Author: bharati

  • गौतम अदाणी ने विकास रणनीति में स्थानीय लोगों को दी प्राथमिकता..

    गौतम अदाणी ने विकास रणनीति में स्थानीय लोगों को दी प्राथमिकता..

    नई दिल्ली। अदाणी समूह ने अपनी विकास रणनीति को लेकर एक नया दृष्टिकोण सामने रखा है, जिसमें स्थानीय रोजगार सृजन, कर्मचारियों के सम्मानजनक जीवन और कौशल विकास को केंद्रीय भूमिका दी गई है। समूह के चेयरमैन ने यह स्पष्ट किया है कि संगठन की प्रगति अब केवल आर्थिक विस्तार या बड़ी परियोजनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका मूल्यांकन इस आधार पर किया जाएगा कि वह कितने लोगों के जीवन को बेहतर बना पा रहा है।

    कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति जो किसी भी परियोजना से जुड़ा है, वह केवल एक श्रमिक नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा है। उनके अनुसार जब कोई परियोजना पूरी होती है तो वह सिर्फ एक संरचना नहीं होती, बल्कि देश के भविष्य को आकार देने वाली एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होती है।

    उन्होंने यह भी बताया कि समूह की प्राथमिकता अब स्थानीय भर्ती को बढ़ावा देना है। किसी भी परियोजना में सबसे पहले आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अवसर दिया जाएगा, उसके बाद राज्य स्तर पर और आवश्यकता पड़ने पर अन्य क्षेत्रों के उम्मीदवारों पर विचार किया जाएगा। इस नीति का उद्देश्य स्थानीय समुदायों को सीधे विकास प्रक्रिया से जोड़ना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

    कर्मचारियों के कल्याण को लेकर भी समूह ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। दूरस्थ और बड़े प्रोजेक्ट स्थलों पर कार्यरत लोगों के लिए बेहतर आवास और सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है ताकि वे गरिमापूर्ण और सुरक्षित जीवन जी सकें। इसके साथ ही पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए बड़े स्तर पर व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे काम करने वालों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।

    उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक कर्मचारी को सम्मानजनक जीवन और बेहतर कार्य परिस्थितियां मिलना केवल सुविधा नहीं बल्कि एक मूलभूत आवश्यकता है। इसी सोच के साथ संगठन अपने सभी प्रोजेक्ट्स में मानव केंद्रित विकास को प्राथमिकता दे रहा है।

    संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव किए जा रहे हैं ताकि निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी हो सके। नई प्रणाली के तहत साइट स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाई जा रही है, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी कम होगी और गति में सुधार आएगा। यह कदम बड़े पैमाने पर चल रही परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में सहायक होगा।

    इसके अलावा साझेदारी के मॉडल में भी बदलाव किया गया है, जिसमें सीमित लेकिन अधिक सक्षम और विश्वसनीय भागीदारों के साथ काम करने की रणनीति अपनाई जा रही है। इसका उद्देश्य बेहतर समन्वय, गुणवत्ता नियंत्रण और तेज निष्पादन सुनिश्चित करना है। यह मॉडल दीर्घकालिक सहयोग और स्थिर विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

    कौशल विकास को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण और उन्नति के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं ताकि वे अपने करियर में आगे बढ़ सकें और अधिक जिम्मेदार भूमिकाएं निभा सकें। इस पहल का उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि लोगों को सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है।

    बड़ी परियोजनाओं को राष्ट्रीय विकास से जोड़ते हुए यह भी कहा गया कि ये केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि देश की आर्थिक और बुनियादी ढांचे की मजबूती का आधार हैं। इनके माध्यम से देश की ऊर्जा, परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षमता को नया आकार दिया जा रहा है।

  • बाल रस्सी जैसे रूखे? 15 दिन में फर्क दिखाएगा ये नेचुरल अलसी और एलोवेरा हेयर मास्क

    बाल रस्सी जैसे रूखे? 15 दिन में फर्क दिखाएगा ये नेचुरल अलसी और एलोवेरा हेयर मास्क


