Author: bharati

  • धुरंधर’ में दिखा लियारी का सच: जानें रहमान डकैत और एसपी असलम की असली कहानी

    धुरंधर’ में दिखा लियारी का सच: जानें रहमान डकैत और एसपी असलम की असली कहानी


    नई दिल्‍ली । भारत (India) से लेकर पाकिस्तान (Pakistan) तक, हाल ही में रिलीज हुई फिल्म धुरंधर (film Dhurandhar) ने एक बार फिर कराची के ल्यारी इलाके (Lyari area) को सुर्खियों में ला दिया है। आदित्य धर की इस स्पाई थ्रिलर में रणवीर सिंह, संजय दत्त और अक्षय खन्ना जैसे सितारे हैं। फिल्म में पाकिस्तान के इस कुख्यात ल्यारी इलाके की गैंगवार की कहानी को पर्दे पर उतारा गया है। फिल्म में अक्षय खन्ना ने रहमान डकैत का किरदार निभाया है, जबकि संजय दत्त एसपी चौधरी असलम की भूमिका में हैं। लेकिन क्या यह सिर्फ एक काल्पनिक कहानी है? नहीं, धुरंधर असल घटनाओं से प्रेरित है। 2000 के दशक में यह इलाका एक खूनी जंग का मैदान बन गया था। यहां गैंगवार की आग ने सैकड़ों जिंदगियां जला दीं। यहां ड्रग्स, एक्सटॉर्शन और हथियारों का कारोबार राज करता था। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के राजनीतिक संरक्षण से पनपे अपराधी सिंडिकेट ने ल्यारी को ‘नो-गो जोन’ बना दिया था।

    ल्यारी का उदय: फुटबॉल से फायरफाइट तक
    ल्यारी कराची का सबसे पुराना और घनी आबादी वाला इलाका है, जहां बालोच, कच्छी, सिंधी और अन्य समुदाय सदियों से बसे हैं। 19वीं सदी में यह इलाका एक मजदूर कॉलोनी था, जहां डॉक वर्कर्स और ट्रक ड्राइवर रहते थे। 1960-70 के दशक तक यहां हशीश का छोटा-मोटा व्यापार फल-फूल रहा था। लेकिन अफगानिस्तान के सोवियत युद्ध (1979-89) के बाद हथियारों और ड्रग्स की बाढ़ आ गई। बेरोजगारी और गरीबी ने युवाओं को गैंग्स की ओर धकेल दिया।

    ल्यारी को ‘मिनी ब्राजील’ कहा जाता था यानी फुटबॉल क्लबों की भरमार और ओलंपिक बॉक्सर हुसैन शाह जैसे सितारे यहीं के थे। लेकिन 1980 के दशक से जातीय राजनीति ने रंग बदल दिया। पीपीपी यहां मजबूत थी, लेकिन वोट बैंक को कंट्रोल करने के लिए पार्टियों ने गैंग्स से हाथ मिला लिए। म्युत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) और पीपीपी के बीच टकराव ने हिंसा को हवा दी। 1990 के दशक तक ल्यारी में छोटे-मोटे अपराधी समूह उभर आए, जो किडनैपिंग, एक्सटॉर्शन और ड्रग ट्रैफिकिंग से कमाते थे।

    गैंगवार की जड़ें: हाजी लालू बनाम दादल और फिर रहमान डकैत का उदय
    ल्यारी की आधुनिक गैंगवार की शुरुआत 1960 के दशक के हशीश (चरस) व्यापार से हुई। दादल, शेरू, और ‘काला नाग’ जैसे नाम उस दौर के अपराध जगत में प्रभावी थे। 1990 के दशक में पढ़े-लिखे अपराधियों की नई पीढ़ी सामने आई- जैसे इकबाल उर्फ बाबू डकैत, जिसने ड्रग नेटवर्क को और अधिक संगठित रूप दिया। इसी काल में उभरकर आया सबसे प्रभावशाली नाम था सरदार अब्दुल रहमान बलोच, जिसे ल्यारी और बाकी कराची में रहमान डकैत के नाम से जाना गया।

    रहमान डकैत: डाकू से ‘पीसकीपर’ तक का सफर
    सरदार अब्दुल रहमान बालोच, उर्फ रहमान डकैत (1975-2009), ल्यारी गैंगवार का चेहरा था। एक छोटे अपराधी परिवार में जन्मे रहमान ने किशोरावस्था में ही अपराध की दुनिया में कदम रखा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उसने 13 साल की उम्र में पहली हत्या की और घरेलू झगड़े में अपनी मां को भी मार डाला – हालांकि यह पुष्ट नहीं है, लेकिन उनकी क्रूरता की मिसाल बन गया।

    2001 में हाजी लालू गैंग के पतन के बाद रहमान ने कंट्रोल ले लिया। उसने ड्रग्स, जुआ और एक्सटॉर्शन से लाखों कमाए, लेकिन साथ ही क्लिनिक, मदरसे और फुटबॉल टूर्नामेंट फंड किए। 2008 में पीपीपी ने उसे ‘पीपुल्स अमन कमिटी’ (पीएसी) का प्रमुख बनाया। यह ‘शांति समिति’ वोट बैंक संरक्षण का बहाना थी, लेकिन वास्तव में गैंग का कवर। रहमान को पीपीपी नेता जुल्फिकार मिर्जा और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का संरक्षण था।

