Author: bharati

  • भुजंगासन से पाएं स्ट्रेस और पीठ दर्द से राहत, शरीर बनेगा लचीला

    भुजंगासन से पाएं स्ट्रेस और पीठ दर्द से राहत, शरीर बनेगा लचीला


    नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, गलत बैठने की आदत और अनियमित दिनचर्या के कारण लोग कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में योग एक प्राकृतिक और प्रभावी समाधान के रूप में सामने आता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, भुजंगासन यानी कोबरा पोज एक ऐसा सरल योगासन है जो शरीर और मन दोनों को संतुलित करने में मदद करता है।
    यह आसन विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है जो स्ट्रेस, कब्ज, पेट की चर्बी, पीठ दर्द या सांस संबंधी समस्याओं से परेशान रहते हैं। नियमित अभ्यास से शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ता है और थकान कम महसूस होती है।
    भुजंगासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाता है। यह पीठ की जकड़न को दूर करने में मदद करता है, जिससे लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों को काफी राहत मिलती है। साथ ही यह मुद्रा संबंधी दर्द को भी कम करता है।
    इस योगासन का पाचन तंत्र पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह आंतों की गतिविधि को सुधारकर कब्ज जैसी समस्या को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा यह पेट की चर्बी घटाने में भी सहायक माना जाता है, जिससे शरीर फिट और संतुलित रहता है।
    मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी भुजंगासन काफी लाभकारी है। यह तनाव और मानसिक थकान को कम करता है क्योंकि यह श्वास प्रक्रिया को बेहतर बनाता है और शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाता है। इससे मन शांत होता है और एकाग्रता बढ़ती है।
    सांस संबंधी समस्याओं जैसे ब्रोंकाइटिस में भी यह आसन राहत पहुंचाने में मदद कर सकता है। छाती खुलने से सांस लेने की क्षमता बेहतर होती है और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है।
    भुजंगासन करने की प्रक्रिया भी बेहद सरल है। इसके लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं। फिर हथेलियों को कंधों के नीचे रखें और धीरे-धीरे सांस लेते हुए छाती और सिर को ऊपर उठाएं। ध्यान रखें कि कमर पर ज्यादा दबाव न पड़े। इस स्थिति में 15 से 30 सेकंड तक रहें और फिर धीरे-धीरे वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं। शुरुआत में इसे 3 से 5 बार करना पर्याप्त होता है।
    आयुष मंत्रालय का कहना है कि भुजंगासन न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन भी बनाए रखता है। यह शरीर की जकड़न को दूर कर उसे अधिक सक्रिय और ऊर्जावान बनाता है।
    हालांकि, जिन लोगों को गंभीर पीठ दर्द, हाल ही में सर्जरी या कोई पुरानी बीमारी है, उन्हें इस आसन का अभ्यास करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
  • पाचन से लेकर इम्यूनिटी तक, पपीता है हर समस्या का प्राकृतिक समाधान

    पाचन से लेकर इम्यूनिटी तक, पपीता है हर समस्या का प्राकृतिक समाधान


    नई दिल्ली। पपीता एक ऐसा फल है जिसे सेहत के लिए प्राकृतिक औषधि माना जाता है। स्वाद में मीठा और रसीला यह फल न सिर्फ खाने में आसान है, बल्कि इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार पपीता विटामिन ए, सी, ई, फोलेट, पोटैशियम और फाइबर का बेहतरीन स्रोत है, जो शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है।
    पपीते में मौजूद पेपेन एंजाइम पाचन तंत्र के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। यह भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है और कब्ज, गैस व अपच जैसी समस्याओं को कम करता है। नियमित सेवन से पेट स्वस्थ रहता है और पाचन क्रिया मजबूत होती है।
    इसमें मौजूद विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इससे सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण और अन्य मौसमी बीमारियों से लड़ने की शक्ति मिलती है। यही कारण है कि बदलते मौसम में पपीता को बेहद फायदेमंद माना जाता है।
    पपीता त्वचा के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। इसके एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को चमकदार बनाने, दाग-धब्बों को कम करने और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करते हैं। नियमित सेवन से त्वचा स्वस्थ और साफ बनी रहती है।
    हड्डियों की मजबूती के लिए भी पपीता बहुत उपयोगी है। इसमें मौजूद विटामिन K और कैल्शियम हड्डियों की घनत्व (bone density) को बढ़ाने में मदद करते हैं। इससे हड्डियां मजबूत बनती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है। विशेष रूप से बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह फल बेहद लाभकारी माना जाता है।
    इसके अलावा पपीता बालों के लिए भी फायदेमंद है। इसमें मौजूद विटामिन A और E बालों की जड़ों को पोषण देते हैं, जिससे बाल मजबूत और चमकदार बनते हैं। यह बालों के झड़ने को कम करने और डैंड्रफ जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।
    विशेषज्ञों के अनुसार पपीता केवल पका हुआ ही नहीं, बल्कि कच्चा भी सब्जी के रूप में खाया जा सकता है। दोनों ही रूपों में यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। हालांकि किसी गंभीर बीमारी या विशेष स्वास्थ्य स्थिति में इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
  • बार-बार हो रहे हैं बीमार? अपनाएं ये आसान इम्यूनिटी बूस्टर टिप्स

