क्यों जरूरी है प्रोटीन हेयर मास्क-
हेयर मास्क बनाने की सामग्री-
2 बड़े चम्मच दही
ऐसे करें मास्क तैयार
धोने का सही तरीका
इस मास्क से मिलने वाले फायदे
जरूरी सावधानियां-

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ICC ने क्यों लगाई कार्रवाई
रायपुर में खेले गए दूसरे वनडे में टीम इंडिया ने स्लो ओवर रेट बनाए रखा, जिसके कारण ICC ने मैच फीस का 10% फाइन लगाया। ICC ने बताया कि यह कार्रवाई उनके कोड ऑफ कंडक्ट फॉर प्लेयर्स एंड प्लेयर सपोर्ट पर्सनल के आर्टिकल 2.22 के तहत की गई, जो न्यूनतम ओवर रेट उल्लंघनों से संबंधित है।
एमिरेट्स ICC एलीट पैनल के मैच रेफरी रिची रिचर्डसन ने यह जुर्माना लगाया क्योंकि KL राहुल की टीम निर्धारित समय में दो ओवर पीछे रह गई थी।
KL राहुल ने स्वीकार किया गलती
नियमों के अनुसार, प्रत्येक ओवर के लिए जो समय पर नहीं फेंका जाता, खिलाड़ियों पर उनकी मैच फीस का 5% जुर्माना लगाया जाता है। स्टैंड-इन कप्तान KL राहुल ने गलती स्वीकार कर ली, इसलिए किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।
टी20 सीरीज में कप्तानी और उपकप्तानी
पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया की कप्तानी हार्दिक पांड्या को सौंपी गई है। उपकप्तान की जिम्मेदारी शुभमन गिल को मिली है, जो गर्दन की चोट के कारण वनडे सीरीज से बाहर थे और अब टी20 में वापसी कर रहे हैं।
सीरीज का शेड्यूल
1st T20: 9 दिसंबर, बाराबती स्टेडियम, कटक
2nd T20: लखनऊ
3rd T20: धर्मशाला
4th T20: तिरुवनंतपुरम
5th T20: चेन्नई
भारत युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के मिश्रण वाली टीम के साथ जीत दर्ज करने के इरादे से मैदान में उतरेगा।
रायपुर वनडे की झलक
भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से जीती। हालांकि, जिस मैच में टीम को ICC फाइन लगा, उसमें दक्षिण अफ्रीका ने जीत दर्ज की। विराट कोहली (102) और ऋतुराज गायकवाड़ (105) की शतकीय पारियों की मदद से भारत ने 358 रन बनाए, लेकिन ओस की वजह से लक्ष्य का पीछा आसान हो गया और एडन मार्करम की 110 रनों की पारी के दम पर मेहमान टीम ने जीत दर्ज की।
टी20 सीरीज की शुरुआत
टी20 सीरीज का पहला मैच 9 दिसंबर को कटक के बाराबती स्टेडियम में शाम 7 बजे से खेला जाएगा। मैच का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर और लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप एवं वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।

सभी को चौंकाने वाले इस पल में कनिका ने संयम बनाए रखा और गाना जारी रखा। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और युवक को मंच से नीचे उतार दिया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कलाकारों की सुरक्षा को लेकर गुस्सा और चिंता जताई जा रही है।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब कनिका कपूर ने हाल ही में बॉलीवुड में सिंगर्स की कमाई और रॉयल्टी को लेकर खुलासा किया था। उन्होंने बताया कि शुरुआती प्रोजेक्ट्स के लिए उन्हें कभी-कभी केवल 101 रुपये तक दिए गए। उनके अनुसार, भारत में सिंगर्स की आय का सबसे बड़ा स्रोत लाइव परफॉर्मेंस होता है, लेकिन सुरक्षा और पेंशन जैसी कोई व्यवस्था नहीं है।
कनिका कपूर ने अपने करियर में कई सुपरहिट गाने दिए हैं जैसे ‘बेबी डॉल’ और ‘चिट्टियां कलाइयां’, और वे हमेशा कलाकारों के अधिकारों और भुगतान के मुद्दों पर मुखर रही हैं। इस घटना ने स्टेज सुरक्षा और कलाकारों की पेशेवर चुनौतियों पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।

