Author: bharati

  • झारखंड सरकार का बड़ा फैसला…. तंबाकू युक्त गुटखा-पान मसाला पर लगाया एक साल का प्रतिबंध

    झारखंड सरकार का बड़ा फैसला…. तंबाकू युक्त गुटखा-पान मसाला पर लगाया एक साल का प्रतिबंध


    रांची।
    झारखंड (Jharkhand) में जन-स्वास्थ्य (Public Health) की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार (State Government) ने तंबाकू और निकोटीन (Tobacco and Nicotine) युक्त गुटखा और पान मसाला (Gutkha and pan masala) के निर्माण, भंडारण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के हस्ताक्षर से एक आदेश जारी किया गया है।

    अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यह प्रतिबंध उन सभी उत्पादों पर लागू होगा, जो किसी भी नाम से बाजार में बेचे जा रहे हों, यदि उनमें तंबाकू या निकोटीन की मात्रा पाई जाती है। आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार ने यह फैसला खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम-2006 की धारा 30(2)(ए) और खाद्य सुरक्षा एवं मानक (बिक्री पर निषेध और प्रतिबंध) विनियमन 2011 के नियम के तहत लिया है। इसमें कहा गया है कि प्रतिबंध का यह आदेश जारी होने की तारीख से एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान प्रतिबंधित तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला पकड़ा जाता है, तो कानून सम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • उत्तराखंड के चंपावत में 16 साल की किशोरी से गैंगरेप…. भाजपा नेता, एक अग्निवीर समेत 3 पर केस

    उत्तराखंड के चंपावत में 16 साल की किशोरी से गैंगरेप…. भाजपा नेता, एक अग्निवीर समेत 3 पर केस


    चंपावत।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) के चम्पावत (Champawat) में दोस्त संग शादी में गई 16 वर्षीय किशोरी (16-Year-old Teenager) दरिंदगी का शिकार हो गई। उसके दोस्त, भाजपा नेता समेत तीन लोगों ने चाकू नोक पर उसके साथ गैंगरेप किया। पीड़िता एक सुनसान घर में निर्वस्त्र मिली। उसके हाथ-पैर भी बंधे हुए थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल तीनों फरार हैं। आरोपियों में एक अग्निवीर बताया जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार, पीड़ित के पिता ने तहरीर देकर बताया कि उनकी बेटी चम्पावत की एक दुकान में काम करती है। पांच मई की शाम को वह घर नहीं लौटी। फोन करने पर उसने बताया कि सल्ली निवासी उसका दोस्त विनोद सिंह रावत उसे एक शादी समारोह में ले गया है। लेकिन, देर रात तक वह घर नहीं लौटी। रात करीब डेढ़ बजे बेटी ने पिता को फोन किया, लेकिन तुरंत कट गया और फिर मोबाइल ऑफ हो गया। पिता ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। बुधवार तड़के चार बजे पुलिस और ग्रामीणों को किशोरी सल्ली गांव में एक बंद कमरे में रस्सी से बंधी मिली।


    चाकू की नोंक पर दरिंदगी

    किशोरी ने बताया कि सल्ली निवासी 20 वर्षीय विनोद सिंह रावत, 30 वर्षीय नवीन सिंह और भाजपा नेता 45 वर्षीय पूरन सिंह रावत ने गले पर चाकू रखकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद तीनों ने रस्सी से बांधकर उसे कमरे में बंद कर दिया। कोतवाल बीएस बिष्ट ने बताया कि मामले की जांच एसआई प्रियंका मौर्या को सौंपी गई है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं।

    पीड़ित किशोरी का मेडिकल कराकर उसकी काउंसलिंग कराई गई है। पूरन सिंह रावत पूर्व में तल्लादेश से भाजपा का मंडल उपाध्यक्ष और सल्ली गांव का प्रधान रह चुका है। भाजपा के तल्लादेश मंडल अध्यक्ष कैलाश सिंह बोहरा ने बताया कि कुछ समय पूर्व नई कार्यकारिणी के गठन में उसे पद से हटाया गया था।


    चम्पावत को चौथी गैंग रेप की वारदात ने दहलाया

    चम्पावत में हुए गैंगरैप की वारदात ने पहाड़ की शांत वादियों को झकझोर कर रख दिया है। गैंगरेप की घटना से महिला सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 13 साल के भीतर ही यह चौथी शर्मशार करने वाली वारदात है।