    बार-बार हो रहे हैं बीमार? अपनाएं ये आसान इम्यूनिटी बूस्टर टिप्स


    नई दिल्ली। मौसम में बदलाव के साथ ही सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ने लगता है। कभी तेज गर्मी तो कभी अचानक बारिश और ठंडी हवाएं शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर डालती हैं। ऐसे समय में मजबूत इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरक्षा तंत्र ही शरीर की सबसे बड़ी सुरक्षा बनता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतों को अपनाया जाए तो इम्यूनिटी को प्राकृतिक तरीके से मजबूत बनाया जा सकता है।

    आयुष विभाग, छत्तीसगढ़ के अनुसार, इम्यून सिस्टम शरीर को संक्रमण और बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं पर निर्भर रहने से बेहतर है कि अपनी दिनचर्या और खानपान को संतुलित बनाया जाए। छोटी-छोटी हेल्दी आदतें लंबे समय तक शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं।

    इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए सबसे जरूरी है पर्याप्त और गहरी नींद लेना। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद शरीर की रिकवरी और इम्यून सेल्स को सक्रिय रखने के लिए बेहद आवश्यक है। अनियमित नींद या देर रात तक जागना शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकता है।

    दूसरा महत्वपूर्ण उपाय है संतुलित और पौष्टिक आहार। फल, हरी सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, मेवे और दही जैसी चीजें शरीर को जरूरी पोषक तत्व देती हैं। खासकर विटामिन-सी, विटामिन-डी, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर भोजन इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। वहीं अधिक चीनी, तला-भुना और जंक फूड शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है।

    विशेषज्ञ नियमित व्यायाम को भी बेहद जरूरी मानते हैं। रोजाना 30 से 45 मिनट तक टहलना, योग, प्राणायाम या हल्की एक्सरसाइज करने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और इम्यून सेल्स अधिक सक्रिय रहती हैं। इससे शरीर में सूजन कम होती है और फिटनेस बनी रहती है।

    तनाव को नियंत्रित रखना भी मजबूत इम्यून सिस्टम के लिए जरूरी है। लगातार तनाव और चिंता शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकते हैं। ध्यान, मेडिटेशन, संगीत सुनना या पसंदीदा हॉबी अपनाने से मानसिक तनाव कम होता है और शरीर स्वस्थ रहता है।

    इसके अलावा शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद आवश्यक है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और शरीर की कोशिकाएं सक्रिय रहती हैं। नींबू पानी, छाछ और हर्बल टी जैसे हेल्दी ड्रिंक्स भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।

    विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि किसी व्यक्ति को पहले से कोई गंभीर बीमारी है, तो इन उपायों को अपनाने से पहले डॉक्टर या आयुष विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

  • PM सूर्य घर योजना से घटेगा बिजली बिल, सस्ती ब्याज दर पर मिल रहा सोलर लोन

    PM सूर्य घर योजना से घटेगा बिजली बिल, सस्ती ब्याज दर पर मिल रहा सोलर लोन


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए अब आम लोगों को बिजली बिल से राहत दिलाने की बड़ी पहल तेज हो गई है। बिहार के नालंदा जिले में लोगों को इस योजना से जोड़ने और जागरूक करने के लिए बिहारशरीफ विद्युत डिवीजन कार्यालय परिसर में सोलर लोन मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और सोलर यूनिट लगवाने के लिए आवेदन किए।

    मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी कुंदन कुमार, डीडीसी शुभम कुमार और विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता मनीषकांत ने संयुक्त रूप से किया। अधिकारियों ने लोगों को बताया कि अब बेहद कम ब्याज दर पर बैंक लोन लेकर घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाना आसान हो गया है। इससे बिजली बिल में भारी कमी आएगी और लोग ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

    डीएम कुंदन कुमार ने कहा कि सोलर ऊर्जा अपनाना केवल बिजली बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और देश सेवा से भी जुड़ा हुआ कदम है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशी ईंधन पर निर्भर होकर पूरा करता है। ऐसे में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम कदम साबित होगा।

    उन्होंने यह भी बताया कि एक सोलर यूनिट लगाने से पर्यावरण को उतना लाभ मिलता है, जितना करीब 100 पेड़ लगाने से मिलता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों में सोलर यूनिट लगाकर हर दिन सूर्य ऊर्जा का लाभ उठाएं।

    विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता मनीषकांत ने जानकारी दी कि योजना के तहत तीन किलोवाट तक के सोलर पैनल पर 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। एक किलोवाट पर 30 हजार और दो किलोवाट पर 60 हजार रुपए की सहायता मिलेगी। प्रति किलोवाट सोलर यूनिट लगाने में लगभग 60 हजार रुपए का खर्च आता है।

    अगर किसी उपभोक्ता के पास पर्याप्त राशि नहीं है तो बैंक 5 से 6 प्रतिशत की कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध करा रहे हैं। दो लाख रुपए तक के लोन के लिए केवल सामान्य दस्तावेज जैसे पहचान पत्र, फोटो, बिजली बिल और घर की रसीद की जरूरत होगी।

    कार्यपालक अभियंता विकास कुमार ने बताया कि मेले में 88 लोगों के लोन स्वीकृत किए गए, जबकि 100 से अधिक नए उपभोक्ताओं ने योजना के लिए पंजीकरण कराया। आने वाले दिनों में हजारों घरों में सोलर यूनिट लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। बीपीएल परिवारों के लिए राज्य सरकार मुफ्त सोलर प्लेट भी उपलब्ध कराएगी।

    बैंक अधिकारियों और उपभोक्ताओं ने भी इस योजना को आर्थिक बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताया। लोगों का कहना है कि सोलर यूनिट लगने के बाद उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो जाएगा।

  • सुरक्षा और विवादों के चलते बेंगलुरु से छीना गया IPL फाइनल, अब नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बजेगा IPL 2026 फाइनल का बिगुल

    सुरक्षा और विवादों के चलते बेंगलुरु से छीना गया IPL फाइनल, अब नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बजेगा IPL 2026 फाइनल का बिगुल


