Author: bharati

  • सीमा विवाद के बीच कूटनीतिक पहल, नेपाल के पत्रकारों की भारतीय विदेश सचिव से बातचीत..

    सीमा विवाद के बीच कूटनीतिक पहल, नेपाल के पत्रकारों की भारतीय विदेश सचिव से बातचीत..


    नई दिल्ली।भारत और नेपाल के बीच संबंधों में हाल के दिनों में कुछ मुद्दों को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। सीमा क्षेत्रों में व्यापार और कस्टम व्यवस्था से जुड़े नए नियमों के कारण स्थानीय स्तर पर असंतोष की स्थिति देखी जा रही है। इसी बीच दोनों देशों के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सामने आया है, जब नेपाल के पत्रकारों के एक समूह ने भारत के विदेश सचिव से मुलाकात की।

    इस मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों के बीच भारत-नेपाल संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से बातचीत हुई। बैठक में आपसी सहयोग, विकास परियोजनाओं और भविष्य में साझेदारी को और मजबूत करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। विदेश सचिव ने इस अवसर पर दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों की मजबूती पर जोर दिया और भविष्य में सहयोग बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक दृष्टिकोण साझा किया।

    सीमा क्षेत्रों में हाल ही में लागू किए गए कस्टम नियमों के कारण कुछ स्थानों पर लोगों की दैनिक जीवनशैली पर असर पड़ा है। खासकर सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारत के बाजारों पर निर्भर रहते हैं, ऐसे में नियमों में बदलाव से उनकी परेशानियां बढ़ी हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि इन नियमों का उद्देश्य मुख्य रूप से अनौपचारिक व्यापार और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रखना है।

    साथ ही यह भी संकेत दिया गया है कि व्यक्तिगत उपयोग के लिए जरूरी वस्तुओं पर किसी तरह की सख्ती नहीं की जाएगी, जिससे आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। इस मुद्दे को लेकर नेपाल में अलग-अलग स्तर पर प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और कुछ स्थानों पर असंतोष भी सामने आया है।

    कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में दोनों देशों के बीच लगातार संवाद और आपसी समझ बेहद जरूरी है। भारत और नेपाल के संबंध लंबे समय से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से मजबूत रहे हैं, और ऐसे मुद्दों को बातचीत के माध्यम से हल किया जा सकता है।

  • मेट्रो यात्रियों को राहत: भोपाल-इंदौर में टिकट और वॉलेट रिचार्ज पर मिलेगी छूट

    मेट्रो यात्रियों को राहत: भोपाल-इंदौर में टिकट और वॉलेट रिचार्ज पर मिलेगी छूट


    नई दिल्ली । भोपाल और इंदौर मेट्रो यात्रियों के लिए 27 अप्रैल से सफर का तरीका पूरी तरह बदलने जा रहा है। अब दोनों शहरों के मेट्रो स्टेशनों पर ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (AFC) लागू किया जाएगा, जिसके बाद टिकट लेने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और तेज हो जाएगी। यह कदम मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) की ओर से यात्रियों की सुविधा और आधुनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
    इस नए सिस्टम के लागू होने के बाद यात्रियों को अब मैन्युअल टिकटिंग की झंझट से छुटकारा मिलेगा और पूरा फोकस ऑनलाइन और क्यूआर आधारित टिकटिंग पर रहेगा। यात्रियों को पेपर QR टिकट और मोबाइल QR टिकट दोनों विकल्प उपलब्ध रहेंगे।
    टिकट पर मिलेंगी खास छूट सुविधाएं
    नई व्यवस्था में यात्रियों को कई तरह की छूट भी दी जाएगी, जिससे नियमित यात्रियों और समूह में सफर करने वालों को सीधा फायदा मिलेगा।
    राउंड ट्रिप (आवागमन) टिकट पर 5 प्रतिशत छूट दी जाएगी
    ग्रुप टिकट पर 10 प्रतिशत छूट मिलेगी
    यह सुविधा 8 से 40 यात्रियों के समूह के लिए लागू होगी