    उनकी दुश्मनी अरशद पप्पू से थी, जो एमक्यूएम समर्थित था। 2003 में अर्शद ने उजैर बालोच (रहमान के चचेरे भाई) के पिता की हत्या कर दी, जिससे खूनी जंग छिड़ गई। सैकड़ों मौतें हुईं। ‘धुरंधर’ में अक्षय खन्ना का किरदार रहमान को एक करिश्माई लेकिन खतरनाक डाकू के रूप में दिखाता है – जो हकीकत से मेल खाता है।

    एसपी चौधरी असलम: ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ की आग उगलती बंदूक
    चौधरी असलम खान (1963-2014) पाकिस्तान का सबसे विवादास्पद पुलिस अधिकारी था। 1980 के दशक में सिंध पुलिस में एएसआई के रूप में शामिल हुए असलम को ‘पाकिस्तान का डर्टी हैरी’ कहा जाता था। वह क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) का हेड था और ल्यारी टास्क फोर्स के लीडर।

    असलम ने तालिबान और गैंग्स के खिलाफ बेरहम कार्रवाई की। 2006 में वह मशूक ब्रोही एनकाउंटर के लिए जेल गया, लेकिन 2007 में रिहा होकर लौटा। 2009 में उसने रहमान डकैत को ‘एनकाउंटर’ में मार गिराया – रहमान की पत्नी ने इसे फर्जी बताया और सिंध हाईकोर्ट ने असलम पर एफआईआर का आदेश दिया। 2012 के ऑपरेशन ल्यारी में असलम ने उजैर बालोच के गैंग पर हमला बोला, लेकिन 12 पुलिसकर्मी मारे गए।

    असलम को तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से धमकियां मिलती रहीं। 9 जनवरी 2014 को ल्यारी एक्सप्रेसवे पर सुसाइड बॉम्बिंग में उसकी मौत हो गई। टीटीपी ने जिम्मेदारी ली। ‘धुरंधर’ में संजय दत्त का किरदार असलम को सिगरेट पीते, बंदूक चलाते ‘जिन्न’ के रूप में चित्रित करता है- जो उसकी वास्तविक छवि से प्रेरित है। असलम की पत्नी ने फिल्म पर आपत्ति जताई, इसे प्रोपगैंडा बताया।

    गैंगवार का चरम: खून की होली और राजनीतिक खेल
    रहमान की मौत के बाद उजैर बालोच ने कमान संभाली। 2013 में अरशद पप्पू का अपहरण कर सिर काट दिया गया- प्रतिद्वंद्वी गैंग ने उसके सिर से फुटबॉल खेली। बाबा लाडला जैसे गुटों ने विद्रोह किया। 2004-13 के बीच 800 से ज्यादा मौतें हुईं। पीपीपी और एमक्यूएम की राजनीति ने आग में घी डाला – गैंग्स वोटर मोबिलाइजेशन के लिए इस्तेमाल होते थे।

    कहते हैं कि आज ल्यारी शांत है- फुटबॉल क्लब फिर सक्रिय हैं, और 2024 में एक स्थानीय टीम ने नेशनल यूथ चैंपियनशिप जीती। लेकिन घाव बाकी हैं। उजैर के बारे में कहा जाता है कि वह आज भी जेल में सजा काट रहा है।

  • अनिरुद्धाचार्य महाराज बनाम इंद्रेश उपाध्याय: किस कथावाचक की नेटवर्थ और फीस है सबसे ज्यादा? जानिए पूरी कहानी

    अनिरुद्धाचार्य महाराज बनाम इंद्रेश उपाध्याय: किस कथावाचक की नेटवर्थ और फीस है सबसे ज्यादा? जानिए पूरी कहानी


    नई दिल्ली हाल ही में राजस्थान के जयपुर में हुई कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की भव्य और शाही शादी सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियों में रही। ताज आमेर होटल में संपन्न हुई इस ग्रैंड वेडिंग के फोटो और वीडियो इंटरनेट पर वायरल होते रहे और लोगों ने इस रॉयल शादी की जमकर चर्चा की। लेकिन शादी की चमक-धमक के बीच एक दिलचस्प सवाल तेजी से सामने आने लगाआख़िर अनिरुद्धाचार्य महाराज और इंद्रेश उपाध्याय में से किसकी नेटवर्थ ज्यादा है- और कौन कथावाचन के लिए अधिक फीस लेते हैं?

    भारत में आध्यात्मिक कथावाचन की दुनिया पिछले कुछ वर्षों में काफी बदली है। सोशल मीडिया- डिजिटल मंचों और ग्लोबल कनेक्टिविटी के दौर में कुछ युवा कथावाचकों ने अपनी अनोखी शैली- आकर्षक व्यक्तित्व और प्रभावी वाणी से करोड़ों लोगों तक अपनी बात पहुंचाई है। इन्हीं में दो बड़े नाम हैंअनिरुद्धाचार्य महाराज और इंद्रेश उपाध्याय।एक 36 वर्ष के- तो दूसरे मात्र 28 वर्ष के- मगर दोनों की लोकप्रियता और फैन फॉलोइंग किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं।

    कौन हैं अनिरुद्धाचार्य महाराज?
    अनिरुद्धाचार्य महाराज आज के समय में सबसे चर्चित युवा कथावाचकों में से एक माने जाते हैं। धर्म और जीवन से जुड़े गहरे संदेश को सरल और प्रभावशाली शैली में समझाना उनकी सबसे बड़ी खासियत है। उनकी कथा में जहां अध्यात्म होता है- वहीं आधुनिक सोच और जीवन प्रबंधन का बेहतरीन संतुलन भी दिखाई देता है। यही कारण है कि देश ही नहीं- बल्कि विदेशों में भी उनके कार्यक्रमों की जबरदस्त डिमांड है। बड़े आयोजन- विशाल पंडाल और हजारों की संख्या में श्रोता उनकी पहचान बन चुके हैं।