चैत्र नवरात्रि 2026: तिथि और अवधि
चैत्र नवरात्रि 2026 का आरंभ 19 मार्च को होगा जो कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है। यह दिन विशेष रूप से कलश स्थापना के लिए महत्वपूर्ण होता है। इसके बाद नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा की उपासना का सिलसिला चलता है। नवमी तिथि 27 मार्च को आएगी और इसी दिन राम नवमी का पर्व भी मनाया जाएगा। इस दिन विशेष रूप से राम भक्तों द्वारा श्रीराम के जन्मोत्सव की पूजा की जाती है। चैत्र नवरात्रि की समाप्ति 27 मार्च को होगी। इस दिन विशेष रूप से दिनभर देवी पूजा की जाती है और उपवासी भक्तों द्वारा व्रत का पारण किया जाता है।
चैत्र नवरात्रि 2026: कलश स्थापना मुहूर्त
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है जिसे घटस्थापना भी कहा जाता है। इस दिन विशेष रूप से एक पवित्र मिट्टी के कलश को घर के पूजा स्थान पर स्थापित किया जाता है और फिर देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा शुरू होती है।
19 मार्च 2026 को कलश स्थापना का मुहूर्त इस प्रकार है
सुबह का मुहूर्त 06:00 AM – 06:45 AM
दोपहर का मुहूर्त 11:30 AM – 12:15 PM
सांयकाल का मुहूर्त 06:00 PM – 06:45 PM
इन मुहूर्तों में से जो भी समय आपके लिए सुविधाजनक हो उस समय कलश स्थापना कीजिए। विशेष रूप से शुद्धि और पवित्रता का ध्यान रखें। पूजा के दौरान श्रद्धा और भक्ति के साथ देवी दुर्गा की उपासना करें और व्रत का संकल्प लें।
देवी पूजा और विशेष अनुष्ठान
चैत्र नवरात्रि के दौरान प्रत्येक दिन देवी दुर्गा के एक अलग रूप की पूजा की जाती है। इस प्रकार के अनुष्ठानों से मनुष्य को न केवल मानसिक शांति मिलती है बल्कि उसके जीवन में आने वाली समस्याओं का समाधान भी संभव होता है।
प्रथम दिन 19 मार्च मां शैलपुत्री की पूजा होती है। दूसरे दिन 20 मार्च मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। तीसरे दिन 21 मार्च मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। चौथे दिन 22 मार्च मां कूष्मांडा की पूजा होती है पांचवे दिन 23 मार्च मां स्कंदमाता की पूजा होती है। छठे दिन 24 मार्च मां कात्यायनी की पूजा होती है। सातवे दिन 25 मार्च मां कालरात्रि की पूजा होती है। आठवे दिन 26 मार्च मां महागौरी की पूजा होती है नौवे दिन 27 मार्च मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है साथ ही साथ राम नवमी का पर्व मनाया जाता है। इन नौ दिनों में व्रति पूजा और उपासना से भक्तों को मानसिक शारीरिक और आत्मिक शांति प्राप्त होती है।
चैत्र नवरात्रि 2026 का आरंभ 19 मार्च से हो रहा है और इसके साथ ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी होती है। यह समय देवी दुर्गा की उपासना व्रत और पूजा का होता है जिससे भक्त अपने जीवन में सुख शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। कलश स्थापना के दौरान विशेष मुहूर्त का पालन करें और नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा कर अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में ले जाएं। इस अवसर पर घर में मां दुर्गा का व्रत करना और उनकी पूजा करना निश्चित रूप से जीवन में सुख और शांति लेकर आता है।इस अवसर पर घर में मां दुर्गा का व्रत करना और उनकी पूजा करना निश्चित रूप से जीवन में सुख और शांति लेकर आता है।