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के प्लेऑफ और फाइनल मुकाबलों को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बड़ा फैसला लिया है। पहले जहां IPL 2026 का फाइनल बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आयोजित होना था, वहीं अब इसे अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कराने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही इस बार प्लेऑफ मुकाबले भी एक ही शहर में नहीं बल्कि तीन अलग-अलग शहरों में खेले जाएंगे।
    बीसीसीआई के इस फैसले के पीछे कई अहम कारण बताए जा रहे हैं। बोर्ड के अनुसार बेंगलुरु में आयोजन को लेकर स्थानीय क्रिकेट एसोसिएशन और प्रशासन की कुछ शर्तें ऐसी थीं, जो बीसीसीआई के नियमों और संचालन व्यवस्था के अनुरूप नहीं थीं। इसके अलावा लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल चुनौतियां भी लगातार सामने आ रही थीं।
    सूत्रों के मुताबिक पिछले साल बेंगलुरु में हुई स्टाम्पीड जैसी घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बोर्ड इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता था। बड़ी संख्या में दर्शकों की भीड़ और वीआईपी मूवमेंट को संभालना चुनौती माना जा रहा था। वहीं टिकट वितरण को लेकर सामने आए राजनीतिक और एमएलए टिकट विवाद ने भी माहौल को और संवेदनशील बना दिया।
    इन्हीं कारणों को देखते हुए बीसीसीआई ने फाइनल को अहमदाबाद शिफ्ट करने का फैसला लिया। नरेंद्र मोदी स्टेडियम पहले भी कई बड़े मुकाबलों और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सफल मेजबानी कर चुका है। विशाल क्षमता, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत सुरक्षा प्रबंधन के कारण यह स्टेडियम बोर्ड की पहली पसंद बना हुआ है।
    इस बार आईपीएल प्लेऑफ का फॉर्मेट भी थोड़ा अलग नजर आएगा। बीसीसीआई ने मुकाबलों को तीन शहरों में बांटने का फैसला किया है ताकि किसी एक वेन्यू पर अत्यधिक दबाव न पड़े।
    क्वालिफायर-1 धर्मशाला में खेला जाएगा, जबकि एलिमिनेटर और क्वालिफायर-2 न्यू चंडीगढ़ में आयोजित होंगे। वहीं फाइनल मुकाबला अहमदाबाद में होगा। बोर्ड का मानना है कि मल्टी-सिटी मॉडल अपनाने से सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा और भीड़ प्रबंधन भी आसान होगा।
    यह फैसला आईपीएल के इतिहास में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि परंपरागत रूप से फाइनल मुकाबला अक्सर किसी प्रमुख फ्रेंचाइजी के होम ग्राउंड या तय केंद्रीय वेन्यू पर आयोजित किया जाता रहा है। लेकिन इस बार बीसीसीआई ने आयोजन की सुचारु व्यवस्था और सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
    अहमदाबाद लगातार बड़े क्रिकेट आयोजनों का केंद्र बनता जा रहा है। ऐसे में IPL 2026 का फाइनल वहां शिफ्ट होना इस बात का संकेत भी माना जा रहा है कि भविष्य में भी बड़े मुकाबलों के लिए इसी तरह के हाई-कैपेसिटी और हाई-सिक्योरिटी वेन्यू को प्राथमिकता दी जा सकती है।
  • AI और सामाजिक न्याय पर CJI का बड़ा बयान, बोले- गरीबों के प्रति दिख रहा पूर्वाग्रह

    AI और सामाजिक न्याय पर CJI का बड़ा बयान, बोले- गरीबों के प्रति दिख रहा पूर्वाग्रह


    नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को लेकर एक महत्वपूर्ण चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि तेजी से विकसित हो रही एआई तकनीक गरीबों और वंचित वर्गों के प्रति अंतर्निहित पूर्वाग्रह प्रदर्शित कर रही है, जो भविष्य में सामाजिक असमानता को और गहरा कर सकती है।
    नई दिल्ली में ‘रिस्पेक्ट इंडिया’ द्वारा आयोजित आठवें दिनकर स्मृति व्याख्यान में बोलते हुए सीजेआई ने कहा कि सामाजिक न्याय किसी भी मानवीय और न्यायपूर्ण समाज की आधारशिला है। उन्होंने महान कवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के महाकाव्य रश्मिरथी का उल्लेख करते हुए कहा कि समानता, गरिमा और सामाजिक समरसता जैसे आदर्श भारतीय संविधान से पहले ही साहित्य में मजबूत रूप से व्यक्त किए जा चुके थे।
    सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि केवल कानून बना देना पर्याप्त नहीं है।
    जब तक समाज के हर व्यक्ति को सम्मान और गरिमा नहीं मिलेगी, तब तक वास्तविक लोकतंत्र और सामाजिक न्याय संभव नहीं हो सकता। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि आज भी समाज में आर्थिक और सामाजिक विषमताएं बनी हुई हैं और दिनकर की रचनाओं में जिन असमानताओं का उल्लेख किया गया था, वे आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं।
    उन्होंने कहा कि नई तकनीकों, विशेष रूप से एआई आधारित सिस्टम, को यदि संवैधानिक मूल्यों और मानवीय संवेदनशीलता के साथ विकसित नहीं किया गया तो वे सामाजिक बहिष्कार और भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। उनके अनुसार तकनीक का उद्देश्य केवल सुविधा प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना भी होना चाहिए।
    सीजेआई ने साहित्य और संवैधानिक नैतिकता के संबंध पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज को संवेदनशील बनाता है, जबकि संविधान उसे न्याय और समानता की दिशा देता है। दोनों मिलकर एक ऐसे समाज का निर्माण कर सकते हैं जहां हर व्यक्ति को समान सम्मान और अवसर मिले।
    कार्यक्रम के दौरान भाजपा सांसद मनोज तिवारी को ‘दिनकर संस्कृति सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिनकर की कविताएं आज भी समाज को प्रेरित करती हैं और भारतीय सांस्कृतिक चेतना को मजबूत बनाती हैं।
    सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने भी अपने संबोधन में कहा कि दिनकर के साहित्य में न्याय और समानता के वे मूल सिद्धांत दिखाई देते हैं, जो भारतीय सभ्यता की आत्मा से जुड़े हुए हैं। वहीं ‘रिस्पेक्ट इंडिया’ के संस्थापक मनीष कुमार चौधरी ने कहा कि यह मंच साहित्य, संस्कृति और सामाजिक दायित्वों को एक साथ लाने का प्रयास है।
    सीजेआई सूर्यकांत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दुनिया भर में एआई के नैतिक उपयोग और उसके सामाजिक प्रभावों को लेकर गंभीर बहस चल रही है। उनके विचार इस दिशा में भारत की संवैधानिक सोच और सामाजिक दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से सामने रखते हैं।
  • नजर दोष से परेशान? परिवार और व्यापार की नकारात्मकता दूर करने के 5 असरदार उपाय

