Author: bharati

  • नई दिल्ली में महिला आरक्षण को लेकर बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

    नई दिल्ली में महिला आरक्षण को लेकर बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना


    नई दिल्ली।
    दिल्ली से जुड़े व्यापक राजनीतिक माहौल के बीच लखनऊ में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर एक विशाल जन आक्रोश महिला पदयात्रा आयोजित की गई। इस कार्यक्रम ने राजनीतिक स्तर पर बड़ा शक्ति प्रदर्शन प्रस्तुत किया, जिसमें हजारों महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर विधानसभा तक पैदल मार्च किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ इस पदयात्रा में शामिल हुए और पूरे समय जनता के बीच सक्रिय रूप से मौजूद रहे। लगभग एक दशमलव सात पांच किलोमीटर लंबी इस यात्रा ने राजनीतिक वातावरण को और अधिक गरमा दिया।

    विधानसभा के बाहर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों और सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अपनी संकीर्ण सोच के कारण इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है।

    उन्होंने यह भी कहा कि समाज में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है और उन्हें राजनीति एवं निर्णय प्रक्रिया में अधिक अवसर देने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश के विकास में महिला, युवा, गरीब और किसान चार प्रमुख आधार हैं जिनमें महिलाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

    उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी करने वाले राजनीतिक दलों को जनता भविष्य में जवाब देगी। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण लागू होने तक यह संघर्ष जारी रहेगा। वहीं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस प्रदर्शन को महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक जागरूकता और शक्ति का प्रतीक बताया।

  • शादी में आया मासूम नाले में गिरा: ग्रामीण पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम, जांच शुरू

    शादी में आया मासूम नाले में गिरा: ग्रामीण पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम, जांच शुरू


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के दुगलई गांव में एक दर्दनाक हादसे ने खुशियों के माहौल को मातम में बदल दिया। मामा के यहां शादी में शामिल होने आए 15 वर्षीय दिव्यांश इनवाती की नाले में डूबने से मौत हो गई। घटना सोमवार शाम की है, जिसके बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।

    शादी की खुशियां पल भर में बदलीं गम में

    जानकारी के अनुसार, टाकाबर्रा निवासी दिव्यांश अपने माता-पिता और बहन के साथ 14 अप्रैल को मामा के यहां शादी समारोह में शामिल होने दुगलई आया था। 20 अप्रैल को माता-पिता और बहन वापस लौट गए, जबकि दिव्यांश मामा के यहां ही रुक गया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह फैसला उसके लिए जानलेवा साबित होगा।

    दोस्तों के साथ गया था नाले पर

    सोमवार दोपहर दिव्यांश अपने हमउम्र दोस्तों के साथ बकरियां चराने नाले की ओर गया था। इसी दौरान बकरियां दूर चली गईं, जिन्हें वापस लाने के लिए एक दोस्त वहां से चला गया। मौके पर मौजूद दिव्यांश और उसका साथी रोहित नाले में नहाने लगे।

    गहरे पानी में गया, नहीं बच सकी जान

    नहाते समय अचानक दिव्यांश गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। साथी रोहित ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। घबराकर वह गांव पहुंचा और परिजनों को सूचना दी। जब तक परिवार के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

    परिजनों ने निकाला शव, पुलिस को दी सूचना

    परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से नाले से दिव्यांश का शव बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रात अधिक होने के कारण उसी दिन पोस्टमार्टम नहीं हो सका।

    अगले दिन हुआ पोस्टमार्टम, जांच जारी

    मंगलवार को जिला अस्पताल में पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम किया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी।

    सावधानी की जरूरत, बार-बार हो रहे ऐसे हादसे

    गर्मी के मौसम में नदियों और नालों में नहाने के दौरान इस तरह के हादसे लगातार सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को बिना निगरानी के जल स्रोतों के पास नहीं जाने देना चाहिए, क्योंकि गहराई का अंदाजा न होने से ऐसे हादसे हो सकते हैं।

