Author: bharati

  • “महादेव सबसे शक्तिशाली किरदार”-तरुण खन्ना ने तोड़ी टाइपकास्ट की धारणा

    “महादेव सबसे शक्तिशाली किरदार”-तरुण खन्ना ने तोड़ी टाइपकास्ट की धारणा


    नई दिल्ली। टीवी इंडस्ट्री में तरुण खन्ना को ‘महादेव’ के रूप में खास पहचान मिली है। उन्होंने अब तक 400 से ज्यादा बार भगवान भगवान शिव का किरदार निभाया है। ‘कर्म फल दाता शनि’, ‘राधा कृष्ण’, ‘जय कन्हैया लाल की’, ‘देवी आदि पराशक्ति’ और ‘परम अवतार श्री कृष्ण’ जैसे कई लोकप्रिय पौराणिक शोज में उनकी मौजूदगी ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है।

     टाइपकास्ट या सोच-समझकर लिया फैसला?
    लगातार एक ही तरह के किरदार निभाने पर अक्सर कलाकारों को ‘टाइपकास्ट’ कहा जाता है, लेकिन तरुण खन्ना इस धारणा से अलग सोच रखते हैं। उनका कहना है कि वह जानबूझकर इस भूमिका को चुनते हैं क्योंकि यह बेहद प्रभावशाली और शक्तिशाली किरदार है। उनके अनुसार, “एक अभिनेता के लिए किरदार की ताकत समझना जरूरी है और महादेव से ज्यादा शक्तिशाली रोल मिलना मुश्किल है। इसलिए यह मेरा सोचा-समझा निर्णय है।”

     किरदार ने बदली जिंदगी
    तरुण खन्ना मानते हैं कि भगवान शिव का किरदार निभाने से उनके व्यक्तित्व में बड़ा बदलाव आया है। इस भूमिका ने उन्हें अधिक धैर्यवान बनाया और उनके भीतर की विनम्रता को फिर से जागृत किया।

     टीवी से फिल्मों और थिएटर तक का सफर
    तरुण खन्ना ने सिर्फ टीवी ही नहीं, बल्कि फिल्मों और थिएटर में भी महादेव का किरदार निभाया है। तेलुगु फिल्म ‘अखंडा 2’ और नाटक ‘हमारे राम’ में भी उन्होंने इसी रूप में दर्शकों को प्रभावित किया।

    सिर्फ VFX नहीं, भावनाएं जरूरी
    पौराणिक शोज पर अपनी राय रखते हुए तरुण खन्ना ने कहा कि केवल VFX और भव्य कॉस्ट्यूम से शो सफल नहीं होता। उनका मानना है कि अगर कहानी में भावनाओं की गहराई नहीं होगी, तो दर्शकों से जुड़ाव नहीं बन पाएगा। उन्होंने साफ कहा, “महादेव सिर्फ एक लुक नहीं, बल्कि एक दिव्य अनुभूति है, जिसे निभाने के लिए सच्ची श्रद्धा और समर्पण चाहिए।”

     किरदार नहीं, आस्था का प्रतीक
    तरुण खन्ना के लिए ‘महादेव’ का किरदार सिर्फ एक रोल नहीं, बल्कि आस्था और समर्पण का प्रतीक है। यही वजह है कि वह इसे बार-बार निभाने के बावजूद इसे अपनी ताकत मानते हैं, कमजोरी नहीं।

  • थलपति से ‘जन नायक’ तक: तमिलनाडु की राजनीति में छाए विजय

    थलपति से ‘जन नायक’ तक: तमिलनाडु की राजनीति में छाए विजय


    नई दिल्ली। तमिल सिनेमा के सुपरस्टार विजय अब राजनीति में भी ‘जन नायक’ बनकर उभर रहे हैं। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। खास बात यह रही कि सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को कड़ी टक्कर मिली। विजय ने खुद पेरंबुर और तिरुचिरापल्ली सीटों से जीत हासिल कर यह साबित कर दिया कि उनकी लोकप्रियता सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है।

    राजनीति में आने का फैसला: कब और क्यों?
    विजय ने 2 फरवरी 2024 को अपनी राजनीतिक पार्टी की घोषणा की थी। कोविड-19 के बाद से ही वे सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में सक्रिय हो गए थे। सही समय देखकर उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 2026 चुनाव लड़ने का फैसला किया। इसी के साथ उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बनाने का ऐलान भी कर दिया।