    पीड़िता के पिता ने कराया मुकदमा

    चम्पावत में मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने देवभूमि को एक बार फिर से हिला कर रख दिया है। इस घटना ने एक बार फिर से महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता के पिता की दी तहरीर में कहा गया है कि तीन लोगों ने उसके साथ चाकू और धारदार हथियार बसूला को उसके गर्दन पर रख कर गैंग रेप किया। पुलिस पूछताछ में उसने ये भी बताया कि तीनों ने उसे रस्सी से बांध कर कमरे में बंद कर दिया। वैसे जिले में गैंगरेप की ये पहली वारदात नहीं है। इससे पूर्व भी जिले में गैंगरेप के मामले हो चुके हैं।


    पूर्व में गैंगरेप के मामले

    वर्ष 2003 में चम्पावत में सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तीन को हिरासत में लिया गया था। अक्टूबर 2023 में सूखीढांग क्षेत्र में एक महिला के साथ तीन लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। जबकि जुलाई 2024 में तल्लापाल बिलौना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ तीन युवकों ने दुष्कर्म किया था। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। बहरहाल जो भी हो गैंगरेप से महिला सुरक्षा पर खतरा है।

    चंपावत एसपी रेखा यादव ने बताया कि चम्पावत के सल्ली गांव में 16 साल की एक नाबालिग बालिका से सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई है। पीड़िता के पिता की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ चम्पावत कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    गैंगरेप का एक आरोपी अग्निवीर में भर्ती!
    आरोपी विनोद का चयन अग्निवीर में हुआ था। कुछ समय पूर्व बनबसा में हुई भर्ती के दौरान विनोद ने शारीरिक दक्षता और मेडिकल पास किया था। बताया जाता है कि विनोद का अग्निवीर का कॉल लेटर आना शेष था।


    फॉरेंसिक टीम ने जांच की

    चम्पावत। गैंगरेप की घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। फारेंसिक टीम ने सल्ली स्थित डेयरी के पास के कमरे में पहुंच कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस मीडिया ग्रुप से मिली जानकारी के अनुसार फील्ड यूनिट ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए।


    पिता के संरक्षण में भेजी नाबालिग बालिका

    बुधवार को जिला अस्पताल में पीड़िता का मेडिकल चेकअप किया गया। जिसके बाद सीडब्ल्यूसी ने पीड़िता की काउंसलिंग की। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष आनंदी अधिकारी ने बताया कि काउंसलिंग में पीड़िता ने बीमार पिता के साथ रहने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि इसके बाद पीड़िता को पिता के संरक्षण में भेज दिया। साथ ही किसी भी तरह की दिक्कत होने पर कमेटी को जानकारी देने के लिए कहा गया। उन्होंने बताया कि काउंसलिंग के बाद जांच अधिकारी पीड़िता को लेकर 164 के बयान लिए कोर्ट ले गई।

  • अंतरिक्ष में धरती से 30% बड़े ‘सुपर-अर्थ’ की सतह का पहली बार अध्ययन, जेम्स वेब टेलीस्कोप ने खोले रहस्य

    अंतरिक्ष में धरती से 30% बड़े ‘सुपर-अर्थ’ की सतह का पहली बार अध्ययन, जेम्स वेब टेलीस्कोप ने खोले रहस्य

    वॉशिंगटन। अंतरिक्ष विज्ञान में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए वैज्ञानिकों ने पहली बार किसी दूरस्थ चट्टानी ग्रह की सतह का विस्तृत अध्ययन किया है। यह शोध जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की मदद से किया गया है, जिसमें एलएचएस 3844 बी नामक एक सुपर-अर्थ ग्रह के बारे में अहम जानकारियां सामने आई हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह ग्रह हमारे सौरमंडल के बुध ग्रह जैसा बेहद गर्म, अंधकारमय और पूरी तरह निर्जीव हो सकता है। इस अध्ययन के निष्कर्ष प्रतिष्ठित जर्नल ‘नेचर एस्ट्रोनॉमी’ में प्रकाशित हुए हैं।

    धरती से 48.5 प्रकाश-वर्ष दूर मौजूद है यह ग्रह
    एलएचएस 3844 बी पृथ्वी से लगभग 48.5 प्रकाश-वर्ष दूर स्थित है और आकार में हमारे ग्रह से करीब 30% बड़ा है। इसे सुपर-अर्थ श्रेणी में रखा गया है। सुपर-अर्थ वे ग्रह होते हैं जो पृथ्वी से बड़े तो होते हैं, लेकिन गैसीय दानव ग्रहों जितने विशाल नहीं होते।

