा में लाने वाली बात यह है कि दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ-साथ पीएम मोदी को भी टैग किया।

    पोस्ट की टाइमिंग भी काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि यह CWC बैठक के दौरान किया गया, जिससे इसके राजनीतिक मायने और बढ़ गए।

    19 दिसंबर को भी दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी को लेकर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने कांग्रेस संगठन में सुधार और व्यावहारिक विकेंद्रीकरण की जरूरत पर जोर दिया था।

    उन्होंने कहा था कि कांग्रेस को चुनाव आयोग की तरह सुधारों की दिशा में कदम उठाना चाहिए। इस बार की पोस्ट के साथ यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि दिग्विजय सिंह कांग्रेस के भीतर संगठन और नेतृत्व को लेकर बहस को तेज कर रहे हैं और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की चेतावनी दे रहे हैं।

    राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि दिग्विजय सिंह का यह कदम कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेतृत्व दोनों के लिए संदेश है, जिसमें संगठन की ताकत और सक्रियता की अहमियत को याद दिलाया गया है। इस पोस्ट ने पार्टी के भीतर और बाहर चर्चा की लहर दौड़ा दी है, और यह स्पष्ट कर दिया है कि संगठन की मजबूती ही किसी भी राजनीतिक दल की सफलता की कुंजी है।

  • EPFO में बड़ा सुधार: सिंगल-विंडो सेवा, सुविधा प्रोवाइडर और मिशन मोड KYC के साथ मार्च 2026 तक 100 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा

    EPFO में बड़ा सुधार: सिंगल-विंडो सेवा, सुविधा प्रोवाइडर और मिशन मोड KYC के साथ मार्च 2026 तक 100 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा


    नई दिल्ली।कर्मचारी भविष्य निधि संगठनEPFOमें बड़े स्तर पर सुधार और डिजिटल बदलाव लागू किए जा रहे हैं, जिससे देशभर के लाखों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को घोषणा की कि सभी EPFO कार्यालय अब सिंगल-विंडो सर्विस सेंटर में तब्दील किए जाएंगे। इस बदलाव के बाद पीएफ खाताधारक किसी भी शहर के EPFO कार्यालय में जाकर अपने दावे, शिकायतें या सुधार करा सकेंगे।मौजूदा व्यवस्था में खाताधारकों को केवल अपने “होम ऑफिस” में ही लेन-देन करना पड़ता था, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते थे। नई सिंगल-विंडो सेवा से अब यह बाधा खत्म हो जाएगी और प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी। इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट दिल्ली में पहले ही शुरू हो चुका है।

    मंत्री ने कहा कि EPFO के सभी कार्यालयों को आधुनिक तकनीक के जरिए डिजिटल रूप से जोड़ा जा रहा है। साथ ही सरकार ईपीएफ सुविधा प्रोवाइडर नाम से एक नया मैकेनिज्म भी शुरू करने जा रही है। ये अधिकृत सुविधा प्रदाता उन कर्मचारियों की मदद करेंगे, जिन्हें ऑनलाइन सिस्टम समझने में कठिनाई होती है या जो पहली बार पीएफ के दायरे में आते हैं। ये प्रोवाइडर क्लेम फाइलिंग, KYC और अन्य प्रक्रियाओं में मार्गदर्शन देंगे, जिससे दलालों पर निर्भरता कम होगी।एक और अहम पहल मिशन मोड KYC अभियान है। इसके तहत लंबे समय से निष्क्रिय पड़े EPF खातों को सक्रिय करने के लिए एक अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। इससे खाताधारकों या उनके कानूनी वारिसों की पहचान कर फंसी हुई राशि को सुरक्षित तरीके से लौटाया जा सकेगा। देश में ऐसे लाखों खाते हैं, जिनमें लंबे समय से पैसे पड़े हैं, लेकिन KYC या अन्य जानकारी के अभाव में निकासी नहीं हो पा रही थी।

