Author: bharati

  • मीठी ड्रिंक्स बन रही लिवर की दुश्मन, फैटी लिवर से बचाव के लिए जरूरी हैं ये 3 आसान आदतें

    मीठी ड्रिंक्स बन रही लिवर की दुश्मन, फैटी लिवर से बचाव के लिए जरूरी हैं ये 3 आसान आदतें

    नई दिल्ली। आज की बदलती जीवनशैली और अनहेल्दी खानपान की आदतें शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर असर डाल रही हैं, जिनमें लिवर सबसे अधिक प्रभावित होने वाले अंगों में से एक है। लिवर शरीर में डिटॉक्सिफिकेशन, पाचन और एनर्जी बैलेंस जैसे कई अहम कार्य करता है, लेकिन जब खानपान में अधिक मात्रा में चीनी और मीठी ड्रिंक्स शामिल हो जाती हैं, तो इसका सीधा असर लिवर की कार्यक्षमता पर पड़ने लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक ज्यादा शुगर का सेवन फैटी लिवर जैसी गंभीर स्थिति को जन्म दे सकता है, जिसमें लिवर के अंदर फैट जमा होने लगता है और उसकी कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है।

    शरीर में जब अधिक मात्रा में चीनी जाती है तो वह फ्रुक्टोज और ग्लूकोज में बदलकर लिवर तक पहुंचती है। सामान्य स्थिति में लिवर इन शुगर को ऊर्जा में बदलकर उपयोग करता है, लेकिन जब इनकी मात्रा जरूरत से अधिक हो जाती है तो शरीर इन्हें फैट के रूप में स्टोर करने लगता है। समय के साथ यह फैट लिवर में जमा होता जाता है और धीरे-धीरे फैटी लिवर की समस्या पैदा हो जाती है। यह स्थिति न केवल लिवर के कार्य को प्रभावित करती है बल्कि शरीर की ऊर्जा, पाचन और मेटाबॉलिज्म पर भी नकारात्मक असर डालती है।

    मीठी ड्रिंक्स इस समस्या को और भी तेजी से बढ़ा सकती हैं। इन पेयों में मौजूद हाई शुगर कंटेंट और आर्टिफिशियल तत्व शरीर में तेजी से अवशोषित होते हैं, जिससे लिवर पर अचानक दबाव बढ़ जाता है। लगातार इनका सेवन लिवर में फैट जमा होने की प्रक्रिया को तेज कर देता है। इसके अलावा इनमें मौजूद केमिकल्स और एडिटिव्स भी लिवर की सेहत को कमजोर करने का काम करते हैं। यही कारण है कि विशेषज्ञ मीठी ड्रिंक्स के सेवन को सीमित करने की सलाह देते हैं।

    फैटी लिवर जैसी समस्या से बचने के लिए संतुलित आहार को सबसे जरूरी माना जाता है। जब भोजन में पोषक तत्वों का सही संतुलन होता है तो लिवर पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता और वह बेहतर तरीके से अपना काम करता है। इसके साथ ही ताजे फल और फाइबर युक्त आहार लिवर की सफाई प्रक्रिया को मजबूत करते हैं और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी लिवर के सही कामकाज के लिए बेहद जरूरी माना जाता है, क्योंकि यह शरीर की डिटॉक्स प्रक्रिया को बेहतर बनाता है।

    इसके अलावा नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी भी लिवर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। अनहेल्दी खानपान, अत्यधिक शुगर का सेवन और निष्क्रिय जीवनशैली धीरे-धीरे लिवर को कमजोर कर सकती है, जिससे आगे चलकर गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए छोटी-छोटी स्वस्थ आदतों को अपनाकर लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय रखा जा सकता है।

  • मदर्स डे पर भावुक हुईं दीपिका सिंह, बोलीं- “मां बनना जिंदगी का सबसे खूबसूरत अहसास”

    मदर्स डे पर भावुक हुईं दीपिका सिंह, बोलीं- “मां बनना जिंदगी का सबसे खूबसूरत अहसास”