    बेहद तेज कक्षा में घूमता है ग्रह
    यह ग्रह अपने तारे के बेहद करीब है और केवल 11 घंटे में अपने तारे का एक चक्कर पूरा कर लेता है। इस तेज परिक्रमा के कारण इसकी सतह पर अत्यधिक तापमान और कठोर परिस्थितियां बनी रहती हैं।

    वातावरण का कोई संकेत नहीं
    शोध में यह पाया गया है कि ग्रह पर किसी भी प्रकार का वातावरण मौजूद नहीं है। न तो वहां गैसीय परत है जो तापमान को नियंत्रित कर सके और न ही सतह को विकिरण से बचा सके। इसका मतलब यह है कि ग्रह सीधे अंतरिक्षीय विकिरण और उल्कापिंडों के प्रभाव में रहता है।

    बेसाल्ट जैसी चट्टानी सतह के संकेत
    वैज्ञानिकों के अनुसार इस ग्रह की सतह पृथ्वी जैसी नहीं है। प्रारंभिक विश्लेषण से संकेत मिले हैं कि इसकी सतह बेसाल्ट चट्टानों से बनी हो सकती है, जो ज्वालामुखीय लावा के ठंडा होने से बनती हैं।

    एमआईआरआई उपकरण ने निभाई अहम भूमिका
    इस अध्ययन में जेम्स वेब टेलीस्कोप पर लगे मिड-इंफ्रारेड इंस्ट्रूमेंट (MIRI) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस उपकरण ने ग्रह से आने वाली इन्फ्रारेड रोशनी का विश्लेषण किया और सतह के तापीय गुणों का अध्ययन संभव बनाया। वैज्ञानिक सीधे ग्रह की तस्वीर लेने में सफल नहीं हो सके, लेकिन ग्रह और उसके तारे से आने वाले प्रकाश में सूक्ष्म बदलावों का विश्लेषण कर स्पेक्ट्रम तैयार किया गया, जिससे उसकी सतह की संरचना का अनुमान लगाया गया।

    भविष्य की खोजों के लिए बड़ी उम्मीद
    विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज भविष्य में अन्य चट्टानी ग्रहों की सतह और भूगर्भीय इतिहास को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे यह संभावना बढ़ती है कि आने वाले समय में दूरस्थ ग्रहों पर जीवन की संभावनाओं की भी गहराई से जांच की जा सकेगी।

  • पंजाब में हाई अलर्ट…. ऑपरेशन सिंदूर की सालगिरह से पहले सैन्य ठिकानों पर ब्लास्ट के बाद बढ़ाई सुरक्षा

    पंजाब में हाई अलर्ट…. ऑपरेशन सिंदूर की सालगिरह से पहले सैन्य ठिकानों पर ब्लास्ट के बाद बढ़ाई सुरक्षा


    नई दिल्ली।
    ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) की सालगिरह से ठीक पहले पंजाब (Punjab) में दो सैन्य ठिकानों के बाहर हुए धमाकों के बाद पंजाब (Punjab) में हाई अलर्ट (High alert) जारी किया गया है। पूरे पंजाब में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, आर्मी बेस, पैरामिलिट्री कैंप और दूसरे जरूरी आधारभूत संरचना के आसपास पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और चेकपॉइंट बनाए गए हैं। बॉर्डर पर भी बीएसएफ ने चौकसी बढ़ा दी है। मंगलवार शाम को जालंधर के बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के पंजाब फ्रंटियर हेडक्वार्टर के पास और इसी रात अमृतसर में आर्मी के खासा कैंप के पास धमाके हुए थे। अब एनआईए, पंजाब पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर यह पता लगा रही है कि क्या धमाके के तार आपस में जुड़े हुए थे?