    इंद्रेश उपाध्याय कौन हैं?
    दूसरी ओर- 28 वर्षीय इंद्रेश उपाध्याय ने बेहद कम उम्र में वह लोकप्रियता हासिल कर ली है- जिसे पाने में कई कथावाचक वर्षों लगाते हैं। उनकी वाणी- शैली और प्रस्तुतिकरण युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक- सभी को प्रभावित करता है।हाल ही में उनकी शाही शादी ने न केवल उन्हें सुर्खियों में ला दिया- बल्कि उनके जीवन और कमाई से जुड़ी चर्चाओं को भी हवा दी। उनकी हर कथा में भक्ति- भजन और सांस्कृतिक परंपराओं का अनोखा संगम देखने को मिलता है।

    फीस में किसकी है बढ़त?

    अब सवाल आता है कि अनिरुद्धाचार्य महाराज और इंद्रेश उपाध्याय में से अधिक फीस कौन लेते हैं? हालांकि आधिकारिक रूप से दोनों कथावाचकों द्वारा कभी सार्वजनिक रूप से फीस का खुलासा नहीं किया जाता लेकिन जो खबरें- मीडिया रिपोर्ट्स और अनुमान सामने आते हैं- उनसे पता चलता है कि अनिरुद्धाचार्य महाराज कीफीस इंद्रेश उपाध्याय से कहीं ज्यादा मानी जाती है। अनिरुद्धाचार्य महाराज की लोकप्रियता- उनके कार्यक्रमों की भव्यता और उनकी देश-विदेश में बढ़ती डिमांड के कारण उनकी फीस अधिक बताई जाती है वहीं इंद्रेश उपाध्याय भी अच्छी-खासी फीस लेते हैं- लेकिन उनकी उम्र और अनुभव की तुलना में अनिरुद्धाचार्य महाराज की डिमांड कहीं अधिक है।

    क्यों होती है इतनी चर्चा?
    दोनों कथावाचकों की सोशल मीडिया पर भारी फैन फॉलोइंग है। हर कार्यक्रम के साथ उनकी चर्चा और भी बढ़ जाती है। आध्यात्मिक जगत में उभरते इन युवा चेहरों ने कथावाचन की दुनिया को नए स्तर पर पहुंचा दिया है। उनकी लोकप्रियता का सीधा असर उनकी नेटवर्थ- इवेंट बुकिंग और फीस पर भी पड़ता है। यही वजह है कि लोग अक्सर यह जानने को उत्सुक रहते हैं कि दोनों में किसकी कमाई ज्यादा है।संक्षेप में कहें तोदोनों ही कथावाचक अपने-अपने क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय हैं। परंतु जब फीस और डिमांड की बात आती है- तो अनिरुद्धाचार्य महाराज को बढ़त हासिल है।फिर भी- यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले समय में इंद्रेश उपाध्याय भी अपनी लोकप्रियता और प्रतिभा के दम पर और भी बड़ी ऊंचाइयों को छू सकते हैं।

  • फाइनल लिस्ट जारी, IPL 2026 ऑक्शन में बाहर हुए हजारों खिलाड़ी

    फाइनल लिस्ट जारी, IPL 2026 ऑक्शन में बाहर हुए हजारों खिलाड़ी


    नई दिल्ली /IPL 2026 Auction list: इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल 2026 (IPL 2026)के मिनी ऑक्शन के लिए खिलाड़ियों की लिस्ट फाइनल हो गई है। 1350 से ज्यादा खिलाड़ियों (Players)ने आईपीएल के ऑक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन किया था, लेकिन फाइनल लिस्ट से 1000 से ज्यादा खिलाड़ी बाहर कर दिए गए हैं, क्योंकि ऑक्शन में सिर्फ 350 खिलाड़ी ही हिस्सा लेंगे। इनमें 25 नए खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जिन्होंने पहले रजिस्ट्रेशन(registration) नहीं किया था। मिनी ऑक्शन 16 दिसंबर को अबू धाबी(Abu Dhabi) में आयोजित होगा। इसकी जानकारी बोर्ड ने पहले ही दे दी थी।
    शुरुआत में बोर्ड ने 1355 खिलाड़ियों की एक लंबी लिस्ट जारी की थी, जिन्होंने ऑक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन किय था। बाद में बीसीसीआई ने आपीएल की टीमों से उन नामों के बारे में पूछा था जिन्हें वे नीलामी पूल में देखना चाहते थे। छांटी गई फाइनल लिस्ट में 35 नए नाम शामिल हैं, जो शुरुआती लिस्ट का हिस्सा नहीं थे और उनमें से एक सरप्राइज एंट्री क्विंटन डिकॉक की है। साउथ अफ्रीका के विकेटकीपर बल्लेबाज ओरजिनल लिस्ट में नहीं थे, लेकिन उनका नाम बाद में कुछ फ्रेंचाइजियों के कहने पर शामिल किया गया है।
    क्रिकबज के मुताबिक, वह तीसरे लॉट में विकेटकीपर बल्लेबाजों के साथ हैं। 1 करोड़ रुपये की बेस प्राइस में वह उपलब्ध होंगे। 2 करोड़ रुपये में मेगा ऑक्शन में कोलकाता नाइट राइडर्स ने पिछले साल उनको खरीदा था। हालांकि, केकेआर ने उनको ऑक्शन से पहले रिलीज कर दिया था। अन्य नए खिलाड़ियों में श्रीलंकाई खिलाड़ियों का एक समूह शामिल है, जिनमे ट्रैवीन मैथ्यू, बिनुरा फर्नांडो, कुसल परेरा और डुनिथ वेलालगे।