  • 5 दमकल वाहनों ने पाया काबू: Junnardeo में आग से भारी नुकसान

    5 दमकल वाहनों ने पाया काबू: Junnardeo में आग से भारी नुकसान


    नई दिल्ली। छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात एक बड़ी आगजनी की घटना सामने आई, जहां एक किराना दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया और अंदर रखा लगभग सारा सामान जलकर खाक हो गया। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे आसपास की दुकानों और मकानों को बचा लिया गया।

     अचानक भड़की आग, मच गया हड़कंप
    घटना देर रात की है, जब लोगों ने दुकान से उठती लपटें देखीं। आग तेजी से फैलती गई और कुछ ही देर में पूरी दुकान धू-धू कर जलने लगी। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि उस पर काबू पाना संभव नहीं हो सका।

     5 दमकल वाहन, 3 घंटे की मशक्कत
    सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। आग बुझाने के लिए एक-दो नहीं बल्कि 5 दमकल वाहनों को लगाना पड़ा। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका।
    दमकल कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोका, जिससे आसपास की दुकानें और मकान सुरक्षित बच गए।

    लाखों का नुकसान, कारण अज्ञात
    इस हादसे में दुकान मालिक को लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान है, क्योंकि दुकान में रखा लगभग पूरा सामान जल गया। हालांकि, फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या अन्य तकनीकी कारणों की आशंका जताई जा रही है।

    जांच में जुटी पुलिस और प्रशासन
    घटना की सूचना के बाद पुलिस और संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

     समय रहते टला बड़ा हादसा
    यदि आग समय रहते नियंत्रित नहीं होती, तो यह आसपास की कई दुकानों और मकानों को अपनी चपेट में ले सकती थी। स्थानीय लोगों और दमकल टीम की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।

  • Satna में टक्कर के बहाने चेन स्नेचिंग, डायल-112 को चकमा देकर UP की ओर फरार आरोपी

    Satna में टक्कर के बहाने चेन स्नेचिंग, डायल-112 को चकमा देकर UP की ओर फरार आरोपी


    नई दिल्ली। सतना जिले के चित्रकूट क्षेत्र में मंगलवार तड़के एक फिल्मी अंदाज में चेन स्नैचिंग की वारदात सामने आई। बगदरा घाटी में 4-5 बदमाशों ने दो गाड़ियों से पीछा करते हुए कार को टक्कर मारकर रोकने की कोशिश की और मौका मिलते ही युवक के गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो गए। वारदात के बाद आरोपी पुलिस को चकमा देकर उत्तर प्रदेश की ओर भाग निकले।
     घाटी में पीछा, टक्कर मारकर रुकवाने की कोशिश

    जानकारी के मुताबिक, रैपुरा निवासी प्रदीप कुमार अपने तीन दोस्तों के साथ सीधी से चित्रकूट लौट रहे थे। जब उनकी कार बगदरा घाटी से गुजर रही थी, तभी पीछे से आई दो संदिग्ध गाड़ियों ने उनकी कार को टक्कर मारकर रोकने की कोशिश की। हालांकि, खतरा भांपते हुए प्रदीप ने घाटी में वाहन नहीं रोका और सीधे गोदावरी मोड़ तक पहुंच गए।

     गाड़ी रुकते ही झपटी चेन

    जैसे ही पीड़ित गोदावरी मोड़ पर रुके, दोनों संदिग्ध गाड़ियां भी वहां पहुंच गईं। एक वाहन के पास आते ही उसमें सवार बदमाश ने झटके से प्रदीप के गले से सोने की चेन छीन ली और तुरंत फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों गाड़ियों में 4 से 5 आरोपी सवार थे, जिन्होंने पूरी वारदात को बेहद तेजी से अंजाम दिया।

     पुलिस को चकमा देकर बॉर्डर पार

    घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस ने जानकीकुंड अस्पताल के पास घेराबंदी की, लेकिन बदमाश पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए।

