Author: bharati

  • Somalia में बड़ा आतंकी हमला, मोगादिशु के हयात होटल में घुसे आतंकवादी, 10 लोगों की मौत

    Somalia में बड़ा आतंकी हमला, मोगादिशु के हयात होटल में घुसे आतंकवादी, 10 लोगों की मौत


    मोगादिशु।
    सोमालिया (Somalia) में आतंकी समूह अल-शबाब (Al-Shabaab) के बंदूकधारियों ने एक होटल (Hotel) पर हमला कर दिया. इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गई है तो वहीं करीब 9 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना मोहादिशु (Mogadishu) की है जहां हयात होटल पर बंदूकधारियों ने गोलियों की बौछार कर दो कारों में विस्फोट किया. वहीं, अल-कायदा (Al-Qaeda) से जुड़े अल-शबाब समूह ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

    एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि, होटल हयात (Hotel Hyatt) में अब भी आतंकी घुसे हुए हैं और सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ जारी है. उन्होंने बताया होटल हयात पर हमले की सूचना मिलने पर मौके पर सुरक्षा बल पहुंचा जिसके बाद जिहादी समूह लड़ाकों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई. इन बंदूकधारियों के हयात होटल में घुसने से करीब एक मिनट पहले बड़ा धमाका हुआ था।


    दो सुरक्षा अधिकारी घायल हुए

    वहीं, पुलिस मेजर हसन दाहिर ने बताया कि, सुरक्षा बल और जिहादी समूह लड़ाकों के बीच हुई मुठभेड़ में मोगादिशु के खुफिया प्रमुख मुहीदीन मोहम्मद समेत दो सुरक्षा अधिकारी घायल हो गए हैं. वहीं, घटना के वक्त मौजूद लोगों के मुताबिक, पहले विस्फोट के कुछ मिनट बाद दूसरा विस्फोट हुआ. इन विस्फोटो के चलते सुरक्षा बलों के कुछ सदस्य और नागरिक हताहत हुए. एक शख्स ने बताया, घटना के बाद से इलाके भर में घेराबंदी कर दी गई है।


    पहला भी कर चुका है आतंकी समूह हमला

    वहीं, इस पूरी घटना की अल-कायदा से जुड़े अल-शबाब समूह ने जिम्मेदारी ली है. आतंकी समूह ने समर्थक वेबसाइट पर एक बयान में कहा, अल शबाब हमलावरों का एक समूह मोगादिशु में होटल हयात में घुस गया है और इस वक्त वो गोलीबारी कर रहे हैं. बता दें, सोमालिया सरकार के खिलाफ आतंकी संगठन का ये पहला हमला नहीं है. इससे पहले भी कई भयानक विस्फोटों को ये आतंकी समूह अंजाम दे चुका है।

  • MP: पन्ना में गरीबी की मार झेल रहे दो युवकों की किस्मत चमकी…मिला 50 लाख का हीरा

    MP: पन्ना में गरीबी की मार झेल रहे दो युवकों की किस्मत चमकी…मिला 50 लाख का हीरा


    पन्ना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पन्ना में 24 वर्षीय सतीश खटीक और 23 वर्षीय साजिद मोहम्मद की किस्मत तब एकाएक चमक (Suddenly Luck Shines) गई, जब उनको खदान से 50 लाख रुपये कीमत का हीरा (Diamond worth Rs 50 lakh) मिला। दोनों ही युवा आर्थिक परेशानियों को लेकर भारी दबाव में थे और इसे बाहर निकलने की उम्मीद में 20 दिन पहले खदान को लीज पर लेने का दांव खेला था। हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि यह कीमत रत्न 15.34 कैरेट का हीरा है, जिसे दोनों युवाओं ने पन्ना हीरा कार्यालय में जमा कराया है। इसकी कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, पन्ना के रानीगंज मोहल्ला निवासी सतीश खटीक (24) और साजिद मोहम्मद (23) ने करीब 20 दिन पहले हीरा कार्यालय से कृष्णा कल्याणपुर क्षेत्र की उथली खदान का पट्टा लिया था। दोनों गरीबी की मार झेल रहे थे। दोनों अपने परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने और बहनों की शादी के लिए पैसों की जरूरत के चलते किस्मत आजमा रहे थे।

    परिवार की इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साजिद ने दोस्त सतीश के साथ खदान खोदी और महज 20 दिन में बड़ी सफलता हासिल कर ली। सतीश एक मीट शॉप चलाता है जबकि साजिद फलों के ठेले पर काम करके अपना गुजारा करता है। साजिद के दादा और पिता ने भी दशकों तक अपनी किस्मत आजमाई लेकिन उन्हें कभी बड़ी सफलता नहीं मिली। दोनों दोस्त अपनी बहनों की शादी करना चाहते हैं।