    BCCI ने सोमवार (8 दिसंबर) रात को फ्रेंचाइजी को भेजे गए एक मेल में कहा, “नीलामी में 350 खिलाड़ी शामिल होंगे और यह मंगलवार, 16 दिसंबर को अबू धाबी के एतिहाद एरिना में UAE के समय के अनुसार दोपहर 1 बजे (भारतीय समय के अनुसार 2.30 बजे) शुरू होगी।” BCCI के अनुसार, प्लेयर ऑक्शन स्पेशलाइजेशन के क्रम में कैप्ड प्लेयर्स के पूरे राउंड के साथ शुरू होगा – बैट्समैन, ऑलराउंडर, विकेटकीपर/बैट्समैन, फास्ट बॉलर और स्पिन बॉलर, जिसके बाद अनकैप्ड प्लेयर्स का पूरा स्पेशलाइजेशन राउंड होगा। इस तरह कहा जा सकता है कि 1000 से ज्यादा खिलाड़ियों का आईपीएल खेलने का सपना यहीं टूट गया है।

    नए नाम:
    विदेशी खिलाड़ी: अरब गुल (अफगानिस्तान), माइल्स हैमंड (इंग्लैंड), डैन लेटगन (इंग्लैंड), क्विंटन डिकॉक (दक्षिण अफ्रीका) कॉनर एजथेरहुइजन (दक्षिण अफ्रीका), जॉर्ज लिंडे (दक्षिण अफ्रीका), बायंदा मजोला (दक्षिण अफ्रीका), ट्रैवीन मैथ्यू (श्रीलंका), बिनुरा फर्नांडो (श्रीलंका), कुसल परेरा (श्रीलंका), डुनिथ वेललेज (श्रीलंका), अकीम अगस्टे (वेस्टइंडीज)।

    भारतीय खिलाड़ी: सादेक हुसैन, विष्णु सोलंकी, साबिर खान, ब्रिजेश शर्मा, कनिष्क चौहान, आरोन जॉर्ज, जिक्कू ब्राइट, श्रीहरि नायर, माधव बजाज, श्रीवत्स आचार्य, यशराज पुंजा, साहिल पारख, रोशन वाघसरे, यश डिचोलकर, अयाज खान, धुरमिल मटकर, नमन पुष्पक, परीक्षित वलसांगकर, पूरव अग्रवाल, ऋषभ चौहान, सागर सोलंकी, इजाज सावरिया और अमन शेकावत।

  • कारों की सेल में तेजी… नवंबर में मजबूत रही मोटर वाहनों की खुदरा बिक्री

    कारों की सेल में तेजी… नवंबर में मजबूत रही मोटर वाहनों की खुदरा बिक्री


    नई दिल्ली।
    देश में मोटर वाहनों (Motor Vehicles) की खुदरा बिक्री (Retail Sales) नवंबर 2025 (November 2025) में भी मजबूत बनी रही। आमतौर पर त्योहारों के बाद बाजार में थोड़ी सुस्ती आ जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (Federation of Automobile Dealers Association) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर में कुल वाहन पंजीकरण 2% बढ़कर 33,00,832 इकाई हो गया, जबकि पिछले साल यह संख्या 32,31,526 थी। यानी वाहन खरीदने का उत्साह त्योहारों के बाद भी जारी रहा।

    पैसेंजर वाहन, तिपहिया वाहन, कॉमर्शियल वाहन और ट्रैक्टर श्रेणियों में बेहतर मांग ने इस वृद्धि को आगे बढ़ाया। फाडा अध्यक्ष सी.एस. विग्नेश्वर ने कहा कि लोग त्योहारों के बाद भी वाहन खरीदते रहे, और इस वजह से पिछले साल की तुलना में बिक्री तेज बनी रही। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल दिवाली और धनतेरस अक्टूबर में आ गए थे, इसलिए नवंबर 2024 में बिक्री अचानक बहुत ज्यादा थी। इसके बावजूद इस साल नवंबर ने उस उच्च आधार पर भी अच्छी बढ़त दिखाई है।


    रफ्तार के पीछे कई बड़े कारण

    -सरकार द्वारा जीएसटी दरों में कटौती
    -ऑटो कंपनियों और डीलरों द्वारा मिल रहे अच्छे ऑफर और छूट
    -बड़े मॉडलों, खासकर एसयूवी की बेहतर उपलब्धता
    -शादी-विवाह के सीजन की मजबूत मांग


    किस-किस वाहन में कितनी बिक्री हुई?

    1. यात्री वाहन यानी कार-एसयूवी आदि की बिक्री 20% बढ़कर 3,94,152 इकाई हो गई।


    बिक्री बढ़ने की वजहें

    -जीएसटी में कटौती के बाद कीमतें कम होना
    -एसयूवी और कॉम्पैक्ट एसयूवी की जबरदस्त मांग
    -पहले से बुक किए गए मॉडलों की तेज डिलीवरी
    -शादी के सीजन में कार खरीदारी का बढ़ता रुझान

    2. दोपहिया वाहन का पंजीकरण नवंबर में 3% घटकर 25,46,184 इकाई रहा। हालांकि, एक सकारात्मक बात यह रही कि कुल वाहनों का स्टॉक घटकर 44-46 दिन रह गया है। पहले यह 53-55 दिनों का था। इससे पता चलता है कि डीलरशिप पर गाड़ियां ज्यादा समय तक नहीं अटक रहीं-यानी मांग बेहतर है।