    बताया जा रहा है कि आरोपी मध्यप्रदेश की सीमा पार कर उत्तर प्रदेश में दाखिल हो गए। पीड़ित पक्ष ने भी अपनी कार से उनका पीछा किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

     CCTV और वीडियो के आधार पर जांच तेज

    इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी वाहन भागते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और वाहनों के नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

     हाईवे पर बढ़ती वारदातें, सुरक्षा पर सवाल

    इस तरह की घटनाओं ने हाईवे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और सीमा पार समन्वय के जरिए कार्रवाई की जा रही है।

  • मुंबई के सामने गुजरात का मिडिल ऑर्डर पूरी तरह फेल, मैथ्यू हेडन ने हार के बाद खोली टीम की पोल

    मुंबई के सामने गुजरात का मिडिल ऑर्डर पूरी तरह फेल, मैथ्यू हेडन ने हार के बाद खोली टीम की पोल


    नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में गुजरात टाइटंस को मुंबई इंडियंस के हाथों 99 रन की करारी हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में गुजरात की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखरी हुई नजर आई और सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा टीम का मध्यक्रम, जिसने दबाव में आकर कोई भी मजबूत जवाब नहीं दिया। मैच के बाद टीम के बल्लेबाजी कोच मैथ्यू हेडन ने स्वीकार किया कि इस मुकाबले में मिडिल ऑर्डर की असल कमजोरी सामने आ गई और टीम की संरचना की सीमाएं उजागर हो गईं।

    हेडन ने कहा कि मैच की शुरुआत में ही टॉप ऑर्डर के जल्दी आउट होने से पूरी बल्लेबाजी लाइनअप पर भारी दबाव बन गया। उन्होंने माना कि पावरप्ले में मिली शुरुआती असफलता ने टीम को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। उनके अनुसार पावरप्ले वह चरण होता है जहां मैच जीता नहीं जाता लेकिन काफी हद तक गंवाया जा सकता है और इस मुकाबले में यही हुआ। गुजरात टाइटंस के प्रमुख बल्लेबाज साई सुदर्शन, जोस बटलर और शुभमन गिल जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम की स्थिति शुरू में ही कमजोर पड़ गई।

    मैथ्यू हेडन ने यह भी कहा कि मध्यक्रम पर बहुत अधिक जिम्मेदारी डालना हमेशा आसान नहीं होता क्योंकि उनकी भूमिका टॉप ऑर्डर से अलग होती है। उन्होंने बताया कि मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों को अक्सर कम गेंदें खेलने का अवसर मिलता है और उनसे तुरंत प्रभाव डालने की उम्मीद की जाती है। ऐसे में लगातार प्रदर्शन करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उन्होंने शाहरुख खान, राहुल तेवतिया और ग्लेन फिलिप्स जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों को हर मैच में लंबी पारी खेलने का अवसर नहीं मिलता, लेकिन उनसे तेजी से रन बनाने की उम्मीद की जाती है, जो हर बार संभव नहीं होता।

    हेडन ने यह भी स्वीकार किया कि टीम की रणनीति और बल्लेबाजी भूमिकाएं तय होने के बावजूद इस मुकाबले में उनका सही इस्तेमाल नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी की भूमिका स्पष्ट है, लेकिन इस मैच में परिस्थितियों के अनुसार उसे निभाने में टीम असफल रही। मध्यक्रम के बल्लेबाज न तो क्रीज पर समय बिता सके और न ही स्थिति को संभाल सके, जिसके कारण टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में पूरी तरह नाकाम रही।

    मैच की बात करें तो मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तिलक वर्मा के नाबाद शतक की बदौलत पांच विकेट पर 199 रन बनाए। जवाब में गुजरात टाइटंस की पूरी टीम केवल 100 रन पर सिमट गई। मुंबई की ओर से गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जहां तेज गेंदबाज ने चार ओवर में 24 रन देकर चार विकेट झटके और मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। इस जीत के साथ मुंबई इंडियंस ने जोरदार वापसी की, जबकि गुजरात टाइटंस के लिए यह हार कई गंभीर सवाल छोड़ गई।