    दोनों युवकों ने हीरा मिलने के बाद उसे तुरंत हीरा कार्यालय पन्ना में जमा करा दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह हीरा ‘जैम क्वालिटी’ का है। इसकी कीमत नीलामी में 50 लाख से भी अधिक तक पहुंच सकती है। हीरा आगामी नीलामी में रखा जाएगा। इसके बाद मिलने वाली राशि दोनों में बराबर बांटी जाएगी।

    दोनों ने बताया कि नीलामी से मिली रकम से वे सबसे पहले अपनी बहनों की शादी करेंगे। बाकी रकम अपने छोटे कारोबार को बढ़ाने में लगाएंगे। हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि हीरे का वजन आकार और चमक बेहतरीन स्तर की है। विशेषज्ञ अनुपम सिंह ने इसे साल का अब तक का सबसे उम्दा हीरा बताया है। दो युवाओं को मिली इस कामयाबी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पन्ना जिले की धरती मेहनतकश लोगों की किस्मत पलटने की क्षमता रखती है। सतीश और साजिद की सफलता पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • देश में पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी 2027 की जनगणना, जानें इसके फायदे-नुकसान

    देश में पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी 2027 की जनगणना, जानें इसके फायदे-नुकसान


    नई दिल्ली।
    भारत (India) में जनगणना 2027 (Census 2027) में आयोजित की जाएगी और यह पहली बार पूरी तरह डिजिटल (First time All digital) रूप से होगी। गृह मंत्रालय ने मंगलवार को लोकसभा में एक लिखित जवाब में इसकी पुष्टि की। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय (Minister of State for Home Nityanand Rai.) ने कहा कि डेटा कलेक्शन मोबाइल ऐप (Data Collection Mobile App) के माध्यम से किया जाएगा। यह कदम भारत को अमेरिका, ब्रिटेन, घाना और केन्या जैसे देशों की श्रेणी में ला खड़ा करता है, जहां डिजिटल या हाइब्रिड जनगणनाएं पहले ही हो चुकी हैं। लेकिन 1.4 अरब से अधिक आबादी वाले इस विविध देश में यह महत्वाकांक्षी प्रयास उतना ही चुनौतीपूर्ण भी है। आइए जानते हैं कि यह डिजिटल जनगणना क्या है, कैसे काम करेगी, इसके फायदे-नुकसान क्या हैं, और इससे जुड़ी चिंताएं।


    जनगणना में क्यों हुई देरी और अब क्या नया है?

    भारत में जनगणना हर दशक में होती है, जो जनसांख्यिकीय, सामाजिक, आर्थिक और अब जाति-आधारित डेटा एकत्र करती है। 1872 में पहली गैर-समकालीन जनगणना हुई थी। स्वतंत्र भारत की पहली जनगणना 1951 में हुई। 2011 की आखिरी पूर्ण जनगणना के बाद 2021 वाली कोविड-19 महामारी के कारण टल गई। उसके बाद चुनाव, प्रशासनिक देरी और सीमाओं को फ्रीज करने की समयसीमा बढ़ने से यह 2027 तक खिसक गई।


    2027 जनगणना भारत की 16वीं जनगणना होगी, जो दो चरणों में होगी:

    चरण 1: घर सूचीकरण और हाउस मैपिंग – अप्रैल से सितंबर 2026 तक।
    चरण 2: जनसंख्या गणना – फरवरी-मार्च 2027 (बर्फीले क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान)।


    नए पहलू:

    पूरी तरह डिजिटल: पारंपरिक कागजी फॉर्म के बजाय गणनाकारक (इनुमरेटर) अपने स्मार्टफोन (एंड्रॉयड/आईओएस) पर ऐप इस्तेमाल करेंगे। नागरिक वेब पोर्टल के जरिए स्व-गणना (सेल्फ-इनुमरेशन) कर सकेंगे।
    जाति गणना: स्वतंत्र भारत में पहली बार एससी/एसटी के अलावा अन्य जातियों का डेटा एकत्र होगा। आखिरी पूर्ण जाति गणना 1931 में हुई थी।