    बिक्री घटने की वजहें

    -ग्रामीण इलाकों में थोड़ी कमजोर मांग
    -फाइनेंसिंग में सख्ती का असर शामिल है।

    3. वाणिज्यिक वाहन (ट्रक-बस) की बिक्री 20% बढ़कर 94,935 इकाई हुई।
    बिक्री बढ़ने की वजहें:
    -सड़कों और इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों में तेजी
    -माल ढुलाई की बढ़ती जरूरत
    -सरकार की विभिन्न परियोजनाओं में नई मांग
    -जीएसटी सुधारों से लॉजिस्टिक सेक्टर को मिला फायदा

    4. तिपहिया वाहनों की बिक्री 24% बढ़कर 1,33,951 इकाई हो गई। ई-रिक्शा से लेकर बड़े तिपहिया वाहनों तक, सभी श्रेणियों में मांग रही।
    5. ट्रैक्टर का पंजीकरण नवंबर में 57% बढ़कर 1,26,033 इकाई पहुंच गया।
    इसकी वजहें
    -रबी फसल की तैयारी
    -किसानों के पास अच्छी आय
    -ग्रामीण बाजार में अपेक्षा से ज्यादा सुधार
    -ट्रैक्टर बाजार ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया।


    आगे भी तेजी की उम्मीद

    कुल मिलाकर, नवंबर का महीना वाहन बाजार के लिए उम्मीद से ज्यादा अच्छा रहा। यात्री वाहन, तिपहिया वाहन, वाणिज्यिक वाहन और ट्रैक्टरों ने तेजी दिखाई, जबकि दोपहिया सेगमेंट थोड़ा कमजोर रहा। लेकिन समग्र रूप से, ऑटो सेक्टर में सकारात्मक रुझान जारी है और आने वाले महीने भी मजबूत रहने की उम्मीद है। फाडा का मानना है कि अगले तीन महीनों में भी वाहन बिक्री अच्छी रहने की उम्मीद है।


    इस उम्मीद की वजहें

    -जीएसटी 2.0 सुधारों का असर
    -ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार
    -जनवरी 2026 में संभावित कीमत बढ़ोतरी से पहले खरीदारी
    -नए मॉडल लॉन्च
    -शादी-विवाह का लंबा सीजन

  • आतंकियों को पालने-पोषने के पर्याप्त सबूत… फिर भी PAK के लिए IMF ने खोला खजाना

    आतंकियों को पालने-पोषने के पर्याप्त सबूत… फिर भी PAK के लिए IMF ने खोला खजाना


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान (Pakistan) में किस तरह से आतंकी अड्डे चल रहे हैं, ये पूरी दुनिया जानती है. हाल ही में इजरायल (Israel) ने लश्कर ए तैयबा (Lashkar-e-Taiba) को लेकर भारत के हाथ मिलाने का भी ऑफर दिया है, उधर भारत (India) यूनाइटेड नेशंस में पर्याप्त सबूत दे चुका है कि पाकिस्तान का पैसा कहां जा रहा है. बावजूद इसके अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund.- IMF) ने एक बार फिर पाकिस्तान के लिए अपना खजाना खोल दिया है. राहत के नाम पर उसने पाकिस्तान के लिए 1.2 अरब डॉलर के लोन की किस्त को मंजूरी दी है।

    इस फैसले के साथ पाकिस्तान का IMF कार्यक्रम फिलहाल ट्रैक पर बना रहेगा और उसे अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने में मदद मिलेगी. IMF बोर्ड की मंजूरी के बाद यह फंड अगले कुछ दिनों में पाकिस्तान को जारी किया जाएगा. इस लोन से पाकिस्तान खस्ताहाल आर्थिक हालात को थोड़ी राहत मिलेगी. पाकिस्तान के लिए यह राशि बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि सब जानते हैं कि उसका ध्यान हालात सुधारने पर कम और हथियारों का जखीरा बढ़ाने पर ज्यादा है।

    IMF ने क्या रखी हैं शर्तें?

    IMF ने साफ किया है कि पाकिस्तान को आगे भी राजस्व बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे. इसके लिए सरकार को टैक्स वसूली में सुधार, घाटा कम करने और आर्थिक सुधारों की रफ्तार बढ़ाने पर जोर देना होगा. इसके साथ ही IMF ने पाकिस्तान को सरकारी कंपनियों के निजीकरण को तेज करने की भी सलाह दी है. संस्था का कहना है कि घाटे में चल रही सरकारी इकाइयां पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता में बड़ा रोड़ा बनी हुई हैं. हालांकि पाकिस्तान को इससे वाकई राहत तभी मिलेगी, जब वो देश में संरचनात्मक सुधारों को गंभीरता से लागू करे न कि इस पैसे को आतंकवाद को स्पॉन्सर करने और हथियारों का भंडार भरने में लगाए।

    आपको जानकर हैरानी होगी कि साल 2024 में IMF ने पाकिस्तान के लिए एक नया 37 महीने का एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी प्रोग्राम मंजूर किया था, जिसकी कुल राशि करीब US$ 7 बिलियन थी. इसमें से करीब 3 बिलियन की रकम पाकिस्तान को दी जा चुकी है लेकिन आज भी पाकिस्तान में जनता को मूलभूत चीजों के लिए सोचना पड़ता है. खाने-पीने की चीजों के दाम इतने हैं कि आम लोगों की थाली से पोषण गायब होता जा रहा है. बावजूद इसके पाकिस्तान के हथियारों के भंडार भर रहे हैं, ऐसे में साफ समझ में आता है कि पाकिस्तान के इन राहत पैकेजों की प्राथमिकता में सिर्फ और सिर्फ लड़ाई की तैयारी है।

