Author: bharati

  • मई 2026 में गूंजेंगी सिर्फ कुछ ही दिन शहनाइयां जानिए पूरी विवाह मुहूर्त सूची

    मई 2026 में गूंजेंगी सिर्फ कुछ ही दिन शहनाइयां जानिए पूरी विवाह मुहूर्त सूची

    नई दिल्ली। भारत में शादी का मौसम हमेशा उत्सव जैसा माहौल लेकर आता है जहां हर गली मोहल्ले में ढोल नगाड़े और शहनाइयों की गूंज सुनाई देती है और परिवारों में खुशी का माहौल होता है लेकिन मई 2026 में यह खुशियों का सिलसिला कुछ ही दिनों तक सीमित रहने वाला है क्योंकि इसके बाद अधिकमास शुरू हो जाएगा

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अधिकमास को बहुत ही विशेष समय माना जाता है जिसे मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है इस दौरान सभी शुभ कार्यों जैसे विवाह सगाई गृह प्रवेश आदि पर रोक लग जाती है वर्ष 2026 में यह अधिकमास 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा इस कारण मई के मध्य के बाद शादी विवाह के योग समाप्त हो जाएंगे

    इससे पहले मई महीने में कुछ ही दिन ऐसे रहेंगे जब विवाह के शुभ मुहूर्त बन रहे हैं जिनमें परिवार अपनी शादियों की तैयारियां पूरी कर सकते हैं और धूमधाम से विवाह समारोह आयोजित कर सकते हैं

    मई 2026 में विवाह के प्रमुख शुभ दिन इस प्रकार रहेंगे

    1 मई 2026 शुक्रवार को स्वाति नक्षत्र और पूर्णिमा तिथि का संयोग रहेगा यह दिन सुबह से रात तक विवाह के लिए बेहद अनुकूल रहेगा और मांगलिक कार्य किए जा सकेंगे

    3 मई 2026 रविवार को अनुराधा नक्षत्र के प्रभाव में पूरा दिन विवाह के लिए शुभ रहेगा और इस दिन कई परिवार अपने विवाह समारोह आयोजित कर सकते हैं

    5 मई 2026 मंगलवार की शाम से अगले दिन सुबह तक विवाह का अच्छा मुहूर्त बन रहा है जो रात के समय विवाह के लिए विशेष रूप से उपयुक्त रहेगा

    6 मई 2026 बुधवार को सुबह से दोपहर तक विवाह के लिए समय अनुकूल रहेगा हालांकि इस दिन मूल नक्षत्र होने के कारण कुछ लोग ज्योतिषीय सलाह लेकर ही कार्य करेंगे

    7 मई 2026 गुरुवार को उत्तरा आषाढ़ नक्षत्र रहेगा जिसे विवाह के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है और इस दिन शाम से अगले दिन तक विवाह हो सकते हैं

    8 मई 2026 शुक्रवार को सुबह से दोपहर तक विवाह के लिए शुभ समय रहेगा और यह दिन भी विशेष रूप से अच्छा माना जा रहा है

    13 मई 2026 बुधवार को रात से अगले दिन सुबह तक विवाह का मुहूर्त रहेगा और इस दिन उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव रहेगा

    14 मई 2026 गुरुवार को सुबह से शाम तक विवाह के लिए अनुकूल समय रहेगा और यह इस महीने के अंतिम बड़े शुभ मुहूर्तों में से एक होगा

    इसके बाद जैसे ही 17 मई से अधिकमास शुरू होगा वैसे ही विवाह सहित सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा और लोगों को फिर 15 जून के बाद ही नए विवाह मुहूर्त का इंतजार करना पड़ेगा

    इस प्रकार मई 2026 शादी के इच्छुक परिवारों के लिए सीमित लेकिन महत्वपूर्ण अवसर लेकर आ रहा है जिसमें सही तिथि और समय का चयन करके शुभ विवाह संपन्न किए जा सकते हैं