    नई दिल्ली। माताओं के सम्मान और प्रेम को समर्पित मदर्स डे (10 मई) को लेकर टीवी अभिनेत्री दीपिका सिंह बेहद उत्साहित नजर आईं। लोकप्रिय शो ‘मंगल लक्ष्मी’ में मंगल का किरदार निभा रहीं दीपिका ने इस खास मौके पर अपने मातृत्व के अनुभवों को खुलकर साझा किया।

    दीपिका सिंह ने कहा कि मां बनना उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा और खूबसूरत बदलाव रहा है। उनके अनुसार, यह एक ऐसा सफर है जो सिर्फ एक किरदार नहीं बल्कि जीवनभर निभाई जाने वाली जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा सोहम उनकी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हर दिन उन्हें जीवन के छोटे-छोटे पलों की अहमियत समझाता है।

    अभिनेत्री ने भावुक होते हुए कहा कि जब वह शूटिंग के दौरान बच्चों के साथ सीन करती हैं, तो अक्सर उन्हें अपने बेटे की याद आती है। उनके लिए यह अनुभव काफी भावनात्मक होता है, क्योंकि वह हर बच्चे में अपने बेटे की झलक महसूस करती हैं।

    दीपिका ने यह भी कहा कि मां होने के साथ-साथ वह एक कामकाजी महिला भी हैं और चाहती हैं कि उनका बेटा उन्हें इस रूप में भी देखे। उनके अनुसार, जब बच्चे अपनी मां को काम करते देखते हैं, तो उन्हें मेहनत और सपनों की अहमियत समझ आती है। उन्होंने कहा कि एक महिला की पहचान सिर्फ मां होने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह कई भूमिकाएं एक साथ निभाती है।

    मदर्स डे पर उन्होंने सिर्फ अपनी नहीं, बल्कि सभी महिलाओं की सराहना की। दीपिका ने कहा कि हर महिला, जो परिवार की जिम्मेदारियों को प्यार और समर्पण के साथ निभाती है, वह सम्मान की हकदार है। उन्होंने सभी माताओं की मेहनत, त्याग और प्रेम को सलाम किया।
     

  • शुक्र का गुरु नक्षत्र में गोचर: 4 राशियों की बदलेगी किस्मत, धन-करियर और प्रेम में मिलेगा बड़ा लाभ

    शुक्र का गुरु नक्षत्र में गोचर: 4 राशियों की बदलेगी किस्मत, धन-करियर और प्रेम में मिलेगा बड़ा लाभ


    नई दिल्ली। शुक्र ग्रह का शुक्र में पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर मई 2026 के अंत में एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना मानी जा रही है। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को सुख, प्रेम, वैभव, आकर्षण और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक ग्रह माना जाता है। जब यह ग्रह गुरु के नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो इसका प्रभाव कई राशियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के रूप में देखा जाता है।

    इस गोचर की अवधि 31 मई से 11 जून 2026 तक मानी जा रही है। इस समय को विशेष रूप से शुभ इसलिए माना जाता है क्योंकि गुरु का प्रभाव शुक्र की ऊर्जा को संतुलित और सकारात्मक दिशा देता है। इसका असर जीवन के कई क्षेत्रों जैसे करियर, धन, प्रेम संबंध, विवाह और पारिवारिक जीवन पर दिखाई दे सकता है।

    मिथुन राशि पर प्रभाव
    मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय अत्यंत लाभकारी माना जा रहा है। प्रेम संबंधों में चल रही दूरियां कम हो सकती हैं और रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। जो लोग लंबे समय से किसी भावनात्मक उलझन में थे, उन्हें राहत मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में पदोन्नति का मार्ग खोलेंगी। व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहक और लाभकारी अवसर प्राप्त हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ आय के नए स्रोत भी बन सकते हैं।

    कर्क राशि पर प्रभाव
    कर्क राशि के लिए यह गोचर करियर में प्रगति का संकेत देता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और कार्यस्थल पर वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। व्यापारियों को लाभ और विस्तार के अवसर प्राप्त होंगे। पारिवारिक जीवन में खुशहाली बनी रहेगी और मानसिक तनाव में कमी आ सकती है। इस समय लिए गए निर्णय भविष्य के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं।