  • Rewa में लग्जरी कारों से गांजा तस्करी का भंडाफोड़, आधा दर्जन आरोपी गिरफ्तार

    Rewa में लग्जरी कारों से गांजा तस्करी का भंडाफोड़, आधा दर्जन आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली। रीवा में पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए आधा दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार देर रात संयुक्त पुलिस टीम ने की, जिसमें बिछिया, रायपुर कर्चुलियान और गुढ़ थाना पुलिस शामिल रही। आरोपी दो लग्जरी कारों में अवैध मादक पदार्थ की तस्करी कर रहे थे और पूरे विंध्य क्षेत्र में अपना नेटवर्क फैला चुके थे।

     घेराबंदी कर रंगे हाथ पकड़े गए तस्कर
    पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग गांजा की बड़ी खेप लेकर सौदे के लिए पहुंचने वाले हैं। इसके बाद खड्डा रीठी तलाब भीटा के पास घेराबंदी की गई। जैसे ही आरोपी वहां लेनदेन के लिए रुके, पुलिस टीम ने दबिश देकर सभी को मौके से पकड़ लिया।

     दो लग्जरी कारों से भारी मात्रा में गांजा बरामद
    तलाशी के दौरान पुलिस ने दोनों कारों से कुल 28 किलो 930 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया। इसके साथ ही आरोपियों के पास से नकदी, मोबाइल फोन सहित करीब 4 लाख 20 हजार रुपए का सामान भी जब्त किया गया है।
    पुलिस के अनुसार, आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल कर तस्करी कर रहे थे, ताकि किसी को शक न हो।

     यूपी और एमपी के आरोपी शामिल
    गिरफ्तार आरोपियों में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई लोग शामिल हैं। इनमें रीवा, सीधी और बांदा जिले के निवासी आरोपी शामिल हैं, जो आपस में मिलकर इस नेटवर्क को चला रहे थे।
    बताया जा रहा है कि यूपी के कुछ आरोपी खासतौर पर खरीददारी के लिए रीवा आए थे।

     पूरे विंध्य में फैला था नेटवर्क
    प्रशिक्षु आईपीएस एवं बिछिया थाना प्रभारी राजीव अग्रवाल के अनुसार, यह सिर्फ एक सप्लाई नहीं बल्कि बड़ा नेटवर्क है, जो विंध्य क्षेत्र में सक्रिय था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के पीछे और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और गांजा की सप्लाई कहां से हो रही थी।

     एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
    पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन को खंगालने के लिए जांच तेज कर दी गई है।

     संगठित अपराध पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
    इस कार्रवाई को विंध्य क्षेत्र में नशे के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में ऐसे नेटवर्क पर और सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

  • ढोंगी बाबा गिरफ्तार: पति पर संकट का डर दिखाकर महिला का मंगलसूत्र लेकर फरार

    ढोंगी बाबा गिरफ्तार: पति पर संकट का डर दिखाकर महिला का मंगलसूत्र लेकर फरार


    नई दिल्ली। सागर जिले के जैसीनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे ढोंगी बाबा को गिरफ्तार किया है, जो महिलाओं को झांसे में लेकर उनके गहने ठगता था। आरोपी ने महिला को पति पर संकट का डर दिखाकर पूजा के बहाने उसका मंगलसूत्र रुमाल में रखवाया और मौका मिलते ही फरार हो गया था। पुलिस पूछताछ में उसने एक और वारदात कबूल की है।

     ‘संकट’ का डर दिखाकर रचा पूरा खेल
    भदभदा खमरिया रोड निवासी मालती प्रजापति ने 17 अप्रैल को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति बाबा के वेश में घर आया और उनके पति पर संकट आने की बात कहकर डराया।
    आरोपी ने पूजा का झांसा देते हुए मंगलसूत्र रुमाल में रखने को कहा। महिला जैसे ही पूजा में व्यस्त हुई, वह रुमाल लेकर फरार हो गया। बाद में जब रुमाल खोला गया, तो मंगलसूत्र गायब मिला।