    नई दिल्ली। मौसम बदलने के साथ ही अक्सर हमारे चेहरे और बालों पर इसका असर दिखाई देता है। जबकि स्किन का ख्याल हम रखते हैं, बालों की देखभाल अक्सर अनदेखी रह जाती है। इसका परिणाम बालों की रूखापन और बेजानपन के रूप में सामने आता है। यदि आपके बाल भी रस्सी या झाड़ू जैसे लग रहे हैं, तो इसका मतलब है कि उन्हें गहराई से पोषण की जरूरत है।

    महंगे शैम्पू और हेयर प्रोडक्ट्स हर बार कारगर नहीं होते। कई बार ये बालों को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। ऐसे में नेचुरल उपाय सबसे सुरक्षित और असरदार होते हैं। इन उपायों में अलसी (flax seeds) का इस्तेमाल बालों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ है।

    अलसी के बीज में ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व बालों को मुलायम, चमकदार और मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसीलिए आज हम आपको अलसी और एलोवेरा हेयर मास्क बनाने और इस्तेमाल करने की विधि बता रहे हैं।

    इस्तेमाल के लिए सामग्री:
    2 बड़े चम्मच अलसी के बीज
    एलोवेरा जेल (आवश्यक मात्रा)

    हेयर मास्क बनाने की विधि:
    एक पैन में थोड़ा पानी लेकर उबालें।
    जब पानी उबलने लगे, उसमें अलसी के बीज डालें और 10 मिनट तक उबालें।
    पानी गाढ़ा होने लगे तो गैस बंद करें और इसे छान लें।
    छने हुए पानी में एलोवेरा जेल मिलाएं और चम्मच की मदद से अच्छी तरह फेंट लें।
    आपका हेयर मास्क तैयार है।
    हेयर मास्क का इस्तेमाल:
    सबसे पहले अपने बालों को धोकर सुलझा लें।
    तैयार मास्क को बालों की जड़ों से लेकर छोर तक अच्छे से अप्लाई करें।
    30-40 मिनट तक लगाकर छोड़ दें, फिर हल्के गुनगुने पानी से धो लें।

    इस मास्क को नियमित रूप से सप्ताह में 2-3 बार लगाने से बालों की रूखापन दूर होगी, नमी लौटेगी और बाल मजबूत बनेंगे। 15 दिन के भीतर फर्क साफ नजर आने लगेगा।

    नेचुरल और असरदार होने के कारण यह उपाय रसायनों से भरे प्रोडक्ट्स की तुलना में सुरक्षित है। खासकर बदलते मौसम में जब बालों को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है, यह मास्क उन्हें जरूरी पोषण देता है।

    अपने बालों को स्वस्थ और चमकदार बनाना है तो इस नेचुरल हेयर मास्क को जरूर ट्राई करें। 15 दिन के अंदर ही आप फर्क महसूस करेंगे और बालों की Texture में नर्माई और चमक लौटते देखेंगे।

  • लंदन हमले के बाद ब्रिटेन में बड़ा अलर्ट, आतंकी खतरा ‘सीवियर’ स्तर पर, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

    लंदन हमले के बाद ब्रिटेन में बड़ा अलर्ट, आतंकी खतरा ‘सीवियर’ स्तर पर, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क



    नई दिल्ली। ब्रिटेन की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए आतंकवादी खतरे का स्तर ‘सीवियर’ कर दिया गया है। इसका अर्थ है कि देश में अगले कुछ महीनों के भीतर आतंकी हमले की संभावना को बेहद गंभीर माना जा रहा है।

    यह फैसला उत्तर लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में हुए हमले के बाद आया, जहां दो यहूदी नागरिकों पर चाकू से हमला किया गया था। Metropolitan Police Service ने इस घटना को आतंकी हमला घोषित किया है। इसके बाद संयुक्त आतंकवाद विश्लेषण केंद्र (Joint Terrorism Analysis Centre) की सिफारिश पर खतरे का स्तर बढ़ाया गया।

    ब्रिटेन के सुरक्षा मंत्री Dan Jarvis ने कहा कि जनता को सतर्क रहने की जरूरत है, लेकिन घबराने की नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय केवल एक घटना के आधार पर नहीं लिया गया, बल्कि देश में इस्लामिस्ट और अतिवादी दक्षिणपंथी गतिविधियों में बढ़ोतरी भी इसका कारण है।