    तुला राशि पर प्रभाव
    तुला राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला रहेगा। व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा, जिससे लोग प्रभावित होंगे। नौकरी में प्रमोशन या नई नौकरी के अवसर बन सकते हैं। प्रेम जीवन में रोमांस और समझदारी बढ़ेगी, जबकि वैवाहिक जीवन भी संतुलित रहेगा। आर्थिक रूप से यह समय लाभकारी रहेगा और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है।

    धनु राशि पर प्रभाव
    धनु राशि के लिए यह गोचर करियर और व्यापार में तेजी से प्रगति का संकेत देता है। नई योजनाएं सफल हो सकती हैं और मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा, जिससे कार्यक्षेत्र में उन्नति संभव है। प्रेम संबंधों में सकारात्मक बदलाव आएंगे और आत्मविश्वास बढ़ेगा। सामाजिक जीवन में मान-सम्मान में वृद्धि होगी और रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं।

    समग्र प्रभाव
    कुल मिलाकर यह गोचर कई राशियों के लिए आर्थिक, मानसिक और सामाजिक रूप से लाभकारी माना जा रहा है। शुक्र और Venus के इस नक्षत्र परिवर्तन से जीवन में संतुलन, आकर्षण और अवसरों में वृद्धि देखने को मिल सकती है। हालांकि ज्योतिषीय प्रभाव व्यक्तिगत कुंडली पर भी निर्भर करता है, इसलिए परिणाम हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकते हैं।

  • ग्वालियर लॉ कॉलेज अपहरण केस में बड़ा मोड़, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

    ग्वालियर लॉ कॉलेज अपहरण केस में बड़ा मोड़, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप


    नई दिल्ली। ग्वालियर में लॉ कॉलेज गेट के बाहर से 17 वर्षीय छात्रा के कथित अपहरण मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस न तो मुख्य आरोपी तक पहुंच सकी है और न ही छात्रा की स्पष्ट लोकेशन का पता चल पाया है। इसी बीच मामले में एक वीडियो सामने आने से स्थिति और उलझ गई है।

    वायरल वीडियो में आरोपी जीतू तोमर छात्रा के साथ नजर आ रहा है और दावा कर रहा है कि यह मामला अपहरण का नहीं बल्कि आपसी सहमति का है। वीडियो में उसने खुद को ग्वालियर निवासी बताया और कहा कि वह और छात्रा पिछले ढाई साल से रिश्ते में हैं।

    वीडियो में जीतू तोमर यह भी कहता दिखाई देता है कि पिछले एक महीने से दोनों के बीच कुछ गलतफहमी चल रही थी, जिसे दूर करने के लिए वह छात्रा से मिलने आया था। उसके अनुसार, दोनों अपनी मर्जी से साथ गए हैं और जल्द ही घर लौट आएंगे। उसने यह भी अपील की कि उसके परिवार को परेशान न किया जाए।

    यह पूरा मामला बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे कंपू थाना क्षेत्र के कैंसर पहाड़िया इलाके का है। जानकारी के अनुसार, लॉ छात्रा अपनी सहेली के साथ कॉलेज गेट के बाहर खड़ी थी, तभी बिना नंबर की बलेनो कार में सवार होकर जीतू तोमर अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने अचानक छात्रा को जबरन कार में खींच लिया। जब उसकी सहेली ने विरोध किया तो उसे धक्का देकर गिरा दिया गया। इसके बाद आरोपी छात्रा को लेकर मौके से फरार हो गए। भागते समय उन्होंने छात्रा का मोबाइल फोन भी छीनकर सड़क पर फेंक दिया, ताकि किसी तरह का संपर्क न हो सके।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी गई। हाईवे, टोल प्लाजा और प्रमुख प्रवेश मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, लेकिन अब तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

    इस मामले में पुलिस का कहना है कि वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि छात्रा नाबालिग है या नहीं और उसका बयान क्या है, इसके आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

    फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और सर्विलांस टीम की मदद भी ली जा रही है। वहीं वीडियो सामने आने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है, जिससे जांच एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है।

    पूरा मामला अब प्रेम संबंध और अपहरण के दावों के बीच उलझ गया है, और पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सच्चाई को जल्द से जल्द सामने लाया जाए।

  • पंच केदार के दर्शन से मिलता है पुण्य फल, जानिए भगवान शिव के पांच पवित्र धामों की महिमा