  • आज का राशिफल 26 अप्रैल: मेष से मीन तक सभी राशियों का दैनिक भविष्यफल

    आज का राशिफल 26 अप्रैल: मेष से मीन तक सभी राशियों का दैनिक भविष्यफल


    नई दिल्ली । 26 अप्रैल का दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग प्रभाव लेकर आया है। कहीं करियर में प्रगति के संकेत हैं तो कहीं धैर्य और सावधानी की जरूरत है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति आज के दिन कई लोगों के जीवन में नए अवसर और चुनौतियां दोनों लेकर आ सकती है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों का आज का भविष्यफल।
    मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन ऊर्जा से भरपूर रहेगा। कामकाज में तेजी आएगी और रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। हालांकि जल्दबाजी से बचना जरूरी है।
    वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं। कोई पुराना रुका हुआ पैसा मिल सकता है। परिवार में शांति बनी रहेगी।
    मिथुन राशि के जातकों को आज अपने शब्दों पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। कार्यस्थल पर छोटी बातों को लेकर तनाव हो सकता है, इसलिए धैर्य रखें।
    कर्क राशि वालों के लिए दिन सामान्य रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी जरूरी है। खानपान पर ध्यान दें और अनावश्यक तनाव से बचें।
    सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन सफलता देने वाला हो सकता है। नौकरी और व्यवसाय में नए अवसर मिल सकते हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा।
    कन्या राशि वालों को आज काम में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। हालांकि मेहनत का परिणाम भविष्य में अच्छा मिलेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें।
    तुला राशि के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और मन प्रसन्न रहेगा।
    वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कार्यस्थल पर दबाव रहेगा, लेकिन संयम से स्थिति संभल जाएगी।
    धनु राशि के जातकों के लिए यात्रा के योग बन सकते हैं। नौकरी या व्यवसाय में लाभ के संकेत हैं। नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है।
    मकर राशि वालों को आज वित्तीय मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। निवेश सोच-समझकर करें और किसी पर भी जल्दी भरोसा न करें।
    कुंभ राशि के लिए दिन अच्छा रहेगा। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा और नए लोगों से संपर्क लाभकारी साबित हो सकता है।
    मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन रचनात्मक कार्यों में सफलता दिलाने वाला हो सकता है। कला और शिक्षा से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलेगा।

  • रामायण में असली त्याग की मूर्ति कौन, उर्मिला भरत या मांडवी जानकर भावुक हो जाएंगे

    रामायण में असली त्याग की मूर्ति कौन, उर्मिला भरत या मांडवी जानकर भावुक हो जाएंगे


    नई दिल्ली। रामायण को अक्सर श्रीराम और रावण के युद्ध या भगवान राम के वनवास की कथा के रूप में देखा जाता है, लेकिन इस महाकाव्य के भीतर कई ऐसे पात्र हैं जिनका त्याग उतना ही महान है जितना मुख्य नायकों का। इन्हीं में कुछ ऐसे नाम शामिल हैं जिन्हें इतिहास में कम चर्चा मिली, लेकिन उनका योगदान अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायक है।

    इनमें सबसे अधिक भावुक करने वाली कहानी लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला की मानी जाती है। उर्मिला ने अपने पति के साथ वन जाने की बजाय 14 वर्षों तक राजमहल में अकेले रहकर विरह और त्याग का जीवन जिया। उन्होंने बिना किसी शिकायत के अपने सुख और साथ की इच्छा को त्याग दिया और पति के कर्तव्य मार्ग को स्वीकार किया। यही कारण है कि उन्हें “त्याग की मूर्ति” कहा जाता है।

    रामायण के एक और महत्वपूर्ण पात्र भरत का त्याग भी अद्भुत माना जाता है। जब उन्हें अयोध्या का राज सिंहासन प्राप्त हुआ, तो उन्होंने उसे स्वीकार करने के बजाय भगवान राम की खड़ाऊं को सिंहासन पर रखकर राज्य का संचालन किया और स्वयं नंदीग्राम में साधारण जीवन व्यतीत किया। उनका यह निर्णय भ्रातृ प्रेम और कर्तव्य का अद्वितीय उदाहरण माना जाता है।

    इसके अलावा मांडवी का त्याग भी उतना ही महत्वपूर्ण है, हालांकि उनकी चर्चा अपेक्षाकृत कम होती है। मांडवी ने अपने पति भरत के साथ सुख-सुविधाओं को छोड़कर कठिन जीवन को स्वीकार किया और अयोध्या की मर्यादा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    रामायण की इन कहानियों से यह स्पष्ट होता है कि यह केवल युद्ध और विजय की कथा नहीं है, बल्कि त्याग, प्रेम और कर्तव्य का भी एक गहरा संदेश देती है। उर्मिला, भरत और मांडवी जैसे पात्र यह दर्शाते हैं कि असली महानता केवल सिंहासन पर नहीं बल्कि त्याग और समर्पण में भी होती है।