     एक और वारदात का भी किया खुलासा
    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इसी तरह की ठगी 8 अप्रैल को धाऊ गांव में भी हुई थी, जहां हेमलता पटेल के साथ भी आरोपी ने यही तरीका अपनाया था।
    दोनों मामलों को जोड़ते हुए पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज की और टीमों को सक्रिय किया।

     मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, आरोपी गिरफ्तार
    सोमवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बेरखेड़ी के पास देखा गया है। इस पर पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से घेराबंदी की और आरोपी बालमुकुंद उर्फ हलुआ को गिरफ्तार कर लिया।

     सोने-चांदी के गहने बरामद
    थाने लाकर पूछताछ करने पर आरोपी ने दोनों वारदातें कबूल कर लीं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बड़ी मात्रा में गहने जब्त किए हैं, जिनमें 36 सोने के गुरिया, 2 सोने के पेंडल, 10 इलायची आकार के सोने के दाने, पायल और सोने की चेन शामिल हैं।

     अन्य वारदातों के खुलासे की उम्मीद
    जैसीनगर थाना प्रभारी शशिकांत गुर्जर के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है और आशंका है कि वह इस तरह की और भी ठगी की घटनाओं में शामिल रहा है। पुलिस अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क की जांच कर रही है।

     सतर्क रहें: ऐसे झांसे से बचें
    इस तरह के मामलों में पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अजनबी बाबा या साधु के बहकावे में न आएं और घर में कीमती सामान देने से पहले सतर्क रहें।

  • कूलर की आवाज में सोता रहा परिवार, चोर उड़ा ले गए नया ट्रैक्टर; CCTV में कैद वारदात

    कूलर की आवाज में सोता रहा परिवार, चोर उड़ा ले गए नया ट्रैक्टर; CCTV में कैद वारदात


    नई दिल्ली। जबलपुर जिले के पाटन थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली चोरी सामने आई है, जहां चोरों ने बड़ी सफाई से किसान का नया ट्रैक्टर पार कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि बाड़े में खड़े दो ट्रैक्टरों में से चोरों ने पुराने को हाथ तक नहीं लगाया और सीधे नए ट्रैक्टर को स्टार्ट कर फरार हो गए। पूरी वारदात CCTV कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस जांच में जुटी है।

     रात में कूलर की हवा में सोता रहा परिवार, चोर ले गए ट्रैक्टर
    ग्राम टिमरी निवासी किसान नरेंद्र कुमार साहू के अनुसार, 16 अप्रैल की शाम वे खेत से लौटे और अपने दोनों ट्रैक्टर घर के पास बने बाड़े में खड़े कर दिए। रात करीब ढाई बजे पूरा परिवार घर के अंदर कूलर चलाकर सो रहा था।
    इसी दौरान अज्ञात चोर चुपचाप बाड़े में घुसे और करीब डेढ़ साल पहले 4 लाख रुपए में खरीदे गए नए ट्रैक्टर को स्टार्ट कर ले गए। पुराना ट्रैक्टर वहीं खड़ा रह गया।

     चोरों की नजर सिर्फ नए ट्रैक्टर पर
    इस वारदात में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि चोरों ने बिना किसी जल्दबाजी के दोनों ट्रैक्टरों को देखा, लेकिन उनकी नजर सीधे नए ट्रैक्टर पर ही टिकी। उन्होंने आराम से बाड़े का गेट खोला और ट्रैक्टर लेकर निकल गए, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उन्हें पहले से पूरी जानकारी थी।

     100 से ज्यादा CCTV खंगाले, मंडला रूट पर मिला सुराग
    17 अप्रैल की सुबह जब किसान बाड़े में पहुंचा तो ट्रैक्टर गायब देखकर उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत आसपास तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
    इसके बाद किसान और उसके साथियों ने पाटन से जबलपुर और बरेला तक 100 से ज्यादा CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में एक व्यक्ति ट्रैक्टर को मंडला की ओर ले जाते हुए दिखाई दिया है।