  • SA vs Ind: पहला टी-20 आज… हार्दिक पांड्या इतिहास रचने के बेहद… टीम में हुई वापसी

    SA vs Ind: पहला टी-20 आज… हार्दिक पांड्या इतिहास रचने के बेहद… टीम में हुई वापसी


    नई दिल्ली।
    भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर (Indian Team’s Star all-rounder) हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) मंगलवार (9 दिसंबर) को दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करेंगे. उनको एशिया कप के सुपर फोर मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ क्वाड्रिसेप्स इंजरी हो गई थी. इसी वजह से वह पाकिस्तान के खिलाफ अहम फाइनल मैच नहीं खेल पाए थे. पांड्या ने फिटनेस हासिल करने के लिए बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कुछ हफ्ते बिताए।

    हार्दिक पंड्या ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बड़ौदा के लिए दो मैच खेले और अपनी फिटनेस साबित की. अब वह फिर से टीम इंडिया की जर्सी पहनने के लिए तैयार हैं. पांड्या ने नितीश कुमार रेड्डी की जगह ली है. ये खिलाड़ी उनकी गैरमौजूदगी में ऑस्ट्रेलिया गया था. हार्दिक दक्षिण अफ्रीका सीरीज के वनडे के लिए फिट नहीं थे लेकिन टी20 में वापसी के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

    हार्दिक पांड्या इतिहास रचने के बेहद करीब हैं. वह टी20 इंटरनेशनल में 2000 रन और 100 विकेट लेने वाले पहले भारतीय ऑलराउंडर बनने से सिर्फ 140 रन और दो विकेट दूर हैं. उन्होंने 2016 में टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था. उनके नाम 1860 रन और 98 विकेट हैं. वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज में यह उपलब्धि हासिल कर सकते हैं. पांड्या अपने डेब्यू के बाद से टी20 टीम के अहम सदस्य रहे हैं. उन्होंने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत को जीत दिलाने के लिए आखिरी ओवर में 16 रन सफलतापूर्वक बचाए थे।

    हार्दिक पंड्या ने 2016 टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के खिलाफ भी आखिरी ओवर डाला था. भारत ने वह मैच सिर्फ एक रन से जीता था. पांड्या सबसे तेज बल्लेबाजों में से एक हैं और उनका स्ट्राइक रेट 141.01 है. पांड्या वनडे में भी नियमित खिलाड़ी हैं. उन्होंने 94 वनडे में 1904 रन और 91 विकेट लिए हैं. सफेद गेंद क्रिकेट में उनकी सफलता के चलते वह 2017 में टेस्ट टीम में भी शामिल हुए. लेकिन पीठ की समस्या के कारण वह सिर्फ 11 टेस्ट खेल पाए. टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 532 रन और 17 विकेट हैं. पांड्या ने 2018 के बाद से कोई रेड-बॉल मैच नहीं खेला है।

  • ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच चीन का नया रिकॉर्ड, ट्रेड सरल्प्स 1 ट्रिलियन डॉलर के पार

    ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच चीन का नया रिकॉर्ड, ट्रेड सरल्प्स 1 ट्रिलियन डॉलर के पार


    हांगकांग।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) के टैरिफ को लेकर बनाए गए दबाव और अमेरिका-चीन (America-China) के बीच छिड़े ट्रेड वॉर के बाद भी चीन ने पहली बार 1 हजार अरब डॉलर के सरप्लस के आंकड़े को पार कर लिया है। सोमवार को चीन द्वारा जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। जानकारी के मुताबिक अक्टूबर माह में आई अप्रत्याशित गिरावट के बाद चीन के निर्यात में नवंबर के दौरान वृद्धि दर्ज की गई जिससे 2025 में उसका व्यापार अधिशेष पहली बार 1,000 अरब डॉलर से अधिक हो गया।

    चीन के सीमा-शुल्क आंकड़ों के मुताबिक नवंबर महीने में डॉलर के संदर्भ में चीन का कुल निर्यात सालाना आधार पर 5.9 प्रतिशत और आयात करीब दो प्रतिशत बढ़ गया। हालांकि अमेरिका को चीन के निर्यात में एक साल पहले की तुलना में करीब 29 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह लगातार आठवें महीने दहाई अंकों में गिरावट है। वहीं चीन के दक्षिण-पूर्व एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका सहित अन्य गंतव्यों को निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई।

    अमेरिकी बहुराष्ट्रीय वित्तीय सेवा फर्म मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि 2030 तक वैश्विक निर्यात में चीन की हिस्सेदारी बढ़कर 16.5 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी जो फिलहाल करीब 15 प्रतिशत है। यह वृद्धि उन्नत विनिर्माण और इलेक्ट्रिक वाहन, रोबोटिक्स और बैटरी जैसे उच्च-विकासशील क्षेत्रों में निर्यात की बढ़त की वजह से होगी।