     MP Metro ऐप से होगा पूरा डिजिटल सफर
    यात्रियों की सुविधा के लिए MPMRCL ने अपना आधिकारिक मोबाइल ऐप “MP Metro” भी लॉन्च किया है, जिसके जरिए टिकट बुकिंग और वॉलेट रिचार्ज किया जा सकेगा। इस ऐप पर QR टिकट आसानी से उपलब्ध होंगे और डिजिटल पेमेंट से समय की बचत होगी।

    वॉलेट रिचार्ज पर भी अलग-अलग स्लैब में छूट दी जाएगी:

    200 से 499 रुपए पर 8% छूट
    500 से 999 रुपए पर 10% छूट
    1000 से 1499 रुपए पर 12% छूट
    1500 से 2000 रुपए पर 15% छूट

    टिकटिंग के नए विकल्प
    नई व्यवस्था में यात्रियों को कई विकल्प मिलेंगे:
    पेपर QR टिकट: टिकट काउंटर या ग्राहक सेवा केंद्र से नकद या UPI द्वारा
    मोबाइल QR टिकट: MP Metro ऐप के जरिए डिजिटल भुगतान से

    वॉलेट नियम और शर्तें
    MPMRCL ने साफ किया है कि मेट्रो वॉलेट में जमा राशि केवल टिकट खरीद के लिए ही उपयोग की जा सकेगी और इसे किसी भी स्थिति में वापस नहीं किया जाएगा।

     डिजिटल मेट्रो की ओर कदम
    भोपाल और इंदौर में यह बदलाव मेट्रो यात्रा को तेज, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि टिकटिंग सिस्टम भी अधिक सुविधाजनक और स्मार्ट हो जाएगा।

  • रफ्तार ने छीनी खुशियां: भिंड में भीषण सड़क दुर्घटना, 3 की मौत और 1 गंभीर घायल

    रफ्तार ने छीनी खुशियां: भिंड में भीषण सड़क दुर्घटना, 3 की मौत और 1 गंभीर घायल


    नई दिल्ली । भिंड जिले के उमरी थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। नेशनल हाईवे 552 पर तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार चार युवकों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है और उसे ग्वालियर रेफर किया गया है।

    घटना करीब दोपहर 1:30 बजे किशोर सिंह का पुरा गांव के पास हुई। बताया जा रहा है कि चारों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और चारों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और 112 एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को तत्काल रौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया। बाकी दो घायलों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भिंड रेफर किया गया।

    जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक और युवक ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई। चौथा युवक अभी भी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है, जिसे बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया जा रहा है।

    खबर लिखे जाने तक मृतकों और घायल की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस उनकी शिनाख्त में जुटी हुई है। हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार बताया जा रहा है। वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।

    उमरी थाना प्रभारी शिव प्रताप सिंह राजावत ने बताया कि जैसे ही सूचना मिली, पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया गया। तीन युवकों की मौत हो चुकी है, जबकि एक का इलाज जारी है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और बस चालक की तलाश की जा रही है।

    यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से हो रहे सड़क हादसों की गंभीरता को उजागर करता है, जिसने तीन परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है।

  • बैतूल में दर्दनाक रात: तीन अलग-अलग घटनाओं में तीन मौतें, सड़क हादसों और विवाद ने छीनी जिंदगियां

    बैतूल में दर्दनाक रात: तीन अलग-अलग घटनाओं में तीन मौतें, सड़क हादसों और विवाद ने छीनी जिंदगियां


    नई दिल्ली । बैतूल जिले में शुक्रवार की रात एक साथ तीन अलग-अलग घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। इन घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो सड़क हादसों के शिकार हुए जबकि एक व्यक्ति ने पारिवारिक विवाद के बाद आत्महत्या कर ली। लगातार हुई इन घटनाओं से पूरे जिले में शोक और दहशत का माहौल है। पुलिस ने सभी मामलों की जांच शुरू कर दी है।

    पहली घटना बैतूल-आमला मार्ग पर बाघवाड़ सोमवारी के पास हुई, जहां मजदूरी करके घर लौट रहे 23 वर्षीय युवक गोलू पुत्र जगन उइके की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शाम के समय जब वह काम खत्म कर घर लौट रहा था, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही उसकी हालत बिगड़ गई। स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद उसके परिवार में कोहराम मच गया। गोलू अपने छोटे भाई ऋषि के साथ मजदूरी कर परिवार की जिम्मेदारियां संभालता था।

