Author: bharati

  • MP: मुरैना में भक्ति की अनोखी मिसाल… खड़ियाहार गांव की रेखा ने भगवान ठाकुर जी से रचाया विवाह

    MP: मुरैना में भक्ति की अनोखी मिसाल… खड़ियाहार गांव की रेखा ने भगवान ठाकुर जी से रचाया विवाह


    मुरैना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना (Morena) जिले के खड़ियाहार गांव (Khadiyahar village) में भक्ति की अनोखी मिसाल देखने को मिली. 42 साल की रेखा तोमर (Rekha Tomar) ने भगवान ठाकुर जी (Bhagwan Thakur ji) को अपना दूल्हा मानकर वैदिक रीति से विवाह रचा लिया. पूरे गांव में भजन-कीर्तन और राधे-राधे के जयकारे गूंजे. इस आयोजन को ग्रामीणों ने आस्था और समर्पण का दुर्लभ उदाहरण बताया।

    मुरैना जिले के एक छोटे से गांव खड़ियाहार में 42 वर्षीय रेखा तोमर ने भगवान श्री ठाकुर जी को अपना जीवनसाथी मानते हुए पूरे विधि-विधान और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह रचा लिया. यह घटना सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उस आस्था की अभिव्यक्ति है, जिसमें व्यक्ति अपने जीवन को पूरी तरह ईश्वर के चरणों में समर्पित कर देता है. गांव में हुए इस आयोजन ने हर किसी को चौंकाया भी और भावुक भी किया.

    इस अनोखे विवाह की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है. ग्रामीणों के मुताबिक, यह आयोजन पूरी तरह पारंपरिक हिंदू रीति से किया गया, जिसमें विवाह की हर रस्म को विधिवत निभाया गया. रेखा तोमर लंबे समय से ठाकुर जी की भक्ति में लीन थीं और उन्होंने पहले ही यह संकल्प लिया था कि वह अपना जीवन प्रभु को समर्पित करेंगी. यही संकल्प इस विवाह का आधार बना. भक्ति के इस रूप ने एक बार फिर यह साबित किया कि आस्था की कोई सीमा नहीं होती और यह व्यक्ति को अलग पहचान देती है.

    वैदिक रीति से संपन्न हुआ विवाह

    ग्राम खड़ियाहार के प्राचीन देवालय में यह विवाह संपन्न हुआ. मंदिर के पुजारी रामदुलारे बाबा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी धार्मिक रस्में पूरी कराईं. लग्न पत्रिका का वाचन हुआ. पूजन और पैर पूजाई जैसी परंपराएं निभाई गईं. पूरा आयोजन एक पारंपरिक शादी की तरह ही आयोजित किया गया, जिसमें हर विधि का पालन किया गया.


    भाई ने किया कन्यादान, भावुक हुआ माहौल

    इस विवाह का सबसे भावुक पल तब आया, जब रेखा तोमर के भाई सुरेंद्र ने उनका कन्यादान किया. परिवार के लिए यह क्षण आस्था और भावना का संगम था. ग्रामीणों ने भी इस दृश्य को श्रद्धा के साथ देखा. यह आयोजन सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से भी एक अलग अनुभव लेकर आया.


    भजन-कीर्तन से गूंजा पूरा गांव

    विवाह के दौरान पूरे गांव में भक्ति का माहौल रहा. भजन-कीर्तन और राधे-राधे के जयकारों से वातावरण गूंज उठा. बड़ी संख्या में ग्रामीण इस आयोजन में शामिल हुए. लोगों ने इसे आस्था और समर्पण की अनोखी मिसाल बताया. गांव के कई प्रमुख लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे और उन्होंने इसे दुर्लभ आयोजन माना.


    कौन हैं रेखा तोमर

    रेखा तोमर, पिता लाखन सिंह, लंबे समय से धार्मिक प्रवृत्ति की रही हैं. ग्रामीणों के अनुसार, वह अधिकतर समय पूजा-पाठ और भजन में व्यतीत करती थीं. उनका यह निर्णय अचानक नहीं था, बल्कि वर्षों की भक्ति और साधना का परिणाम था. उन्होंने सामाजिक जीवन से अलग हटकर आध्यात्मिक जीवन को प्राथमिकता दी.