    नजर दोष से परेशान? परिवार और व्यापार की नकारात्मकता दूर करने के 5 असरदार उपाय


    नई दिल्ली। अक्सर देखा जाता है कि सबकुछ सही चलने के बाद अचानक काम बिगड़ने लगते हैं, घर में तनाव बढ़ जाता है या व्यापार में रुकावट आने लगती है। लोक मान्यताओं और ज्योतिष के अनुसार इसे नजर दोष का प्रभाव माना जाता है। हालांकि इसका वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन परंपराओं में बताए गए कुछ उपाय लोग लंबे समय से अपनाते आ रहे हैं, जो मानसिक शांति और सकारात्मकता बढ़ाने में मदद करते हैं।

    1. नमक, राई और लाल मिर्च का उपाय
    मंगलवार या रविवार के दिन नमक की 7 डली, राई और 7 साबुत लाल मिर्च लेकर नजर लगे व्यक्ति पर सिर से पांव तक 7 बार उतारें और फिर चूल्हे या आग में जला दें। इस उपाय को बिना कुछ बोले करना चाहिए।

    2. हनुमान चालीसा का पाठ
    अगर आप घर से दूर हैं या खुद पर नजर लगने का एहसास हो रहा है, तो रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करें। साथ ही सुंदरकांड का पाठ भी सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में सहायक माना जाता है।

    3. दुकान या ऑफिस के लिए नींबू-मिर्च
    कार्यस्थल या दुकान के मुख्य दरवाजे पर नींबू-मिर्च लटकाना एक आम उपाय है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है और व्यापार पर लगी नजर कम होती है।

    4. बच्चों की नजर उतारने का उपाय
    अगर बच्चा चिड़चिड़ा हो गया है या बार-बार बीमार हो रहा है, तो फिटकरी और सरसों लेकर 7 बार उतारकर जला दें। छोटे बच्चों के लिए तांबे के पात्र में जल और फूल लेकर 11 बार वारकर पानी पौधों में डाल दें।

    5. व्यापार में रुकावट दूर करने का उपाय
    काले कपड़े में फिटकरी बांधकर दुकान या ऑफिस में टांग दें। मान्यता है कि इससे बुरी नजर का प्रभाव कम होता है और व्यापार में सकारात्मकता आती है।

    ध्यान रखें, ये उपाय लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें अपनाने के साथ-साथ वास्तविक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान पर भी ध्यान देना जरूरी है।

  • आईपीएल 2026 में SRH का जलवा, पंजाब को हराकर प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर कब्जा