    भाषाई समावेशिता: ऐप 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा।
    हाइब्रिड फॉर्मेट: कनेक्टिविटी की समस्या वाले क्षेत्रों में कागजी फॉर्म का बैकअप भी होगा।
    यह जनगणना जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत सीमांकन (डिलिमिटेशन), आरक्षण नीतियों, एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस) और महिलाओं के 33% आरक्षण के लिए आधार बनेगी।


    मोबाइल ऐप से डेटा कलेक्शन, वेब पोर्टल से स्वंय गणना

    लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया- यह निर्णय लिया गया है कि जनगणना 2027 डिजिटल माध्यम से की जाएगी। डेटा मोबाइल ऐप के जरिए एकत्र किया जाएगा। जनता वेब पोर्टल के माध्यम से भी स्वयं-जनगणना कर सकेंगी।

    उन्होंने कहा कि जनगणना में प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी उस स्थान पर जुटाई जाती है, जहां वे गणना अवधि के दौरान पाए जाते हैं। इसके साथ ही जन्म स्थान, अंतिम निवास, मौजूदा स्थान पर रहने की अवधि और प्रवास के कारण से संबंधित विस्तृत प्रश्न भी शामिल होंगे। सरकार फील्ड वर्क शुरू होने से पहले प्रश्नावली को आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित करेगी।

    डिजिटल जनगणना के फायदेः तेज और अधिक सटीक जनगणना की उम्मीद
    डिजिटल तरीकों से भारत उन बड़ी समस्याओं को दूर कर सकता है, जो वर्षों से कागज आधारित प्रक्रिया को धीमा और त्रुटिपूर्ण बनाती रही हैं।
    प्रारंभिक आंकड़े 10 दिनों में
    अंतिम आंकड़े 6-9 महीनों में
    (2011 की जनगणना के आंकड़े अंतिम रूप पाने में कई साल लगे थे)

    तेज उपलब्ध डेटा का उपयोग 2029 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन, योजनाओं, फंड आवंटन, और जनकल्याण कार्यक्रमों की सटीक योजना में सीधे किया जा सकेगा। जियो-टैगिंग, ऐप के अंदर सत्यापन सुविधाएं और स्वयं-जनगणना से ग्रामीण इलाकों, प्रवासी आबादी और कागजी प्रक्रिया में होने वाली अंडर-काउंटिंग में महत्वपूर्ण कमी आने की उम्मीद है।


    लागत में कमी और रोजगार सृजन

    सरकार को लाखों टैबलेट खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि गणनाकर्मी अपने ही स्मार्टफोन का उपयोग करेंगे।
    कुल बजट: 14,618 करोड़ रुपये
    लगभग 2.4 करोड़ मानव-दिवस का अस्थायी रोजगार सृजन।
    नुकसान: जोखिम भी कम नहीं


    1. डिजिटल डिवाइड की चुनौती

    देश में लगभग 65% आबादी ऑनलाइन है, लेकिन पूर्वोत्तर, पहाड़ी राज्यों और सुदूर ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की गति और उपलब्धता सीमित है। इससे सबसे गरीब और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के छूट जाने का खतरा बढ़ जाता है।


    2. डिजिटल साक्षरता की कमी

    जनगणना के लिए तैनात तीन मिलियन से अधिक शिक्षक-आधारित गणनाकर्मियों को नई तकनीक पर गहन प्रशिक्षण की आवश्यकता होगी।
    बुजुर्गों, महिलाओं और प्रवासी मजदूरों में ऐप-आधारित बातचीत के प्रति संकोच और अनिच्छा देखी जा सकती है।


    3. साइबर सुरक्षा और गोपनीयता

    जाति, प्रवास इतिहास और व्यक्तिगत सूचनाएं यदि निजी स्मार्टफोन पर स्टोर होकर मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से भेजी जाएंगी, तो डेटा लीक और साइबर हमलों का जोखिम बना रहेगा। सरकार को एन्क्रिप्शन और सुरक्षित सर्वर आर्किटेक्चर पर विशेष ध्यान देना होगा।


    4. अफ्रीकी देशों का अनुभव भी चेतावनी

    घाना, नाइजीरिया और केन्या में डिजिटल जनगणनाओं के दौरान नेटवर्क बाधाएं, डेटा अपलोड की समस्याएं, उच्च त्रुटि दर और जनता का प्रतिरोध देखने को मिला। भारत को इन अनुभवों से सीखने की जरूरत होगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल जनगणना ‘भविष्य में कदम रखने जैसी’ है, लेकिन ‘जोखिम भरा एक्सपेरिमेंट’ भी है। पहुंच, गोपनीयता और साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। ऑफलाइन सिंक और रीयल-टाइम सपोर्ट से चुनौतियां हल हो सकती हैं। सरकार ने राज्यों के साथ अंतर-राज्य परिषद बैठकें बढ़ाने का वादा किया है।