    ईश्वर को जीवनसाथी मानने की परंपरा नई नहीं

    धार्मिक मान्यताओं में ईश्वर को जीवनसाथी मानने की परंपरा नई नहीं है. इतिहास और भक्ति परंपरा में कई उदाहरण मिलते हैं, जहां भक्त ने ईश्वर को अपना सर्वस्व मान लिया. ऐसे आयोजन समाज में आस्था और विश्वास को मजबूत करते हैं. हालांकि, यह व्यक्तिगत आस्था का विषय होता है और हर व्यक्ति इसे अपने तरीके से समझता है।

  • US: ट्रंप के डिनर हमले को लेकर नया खुलासा, हमलावर ने गोलीबारी से पहले परिवार को भेजा था मैसेज

    US: ट्रंप के डिनर हमले को लेकर नया खुलासा, हमलावर ने गोलीबारी से पहले परिवार को भेजा था मैसेज


    वाशिंगटन।
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) के डिनर कार्यक्रम (Dinner program) में हुए हमले को लेकर नए खुलासे हो रहे हैं। हमलावर ने गोलीबारी करने के कुछ मिनट पहले अपने परिवार को एक संदेश भेजा था। इसमें उसने हमला करने की वजह को भी लिखा था। इस संदेश के मुताबिक काश पटेल को छोड़कर ट्रंप प्रशासन की पूरी टीम उसके निशाने पर थी।

    न्यूयॉर्क पोस्ट ने हमलावर एलन के द्वारा परिवार को भेजे गए इस मैसेज को प्रकाशित किया है। इस मैसेज में वह साफ तौर पर कहता हुआ नजर आता है कि काश पटेल को छोड़कर ट्रंप प्रशासन के सभी अधिकारी मेरे निशाने पर हैं। उसने लिखा, “मैं अब यह और स्वीकार करने को तैयार नहीं हूं कि एक पीडोफाइल, बलात्कारी और गद्दार मेरे हाथों को उसके अपराधों से रंगे।” कथित तौर पर इस मैसेज में एलन ने सीधे तौर पर ट्रंप का नाम नहीं लिया। लेकिन ट्रंप का नाम यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ लगातार जोड़ा जाता रहा है। ऐसे में संभव है कि वह ट्रंप की ही बात कर रहा हो।

    न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा देखे गए इस मैसेज में कोल ने लिखा, “ट्रंप प्रशासन के सभी अधिकारी, पटेल को छोड़कर मेरे निशाने पर हैं। और उन्हें इसमें उनके पद के अनुसार प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही उसने यह भी लिखा कि संयुक्त राज्य सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स को केवल जरूरत पड़ने पर ही निशाना बनाया जाएगा। अगर वह नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं करते हैं, तो उन्होंने गैर घातक तरीके से रास्ते से हटाया जाएगा।


    होटल की सुरक्षा पर भी बात

    हमले के ठीक पहले परिवार को भेजे गए इस मैसेज में एलन ने होटल में मौजूद सुरक्षा व्यवस्था के बारे में भी लिखा। उसने लिखा कि यहां कि सुरक्षा व्यवस्था केवल प्रदर्शनकारियों को रोकने तक ही सीमित थी। उसने लिखा, “मैं कई हथियारों के साथ अंदर चला जाता हूँ और वहाँ कोई भी यह नहीं सोचता कि मैं खतरा हो सकता हूं।” एलन ने अंत में संभावित तौर पर ट्रंप को निशाना बनाते हुए लिखा, “इस स्तर पर ऐसी अक्षमता पागलपन हैं। मैं ईमानदारी के साथ उम्मीद करता हूं कि जब इस देश को वास्तव में सक्षम नेतृत्व मिलेगा, तब तक इसे सुधार लिया जाएगा।”

    इससे पहले, रविवार को एक वाइट हाउस की तरफ से होटल में आयोजित इस डिनर में लगभग अमेरिकी प्रशासन के सभी बड़े लोग मौजूद थे। उसी वक्त वहां पर गोलियों की आवाज सुनाई दी। हमला होने का संकेत मिलते हैं वहां पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने सभी राजनेताओं और उनके साथियों को वहां से बाहर निकाल दिया। हमलावर कोल एलन को भी गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में इस हमले को लेकर ट्रंप ने कहा कि हमलावर में ईसाइयों को लेकर नफरत भरी हुई है।

    बता दें, यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप के ऊपर जानलेवा हमला करने की कोशिश हुई हो। 2024 में चुनावी रैली के दौरान भी ट्रंप के ऊपर हमला हुआ था। इस हमले में गोली ट्रंप के कान को घायल करती हुई निकल गई थी। इसके कुछ समय बाद ट्रंप के घर के बाहर भी हमला हुआ था। और अब यह तीसरी बार उनके ऊपर जानलेवा हमला करने की कोशिश हुई है।

  • ईरान के विदेश मंत्री की रूस यात्रा से भड़के ट्रंप… बोले- 3 दिन में समझौता… नहीं तो होगा भयंकर विस्फोट….