  • हथेली की रेखाएं खोलती हैं, भविष्य का राज सूर्य और भाग्य रेखा, से बनता है धन योग

    हथेली की रेखाएं खोलती हैं, भविष्य का राज सूर्य और भाग्य रेखा, से बनता है धन योग


    नई दिल्ली । हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली की रेखाएं केवल शरीर की बनावट नहीं होतीं बल्कि इन्हें व्यक्ति के जीवन, भाग्य और भविष्य का संकेत माना जाता है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार हथेली में मौजूद विभिन्न रेखाएं और पर्वत यह बताते हैं कि व्यक्ति के जीवन में धन, सफलता और प्रसिद्धि का योग कितना मजबूत है।

    इनमें सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली रेखा है भाग्य रेखा जो हथेली के निचले हिस्से से शुरू होकर शनि पर्वत की ओर बढ़ती है। यदि यह रेखा गहरी, स्पष्ट और बिना टूटे शनि पर्वत तक पहुंचती है तो इसे मजबूत आर्थिक स्थिरता और जीवन में निरंतर सफलता का संकेत माना जाता है।

    इसके साथ ही सूर्य पर्वत जो अनामिका उंगली के नीचे स्थित होता है व्यक्ति के नाम, यश और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। यदि यह पर्वत उभरा हुआ और स्पष्ट हो तो व्यक्ति को समाज में सम्मान और प्रसिद्धि मिलने की संभावना बढ़ जाती है। कई बार सूर्य पर्वत और भाग्य रेखा का मेल व्यक्ति को कम प्रयास में बड़ी सफलता दिलाने वाला माना जाता है।

    शनि पर्वत, जो मध्यमा उंगली के नीचे होता है, व्यक्ति के जीवन में स्थायित्व और धन संचय का संकेत देता है। इस पर्वत से जुड़ी रेखाएं अगर मजबूत हों तो व्यक्ति धीरे-धीरे लेकिन स्थायी रूप से आर्थिक उन्नति करता है और अक्सर बड़ी संपत्ति का मालिक बनता है।

    वहीं बुध पर्वत, जो छोटी उंगली के नीचे स्थित होता है, बुद्धिमत्ता, व्यापारिक कौशल और संचार क्षमता का प्रतीक माना जाता है। इस क्षेत्र की रेखाएं यदि स्पष्ट और सही दिशा में हों तो व्यक्ति व्यापार और निवेश में सफलता प्राप्त कर सकता है।

    इसके अलावा मस्तिष्क रेखा, जीवन रेखा और शुक्र पर्वत का संतुलन भी व्यक्ति के सुख-सुविधा और जीवन की गुणवत्ता को दर्शाता है। लंबी और साफ रेखाएं जीवन में स्थिरता और अच्छे अवसरों का संकेत मानी जाती हैं।

    हालांकि हस्तरेखा शास्त्र को एक पारंपरिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण माना जाता है और यह वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है, फिर भी कई लोग इसे जीवन की संभावनाओं को समझने और आत्मविश्लेषण के रूप में देखते हैं।

  • देहरादून में जनसुनवाई के दौरान सीएम धामी ने सुनी जनता की फरियाद, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

    देहरादून में जनसुनवाई के दौरान सीएम धामी ने सुनी जनता की फरियाद, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश


    नई दिल्ली। देहरादून में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर जनता से सीधा संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान प्रदेशभर से आए लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, जिनमें कई मामलों का मौके पर ही समाधान भी किया गया।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सहायता से जुड़े कई मामलों पर तत्काल संज्ञान लिया गया और समाधान की प्रक्रिया शुरू की गई।

    सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता को तेज, पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी शिकायत के निपटारे में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं होगी और हर मामले की नियमित निगरानी की जानी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि जनसुनवाई केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक प्रभावी माध्यम है। इससे न केवल समस्याओं का समाधान तेजी से होता है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में भी सुधार आता है।