  • सागर जिले में सड़क हादसे में मुरैना के 4 बीडीएस जवानों की मौतएक घायल

    सागर जिले में सड़क हादसे में मुरैना के 4 बीडीएस जवानों की मौतएक घायल


    सागर । मध्य प्रदेश के सागर जिले के बांदरी मालथौन क्षेत्र में 5 दिसंबर2023 की सुबह करीब 4 बजे एक गंभीर सड़क दुर्घटना ने चार बीडीएस जवानों की जान ले ली। यह हादसा नेशनल हाईवे 44 पर हुआजब मुरैना जिले के बम एंड डॉग स्क्वॉड BDS के जवान बालाघाट से ड्यूटी करके लौट रहे थे। दुर्घटना में मुरैना बीडीएस के चार जवानों की मौत हो गई और एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया।

    जानकारी के अनुसारयह घटना एक ट्रक और बम एंड डॉग स्क्वॉड वाहन के बीच आमने-सामने की टक्कर से हुई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। इस हादसे में चार जवानों की मौत हो गईजबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल है। घायल जवान को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गयाऔर बाद में उनकी स्थिति को देखते हुए दिल्ली के गंगा राम अस्पताल के लिए एयर एंबुलेंस से रेफर किया गया।

    हादसे में मारे गए जवानों के नाम

    प्रधुमन दीक्षित मुरैना अमन कौरव मुरैना परमलाल तोमर मुरैनाड्राइवर विनोद शर्मा भिंडडॉग मास्टर दुर्घटना के बाद एक और जवान राजीव चौहान मुरैनाघायल हुआजिनका इलाज सागर के बंसल अस्पताल में चल रहा है। राहत की बात यह है कि हादसे में वाहन में सवार डॉग पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई चोट नहीं आई।

    हादसे की जानकारी

    मिली जानकारी के अनुसारये सभी जवान बम एंड डॉग स्क्वॉड BDSके सदस्य थे और बालाघाट में अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद मुरैना लौट रहे थे। यह वाहन सड़क पर तेज गति से चल रहा थातभी सामने से आ रहे ट्रक के साथ यह टक्कर हो गई। दुर्घटना के कारण वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार जवानों को गंभीर चोटें आईं। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है और स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    प्रशासन की प्रतिक्रिया

    घटना के बाद सागर पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। साथ हीपुलिस अधिकारियों ने अस्पताल में घायल जवान का इलाज सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक इंतजाम किए। सागर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी बंसल अस्पताल में इलाज की निगरानी कर रहे हैंताकि घायल जवान को सर्वोत्तम इलाज मिल सके।

    सड़क सुरक्षा की आवश्यकता

    यह हादसा इस बात की ओर इशारा करता है कि मध्य प्रदेश के कई प्रमुख राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा की स्थिति अभी भी गंभीर है। यहां नियमित दुर्घटनाएं होती रहती हैंऔर यह घटना उसी का एक और उदाहरण है। प्रशासन और संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता हैताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

    समाज और सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी क्षति

    मुरैना के इन चार जवानों की मौत ने न केवल उनके परिवारों को बल्कि पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है। बीडीएस टीम के ये जवान अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए हमेशा तत्पर रहते थेऔर उनकी शहादत इस बात का प्रमाण है कि वे अपने काम के प्रति कितने समर्पित थे। इन जवानों ने अपनी जान की बाजी लगाकर सुरक्षा का काम किया थाऔर आज उनके बलिदान को याद किया जाएगा। यह घटना एक दुखद है कि हमें सड़क सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्क रहने की जरूरत हैऔर साथ ही सुरक्षा बलों की जिंदगियों की अहमियत को समझना चाहिए।

  • MP: जबलपुर में 96 घंटे डिजिटल अरेस्ट रहे बुजुर्ग दंपति, पुलिस ने लूटने से बचाया

    MP: जबलपुर में 96 घंटे डिजिटल अरेस्ट रहे बुजुर्ग दंपति, पुलिस ने लूटने से बचाया


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर (Jabalpur) से साइबर ठगों (Cyber ​​fraudsters) की खौफनाक करतूत सामने आई है। साइबर ठगों ने एक रिटायर स्कूल प्रधानाचार्य और उनके पति को खुद को एटीएस अधिकारी बताकर चार दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ किए रखा। ठगों ने दंपति को आतंकवादियों से संबंध और 70 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाकर उनकी निजी व बैंक संबंधी जानकारी ले ली और एक ऐप डाउनलोड कराकर उन पर निगरानी रखी।