लेकिन इस जीत के बावजूद टीम इंडिया पर ICC ने अक्शन लिया। रायपुर में खेले गए दूसरे वनडे में टीम का स्लो ओवर रेट (निर्धारित समय में ओवर पूरा न करना) मुद्दा बन गया। ICC के नियमों के अनुसार, प्रति ओवर 5% जुर्माना लगता है। भारत ने दो ओवर समय पर नहीं फेंके, इसलिए टीम के मैच फीस का 10% काटा गया।
आईसीसी के एलीट पैनल ऑफ मैच रेफरी रिची रिचर्डसन ने इस सजा की पुष्टि की। टीम के कार्यवाहक कप्तान केएल राहुल ने गलती स्वीकार कर ली, इसलिए किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।
रायपुर वनडे में भारत ने विराट कोहली (102) और ऋतुराज गायकवाड़ (105) की शतकीय पारियों की मदद से 358/5 का स्कोर बनाया था। बावजूद इसके मैच साउथ अफ्रीका ने एडेन मार्करम (110) की शानदार पारी के दम पर 4 विकेट से जीत लिया।
अब टीम इंडिया साउथ अफ्रीका के खिलाफ 9 दिसंबर से 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए कटक रवाना होगी।

स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका
जब यह गीत पहली बार भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के मैदान में गाया गयातो इसके प्रभाव से एक नया क्रांतिकारी जोश पैदा हुआ। इसे सबसे पहले 7 नवंबर 1905 को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने कोलकाता में एक सभा में गाया थाजब बंगाल विभाजन का विरोध हो रहा था। यह गीत न केवल भारतीयों को एकजुट करता थाबल्कि ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ उनके दिलों में विद्रोह की भावना भी उत्पन्न करता था।
इसके बाद1905 से लेकर 1947 तकवंदे मातरम को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रतीक के रूप में गाया गया और इसने भारतीयों को अपनी मातृभूमि के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा दी। खासकरस्वाधीनता संग्राम में शामिल नेताओं ने इस गीत का उपयोग अपने भाषणों और आंदोलनों में किया। यह गीत महात्मा गांधीसुभाष चंद्र बोस और चंद्रशेखर आज़ाद जैसे महापुरुषों के आंदोलन का हिस्सा बन गया।
वंदे मातरम का राष्ट्रीय गीत में रूपांतरण
सभी भारतीयों के दिलों में गहरी जगह बनाने वाला वंदे मातरम गीत1950 में भारत के राष्ट्रीय गीत के रूप में मान्यता प्राप्त हुआ। यह गीत एक समय में भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक बन चुका थाऔर अब यह हमारे राष्ट्रीय गौरव का हिस्सा है। 8 दिसंबर 2023 कोवंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर परसंसद में विशेष चर्चा का आयोजन किया जाएगाजिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसके अगले दिन9 दिसंबर को राज्यसभा में भी इस पर विमर्श किया जाएगा।
समाज में गहरी छाप
वंदे मातरम के गीत का हर शब्द भारतीय समाज में एक अनूठा प्रभाव छोड़ता है। यह गीत आज भी न केवल स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाता हैबल्कि भारत की एकता और अखंडता का भी प्रतीक बन चुका है। आज भी विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमोंस्कूलों और कॉलेजों में इस गीत को सम्मान के साथ गाया जाता हैऔर यह भारतीयों के दिलों में अपने मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और प्रेम को और गहरा करता है।
वंदे मातरम न केवल एक गीत हैबल्कि यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रेरणास्त्रोत भी बन गया। इसने भारतीयों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा दी और एक सशक्तएकजुट राष्ट्र के निर्माण की दिशा में योगदान दिया। आजजब हम इस गीत को गाते हैंतो हम न केवल अपनी मातृभूमि के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैंबल्कि उन स्वतंत्रता सेनानियों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैंजिन्होंने इस देश को स्वतंत्रता दिलाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