    कार्यक्रम के दौरान कई लोगों को मौके पर ही राहत मिलने से उनके चेहरों पर संतोष देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उन योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से जनता तक पहुंचे।

    इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सभी मामलों को गंभीरता से लिया जाए और उनकी प्रगति पर लगातार नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रशासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाना है।

    इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी। राज्य में लागू नई नीतियों और विकास कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की। उनका कहना था कि नई पहल से राज्य में रोजगार और विकास के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

    कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी भी देखने को मिली, जहां उन्होंने सरकारी योजनाओं पर आधारित रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं। मुख्यमंत्री ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां युवाओं में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ाती हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और युवा विकास को प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्य कर रही है। आने वाले समय में भी जनकल्याणकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा।

  • मुंबई के हाई-प्रोफाइल ₹252 करोड़ ड्रग केस में जिन सेलिब्रिटीज के नाम सामने आए थे,

    मुंबई के हाई-प्रोफाइल ₹252 करोड़ ड्रग केस में जिन सेलिब्रिटीज के नाम सामने आए थे,


    नई दिल्ली : मुंबई में सामने आए करीब ₹252 करोड़ के बड़े ड्रग मामले को लेकर चल रही जांच ने एक नया मोड़ ले लिया है। शुरुआती चरण में इस केस ने तब सुर्खियां बटोरी थीं जब पूछताछ के दौरान कुछ चर्चित नामों का जिक्र सामने आया था। लेकिन अब जांच से जुड़े अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि अब तक किसी भी सेलिब्रिटी के खिलाफ प्रत्यक्ष या ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं, जिससे उन्हें इस मामले से सीधे तौर पर जोड़ा जा सके।

    यह पूरा मामला तब चर्चा में आया जब एक बड़े ड्रग नेटवर्क का खुलासा किया गया था, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैले कनेक्शन होने की बात सामने आई थी। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क केवल देश तक सीमित नहीं था, बल्कि विदेशों में भी इसके तार जुड़े हुए थे। इसी कड़ी में एक आरोपी से पूछताछ के दौरान कुछ नाम सामने आए, जिनके आधार पर मीडिया और सोशल चर्चाओं में हलचल बढ़ गई।

    हालांकि जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति का नाम केवल बयान के आधार पर आरोपी नहीं माना जा सकता। कानून के अनुसार किसी भी तरह की कार्रवाई या निष्कर्ष के लिए पुख्ता सबूत, वित्तीय रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्य जरूरी होते हैं। इसी वजह से जिन लोगों के नाम सामने आए, उनके खिलाफ अभी तक कोई कानूनी कदम नहीं उठाया गया है।

    जांच का फोकस फिलहाल डिजिटल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, पैसों के लेन-देन और अन्य तकनीकी पहलुओं पर केंद्रित है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के मामलों में केवल बयान काफी नहीं होते, बल्कि पूरे नेटवर्क को समझने के लिए गहन जांच की आवश्यकता होती है।

    यह मामला अगस्त 2022 में तब शुरू हुआ था जब एक व्यक्ति को मेफेड्रोन ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद धीरे-धीरे जांच का दायरा बढ़ता गया और एक बड़े सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ। आगे चलकर इस नेटवर्क से जुड़ी कुछ फैक्ट्रियों और सप्लाई चेन का भी पता लगाया गया, जहां से बड़ी मात्रा में ड्रग्स बरामद की गई थीं।

    हालांकि जांच के दौरान कुछ नाम सामने आने से मामला हाई-प्रोफाइल बन गया, लेकिन अब तक की स्थिति यह है कि किसी भी चर्चित व्यक्ति के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। इसी कारण जांच एजेंसियां बेहद सावधानी से आगे बढ़ रही हैं ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति का नाम बिना आधार के प्रभावित न हो।

    अधिकारियों का कहना है कि चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया जारी है और आने वाले समय में अदालत में पेश किए जाने वाले दस्तावेजों के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह जांच अपने निर्णायक चरण की ओर बढ़ रही है, जहां असली नेटवर्क और जिम्मेदार लोगों की पहचान पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।

  • ब्रेस्ट कैंसर को मात देकर भावुक हुईं छवि मित्तल, साझा किया दर्द, संघर्ष और नई शुरुआत का सफर