    पिछले कुछ महीनों में यूके में यहूदी समुदाय को निशाना बनाने वाली घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। सरकार ने इन परिस्थितियों को देखते हुए लगभग 25 मिलियन पाउंड की अतिरिक्त सुरक्षा फंडिंग की घोषणा की है।

    जांच और गिरफ्तारी
    हमले के आरोपी Aisa Suleiman को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह पहले भी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रह चुका है, जिससे मामले को और गंभीर माना जा रहा है।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया
    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने कहा है कि सरकार जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नफरत फैलाने वाले संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और नए कानूनों पर भी विचार चल रहा है।

    लंदन हमले के बाद ब्रिटेन में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। खतरे का स्तर बढ़ने से यह साफ है कि देश आतंकी गतिविधियों को लेकर बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है।
    अब सवाल यह हैक्या नई सुरक्षा रणनीतियां इन बढ़ते खतरों को रोक पाने में सफल होंगी?

  • Panchayat Season 5: सचिव जी की नई चुनौती और फुलेरा गांव के मजेदार ट्विस्ट का खुलासा

    Panchayat Season 5: सचिव जी की नई चुनौती और फुलेरा गांव के मजेदार ट्विस्ट का खुलासा


    नई दिल्ली। प्राइम वीडियो ने लोकप्रिय वेब सीरीज Panchayat के पांचवें सीजन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस नए सीजन का बेसब्री से इंतजार फैंस को है, क्योंकि पिछले चार सीजन ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। यह सीरीज गांव की रोजमर्रा की जिंदगी, राजनीति और हास्य से भरे किस्सों के लिए जानी जाती है।

    Panchayat की शुरुआत 2020 में हुई थी। पहला सीजन दर्शकों को फुलेरा गांव की अनोखी दुनिया से मिलवाया, जहां एक शहर का लड़का सचिव बनकर आता है और गांव के माहौल में खुद को ढालने की कोशिश करता है। पहले सीजन की सफलता के बाद दूसरे, तीसरे और चौथे सीजन ने इसे और बड़ा बना दिया। चौथा सीजन जून 2025 में रिलीज़ हुआ और भारत तथा दुनिया भर में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली वेब सीरीज बन गई। इसे TVF (द वायरल फीवर) ने बनाया है, क्रिएटर दीपक कुमार मिश्रा हैं और लेखन चंदन कुमार का है।

    पंचायत सीजन 5 की कहानी में भी फुलेरा गांव की ही पृष्ठभूमि रहेगी। इस बार सचिव अभिषेक का सामना नए और सख्त बॉस से होगा, जो उससे बदला लेने की योजना बनाता है। वहीं अभिषेक अपने एमबीए के सपने को पूरा करने और गांव के मामलों को निपटाने की कोशिश करता रहेगा। इस नए सीजन में गांव की राजनीति, मजेदार घटनाएं और हास्य के पल फिर से दर्शकों को बांधेंगे।

    इस सीजन में दर्शकों को पसंदीदा स्टारकास्ट देखने को मिलेगी। नीना गुप्ता, जितेंद्र कुमार, रघुबीर यादव, सानविका, पंकज झा, फैसल मलिक, चंदन रॉय, सुनीता राजवर, दुर्गेश कुमार और अशोक पाठक जैसी कलाकार अपनी भूमिकाओं में वापस लौटेंगे। उनके अभिनय और केमिस्ट्री के लिए यह सीरीज हमेशा सराही जाती रही है।

    मेकर्स ने पुष्टि कर दी है कि Panchayat Season 5 इसी साल रिलीज होगा, हालांकि सटीक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि आखिर सचिव जी का नया हाल क्या होगा और फुलेरा गांव की कहानी इस सीजन में किस दिशा में जाएगी।

    पांचवें सीजन में पुराने पात्रों के साथ नए ट्विस्ट और मोड़ देखने को मिलेंगे, जो सीरीज की मजेदार और दिलचस्प शैली को कायम रखेंगे। फैंस के लिए यह सीजन हास्य, रोमांच और ड्रामा का पूरा पैकेज लेकर आ रहा है।

  • आंग सान सू ची को जेल से हाउस अरेस्ट में शिफ्ट, सजा में कटौती से म्यांमार में नई हलचल

    आंग सान सू ची को जेल से हाउस अरेस्ट में शिफ्ट, सजा में कटौती से म्यांमार में नई हलचल


