Author: bharati

  • Meesho IPO: 111 का शेयर 162 पर लिस्ट, निवेशकों की जमकर कमाई

    Meesho IPO: 111 का शेयर 162 पर लिस्ट, निवेशकों की जमकर कमाई


    नई दिल्ली। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho Limited का शेयर बाजार में शानदार लिस्टिंग के साथ एंट्री ली। बुधवार को Meesho का IPO NSE और BSE पर लिस्ट हुआ और यह अपने अपर प्राइस बैंड के मुकाबले 46% प्रीमियम पर डेब्यू किया। 111 रुपये वाले शेयर ने 162 रुपये के पार मार्केट डेब्यू किया, जिससे IPO में पैसे लगाने वाले निवेशकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

    दमदार लिस्टिंग के साथ मार्केट में एंट्री

    NSE पर लिस्टिंग: 162.50

    BSE पर लिस्टिंग: 161.20

    प्रीमियम: 46.40% (NSE), 45.23% (BSE)

    इस शानदार लिस्टिंग के कारण IPO में निवेश करने वाले निवेशकों को तुरंत लाभ हुआ।

    निवेशकों को हुआ सीधा फायदा

    Meesho का IPO कुल 5,421.20 करोड़ का था, प्राइस बैंड 105-111 प्रति शेयर तय किया गया और लॉट साइज 135 शेयरों का था।

    एक लॉट के लिए निवेश: 14,985

    लिस्टिंग के समय मूल्य: 21,937.50

    एक लॉट पर सीधा मुनाफा: 6,952

    HNI निवेशकों के लिए उदाहरण:

    अधिकतम 14 लॉट (1,890 शेयर)

    निवेश राशि: 2,09,790

    लिस्टिंग मूल्य के हिसाब से कमाई: 97,335

    निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस

    Meesho का IPO बहुत अधिक सब्सक्राइब हुआ। कुल 79.03 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।

    कुल आवेदन: 62.75 लाख से अधिक

    कुल बोली राशि: 2,43,830 करोड़ से अधिक

    QIB: 120.18 गुना

    NII: 38.16 गुना

    रिटेल: 19.08 गुना

    इस IPO को निवेशकों ने बहुत उत्साह के साथ लिया और इसके दमदार लिस्टिंग प्रदर्शन ने सभी को फायदा पहुँचाया।

    Meesho का परिचय

    2015 में स्थापित बेंगलुरु स्थित Meesho एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है जो ग्राहकों को किफायती उत्पादों की विस्तृत रेंज प्रदान करता है। इसका फोकस छोटे व्यापारियों और घर से काम करने वाले विक्रेताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म देना है।

    निवेशकों के लिए सुझाव

    Meesho IPO में निवेश करने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के साथ शानदार लाभ हुआ।

    हालांकि, शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ आता है, इसलिए निवेश करने से पहले मार्केट एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें।

  • कुंडली में गुरु को मजबूत बनाने के 6 आसान उपाय: धन-समृद्धि और सुख-शांति के लिए

    कुंडली में गुरु को मजबूत बनाने के 6 आसान उपाय: धन-समृद्धि और सुख-शांति के लिए

    कुंडली में गुरु ग्रह का विशेष महत्व है। यह ग्रह व्यक्ति के सुख, वैभव, प्रेम, विवाह और समृद्धि से जुड़ा होता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में गुरु कमजोर हो या उसकी दशा बिगड़ी हो, तो जीवन में अनेक प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे आर्थिक तंगी, वैवाहिक समस्याएं, मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां। इसलिए गुरु को मजबूत बनाना बेहद जरूरी है ताकि जीवन में सुख-समृद्धि और वैभव बना रहे। यहां हम आपको बताएंगे 6 आसान और प्रभावशाली उपाय जिनकी मदद से आप गुरु ग्रह की स्थिति को सुधार सकते हैं।