    ब्रेस्ट कैंसर को मात देकर भावुक हुईं छवि मित्तल, साझा किया दर्द, संघर्ष और नई शुरुआत का सफर


    नई दिल्ली। कई बार जिंदगी ऐसे मोड़ पर ले आती है, जहां इंसान का पूरा नजरिया बदल जाता है। अभिनेत्री छवि मित्तल के जीवन में भी ऐसा ही एक बड़ा बदलाव ब्रेस्ट कैंसर के रूप में आया, जिसने न केवल उनकी सेहत को प्रभावित किया, बल्कि उन्हें जीवन को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर भी दिया। अब इस कठिन दौर से बाहर आए उन्हें चार साल पूरे हो चुके हैं और इस मौके पर उन्होंने अपनी यात्रा को भावनात्मक रूप से साझा किया।

    छवि मित्तल ने एक वीडियो और अपने संदेश के जरिए बताया कि उनकी जिंदगी में कुछ ऐसे पल आए जिन्होंने सब कुछ बदल दिया। उन्होंने कहा कि मुंबई आना, मां बनना और फिर कैंसर का सामना करना—ये तीन ऐसे अनुभव रहे जिन्होंने उन्हें पूरी तरह बदल दिया। इन अनुभवों ने उन्हें यह समझाया कि जीवन हमेशा एक जैसा नहीं रहता, बल्कि हर बड़ा अनुभव उसे नई दिशा देता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि अक्सर लोग चाहते हैं कि मुश्किल समय खत्म होने के बाद जिंदगी पहले जैसी हो जाए, लेकिन सच्चाई यह है कि कुछ घटनाओं के बाद जीवन कभी पहले जैसा नहीं रहता। उनके अनुसार यह बदलाव नुकसान नहीं, बल्कि एक नई समझ और परिपक्वता की शुरुआत होता है।
    अपने संदेश में छवि मित्तल ने उन लोगों को भी जवाब दिया जिन्होंने उन्हें लंबे समय तक अपने अनुभव साझा करने पर आलोचना की। कुछ लोगों ने इसे बार-बार चर्चा में लाने की कोशिश बताया, लेकिन छवि के अनुसार केवल वही लोग ऐसा सोच सकते हैं जिन्होंने किसी गहरे संघर्ष या बीमारी का सामना नहीं किया हो। उनके लिए यह विषय केवल एक कहानी नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा है।

    छवि ने यह भी स्वीकार किया कि कैंसर से ठीक होने की प्रक्रिया सीधी नहीं होती। यह एक लंबा और उतार-चढ़ाव भरा सफर होता है, जिसमें कुछ दिन बेहद सकारात्मक होते हैं तो कुछ दिन मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण। उनके अनुसार असली संघर्ष तब शुरू होता है जब लोग मान लेते हैं कि मरीज पूरी तरह ठीक हो चुका है, जबकि अंदरूनी लड़ाई अभी भी जारी रहती है।

    उन्होंने उस दिन को भी याद किया जब सर्जरी के बाद उन्हें कैंसर-मुक्त घोषित किया गया था। यह पल उनके लिए नई जिंदगी की शुरुआत जैसा था, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद की यात्रा और भी महत्वपूर्ण थी, क्योंकि वहीं से असली जीवन को फिर से समझने और जीने की शुरुआत हुई।

    छवि मित्तल ने अपने संदेश में उन सभी लोगों के लिए सहानुभूति और समर्थन व्यक्त किया जो किसी गंभीर बीमारी से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की यात्रा अलग होती है और किसी भी परिस्थिति में खुद को समय देना सबसे जरूरी है।

    उन्होंने अपनी पोस्ट का अंत इस भावना के साथ किया कि यह केवल एक रिकवरी नहीं, बल्कि एक नए जीवन का उत्सव है। उनके लिए यह दिन जन्मदिन की तरह है, क्योंकि यह उनकी दूसरी जिंदगी की शुरुआत का प्रतीक है।

    साल 2022 में ब्रेस्ट कैंसर का पता चलने के बाद छवि मित्तल ने लंबी सर्जरी और उपचार का सामना किया था। तब से वह लगातार अपने अनुभव साझा कर रही हैं, ताकि दूसरों को भी यह संदेश मिल सके कि कठिन परिस्थितियों के बाद भी जीवन सुंदर और सार्थक हो सकता है।