    ईरान के विदेश मंत्री की रूस यात्रा से भड़के ट्रंप… बोले- 3 दिन में समझौता… नहीं तो होगा भयंकर विस्फोट….


    वाशिंगटन।
    ईरान के विदेश मंत्री (Iran Foreign Minister) की रूस की यात्रा (Russia Trip) से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) और भड़क गए हैं। उन्होंने धमकी देते हुए कहा है कि अगर तीन दिन के अंदर ईरान समझौता नहीं करता है तो फिर उसकी तेल की पाइपलाइनों में भयंकर विस्फोट होगा। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान तेल निर्यात करने के लायक ही नहीं बचेगा। ट्रंप ने कहा कि नाकेबंदी की वजह से ईरान जहाजों के जरिए निर्यात नहीं कर पा रहा है। वहीं पाइपलाइन ध्वस्त होने के बाद उसका निर्यात एकदम से बंद हो जाएगा। बता दें कि ईरान के विदेश मंत्री पाकिस्तान से एक बार फिर रूस पहुंचे हैं और वह अब पुतिन से वार्ता करने वाले हैं। रूसी मीडिया ने इसकी पुष्टि की है।


    ईरानी विदेश मंत्री के रूस दौरे से नाराज ट्रंप?

    दरअसल ईरान के विदेश मंत्री अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता के लिए पाकिस्तान गए थे। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रतिनिधिमंडल को भेजने से इनकार कर दिया। इसके बाद ईरानी विदेश मंत्री अराघची भी रूस और ओमान की यात्रा पर निकल गए। रूस के दौरे से वह एक बार फिर पाकिस्तान लौटे। उधर ट्रंप ने कहा कि अब उनकी टीम पाकिस्तान नहीं जाएगी बल्कि जो भी बात होगी, फोन पर ही होगी।


    ईरान ने भेजा अपना प्रस्ताव

    ईरान ने एक लिखित प्रस्ताव डोनाल्ड ट्रंप को भेजा था जिसे उन्होंने तुरंत खारिज कर दिया। ट्रंप ने दावा किया कि पहले प्रस्ताव खारिज होने के बाद ईरान ने दूसरा प्रस्ताव भेजा जो कि उससे बेहतर है। उन्होंने कहा कि वार्ता के लिए आने-जाने में सफर बहुत करना पड़ता है और अब सारी बातें फोन पर होंगी। ईरान जब चाहें उन्हें फोन कर सकता है। जानकारी के मुताबिक ईरानी विदेश मंत्री एक बार फिर रूस चले गए हैं और ईरान का कहना है कि मॉस्को में अब आगे की बातें होंगी।

    राष्ट्रपति ट्रंप ने धमकी देते हुए कहा है कि उसकी तेल की पाइपलाइन को इस तरह तबाह किया जाएगा कि दोबारा वह वैसी पाइपलाइन नहीं बना पाएगा। जियो टीवी’ ने ईरानी समाचार एजेंसी ‘आईएसएनए’ के हवाले से बताया कि अराघची ”युद्ध को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए किसी भी समझौते के ढांचे पर ईरान के रुख और विचारों” से अवगत कराएंगे।

    ग्यारह और बारह अप्रैल को आयोजित शांति वार्ता का पहला दौर संघर्ष में शामिल पक्षों के लिए वांछित परिणाम लाने में विफल रहा। शनिवार को अराघची के ओमान रवाना होने के बाद, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिकी वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर अब ईरान के साथ वार्ता के लिए इस्लामाबाद नहीं जाएंगे। रविवार को ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए फोन पर बातचीत कर सकते हैं।

  • IPL 2026: ऋतुराज गायकवाड़ की फिफ्टी के बावजूद उनके नाम बना ये बुरा रिकॉर्ड, जानिए कैसे ?

    IPL 2026: ऋतुराज गायकवाड़ की फिफ्टी के बावजूद उनके नाम बना ये बुरा रिकॉर्ड, जानिए कैसे ?