    धमाकों के समय ने जांच में एक और पहलू जोड़ दिया है और वह है ऑपरेशन सिंदूर की सालगिरह। हालांकि, अधिकारियों ने कोई सीधा कनेक्शन नहीं निकाला है, लेकिन उन्होंने कहा कि इस इत्तेफाक को बड़े सुरक्षा मूल्यांकन में शामिल किया जा रहा है क्योंकि बॉर्डर स्टेट पंजाब पहले भी कई आतंकी हमले झेल चुका है। ऑपरेशन सिंदूर में भी पाकिस्तान ने पंजाब के सरहदी जिलों पठानकोट, अमृतसर, फिरोजपुर, जालंधर के आदमपुर एयरबेस को निशाना बनाने की कोशिश की थी, जिसे भारतीय सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया था।


    सेना ने बोर्डर से सटे इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया

    खुफिया एजेंसियों से इनपुट मिलने के बाद पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का में सतर्कता बढ़ाई गई है। फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन और विभिन्न बॉर्डर चौकियों पर पुलिस नाके लगाकर तलाशी अभियान तेज किया गया है। सुरक्षा के लिहाज से अति संवेदनशील एवं सीमावर्ती जिला पठानकोट में पुलिस ने सुरक्षा प्रबंध कड़े कर दिए हैं। पठानकोट के साथ लगते जम्मू-कश्मीर व हिमाचल के इंटर स्टेट नाकों पर पुलिस ने सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए फोर्स बढ़ा दी है। पठानकोट की बड़ी सीमा पाकिस्तान के साथ सटी है।

    बुधवार को पठानकोट पुलिस और सेना की ओर से भारत-पाक सीमा से सटे इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जम्मू और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाले सभी एंट्री पॉइंट्स पर पुलिस की पैनी नजर है। हर आने-जाने वाले वाहन की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और बिना पहचान पत्र के किसी को भी सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। एसएसपी पठानकोट दलजिंदर सिंह ढिल्लो के दिशा निर्देशों के अनुसार पूरे जिले में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कल रात से ही पठानकोट के साथ लगते जम्मू व हिमाचल से आने वाली हर गाड़ी को चेक किया जा रहा है।


    चंडीगढ़ में पंजाब पुलिस के मुख्यालय पर हाई सिक्योरिटी

    पंजाब में दोहरे ब्लास्ट के बाद राजधानी चंडीगढ़ में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सेक्टर-9 स्थित पंजाब पुलिस मुख्यालय के मुख्य गेट के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और आने-जाने वाले हर व्यक्ति की सख्ती से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था में तत्काल बदलाव एहतियात के तौर पर किया गया है, क्योंकि यह इलाका पहले से ही संवेदनशील श्रेणी में आता है।

    मुख्यालय के पास ही चंडीगढ़ पुलिस का दफ्तर और पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया का कार्यालय होने की वजह से सुरक्षा एजेंसियां कोई जोखिम नहीं लेना चाहतीं। पंजाब पुलिस मुख्यालय के मुख्य गेट के पीछे लोहे के बड़े बड़े गेट लगाए गए हैं ताकि बाहर से कोई विस्फोटक परिसर में न फैंका जा सके।


    आईएसआई, खालिस्तानी और गैंगस्टरों के गठजोड़ से बढ़ी चिंताएं

    पंजाब में एक बार फिर सुरक्षा हालात को लेकर गंभीर चिंता सामने आ रही है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, खालिस्तानी आतंकी नेटवर्क और गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ के सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। हाल के घटनाक्रम और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई से साफ है कि राज्य को अस्थिर करने की कोशिशें सुनियोजित तरीके से की जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा से ड्रोन के जरिए हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी बड़ी चुनौती बन चुकी है।

    अमृतसर और फिरोजपुर सेक्टर में कई बार पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से हथियार गिराए जाने के मामले सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि इन गतिविधियों के पीछे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और विदेशों में सक्रिय खालिस्तानी आतंकी शामिल हैं। इनमें रंजीत नीटा और लखबीर लंडा जैसे नाम प्रमुख हैं। हालांकि पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की सतर्कता से कई साजिशें नाकाम हुई हैं। इसके बावजूद सीमा पार से मिल रहे समर्थन और स्थानीय नेटवर्क के कारण चुनौती बनी हुई है।

  • शुभेंदु अधिकारी को नजरअंदाज करना BJP के लिए मुश्किल, बंगाल में मुख्यमंत्री चयन पर बढ़ा सस्पेंस

    शुभेंदु अधिकारी को नजरअंदाज करना BJP के लिए मुश्किल, बंगाल में मुख्यमंत्री चयन पर बढ़ा सस्पेंस

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बनाने की स्थिति में पहुंची भारतीय जनता पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बीच पार्टी नेतृत्व में नाम को लेकर गंभीर विचार-विमर्श चल रहा है और जल्द ही अंतिम फैसला होने की संभावना है।

    सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गुरुवार को कोलकाता पहुंचने की संभावना है, जबकि शुक्रवार शाम भाजपा विधायक दल की अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसमें राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। इसी बीच शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या की घटना ने राज्य की राजनीति में तनाव और बढ़ा दिया है।