  • मोहनीश बहल की पत्नी आरती की सादगी के आगे फीकी पड़ती हैं कई हसीनाएं, देखें खास झलक

    मोहनीश बहल की पत्नी आरती की सादगी के आगे फीकी पड़ती हैं कई हसीनाएं, देखें खास झलक


    नई दिल्ली।हिंदी सिनेमा की दिग्गज अदाकारा नूतन आज भी अपनी बेहतरीन अभिनय क्षमता और दमदार फिल्मों के लिए याद की जाती हैं। अपने दौर में उन्होंने जिस तरह से सादगी और गहराई भरे किरदार निभाए, वह आज भी मिसाल माने जाते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनके परिवार में एक ऐसी शख्सियत भी शामिल हैं, जो अपनी खूबसूरती और सादगी के कारण अक्सर चर्चा में आ जाती हैं।

    नूतन की बहू आरती बहल एक समय में फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री का हिस्सा रह चुकी हैं, हालांकि बाद में उन्होंने ग्लैमर की दुनिया से दूरी बना ली। शादी के बाद उन्होंने अपना पूरा ध्यान परिवार पर केंद्रित कर लिया और सार्वजनिक जीवन से काफी हद तक दूर हो गईं। इसके बावजूद उनकी मौजूदगी और पुरानी तस्वीरें समय-समय पर सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती हैं, जिनमें उनकी सादगी और आकर्षक व्यक्तित्व की खूब सराहना होती है।

    हाल ही में आरती बहल और उनके पति मोहनीश बहल की शादी की सालगिरह की कुछ झलकियां सामने आईं, जिसमें दोनों के बीच गहरा प्रेम और आपसी समझ साफ दिखाई देती है। इस खास मौके पर शेयर की गई तस्वीरों ने एक बार फिर लोगों का ध्यान उनकी ओर खींच लिया और प्रशंसकों ने उन्हें बेहद खूबसूरत और ग्रेसफुल बताया।

    आरती बहल और मोहनीश बहल की शादी 1990 के दशक की शुरुआत में हुई थी और इस जोड़े की दो बेटियां हैं, जिनमें प्रनूतन बहल भी शामिल हैं, जो खुद अभिनय की दुनिया में कदम रख चुकी हैं। परिवार में सिनेमा की मजबूत विरासत होने के बावजूद आरती ने हमेशा खुद को लाइमलाइट से दूर रखा और एक सादा जीवन जीना पसंद किया।

    नूतन, जो अपने समय की सबसे प्रतिष्ठित अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं, एक प्रतिष्ठित फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखती थीं। उनके परिवार में कला और अभिनय की परंपरा गहराई से जुड़ी रही है। इसी विरासत का हिस्सा आज भी उनका परिवार किसी न किसी रूप में आगे बढ़ा रहा है।

    आज आरती बहल भले ही फिल्मों में सक्रिय नहीं हैं, लेकिन उनकी शालीनता और सहज व्यक्तित्व उन्हें अक्सर चर्चा में बनाए रखता है। सोशल मीडिया पर जब भी उनकी तस्वीरें सामने आती हैं, लोग उनकी तुलना पुरानी दौर की अभिनेत्रियों की ग्रेस से करते हुए उनकी सराहना करते हैं।

  • नीति आयोग को मिला बड़ा महत्व, पीएम मोदी ने बताया देश की नीति-निर्माण व्यवस्था का मजबूत स्तंभ

    नीति आयोग को मिला बड़ा महत्व, पीएम मोदी ने बताया देश की नीति-निर्माण व्यवस्था का मजबूत स्तंभ


    नई दिल्ली। देश की विकास और नीति-निर्माण प्रणाली में नीति आयोग की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। केंद्र सरकार के अनुसार यह संस्था न केवल नीतियों को आकार देने का काम कर रही है, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों में विकास को गति देने में भी अहम योगदान निभा रही है। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग को भारत की नीति-निर्माण व्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बताया है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संस्था सहकारी संघवाद को मजबूत करने, प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने और नागरिकों के जीवन को आसान बनाने यानी ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीति आयोग आज एक ऐसे मंच के रूप में उभर चुका है जहां नवाचार, दीर्घकालिक सोच और प्रभावी रणनीति पर काम किया जाता है।