    इससे पहले चीन का निर्यात अक्टूबर में 1 प्रतिशत से अधिक गिर गया था। हालांकि नवंबर में इसका प्रदर्शन बेहतर रहा और दुनिया भर में निर्यात 330.3 अरब डॉलर रहा जो अर्थशास्त्रियों के अनुमान से काफी अधिक है। वहीं चीन का आयात नवंबर में कुल 218.6 अरब डॉलर रहा। फैक्टसेट द्वारा जारी आधिकारिक व्यापार आंकड़ों के मुताबिक 2025 के पहले 11 महीनों के लिए लगभग 1080 अरब डॉलर का ट्रेड सरल्प्स एक रिकॉर्ड उच्च स्तर है जो 2024 की समान अवधि के 992 अरब डॉलर सरप्लस से अधिक है। आईएनजी बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री लिन सोंग ने रिपोर्ट में लिखा, ‘‘संभवत: नवंबर के निर्यात में शुल्क कटौती का असर पूरी तरह नहीं दिखा है। इसका असर आने वाले महीनों में दिखाई देगा।’’

    गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अक्टूबर के अंत में दक्षिण कोरिया में हुई बैठक में दोनों देशों के बीच एक साल के लिए व्यापार-युद्ध को रोकने पर सहमति बनी थी। अमेरिका ने चीन पर अपने शुल्क कम कर दिए हैं और चीन ने दुर्लभ खनिजों से संबंधित अपने निर्यात नियंत्रणों को समाप्त करने का वादा किया है। एक आधिकारिक सर्वेक्षण के अनुसार, पिछले महीने चीन की उत्पादन गतिविधि लगातार आठवें महीने घटी थीं। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यह निर्धारित करना अब भी जल्दबाजी होगी कि अमेरिका-चीन व्यापार समझौते के बाद बाहरी मांग में वास्तविक उछाल आया है या नहीं।

  • भूकंप के झटकों से हिला जापान…. 7.6 रही तीव्रता, सुनामी का अलर्ट जारी….

    भूकंप के झटकों से हिला जापान…. 7.6 रही तीव्रता, सुनामी का अलर्ट जारी….


    टोक्यो।
    जापान (Japan) में सोमवार रात धरती डोल उठी। यहां तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, रिक्टर स्केल (Richter scale) पर भूकंप (Earthquake) की तीव्रता 7.6 मापी गई है. इसके तुरंत बाद उत्तर-पूर्वी तट पर 3 मीटर (10 फीट) तक ऊंची सुनामी आने की चेतावनी (Tsunami warning) जारी की गई है. प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए कहा है. यह चेतावनी होक्काइडो, आओमोरी और इवाते प्रान्तों के लिए जारी की गई है, जहां खतरा सबसे ज्यादा है. भूकंप का केंद्र तट से दूर बताया जा रहा है, लेकिन इसके झटके इतने तेज थे कि लोग घरों से बाहर निकल आए।

    रात के अंधेरे में 10 फीट ऊंची लहरों का खौफ: भूकंप के झटके रात करीब 11:15 बजे महसूस किए गए. इतनी रात गए आए भूकंप ने लोगों को दहशत में डाल दिया. जेएमए ने साफ कहा है कि समुद्र में हलचल तेज है और 10 फीट तक ऊंची लहरें तट से टकरा सकती हैं. जापान के उत्तर और पूर्व के एक बड़े हिस्से में झटके महसूस किए गए. एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि वे समुद्र तट से दूर रहें और सुरक्षित ठिकानों पर शरण लें।

    होक्काइडो और आओमोरी में रेड अलर्ट: सुनामी की चेतावनी के बाद होक्काइडो, आओमोरी और इवाते प्रान्तों में सायरन बजने लगे हैं. स्थानीय प्रशासन ने इमरजेंसी सेवाओं को अलर्ट मोड पर डाल दिया है. 7.6 की तीव्रता वाला भूकंप बेहद खतरनाक माना जाता है. इससे इमारतों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका है. फिलहाल नुकसान की विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

  • नेचुरल हेयर केयर: इस प्रोटीन मास्क से रूखे बालों में आएगी नई चमक

    नेचुरल हेयर केयर: इस प्रोटीन मास्क से रूखे बालों में आएगी नई चमक


    नई दिल्ली। सर्दियों में बालों का रूखा, बेजान और कमजोर होना आम समस्या बन जाती है। ठंडी हवा, प्रदूषण और पोषण की कमी से बाल अपनी प्राकृतिक चमक खो देते हैं। ऐसे में प्रोटीन से भरपूर घरेलू हेयर मास्क बालों के लिए रामबाण उपाय साबित हो सकता है। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह मास्क बालों को जड़ों से मजबूत बनाकर उन्हें रेशमी और चमकदार बना देता है।

    क्यों जरूरी है प्रोटीन हेयर मास्क-
    बालों की मजबूती के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी होता है। इसकी कमी से बाल टूटने लगते हैं और उनकी ग्रोथ भी प्रभावित होती है। अंडा और दही से बना हेयर मास्क बालों को अंदर से पोषण देकर उनकी बनावट सुधारता है और रूखापन दूर करता है।

    हेयर मास्क बनाने की सामग्री-

    1 अंडा
    2 बड़े चम्मच दही

    ऐसे करें मास्क तैयार

    एक बाउल में अंडा और दही डालकर अच्छी तरह फेंट लें, ताकि स्मूद मिश्रण बन जाए। बालों को हल्का गीला करें और इस मिश्रण को जड़ों से लेकर सिरों तक लगाएं। इसके बाद 20–30 मिनट तक बालों में रहने दें।

    धोने का सही तरीका

    बाल हमेशा ठंडे या हल्के गुनगुने पानी से धोएं। गर्म पानी से अंडा बालों में जम सकता है। इसके बाद हल्के शैंपू से बाल साफ करें। हफ्ते में 1–2 बार इसका इस्तेमाल पर्याप्त है।