    1. पीले रंग का पहनावा और दान करें

    गुरुवार का दिन गुरु ग्रह का दिन माना जाता है। इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। पीले रंग का संबंध गुरु ग्रह और ज्ञान से होता है। इसके अलावा, पीली वस्तुएं दान करना जैसे गेहूं, दालें, हल्दी या पीले वस्त्र, गुरु को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं। इससे आर्थिक स्थिति में सुधार आता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।

    2. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा

    अगर आप अपने घर में दरिद्रता या आर्थिक संकट से छुटकारा पाना चाहते हैं तो हर गुरुवार को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा विधिवत रूप से करें। पूजा के समय ध्यान रखें कि मन में शुद्धि और भक्ति भाव हो। इस उपाय से गुरु दोष के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वातावरण बनता है।

    3. विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ

    गुरुवार के दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना बहुत फलदायक माना जाता है। यह मंत्र पढ़ने से जीवन में आर्थिक संकट और व्यक्तिगत समस्याओं का निवारण होता है। गुरु ग्रह मजबूत होने पर व्यक्ति को ज्ञान, वैभव और मानसिक संतुलन प्राप्त होता है। प्रतिदिन इस मंत्र का पाठ करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।

    4. हल्दी से स्नान

    कुंडली में गुरु दोष होने पर व्यक्ति की आर्थिक और व्यक्तिगत जीवन में परेशानियां बढ़ जाती हैं। इसके लिए गुरुवार के दिन पानी में हल्दी मिलाकर स्नान करना बेहद लाभकारी होता है। इससे शरीर और मन दोनों शुद्ध होते हैं और गुरु ग्रह का नकारात्मक प्रभाव कम होता है। हल्दी में मौजूद औषधीय गुण भी शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं।

    5. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र जाप

    गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन 108 बार ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करना चाहिए। यह मंत्र गुरु ग्रह से संबंधित है और जीवन के कष्टों को दूर करने में मदद करता है। मंत्र जाप करने से धन, ज्ञान और वैभव प्राप्त होता है। साथ ही यह मानसिक शांति और स्थिरता भी प्रदान करता है।

    6. केले के पेड़ की पूजा

    गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करना भी गुरु ग्रह को मजबूत करने का प्रभावशाली उपाय है। इस दिन पेड़ की जड़ के सामने घी के पांच दीपक जलाएं और चने व गुड़ का भोग लगाएं। इसके बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें। यह उपाय विवाह में रुकावटें, आर्थिक समस्याएं और गुरु दोष के नकारात्मक प्रभाव को कम करने में मदद करता है।

    गुरु ग्रह जीवन में सौभाग्य, वैभव और सुख-शांति का प्रतीक है। अगर यह कमजोर हो जाए, तो कई समस्याएं जन्म ले सकती हैं। ऊपर बताए गए 6 उपाय -पीले रंग का पहनावा, दान, पूजा, विष्णु सहस्त्रनाम, हल्दी स्नान, मंत्र जाप और केले के पेड़ की पूजा – गुरु ग्रह को मजबूत बनाने के लिए बेहद प्रभावशाली हैं। इन्हें नियमित रूप से अपनाने से जीवन में धन-समृद्धि, मानसिक संतुलन और वैभव बना रहता है।

  • कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पर लड़कियों पर अभद्र टिप्पणी के मामले में केस दर्ज

    कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पर लड़कियों पर अभद्र टिप्पणी के मामले में केस दर्ज


    मथुरा: कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लड़कियों के चरित्र को लेकर की गई विवादित टिप्पणियों के मामले में CJM कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर परिवाद दर्ज कर दिया है, जिससे अब उनके खिलाफ आधिकारिक केस चलेगा।

    यह मामला अक्टूबर 2025 का है, जब अनिरुद्धाचार्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में उन्होंने बेटियों के बारे में आपत्तिजनक बातें कही थीं, जैसे कि आजकल बेटियों की शादी 25 साल में होती है और तब तक वह कई जगह “मुंह मार चुकी” होती हैं। वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा। बाद में उन्होंने सफाई दी और कहा कि वे महिलाओं का सम्मान करते हैं।