    नई दिल्ली। IPL 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने आखिरकार अपनी खराब फॉर्म से बाहर निकलते हुए अर्धशतक जरूर लगाया, लेकिन यह पारी बेहद धीमी रही। उन्होंने 50 रन पूरे करने के लिए 49 गेंदें खेलीं, जिसके चलते उनका नाम IPL इतिहास के सबसे धीमे अर्धशतकों की सूची में जुड़ गया।

    गायकवाड़ ने शुरुआत में बेहद संभलकर बल्लेबाजी की और लंबे समय तक रन बनाने में संघर्ष करते नजर आए। हालांकि, अर्धशतक पूरा करने के बाद उन्होंने गति बढ़ाई और अंततः 60 गेंदों में 74 रन की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 6 चौके और 4 छक्के लगाए।

    IPL इतिहास में सबसे धीमा अर्धशतक 55 गेंदों में आया था, जबकि कुछ खिलाड़ियों ने 50 से 53 गेंदों में भी फिफ्टी पूरी की है। अब 49 गेंदों में अर्धशतक बनाने वालों की सूची में गायकवाड़ का नाम भी शामिल हो गया है, जहां पहले कुछ दिग्गज खिलाड़ियों के नाम दर्ज हैं। यह रिकॉर्ड चेन्नई सुपर किंग्स के लिए भी उल्लेखनीय रूप से धीमी पारियों की सूची में शामिल हो गया है। टीम के इतिहास में भी कई बल्लेबाजों ने 49 से 53 गेंदों के बीच अर्धशतक लगाए हैं, और अब गायकवाड़ भी इस लिस्ट का हिस्सा बन गए हैं।

    मैच की बात करें तो Chennai Super Kings और Gujarat Titans के बीच खेले गए मुकाबले में CSK ने पहले बल्लेबाजी की, लेकिन शुरुआत बेहद खराब रही। पावरप्ले में ही टीम के तीन विकेट गिर गए और स्कोर 28/3 हो गया।

    मिडिल ऑर्डर भी ज्यादा योगदान नहीं दे सका और 10 ओवर तक टीम 43/4 पर संघर्ष करती रही। इसके बाद गायकवाड़ और शिवम दुबे के बीच 59 रनों की साझेदारी ने टीम को संभाला। आखिरी ओवरों में कुछ तेज रन आए और CSK ने 20 ओवर में 158/7 का स्कोर खड़ा किया। हालांकि लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात की टीम ने आसानी से यह मुकाबला जीत लिया और CSK को हार का सामना करना पड़ा।

  • ETF में निवेश का बढ़ता दायरा: सोना-चांदी से आगे बैंकिंग, टेक और ग्लोबल मार्केट में भी मौका

    ETF में निवेश का बढ़ता दायरा: सोना-चांदी से आगे बैंकिंग, टेक और ग्लोबल मार्केट में भी मौका


    नई दिल्ली। कई निवेशक हाल के दिनों में थोड़ा निराश हैं, क्योंकि जब वे देखते हैं कि पिछले एक साल में सोने ने करीब 56% और चांदी ने 155% तक का रिटर्न दिया है, तो उन्हें लगता है कि उन्होंने निवेश का अच्छा मौका गंवा दिया। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश की दुनिया अब केवल सोने-चांदी तक सीमित नहीं रही है। Exchange Traded Fund यानी ईटीएफ आज निवेश का एक ऐसा विकल्प बन चुका है, जिसमें बैंकिंग, आईटी, सरकारी बॉन्ड और यहां तक कि विदेशी बाजारों में भी निवेश का मौका मिलता है। यह निवेशकों के लिए एक तरह की “मल्टी-कुजीन थाली” जैसा बन गया है, जहां अलग-अलग विकल्प मौजूद हैं।

    भारत में पैसिव निवेश को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। इसी का नतीजा है कि वित्त वर्ष 2025-26 में ईटीएफ में निवेश पिछले साल की तुलना में लगभग 94% तक बढ़ गया है।

    सोना-चांदी बने सबसे बड़े आकर्षण
    पिछले साल ईटीएफ निवेश में सबसे ज्यादा पैसा गोल्ड और सिल्वर फंड्स में आया। गोल्ड ईटीएफ में करीब 350% और सिल्वर ईटीएफ में लगभग 296% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसकी वजह मजबूत रिटर्न रहा है। हालांकि कुछ अन्य ईटीएफ ऐसे भी हैं जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में 250% तक का रिटर्न दिया है।

    क्यों बढ़ रहा है ETF का क्रेज?
    ईटीएफ की लोकप्रियता के पीछे मुख्य तीन कारण हैं—
    कम लागत: कम एक्सपेंस रेशियो के कारण यह सस्ता निवेश विकल्प है।
    पारदर्शिता: यह सीधे किसी इंडेक्स को फॉलो करता है, जिससे पोर्टफोलियो साफ-सुथरा रहता है।
    लिक्विडिटी: स्टॉक एक्सचेंज पर इसे कभी भी खरीदा और बेचा जा सकता है।

    ETF के प्रमुख प्रकार
    ईटीएफ कई तरह के होते हैं—
    इक्विटी ईटीएफ: जैसे Nifty 50, बैंकिंग, आईटी और सेक्टर आधारित फंड
    कमोडिटी ईटीएफ: सोना और चांदी आधारित फंड
    डेट/बॉन्ड ईटीएफ: सरकारी और कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश
    इंटरनेशनल ईटीएफ: जैसे NASDAQ 100 या S&P 500 में निवेश का अवसर