    दूसरी घटना गोंदी गोला क्षेत्र की है, जहां 23 वर्षीय रोशन पुत्र पिंटू टेकाम की सड़क हादसे में जान चली गई। रोशन शादी समारोह में शामिल होकर देर रात अपने गांव लौट रहा था। बताया गया कि वह बाइक से अकेला था और रास्ते में किसी कारणवश नियंत्रण खो बैठा। कुछ देर बाद वह गांव के पास सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। रोशन अपने परिवार का सहारा था और उसकी असमय मौत से घर में मातम छा गया है।

    तीसरी और सबसे दर्दनाक घटना चिचोली थाना क्षेत्र के सेहरा गांव की है। यहां 35 वर्षीय राजकुमार पुत्र शिवराम ने पारिवारिक विवाद के बाद आत्महत्या कर ली। बताया गया कि वह शाम को खेत से घर लौटा था और उसने अपनी मां से तीन हजार रुपये मांगे थे, जो उसे कुएं में मोटर डालने के लिए चाहिए थे। पैसे नहीं मिलने पर घर में विवाद बढ़ गया। इसी तनाव में आकर उसने खेत में रखी खरपतवार नाशक दवा पी ली। हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां आईसीयू में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। राजकुमार तीन बेटियों और एक बेटे का पिता था और परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ उसी पर था।

    लगातार हुई इन तीन घटनाओं ने बैतूल जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस ने तीनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और हादसों के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

  • खीर वाला मासूम बच्चा अब बड़ा स्टार: ‘सूर्यवंशम’ के चाइल्ड आर्टिस्ट का 27 साल बाद बदला हुआ रूप

    खीर वाला मासूम बच्चा अब बड़ा स्टार: ‘सूर्यवंशम’ के चाइल्ड आर्टिस्ट का 27 साल बाद बदला हुआ रूप


    नई दिल्ली।भारतीय सिनेमा और टेलीविजन की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल ‘सूर्यवंशम’ आज भी दर्शकों के बीच उतनी ही लोकप्रिय है जितनी अपने शुरुआती दौर में थी। फिल्म में अमिताभ बच्चन का डबल रोल और पारिवारिक भावनाओं से भरी कहानी ने इसे एक कालजयी पहचान दी। लेकिन इस फिल्म का एक छोटा सा किरदार भी दर्शकों के दिलों में हमेशा के लिए बस गया था, जो था एक मासूम बच्चा, जिसने अपने दादा को खीर खिलाने वाला भावुक दृश्य निभाया था। यही छोटा किरदार आज एक बड़े और सफल कलाकार के रूप में सामने आया है, जिसे देखकर फैंस हैरान रह गए हैं।

    इस किरदार को निभाने वाले चाइल्ड आर्टिस्ट का नाम आनंद वर्धन है। उस समय वह बेहद कम उम्र के थे और उनकी मासूम मुस्कान और सहज अभिनय ने उस दृश्य को बेहद खास बना दिया था। खासकर खीर वाला सीन दर्शकों के दिलों में आज भी ताजा है, जिसे लोग बार-बार याद करते हैं। उनकी स्क्रीन पर मौजूदगी इतनी प्रभावशाली थी कि वह फिल्म के सबसे यादगार चेहरों में से एक बन गए थे।

    अब सालों बाद आनंद वर्धन पूरी तरह बदल चुके हैं। उनका रूप, व्यक्तित्व और अंदाज पहले से बिल्कुल अलग हो चुका है। हाल ही में सामने आई उनकी तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी, जहां फैंस यह देखकर चौंक गए कि वही मासूम बच्चा अब एक लंबे-चौड़े और बेहद हैंडसम युवा अभिनेता में बदल चुका है। उनका यह बदलाव किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगता, जहां समय के साथ एक किरदार पूरी तरह नई पहचान हासिल कर लेता है।