    सीएम पद की रेस में कई चेहरे
    मुख्यमंत्री पद के लिए कई नामों पर चर्चा चल रही है। राजनीतिक हलकों में यह भी माना जा रहा है कि ममता बनर्जी के विकल्प के तौर पर किसी महिला चेहरे को आगे लाने पर विचार हो सकता है, जिसमें अग्निमित्रा पॉल और रूपा गांगुली के नाम शामिल हैं। इसके अलावा संगठनात्मक अनुभव के आधार पर प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष के नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि इन सभी के बीच सबसे ज्यादा चर्चा और कार्यकर्ताओं का झुकाव शुभेंदु अधिकारी की ओर देखा जा रहा है।

    शुभेंदु अधिकारी क्यों हैं सबसे मजबूत दावेदार?
    शुभेंदु अधिकारी को भाजपा की चुनावी सफलता का अहम चेहरा माना जा रहा है। 2021 में नंदीग्राम में और बाद में भवानीपुर जैसे हाई-प्रोफाइल मुकाबलों में उन्होंने सत्ताधारी टीएमसी नेतृत्व को कड़ी चुनौती दी। पूर्व में तृणमूल कांग्रेस के रणनीतिकार रह चुके शुभेंदु को राज्य की राजनीति की गहरी समझ रखने वाला नेता माना जाता है। 2020 में भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने संगठन को जमीन पर मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई।

    कार्यकर्ताओं की पहली पसंद
    पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, जमीनी कार्यकर्ता शुभेंदु अधिकारी को ही मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। उनका मानना है कि उन्होंने लगातार टीएमसी के खिलाफ संघर्ष किया और राज्य में भाजपा को मजबूत पहचान दिलाई।

    नजरअंदाज करने के संभावित खतरे
    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि भाजपा नेतृत्व शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री नहीं बनाता है तो इसका असर संगठन पर पड़ सकता है। इससे उन कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर सकता है जिन्होंने चुनाव में कड़ी मेहनत की है। साथ ही, शुभेंदु का प्रशासनिक अनुभव, क्योंकि वे पहले राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं, नए शासन संचालन में बेहद अहम माना जा रहा है।

    क्या भाजपा करेगी सरप्राइज फैसला?
    भाजपा का इतिहास रहा है कि वह कई बार अप्रत्याशित फैसले लेकर सभी को चौंकाती है। ऐसे में शमिक भट्टाचार्य या अग्निमित्रा पॉल जैसे नामों को भी अंतिम क्षण में आगे किया जा सकता है। फिलहाल राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है क्या भाजपा शुभेंदु अधिकारी पर भरोसा जताएगी या फिर कोई नया चेहरा सामने लाकर सबको चौंका देगी?

  • भारतीय राजनीति के 5 सबसे चौंकाने वाले गठबंधन, जब सत्ता के लिए धुर विरोधियों ने मिलाया हाथ

    भारतीय राजनीति के 5 सबसे चौंकाने वाले गठबंधन, जब सत्ता के लिए धुर विरोधियों ने मिलाया हाथ

    नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में स्थायी दोस्ती या स्थायी दुश्मनी जैसी कोई चीज नहीं मानी जाती। यहां समीकरण बदलते देर नहीं लगती और अक्सर वही नेता, जो कल तक एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे होते हैं, आज सत्ता की जरूरत में साथ खड़े नजर आते हैं। विचारधाराएं पीछे छूट जाती हैं और कुर्सी सबसे आगे आ जाती है। देश के राजनीतिक इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं जिन्होंने जनता को हैरान कर दिया।

    1. आम आदमी पार्टी और कांग्रेस: 49 दिन का अनोखा साथ
    दिल्ली की राजनीति में साल 2013 के बाद एक अप्रत्याशित मोड़ आया। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस को सबसे बड़ा विरोधी बनाया था। लेकिन विधानसभा चुनाव में बहुमत से दूर रहने के बाद कांग्रेस के 8 विधायकों के बाहरी समर्थन से केजरीवाल पहली बार मुख्यमंत्री बने। यह गठबंधन ज्यादा दिन नहीं चला और महज 49 दिनों में सरकार गिर गई।