    निवेश से पहले किन बातों का ध्यान रखें
    विशेषज्ञों के अनुसार ईटीएफ चुनते समय तीन बातें जरूरी हैं—
    लिक्विडिटी: ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम वाले ETF चुनें
    एक्सपेंस रेशियो: कम खर्च वाला फंड बेहतर होता है
    ट्रैकिंग एरर: इंडेक्स और ETF रिटर्न में अंतर जितना कम हो, फंड उतना बेहतर माना जाता है

    निवेश में समझदारी जरूरी
    ईटीएफ में निवेश करते समय ध्यान रखना चाहिए कि इसमें कोई सक्रिय फंड मैनेजर लगातार निर्णय नहीं लेता। इसलिए एसेट एलोकेशन, एंट्री-एग्जिट और पोर्टफोलियो रीबैलेंस की जिम्मेदारी निवेशक की होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश को केवल ट्रेंड के आधार पर नहीं, बल्कि अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और लंबी अवधि की रणनीति के अनुसार करना चाहिए।

  • "मेरा नाम रिंकू ही रहने दो…" प्लेयर ऑफ द मैच बने रिंकू सिंह का दिल जीतने वाला बयान वायरल

    "मेरा नाम रिंकू ही रहने दो…" प्लेयर ऑफ द मैच बने रिंकू सिंह का दिल जीतने वाला बयान वायरल


    नई दिल्‍ली । लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ कोलकाता नाइट राइडर्स को आईपीएल 2026 की दूसरी जीत दिलाने में अहम योगदान रिंकू सिंह (Rinku Singh) का था। उन्हीं की बदौलत केकेआर ने 155 रन बनाए, क्योंकि आखिरी ओवर में दिग्वेश राठी के खिलाफ रिंकू सिंह ने ही 4 छक्के लगाए थे। रिंकू ने इस मैच में 51 गेंदों में नाबाद 83 रनों की पारी खेली थी। उनके अलावा 34 रन कैमरोन ग्रीन ने बनाए थे, लेकिन अन्य कोई बल्लेबाज 10 से आगे नहीं बढ़ सका था। एक समय पर केकेआर की टीम 140 के आसपास सिमटती नजर आ रही थी, लेकिन रिंकू सिंह ने अच्छी तरह से मैच को फिनिश किया। सात चौके और 5 छक्के अपनी पारी में रिंकू ने लगाए और मैच बाद बताया कि उनका प्लान इस मैच में क्या था? वे इस मैच में प्लेयर ऑफ द मैच भी चुने गए।

    क्या हमें आपका नाम बदलकर रिंकू संकटमोचक कर देना चाहिए? इस पर पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब हासिल करने के बाद रिंकू सिंह ने कहा, “नहीं, रिंकू ठीक है।” मुश्किल हालातों में माइंडसेट आपका क्या होता है? इस पर रिंकू ने कहा, “जब भी मैं बैटिंग करने जाता हूं और टीम पहले ही 3-4 विकेट खो चुकी होती है, तो मेरा फोकस इस बात पर होता है कि गेम को कैसे कंट्रोल किया जाए और आगे बढ़ाया जाए। मैं सोचता हूं कि स्ट्राइक कैसे रोटेट करूँ – सिंगल्स और डबल्स कैसे लूं – और कहां बाउंड्री लगा सकता हूं। मेरा मुख्य मकसद हमेशा गेम को आखिर तक ले जाना होता है।”

    आज रात क्या प्लान था? इस पर रिंकू ने बताया, “प्लान सिंपल था, क्योंकि विकेट गिर चुके थे, इसलिए मैंने सेफ खेलने, सिंगल्स/डबल्स से इनिंग्स बनाने और जब भी कोई खराब बॉल मिले तो बाउंड्री मारने पर फोकस किया।” आखिरी ओवर्स की प्लानिंग पर रिंकू सिंह ने कहा, “आखिरी ओवर्स के लिए शॉट्स बचाने जैसा कोई फिक्स्ड प्लान नहीं था। मैंने बस सिचुएशन के हिसाब से रिएक्ट किया। बाद में मुझे पता चला कि एक स्पिनर बॉलिंग कर रहा है, तो मैंने उसी हिसाब से एडजस्ट किया।”