    इस मामले में ‘अखिल भारत हिंदू महासभा’ की आगरा जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने याचिका दायर की थी। सीजेएम उत्सव राज गौरव ने याचिका स्वीकार करते हुए परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया।

    अगली सुनवाई 1 जनवरी 2026 को होगी, जिसमें याचिकाकर्ता के बयान दर्ज किए जाएंगे। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत द्वारा फैसला और सजा सुनाई जाएगी।

  • उत्तरी सर्द हवाओं से ठिठुरन8 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी

    उत्तरी सर्द हवाओं से ठिठुरन8 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में शीतलहर का दौर लगातार जारी है और उत्तरी बर्फीली हवाओं के प्रभाव से तापमान में गिरावट आ रही हैजिससे ठंड में और बढ़ोतरी हो रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में सर्दी का असर बढ़ने के साथ-साथ मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। मंगलवार को प्रदेश के 24 से अधिक शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गयावहीं बुधवार को भी कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है।

    शीतलहर का प्रभावतापमान में गिरावट

    मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसारमंगलवार को शहडोल जिले में प्रदेश का सबसे कम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावाभोपालराजगढ़इंदौर और शाजापुर जैसे प्रमुख शहरों में भी शीतलहर का असर देखने को मिला। मौसम के शुष्क होने और उत्तरी बर्फीली हवाओं के चलते प्रदेश में ठिठुरन बनी हुई है। मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में शीतलहर के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए हैंखासकर सुबह और रात के समय में ठंड बहुत ज्यादा महसूस हो रही है।

    कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम

    मंगलवार को प्रदेश के 24 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी कम रहाजो ठंड की स्थिति को और गंभीर बना रहा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसारशीतलहर के कारण तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। इस दौरान दिन में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस नर्मदापुरम में रिकॉर्ड किया गयालेकिन रात के समय ठंडक बढ़ने से लोग परेशान हैं।

    आगे का मौसम तीन दिन तक शीतलहर का असर

    मौसम विभाग के मुताबिकअगले तीन दिनों तक शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। बुधवार को भी प्रदेश के आठ प्रमुख जिलों में शीतलहर का प्रभाव रहेगा। इनमें भोपालविदिशासीहोरराजगढ़इंदौरशाजापुरजबलपुर और सिवनी शामिल हैं। इन जिलों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है और सर्द हवाओं के कारण लोगों को ठंड का सामना करना पड़ेगा।

    किसानों पर असर

    मध्य प्रदेश में किसानों के लिए यह मौसम फसलें बचाने के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। शीतलहर का असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता हैखासकर वे फसलें जो ठंडी के प्रति संवेदनशील होती हैं। किसान अपनी फसलों की रक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठा सकते हैंजैसे कि फसल के ऊपर कंबल डालना या फिर शेड का इस्तेमाल करना।

    नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

    मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी हैखासकर उन क्षेत्रों में जहां शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों से यह भी अपील की गई है कि वे ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें और खासकर सुबह और रात के समय बाहर जाने से बचें। सर्दी के मौसम में श्वसन संबंधित बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ जाता हैइसलिए स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतना जरूरी है। कुल मिलाकरमध्य प्रदेश में सर्दी का असर अगले कुछ दिनों तक बना रहने की संभावना है। प्रदेशवासियों को शीतलहर से बचने के लिए अतिरिक्त उपायों की आवश्यकता है और साथ ही मौसम के मिजाज के अनुसार अपनी दिनचर्या को अनुकूलित करना होगा।

  • गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: थाईलैंड भागे लूथरा भाइयों के पासपोर्ट रद्द, कार्रवाई की तैयारी

    गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: थाईलैंड भागे लूथरा भाइयों के पासपोर्ट रद्द, कार्रवाई की तैयारी