    विदेश में काम करने वाले भारतीय कर्मचारियों के लिए भी राहत की खबर है। सरकार अब अपने मुक्त व्यापार समझौतोंFTAमें सोशल सिक्योरिटी क्लॉज शामिल कर रही है। इससे विदेश में काम करने वाले कर्मचारियों का वहां जमा PF योगदान भारत लौटने पर लाभकारी रहेगा।मनसुख मांडविया ने EPFO की वित्तीय स्थिति पर भरोसा जताते हुए बताया कि संगठन के पास लगभग 28 लाख करोड़ रुपये का फंड कॉर्पस है और यह वर्तमान में 8.25 प्रतिशत की दर से ब्याज दे रहा है। उन्होंने कहा कि EPFO में जमा राशि पूरी तरह सुरक्षित है और इसे भारत सरकार की गारंटी प्राप्त है।

    सामाजिक सुरक्षा कवरेज के विस्तार पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि 2014 में देश की केवल 19 प्रतिशत आबादी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में थी, जो अब बढ़कर 64 प्रतिशत हो चुकी है। वर्तमान में लगभग 94 करोड़ लोग किसी न किसी रूप में सामाजिक सुरक्षा से जुड़े हैं। सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक इस संख्या को 100 करोड़ तक पहुंचाना है।इस सुधार से EPFO सेवाएं अधिक कर्मचारी-केंद्रित, पारदर्शी और त्वरित होंगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म और सुविधा प्रदाता कर्मचारियों को मार्गदर्शन देने के साथ-साथ दलालों पर निर्भरता कम करेंगे। मिशन मोड KYC अभियान से लंबे समय से निष्क्रिय खातों का फंड सक्रिय होगा और विदेश में काम करने वाले भारतीय कर्मचारियों के लिए PF लाभ सुनिश्चित होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम देश की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित होगा।

  • IBJA रिपोर्ट: चांदी और सोने ने तोड़े रिकॉर्ड, निवेशकों के लिए नई रफ्तार

    IBJA रिपोर्ट: चांदी और सोने ने तोड़े रिकॉर्ड, निवेशकों के लिए नई रफ्तार


    नई दिल्ली।देश के सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों ने नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन IBJA की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, चांदी ने साल 2025 में 165 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की और 26 दिसंबर को यह ₹2,28,107 प्रति किलो पर पहुंच गई। 19 दिसंबर को चांदी ₹2,00,336 प्रति किलो पर थी, जो मात्र एक हफ्ते में 27,771 रुपए की तेज वृद्धि दर्शाती है। यह लगातार पांचवां सप्ताह है जब चांदी में मजबूती देखने को मिली है।हफ्तेभर के कारोबार में चांदी ने चार बार नया ऑल टाइम हाई बनाया। शुक्रवार को यह ₹9,124 की एकदिनी तेजी के साथ बंद हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी केवल सट्टा नहीं, बल्कि मजबूत मांग और वैश्विक आर्थिक कारकों का नतीजा है।

    सोने की कीमतों में भी उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला। 19 दिसंबर को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,31,779 पर था, जो 26 दिसंबर को बढ़कर ₹1,37,956 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह अब तक का उच्चतम स्तर है। घरेलू सोने की कीमतों में यह बढ़त न सिर्फ स्थानीय मांग बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों से भी प्रभावित मानी जा रही है।साल 2025 की शुरुआत के आंकड़े देखें तो 31 दिसंबर 2024 को 24 कैरेट सोना ₹76,162 प्रति 10 ग्राम था। इसका मतलब है कि सोने में इस साल 81 प्रतिशत की बढ़त हुई। वहीं, चांदी ₹86,017 प्रति किलो से बढ़कर ₹2,28,107 प्रति किलो पर पहुंच गई, यानी सालाना आधार पर 165 प्रतिशत की तेज वृद्धि।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सोने में तेजी के पीछे तीन मुख्य कारण हैं। पहला, अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती के संकेतों से डॉलर कमजोर हुआ, जिससे सोना निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन गया। दूसरा, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक तनाव ने सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत किया। तीसरा, चीन और अन्य देशों के केंद्रीय बैंक बड़े पैमाने पर सोने की खरीद कर रहे हैं।चांदी की कीमतों में उछाल की वजहें थोड़ी अलग हैं। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों में बढ़ती खपत ने औद्योगिक मांग को बढ़ा दिया है। इसके अलावा, अमेरिका में संभावित टैरिफ के डर से कंपनियां चांदी का स्टॉक बढ़ा रही हैं। मैन्युफैक्चरर्स भी संभावित उत्पादन बाधा के चलते अग्रिम खरीद कर रहे हैं, जिससे वैश्विक आपूर्ति पर दबाव बना है।