    आनंद वर्धन ने अपने करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट की थी और उन्होंने कई फिल्मों में छोटे-छोटे किरदार निभाए। धीरे-धीरे उन्होंने साउथ फिल्म इंडस्ट्री में भी अपनी पहचान बनानी शुरू की और कई प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बने। बताया जाता है कि उन्होंने अपने करियर में 20 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है, जिससे उनकी अभिनय क्षमता और अनुभव दोनों मजबूत हुए।

    हालांकि, एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली थी। शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने कई वर्षों तक अभिनय से ब्रेक लिया और खुद को एक सामान्य जीवन में व्यस्त रखा। बाद में उन्होंने फिर से इंडस्ट्री में वापसी की कोशिश की और अब एक बार फिर एक्टिंग के क्षेत्र में सक्रिय होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

    उनका पारिवारिक बैकग्राउंड भी कला से जुड़ा रहा है। उनके परिवार में संगीत और सिनेमा की परंपरा रही है, जिसने उनके भीतर भी कला के प्रति रुचि को जन्म दिया। कहा जाता है कि बचपन से ही उन्हें अभिनय की ओर आकर्षित करने में इस माहौल का बड़ा योगदान रहा।

    आज ‘सूर्यवंशम’ का वह छोटा सा चेहरा केवल एक याद भर नहीं है, बल्कि एक ऐसे कलाकार की कहानी बन चुका है जिसने समय के साथ खुद को बदला, सीखा और फिर से अपनी पहचान बनाने की कोशिश की। उनका यह सफर दर्शकों के लिए न केवल भावनात्मक है, बल्कि प्रेरणादायक भी है, क्योंकि यह दिखाता है कि बचपन की छोटी सी शुरुआत भी आगे चलकर एक लंबा और सफल करियर बन सकती है।

  • तेल कारोबार पर शिकंजा अमेरिका का बड़ा एक्शन ईरानी शैडो फ्लीट और चीनी रिफाइनरी पर बैन

    तेल कारोबार पर शिकंजा अमेरिका का बड़ा एक्शन ईरानी शैडो फ्लीट और चीनी रिफाइनरी पर बैन


    नई दिल्ली । अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के तेल व्यापार नेटवर्क पर बड़ा आर्थिक प्रहार करते हुए चीन की एक प्रमुख रिफाइनरी और दर्जनों शिपिंग कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह कार्रवाई ईरान की तेल से होने वाली कमाई को सीमित करने और उसके अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है।

    अमेरिकी वित्त विभाग के अधीन कार्यरत ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल ने चीन में स्थित हेंगली पेट्रोकेमिकल (डालियान) रिफाइनरी कंपनी लिमिटेड को प्रतिबंध सूची में शामिल किया है। यह कंपनी ईरान से कच्चा तेल खरीदने वाली बड़ी रिफाइनरियों में से एक मानी जाती है और इस पर अरबों डॉलर के तेल लेनदेन का आरोप है।

    इस कार्रवाई को लेकर अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि आर्थिक दबाव ईरान के शासन की वित्तीय क्षमता को कमजोर कर रहा है और इससे उसकी क्षेत्रीय गतिविधियों तथा परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका आगे भी उन सभी नेटवर्कों पर कार्रवाई जारी रखेगा जो ईरानी तेल को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में मदद करते हैं।

    इस प्रतिबंध अभियान में लगभग 40 शिपिंग कंपनियों और जहाजों को भी निशाना बनाया गया है जिन्हें ईरान की तथाकथित शैडो फ्लीट का हिस्सा बताया गया है। इन जहाजों पर आरोप है कि वे तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों को दुनिया के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाकर ईरान सरकार के लिए भारी राजस्व उत्पन्न करते हैं।

    अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार चीन की स्वतंत्र रिफाइनरियां जिन्हें “टीपॉट्स” कहा जाता है ईरान के कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा खरीदती हैं और हेंगली उनमें दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। इस कंपनी पर आरोप है कि उसने ईरान से बड़े पैमाने पर तेल खरीदकर प्रतिबंधित नेटवर्क को आर्थिक मजबूती दी है।