    2. भाजपा और पीडीपी: जम्मू-कश्मीर का अप्रत्याशित मेल
    जम्मू-कश्मीर में 2015 से 2018 तक का समय भी राजनीतिक दृष्टि से बेहद चौंकाने वाला रहा, जब महबूबा मुफ्ती की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाई। वैचारिक रूप से दोनों दलों के बीच गहरा अंतर था, लेकिन सत्ता की मजबूरी में यह गठबंधन बना। 2018 में मतभेद बढ़ने पर यह सरकार गिर गई।

    3. नीतीश-लालू की जोड़ी: बिहार की सियासी करवटें
    बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव की साझेदारी और टकराव दोनों ही बार-बार देखने को मिले हैं। एक समय नीतीश ने लालू की राजनीति का विरोध कर अलग राह बनाई, लेकिन 2015 में दोनों ने साथ मिलकर सरकार बनाई। बाद में फिर गठबंधन टूटा और नीतीश ने कई बार राजनीतिक पाला बदला, जिससे यह राज्य गठबंधन राजनीति का सबसे बड़ा उदाहरण बन गया।

    4. महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी का साथ
    महाराष्ट्र की राजनीति में 2019 के बाद बड़ा उलटफेर हुआ, जब शिवसेना ने वैचारिक रूप से विपरीत मानी जाने वाली कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर महा विकास अघाड़ी सरकार बनाई। दशकों तक बीजेपी के साथ रही शिवसेना का यह कदम राजनीति में बड़ा यू-टर्न माना गया।

    5. उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन
    2019 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी ने लंबे समय की दुश्मनी भुलाकर गठबंधन किया। दोनों दलों का उद्देश्य भाजपा को रोकना था, हालांकि यह गठबंधन चुनावी सफलता में बड़ा असर नहीं डाल सका, लेकिन राजनीतिक रूप से बेहद चर्चा में रहा।

  • तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा… किसी भी दल के पास बहुमत नहीं, अब क्या करेंगे गवर्नर?

    तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा… किसी भी दल के पास बहुमत नहीं, अब क्या करेंगे गवर्नर?


    चेन्नई।
    तमिलनाडु (Tamil Nadu) की जनता ने इस विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में ऐसा फैसला सुनाया है कि वहां की राजनीति फंस सी गई है। किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है। अभिनेता से राजनेता बने विजय (Vijay) की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (Tamilaga Vetri Kazhagam- TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 108 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर इतिहास तो रच दिया है, लेकिन सत्ता से अभी भी दूर ही नजर आ रही है। उनके पास सरकार बनाने के लिए जरूरी 117 विधायकों का समर्थन प्राप्त नहीं है। राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर (Governor Rajendra Arlekar) ने विधानसभा तो भंग कर दी है, लेकिन विजय को सरकार बनाने का न्यौता देने से पहले बहुमत का ठोस सबूत पेश करने को कहा है।

    आपको यह भी बता दें कि विजय ने दो सीटों से चुनाव जीता है। नियमों के मुताबिक उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। इसके साथ पार्टी के विधायकों की संख्या 107 ही रह जाएगी। उन्हें बहुमत के लिए 10 और विधायकों के समर्थन की जरूरत है। इस चुनाव में सत्तारूढ़ डीएमके गठबंधन को 59, एआईएडीएमके गठबंधन को 47, कांग्रेस को 5 और पीएमके को 4 सीटें मिली हैं। अन्य छोटे दलों के पास 2 सीटें हैं। कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का एलान किया है, जिससे आंकड़ा 112 तक पहुंचता है। हालांकि, अभी भी 5 और सीटों की दरकार है। चर्चा यह भी है कि भाजपा के समर्थन से टीवीके और एआईएडीएमके के बीच भी बातचीत चल रही है।


    त्रिशंकु विधानसभा के हालात में क्या करेंगे राज्यपाल?

    नियमों के मुताबिक, जब किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो राज्यपाल के पास शक्तियां होती हैं। न्यायमूर्ति आरएस सरकारिया के अनुसार, राज्यपाल का मुख्य कार्य सरकार का गठन करवाना है न कि अपनी पसंद की विचारधारा वाली सरकार चुनना। राज्यपाल को सबसे पहले चुनाव पूर्व गठबंधन, उसके बाद सबसे बड़ी पार्टी और सबसे अंत में चुनाव बाद का गठबंधन को मौका देना होता है। यह उस स्थिति में होता है जब उनके पास सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्याबल हो। मुख्यमंत्री को पद संभालने के 30 दिनों के भीतर सदन में विश्वास मत हासिल करना होगा। बहुमत का फैसला राजभवन में नहीं बल्कि विधानसभा के फ्लोर पर होना चाहिए।