    नई दिल्‍ली । गोवा के नाइटक्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत के बाद थाईलैंड भागे लूथरा भाइयों पर सख्त ऐक्शन की तैयारी है। दोनों के पासपोर्ट रद्द करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए विदेश मंत्रालय ने उन्हें नोटिस भेजे हैं, जिसमें उन्हें 7 दिनों के अंदर बताना होगा कि उनके पासपोर्ट जब्त क्यों नहीं किए जाने चाहिए। गोवा पुलिस की ओर से मंत्रालय को चिट्ठी लिखी गई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा उस समय दिल्ली में थे, जब गोवा के अर्पोरा में उनके नाइट क्लब बिर्च बाय रोमियो लेन में आग लगी। इसके कुछ ही घंटे बाद दोंनो इंडिगो फ्लाइट से थाईलैंड के फुकेत भाग गए।

    नाइट क्लब में आग लगने से 5 पर्यटक और 20 स्टाफ मेंबर्स मारे गए थे। गोवा पुलिस ने भाइयों समेत अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की है, जिसमें हत्या नहीं बल्कि दुर्घटना से मौत और साजिश शामिल हैं। इस बीच, दिल्ली स्थित रिजनल पासपोर्ट ऑफिस (RPO) ने दोनों भाइयों को एक पत्र भेजा है, जिसमें लिखा है कि उन्हें पासपोर्ट एक्ट 1967 के तहत 7 दिनों के भीतर जवाब देना होगा। यह स्पष्ट करना होगा कि उनके पासपोर्ट नंबर Z7678521 (14/03/2024) को जब्त न करने का कारण क्या है।

    दोनों के पासपोर्ट जब्त करने के नोटिस जारी
    मंत्रालय ने गोवा पुलिस के पत्र के जवाब में बताया, ‘मामले की गंभीरता को देखते हुए RPO दिल्ली ने दोनों के पासपोर्ट जब्त करने के नोटिस जारी कर दिए हैं। पासपोर्ट एक्ट की धारा 10(3)(e) के तहत तभी कार्रवाई की जा सकती है जब अपराध संबंधित मामले की सुनवाई भारतीय अदालत में चल रही हो। इसलिए, मामले की जानकारी अदालत से प्राप्त कर RPO दिल्ली को भेजी जाए।’ गोवा पुलिस रविवार को दिल्ली में लूथरा भाइयों के घर भी गई, लेकिन वे पहले ही फरार हो चुके थे। सूत्रों की मानें तो दोनों फुकेत के एक रिसॉर्ट में ठहरे थे, लेकिन वहां से भी निकल गए जब तक अधिकारी पहुंच पाए।

  • मध्य प्रदेश में खाद संकटकिसानों का प्रदर्शन तेज़यूरिया की कमी बनी बड़ी चुनौती

    मध्य प्रदेश में खाद संकटकिसानों का प्रदर्शन तेज़यूरिया की कमी बनी बड़ी चुनौती


    भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर खाद संकट ने गंभीर रूप ले लिया हैजिससे राज्य के किसानों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। रबी सीजन में यूरिया की बढ़ती मांग और आपूर्ति में कमी ने किसानों को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है। हाल ही में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में खाद की किल्लत को लेकर किसानों ने विरोध प्रदर्शनशुरू कर दिया। प्रमुख जिलों जैसे छतरपुरटीकमगढ़अशो नगरशिवपुरीरतलामऔर अन्य क्षेत्रों में खाद की भारी कमी महसूस की जा रही हैऔर इस स्थिति को लेकर किसान रातभर लंबी कतारों में खड़े होकर यूरिया पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

    मध्य प्रदेश में कुल 145 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों की बुआई की जा चुकी है। गेहूं और चना जैसी फसलों में सिंचाई का काम चल रहा हैजिसके कारण यूरिया की मांग अत्यधिक बढ़ गई है। राज्य में कुल 23 लाख टन यूरिया की आवश्यकता हैलेकिन अब तक केवल 16 लाख टन यूरिया ही उपलब्ध कराया जा सका है। यह कमी अब किसानों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी हैक्योंकि यूरिया की किल्लत से उनकी फसल की वृद्धि और उपज पर गंभीर असर पड़ सकता है।