    मंगलवार को महिला को बैंक भेजा गया, तो उसने एक वकील को सूचना दी। इसके बाद एएसपी-क्राइम ब्रांच जितेंद्र सिंह घमपुर इलाके में दंपति के घर पहुंचे और उन्हें डिजिटल गिरफ्तारी से बचाया।

    उन्होंने बताया कि छह दिसंबर को एक व्यक्ति ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर दंपति से कहा कि उनके संबंध एक ‘आतंकवादी’ के साथ हैं और उनके बैंक खाते के जरिए 70 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। ठगों ने बुजुर्ग दंपत्ति पर आरोप लगाया कि उन्हें कमीशन के रूप में 70 लाख रुपये मिले हैं।

    एएसपी के अनुसार, फोन करने वाले ने दोनों को यह भी बताया कि उनके नाम पर पंजीकृत सिम कार्ड का उपयोग करके देश के बारे में गोपनीय जानकारी विदेश भेजी जा रही है। फोन करने वाले ने दंपति से उनके परिवार के सदस्यों, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, बैंक खातों और एफडी के बारे में जानकारी मांगी।

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसके बाद आरोपियों ने उन्हें एक लिंक से भेजे ऐप को डाउनलोड करने के लिए कहा। आरोपियों ने दंपति को 4 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। मंगलवार दोपहर को महिला किसी काम के लिए बैंक गई। घर से निकलने के बाद महिला ने एक वकील को अपनी स्थिति के बारे में सूचित किया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। अभी पता नहीं चल सका है कि दंपति ने डिजिटल अरेस्ट होने के दौरान ठगों को कोई पैसा ट्रांसफर किया था या नहीं।

  • टाटा ग्रुप की कंपनियों के लिए अच्छा नहीं रहा साल 2025… Rs 5.5 लाख करोड़ घटा मार्केट कैप

    टाटा ग्रुप की कंपनियों के लिए अच्छा नहीं रहा साल 2025… Rs 5.5 लाख करोड़ घटा मार्केट कैप


    नई दिल्ली।
    2025 का साल टाटा ग्रुप (Tata Group) की कई कंपनियों के लिए अच्छा नहीं रहा है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (Tata Consultancy Services Limited-TCS), ट्रेंट लिमिटेड, दी इंडियन होटल कंपनी लिमिटेड (IHCL), वोल्टास और तेजस नेटवर्क लिमिटेड के शेयरों में इस साल 60 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। जिसकी वजह से ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों को मार्केट कैप 5.5 लाख करोड़ रुपये घट गया है।


    घटकर कितना हुआ मार्केट कैप

    टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप अब घटकर 25.57 लाख करोड़ रुपये हो गया है। 31 दिसंबर 2024 को समूह की लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 31.09 लाख करोड़ रुपये रहा था। जोकि 17.76 प्रतिशत की गिरावट को दिखाता है।


    किन कंपनियों को हुआ अधिक नुकसान

    टाटा ग्रुप की धाकड़ कंपनी टीसीएस के शेयरों की कीमतों में 21 प्रतिशत की गिरावट आई है। ग्रुप के मार्केट कैप की गिरावट में इस अकेली कंपनी 3.10 लाख करोड़ रुपये का योगदान है। बीते एक साल में कंपनी के शेयरों की कीमतों में 27 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। दो साल में टाटा ग्रुप की इस कंपनी के शेयरों की कीमतों में 11 प्रतिशत लुढ़क गया है।

    ट्रेंट लिमिटेड के शेयरों की कीमतों में इस साल 41 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस कंपनी का मार्केट कैप एक लाख करोड़ रुपये घट गया है।

    इन कंपनियों का बुरा हाल
    IHCL के शेयरों की कीमतों में 18 प्रतिशत की गिरावट आई है। तेजस नेटवर्क लिमिटेड के मार्केट वैल्यू में 2025 में 60 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं, टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड के शेयरों का भाव 25 से 26 प्रतिशत गिरा है। टाटा टेलीसर्विसेज, टाटा पावर कंपनी लिमिटेड, ओरिएंटल होटल्स लिमिटेड, नेल्को लिमिटेड के शेयरों का भाव 38 प्रतिशत तक गिरा है।


    इन कंपनियों के शेयरों में उछाल

    टाइटन कंपनी लिमिटेड, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड और टाटा स्टील के शेयरों की कीमतों में 15 से 25 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। ग्रुप के मार्केट कैप में इन कंपनियों का योगदान 1 लाख करोड़ रुपये का योगदान है।