    राज्यपालों के विवादित फैसले

    हालांकि, राज्यपालों ने अलग-अलग स्थितियों में अलग-अलग रुख अपनाए हैं, जिससे अक्सर विवाद पैदा हुए हैं। 2017 में गोवा और मिजोरम में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी थी, लेकिन वहां के राज्यपालों ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए बुलाया क्योंकि भाजपा ने अन्य दलों के समर्थन के पत्र पहले पेश कर दिए थे। इसके एक साल बाद कर्नाटक में भी ऐसी ही स्थिति थी। यहां भाजपा सबसे बड़ी पार्टी थी। राज्यपाल ने बी.एस. येदियुरप्पा को शपथ दिला दी, लेकिन कांग्रेस और जेडीएस के चुनाव बाद गठबंधन ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 24 घंटे के भीतर बहुमत साबित करने की चुनौती मिलने पर येदियुरप्पा को इस्तीफा देना पड़ा।

  • बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के निज सहायक की हत्या…. भड़की BJP, अभिषेक बनर्जी पर लगाया आरोप

    बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के निज सहायक की हत्या…. भड़की BJP, अभिषेक बनर्जी पर लगाया आरोप


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) में विधायक शुभेंदु अधिकारी (MLA Shubhendu Adhikari.) के निजी सहायक की हत्या का आरोप भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party leaders) नेताओं ने अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) पर लगाया है। अभिषेक, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) के भतीजे हैं। भाजपा ने कहा है कि इस घटना का जवाब दिया जाएगा। साथ ही पुलिस से कहा है कि हत्या के जिम्मेदारों को कहीं से भी खोज कर लाया जाए।

    भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष आनंद बनर्जी ने कहा, ‘हम लोग ये गुंडागर्दी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। 2021 के चुनाव के बाद हमारे 300 कार्यकर्ताओं को टीएमसी के इन गुंडों ने कत्ल कर दिया, लेकिन हम राष्ट्रीय पार्टी हैं और हमारा अनुशासन है। ये सब हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमने हमने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि टीएमसी वाला जो भड़का रहा है, उसमें मत जाइए। लेकिन आप उन्हें कब तक रोक कर रख सकते हैं? मैं कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दे रहा हूं।’

    उन्होंने कहा, ‘यह एक नियोजित हत्या थी। हमने पुलिस और प्रशासन को कहा है कि अगर पाताल में भी घुसा है, तो भी निकालिए। पश्चिम बंगाल में ये गुंडागर्दी नहीं चलने वाला है।’


    अभिषेक बनर्जी पर लगाए आरोप

    भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने कहा, ‘अभिषेक बनर्जी ने यह हत्या कराई है। वह एक मैसेज देना चाहते हैं कि हम सरकार में भले न हों, लेकिन तुम्हारे ऊपर भारी हैं। लेकिन वह मूर्ख है और हम लोगों के ऊपर भारी नहीं है। इसका जवाब मिलेगा।’

    एक स्थानीय समाचार चैनल से बातचीत में, भाजपा नेता और नवनिर्वाचित विधायक कौस्तव बागची ने कहा, ‘यह एक सुनियोजित हमला था। हमलावरों ने रथ की कार का काफी देर तक पीछा किया और फिर उन पर गोलियों की बौछार कर दी। यह ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की साजिश है। जब तक अपराधियों की पहचान नहीं हो जाती, हम चैन से नहीं बैठेंगे। तब तक हम शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।’

    भाजपा के नव निर्वाचित विधायक तरुणज्योति तिवारी ने कहा, ‘हम शांति का संदेश देते रहे हैं लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने बहुत बड़ी गलती की है।’


    ममता बनर्जी की हार का नतीजा

    भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा, ‘यह शायद भवानीपुर में ममता बनर्जी की हार का नतीजा है… CCTV फुटेज की अभी जांच की जा रही है… चंद्र एक भरोसेमंद इंसान थे, वे नेता प्रतिपक्ष के दफ़्तर के सारे कामकाज देखते थे, हमारे विधायकों के लिए भाई जैसे थे, और कई तरह के दूसरे काम भी संभालते थे… जिस इंसान का BJP से कोई लेना-देना ही नहीं था, उसकी हत्या क्यों की गई? जनता में भारी गुस्सा है… हमने तो शांति चाही थी, लेकिन अब परिवार ज़रूर जवाब मांगेगा… अभी कुछ देर पहले ही, हमारे एक बूथ कार्यकर्ता पर चाकू से हमला किया गया और वह अभी अस्पताल में भर्ती है…।’