    इस मास्क से मिलने वाले फायदे

    इस मास्क के नियमित इस्तेमाल से बाल सिल्की, मुलायम और प्राकृतिक रूप से चमकदार बनते हैं। इससे बालों का टूटना और झड़ना कम होता है, स्कैल्प साफ व स्वस्थ रहती है और बालों की मोटाई व मजबूती में भी बढ़ोतरी होती है। साथ ही यह मास्क रूखापन दूर कर दोमुंहे बालों की समस्या को भी काफी हद तक कम कर देता है।

    जरूरी सावधानियां-

    मास्क लगाने से पहले किसी छोटे हिस्से पर एलर्जी टेस्ट जरूर करें ताकि किसी प्रकार की त्वचा प्रतिक्रिया से बचा जा सके। अगर सिर में कहीं घाव या चोट हो तो इस मास्क का उपयोग न करें। साथ ही हफ्ते में 1–2 बार से ज्यादा इसका इस्तेमाल न करें और बाल धोते समय कभी भी गर्म पानी न लें, क्योंकि इससे अंडा पक सकता है और बालों को नुकसान पहुंच सकता है। अगर आप सर्दियों में रूखे और बेजान बालों से परेशान हैं, तो अंडा-दही से बना यह प्रोटीन हेयर मास्क आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। नियमित इस्तेमाल से बाल मजबूत, मुलायम और प्राकृतिक रूप से चमकदार बन जाते हैं।

  • सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता: एक करोड़ के इनामी रामधेर समेत 12 माओवादी समर्पित

    सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता: एक करोड़ के इनामी रामधेर समेत 12 माओवादी समर्पित


    राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के एमएमसी जोन में सक्रिय माओवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। माओवादी संगठन के एक बड़े सदस्य रामधेर ने आखिरकार सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके साथ ही उनके 11 साथियों ने भी हथियार डाल दिए जिससे एमएमसी जोन में माओवादी गतिविधियों को खत्म करने की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। इस आत्मसमर्पण को सुरक्षा एजेंसियां माओवादी मुक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम मान रही हैं।
    रामधेर जो कि माओवादी संगठन के केंद्रीय समिति सीसी का सदस्य था लंबे समय से सुरक्षाबलों के रडार पर था। वह छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव बालाघाट और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में माओवादी गतिविधियों को संचालित कर रहा था। इस समर्पण के साथ ही इस इलाके में माओवादी विरोधी अभियान को एक बड़ी जीत मिल रही है। रामधेर और उसके साथियों ने खैरागढ़ इलाके के बकरकट्टा थाने में सोमवार तड़के आत्मसमर्पण किया।
    पिछले कुछ दिनों से रामधेर और उसके साथियों के सुरक्षा एजेंसियों से संपर्क में रहने की खबरें आ रही थीं। इसके बाद रविवार को बालाघाट में भोरमदेव कमेटी के 10 माओवादियों के समर्पण के एक दिन बाद रामधेर ने भी अपनी गिरफ्तारी का ऐलान किया। इस आत्मसमर्पण के साथ ही एमएमसी जोन में माओवादी गतिविधियों की समाप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मौके पर राजनांदगांव पहुंचकर इस महत्वपूर्ण घटना को ऐतिहासिक करार दिया और कहा कि यह राज्य की सुरक्षा और शांति के लिए एक अहम कदम है। मुख्यमंत्री ने समर्पण करने वाले माओवादियों के फैसले को सराहा और यह भी कहा कि यह समर्पण उनके लिए एक नया जीवन शुरू करने का अवसर है।
    सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक रामधेर और उसके साथी लंबे समय से माओवादी संगठन में अहम भूमिका निभा रहे थे और उनके खिलाफ कई गंभीर आरोप थे। रामधेर पर एक करोड़ रुपये का इनाम भी रखा गया था। वह अपनी मास्टरमाइंड योजनाओं और हमलों के लिए जाना जाता था लेकिन अब उसके आत्मसमर्पण से सुरक्षा बलों को एक बड़ी राहत मिली है।
    राजनांदगांव पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि माओवादी नेता रामधेर के समर्पण के बाद एमएमसी जोन को पूरी तरह से माओवादी मुक्त माना जा सकता है। यह राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी सफलता है क्योंकि इस इलाके में माओवादियों के प्रभाव को समाप्त करने के लिए कई सालों से लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
    इस समर्पण के बाद सुरक्षा बलों के अधिकारियों का मानना है कि अब एमएमसी जोन में माओवादियों की कोई बड़ी उपस्थिति नहीं होगी जिससे क्षेत्र की सुरक्षा और विकास में तेजी आएगी। माओवादियों के खिलाफ जारी अभियान अब न सिर्फ माओवादियों के समर्थन को समाप्त करेगा बल्कि स्थानीय जनता में सुरक्षा का विश्वास भी बढ़ाएगा।
    माओवादी संगठन के खिलाफ सुरक्षाबलों की लगातार मुहिम और सरकार की पहलें अब धीरे-धीरे रंग लाने लगी हैं। रामधेर जैसे बड़े माओवादी नेताओं का समर्पण यह सिद्ध करता है कि माओवादी आंदोलन का प्रभाव अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। इस समर्पण के बाद सुरक्षा बलों का कहना है कि आगे भी इसी तरह के समर्पण होते रहेंगे जिससे न केवल एमएमसी जोन बल्कि पूरे राज्य में माओवादी गतिविधियों पर काबू पाया जा सकेगा। राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के साथ-साथ स्थानीय जनता भी इस आत्मसमर्पण को सकारात्मक रूप से देख रही है क्योंकि इससे इलाके में शांति और विकास की संभावनाएं बढ़ी हैं।