Author: bharati

  • केजरीवाल के कथित नए घर पर घमासान BJP के आरोप AAP का पलटवार

    केजरीवाल के कथित नए घर पर घमासान BJP के आरोप AAP का पलटवार


    नई दिल्ली । नई दिल्ली की सियासत में एक बार फिर ‘बंगला विवाद’ ने जोर पकड़ लिया है। अरविंद केजरीवाल के कथित नए सरकारी आवास को लेकर भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

    बीजेपी की ओर से प्रवेश वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ तस्वीरें जारी कर दावा किया कि ये केजरीवाल के नए बंगले की हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी के लोधी एस्टेट इलाके में मिला यह आवास बेहद आलीशान है। वर्मा ने तंज कसते हुए इसे ‘शीशमहल 2’ बताया और सवाल उठाया कि इस पर कितना खर्च हुआ और यह पैसा कहां से आया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो नेता पहले सादगी की बात करते थे अब वही महंगे इलाकों में रह रहे हैं।

    इसके साथ ही बीजेपी ने कोविड काल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब दिल्ली महामारी से जूझ रही थी तब भी कथित तौर पर इस आवास का निर्माण कार्य जारी रहा। पार्टी ने इसे प्राथमिकताओं का सवाल बताते हुए सरकार पर निशाना साधा।

    वहीं आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी द्वारा जारी की गई तस्वीरें पूरी तरह फर्जी हैं और उनका केजरीवाल के आवास से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।

    AAP का कहना है कि बीजेपी बिना तथ्य के आरोप लगा रही है और मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार पूरी की गई हैं।

    फिलहाल इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी लगातार सवाल उठा रही है जबकि AAP जवाब देकर आरोपों को खारिज कर रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है क्योंकि दोनों ही दल इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से भुनाने में लगे हुए हैं।

  • राज्यसभा में NDA मजबूत, AAP सांसदों के दल-बदल से दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंचा गठबंधन

    राज्यसभा में NDA मजबूत, AAP सांसदों के दल-बदल से दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंचा गठबंधन


    नई दिल्ली। देश की राजनीति में एक अहम बदलाव देखने को मिला है, जहां आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के दल बदलकर भाजपा में शामिल होने के बाद राज्यसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की स्थिति काफी मजबूत हो गई है। इस घटनाक्रम ने उच्च सदन में राजनीतिक संतुलन को प्रभावित किया है और सत्ता पक्ष को दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुंचा दिया है।

    वर्तमान स्थिति के अनुसार राज्यसभा में कुल 244 सदस्य हैं और किसी भी पार्टी या गठबंधन को दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए 163 सदस्यों का समर्थन आवश्यक होता है। हालिया बदलावों के बाद एनडीए के समर्थन में सांसदों की संख्या 145 तक पहुंच गई है। हालांकि यह आंकड़ा अभी भी आवश्यक बहुमत से 18 सीट दूर है, लेकिन इसे सत्ता पक्ष के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़त माना जा रहा है।

    भाजपा की स्थिति भी इस घटनाक्रम के बाद मजबूत हुई है। पहले जहां पार्टी के पास 106 सांसद थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 113 हो गई है। इसके अलावा कुछ मनोनीत सदस्यों और निर्दलीय सांसदों के समर्थन से यह आंकड़ा और बढ़कर करीब 122 तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जो सदन के कुल सदस्यों का लगभग आधा हिस्सा है।

    राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रुझान जारी रहता है, तो आने वाले समय में सरकार को महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में आसानी हो सकती है। विशेष रूप से वे संविधान संशोधन विधेयक, जिनके लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, उन पर सत्ता पक्ष की स्थिति पहले से अधिक मजबूत दिखाई दे रही है।

    हाल ही में महिला आरक्षण से जुड़े एक महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा में आवश्यक बहुमत न मिलने के कारण झटका लगा था। उस समय सत्ता पक्ष दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका था, जिससे यह विधेयक पारित नहीं हो पाया। अब राज्यसभा में बदलते समीकरणों को उसी संदर्भ में देखा जा रहा है।