    एक्शन में पुलिस

    पश्चिम बंगाल के DGP सिद्ध नाथ गुप्ता ने कहा, ‘हमने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। हमने अपराध में इस्तेमाल हुई 4 पहिया गाड़ी को जब्त कर लिया है, लेकिन ऐसी खबरें आ रही हैं कि गाड़ी की नंबर प्लेट नकली है और उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। हमें घटनास्थल से जिंदा कारतूस और चले हुए कारतूस मिले हैं। चश्मदीदों और सबूतों की जांच की जा रही है और आगे की जांच जारी है।’

    यह घटना उत्तरी 24 परगना जिले में मध्यमग्राम क्षेत्र के दोहरिया में हुई, जहां शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ रथ पर हमला किया गया। बाइक पर सवार लोगों ने उन्हें करीब से गोली मार दी। इसके बाद हमलावर फरार हो गए। मामले में अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

  • टी20 क्रिकेट में अभिषेक शर्मा का करिश्मा, छक्कों की झड़ी लगाकर बनाया तिहरा शतक

    टी20 क्रिकेट में अभिषेक शर्मा का करिश्मा, छक्कों की झड़ी लगाकर बनाया तिहरा शतक


    नई दिल्ली। Sunrisers Hyderabad ने बुधवार को खेले गए इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 235 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। ओपनिंग से ही टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। ट्रैविस हेड और अभिषेक शर्मा की जोड़ी ने तेज शुरुआत दी और पावरप्ले में ही पंजाब के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।
    Abhishek Sharma ने सिर्फ 13 गेंदों पर 35 रन की तूफानी पारी खेली। उनकी इस पारी में 4 छक्के और 2 चौके शामिल रहे। उन्होंने 269.23 की स्ट्राइक रेट से गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं।

    अभिषेक शर्मा का धमाका और ऐतिहासिक उपलब्धि
    अभिषेक शर्मा ने अपनी पारी की शुरुआत ही आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने अर्शदीप सिंह की गेंद पर पहला छक्का लगाया और इसके बाद मार्को जानसेन को लगातार दो छक्के जड़े। चौथा छक्का उन्होंने लॉकी फर्ग्यूसन की गेंद पर जड़ा। हालांकि इसी ओवर में वे बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो गए और कप्तान श्रेयस अय्यर को आसान कैच थमा बैठे। इसके बावजूद उनकी पारी ने मैच का रुख पूरी तरह SRH की ओर मोड़ दिया।

    इस पारी के साथ अभिषेक शर्मा ने T20 क्रिकेट में भारत में अपने 300 छक्कों का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया और यह उपलब्धि हासिल करने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए। इससे पहले यह उपलब्धि Rohit Sharma, Virat Kohli, क्रिस गेल, सूर्यकुमार यादव और संजू सैमसन जैसे दिग्गज हासिल कर चुके हैं।

    ट्रैविस हेड और SRH की मजबूत साझेदारी
    ट्रैविस हेड ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 19 गेंदों पर 38 रन बनाए। उन्होंने 3 चौके और 3 छक्के लगाए, लेकिन युजवेंद्र चहल ने उन्हें पवेलियन भेजकर पंजाब को थोड़ी राहत दी। अभिषेक और हेड ने पहले विकेट के लिए मात्र 3.3 ओवर में 54 रन जोड़कर तेज शुरुआत दी, जिसने पूरे मैच की दिशा तय कर दी।

    PBKS की कोशिश नाकाम, 202 रन पर सिमटी पारी
    Punjab Kings की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 202 रन ही बना सकी। शुरुआत से ही दबाव में दिखी पंजाब की टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करने में असफल रही। हालांकि कुछ बल्लेबाजों ने कोशिश जरूर की, लेकिन SRH के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर वापसी की कोई भी संभावना नहीं बनने दी।

    निष्कर्ष: SRH का दमदार प्रदर्शन जारी
    इस जीत के साथ सनराइजर्स हैदराबाद ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनकी बल्लेबाजी लाइनअप किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखती है। अभिषेक शर्मा की विस्फोटक पारी और टीम का सामूहिक प्रदर्शन इस जीत की सबसे बड़ी ताकत रहा।