    टीकमगढ़ जिले में खाद की कमी के खिलाफ किसानों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। खरगापुर में किसानों ने सड़क पर लेटकर चक्काजाम कियाजिससे खरगापुर-पलेरा मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। किसानों का आरोप है कि खाद के लिए सरकार के दावों और जमीनी हकीकत में भारी अंतर है। सरकार यह दावा कर रही है कि खाद की कमी नहीं है और आवश्यकतानुसार आपूर्ति की जा रही हैलेकिन किसानों की परेशानियों को देखकर यह दावा गलत साबित हो रहा है।

    रतलाम जिले में स्थिति और भी गंभीर हैजहां किसानों ने नकद वितरण केंद्र के बाहर रात नौ बजे से डेरा जमा लिया। यूरिया के लिए इन किसानों का संघर्ष सिर्फ खाद तक ही सीमित नहीं हैबल्कि यह उनके जीवन-यापन और फसलों की भविष्यवाणी से भी जुड़ा हुआ है। शादी-ब्याह के मौसम में जब पूरे परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए किसान खाद के लिए लाइनों में खड़े हैंतो यह स्थिति कितनी गंभीर हो सकती हैइसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

    खाद संकट से जूझ रहे किसानों का कहना है कि यदि समय पर खाद नहीं मिलातो रबी फसलों की उपज पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। यूरिया की कमी के कारण किसान अपनी फसलों को सही तरीके से उर्वरित नहीं कर पा रहे हैंजिससे उनकी फसलें कमजोर हो सकती हैं। इससे उनकी आय पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगाजो पहले से ही मुश्किलों में घिरे हुए हैं।

    सरकार के अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि खाद की आपूर्ति की कोई कमी नहीं है और इसे जल्द ही पूरा किया जाएगालेकिन वास्तविकता यह है कि खाद की आपूर्ति और मांग के बीच अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए यह सवाल उठता है कि क्या सरकार जल्द इस संकट को हल कर पाएगीया फिर किसानों को और अधिक संघर्ष करना पड़ेगा?

    कुल मिलाकरमध्य प्रदेश के किसानों का खाद के लिए संघर्ष इस बात का प्रतीक है कि कृषि क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की सख्त आवश्यकता है। राज्य सरकार को खाद संकट को दूर करने के लिए तुरंत कदम उठाने होंगेताकि किसानों की समस्याओं का समाधान किया जा सके और वे अपनी फसलों को सुरक्षित तरीके से उगा सकें। यदि इस संकट का समाधान नहीं किया गयातो यह न केवल किसानों के लिएबल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

  • मध्य प्रदेश हाईकोर्ट भू-माफिया के बढ़ते प्रभाव और जमीन सुरक्षा पर अहम टिप्पणी

    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट भू-माफिया के बढ़ते प्रभाव और जमीन सुरक्षा पर अहम टिप्पणी

    जबलपुर । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में भू-माफिया और जमीन की सुरक्षा के मामले में अहम टिप्पणी की हैजिससे यह स्पष्ट होता है कि देश के विभिन्न हिस्सों में भू-माफिया का प्रभाव बढ़ रहा है और अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखना अब एक गंभीर चुनौती बन गया है। जबलपुर में न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि जमीन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और ऐसे में किसी भी व्यक्ति के लिए अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखना बहुत कठिन हो गया है।

    आजकल देश के विभिन्न हिस्सों में भू-माफिया सक्रिय हैंजो अवैध तरीके से जमीनों पर कब्ज़ा करनेबिक्री करने या फिर उन पर धोखाधड़ी करने का काम करते हैं। यह स्थिति उन लोगों के लिए और भी जटिल हो जाती है जो अपनी संपत्ति से दूर रहते हैंया जिनके पास नियमित रूप से अपनी जमीन की देखरेख करने का समय या साधन नहीं होता। यह मुद्दा केवल व्यक्तिगत अधिकारों से जुड़ा नहीं हैबल्कि देश की भूमि व्यवस्था और कानूनी सुरक्षा के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है।