    रिपोर्ट के मुताबिक कई जहाजों ने समुद्र में एक जहाज से दूसरे जहाज में तेल ट्रांसफर कर उसकी असली पहचान छिपाने की कोशिश की। कुछ जहाजों ने ईरान से तेल चीन, संयुक्त अरब अमीरात और बांग्लादेश जैसे देशों तक पहुंचाया। इन जहाजों के पनामा, हांगकांग और बारबाडोस जैसे देशों के झंडे के तहत संचालित होने की भी जानकारी दी गई है।

    यह पूरी कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति प्रशासन के उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत ईरान के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र को आर्थिक रूप से कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। फरवरी 2025 से अब तक इस अभियान के तहत 1000 से अधिक व्यक्तियों, कंपनियों, जहाजों और विमानों पर प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं।

    अमेरिकी कानून के अनुसार जिन संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया जाता है उनकी संपत्तियां अमेरिका में फ्रीज कर दी जाती हैं और अमेरिकी नागरिकों के लिए उनके साथ किसी भी प्रकार का व्यापार करना प्रतिबंधित होता है। इसके अलावा विदेशी कंपनियों पर भी कार्रवाई का खतरा बना रहता है यदि वे ऐसे नेटवर्क से जुड़े पाए जाते हैं।

    वित्त विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इन नियमों का उल्लंघन करने पर सिविल और आपराधिक दोनों प्रकार की कार्रवाई हो सकती है जिससे वैश्विक ऊर्जा व्यापार पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

  • सीमा पर बढ़ी हलचल के बीच कूटनीतिक बातचीत नेपाल के पत्रकारों ने भारत को दिया भरोसे का संदेश

    सीमा पर बढ़ी हलचल के बीच कूटनीतिक बातचीत नेपाल के पत्रकारों ने भारत को दिया भरोसे का संदेश


    नई दिल्ली । भारत और नेपाल के बीच जारी सीमा और व्यापारिक तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल देखने को मिली जब नेपाल के पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब नेपाल में सीमा पार व्यापार और कस्टम ड्यूटी को लेकर असंतोष और राजनीतिक हलचल बढ़ी हुई है।

    नेपाल में हाल ही में बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा भारत से आने वाले सामान पर नए कस्टम नियम लागू किए जाने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों की नाराजगी बढ़ गई है। इन नियमों के अनुसार भारत से खरीदे गए सामान पर निर्धारित सीमा से अधिक मूल्य होने पर कस्टम ड्यूटी लागू की जा रही है जिससे स्थानीय लोगों की दैनिक जरूरतों पर सीधा असर पड़ा है।

    इस मुद्दे पर भारत की ओर से भी स्थिति स्पष्ट की गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि भारत को नेपाल की तरफ से लागू किए गए इस नियम की जानकारी है और यह मुख्य रूप से अनौपचारिक व्यापार और तस्करी को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया कदम बताया जा रहा है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि निजी उपयोग के लिए ले जाए जाने वाले घरेलू सामान पर रोक नहीं है।

    नेपाल के पत्रकारों के इस प्रतिनिधिमंडल ने विदेश सचिव से मुलाकात के दौरान भारत और नेपाल के ऐतिहासिक संबंधों और भविष्य की साझेदारी पर भी चर्चा की। भारतीय पक्ष ने दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि सीमा पार रिश्तों को स्थिर और संतुलित बनाए रखना दोनों देशों के हित में है।

    सीमा क्षेत्रों में इस समय स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि स्थानीय लोगों की निर्भरता भारतीय बाजारों पर काफी अधिक है। रोजमर्रा के सामान राशन दवाइयों और कपड़ों के लिए सीमावर्ती इलाकों के लोग भारत पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में नए कस्टम नियमों के कारण उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है और नाराजगी भी बढ़ रही है।

    मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नेपाल में यह विवाद केवल व्यापारिक नीति तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें आर्थिक प्रबंधन शासन व्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी असंतोष शामिल है। यही कारण है कि यह मुद्दा अब राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बनता जा रहा है।

    इस बीच पत्रकारों की यह मुलाकात दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने की एक कोशिश के रूप में देखी जा रही है जिससे भविष्य में उत्पन्न होने वाले तनाव को कम किया जा सके और आपसी समझ को बढ़ाया जा सके।

  • उत्तराखंड में बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित, सीएम धामी ने छात्रों को दी बधाई..