    IBJA की दरों में GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होते। इसलिए अलग-अलग शहरों में कीमतों में थोड़ी भिन्नता देखी जा सकती है। यही दरें RBI के सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और कई बैंकों के गोल्ड लोन के लिए आधार बनती हैं।विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक इस तेजी को ध्यान में रखते हुए सोने और चांदी में निवेश की रणनीति बनाएं। खासकर चांदी में लगातार पांचवे सप्ताह तक मजबूती ने निवेशकों और ज्वेलर्स दोनों का ध्यान आकर्षित किया है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और औद्योगिक मांग को देखते हुए, आने वाले हफ्तों में कीमती धातुओं की कीमतों में और उछाल की संभावना भी बनी हुई है।

  • अंगकृष रघुवंशी को अस्पताल से मिली छुट्टीविजय हजारे ट्रॉफी मैच में सिर और कंधे में लगी चोट

    अंगकृष रघुवंशी को अस्पताल से मिली छुट्टीविजय हजारे ट्रॉफी मैच में सिर और कंधे में लगी चोट


    नई दिल्ली । मुंबई के सलामी बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी को विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान सिर और कंधे में गंभीर चोट लगने के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। शुक्रवार को उत्तराखंड के खिलाफ खेले गए मैच में रघुवंशी ने एक मुश्किल कैच लपकने की कोशिश कीलेकिन इस दौरान वह गिर पड़े और उनके सिर और कंधे में चोट लग गई।

    यह घटना पारी के 30वें ओवर में हुईजब ऑफ स्पिनर तनुष कोटियान गेंदबाजी कर रहे थे। सौरभ रावत ने स्लॉग-स्वीप खेलते हुए डीप मिडविकेट पर खड़े रघुवंशी की दिशा में गेंद मारी। रघुवंशी ने एक हाथ से गेंद को लपकने की कोशिश कीलेकिन यह प्रयास विफल रहा और वह गिर पड़े। इस गिरावट के दौरान उनके कंधे में चोट लगी और सिर जमीन से टकरायाजिससे उन्हें कनकशन सिर में चोटहो गया।

    चोट के बाद रघुवंशी कुछ सेकंड के लिए घुटनों के बल बैठेफिर जमीन पर लेट गए। तुरंत मुंबई के फिजियो मैदान पर पहुंचे और चूंकि रघुवंशी अपने पैरों पर खड़े नहीं हो पा रहे थेतो स्ट्रेचर मंगवाया गया। उन्हें पास के एसडीएमएच अस्पताल ले जाया गयाजहां उनके सिर और गर्दन का सीटी स्कैन किया गया। रिपोर्ट्स में कोई गंभीर चोट नहीं पाई गई और अंगकृष को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उन्हें बीसीसीआई के ‘कनकशन प्रोटोकॉल’ के तहत कुछ दिनों का आराम करने की सलाह दी गई है।

    विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई ने उत्तराखंड को 51 रनों से हराया। मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 331 रन बनाएजिसमें हार्दिक तमोरे ने 93 रनसरफराज खान ने 55 रन और मुशीर खान ने 55 रन बनाए। मुशीर ने गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 57 रन पर दो विकेट लिए। उत्तराखंड की टीम युवराज चौधरी की 96 रनों की आक्रामक पारी के बावजूद 280 रन ही बना सकी। अंगकृष रघुवंशी की चोट के बाद क्रिकेट प्रेमी उनके जल्दी ठीक होने की कामना कर रहे हैं।

  • सलमान खान के 60वें बर्थडे पर महेंद्र सिंह धोनीतब्बूमीका सिंह और कई सेलेब्स पहुंचे

    सलमान खान के 60वें बर्थडे पर महेंद्र सिंह धोनीतब्बूमीका सिंह और कई सेलेब्स पहुंचे