    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक विशेष मामले में यह कहा कि अपीलकर्ता एक मां जो अपनी नाबालिग बेटी के नाम पर जमीन बेचना चाहती थीवह अपनी संपत्ति से दूर रहने के कारण उस जमीन की देखभाल नहीं कर सकती थी। कोर्ट ने अपीलकर्ता को जमीन बेचने की अनुमति देते हुए यह शर्त रखी कि बिक्री से प्राप्त राशि का 50 प्रतिशत नाबालिग बेटी के नाम एक राष्ट्रीयकृत बैंक में एफडी फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा किया जाएगा। यह राशि तब तक नहीं निकाली जा सकेगी जब तक नाबालिग का वयस्क होने की उम्र नहीं हो जाती। कोर्ट ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि नाबालिग की संपत्ति सुरक्षित रहे और उसका भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।

    इस फैसले से एक महत्वपूर्ण संदेश मिलता है कि कोर्ट सिर्फ कानूनी अधिकारों की रक्षा नहीं करताबल्कि बच्चों और नाबालिगों की संपत्ति के प्रति भी संवेदनशील है। यह फैसला इस दिशा में एक सकारात्मक कदम हैजो यह सुनिश्चित करता है कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा की जाएसाथ ही उनके भविष्य की वित्तीय सुरक्षा भी बनी रहे।

    इसके अलावाकोर्ट ने यह भी माना कि अपीलकर्ता अपनी जमीन से सैकड़ों मील दूर रहती है और उसके लिए जमीन की देखभाल करना नियमित रूप से संभव नहीं है। यह स्थिति उन लोगों के लिए सामान्य है जो रोजगार या अन्य कारणों से अपने मूल स्थान से दूर रहते हैंलेकिन ऐसे मामलों में उनके लिए अपनी संपत्ति की सुरक्षा और देखरेख करना एक बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे में कोर्ट ने जमीन बेचने की अनुमति दीलेकिन साथ ही नाबालिग की वित्तीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त कदम उठाए।

    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का यह निर्णय भू-माफिया की बढ़ती सक्रियता और जमीनों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण है। यह बताता है कि कैसे कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से न केवल व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा की जा सकती हैबल्कि बच्चों और नाबालिगों की संपत्ति की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।

    अब सवाल यह उठता है कि क्या ऐसे फैसले पूरे देश में भू-माफिया के खिलाफ एक प्रभावी कदम साबित हो सकते हैं? क्या इस तरह के फैसलों से भू-माफिया की गतिविधियों पर रोक लगाना संभव होगाया फिर इसे और जटिल बनाने के बजाय इसे और अधिक बढ़ावा मिलेगा? फिलहालकोर्ट के फैसले से यह साफ है कि भू-माफिया के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और जागरूकता आवश्यक है ताकि नागरिकों की संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके।

    इस मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जमीनों की बढ़ती कीमतें और अवैध कब्ज़े की बढ़ती घटनाओं के कारण आम आदमी के लिए अपनी संपत्ति की रक्षा करना और भी मुश्किल हो गया है। सरकार और न्यायपालिका को इस दिशा में और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि नागरिकों को उनके अधिकारों की रक्षा मिल सके और भू-माफिया पर नियंत्रण पाया जा सके।