    नई दिल्ली। म्यांमार की सैन्य सरकार ने गुरुवार को घोषणा की कि आंग सान सू ची अब अपनी शेष सजा जेल की बजाय निर्धारित आवास पर पूरी करेंगी। यह फैसला राष्ट्रपति Min Aung Hlaing द्वारा घोषित आम माफी कार्यक्रम के तहत लिया गया है।

    राज्य मीडिया द्वारा जारी की गई एक तस्वीर में सू ची लकड़ी की बेंच पर बैठी नजर आ रही हैं। यह कई वर्षों बाद उनकी पहली सार्वजनिक तस्वीर मानी जा रही है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है।

    सू ची को 2022 में विभिन्न मामलों में कुल 33 साल की सजा सुनाई गई थी। हालिया राहत के बाद उनकी सजा घटकर लगभग 18 साल रह गई है, जिसमें अभी 13 साल से अधिक की सजा शेष बताई जा रही है।

    आम माफी और कैदियों की रिहाई:
    यह फैसला बौद्ध धार्मिक पर्व के अवसर पर घोषित आम माफी का हिस्सा है। इस दौरान 1519 कैदियों को रिहा किया गया और कई अन्य की सजा में कटौती की गई है। सरकार का कहना है कि यह कदम सामाजिक स्थिरता और सामंजस्य को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

    अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
    संयुक्त राष्ट्र ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक संकेत बताया है। हालांकि, सू ची की कानूनी टीम का कहना है कि उन्हें इस फैसले की आधिकारिक जानकारी अभी तक नहीं मिली है, जिससे स्थिति को लेकर अस्पष्टता बनी हुई है।
    2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद सू ची को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद म्यांमार में राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा का दौर शुरू हो गया। तब से देश में हजारों लोगों की मौत और व्यापक विरोध प्रदर्शन दर्ज किए गए हैं।
    सू ची की सजा में कटौती और हाउस अरेस्ट में शिफ्ट को म्यांमार की राजनीति में नरमी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन देश की स्थिति अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं मानी जा रही है।

  • भगवान बुद्ध का ज्ञान आज भी उतना ही प्रासंगिक, अमित शाह ने बताया शांति का मार्ग

    भगवान बुद्ध का ज्ञान आज भी उतना ही प्रासंगिक, अमित शाह ने बताया शांति का मार्ग

    नई दिल्ली। लद्दाख की शांत और पवित्र वादियों में उस समय एक विशेष आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला जब भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन के लिए लोगों की बड़ी संख्या एकत्र हुई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में Amit Shah ने कहा कि भगवान बुद्ध का संदेश केवल अतीत की धरोहर नहीं है, बल्कि यह आज भी उतना ही जीवंत और प्रासंगिक है जितना वह 2500 साल पहले था।

    उनके अनुसार बुद्ध का ज्ञान मानव जीवन के हर दौर में दिशा दिखाने वाला प्रकाश है।

    अपने संबोधन में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बुद्ध पूर्णिमा का यह अवसर केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति का क्षण है। जब इतने लंबे अंतराल के बाद पवित्र अवशेषों का पुनः आगमन लद्दाख की धरती पर हुआ, तो यह न केवल आस्था का विषय बना, बल्कि लोगों के लिए एक भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण भी साबित हुआ। इस आयोजन ने क्षेत्र में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण निर्मित किया।

    अमित शाह ने भगवान बुद्ध के जीवन को मानवता के लिए एक आदर्श उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ से तथागत बनने की यात्रा करुणा, त्याग और आत्मज्ञान की ऐसी मिसाल है, जो हर व्यक्ति को जीवन में सही दिशा अपनाने की प्रेरणा देती है। बुद्ध का संदेश अहिंसा, मध्यम मार्ग और संतुलित जीवन पर आधारित था, जो आज के समय में पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

    उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास में बहुत कम ऐसे व्यक्तित्व हुए हैं जिनके जीवन की घटनाएं इतनी गहराई से प्रतीकात्मक हों। जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों का एक ही आध्यात्मिक अर्थ में जुड़ जाना उनके जीवन की विशिष्टता को दर्शाता है। यह अपने आप में मानवता के लिए एक दुर्लभ और प्रेरणादायक उदाहरण है।