    नई दिल्ली । बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने 26 दिसंबर को अपने 60वें बर्थडे का जश्न पनवेल स्थित अपने फार्महाउस में धूमधाम से मनाया। सलमान के इस खास दिन पर उनकी पार्टी में कई नामी बॉलीवुड और खेल जगत की हस्तियों ने शिरकत की। पार्टी के दौरान सोशल मीडिया पर कई वीडियोज और तस्वीरें वायरल हो रही हैंजिसमें सेलेब्स का शानदार लुक और पार्टी का माहौल साफ नजर आ रहा है।सलमान ने हमेशा की तरह अपना बर्थडे पनवेल के फार्महाउस पर मनायाजहां उनका परिवार और करीबी दोस्त एक साथ हुए। इस साल पार्टी का अंदाज भी बेहद खास थाजिसमें उनके करीबी दोस्तों के अलावा अन्य सेलेब्स भी पहुंचे।

    पार्टी में आए प्रमुख सेलेब्स

    महेंद्र सिंह धोनी अपनी पत्नी साक्षी के साथ इस पार्टी में पहुंचे और खेल जगत से भी उनका नाम जुड़ा रहा। बॉलीवुड अभिनेत्री तब्बूजिनकी शख्सियत हमेशा से ही शानदार रही हैभी इस बर्थडे पार्टी का हिस्सा बनीं।रकुल प्रीत सिंह और प्रग्या जैसवाल भी खूबसूरत लुक में नजर आईं और साथ में पार्टी में शामिल हुईं। अभिनेत्री जेनेलिया देशमुख अपने बच्चों के साथ इस जश्न में शामिल हुईंजबकि हुमा कुरैशी ने ग्लैमरस अंदाज में एंट्री की।  मनीष पॉलजो सलमान के करीबी दोस्त हैंभी पार्टी में पहुंचे।
    मीका सिंह ने एक बिल्कुल अलग अंदाज में पार्टी में एंट्री मारीजहां वे स्कूटी पर पहुंचे।

    संगीता बिजलानीजो सलमान की पुराने दिनों की दोस्त हैंहर साल की तरह इस बार भी सलमान के बर्थडे पर मौजूद थीं। रणदीप हुड्डा अपनी प्रेग्नेंट पत्नी लिन के साथ पहुंचेऔर वे भी इस मौके का हिस्सा बने।इनके अलावाबॉलीवुड प्रोड्यूसर रमेश तौरानीअभिनेता महेश मांजरेकरऔर फिल्म निर्माता निखिल द्विव्वेदी भी इस शानदार पार्टी में शामिल हुए और सलमान को शुभकामनाएं दीं।सलमान खान के 60वें बर्थडे की पार्टी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह न सिर्फ फिल्मों के सुपरस्टार हैंबल्कि उनके रिश्ते और दोस्ती का दायरा भी बहुत बड़ा है।

  • ईशान खट्टर के लिए 2025 रहा बेहद खासनए साल को लेकर जताई खुशी

    ईशान खट्टर के लिए 2025 रहा बेहद खासनए साल को लेकर जताई खुशी


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता ईशान खट्टर के लिए साल 2025 बहुत ही खास साबित हुआ। अभिनेता ने अपने सोशल मीडिया पर साल के अहम पलों को शेयर करते हुए खुद को खुशनसीब महसूस किया और अपने फैंस का धन्यवाद भी अदा किया। ईशान ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया जिसमें उन्होंने 2025 को अपने लिए खास बताया और इसे यादगार बताया। ईशान खट्टर ने अपने पोस्ट में लिखायह साल बहुत खास रहा है। साल 2026 में कदम रखते हुए मुझे नई ऊर्जा और शांति महसूस हो रही है। नए साल के लिए मैं बहुत उत्साहित हूं।

    करियर की दृष्टि से 2025 ईशान के लिए शानदार रहा। अभिनेता ने इस साल कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर काम कियाजिनमें उनकी एक्टिंग की जमकर तारीफ हुई। उन्होंने विभिन्न भूमिकाओं में खुद को साबित किया और दर्शकों का दिल जीता। इस साल की शुरुआत मेंईशान ने नेटफ्लिक्स की सीरीज द रॉयल्स में काम किया। इस सीरीज को प्रियंका घोष और नूपुर अस्थाना ने निर्देशित कियाऔर इसमें ईशान के साथ भूमि पेडनेकरजीनत अमानसाक्षी तंवरनोरा फतेहीविहान सामतडिनो मोरिया और मिलिंद सोमन जैसे दिग्गज कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आए।