  • इंदौर से धार तक नई ब्राडगेज रेल सेवामार्च 2026 तक शुरू होने की उम्मीद

    इंदौर से धार तक नई ब्राडगेज रेल सेवामार्च 2026 तक शुरू होने की उम्मीद


    इंदौर।
    इंदौर और धार के बीच नई ब्राडगेज रेल लाइन परियोजना के तहत 17 साल के लंबे इंतजार के बाद 2026 में पहली बार ट्रेन चलने की संभावना जताई जा रही है। इस परियोजना का भूमिपूजन वर्ष 2008 में किया गया था और इसके बाद से ही इस पर काम जारी था। अब रेलवे विभाग का दावा है कि मार्च 2026 तक इंदौर से धार के बीच ट्रेन सेवा शुरू हो सकती है। हालांकिनिर्माण कार्य की गति और जमीनी हकीकत को देखते हुए इसे लेकर कुछ संशय भी बना हुआ हैऔर हो सकता है कि इस योजना में छह महीने की और देरी हो।
    इस परियोजना के तहत कुल 204.76 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बनाई जा रही हैजो इंदौर से दाहोद तक फैली हुई है। इस परियोजना के हिस्से के तौर पर इंदौर से टीही 21 किमी और दाहोद से कटवारा 11.30 किमी खंड का निर्माण पहले ही शुरू हो चुका है। इस रूट पर ट्रेन सेवा की शुरुआत से न केवल इंदौर और धार के बीच यात्रा का समय घटेगाबल्कि आदिवासी बहुल क्षेत्र धार में पहली बार रेलवे सेवा का लाभ भी मिलेगा।

    रेलवे अधिकारियों का कहना है कि फरवरी 2026 तक इस परियोजना के तहत टनल का काम पूरा कर लिया जाएगा। टनल का निर्माण इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण हिस्सा हैजिसके कारण पहले ही निर्माण कार्य में देरी हुई है। रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग के अधिकारियों ने इस काम को प्राथमिकता दी है और इसके लिए एक टाइमलाइन तय कर काम किया जा रहा हैजिसमें हर दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है। इसके बावजूदपरियोजना की गति को देखकर ऐसा लगता है कि ट्रेन सेवा में और कुछ समय की देरी हो सकती है।

    इस रेलवे परियोजना का महत्व सिर्फ इस क्षेत्र के लिए नहींबल्कि पूरे मध्य प्रदेश के लिए बहुत बड़ा है। इंदौर और धार के बीच यात्रा के समय में बड़ी कमी आएगीजिससे व्यापारपरिवहन और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ हीआदिवासी क्षेत्रों में रेलवे सेवा का विस्तार स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार और विकास के नए अवसरों की संभावनाएं खोलेगा। इस रेलवे परियोजना से इंदौर के साथ ही धारझाबुआऔर आसपास के क्षेत्रों में भी विकास की गति तेज हो सकती है।

    हालांकिपरियोजना की सफलता इस पर निर्भर करेगी कि रेलवे निर्माण कार्य समय पर पूरा हो और किसी भी प्रकार की और देरी न हो। टनल निर्माण के अलावाट्रैकस्टेशन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समय पर व्यवस्था की जानी जरूरी हैताकि ट्रेन सेवा बिना किसी परेशानी के शुरू हो सके। इस परियोजना में देरी के कारण पहले ही लोगों को निराशा का सामना करना पड़ा हैलेकिन अगर यह समय पर पूरी होती है तो यह क्षेत्र के विकास और यात्रियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी।

    कुल मिलाकरइंदौर से धार के बीच ट्रेन सेवा का आरंभ इस क्षेत्र की यात्रा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। 17 वर्षों के लंबे इंतजार के बादअगर यह परियोजना समय पर पूरी होती हैतो यह न केवल मध्य प्रदेश के लिएबल्कि देश के अन्य हिस्सों के लिए भी एक मॉडल बन सकती हैजहां लंबी देरी के बावजूद इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को पूरा किया जा सकता है।

  • जज साहब के घर से 2 सेब चोरी, पड़ोसी मुल्क में अजब-गजब मामला; पुलिस महकमा जांच में जुटा

    जज साहब के घर से 2 सेब चोरी, पड़ोसी मुल्क में अजब-गजब मामला; पुलिस महकमा जांच में जुटा


