बिग बॉस के पहले हफ्ते में ही गौरव खन्ना पॉजिटिव ग्रुप के लीडर बने. उनकी टीम में प्रणित मोरे, अभिषेक बजाज, अशनूर कौर, आवेज दरबार, नगमा और मृदुल तिवारी थे. कैप्टेंसी टास्क के दौरान गौरव ने हमेशा ये चाहा कि उनकी टीम से कोई ही कैप्टन बने. वो अपनी टीम के कंटेस्टेंट्स को हमेशा गाइड करते रहे.
पहले शो का मास्टरमाइंड जीशान कादरी को माना जाता था. लेकिन वो सिर्फ नीलम बचाओ अभियान में जुटे रहे, जिस वजह से उनका न सिर्फ गेम खत्म हुआ बल्कि खुद भी शो से बाहर जाना पड़ा. जबकि गौरव खन्ना समझते थे कि घर के अंदर नंबर्स मायने रखते हैं और इसलिए उन्होंने कंटेस्टेंट्स के साथ अपने इक्वेशन को बैलेंस करने की कोशिश की. शांत और सब्र रखने की वजह से उन्हें घर के अंदर बड़े टास्क जीतने के साथ-साथ चुपचाप फाइनल में भी जगह बना ली.
गौरव खन्ना की जीत ने इस धारणा को भी तोड़ दिया कि जो बिग बॉस के घर में लड़ाई झगड़े करता है, वो ही विजेता बनता है. गौरव खन्ना ने दूसरे अन्य कंटेस्टेंट्स की तरह जानबूझकर लड़ाई-झगड़ों और अनावश्यक चिल्लाहट से खुद को दूर रखा. हाई-वोल्टेज ड्रामों के बीच उन्होंने अपना आपा नहीं खोया. जब दूसरे कंटेस्टेंट उन्हें उकसाते थे, तब भी वह धीमा और सोच-समझकर रिएक्शन देते थे, जिससे उन्हें ‘मैच्योर’ खिलाड़ी माना गया
4. दूसरे ग्रुप के कंटेस्टेंट से अच्छा व्यवहार
बिग बॉस 19 में दो ग्रुप बने हुए थे. बावजूद इसके गौरव खन्ना का 16 कंटेस्टेंट में एक के साथ भी ऐसा फेस ऑफ नहीं हुआ कि उनके बीच कोई नफरत का बीज उग सके. उन्होंने घर के अंदर सभी के प्रति सम्मान बनाए रखा, चाहे वह उनके दोस्त हों या कॉम्पिटिटर. उनकी भाषा और व्यवहार में हमेशा एक गरिमा दिखाई दी. टास्क के दौरान भी ये सब दिखाई दिया. यह व्यवहार बिग बॉस के दर्शकों को बहुत पसंद आया, क्योंकि वे अक्सर ड्रामा के बीच एक पॉजिटिव रोल मॉडल की ढूंढते हैं.
वहीं सलमान खान जो पहले कुछ हफ्तों में गौरव खन्ना का मजाक उड़ाते थे, वो ही सलमान खान शो के अंतिम हफ्तों में गौरव खन्ना के फैन बन गए. सलमान ने गौरव के बारे में कहा, ‘उनका गेम अभी तक एक जैसा ही रहा है और उन्होंने किसी के साथ जबरदस्ती झगड़ा नहीं किया. अगर यह उनकी पर्सनैलिटी है, तो मैं इसकी दाद देना चाहूंगा, और अगर यह गेम है, तो हैट्स ऑफ ब्रो.’