    इसके अलावाईशान का दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट नीरज घेवान की फिल्म होमबाउंड था। यह फिल्म बशारत पीर के न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित लेख पर आधारित हैऔर इसमें ईशान के साथ जान्हवी कपूर और विशाल जेठवा मुख्य भूमिकाओं में हैं।फिल्म होमबाउंड का विश्व प्रीमियर मई 2025 में कान फिल्म फेस्टिवल के ‘अन सर्टेन रिगार्ड’ सेक्शन में हुआ। वहां फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद फिल्म को नौ मिनट तक खड़े होकर तालियां मिलींजो किसी भी फिल्म के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इस फिल्म ने दिसंबर 2025 में ऑस्कर शॉर्टलिस्ट में भी अपनी जगह बनाई। साल 2025 के लिए ईशान खट्टर ने अपनी सफलता और उपलब्धियों पर खुशी जाहिर की और आने वाले साल 2026 के लिए नई उम्मीदों और उत्साह के साथ कदम रखा।

  • साल का आखिरी शनिवार विशेष संयोग लेकर आया, छोटे उपायों से खुल सकते हैं सौभाग्य के द्वार

    साल का आखिरी शनिवार विशेष संयोग लेकर आया, छोटे उपायों से खुल सकते हैं सौभाग्य के द्वार


    नई दिल्ली।साल का आखिरी शनिवार ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है, लेकिन जब यह दिन शनि से जुड़े उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के प्रभाव में आए, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। 27 दिसंबर का यह शनिवार आत्मसंयम, कर्म और धैर्य से जुड़े कार्यों में सफलता की संभावनाओं को मजबूत करता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार उत्तराभाद्रपद नक्षत्र स्थिरता, गहराई और दीर्घकालिक लाभ देने वाला माना जाता है। ऐसे में इस दिन किए गए सरल उपाय आने वाले समय में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
    शनिवार को कर्मफल से जुड़ा दिन माना जाता है। यह दिन हमें यह सिखाता है कि जल्दबाजी नहीं, बल्कि अनुशासन और निरंतर प्रयास से ही स्थायी परिणाम मिलते हैं। जब यही दिन शनि से जुड़े नक्षत्र में आता है, तो व्यक्ति के प्रयासों में मजबूती आती है और रुकी हुई परिस्थितियों में गति आने लगती है।

    आर्थिक स्थिरता के लिए उपाय

    धन संबंधी परेशानियों से जूझ रहे लोग शनिवार को साफ मन और शांत भाव से एक छोटा सा उपाय कर सकते हैं। एक सिक्के पर तेल की हल्की मात्रा लगाकर उसे किसी मंदिर या शांत स्थान पर अर्पित करना और मन में स्थिर आय की कामना करना लाभकारी माना जाता है। यह उपाय धन के प्रति दृष्टिकोण को संतुलित करने में मदद करता है।

    तनाव और विरोध से राहत

    अगर जीवन में अनावश्यक विरोध, ईर्ष्या या मानसिक दबाव महसूस हो रहा है, तो शनिवार को किसी भारी वस्तु जैसे पत्थर के माध्यम से नकारात्मक विचारों को त्यागने का अभ्यास करें। यह प्रतीकात्मक क्रिया मानसिक बोझ कम करने में सहायक होती है।

    करियर और शिक्षा में बाधा

    जो लोग पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षा या करियर से जुड़े निर्णयों में अटकाव महसूस कर रहे हैं, उनके लिए शनिवार को मंत्र या सकारात्मक शब्दों का जप फायदेमंद माना जाता है। सीमित संख्या में किया गया जप मन को केंद्रित करता है और निर्णय क्षमता को मजबूत बनाता है।

    व्यापार और कार्यक्षेत्र

    यदि नए कार्य या व्यापार में बार-बार रुकावट आ रही है, तो शनिवार को किसी पौधे या वृक्ष के पास समय बिताना उपयोगी होता है। यह प्रकृति के साथ जुड़ाव निर्णयों में स्थिरता और धैर्य लाने का प्रतीक माना जाता है।