    पंच केदार के दर्शन से मिलता है पुण्य फल, जानिए भगवान शिव के पांच पवित्र धामों की महिमा


    नई दिल्ली। देवभूमि उत्तराखंड को भगवान शिव की भूमि माना जाता है। यहां स्थित चारधाम यात्रा जितनी प्रसिद्ध है, उतनी ही खास मानी जाती है पंच केदार यात्रा। पंच केदार भगवान शिव को समर्पित पांच पवित्र मंदिरों का समूह है, जिनका हिंदू धर्म में विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इन मंदिरों के दर्शन करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन धामों की यात्रा कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

    पौराणिक कथा के अनुसार, महाभारत युद्ध के बाद पांडव अपने पापों से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव की शरण में पहुंचे। लेकिन भगवान शिव पांडवों से नाराज थे और उनसे मिलने से बचने के लिए बैल का रूप धारण कर उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों में चले गए। जब पांडवों ने उनका पीछा किया, तब शिवजी बैल के रूप में धरती में समाने लगे। इसी दौरान उनके शरीर के अलग-अलग अंग पांच स्थानों पर प्रकट हुए। यही पांच स्थान आगे चलकर पंच केदार कहलाए।

    इनमें सबसे प्रमुख और प्रथम केदार केदारनाथ धाम है, जहां भगवान शिव के पृष्ठ भाग की पूजा की जाती है। रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है और इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यहां दर्शन करने से जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है।

    दूसरा केदार मध्यमहेश्वर है, जहां भगवान शिव की नाभि की पूजा होती है। करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर चौखंबा पर्वत की गोद में बसा है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां के दर्शन से मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है।

    तीसरा केदार तुंगनाथ धाम है, जो दुनिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिरों में गिना जाता है। यहां भगवान शिव की भुजाओं और हृदय स्थल की पूजा की जाती है। चोपता के पास स्थित यह धाम प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम माना जाता है।

    चौथा केदार रुद्रनाथ मंदिर है, जहां भगवान शिव के मुख की पूजा होती है। गुफा के भीतर स्थित यह मंदिर बेहद रहस्यमयी और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर माना जाता है। यहां शिवजी को नीलकंठ महादेव के रूप में पूजा जाता है।

    पंचम और अंतिम केदार कल्पेश्वर मंदिर है, जो चमोली जिले की उर्गम घाटी में स्थित है। यहां भगवान शिव की जटाओं की पूजा की जाती है। खास बात यह है कि कल्पेश्वर मंदिर के कपाट पूरे साल खुले रहते हैं, जिससे श्रद्धालु किसी भी समय यहां दर्शन कर सकते हैं।

    पंच केदार यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि हिमालय की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक अनुभव का अनोखा संगम भी है। माना जाता है कि श्रद्धा और भक्ति के साथ इन पांचों धामों के दर्शन करने से व्यक्ति को पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

  • स्वाद के साथ सेहत का भी खास ख्याल, ग्रीन चटनी सैंडविच ढोकला बना लोगों का नया फेवरेट स्नैक

    स्वाद के साथ सेहत का भी खास ख्याल, ग्रीन चटनी सैंडविच ढोकला बना लोगों का नया फेवरेट स्नैक

    नई दिल्ली। ग्रीन चटनी सैंडविच ढोकला इन दिनों लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पारंपरिक गुजराती ढोकले को नए अंदाज में तैयार कर बनाई गई यह डिश स्वाद के साथ सेहत का भी खास ध्यान रखती है। मुलायम और स्पंजी ढोकले के बीच लगी तीखी हरी चटनी इसकी खासियत मानी जा रही है। इसका चटपटा स्वाद लोगों को काफी पसंद आ रहा है और यही वजह है कि अब यह स्नैक घरों में तेजी से तैयार किया जाने लगा है। हल्के मसालों और कम तेल में बनने वाली यह डिश हर उम्र के लोगों के लिए एक शानदार विकल्प मानी जा रही है।