    उत्तराखंड में बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित, सीएम धामी ने छात्रों को दी बधाई..


    नई दिल्ली।उत्तराखंड में बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिससे हजारों छात्रों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल है। इस वर्ष कक्षा 10वीं और 12वीं के नतीजों में छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया है और कुल पास प्रतिशत में भी सुधार देखने को मिला है। परिणाम जारी होने के साथ ही राज्य के टॉपर्स की सूची भी सामने आ गई है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी सफल विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सफलता छात्रों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिणाम है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो छात्र इस बार अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं कर सके हैं, उन्हें निराश नहीं होना चाहिए और आगे और अधिक मेहनत के साथ प्रयास जारी रखना चाहिए।

    कक्षा 10वीं के परिणामों के अनुसार इस वर्ष कुल पास प्रतिशत 92.10 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो एक मजबूत शैक्षणिक प्रदर्शन को दर्शाता है। इस परीक्षा में छात्राओं ने एक बार फिर छात्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। लड़कियों का पास प्रतिशत 96.07 प्रतिशत रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 88.03 प्रतिशत दर्ज किया गया।

    कक्षा 10वीं में इस बार टॉपर्स की सूची में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। नैनीताल जिले के रामनगर के छात्र ने 98.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, दो छात्रों ने 98 प्रतिशत अंक के साथ संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि तीसरे स्थान पर 97.80 प्रतिशत अंकों के साथ एक अन्य छात्र रहा।

    इसी तरह कक्षा 12वीं के परिणामों में कुल पास प्रतिशत 85.11 प्रतिशत रहा है। यहां भी छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 88.09 प्रतिशत पास प्रतिशत हासिल किया, जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 81.93 प्रतिशत रहा। यह अंतर इस बात को दर्शाता है कि राज्य में लड़कियों का शैक्षणिक प्रदर्शन लगातार मजबूत हो रहा है।

    इंटरमीडिएट परीक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला है। बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर की दो छात्राओं ने संयुक्त रूप से राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है, दोनों ने 98 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। उनके प्रदर्शन को राज्य स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

  • बड़वानी को मिली बड़ी सौगात गोई नदी पर पुल की नींव रखी मंत्री राकेश सिंह ने किया भूमिपूजन

    बड़वानी को मिली बड़ी सौगात गोई नदी पर पुल की नींव रखी मंत्री राकेश सिंह ने किया भूमिपूजन


    नई दिल्ली बड़वानी जिले के सिलावद और होलगांव क्षेत्र के लोगों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित गोई नदी पर उच्च स्तरीय पुल और सड़क निर्माण की परियोजना का शनिवार को विधिवत भूमिपूजन किया गया इस अवसर पर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने पूजा अर्चना कर निर्माण कार्य की शुरुआत की यह परियोजना क्षेत्र की करीब 30 साल पुरानी मांग को पूरा करती है जिससे स्थानीय लोगों में उत्साह और खुशी का माहौल देखा गया

    इस महत्वपूर्ण परियोजना को राज्यसभा सांसद डॉ सुमेरसिंह सोलंकी के निरंतर प्रयासों के बाद गति मिली थी वर्ष 2024 के बजट में मध्य प्रदेश शासन द्वारा इस पुल के लिए 10 करोड़ 39 लाख 88 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई थी इसके बाद सेतु विभाग द्वारा आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं और 12 मार्च 2025 को तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई अंततः निर्माण का कार्य सीहोर की मेसर्स काला इंजीनियरिंग एजेंसी को सौंपा गया और अब भूमि पूजन के साथ कार्य औपचारिक रूप से शुरू हो गया है

    भूमिपूजन कार्यक्रम सिलावद और होलगांव के बीच आयोजित किया गया जहां बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे कार्यक्रम के बाद मंत्री राकेश सिंह ने खुली जीप में पुराना बस स्टैंड से पुराना थाना मैदान तक रोड शो भी किया जहां लोगों ने उनका स्वागत किया इस दौरान मंच पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी उपस्थिति देखने को मिली