     घोषणापत्र में बड़े वादे: जनता को सीधे साधने की कोशिश
    अप्रैल 2026 में जारी घोषणापत्र में विजय ने कई बड़े और लोकलुभावन वादे किए। इनमें हर परिवार की महिला मुखिया को 2,500 रुपये मासिक सहायता, साल में 6 मुफ्त गैस सिलेंडर, गरीब बेटियों की शादी के लिए 8 ग्राम सोना और सिल्क साड़ी देने का वादा शामिल है।

    इसके अलावा बेरोजगार युवाओं के लिए स्नातकों को 4,000 रुपये और डिप्लोमा धारकों को 2,500 रुपये का भत्ता देने की बात कही गई। छोटे किसानों के कर्ज माफ करने, बिना गारंटी लोन और 200 यूनिट मुफ्त बिजली जैसे वादों ने जनता को आकर्षित किया।

     फिल्मी करियर: बाल कलाकार से सुपरस्टार तक का सफर
    विजय ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1984 में बाल कलाकार के रूप में की थी। उनके पिता एस. ए. चंद्रशेखर द्वारा निर्देशित फिल्म से उन्होंने शुरुआत की। 1992 में ‘नालैया थीरपु’ से लीड एक्टर बने और 1996 की फिल्म ‘पूवे उनाक्कागा’ ने उन्हें रोमांटिक हीरो के रूप में स्थापित कर दिया।
    इसके बाद उन्होंने कई सुपरहिट फिल्में दीं और ‘थलपति’ के नाम से लोकप्रिय हो गए। उनकी आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ भी जल्द रिलीज होने वाली है।

     निजी जीवन में उतार-चढ़ाव
    राजनीतिक सफर के बीच विजय का निजी जीवन भी सुर्खियों में रहा। उनकी पत्नी संगीता सोर्नालिंगम के साथ रिश्तों में खटास और तलाक की खबरों ने लोगों को चौंका दिया। 1999 में शादी करने वाले इस कपल के दो बच्चे हैं।

    संपत्ति और लाइफस्टाइल
    चुनावी हलफनामे के अनुसार विजय के पास करीब 404.58 करोड़ रुपये की संपत्ति है। उनके पास 10 मकान और कई लग्जरी गाड़ियां हैं, जो उनके सफल करियर को दर्शाती हैं।

    थलपति’ अब जनता के नेता
    सिनेमा में सुपरस्टार बनने के बाद अब विजय राजनीति में भी मजबूत पकड़ बनाते नजर आ रहे हैं। उनका यह सफर बताता है कि लोकप्रियता और जनसमर्थन के दम पर वे तमिलनाडु की राजनीति में लंबी पारी खेल सकते हैं।

  • मंगलवार व्रत में भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना नहीं मिलेगा पूरा फल

    मंगलवार व्रत में भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना नहीं मिलेगा पूरा फल

    ई दिल्ली। हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन बेहद पवित्र माना गया है और यह दिन हनुमान जी को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करने पर बजरंगबली प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सभी संकट दूर कर देते हैं। लेकिन कई बार छोटी-छोटी गलतियां व्रत के पूरे फल को नष्ट कर सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि मंगलवार व्रत करते समय कुछ खास सावधानियों का ध्यान रखा जाए।

    मंगलवार व्रत की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने से होती है। इसके बाद लाल वस्त्र पहनकर पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध किया जाता है। हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित कर घी का दीपक जलाया जाता है और उन्हें सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और पान के पत्तों की माला अर्पित की जाती है। भोग के रूप में बेसन के लड्डू या बूंदी चढ़ाना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान ‘राम’ नाम का जाप करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि हनुमान जी Lord Rama के परम भक्त हैं।

    इन सावधानियों का रखें खास ध्यान

    मंगलवार व्रत के दौरान साधारण नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही प्याज, लहसुन, मांस और मदिरा से पूरी तरह दूरी बनाए रखना जरूरी है। व्रत के समय मन और शरीर दोनों की पवित्रता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है, इसलिए ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।

    व्रत रखने वाले भक्तों को पूरे दिन निराहार रहना चाहिए। हालांकि यदि यह संभव न हो, तो शाम की पूजा के बाद गेहूं और गुड़ से बना भोजन किया जा सकता है, लेकिन उसमें नमक का प्रयोग नहीं होना चाहिए।

    इसके अलावा क्रोध, झगड़ा, अपशब्द और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए। माना जाता है कि इस दिन मन की शुद्धता ही पूजा का सबसे बड़ा आधार होती है।

    दान-पुण्य का भी इस दिन विशेष महत्व होता है। जरूरतमंदों को अन्न और वस्त्र दान करने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

    क्यों जरूरी है नियमों का पालन?