    नई दिल्ली। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से हाल ही में एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे सुन कर आप भी अपना सिर पकड़ लेंगे। हाल ही में यहां की पुलिस ने 2 सेब चोरी होने पर FIR दर्ज कर लिया और पूरा महकमा इस मामले की जांच में भी जुट गया है। मामला पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का है। पाक के एक मानवाधिकार कार्यकर्ता ने मामले पर तंज कसते हुए इसे पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा चोरी का मामला कहा है।
    जानकारी के मुताबिक लाहौर में एक सेशंस जज के चेंबर से 2 सेब और एक हैंडवाश की बोतल की चोरी हो गई। इसके बाद पंजाब प्रांत की पुलिस एक्शन में आ गई। पुलिस ने मंगलवार को बताया है कि FIR लाहौर के इस्लामपुरा पुलिस स्टेशन में जज के रीडर की शिकायत पर दर्ज की गई है। वहीं रीडर ने कहा है कि जज ने खुद उसे शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया था।
    FIR के मुताबिक 5 दिसंबर को एडिशनल सेशंस जज नूर मुहम्मद बसमल के चैंबर से दो सेब और एक हैंडवॉश की बोतल चोरी हो गई थी। इसमें कहा गया है कि चोरी हुए सामान की कुल कीमत 1,000 पाकिस्तानी रुपए हैं। लाहौर पुलिस ने पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 380 के तहत मामला दर्ज किया है। इस धारा के तहत, दोषी को सात साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

  • कर्नाटक में टीपू जयंती को लेकर फिर सियासी विवाद, कांग्रेस विधायक ने विधानसभा में मनाने की मांग रखी

    कर्नाटक में टीपू जयंती को लेकर फिर सियासी विवाद, कांग्रेस विधायक ने विधानसभा में मनाने की मांग रखी


    नई दिल्‍ली । कर्नाटक में टीपू की जयंती को लेकर विवाद फिर भड़क गया है। सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक शिवानंद कशप्पनवार ने 18वीं सदी के मैसुरू शासक की जयंती के आयोजन को लेकर कर्नाटक विधानसभा में ध्यानार्षण प्रस्ताव पेश करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान सिद्धरमैया ने इस परंपरा की शुरुआत की थी। हालांकि, इस मुद्दे पर कोडागु समेत विभिन्न स्थानों पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद इस परंपरा पर विराम लगा दिया गया था। कोडागु में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन में पुलिस गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। प्रदर्शनों के बाद टीपू की जयंती बेहद सादगी से मनाई गई और बाद में धीरे-धीरे इसे स्थगित कर दिया गया।

    अब हुंगुंड विधायक ने एक बार फिर इसे तूल दिया है। कशप्पनवर चाहते हैं कि सरकार टीपू की जयंती को प्रायोजित करे, जिस पर विपक्षी भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा ने कहा है कि वह इसका कड़ा विरोध करेगी। कशप्पनवर ने कहा कि उन्होंने टीपू की जयंती के आयोजन को लेकर प्रस्ताव दिया है। हमें राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता बीएस येदियुरप्पा ने खुद टीपू की तरह पोशाक धारण की और जयंती समारोह में शामिल हुए।

    कांग्रेस विधायक का क्या है तर्क
    कांग्रेस विधायक ने कहा, ‘जब उन्हें जरूरत थी तब उन्होंने इसे मनाया, लेकिन अब वे नहीं चाहते कि टीपू जयंती को मनाया जाए, लेकिन हम चाहते हैं कि इसका आयोजन हो।’ इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने पत्रकारों से कहा, ‘वे चाहे टीपू जयंती मनाए, ओसामा बिन लादेन का जन्मदिन और पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस मनाए। यह उनकी सरकार है। जनता को पता चल जाएगा कि उनका झुकाव किसकी तरफ है।’

    किस तरह की आई प्रतिक्रिया
    कर्नाटक के वक्फ और आवास मंत्री बी जेड जमीर अहमद खान ने कहा कि वह टीपू जयंती का आयोजन करते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘देश भर में टीपू अनुयायी टीपू जयंती का आयोजन करते आ रहे हैं। हमने भी पिछले महीने इसका आयोजन किया था। सिद्धारमैया इसे विधान सौध के बैंक्वेट हॉल में आयोजित किया करते थे, जिसे अब रोक दिया गया है। जब वहां इसका आयोजन बंद कर दिया गया है, क्या हमें इसे कहीं और आयोजित नहीं करना चाहिए।’