    मंत्री राकेश सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह पुल केवल एक निर्माण परियोजना नहीं बल्कि क्षेत्र के विकास की नई दिशा है उन्होंने कहा कि गोई नदी पर पुल न होने के कारण ग्रामीणों को वर्षों से भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था खासकर बरसात के मौसम में नदी पार करना जोखिम भरा होता था कई बार दुर्घटनाएं भी हुई हैं जिसमें जानमाल की हानि हुई है ऐसे में यह पुल क्षेत्र के लिए जीवन रेखा साबित होगा

    उन्होंने आगे कहा कि इस पुल के बनने से सिलावद होलगांव और आसपास के दर्जनों गांवों को सीधा लाभ मिलेगा आवागमन सुरक्षित और सुगम होगा किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी वहीं छात्रों और मरीजों के लिए भी यात्रा सुविधाजनक होगी इसके अलावा सिलावद से पाटी की दूरी भी लगभग चार किलोमीटर कम हो जाएगी जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी

    इस दौरान मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने लंबे शासनकाल में विकास के बड़े वादे तो किए लेकिन जमीन पर परिणाम नहीं दिखे उन्होंने कांग्रेस को दिशाहीन पार्टी बताते हुए कहा कि आज भाजपा सरकार जनजातीय क्षेत्रों और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दे रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं

    कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद डॉ सुमेरसिंह सोलंकी पूर्व मंत्री प्रेमसिंह पटेल विधायक श्याम बरड़े और सांसद गजेंद्र सिंह पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे सभी ने इसे क्षेत्र के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम बताया

    ग्रामीणों ने भी इस परियोजना का स्वागत करते हुए कहा कि यह पुल उनकी वर्षों पुरानी परेशानी का समाधान है अब उन्हें नदी पार करने की जोखिम भरी स्थिति से राहत मिलेगी और क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी

  • एमपी बीजेपी किसान मोर्चा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल 16 जिलों में नए अध्यक्ष घोषित

    एमपी बीजेपी किसान मोर्चा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल 16 जिलों में नए अध्यक्ष घोषित


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा को लेकर बड़ा संगठनात्मक निर्णय सामने आया है जहां भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने 16 जिलों में नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की घोषणा की है। यह फैसला संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    इन नियुक्तियों की घोषणा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से की। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन नए चेहरों के माध्यम से किसानों से सीधे संवाद को और बेहतर बनाया जा सकेगा तथा संगठन की पहुंच गांव गांव तक मजबूत होगी।

    घोषित सूची के अनुसार सुरेश पटेल को नर्मदापुरम महेश्वर सिंह चंदेल को बैतूल राहुल जाधव को बुरहानपुर राधेश्याम जाट को शाजापुर यशवंत लिल्हारे को बालाघाट धर्मवीर रघुवंशी को अशोकनगर हेमंत धाकड़ को मुरैना राजू नागदा मोडी को नीमच राजेंद्र सिंह को खंडवा प्रवीण त्रिपाठी को रीवा प्रदीप अवस्थी को पन्ना राजेंद्र शितोले को बड़वानी कमलेश राजपाल को रायसेन शैलेंद्र रघुवंशी को छिंदवाड़ा घनश्याम कछवाहा को डिंडौरी और मुरालीलाल धाकड़ को गुना की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह नियुक्तियां किसानों के हितों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का लक्ष्य किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ हल करना और उन्हें सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाना है।

    उन्होंने प्रदेश सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि किसानों को चार गुना मुआवजा देने सोलर पंप पर सब्सिडी और मात्र 5 रुपये में कृषि पंप कनेक्शन जैसी योजनाएं लगातार लागू की जा रही हैं। इन पहलों से किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने में मदद मिल रही है।

    यह संगठनात्मक विस्तार भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत पार्टी गांव और किसान वर्ग में अपनी पकड़ को और मजबूत करना चाहती है। आने वाले समय में इन नियुक्तियों का असर जमीनी स्तर पर देखने को मिल सकता है जहां नए जिला अध्यक्ष किसानों के बीच सक्रिय भूमिका निभाते हुए संगठन को नई दिशा देंगे।