    पारिवारिक और संपत्ति से जुड़े मामलों में

    जमीन-जायदाद या पारिवारिक विवादों से परेशान लोग शनिवार को दीपक जलाकर संयम और समाधान की भावना रख सकते हैं। यह उपाय मन को आक्रोश से दूर कर संवाद की दिशा में मदद करता है।
    न्याय और अटके कार्य
    लंबे समय से रुके सरकारी या कानूनी कामों के लिए शनिवार को दिशा विशेष की ओर मुख करके प्रार्थना या पाठ करना लाभकारी माना जाता है। यह अभ्यास आत्मविश्वास और धैर्य बढ़ाने में सहायक है।

    वैवाहिक और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन

    यदि रिश्तों में तनाव या भावनात्मक दूरी महसूस हो रही है, तो शनिवार को पुराने नकारात्मक भावों को त्यागने का संकल्प लें। प्रतीकात्मक रूप से किसी पुरानी वस्तु का त्याग करना मानसिक बोझ कम करने में मदद करता है और संबंधों में सामंजस्य लाता है।इस तरह का संयोग जीवन में स्थिरता, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा लाने में महत्वपूर्ण माना जाता है। छोटे लेकिन प्रभावशाली उपाय अपनाकर इस दिन के लाभ को बढ़ाया जा सकता है और आने वाले वर्ष के लिए सफलता और संतुलन की राह आसान हो सकती है।
  • दिल्लीवासियों के लिए खतरे की घंटी: जहरीली हवा और ग्राउंड वाटर में नाइट्रेट की भारी बढ़ोतरी से फेफड़े, लीवर और किडनी पर मंडरा रहा गंभीर खतरा

    दिल्लीवासियों के लिए खतरे की घंटी: जहरीली हवा और ग्राउंड वाटर में नाइट्रेट की भारी बढ़ोतरी से फेफड़े, लीवर और किडनी पर मंडरा रहा गंभीर खतरा




    नई दिल्ली।
    दिल्लीवासियों के लिए चेतावनी: फेफड़ों की समस्याओं के बाद अब लीवर और किडनी पर खतरा मंडरा रहा है। नवंबर से जारी जहरीली हवाओं के बीच अब एक नई रिपोर्ट ने भूजल में नाइट्रेट (Nitrate) की घातक मात्रा का खुलासा किया है, जिससे ब्रेन, किडनी और लीवर पर गंभीर असर पड़ सकता है। सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड (CGWB) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सामने बताया कि दिल्ली के कई जिलों में ग्राउंड वाटर में नाइट्रेट का स्तर सुरक्षित सीमा 45 mg/l से 22 गुना अधिक यानी 994 mg/l तक पहुंच गया है। ।
    दिल्ली के 11 में से 7 जिले नई दिल्ली, उत्तरी, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और पश्चिमी दिल्ली इस जहरीले पानी की चपेट में हैं। स्थिति केवल दिल्ली तक सीमित नहीं, आंध्र प्रदेश में नाइट्रेट का स्तर 2,296.36 mg/l तक पहुंच गया है, जबकि राजस्थान में लगभग आधे नमूने सुरक्षित सीमा से बाहर पाए गए हैं। 2017 में देश के 359 जिलों में नाइट्रेट की समस्या थी, जो अब बढ़कर 440 जिलों तक फैल चुकी है।
    विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के बाद भी भूजल प्रदूषण कम नहीं हो रहा है क्योंकि नाइट्रोजन युक्त उर्वरक और गंदगी बारिश के पानी के साथ जमीन में समा जाती हैं, जिससे मानसून के बाद नाइट्रेट का स्तर और बढ़ जाता है। मानसून से पहले फेल हुए नमूनों की संख्या 30.77% थी, जो मानसून के बाद बढ़कर 32.66% हो गई। दिल्लीवासियों को सलाह दी जा रही है कि पीने के पानी पर विशेष ध्यान दें और यदि संभव हो तो फिल्टर या बोतलबंद पानी का इस्तेमाल करें, ताकि लीवर, किडनी और अन्य अंगों पर खतरे से बचा जा सके।