    इस खास रेसिपी को तैयार करने के लिए सबसे पहले बेसन, दही और पानी की मदद से स्मूद बैटर बनाया जाता है। इसमें हल्दी, नमक और अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट मिलाकर कुछ समय के लिए रखा जाता है ताकि मिश्रण अच्छी तरह तैयार हो सके। इसके बाद ताजी हरी धनिया पत्ती, पुदीना, हरी मिर्च और नींबू के रस से स्वादिष्ट ग्रीन चटनी तैयार की जाती है। यही चटनी इस डिश को अलग और खास स्वाद देती है।

    ढोकले को मुलायम और फूला हुआ बनाने के लिए बैटर में फ्रूट सॉल्ट मिलाया जाता है। इसके तुरंत बाद मिश्रण को चिकनाई लगे बर्तन में डालकर भाप में पकाया जाता है। कुछ ही मिनटों में तैयार हुआ ढोकला बेहद सॉफ्ट और स्पंजी बनकर तैयार हो जाता है। ठंडा होने के बाद इसे बीच से काटकर दो हिस्सों में बांटा जाता है और फिर एक हिस्से पर ग्रीन चटनी की मोटी लेयर लगाई जाती है। इसके ऊपर दूसरा हिस्सा रखकर इसे सैंडविच स्टाइल में तैयार किया जाता है।

    ढोकले का स्वाद बढ़ाने के लिए ऊपर से राई, सफेद तिल और करी पत्तों का तड़का डाला जाता है। यह तड़का इसकी खुशबू और स्वाद दोनों को और बेहतर बना देता है। छोटे-छोटे टुकड़ों में कटने के बाद जब इसे सर्व किया जाता है तो इसका आकर्षक लुक भी लोगों को काफी पसंद आता है। कई लोग इसे सुबह के नाश्ते में खाना पसंद करते हैं, वहीं शाम की हल्की भूख के लिए भी यह एक बेहतरीन स्नैक माना जाता है।

    आजकल लोग ऐसे भोजन को ज्यादा पसंद कर रहे हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ हल्का और हेल्दी भी हो। ग्रीन चटनी सैंडविच ढोकला इसी वजह से तेजी से लोगों की पसंद बनता जा रहा है। स्टीम में तैयार होने के कारण इसमें तेल का इस्तेमाल बेहद कम होता है, जिससे यह दूसरी तली हुई चीजों की तुलना में ज्यादा पौष्टिक माना जाता है। कम समय में आसानी से तैयार होने वाली यह रेसिपी अब कई घरों की खास पसंद बन चुकी है।

  • मंदिर के बाहर वारदात की साजिश नाकाम, अवैध पिस्टल के साथ 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार

    मंदिर के बाहर वारदात की साजिश नाकाम, अवैध पिस्टल के साथ 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार


    नई दिल्ली। ग्वालियर में एक संभावित आपराधिक वारदात को समय रहते टालते हुए थाटीपुर थाना पुलिस ने बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक 19 वर्षीय युवक को अवैध पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर मंदिर के बाहर किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में बैठा हुआ था।
    गिरफ्तार आरोपी की पहचान नमन सोलंकी के रूप में हुई है, जो शिंदे की छावनी क्षेत्र के भारत टॉकीज के पास का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से 32 बोर की देसी पिस्टल, एक जिंदा राउंड और उसकी एक्टिवा गाड़ी भी जब्त कर ली है।
    थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भूतेश्वर मंदिर के पास रपट क्षेत्र में एक युवक संदिग्ध स्थिति में एक्टिवा पर बैठा हुआ है और उसके पास अवैध हथियार व जिंदा राउंड मौजूद हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की और कार्रवाई शुरू की।
    जैसे ही पुलिस ने मौके पर दबिश दी, आरोपी को बिना किसी मौके के पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उसकी एक्टिवा की डिग्गी से पिस्टल और कारतूस बरामद हुए, जिससे उसके इरादे संदिग्ध पाए गए। पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में लेकर वाहन और हथियार जब्त कर लिया।
    पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उसे गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है।
    थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि समय रहते मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई के कारण एक संभावित बड़ी घटना को टाल दिया गया। यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो आरोपी किसी गंभीर वारदात को अंजाम दे सकता था।
    फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी किस उद्देश्य से हथियार लेकर वहां पहुंचा था और उसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क या साजिश तो नहीं है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि उसे अवैध हथियार कहां से मिला और क्या वह पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहा है।
    यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि छोटे स्तर पर मिलने वाली सूचना भी बड़ी घटनाओं को रोकने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पुलिस की सतर्कता से एक संभावित अपराध टल गया और इलाके में बड़ी अनहोनी होने से बचाव हो सका।
  • पाकिस्तान में फिर मंडराया पोलियो का खतरा, पांच नए मामलों से मचा हड़कंप; WHO समेत दुनिया अलर्ट