    लद्दाख की सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र सदियों से बौद्ध धम्म का केंद्र रहा है। यहां न केवल बौद्ध विचारधारा को संरक्षित किया गया, बल्कि उसे आगे भी बढ़ाया गया। यह भूमि शांति, करुणा और सह-अस्तित्व की जीवंत मिसाल है, जो आज के समय में और भी प्रासंगिक हो गई है।

    अंत में उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में जब दुनिया कई चुनौतियों से गुजर रही है, तब भगवान बुद्ध का संदेश समाधान का मार्ग दिखाता है। उनका विचार आज भी उतना ही प्रभावशाली है और मानवता को एक बेहतर, शांत और संतुलित दिशा की ओर ले जाने की क्षमता रखता है।

  • OTT पर छाया मनोरंजन का मेला: आज रिलीज होंगी थ्रिलर, हॉरर और रोमांटिक फिल्में-सीरीज

    OTT पर छाया मनोरंजन का मेला: आज रिलीज होंगी थ्रिलर, हॉरर और रोमांटिक फिल्में-सीरीज


    नई दिल्ली। शुक्रवार, 1 मई को OTT प्लेटफॉर्म्स पर मनोरंजन प्रेमियों के लिए खास मौका है। आज एक साथ कई नई फिल्में और वेब सीरीज रिलीज हो रही हैं, जो दर्शकों को घर बैठे ही भरपूर एंटरटेनमेंट देने वाली हैं। चाहे आप सस्पेंस, थ्रिलर, हॉरर, रोमांस या कॉमेडी पसंद करते हों, आज का दिन आपके लिए पर्फेक्ट रहेगा।

    सबसे पहले ज़िक्र करते हैं फिल्म ‘The Kerala Story 2’ का। यह फिल्म 27 फरवरी को सिनेमाघरों में आई थी और अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। अब इसे 1 मई से Zee5 पर देखा जा सकता है। फिल्म में उल्का गुप्ता, अदिति भाटिया और ऐश्वर्या ओझा की दमदार परफॉर्मेंस देखने को मिलेगी।

    वहीं सीरीज ‘Glory’ में दर्शकों को हरियाणा के बॉक्सिंग वर्ल्ड की कहानी देखने को मिलेगी। पुलकित सम्राट और दिव्येंदु के लीड रोल में होने के साथ यह शो दिखाता है कि ओलंपिक गोल्ड जीतने के लिए खिलाड़ी किन-किन मुश्किलों से गुजरते हैं। यह सीरीज आज Netflix पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध होगी।

    इसके अलावा ‘Sapne Vs Everyone’ सीजन 2 भी आज Amazon Prime Video पर दस्तक दे रहा है। इस सीजन को पहले से ज्यादा डार्क और गंभीर बनाया गया है। यह दिखाता है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए लोग किन हद तक जाते हैं और क्या-क्या खोने को तैयार रहते हैं। इसमें अंबरीश वर्मा, परमवीर सिंह चीमा और विजयंत कोहली अहम रोल में हैं।

    क्लासिक फिल्मों के शौकीनों के लिए भी आज खास है। श्रीदेवी और कमल हासन की 1982 की फिल्म ‘Moondram Pirai’ अपना OTT डेब्यू कर चुकी है। इसे आज Amazon Prime Video पर देखा जा सकता है।

    एनिमेटेड कॉमेडी प्रेमियों के लिए ‘Swapped’ आज Netflix पर रिलीज होगी। माइकल बी जॉर्डन और जूनो टेम्पल ने इसमें लीड किरदारों को आवाज दी है और नाथन ग्रेनो ने इसका निर्देशन किया है।

    रोमांटिक फिल्म प्रेमियों के लिए ‘My Dearest Señorita’ भी आज Netflix पर उपलब्ध है। यह स्पेनिश ड्रामा फिल्म एलिजाबेथ मार्टिनेज, अनाना कैस्टिलो और पाको लियोन के लीड किरदारों के साथ रोमांस की कहानी पेश करती है।

    इस प्रकार आज OTT प्लेटफॉर्म्स पर हर दर्शक के लिए कुछ न कुछ है। चाहे आप सस्पेंस थ्रिलर के फैन हों या हल्की-फुल्की कॉमेडी पसंद करते हों, आज का दिन वीकेंड एंटरटेनमेंट के लिए बिल्कुल परफेक्ट है। अपने पसंदीदा प्लेटफॉर्म पर लॉगिन करें और घर बैठे फिल्में और वेब सीरीज का मज़ा लें।