    सूत्रों के अनुसार, हाल ही में शामिल हुए सांसदों का विलय राज्यसभा में उनकी मूल पार्टी के संसदीय दल के दो-तिहाई से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व होने के कारण मान्य किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह सत्ता पक्ष की स्थिति को और मजबूत करेगा और सदन में उसकी पकड़ और अधिक प्रभावी हो जाएगी।

  • नेहा शर्मा के ग्लैमरस अंदाज ने बढ़ाया इंटरनेट का तापमान

    नेहा शर्मा के ग्लैमरस अंदाज ने बढ़ाया इंटरनेट का तापमान


    नई दिल्ली । नेहा शर्मा अपने ग्लैमरस और बोल्ड अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। एक्ट्रेस ने हाल ही में ब्लैक आउटफिट में अपना नया फोटोशूट शेयर किया है जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। उनकी इन तस्वीरों को फैंस जमकर पसंद कर रहे हैं और लगातार तारीफों की बौछार कर रहे हैं।

    नेहा शर्मा भले ही इन दिनों फिल्मों में कम नजर आ रही हों लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी एक्टिविटी उन्हें हमेशा सुर्खियों में बनाए रखती है। इंस्टाग्राम पर उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है और वह अक्सर अपने स्टाइलिश और फिटनेस से जुड़े पोस्ट शेयर करती रहती हैं। इस बार भी उनका ब्लैक लुक फैंस को काफी आकर्षित कर रहा है।

    तस्वीरों में नेहा शर्मा का कॉन्फिडेंस और स्टाइल साफ नजर आ रहा है। ब्लैक ड्रेस में उनका लुक बेहद एलिगेंट और ग्लैमरस दिखाई दे रहा है। मेकअप और हेयरस्टाइल ने उनके पूरे लुक को और भी खास बना दिया है। फैंस उनके इस अंदाज को काफी पसंद कर रहे हैं और कमेंट सेक्शन में उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे।

    नेहा शर्मा का यह फोटोशूट यह भी दिखाता है कि वह फैशन और ट्रेंड के मामले में हमेशा अपडेट रहती हैं। उनका हर लुक कुछ नया और खास होता है जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच ही लेता है। यही वजह है कि उनकी तस्वीरें आते ही वायरल हो जाती हैं।

    वेब सीरीज और फिल्मों में काम करने के साथ साथ नेहा शर्मा ने अपने ग्लैमरस इमेज से भी अलग पहचान बनाई है। उनका स्टाइल सेंस और फिटनेस आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनता जा रहा है।

    कुल मिलाकर नेहा शर्मा का यह नया लुक एक बार फिर साबित करता है कि वह सोशल मीडिया की सबसे चर्चित और स्टाइलिश अभिनेत्रियों में से एक हैं जिनका हर अंदाज फैंस के दिलों पर छा जाता है।

  • केरल में सनसनी: मां की हत्या के बाद बेटा खुद पहुंचा थाने, किया आत्मसमर्पण..

    केरल में सनसनी: मां की हत्या के बाद बेटा खुद पहुंचा थाने, किया आत्मसमर्पण..


    नई दिल्ली।
    केरल के कन्नूर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। यहां एक 30 वर्षीय युवक ने अपनी ही मां की चाकू मारकर हत्या कर दी और बाद में खुद पुलिस के सामने जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। यह घटना पेरावूर के पास कनिचर इलाके में शुक्रवार रात को हुई, जिसके बाद से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और सदमा है।

    मृतका की पहचान 53 वर्षीय गीताम्मा के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ कनिचर में रहती थीं। आरोपी बेटा क्रिस्टी घटना के बाद सीधे मोटरसाइकिल से पुलिस स्टेशन पहुंचा और वहां जाकर अपने अपराध की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह वारदात घर के अंदर उस समय हुई जब परिवार का अन्य कोई सदस्य मौजूद नहीं था।

    जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात लगभग 8 से 9 बजे के बीच हुई। आरोपी ने अपने घर के बेडरूम में अपनी मां पर चाकू से हमला किया, जिससे उनकी गर्दन पर गंभीर चोट लगी और उनकी मौके पर ही हालत बिगड़ गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्थिति काफी गंभीर हो चुकी थी। बाद में महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने यह कदम कुछ लोगों द्वारा अपनी मां के बारे में कथित अपमानजनक बातें सुनने के बाद उठाया। हालांकि इस दावे की पुष्टि अभी जांच का हिस्सा है और पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद आरोपी ने एक दोस्त को फोन किया और फिर बिना भागे सीधे पुलिस स्टेशन जाकर आत्मसमर्पण कर दिया।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, क्रिस्टी ने बेंगलुरु के एक कॉलेज में पढ़ाई की थी, लेकिन वह अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सका और बाद में घर लौट आया था। उसकी मां गीताम्मा इलाके में एक ब्यूटी पार्लर चलाती थीं और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहती थीं।

    परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि आरोपी नशे का आदी था, हालांकि पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है, ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने लाई जा सके।

    इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और लोग इसे पारिवारिक तनाव और मानसिक असंतुलन से जुड़ा मामला मान रहे हैं। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

  • शनि कृपा पाने का अचूक उपाय शनिवार को करें इन खास मंत्रों का जाप

    शनि कृपा पाने का अचूक उपाय शनिवार को करें इन खास मंत्रों का जाप


    नई दिल्ली । शनि देव की पूजा अर्चना करने के लिए शनिवार का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। कहते हैं आज के दिन जो जातक शनि देव का व्रत रखता है उसके घर में हमेशा तरक्की होती है। शनि देव उसे प्रसन्न होकर उसकी आशीर्वाद प्रदान कर रहे हैं करते हैं जिससे उनके घर में खुशियां आती है। आज के दिन आपको शनिदेव के कुछ चमत्कारी मंत्रों का भी जाप करना चाहिए ऐसा करने से शनि देव आपसे प्रसन्न होते हैं।

    पूजा विधि
    शनि देव की पूजा अर्चना करने के लिए आपको सुबह जल्दी उठना चाहिए। शनि मंदिर जाकर आप शनि भगवान के दर्शन करें और उनका व्रत रखने का संकल्प लें। अगर आपकी कुंडली में शनि दोष है तो आज पूजा के दौरान आप काला वस्त्र ही पहनें। क्योंकि कल वस्त्र शनिदेव को बहुत प्रिय है इसीलिए आप ये धारण करें। इसके बाद आप शनि देव की पूजा अर्चना के दौरान उन्हें सरसों का तेल काली तिल चढ़ा सकते हैं इससे भगवान जल्दी प्रसन्न होते हैं।

    इन मंत्रों का करें जाप


    ॐ शं शनिश्चराय नम:

    ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम ।

    उर्वारुक मिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात ।

    ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।शंयोरभिश्रवन्तु नः। ऊँ शं शनैश्चराय नमः

    शनि महामंत्र – ॐ निलान्जन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम।

    छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम॥

    शनि दोष निवारण मंत्र – ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम।

    उर्वारुक मिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात।।

    शनि का पौराणिक मंत्र – ऊँ ह्रिं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम।

    छाया मार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।।

    शनि का वैदिक मंत्र – ऊँ शन्नोदेवीर-भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः।

    शनि गायत्री मंत्र – ऊँ भगभवाय विद्महैं मृत्युरुपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोद्यात्।

    ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।शंयोरभिश्रवन्तु नः

    इस प्रकार करें शनि देव को प्रसन्न
    शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन आपको शनि देव के मंदिर जाना चाहिए। उनकी पूजा अर्चना करते समय आपको सरसों का तेल काला तिल उन्हें जरूर अर्पित करना चाहिए। आज के दिन आपको काला वस्त्र धारण करना चाहिए क्योंकि काला वस्त्र शनिदेव को बहुत प्रिय है।

  • एमपी में भीषण गर्मी का कहर स्कूल खुले बच्चे परेशान ग्वालियर उज्जैन समेत कई जिलों में लू का अलर्ट