  • बांग्लादेश के कच्चे कपास बाजार का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना ब्राजीन, भारत को छोड़ा पीछे

    बांग्लादेश के कच्चे कपास बाजार का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना ब्राजीन, भारत को छोड़ा पीछे


    ढाका।
    बांग्लादेश (Bangladesh) के कच्चे कपास बाजार (Raw Cotton Market) में बड़ा उलटफेर हो गया है। दशकों से इस बाजार पर कब्जा जमाए भारत (India) को अब ब्राजील (Brazil) ने पीछे छोड़ दिया है। अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 के विपणन वर्ष में ब्राजील ने 25% हिस्सेदारी के साथ बांग्लादेश का सबसे बड़ा कच्चा कपास आपूर्तिकर्ता बन गया है, जबकि भारत महज 15% के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गया है।

    हालांकि एक क्षेत्र में भारत अभी भी मजबूती से कायम है, वह है सूती धागा (कॉटन यार्न)। 2024-25 विपणन वर्ष में बांग्लादेश अपने कुल सूती धागा आयात का 82% हिस्सा भारत से ही लिया। जुलाई 2025 में रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रेडीमेड गारमेंट सेक्टर बांग्लादेश के कुल निर्यात का 80% से अधिक और जीडीपी का करीब 10% योगदान देता है। इस सेक्टर में 40 लाख लोग रोजगार पाते हैं।


    2024-25 विपणन वर्ष (अगस्त 2024 – जुलाई 2025) के आंकड़े

    बांग्लादेश ने रिकॉर्ड 82.8 लाख गांठें (1 गांठ = 480 पौंड) कच्चे कपास का आयात किया। इनमें…
    ब्राजील: 19 लाख गांठें (25% हिस्सेदारी)
    भारत: 14 लाख गांठें (15% हिस्सेदारी)

    एक साल पहले (2023-24) भारत ही 17.9 लाख गांठें (23% हिस्सेदारी) के साथ पहले स्थान पर था। इस साल कुल आयात पिछले साल के 78 लाख गांठों से 5.2% अधिक है। इसके अलावा अन्य बड़े आपूर्तिकर्ता हैं- अमेरिका (7%), ऑस्ट्रेलिया और पश्चिम अफ्रीकी देश, लेकिन कोई भी ब्राज़ील के करीब नहीं पहुंचा। 2025-26 में कच्चे कपास का आयात और 1.4% बढ़कर 84 लाख गांठें होने का अनुमान है।


    राजनीतिक उथल-पुथल का असर

    USDA रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024-25 का बाजार वर्ष ठीक उसी समय शुरू हुआ जब शेख हसीना सरकार के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हो रहे थे। 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना सैन्य हेलीकॉप्टर से भारत चली गई थीं और तब से दिल्ली में ही हैं। अगस्त 2024 में नई अंतरिम सरकार बनने के बाद शुरुआती कुछ व्यवधान आए, लेकिन मई 2025 तक कपास आयात पूरी तरह स्थिर रहा। आरएमजी सेक्टर बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना हुआ है।


    सूती धागे में भारत अभी भी नंबर-1

    जुलाई 2025 तक भारत ने बांग्लादेश के कुल कॉटन यार्न आयात का 82% हिस्सा सप्लाई किया। वहीं दूसरे नंबर पर चीन (केवल 7.5%) है। इसका कारण बताया जा रहा है कि भारत की सबसे बड़ी स्पिनिंग क्षमता। इसके अलावा कोलकाता-बेनापोल जैसे तेज डिलीवरी रूट और कम लॉजिस्टिक्स लागत भी है।

  • साउथ अफ्रीका की शर्मनाक हार… T20 क्रिकेट इतिहास में सबसे कम स्कोर पर ऑलआउट

    साउथ अफ्रीका की शर्मनाक हार… T20 क्रिकेट इतिहास में सबसे कम स्कोर पर ऑलआउट


    नई दिल्ली.
    T20 इंटरनेशनल क्रिकेट (T20 International Cricket) के इतिहास का सबसे शर्मनाक दिन साउथ अफ्रीका (South Africa) के लिए मंगलवार 9 दिसंबर का रहा, जहां टीम इंडिया (Team India) के खिलाफ कटक के मैदान पर एडेन मार्करम (Aiden Markram) की कप्तानी वाली टीम अपने इतिहास के सबसे कम स्कोर पर ऑलआउट हो गई। साउथ अफ्रीका की टीम पहली बार 80 का भी आंकड़ा टी20 इंटरनेशनल मैच में पार नहीं कर पाई। साउथ अफ्रीका को भारत ने 74 रनों पर ढेर कर दिया और 101 रनों से पहला टी20 इंटरनेशनल मैच अपने नाम कर लिया। इतना ही नहीं, भारत ने तीसरी बार एक बड़ा जख्म साउथ अफ्रीका को दिया है।