    50 हजार का इनाम घोषित, पुलिस एक्टिव
    18 अप्रैल को किसान ने पाटन थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। साथ ही उसने ट्रैक्टर का पता बताने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।
    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज के आधार पर चोरों के रूट को ट्रैक किया जा रहा है और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है।

     बढ़ रही चोरी की घटनाएं, किसानों में डर
    इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। किसानों का कहना है कि अगर इस तरह घर के पास खड़े वाहन भी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह बड़ी चिंता की बात है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रैक्टर बरामद किया जाएगा।

  • ईरान के लिए ‘परमाणु हथियार’ जैसा है होर्मुज, पूर्व अमेरिकी जनरल ने बताया-इसे खोलना क्यों आसान नहीं

    ईरान के लिए ‘परमाणु हथियार’ जैसा है होर्मुज, पूर्व अमेरिकी जनरल ने बताया-इसे खोलना क्यों आसान नहीं

    तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब बातचीत के दौर में पहुंच चुका है, लेकिन Strait of Hormuz को लेकर हालात अब भी बेहद जटिल बने हुए हैं। Iran ने इस अहम समुद्री मार्ग पर नियंत्रण सख्त कर रखा है, जबकि United States ने ईरानी जहाजों के खिलाफ नाकाबंदी कर दी है।

    इस बीच पूर्व अमेरिकी जनरल और नाटो के सुप्रीम अलाइड कमांडर रह चुके Wesley Clark ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका जबरन होर्मुज को खोलने की कोशिश करता है, तो यह उसके लिए बेहद महंगा और लंबा सैन्य अभियान साबित हो सकता है।

    CNN से बातचीत में क्लार्क ने कहा कि मौजूदा हालात 1980 के दशक के “टैंकर युद्ध” से बिल्कुल अलग हैं। उन्होंने साफ किया कि आज का ईरान पहले से कहीं ज्यादा तैयार और रणनीतिक रूप से मजबूत है। ऐसे में किसी भी सैन्य कार्रवाई की कीमत बहुत भारी हो सकती है।

    ‘ईरान का सबसे बड़ा हथियार बन चुका है होर्मुज’

    क्लार्क ने होर्मुज की रणनीतिक अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा कि यह तेहरान के लिए किसी परमाणु बम से कम नहीं है। उनके मुताबिक, ईरान इस जलमार्ग का इस्तेमाल केवल सैन्य नहीं, बल्कि कूटनीतिक दबाव के तौर पर भी कर रहा है।

    उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के सामने कई तरह के खतरे मौजूद हैं-समुद्री बारूदी सुरंगें, तेज रफ्तार हमलावर नौकाएं, मिसाइलें और आधुनिक ड्रोन। ये सभी मिलकर किसी भी ऑपरेशन को बेहद जोखिमभरा बना देते हैं।

    ‘किले में तब्दील हो चुका है यह रास्ता’

    क्लार्क के अनुसार, ईरान ने दशकों में होर्मुज को एक किलेबंद क्षेत्र में बदल दिया है। संकरे समुद्री मार्ग और आसपास की पहाड़ियों का फायदा उठाते हुए ईरानी सेना यहां हर गतिविधि पर नजर रख सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को उन्नत तकनीकी सहयोग, खासकर China से, उसकी सैन्य क्षमता को और मजबूत बनाता है।

    खोलना ही नहीं, सुरक्षित रखना भी चुनौती

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका किसी तरह इस समुद्री मार्ग को खोल भी ले, तब भी इसे सुरक्षित बनाए रखना आसान नहीं होगा। हाल के घटनाक्रम बताते हैं कि ईरान ने सीमित हमलों के जरिए ही व्यापारिक जहाजों पर दबाव बना दिया, जिसके बाद कई जहाजों ने खुद ही उसके साथ तालमेल बैठा लिया।

    असल चुनौती यही है कि जब तक ईरान की सहमति न हो, तब तक Strait of Hormuz को पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रूप से चालू रखना लगभग असंभव माना जा रहा है।