    हाल ही में सरकार द्वारा नीति आयोग का पुनर्गठन किया गया, जिसके बाद इसके नए नेतृत्व को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। प्रधानमंत्री ने नए उपाध्यक्ष और अन्य पूर्णकालिक सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे अपने कार्यकाल में प्रभावशाली और परिणाम देने वाला कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि यह टीम देश की नीति निर्माण प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाने में योगदान देगी।

    प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि नीति आयोग का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने में भी सहायता करना है। यह संस्था केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत बनाकर विकास को संतुलित दिशा देने का कार्य कर रही है।

    इस अवसर पर उन्होंने विशेष रूप से नए उपाध्यक्ष के अनुभव की सराहना की। अर्थशास्त्र और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि उनके मार्गदर्शन में नीति आयोग की भूमिका और अधिक प्रभावी होगी। सरकार का मानना है कि ऐसे अनुभवी विशेषज्ञों की भागीदारी से नीतियों की गुणवत्ता और कार्यान्वयन क्षमता दोनों में सुधार होगा।

    नीति आयोग देश के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए काम करता है। यह केवल आर्थिक नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक, तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों को भी अपनी कार्ययोजना में शामिल करता है। इसका उद्देश्य भारत को एक समग्र विकास मॉडल की ओर ले जाना है, जहां हर क्षेत्र को समान अवसर मिल सके।

    वर्तमान समय में जब भारत तेजी से आर्थिक और सामाजिक बदलावों से गुजर रहा है, नीति आयोग की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। यह संस्था सरकार को नीतिगत सुझाव देने के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के विकास मॉडल का विश्लेषण कर बेहतर समाधान प्रस्तुत करने का काम करती है।

    प्रधानमंत्री के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि सरकार नीति आयोग को भविष्य की विकास रणनीति के केंद्र में देख रही है। आने वाले समय में यह संस्था देश के विकास एजेंडे को दिशा देने में और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है, जिससे भारत के ‘विकसित राष्ट्र’ बनने के लक्ष्य को गति मिलेगी।

  • नए उपाध्यक्ष के तौर पर सक्रिय हुए अशोक लाहिड़ी, पीएम से मुलाकात में विकास एजेंडे पर चर्चा..

    नए उपाध्यक्ष के तौर पर सक्रिय हुए अशोक लाहिड़ी, पीएम से मुलाकात में विकास एजेंडे पर चर्चा..

    नई दिल्ली। नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभालने के बाद वरिष्ठ अर्थशास्त्री अशोक लाहिड़ी ने राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद हुई एक महत्वपूर्ण औपचारिक बैठक मानी जा रही है, जिसमें देश की आर्थिक नीतियों और विकास योजनाओं से जुड़े व्यापक मुद्दों पर विचार-विमर्श की संभावना रही।

    अशोक लाहिड़ी लंबे समय से भारत की आर्थिक नीति निर्माण प्रक्रिया से जुड़े रहे हैं और उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उनके अनुभव को देखते हुए नीति आयोग में उनकी नियुक्ति को सरकार के आर्थिक दृष्टिकोण को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

    इस नई जिम्मेदारी के साथ नीति आयोग में कार्यशैली और प्राथमिकताओं में भी बदलाव की उम्मीद की जा रही है। सरकार का फोकस इस समय विकास, निवेश और आर्थिक सुधारों को गति देने पर है, ऐसे में लाहिड़ी की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    लाहिड़ी का करियर चार दशकों से अधिक का रहा है, जिसमें उन्होंने मुख्य आर्थिक सलाहकार और विभिन्न वैश्विक वित्तीय संस्थानों के साथ काम किया है। उनकी विशेषज्ञता खास तौर पर वित्तीय नीति और मैक्रो-इकोनॉमिक प्लानिंग में मानी जाती है।

    उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब देश तेजी से बदलते वैश्विक आर्थिक माहौल के बीच अपनी विकास रणनीतियों को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है। इस संदर्भ में नीति आयोग में उनकी भूमिका नीति निर्माण को और अधिक व्यावहारिक और डेटा आधारित बनाने में मदद कर सकती है।

    प्रधानमंत्री से उनकी यह मुलाकात केवल औपचारिकता नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे आने वाले समय की नीति दिशा और प्राथमिकताओं के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।