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत केवल भोजन त्यागने का नाम नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, संयम और श्रद्धा का प्रतीक है। अगर नियमों का सही तरीके से पालन किया जाए, तो व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

    इसलिए अगर आप मंगलवार का व्रत रखते हैं, तो इन सावधानियों को जरूर अपनाएं। तभी Lord Hanuman की कृपा से आपके जीवन के सभी कष्ट दूर हो सकते हैं।

  • LPG Supply Update: ऑनलाइन बुकिंग 99% तक पहुंची, देशभर में गैस सप्लाई पूरी तरह सामान्य

    LPG Supply Update: ऑनलाइन बुकिंग 99% तक पहुंची, देशभर में गैस सप्लाई पूरी तरह सामान्य


    नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और खासकर पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत में घरेलू एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश के किसी भी हिस्से में गैस की कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।

    रविवार को घरेलू गैस की ऑनलाइन बुकिंग 99 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो डिजिटल सिस्टम की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है। खास बात यह है कि किसी भी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर गैस खत्म होने यानी ‘ड्राई-आउट’ की स्थिति सामने नहीं आई।

    डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता, कालाबाजारी पर लगाम

    सरकार के अनुसार, अब एलपीजी डिलीवरी में ऑथेंटिकेशन कोड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। करीब 94 प्रतिशत डिलीवरी उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए कोड के जरिए हो रही है। इससे गैस की कालाबाजारी और गलत वितरण (डायवर्जन) पर काफी हद तक रोक लगी है।

     छोटे सिलेंडर की बढ़ी मांग, लाखों में बिक्री

    1 अप्रैल से अब तक 5 किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडरों की 23.58 लाख से ज्यादा बिक्री हो चुकी है। ये सिलेंडर खासकर प्रवासी मजदूरों और अस्थायी उपयोग के लिए काफी लोकप्रिय हो रहे हैं।

     PNG कनेक्शन और नए उपभोक्ताओं में तेजी

    सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देते हुए अब तक करीब 6.12 लाख कनेक्शनों में सप्लाई शुरू कर दी है, जबकि 2.67 लाख नए कनेक्शनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है। मार्च से अब तक 6.79 लाख नए उपभोक्ताओं ने गैस कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।

    पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर, स्टॉक भरपूर

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के पेट्रोल पंपों पर ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

     कालाबाजारी पर सख्ती: छापेमारी और कार्रवाई जारी

    एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए देशभर में सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। रविवार को 1,570 से अधिक छापेमारी की गई, जिसमें 349 डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर जुर्माना लगाया गया और 74 को निलंबित कर दिया गया।

     सरकार की अपील: अफवाहों से बचें, घबराकर खरीदारी न करें

    सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करें। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे गैस बुकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें।

  • IPL 2026: वानखेड़े में हिटमैन का धमाका, मुंबई की दमदार वापसी-लखनऊ को 6 विकेट से हराया

    IPL 2026: वानखेड़े में हिटमैन का धमाका, मुंबई की दमदार वापसी-लखनऊ को 6 विकेट से हराया


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 47वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स को 6 विकेट से हराकर टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश की। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दर्शकों को चौकों-छक्कों की बारिश देखने को मिली।

    पहले बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 228 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की शुरुआत जोश इंग्लिस और मिचेल मार्श ने तेज अंदाज में की। हालांकि इंग्लिस जल्दी आउट हो गए, लेकिन मार्श ने पारी को संभाला।

    इसके बाद निकोलस पूरन ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए महज 21 गेंदों में 63 रन ठोक दिए, जिसमें 8 छक्के शामिल थे। मार्श (44 रन) के साथ उनकी साझेदारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंत में एडेन मार्करम (नाबाद 31) और हिम्मत सिंह (नाबाद 40) ने टीम को 228 तक पहुंचाया।

     रोहित-रिकेल्टन की जोड़ी ने पलटा मैच

    229 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत धमाकेदार रही। लंबे समय बाद वापसी कर रहे रोहित शर्मा ने आक्रामक अंदाज दिखाया और रयान रिकेल्टन के साथ पहले विकेट के लिए 143 रन की बड़ी साझेदारी की।