  • भारत–पाक संघर्ष पर ट्रम्प का बड़ा दावा, टैरिफ की धमकी से युद्ध टलने की बात, भारत ने बताया अलग सच

    भारत–पाक संघर्ष पर ट्रम्प का बड़ा दावा, टैरिफ की धमकी से युद्ध टलने की बात, भारत ने बताया अलग सच


    नई दिल्ली। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को उन्होंने टैरिफ की धमकी देकर रोका था। ट्रम्प के मुताबिक, उन्होंने दोनों देशों को चेतावनी दी थी कि अगर संघर्ष जारी रहा तो अमेरिका 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकता है।

    ट्रम्प ने दावा किया कि इस आर्थिक दबाव के कारण दोनों देशों ने पीछे हटने का फैसला किया और संभावित बड़े युद्ध को टाल दिया गया। उन्होंने यहां तक कहा कि इस फैसले से 30 से 50 मिलियन लोगों की जान बचाई गई।

    इसके अलावा ट्रम्प ने यह भी कहा कि अपने कार्यकाल में उन्होंने दुनिया भर में करीब 8 संघर्षों को सुलझाने में भूमिका निभाई और कई देशों से उन्हें इसके लिए धन्यवाद पत्र भी मिले।

    भारत का रुख
    हालांकि भारत ने ट्रम्प के इस दावे को सिरे से खारिज किया है। भारतीय पक्ष के अनुसार, संघर्ष विराम किसी बाहरी दबाव से नहीं बल्कि सैन्य स्तर पर बातचीत के जरिए हुआ था। भारत का कहना है कि यह सहमति दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) के बीच सीधे संवाद के बाद बनी थी।

    भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि हालिया तनाव की पृष्ठभूमि में Operation Sindoor के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की गई थी। इसके बाद स्थिति नियंत्रित हुई और दोनों देशों के बीच तनाव में कमी आई।

    स्थिति
    भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते लंबे समय से संवेदनशील रहे हैं। सीमापार आतंकवाद और सैन्य टकराव अक्सर तनाव का कारण बनते रहे हैं। ऐसे में किसी भी बाहरी शक्ति की भूमिका को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते रहते हैं।
    ट्रम्प का यह दावा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है, लेकिन भारत ने इसे स्वीकार नहीं किया है।

  • Harbhajan Singh की सुरक्षा पर HC सख्त: कहा- परिवार को खरोंच तक नहीं आनी चाहिए

    Harbhajan Singh की सुरक्षा पर HC सख्त: कहा- परिवार को खरोंच तक नहीं आनी चाहिए


    नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर Harbhajan Singh की सुरक्षा को लेकर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पंजाब सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं कि हरभजन सिंह और उनके परिवार को किसी भी प्रकार की शारीरिक क्षति नहीं पहुंचनी चाहिए। यह आदेश उनकी सुरक्षा बहाल करने की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।

    दरअसल, 24 अप्रैल को हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी छोड़कर Bharatiya Janata Party (BJP) का दामन थामा। इसके तुरंत बाद पंजाब पुलिस ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली थी। हालांकि, बाद में केंद्र सरकार ने जालंधर स्थित उनके घर के बाहर CRPF की तैनाती कर दी। लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह पर्याप्त नहीं है और परिवार की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

    याचिका में हरभजन सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा बिना किसी नोटिस और खतरे के ताजा आकलन के हटा दी गई, जिसे उन्होंने मनमाना निर्णय बताया। इसके बाद कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 12 मई को होगी। जस्टिस जगमोहन बंसल ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करे कि हरभजन सिंह और उनके परिवार के किसी भी सदस्य को शारीरिक नुकसान न पहुंचे।

    सुरक्षा हटने के बाद उनके घर के बाहर विरोध प्रदर्शन भी हुआ। AAP कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की और दीवारों पर ‘गद्दार’ लिखा। याचिका में यह भी कहा गया कि 25 और 26 अप्रैल को उनके घर पर भीड़ ने हमला किया, लेकिन स्थानीय पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उस समय हरभजन सिंह मुंबई में थे और उन्हें इस घटना की जानकारी फोन के जरिए मिली।