    पाकिस्तान में फिर मंडराया पोलियो का खतरा, पांच नए मामलों से मचा हड़कंप; WHO समेत दुनिया अलर्ट



    नई दिल्ली। पाकिस्तान में पोलियो वायरस एक बार फिर गंभीर चिंता का कारण बनता जा रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कराची समेत कई इलाकों से लिए गए पांच नए नमूनों में पोलियो वायरस की पुष्टि हुई है। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार सिंध में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि कम संक्रमण वाले मौसम में भी वायरस का सक्रिय रहना बेहद चिंताजनक संकेत है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संक्रमण के लगातार फैलने का संकेत देता है और इसे रोकने के लिए तुरंत सख्त कदम उठाने होंगे।

    WHO और यूनिसेफ भी अलर्ट
    बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ़, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन समेत कई संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधियों ने कहा कि अफ्रीका में सफल रही रणनीतियों को अब पाकिस्तान में भी लागू किया जा रहा है ताकि वायरस के फैलाव को रोका जा सके।

    इस साल सामने आए कई मामले
    रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू और उत्तरी वजीरिस्तान से पोलियो के नए मामले सामने आए थे। इस साल अब तक पाकिस्तान में पोलियो के कई मामलों की पुष्टि हो चुकी है।विशेषज्ञों का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान दुनिया के ऐसे देश हैं जहां अब भी पोलियो वायरस पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया है।

    टीकाकरण अभियान के सामने बड़ी चुनौती
    पोलियो उन्मूलन अभियान को सुरक्षा और जागरूकता दोनों स्तर पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में टीकाकरण टीमों पर हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं।

    इसके अलावा टीकों को लेकर फैली गलत जानकारी और अभिभावकों द्वारा पोलियो ड्रॉप्स से इनकार भी बड़ी समस्या बन चुका है। केवल कराची में ही हजारों परिवारों ने बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाने से मना कर दिया है, जिससे वायरस के खतरे को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

  • घूरकर देखने के विवाद में हत्या: ग्वालियर में फायरिंग कर पड़ोसी को मारा, 2 आरोपी गिरफ्तार

    घूरकर देखने के विवाद में हत्या: ग्वालियर में फायरिंग कर पड़ोसी को मारा, 2 आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली। ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र के बड़ागांव खुरैरी में एक मामूली से दिखने वाले विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और अंततः हत्या तक पहुंच गया। घूरकर देखने जैसी बात को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनार सिंह और राजपाल के रूप में हुई है। दोनों से पूछताछ जारी है। घटना के बाद आरोपी अपने घरों पर ताले लगाकर फरार हो गए थे, जिसके चलते पुलिस ने उनके घरों के बाहर सुरक्षा गार्ड भी तैनात कर दिए हैं। एएसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि विवाद की शुरुआत घूरकर देखने की बात से हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ी और देखते ही देखते मामला पथराव में बदल गया। इस दौरान एक पक्ष के राजपाल के सिर में पत्थर लगने से उसे गंभीर चोट आई और उसे 12 टांके लगाने पड़े। इसी घटना ने विवाद को और उग्र बना दिया।

    इसके बाद आरोपी पक्ष ने हिंसक प्रतिक्रिया देते हुए फायरिंग शुरू कर दी। आरोप है कि मकान की छत पर चढ़कर कई राउंड गोलियां चलाई गईं। इसी दौरान रमेश पाल को गोली लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए।

    घटना में मृतक रमेश पाल की पत्नी और बेटा भी घायल हुए हैं। उन्हें छर्रे लगने से चोट आई है, जबकि दूसरे बेटे को लाठी से चोट पहुंचाई गई। परिवार के लोगों का कहना है कि यह विवाद लंबे समय से चला आ रहा था, लेकिन किसी को उम्मीद नहीं थी कि मामला इतना गंभीर रूप ले लेगा।