    दरअसल, साउथ अफ्रीका की टीम तीसरी बार भारत के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 से कम के स्कोर पर ऑलआउट हुई है। दो बार ऑस्ट्रेलिया ने भी साउथ अफ्रीका को 100 रनों के भीतर समेटा है। हालांकि, कटक में 74 रनों का स्कोर टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में साउथ अफ्रीका का सबसे कम स्कोर है। इससे पहले 2022 में राजकोट में 87 रनों पर साउथ अफ्रीका की टीम ढेर हो गई थी। 2020 में 89 रनों का स्कोर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साउथ अफ्रीका ने बनाया था। वहीं, 95 रन जोहान्सबर्ग में भारत के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका ने बनाए थे। केपटाउन में 2020 में साउथ अफ्रीका की टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ढेर हो चुकी है।


    T20I में साउथ अफ्रीका का सबसे कम स्कोर

    74 बनाम इंडिया कटक में, 2025*
    87 बनाम इंडियाराजकोट में, 2022
    89 बनाम ऑस्ट्रेलिया जोहान्सबर्ग में, 2020
    95 बनाम इंडिया जोहान्सबर्ग में, 2023
    96 बनाम ऑस्ट्रेलिया केपटाउन में, 2020

    कटक के बाराबती स्टेडियम में खेले गए मैच की बात करें तो यहां भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 175 रन बनाए थे। हार्दिक पांड्या ने 28 गेंदों में 59 रनों की पारी खेली थी, जबकि 21 गेंदों में 23 रन अक्षर पटेल और 32 गेंदों में 26 रन तिलक वर्मा ने बनाए थे। 9 गेंदों में 11 रन शिवम दुबे और 5 गेंदों में 10 रन जितेश शर्मा ने बनाए थे। 12 गेंदों में 17 रनों की पारी अभिषेक शर्मा ने खेली थी। साउथ अफ्रीका के लिए 3 विकेट लुंगी एनगिडी ने निकाले ते, जबकि 2 विकेट सिंपाला को मिले थे। एक विकेट डोनावैन फेरेरा को मिला था। वहीं, जब साउथ अफ्रीका की टीम बल्लेबाजी करने उतरी तो 12.3 ओवर में 74 रनों पर ऑलआउट हो गई। 14 गेंदों में 22 रन डेवाल्ड ब्रेविस ने बनाए थे, जबकि 14-14 रन एडेन मार्करम और ट्रिस्टन स्टब्स के बल्ले से निकले। 12 रन मार्को यानसेन ने बनाए। इनके अलावा कोई बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सका।

  • जोश- जुनून के बिना नहीं बढ़ पाएंगे आगे… सचिन तेंदुलकर ने युवा खिलाड़ियों को दिया 'गुरु मंत्र'

    जोश- जुनून के बिना नहीं बढ़ पाएंगे आगे… सचिन तेंदुलकर ने युवा खिलाड़ियों को दिया 'गुरु मंत्र'


    मुंबई।
    क्रिकेट के भगवान (God of Cricket) कहे जाने वाले पूर्व महान बल्लेबाज (Former Great batsman) सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने युवा खिलाड़ियों (Young Players) को सफल होने के लिए गुरुमंत्र दिया है। सचिन तेंदुलकर ने मुंबई में मंगलवार को कहा कि युवा खिलाड़ी जुनून और जोश के बिना आगे नहीं बढ़ सकते। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को ‘मुश्किल चुनौतियों का सामना करने’ और दूसरों के लिए मिसाल कायम करने की सलाह दी। तेंदुलकर ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि उन्हें क्रिकेट से इतना अधिक लगाव था कि वह इस खेल में आगे बढ़ने के लिए हर संभव प्रयास करने को भी तैयार रहते थे। उन्होंने कहा कि वह गर्मी की छुट्टियों में लगभग दो महीने तक रोजाना 12 घंटे तक अभ्यास करते थे।