    रिकेल्टन ने 32 गेंदों में 83 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 8 छक्के और 6 चौके शामिल थे। वहीं रोहित शर्मा ने कप्तानी पारी खेलते हुए 44 गेंदों में 84 रन बनाए और टीम को जीत की राह पर बनाए रखा।

    मिडिल ऑर्डर ने निभाई जिम्मेदारी

    रिकेल्टन और रोहित के आउट होने के बाद तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव ने छोटी लेकिन अहम पारियां खेलीं। अंत में नमन धीर (नाबाद 23) और विल जैक्स (नाबाद 10) ने संयम दिखाते हुए टीम को 18.4 ओवर में जीत दिला दी।

    लखनऊ की ओर से मणिमारन सिद्धार्थ ने 2 विकेट लिए, जबकि मोहम्मद शमी और मोहसिन खान को 1-1 सफलता मिली।

    पॉइंट्स टेबल पर असर

    इस जीत के साथ मुंबई इंडियंस ने प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखा है, जबकि लखनऊ सुपर जायंट्स की मुश्किलें और बढ़ गई हैं और टीम निचले पायदान पर बनी हुई है।

  • बूढ़ा मंगल 2026: हनुमान जी की भक्ति में रचा जाएगा आस्था का महापर्व

    बूढ़ा मंगल 2026: हनुमान जी की भक्ति में रचा जाएगा आस्था का महापर्व

    नई दिल्ली। प्रथम बूढ़ा मंगल 2026 इस बार श्रद्धा और भक्ति के एक बड़े पर्व के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें उत्तर भारत के कई प्रमुख शहरों में आस्था का विशेष माहौल देखने को मिलेगा। जेठ माह के मंगलवारों को मनाया जाने वाला यह पर्व विशेष रूप से हनुमान जी की आराधना के लिए जाना जाता है, जहां भक्त संकट मोचन की पूजा-अर्चना कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है और आज भी उतनी ही आस्था के साथ निभाई जाती है।

    इस दिन हनुमान मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगती है। भक्त हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और भजन-कीर्तन के माध्यम से अपनी भक्ति प्रकट करते हैं। कई स्थानों पर हनुमान जी को चोला चढ़ाने की परंपरा भी निभाई जाती है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। मंदिरों में पूरा वातावरण भक्ति और ऊर्जा से भर जाता है, जिससे एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभूति का माहौल बनता है।

    बूढ़ा मंगल के अवसर पर केवल पूजा-पाठ ही नहीं बल्कि सेवा कार्यों का भी विशेष महत्व होता है। जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया जाता है, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में भोजन कराया जाता है। इसके साथ ही ठंडाई, लस्सी और पानी की प्याऊ जैसी व्यवस्थाएं भी की जाती हैं, जिससे राहगीरों और भक्तों को सुविधा मिल सके। यह परंपरा सेवा और समर्पण की भावना को और मजबूत करती है।

    यह पर्व मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बड़े स्तर पर मनाया जाता है, जहां इसे धार्मिक और सामाजिक दोनों दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। शहरों और कस्बों में इस दिन विशेष तैयारियां की जाती हैं और पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा वातावरण बन जाता है।

    बूढ़ा मंगल को लेकर एक दिलचस्प बात यह भी है कि अलग-अलग क्षेत्रों में इसे अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है, लेकिन इसकी मूल भावना एक ही रहती है—हनुमान जी के प्रति अटूट श्रद्धा और सेवा भाव। कहीं इसे बड़ा मंगल कहा जाता है तो कहीं बूढ़ा मंगल के रूप में जाना जाता है, लेकिन उद्देश्य हमेशा भक्ति और कल्याण की भावना ही रहता है।

    यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी बढ़ाता है। हनुमान जी की भक्ति के साथ जब लोग मिलकर सेवा कार्यों में भाग लेते हैं, तो यह त्योहार एक सामूहिक उत्सव का रूप ले लेता है। प्रथम बूढ़ा मंगल इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्रद्धा, सेवा और समर्पण का संदेश देता है, जो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

  • Vastu Tips: मंगलवार को करें ये खास उपाय, बजरंगबली की कृपा से चमकेगा भाग्य

    Vastu Tips: मंगलवार को करें ये खास उपाय, बजरंगबली की कृपा से चमकेगा भाग्य


    नई दिल्ली। मंगलवार का दिन विशेष रूप से हनुमान जी को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने और व्रत रखने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है। जो लोग नियमित रूप से इस दिन मंदिर जाते हैं और पूजा करते हैं, उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।