    पुलिस के अनुसार, मृतक रमेश पाल का पड़ोसियों अनार सिंह, सुखवीर, रामू और राजपाल से पुराना विवाद था। मंगलवार रात वह अपनी बहन के यहां भात देने के लिए जा रहा था, तभी रास्ते में अनार सिंह से उसकी मुलाकात हुई और कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

    फायरिंग के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बाकी आरोपियों की तलाश में क्राइम ब्रांच और मुरार थाना पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    इस घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर आरोपियों के घरों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

    फिलहाल पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि मामूली विवाद किस तरह जानलेवा रूप ले सकता है।

  • शुक्रवार के आसान उपाय: मां लक्ष्मी की कृपा से खुल सकते हैं धन-समृद्धि के द्वार

    शुक्रवार के आसान उपाय: मां लक्ष्मी की कृपा से खुल सकते हैं धन-समृद्धि के द्वार


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शुक्रवार का दिन अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह दिन धन, वैभव और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित होता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने के साथ कुछ विशेष उपाय करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आर्थिक प्रगति के रास्ते खुल सकते हैं। साथ ही, ज्योतिष के अनुसार शुक्रवार का संबंध शुक्र ग्रह से भी है, जो भोग-विलास, प्रेम, सौभाग्य और धन का कारक माना जाता है।

    यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर हो या आर्थिक समस्याएं बनी रहती हों, तो शुक्रवार के दिन कुछ सरल उपाय अपनाकर इन स्थितियों में सुधार किया जा सकता है। माना जाता है कि इन उपायों से न केवल धन लाभ के योग बनते हैं, बल्कि जीवन में सकारात्मकता और मानसिक शांति भी बढ़ती है।

    शुक्रवार के दिन सबसे सरल और प्रभावी उपायों में मां लक्ष्मी के सामने एक रुपये का सिक्का रखना शामिल है। पूजा के दौरान श्रद्धा के साथ मां लक्ष्मी की आराधना करें और आरती के बाद क्षमा प्रार्थना करें। अगले दिन इस सिक्के को लाल कपड़े में बांधकर अपने पास रखने से आर्थिक स्थिरता और सौभाग्य में वृद्धि मानी जाती है।

    इसके अलावा शुक्रवार के दिन नीम के पेड़ में जल अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि नीम का संबंध मां दुर्गा से होता है और इसे जल चढ़ाने से ग्रह दोषों में कमी आती है तथा घर में सुख-समृद्धि का संचार होता है।

    मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए शुक्रवार को उनकी विधिवत पूजा करना बेहद फलदायी माना गया है। इस दिन लक्ष्मी मंत्र या लक्ष्मी चालीसा का पाठ करने से धन-संबंधी समस्याओं में राहत मिल सकती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि मां लक्ष्मी को कमल का फूल अत्यंत प्रिय है। इसलिए शुक्रवार के दिन सफेद या गुलाबी कमल का फूल श्रद्धा से अर्पित करने पर देवी प्रसन्न होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

    एक और सरल उपाय के अनुसार, शुक्रवार को काली चींटियों को चीनी खिलाना शुभ माना जाता है। इससे कार्यों में सफलता मिलने और रुके हुए कामों के पूरे होने की संभावनाएं बढ़ती हैं।

    इसके साथ ही सफेद वस्तुओं का दान करना भी अत्यंत लाभकारी माना गया है। चीनी, दूध, दही और आटे जैसी वस्तुओं का दान करने से घर में सकारात्मकता बढ़ती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

    स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी के मंदिर में शंख अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। इससे न केवल शारीरिक ऊर्जा में वृद्धि होती है, बल्कि मानसिक शांति भी प्राप्त होती है।

    शुक्रवार के दिन विशेष मंत्र का जाप भी अत्यंत फलदायी माना गया है। श्रद्धा के साथ “ॐ हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम्‌ सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम्‌” मंत्र का जाप करने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है और जीवन में सुख-समृद्धि के अवसर बढ़ते हैं।

    कुल मिलाकर, शुक्रवार के ये आसान उपाय न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि मानसिक और आर्थिक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक माने जाते हैं।