    तेंदुलकर ने ‘इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग (आईएसपीएल)’ के तीसरे सत्र की नीलामी से पहले कहा, ‘‘मैंने क्रिकेट खेलना इसलिए शुरू किया, क्योंकि मुझमें जुनून था। मुझे इस खेल से बेइंतहा प्यार था और मैं बस भारत के लिए खेलना चाहता था। मैं इसके लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार था।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘मेरे जीवन में कई पड़ाव आए। इसमें स्कूल क्रिकेट भी था और मैं कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार था। एक दौर ऐसा भी था जब मैंने अपनी गर्मी की छुट्टियों में लगातार 55 दिनों तक 12 घंटे अभ्यास किया और आखिरकार मैं बीमार पड़ गया। अगर जुनून और जोश नहीं है, तो आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे।’’

    तेंदुलकर ने कहा कि एक खिलाड़ी के विकास के लिए कई चीजों का एक साथ आना जरूरी है, लेकिन सही समय पर अच्छा प्रदर्शन करना भी जरूरी है। उन्होंने माना, ‘‘आपको आगे बढ़ने के लिए कड़ी मेहनत, योजना, उसे लागू करने की क्षमता, सही मार्गदर्शन और अनुशासन की जरूरत होती है। कई चीजें एक साथ आती है और फिर जब मौका मिलता है तो आपको मैदान पर उतरकर अच्छा प्रदर्शन करना होता है और इसी तरह आप अगले स्तर पर पहुंचते हैं।’’

    मास्टर ब्लास्टर ने कहा कि उम्मीदें उन खिलाड़ियों से अधिक होती है, जिन्होंने अतीत में मिसाल कायम की है। हालांकि, इससे किसी को भी परेशान नहीं होना चाहिए। सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड्स इस बात की गवाही देते हैं कि वे करियर के आखिरी पड़ाव तक अपने बेसिक्स पर टिके रहे। चाहे बात प्रैक्टिस की हो या फिर टीम के साथ बने रहने की।

  • रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई – अंतरराज्यीय विद्युत तार चोरी गिरोह का पर्दाफाश

    रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई – अंतरराज्यीय विद्युत तार चोरी गिरोह का पर्दाफाश

    भोपाल : मध्यप्रदेश पुलिस ने संगठित आपराधिक नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई करते हुए रीवा और ग्वालियर जिलों में दो बड़ी सफलताएँ हासिल की हैं। रीवा पुलिस ने विगत दो वर्षों से सक्रिय विद्युत तार चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 50 लाख रुपये मूल्य का माल बरामद किया, जबकि ग्वालियर पुलिस ने मैरिज गार्डन में हुई चोरी का त्वरित खुलासा कर 7 लाख 80 हजार रूपए नगद बरामद किए गए। रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई — अंतरराज्यीय विद्युत तार चोरी गिरोह का पर्दाफाश रीवा पुलिस ने एमपीईबी विभाग के विद्युत तार चोरी एवं सोलर पावर प्लांट से कॉपर केबल चोरी की कुल 62 घटनाओं का खुलासा करते हुए 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पुलिस ने लगभग 50 लाख रुपये मूल्य के एल्यूमिनियम और कॉपर तार, पाँच वाहन तथा चोरी में इस्तेमाल उपकरण (कटर, इलेक्ट्रिक डिटेक्टर, सीढ़ी आदि) बरामद किए हैं।
    पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के विश्लेषण के साथ उत्तर प्रदेश और अन्य जिलों की पुलिस से समन्वय स्थापित किया। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पूर्व में बिजली विभाग के ठेकेदारों से जुड़े थे और चोरी का माल कबाड़ियों को बेचते थे। इस कार्रवाई से जिले में लंबे समय से जारी विद्युत संरचना चोरी की घटनाओं पर निर्णायक अंकुश लगा है।ग्वालियर पुलिस का त्वरित खुलासा — मैरिज गार्डन चोरी में 7 लाख 80 हजार रूपए बरामदग्वालियर के थाना महाराजपुरा क्षेत्र स्थित अभिनंदन वाटिका में एक लगुन कार्यक्रम के दौरान 11 लाख की चोरी हुई थी। क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी संतोष सिसोदिया को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 7 लाख 80 हजार रूपए नगद बरामद हुए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि चोरी शिवा सिसोदिया और एक विधिविरुद्ध बालक ने की थी और राशि संतोष को छिपाने हेतु सौंपी थी। रीवा और ग्वालियर की इन प्रभावी कार्यवाहियों ने यह साबित किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस संगठित अपराध, सार्वजनिक संपत्ति की चोरी और नेटवर्क आधारित आपराधिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलेरेंस की नीति पर कार्य कर रही है।