    एमपी में भीषण गर्मी का कहर स्कूल खुले बच्चे परेशान ग्वालियर उज्जैन समेत कई जिलों में लू का अलर्ट


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है और सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है इसके बावजूद स्कूलों में अब तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित नहीं किया गया है। राजधानी भोपाल के सेंट जोसेफ स्कूल को छोड़ दें तो बाकी जगहों पर सिर्फ स्कूल का समय कम किया गया है लेकिन बच्चे दोपहर की तेज धूप में ही घर लौटने को मजबूर हैं जिससे अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ रही है।

    मौसम की बात करें तो भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केंद्र ने शनिवार को प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। इनमें ग्वालियर उज्जैन मुरैना भिंड दतिया टीकमगढ़ छतरपुर सतना रीवा मंडला बालाघाट नीमच मंदसौर रतलाम धार और अलीराजपुर जैसे जिले शामिल हैं जहां तापमान और गर्म हवाओं का असर तेज बना हुआ है।

    शुक्रवार को प्रदेश का सबसे गर्म क्षेत्र खजुराहो रहा जहां तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि नौगांव में 43.5 डिग्री तापमान रहा। इसके अलावा रतलाम में 43.2 डिग्री सतना और टीकमगढ़ में 42.8 डिग्री दमोह में 42.6 डिग्री और रीवा मंडला में 42.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा जहां पारा 42.1 डिग्री पहुंच गया जबकि भोपाल में 41.6 डिग्री इंदौर में 41.2 डिग्री जबलपुर में 42 डिग्री और उज्जैन में 41.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    हालांकि राहत की उम्मीद भी बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 27 और 28 अप्रैल को ग्वालियर चंबल जबलपुर और सागर संभाग के जिलों में गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके पीछे पश्चिमी विक्षोभ को कारण बताया गया है जो मौसम में बदलाव ला सकता है।

    गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों के लिए एडवायजरी भी जारी की है। इसमें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने शरीर को हाइड्रेट रखने दोपहर में तेज धूप से बचने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। खास तौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए कहा गया है क्योंकि वे गर्मी के प्रभाव से जल्दी प्रभावित होते हैं।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अप्रैल और मई को साल के सबसे गर्म महीने माना जाता है और अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी अपने चरम पर पहुंचने लगती है। पिछले वर्षों के आंकड़े भी यही बताते हैं कि इस दौरान तापमान कई बार रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच जाता है। ऐसे में मौजूदा हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है जिससे लोगों को अभी और सतर्क रहने की जरूरत है।

  • BRS से बाहर होने के बाद के. कविता का बड़ा ऐलान, नई पार्टी के साथ नई जंग..

    BRS से बाहर होने के बाद के. कविता का बड़ा ऐलान, नई पार्टी के साथ नई जंग..


    नई दिल्ली। तेलंगाना की राजनीति में एक बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिला है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी और पूर्व सांसद के. कविता ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर दिया है। उन्होंने इस नई पार्टी का नाम तेलंगाना राष्ट्र समिति रखा है, जो राज्य के आंदोलनकारी इतिहास से जुड़ा हुआ नाम माना जाता है।

    यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ समय पहले उन्हें उनकी पुरानी पार्टी भारत राष्ट्र समिति से निलंबित कर दिया गया था। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद उन्हें संगठन से बाहर कर दिया गया। निलंबन के बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं, जिन पर अब उन्होंने अपनी नई पार्टी के ऐलान के साथ विराम लगा दिया है।

    नई पार्टी की घोषणा करते हुए के. कविता ने तेलंगाना के विकास से जुड़े अहम मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य को बने हुए 12 साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन जनता की मूलभूत अपेक्षाएं अभी भी पूरी नहीं हो सकी हैं। उन्होंने विशेष रूप से पानी, धन और रोजगार जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि ये वही आधार थे जिन पर तेलंगाना आंदोलन खड़ा हुआ था, लेकिन आज भी कई समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

    उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी नई पार्टी का उद्देश्य शासन को जनता के और करीब लाना है। उनका कहना है कि राजनीति को जमीनी समस्याओं से जोड़ना जरूरी है, जिन्हें अक्सर बड़े राजनीतिक दल नजरअंदाज कर देते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी सभी वर्गों के विकास पर ध्यान देगी और किसी भी तरह के जाति, धर्म या समुदाय के भेदभाव से दूर रहेगी।

    राजनीतिक बयानबाजी के दौरान उन्होंने अपनी पूर्व पार्टी के साथ-साथ राज्य की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि विपक्ष की भूमिका निभाने वाली पार्टियां भी जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकाम रही हैं, जिससे लोगों में निराशा बढ़ी है।

    राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस नए कदम से तेलंगाना की राजनीति में नई हलचल पैदा हो सकती है। यह बदलाव आने वाले समय में राज्य के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है और सत्ता तथा विपक्ष दोनों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है।

  • सीएम मोहन यादव ने जानकी नवमी पर दीं शुभकामनाएं मां सीता की कृपा से सुख समृद्धि की कामना

    सीएम मोहन यादव ने जानकी नवमी पर दीं शुभकामनाएं मां सीता की कृपा से सुख समृद्धि की कामना


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संदेश सामने आया है जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को पावन जानकी नवमी के अवसर पर शुभकामनाएं दी हैं। इस विशेष दिन पर उन्होंने जनक नंदिनी माता सीता के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए सभी के जीवन में सुख समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि माता सीता भारतीय संस्कृति और आदर्शों की प्रतीक हैं जिनका जीवन त्याग धैर्य और मर्यादा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने प्रार्थना की कि मां सीता की कृपा से प्रदेश के हर परिवार में शांति समृद्धि और आनंद की वृद्धि हो तथा समाज में सद्भाव और सकारात्मकता का वातावरण बना रहे।

    उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे पावन पर्व हमें अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने और जीवन में नैतिकता तथा आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं। माता सीता का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देता है जो आज के समय में और भी प्रासंगिक हो जाता है।

    उल्लेखनीय है कि जानकी नवमी वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है और इसे माता सीता के अवतरण दिवस के रूप में विशेष महत्व प्राप्त है। इस दिन श्रद्धालु पूजा अर्चना कर मां सीता से परिवार की सुख समृद्धि और जीवन में शांति की कामना करते हैं।

    मुख्यमंत्री का यह संदेश प्रदेशवासियों के लिए आस्था और प्रेरणा का प्रतीक बनकर सामने आया है जो न केवल धार्मिक भावना को सुदृढ़ करता है बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है।

  • हीटवेव से बचाव के लिए दिल्ली में बड़े कदम, स्कूलों में लागू होंगे नए सुरक्षा नियम..

    हीटवेव से बचाव के लिए दिल्ली में बड़े कदम, स्कूलों में लागू होंगे नए सुरक्षा नियम..


    नई दिल्ली। दिल्ली में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है और तापमान में हो रही तेजी से बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भीषण गर्मी और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए अब स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में प्रशासन की ओर से नए और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका उद्देश्य छात्रों को लू और गर्मी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से सुरक्षित रखना है।

    नए निर्देशों के अनुसार सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को 2 मई तक अपनी अनुपालन रिपोर्ट जमा करनी होगी। इस रिपोर्ट में यह स्पष्ट करना होगा कि स्कूलों ने हीटवेव से बचाव के लिए तय किए गए सभी सुरक्षा उपायों को लागू किया है या नहीं। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि स्कूल परिसर में छात्रों के लिए साफ और सुरक्षित पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध हो।

    स्कूलों में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक वॉटर बेल सिस्टम को लागू करना है। इस व्यवस्था के तहत हर 45 से 60 मिनट में छात्रों को पानी पीने का अनिवार्य ब्रेक दिया जाएगा, ताकि शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की समस्या को रोका जा सके। यह कदम गर्मी के दौरान बच्चों की सेहत को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगा।