    आईपीएल 2026 में SRH का जलवा, पंजाब को हराकर प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर कब्जा


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद का विजयी अभियान लगातार मजबूत होता जा रहा है। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में एसआरएच ने पंजाब किंग्स को 33 रन से हराकर अंक तालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया। हैदराबाद की यह 11 मैचों में सातवीं जीत रही, जबकि पंजाब को लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद पंजाब किंग्स दूसरे स्थान पर खिसक गई है।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड की जोड़ी ने पावरप्ले में पंजाब के गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। अभिषेक ने केवल 13 गेंदों में 35 रन ठोककर टीम को तेज शुरुआत दिलाई, जबकि ट्रेविस हेड ने 19 गेंदों में 38 रन बनाकर रनगति को लगातार ऊंचा बनाए रखा।

    दोनों सलामी बल्लेबाजों के आउट होने के बाद ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन ने पारी को संभालते हुए पंजाब की मुश्किलें बढ़ा दीं। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 55 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें चार छक्के शामिल रहे। वहीं हेनरिक क्लासेन ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। क्लासेन ने 43 गेंदों में 69 रन बनाए और पंजाब के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। आखिर में नितीश रेड्डी ने ताबड़तोड़ 29 रन बनाकर टीम का स्कोर 235 रन तक पहुंचा दिया।

    236 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने शुरुआती दो विकेट केवल 4 रन पर गंवा दिए। ऐसे मुश्किल समय में युवा बल्लेबाज कूपर कॉनली ने अकेले मोर्चा संभाला और हैदराबाद के गेंदबाजों के खिलाफ दमदार बल्लेबाजी की। उन्होंने पहले मार्कस स्टोइनिस और फिर सूर्यांश शेडगे के साथ उपयोगी साझेदारियां कीं।

    कॉनली ने मैच के अंतिम ओवरों में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए अपना पहला आईपीएल शतक पूरा किया। उन्होंने 59 गेंदों में नाबाद 107 रन बनाए, जिसमें 8 छक्के और 7 चौके शामिल रहे। हालांकि दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं मिला, जिसके कारण पंजाब की टीम 20 ओवर में 202 रन ही बना सकी।

    सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से कप्तान पैट कमिंस और शिवांग कुमार ने दो-दो विकेट हासिल किए। टीम की गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसकी बदौलत एसआरएच ने सीजन में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।

  • शाम की ये गलतियां बना सकती हैं आपको कंगाल! वास्तु के अनुसार तुरंत बदलें आदतें

    शाम की ये गलतियां बना सकती हैं आपको कंगाल! वास्तु के अनुसार तुरंत बदलें आदतें


    नई दिल्ली।  भारतीय परंपरा और वास्तु शास्त्र में संध्या काल यानी शाम के समय को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि सूर्यास्त के आसपास का समय सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा के संतुलन का समय होता है। इसलिए इस दौरान किए गए कार्यों का प्रभाव सीधे घर की सुख-शांति, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार यदि शाम के समय कुछ विशेष सावधानियां न बरती जाएं तो घर में दरिद्रता, तनाव और आर्थिक नुकसान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
    वास्तु शास्त्र में सबसे पहले शाम के समय झाड़ू लगाने से मना किया गया है। कहा जाता है कि सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाने से घर की मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और इससे धन हानि की स्थिति बनती है। यही कारण है कि पुराने समय से ही शाम के बाद घर में सफाई करने या कूड़ा बाहर फेंकने से बचने की सलाह दी जाती रही है।
    इसके अलावा, शाम के समय किसी को पैसे उधार देना भी शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि संध्या के समय धन का लेन-देन आर्थिक अस्थिरता को बढ़ा सकता है। विशेष रूप से यदि नियमित रूप से सूर्यास्त के बाद पैसे उधार दिए जाएं तो घर की बचत प्रभावित होने लगती है।
    वास्तु में यह भी कहा गया है कि सूर्यास्त के बाद घर को अंधेरे में नहीं रखना चाहिए। जैसे ही शाम हो, घर में दीपक या रोशनी अवश्य करनी चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक वातावरण बनता है। कई लोग शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाते हैं, जिसे बेहद शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
    शाम के समय सोना भी वास्तु के अनुसार ठीक नहीं माना जाता। माना जाता है कि संध्या के समय सोने से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है और मानसिक आलस्य बढ़ता है। यह आदत धीरे-धीरे कार्यक्षमता और आर्थिक प्रगति को भी प्रभावित कर सकती है।
    तुलसी के पौधे को हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार सूर्यास्त के बाद तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान विष्णु अप्रसन्न हो सकते हैं और घर में आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसके बजाय सुबह और शाम तुलसी के सामने दीपक जलाना शुभ माना गया है।
    वास्तु शास्त्र में बताए गए ये नियम धार्मिक आस्था और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। कई लोग इन्हें सकारात्मक ऊर्जा और अनुशासित जीवनशैली से जोड़कर भी देखते हैं। यदि इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए तो घर का वातावरण सुखद और सकारात्मक बना रह सकता है।
  • आज का राशिफल 7 मई 2026: नौकरी, व्यापार और परिवार में कैसा रहेगा आपका दिन