     वास्तु उपायों से पाएं सुख-समृद्धि

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार को कुछ आसान उपाय अपनाकर आप अपने जीवन में तरक्की ला सकते हैं। इस दिन मंदिर जाकर हनुमान जी को पान का पत्ता अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करने से मानसिक शांति मिलती है और रुके हुए कार्य बनने लगते हैं। यह उपाय आर्थिक तंगी को दूर करने में भी सहायक माना गया है।

    बिजनेस में नुकसान हो रहा है? अपनाएं ये उपाय

    अगर व्यापार या नौकरी में लगातार नुकसान हो रहा है और मेहनत के बावजूद सफलता नहीं मिल रही है, तो मंगलवार के दिन पांच पान के पत्तों की माला बनाकर अपने कार्यस्थल की पूर्व दिशा में टांगना लाभकारी माना जाता है। हर मंगलवार को इस माला को बदलना चाहिए और पुरानी माला को जल में प्रवाहित कर देना चाहिए। मान्यता है कि इससे नकारात्मकता दूर होती है और नए अवसर मिलने लगते हैं।

    सिंदूर और सुपारी का विशेष महत्व

    मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर और सुपारी अर्पित करना भी बेहद शुभ माना गया है। यह दोनों वस्तुएं बजरंगबली को प्रिय हैं और इन्हें चढ़ाने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। इससे परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और जीवन की बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं।

    अगर आप अपने जीवन में तरक्की, सुख और शांति चाहते हैं, तो मंगलवार के दिन इन आसान वास्तु उपायों को जरूर अपनाएं। सच्ची श्रद्धा और नियमित पूजा से न केवल आपके काम बनेंगे, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होगा।

  • क्या आपकी हथेली में छुपा है राजयोग? 31 के बाद चमक सकती है किस्मत, जानें शुभ निशानों का राज

    क्या आपकी हथेली में छुपा है राजयोग? 31 के बाद चमक सकती है किस्मत, जानें शुभ निशानों का राज


    नई दिल्ली। हाथ-पैर के निशानों को लेकर लोगों में हमेशा जिज्ञासा रही है, और पारंपरिक मान्यताओं में इन्हें व्यक्ति के भाग्य से जोड़ा जाता है। सामुद्रिक शास्त्र और हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, शरीर पर बने कुछ विशेष चिन्ह जीवन में सफलता, धन और सम्मान के संकेत माने जाते हैं। हालांकि यह वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं हैं, लेकिन लंबे समय से लोग इन पर विश्वास करते आए हैं।

    हस्तरेखा शास्त्र के मुताबिक अगर हथेली में मछली, त्रिशूल या वर्ग (स्क्वायर) जैसे चिन्ह दिखाई दें, तो इन्हें शुभ माना जाता है। मछली का चिन्ह समृद्धि और सम्मान का संकेत माना जाता है, जबकि त्रिशूल का निशान उच्च पद और प्रभावशाली स्थिति की ओर इशारा करता है। वहीं वर्ग का चिन्ह सुरक्षा और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है।

    इसी तरह पैरों के तलवों पर बने कुछ निशान भी खास माने जाते हैं। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार तलवे में चक्र या शंख जैसा चिन्ह होना बेहद दुर्लभ और शुभ माना जाता है, जो आर्थिक मजबूती और सुख-समृद्धि का संकेत देता है। वहीं कमल जैसा निशान व्यक्ति को समाज में सम्मान और प्रतिष्ठा दिलाने वाला माना जाता है।

    कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं में 31 वर्ष की उम्र को जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ बताया गया है। कहा जाता है कि इस उम्र के आसपास ग्रहों के प्रभाव से करियर और भाग्य में बदलाव देखने को मिल सकता है। खासतौर पर अगर भाग्य रेखा स्पष्ट और मजबूत हो, तो इस समय के बाद प्रगति के नए रास्ते खुल सकते हैं।

    हालांकि इन सभी बातों को पूरी तरह वैज्ञानिक आधार नहीं मिला है, लेकिन पारंपरिक विश्वासों के अनुसार इन्हें जीवन के संकेतों के रूप में देखा जाता है। असल सफलता मेहनत, सही फैसलों और अवसरों का सही उपयोग करने से ही मिलती है यही सबसे बड़ा सच है।

  • ईरान-अमेरिका टकराव पर सस्पेंस गहराया: हमले के दावे पर नहीं लगी मुहर, दुनिया की नजरें खाड़ी पर टिकीं