    फील्डिंग पसंद है- रिंकू
    वहीं, अपनी फील्डिंग पर रिंकू ने कहा, “मुझे बचपन से ही फील्डिंग पसंद रही है। मैं नैचुरली फिट हूं, इसलिए मैं तेज़ दौड़ सकता हूं और ग्राउंड को अच्छी तरह कवर कर सकता हूं। मुझे फील्डिंग करना बहुत ही ज्यादा पसंद है।” आगे रिंकू से पूछा गया कि क्या आप सुपर ओवर कैच के लिए तैयार थे? उन्होंने बताया, “सच कहूं तो, मैं उस कैच के लिए तैयार नहीं था। मुझे लगा कि बॉल कहीं और चली जाएगी, लेकिन अचानक वह मेरी तरफ आई और मैं उसे पकड़ने में कामयाब रहा।”

  • भारत के इस दक्षिणी राज्य में खत्म हुआ तेल का स्टॉक … 400 से ज्यादा पेट्रोल पंप बंद

    भारत के इस दक्षिणी राज्य में खत्म हुआ तेल का स्टॉक … 400 से ज्यादा पेट्रोल पंप बंद


    विजयवाड़ा।
    ईरान और अमेरिका (Iran and America) के बीच छिड़ी जंग की वजह से दुनियाभर में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर संशय की स्थिति पैदा हो गई है। इसका असर अब भारत (India) में भी दिखने लगा है। दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश (Southern State Andhra Pradesh) के कई पेट्रोल पंपों (Petrol pumps) पर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक खत्म हो जाने की खबर फैलने और लोगों की भारी भीड़ उमड़ने के बाद, रविवार को अलग-अलग जिलों में 400 से ज्यादा पंप बंद कर दिए गए हैं। वहीं इन पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म होने की सूचना दी जाने के बाद लोगों ने दूसरे पंपों पर धावा बोल दिया, जहां लंबी लाइनें देखी जा रही हैं।

    आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक राज्य में 4,510 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से 421 पंपों पर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक खत्म हो गया। वहीं अधिकांश पेट्रोल पंप दोपहिया वाहनों को सिर्फ 2 लीटर और कारों को 10 लीटर पेट्रोल ही बेच रहे हैं। आंध्र प्रदेश पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण ने बताया कि कई पेट्रोल पंपों पर डीजल की भारी कमी है। उन्होंने कहा कि औसतन वे 7000 लीटर से अधिक डीजल बेचते हैं, लेकिन अब घबराहट में हो रही खरीदारी के कारण 14,000 लीटर से अधिक डीजल बिक रहा है।


    कई जगहों पर कमी की खबरें

    पेट्रोल और डीजल की कमी ने विजयवाड़ा, गुंटूर, राजमुंद्री, कुरनूल और नेल्लोर सहित कई शहरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई जगह पर पेट्रोल पंप कर्मचारियों द्वारा स्टॉक खत्म होने के बोर्ड लगाने पर वाहन चालकों और पेट्रोल पंप कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हुई। प्रसिद्ध पहाड़ी तीर्थ तिरुमाला में भी परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई। यहां दो पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया था। पेट्रोल भरवाने के लिए लाइन में खड़े कुछ लोगों ने मीडिया को बताया कि वे अपनी बाइकों में पेट्रोल भरवाने के लिए कई घंटे से इंतजार कर रहे हैं।


    क्यों बंद करने पड़े पंप?

    सूत्रों ने बताया कि वीकेंड पर, सोशल मीडिया पर कई ऐसी पोस्ट्स वायरल होने लगीं जिनमें कहा जा रहा था कि ईरान अमेरिका युद्ध अभी और बढ़ने वाला है और ईंधन की कमी हो जाएगी। इसके कारण लोग घबराकर खरीदारी करने लगे। अधिकारियों ने बताया कि कई जगहों पर हजारों लोग पेट्रोल पंपों के बाहर खड़े हो गए और जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने लगे जिसकी वजह से कमी हो गई। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने भी एक बयान में बताया कि रविवार दोपहर तक जो ज्यादातर आउटलेट्स बंद हुए, वे स्टॉक खत्म होने के कारण नहीं, बल्कि पैनिक में की जा रही खरीदारी को रोकने के लिए बंद किए गए थे।


    CM ने मांगी रिपोर्ट

    इस बीच, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू (Chief Minister Chandrababu Naidu.) ने एक्शन लिया है। उन्होंने जिला कलेक्टरों को तेल की कमी की समस्या से निपटने के लिए तुरंत एक कार्य योजना लागू करने और समस्या के समाधान के लिए विभिन्न विभागों द्वारा उठाए गए कदमों पर सोमवार शाम तक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्य सचिव जी साई प्रसाद और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस भी की। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि शनिवार को डीलरों को 10,345 किलो लीटर पेट्रोल और 14,156 किलो लीटर डीजल की आपूर्ति की गई, लेकिन घबराहट में खरीदारी के कारण कई आउटलेट्स पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