    इसके अलावा स्कूलों को अपनी दैनिक समय-सारणी में भी बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। तेज गर्मी के समय बच्चों को लंबे समय तक धूप में रहने से बचाने के लिए आउटडोर असेंबली को कम किया जाएगा या फिर उसे इनडोर आयोजित किया जाएगा। साथ ही खेलकूद और अन्य बाहरी गतिविधियों को फिलहाल रोकने या सीमित करने की सलाह दी गई है।

    छात्रों को जागरूक करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत स्कूलों में छोटी-छोटी जानकारी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बच्चों को हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों और प्राथमिक उपचार के बारे में बताया जाएगा। इससे बच्चे न केवल खुद सतर्क रहेंगे बल्कि जरूरत पड़ने पर दूसरों की भी मदद कर सकेंगे।

    निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बडी सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिसमें छात्रों को जोड़ियों में रखा जाएगा। इस प्रणाली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि किसी छात्र को कमजोरी, चक्कर या पानी की कमी के लक्षण दिखाई दें, तो उसका साथी तुरंत शिक्षकों को सूचित कर सके।

    इसके साथ ही स्कूलों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे रोजाना गर्मी से जुड़ी जरूरी जानकारी और सावधानियों को माता-पिता तक पहुंचाएं, ताकि घर और स्कूल दोनों जगह बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। स्कूल परिसर में भी सावधानी से संबंधित पोस्टर और सूचना सामग्री लगाई जाएगी, जिससे छात्रों में जागरूकता बनी रहे।

  • महाकाल की नगरी में विजय सिन्हा भक्ति में लीन भस्म आरती के साक्षी बन मांगी देश और बिहार की खुशहाली

    महाकाल की नगरी में विजय सिन्हा भक्ति में लीन भस्म आरती के साक्षी बन मांगी देश और बिहार की खुशहाली


    उज्जैन । मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन एक बार फिर आध्यात्मिक आस्था का केंद्र बनी जब बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने प्रवास के दौरान विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए। कालों के काल कहे जाने वाले भगवान महाकाल की शरण में पहुंचे उपमुख्यमंत्री पूरी तरह भक्ति भाव में डूबे नजर आए और उन्होंने मंदिर परिसर में कुछ समय बिताकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।

    मंदिर पहुंचने के बाद विजय कुमार सिन्हा ने सबसे पहले नंदी हॉल में बैठकर ध्यान लगाया जहां वे कुछ समय तक गहन भक्ति में लीन रहे। इस दौरान उन्होंने मन की शांति और आध्यात्मिक संतुलन का अनुभव किया। इसके बाद उन्होंने विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती के दिव्य और अलौकिक दृश्य के दर्शन किए जो उज्जैन की पहचान मानी जाती है। भस्म आरती के साक्षी बनने के बाद उन्होंने गर्भगृह की चौखट से भगवान महाकाल के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य माना।

    परंपराओं का पालन करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल को जल अर्पित किया और पूरे विधि विधान के साथ पूजन अर्चन किया। इस दौरान उन्होंने बिहार राज्य की प्रगति और समृद्धि के साथ साथ पूरे देशवासियों के सुख समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने मां भारती के गौरव को बढ़ाने और राष्ट्र के उज्जवल भविष्य के लिए भी प्रार्थना की।

    विजय कुमार सिन्हा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति की जड़ें अत्यंत गहरी हैं और महाकाल की ऊर्जा समाज में सकारात्मकता और संतुलन स्थापित करने का आधार है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आध्यात्मिक स्थलों से व्यक्ति को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है जो उसे समाज और राष्ट्र के लिए बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करती है।

    उन्होंने विशेष रूप से महिला शक्ति के सशक्तिकरण और समाज के समग्र विकास के लिए भी प्रार्थना की और कहा कि एक सशक्त समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अनुशासन हर श्रद्धालु को एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।

    उज्जैन में उपमुख्यमंत्री का यह दौरा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि आस्था और संस्कृति के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा को दर्शाता है। यह यात्रा इस बात का प्रतीक है कि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले जनप्रतिनिधि भी भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से गहराई से जुड़े हुए हैं और समय समय पर इन पवित्र स्थलों पर पहुंचकर राष्ट्र और समाज के कल्याण की कामना करते हैं।