    ईरान-अमेरिका टकराव पर सस्पेंस गहराया: हमले के दावे पर नहीं लगी मुहर, दुनिया की नजरें खाड़ी पर टिकीं


    नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच समुद्री टकराव को लेकर बड़ा सस्पेंस खड़ा हो गया है। ईरान ने जहां रणनीतिक जलमार्ग में कार्रवाई का दावा किया है, वहीं अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होने की बात कही है। इससे पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े हो गए हैं और हालात अब भी धुंधले बने हुए हैं।

    सबसे अहम बात यह है कि अमेरिका की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में यह साफ नहीं हो पा रहा कि जमीनी स्तर पर वास्तव में क्या हुआ है और दोनों देशों के बीच टकराव किस स्तर तक पहुंच चुका है।

    इससे पहले ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिकी सेना इस रणनीतिक जलमार्ग में प्रवेश करती है तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह बयान उस वक्त आया था जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खाड़ी में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान शुरू करने की घोषणा की थी।

    मौजूदा हालात में एक ओर ईरान के सख्त तेवर हैं, तो दूसरी ओर अमेरिका की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। दावों और हकीकत के बीच की दूरी ने पूरे घटनाक्रम को और ज्यादा रहस्यमयी बना दिया है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस संवेदनशील टकराव पर टिकी हैं, जहां हर नया अपडेट हालात को और गंभीर बना सकता है।

  • कल का राशिफल 5 मई 2026: किस्मत का खेल-किसे मिलेगा फायदा, किसे रहना होगा सतर्क?

    कल का राशिफल 5 मई 2026: किस्मत का खेल-किसे मिलेगा फायदा, किसे रहना होगा सतर्क?


    नई दिल्ली।कल का राशिफल 5 मई 2026 का दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार मिश्रित परिणाम देने वाला साबित हो सकता है। कुछ राशियों के लिए यह दिन तरक्की और आर्थिक लाभ के संकेत दे रहा है, वहीं कुछ को अपने फैसलों में सावधानी बरतनी होगी। दिन की शुरुआत ऊर्जा के साथ होगी, लेकिन पूरे दिन संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी रहेगा।

    मेष राशि के जातकों के लिए दिन उत्साह और सफलता से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी और आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी, हालांकि रिश्तों में संयम जरूरी होगा। वृषभ राशि वालों के लिए दिन सामान्य रहेगा, जहां स्थिरता तो मिलेगी लेकिन हर निर्णय सोच-समझकर लेना बेहतर होगा। वहीं मिथुन राशि के जातकों को आर्थिक लाभ के संकेत मिल रहे हैं और काम में तेजी आएगी, लेकिन बातचीत में सावधानी रखना जरूरी होगा।

    कर्क राशि के लिए यह दिन भाग्य का साथ लेकर आया है। रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और करियर में सम्मान मिलने की संभावना है। सिंह राशि के लोगों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिल सकती है, जिससे करियर में नए रास्ते खुलेंगे। हालांकि कन्या राशि के जातकों को काम का दबाव झेलना पड़ सकता है और अचानक बदलाव से जूझना पड़ सकता है, इसलिए धैर्य रखना जरूरी होगा।

    तुला राशि के लिए दिन मेहनत भरा रहेगा। चुनौतियां सामने आएंगी लेकिन धैर्य और मेहनत से सफलता मिल सकती है। वृश्चिक राशि वालों को खास तौर पर जल्दबाजी से बचना होगा, क्योंकि गलत फैसले नुकसान दे सकते हैं। धनु राशि के जातकों के लिए दिन का दूसरा भाग ज्यादा फायदेमंद रहेगा, जहां ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और नए काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल रहेगा।

    मकर राशि के लिए मेहनत का फल मिलने के संकेत हैं, हालांकि कुछ चुनौतियां भी बनी रहेंगी। कुंभ राशि वालों को नए अवसर मिल सकते हैं और मित्रों का सहयोग भी मिलेगा, जिससे करियर में आगे बढ़ने के रास्ते खुलेंगे। वहीं मीन राशि के जातकों के लिए करियर के लिहाज से दिन अच्छा रहेगा, नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

    दिन के अंत में यह साफ है कि जहां कुछ राशियों के लिए यह दिन सफलता और लाभ लेकर आएगा, वहीं कुछ को सतर्क रहकर अपने कदम आगे बढ़ाने होंगे। मंगलवार का दिन होने के कारण भगवान हनुमान की पूजा करना शुभ माना गया है, जिससे जीवन में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं और मानसिक शांति मिलती है।