    याचिका में यह भी कहा गया कि सुरक्षा हटाने के बाद पुलिस को जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जमीन पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार अब पंजाब सरकार को हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

    इस मामले ने सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक बदलाव के बीच संतुलन के सवाल को भी उजागर किया है। हरभजन सिंह की याचिका और कोर्ट के आदेश ने साफ कर दिया कि किसी भी नागरिक, खासकर सार्वजनिक जीवन से जुड़े नेताओं की सुरक्षा सर्वोपरि है।

  • सर्जरी के निशानों के साथ आत्मविश्वास की नई परिभाषा बनीं राजश्री देशपांडे, कहा- जख्म नहीं, ये मेरी जीत हैं

    सर्जरी के निशानों के साथ आत्मविश्वास की नई परिभाषा बनीं राजश्री देशपांडे, कहा- जख्म नहीं, ये मेरी जीत हैं

    नई दिल्ली। जीवन कई बार ऐसे मोड़ पर ले आता है, जहां इंसान को अपनी सबसे बड़ी लड़ाई खुद से और अपने हालात से लड़नी पड़ती है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है अभिनेत्री राजश्री देशपांडे की, जिन्होंने ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझते हुए न सिर्फ उसे मात दी, बल्कि अपने अनुभव को खुलकर साझा कर हजारों लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण जगा दी है।

    हाल ही में उन्होंने अपने कुछ ऐसे चित्र साझा किए, जिनमें उनके शरीर पर सर्जरी के निशान साफ नजर आ रहे थे। आमतौर पर लोग ऐसे निशानों को छुपाने की कोशिश करते हैं, लेकिन राजश्री ने इन्हें अपनी पहचान और अपनी जीत का हिस्सा मानते हुए पूरी ईमानदारी के साथ दुनिया के सामने रखा। उनके इस कदम ने लोगों के बीच एक गहरी भावनात्मक प्रतिक्रिया पैदा कर दी।

    अपने संदेश में उन्होंने कहा कि उनके शरीर पर बने ये निशान उनकी कहानी को बयां करते हैं। हर निशान उस संघर्ष की याद दिलाता है, जिसमें उन्होंने दर्द, डर और अनिश्चितता का सामना करते हुए खुद को मजबूत बनाए रखा। उन्होंने यह भी कहा कि यह बीमारी उनके शरीर तक सीमित रही, लेकिन उनकी आत्मा और हिम्मत को कभी कमजोर नहीं कर पाई।

    राजश्री ने अपने संदेश में महिलाओं को खास तौर पर संबोधित करते हुए उन्हें आत्मविश्वास बनाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि कोई भी जख्म किसी की खूबसूरती को कम नहीं करता, बल्कि वह उस साहस की पहचान बन जाता है, जिसने कठिन समय में भी हार नहीं मानी। उन्होंने यह भी कहा कि जीवन में असली ताकत बाहरी रूप से नहीं, बल्कि अंदर की सोच और आत्मबल से आती है।

    अपने वर्तमान जीवन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि आज वह पूरी तरह से अपने काम और जीवन को नए नजरिए से देख रही हैं। उनके अंदर एक नई ऊर्जा है, जो उन्हें हर दिन आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि वह अब अपने अनुभवों को कमजोरी नहीं बल्कि अपनी ताकत मानती हैं और उसी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।

    उनकी यह भावुक और साहसी पोस्ट सामने आने के बाद लोगों में चर्चा का विषय बन गई। कई लोगों ने इसे साहस और आत्मस्वीकृति का बेहतरीन उदाहरण बताया। खासकर उन लोगों के लिए यह कहानी बेहद प्रेरणादायक बन गई है जो किसी गंभीर बीमारी या जीवन की कठिन परिस्थिति से गुजर रहे हैं।

    राजश्री देशपांडे का यह कदम केवल एक व्यक्तिगत अनुभव नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक संदेश है कि जीवन में आने वाली चुनौतियाँ हमें तोड़ने के लिए नहीं, बल्कि मजबूत बनाने के लिए आती हैं। उनका यह आत्मविश्वास भरा संदेश यह साबित करता है कि जब इंसान अपने दर्द को स्वीकार कर लेता है, तभी वह असली जीत की ओर बढ़ता है।