  • वैश्विक आपूर्ति बाधाओं से भारत में महंगाई का खतरा, दूसरे दौर के प्रभावों पर गहरी नजर

    वैश्विक आपूर्ति बाधाओं से भारत में महंगाई का खतरा, दूसरे दौर के प्रभावों पर गहरी नजर


    नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वैश्विक अनिश्चितताओं और भू राजनीतिक तनावों के बीच देश की मौद्रिक नीति को लेकर बेहद सतर्क और संतुलित रुख अपनाने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों में केंद्रीय बैंक किसी भी प्रकार के जल्दबाजी वाले निर्णय से बच रहा है और आगे की दिशा आर्थिक आंकड़ों और जोखिमों के विस्तृत आकलन के आधार पर तय की जाएगी। उन्होंने इसे वेट एंड वॉच की स्थिति बताया और कहा कि मौजूदा समय में स्थिरता बनाए रखना प्राथमिकता है।

    अपने एक अंतरराष्ट्रीय संबोधन में उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था पर बाहरी दबावों और वैश्विक घटनाक्रमों के संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में जारी तनाव केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका सीधा और अप्रत्यक्ष प्रभाव भारत की आर्थिक संरचना पर भी पड़ सकता है क्योंकि इस क्षेत्र की भूमिका भारत के व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और विदेशी आय के प्रवाह में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि पश्चिम एशिया भारत के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार क्षेत्र है, जो देश के निर्यात का बड़ा हिस्सा, आयात का महत्वपूर्ण भाग और कच्चे तेल की आपूर्ति का लगभग आधा हिस्सा उपलब्ध कराता है। इसके साथ ही उर्वरक आयात और विदेशी रेमिटेंस में भी इस क्षेत्र का योगदान उल्लेखनीय है। उन्होंने संकेत दिया कि इस तरह की गहरी आर्थिक निर्भरता के कारण किसी भी प्रकार की आपूर्ति बाधा का प्रभाव व्यापक स्तर पर देखने को मिल सकता है।

    आरबीआई गवर्नर ने विशेष रूप से दूसरे दौर के प्रभावों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक आपूर्ति व्यवधान यदि लंबे समय तक बने रहते हैं तो उनका असर धीरे धीरे कीमतों और उत्पादन लागत पर फैल सकता है, जिससे महंगाई का दबाव बढ़ने की संभावना रहती है। इस प्रकार की स्थिति केवल अस्थायी नहीं होती बल्कि आर्थिक संतुलन को लंबे समय तक प्रभावित कर सकती है।

    मौद्रिक नीति को लेकर उन्होंने दोहराया कि केंद्रीय बैंक वर्तमान में तटस्थ रुख बनाए हुए है और हाल के महीनों में की गई ब्याज दरों में कटौती के बाद अब स्थिति का गहन मूल्यांकन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति समिति पूरी तरह डेटा आधारित दृष्टिकोण अपनाती है और बदलते आर्थिक संकेतकों के अनुसार लगातार जोखिमों का पुनर्मूल्यांकन करती रहती है ताकि नीति निर्णय संतुलित और प्रभावी बने रहें।

    डिजिटल अर्थव्यवस्था के संदर्भ में उन्होंने देश में बढ़ते डिजिटल लेनदेन की सराहना की और बताया कि यूनिफाइड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से लेनदेन में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है, जो भारत की डिजिटल प्रगति को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि एक नए डिजिटल लोन सिस्टम पर काम चल रहा है जिसका उद्देश्य छोटे किसानों और छोटे व्यवसायों को त्वरित और आसान ऋण उपलब्ध कराना है।

    वित्तीय अनुशासन पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि देश का राजकोषीय घाटा पिछले वर्षों की तुलना में लगातार कम हुआ है, जो आर्थिक प्रबंधन में सुधार का संकेत है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सरकारी ऋण अनुपात में भी धीरे धीरे सुधार देखा जा रहा है, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता को मजबूती मिलती है।