    आज का राशिफल 7 मई 2026: नौकरी, व्यापार और परिवार में कैसा रहेगा आपका दिन


    नई दिल्ली। गुरुवार, 7 मई 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से कई राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम देने वाला साबित हो सकता है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल जहां कुछ राशियों के लिए भाग्य वृद्धि और आर्थिक उन्नति के संकेत दे रही है, वहीं कुछ लोगों को धैर्य, सावधानी और संयम बरतने की सलाह भी दी गई है। विशेष रूप से तुला राशि के जातकों के साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी तथा सामाजिक क्षेत्र में सक्रियता बढ़ेगी। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का आज का विस्तृत राशिफल।
    मेष राशि के जातकों को भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। कार्यक्षेत्र में उत्साह बना रहेगा और व्यापार में अच्छे परिणाम सामने आ सकते हैं। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा तथा परिवार के साथ सुखद समय बिताने का अवसर मिलेगा। वृष राशि वालों को कामकाज में थोड़ी धीमी गति का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन धैर्य और समझदारी से परिस्थितियां नियंत्रण में रहेंगी। यात्रा और विरोधियों से सतर्क रहने की जरूरत है।
    मिथुन राशि के लिए दिन लाभकारी रहेगा। व्यापार में प्रगति और आर्थिक मजबूती के संकेत हैं। साझेदारी से फायदा होगा और मधुर वाणी सफलता दिलाएगी। कर्क राशि वालों को अनुशासन और गंभीरता बनाए रखने की सलाह दी गई है। छोटी लापरवाही नुकसान का कारण बन सकती है। वरिष्ठों से सलाह लेना फायदेमंद रहेगा।
    सिंह राशि के जातकों के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहेंगी। निर्णय क्षमता मजबूत होगी और करियर में स्पष्टता आएगी। सम्मान बढ़ेगा और धन लाभ के योग बन रहे हैं। कन्या राशि वालों को पारिवारिक संबंधों में मजबूती मिलेगी और कार्यक्षेत्र में संतुलन बना रहेगा। हालांकि अतिउत्साह से बचने की सलाह दी गई है।
    तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के साथ सामाजिक सक्रियता भी बढ़ेगी। संवाद कौशल से लाभ मिलेगा और लोगों के बीच प्रभाव मजबूत होगा।
    वृश्चिक राशि वालों के घर-परिवार में खुशियां बनी रहेंगी। नए अवसर मिलेंगे और रिश्तों में मधुरता आएगी। धनु राशि के जातकों के लिए सकारात्मकता और जीवन स्तर में सुधार के संकेत हैं। नए प्रयोग लाभ देंगे। मकर राशि वालों को खर्चों पर नियंत्रण रखने और रिश्तों में संवेदनशीलता बनाए रखने की सलाह दी गई है।
    कुंभ राशि वालों को आर्थिक मामलों में उम्मीद से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में सफलता और सम्मान बढ़ेगा। वहीं मीन राशि के जातकों के लिए पेशेवर जीवन में सफलता और योजनाओं के सफल होने के प्रबल संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना, पीली वस्तुओं का दान देना और सकारात्मक सोच बनाए रखना शुभ फलदायी रहेगा।