    होर्मुज में नाकेबंदी
    गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी को शुरू हुई जंग के बाद से ही दुनिया के सबसे प्रमुख जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही प्रभावी रूप से बंद हो गई है। जंग खत्म होने से वैश्विक तेल व्यापार का 20 फीसदी हिस्सा यहां से होकर गुजरता था। यह इसीलिए अहम है क्योंकि भारत भी अपनी जरूरतों का 85 फीसदी से अधिक हिस्सा आयात करता है और इनमें से ज्यादातर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर ही भारत पहुंचता है। अब इस रास्ते के बंद होने के बाद ऊर्जा संकट बढ़ सकता है। हालांकि केंद्र सरकार ने कहा है कि भारत अपने आयात विकल्पों को बढ़ा रहा है और देश में ईंधन की कोई कमी फिलहाल नहीं है।

  • पश्चिम बंगाल में गरजे मोदी, घुसपैठियों को दी चेतावनी…… बोले- दूसरे फेज से पहले देश छोड़ दो वरना….

    पश्चिम बंगाल में गरजे मोदी, घुसपैठियों को दी चेतावनी…… बोले- दूसरे फेज से पहले देश छोड़ दो वरना….


    कोलकाता।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने रविवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal) के दूसरे चरण के मतदान से पहले घुसपैठियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि मैं घुसपैठियों को चेतावनी देता हूं कि वे बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से पहले देश को छोड़ दें, वरना परिणाम आने के बाद उन्हें बाहर निकाल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव के पहले चरण में तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) का अहंकार चकनाचूर हो गया, दूसरे चरण में भाजपा की जीत सुनिश्चित होगी।

    पीएम मोदी ने चुनावी रैली में कहा, ”तृणमूल कांग्रेस के शासन में छोटे से छोटा नेता और गुंडे भी खुद को सरकार समझते हैं। भाजपा को वोट दीजिए, मैं आपको तृणमूल कांग्रेस के ‘महा जंगलराज’ से मुक्ति दिलाऊंगा। तृणमूल कांग्रेस की ‘निर्मम सरकार’ बंगाल की महिलाओं पर अत्याचार करने वाले गुंडों के साथ खड़ी है। अब यह कहने का समय आ गया है कि इसे और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”संदेशखलि के पीड़ित एवं आर जी कर अस्पताल की पीड़िता की मां को चुनाव में टिकट देने के फैसले में बंगाल की महिलाओं के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता झलकती है। बंगाल की नई भाजपा सरकार महिलाओं के साथ बलात्कार और उन्हें प्रताड़ित करने वाले बदमाशों को चार मई के बाद न्याय के कठघरे में लाएगी।” वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि मैं मतुआ नामशुद्र समुदाय के सदस्यों के समक्ष यह प्रतिज्ञा करता हूं कि उन्हें सीएए के माध्यम से नागरिकता प्राप्त होगी।

    इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार राज्य सचिवालय से नहीं बल्कि पार्टी द्वारा संरक्षित गुंडों और अपराधियों द्वारा चलाई जा रही है। चुनाव प्रचार समाप्त होने से एक दिन पहले, हुगली जिले के आरामबाग में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि सरकार चलाने के लिए टीएमसी की ”असामाजिक तत्वों पर निर्भरता” के कारण अक्सर कलकत्ता उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा है। मोदी ने कहा, ”टीएमसी की ‘निर्मम सरकार’ नबान्न (राज्य सचिवालय) से नहीं चलती। इसे गुंडे और अपराधी चलाते हैं, और सरकार को पटरी पर लाने के लिए उच्च न्यायालय और देश की शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी है।”

    उन्होंने वादा किया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में केंद्र की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना ‘आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के कार्यान्वयन को मंजूरी दी जाएगी। ममता बनर्जी प्रशासन की विश्वसनीयता ”पूरी तरह से खत्म” होने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया कि केवल भाजपा ही ऐसी सरकार बना सकती है जो राज्य के लोगों को न्याय और सुरक्षा प्रदान करेगी। राज्य के आलू किसानों की ”दुर्दशा” के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि टीएमसी सरकार से जुड़ा ‘सिंडिकेट राज’ उपज को कम दाम पर खरीदकर कहीं और ऊंचे दाम पर बेचता है। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि टीएमसी के शासनकाल में राज्य भर में महिलाओं के खिलाफ हिंसक अपराध अपने चरम पर पहुंच गए। उन्होंने सत्ताधारी पार्टी पर ”अपराधियों को संरक्षण देने” का आरोप लगाया, जिसके चलते अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।

  • नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर दर्दनाक हादसा, टवेरा और ट्रैक्टर-ट्रॉली की भिड़ंत में 5 की मौत

    नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर दर्दनाक हादसा, टवेरा और ट्रैक्टर-ट्रॉली की भिड़ंत में 5 की मौत


    नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम–पिपरिया स्टेट हाईवे पर आंचलखेड़ा के पास रविवार देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार टवेरा और अनाज से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली की आमने-सामने टक्कर में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 से 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    रात करीब 1 बजे हुआ हादसा
    यह दर्दनाक हादसा रविवार देर रात लगभग 1 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि टवेरा सवार सभी लोग महेंद्रवाड़ी और माखननगर के रहने वाले थे और वे अपने गांव के एक शादी समारोह में शामिल होकर बुधनी से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से उनकी जोरदार भिड़ंत हो गई।

    ओवरटेक के दौरान हुआ हादसा
    जानकारी के अनुसार, क्रॉसिंग के समय टवेरा वाहन अनाज से भरी ट्रॉली के साइड से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टवेरा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    पुलिस और ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि बाकी घायलों का इलाज जारी है।

    अस्पताल में जुटी भीड़, जांच शुरू
    हादसे की खबर मिलते ही जिला अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, जो सोमवार को नर्मदापुरम में किया जाएगा। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

    मृतकों के नाम
    इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई, उनके नाम इस प्रकार हैं-
    शुभम मोरप्पा (18), महेंद्रवाड़ी
    विनीत यादव (22), महेंद्रवाड़ी
    साहिल यादव (19), महेंद्रवाड़ी
    हरि सिंह (57), महेंद्रवाड़ी
    संतोष प्रजापति, माखननगर

  • बंगाल के उत्तर 24 परगना में PM मोदी की रैली से पहले भारी हिंसा… पत्थरबाजी-बमबाजी और फायरिंग में 3 घायल

    बंगाल के उत्तर 24 परगना में PM मोदी की रैली से पहले भारी हिंसा… पत्थरबाजी-बमबाजी और फायरिंग में 3 घायल


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) के उत्तर 24 परगना जिले (North 24 Parganas district) में रविवार रात को भारी हिंसा भड़क गई। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की सोमवार को होने वाली जनसभा से कुछ घंटे पहले हुई। मामले में जगद्दल पुलिस स्टेशन के सामने तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress- TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थक आपस में भिड़ गए। इस संघर्ष में पत्थरबाजी, बमबाजी और फायरिंग की खबरें सामने आई हैं।

    हिंसा की शुरुआत प्रधानमंत्री के दौरे के लिए लगाए गए राजनीतिक झंडों और पोस्टरों को फाड़ने से हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थकों ने जगद्दल इलाके में उनके प्रचार सामग्री का अपमान किया। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक पुलिस स्टेशन के सामने जमा हो गए। वहां उनके बीच तीखी बहस हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। स्थानीय पुलिस इस स्थिति को संभालने में काफी मशक्कत करती दिखी।

    इस संघर्ष के दौरान भाटपारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार और विधायक पवन सिंह के आवास पर बम फेंके गए। विधायक के घर पर हुए इस हमले से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। इस धमाके में तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह ने कहा कि यह विवाद पिछले दिन एक नुक्कड़ सभा के दौरान शुरू हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में टीएमसी के लोगों ने भाजपा के कार्यक्रमों में बाधा डाली। पवन सिंह के मुताबिक, जब वे पुलिस स्टेशन से शिकायत करके घर लौट रहे थे, तब उन पर पत्थरों और बमों से हमला किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान हुई फायरिंग में एक सीआईएसएफ (CISF) जवान के बाएं पैर में गोली लग गई।

    दूसरी ओर, भाटपारा से टीएमसी उम्मीदवार अमित गुप्ता ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि विवाद अचला बागान वार्ड में शुरू हुआ था। उनके मुताबिक, टीएमसी कार्यकर्ता शांति से झंडे लगा रहे थे, तभी गुड्डू और पिंटू सिंह नाम के व्यक्तियों ने उनके कार्यकर्ता बिट्टू के साथ मारपीट की और पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की। अमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि जब वे शिकायत करने पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर स्टेशन के अंदर ही टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया।

    प्रधानमंत्री की रैली को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अब हाई अलर्ट पर हैं। जगद्दल और भाटपारा इलाकों में अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है ताकि हिंसा और न बढ़े। पुलिस ने बमबाजी और झड़पों के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगा रही हैं।