जूतों के साथ आते हैं खतरनाक तत्व
जूते हमारे बाहर की दुनिया से होते हुए घर तक आते हैं। जब हम घर के बाहर चलते हैंतो हमारे जूतों में कीटनाशककेमिकल्सबैक्टीरियावायरसऔर यहां तक कि लेड जैसे हानिकारक तत्व लग जाते हैं। ये तत्व न केवल हमारी त्वचा के संपर्क में आते हैंबल्कि घर के फर्शकालीनऔर यहां तक कि बच्चों के खेलने के स्थानों पर भी पहुंच जाते हैं। डॉक्टर सौरभ के अनुसारइन टॉक्सिन्स का घर में प्रवेश करना स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है।
बैक्टीरिया और वायरस का खतरा
बाहर चलते समय जूते में कई बैक्टीरिया और वायरस भी जमा हो जाते हैंजिनका हम आमतौर पर अंदाजा नहीं लगा पाते। खासकर महामारी के दौर मेंइन बैक्टीरिया और वायरस का घर के अंदर आना संक्रमण के खतरे को बढ़ा सकता है। डॉक्टर सौरभ बताते हैं कि यदि जूतों को घर में लाया जाएतो यह वायरस और बैक्टीरिया आपके घर के वातावरण में घुल सकते हैंजो परिवार के सदस्यखासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरे की बात हो सकती है।
केमिकल्स और जहर
इसके अलावाजूतों में अक्सर कई खतरनाक केमिकल्स भी होते हैंजो पेंटकागजया अन्य बाहरी पदार्थों से चिपक जाते हैं। ये केमिकल्स घर में प्रवेश करने पर वायुमंडल को प्रदूषित करते हैं और शरीर में अवशोषित होकर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकते हैं। उदाहरण के लिएलेड leadजैसे भारी धातु के संपर्क में आना कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता हैखासकर बच्चों में।
बच्चों के लिए खतरा
बच्चों का इम्यून सिस्टम वयस्कों की तुलना में कमजोर होता हैऔर वे जमीन पर खेलते हैंजहां पर जूतों से आए हुए बैक्टीरियावायरसऔर केमिकल्स मौजूद हो सकते हैं। यह बच्चों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव डाल सकता है और उन्हें विभिन्न तरह की एलर्जी और बीमारियों का शिकार बना सकता है। इसलिए डॉक्टर सौरभ सख्ती से कहते हैं कि बच्चों को इन खतरनाक तत्वों से बचाने के लिए घर में जूते पहनने की आदत को छोड़ना बहुत जरूरी है।
घर में नो शूज पॉलिसीअपनाने के फायदे
डॉक्टर सौरभ सेठी का मानना है कि घर में नो शूज पॉलिसी अपनाने से न केवल घर का वातावरण साफ रहता हैबल्कि यह परिवार के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। इसके अलावाजूतों को घर के बाहर छोड़ने से आपके घर का फर्श भी साफ रहता है और आपको अतिरिक्त सफाई का काम भी नहीं करना पड़ता। आप भी इस सरल आदत को अपना सकते हैंजो न सिर्फ आपके घर को साफ रखेगीबल्कि आपके परिवार की सेहत को भी सुनिश्चित करेगी।

आरबीआई के व्हाट्सऐप नंबर पर भेजे गए संदेश में बैंक ने बताया कि एक ही मूल्यवर्ग के सिक्कों के अलग-अलग डिजाइन हो सकते हैं और यह पूरी तरह से वैध हैं। रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया कि 50 पैसे 1 रुपये 2 रुपये 5 रुपये 10 रुपये और 20 रुपये के सभी सिक्के वैध मुद्रा हैं और लंबे समय तक चलन में रहते हैं।
सिक्कों के बारे में भ्रमित होने वाले लोगों के लिए RBI ने अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। बैंक ने कहा “जानकार बनिए सतर्क रहिए।”
इस संदेश के माध्यम से आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया कि सिक्कों को अस्वीकार करना अनुचित है और सभी व्यापारियों दुकानदारों और आम लोगों को इन्हें स्वीकार करना चाहिए। इससे देश में मुद्रा का निर्बाध और सुरक्षित लेनदेन सुनिश्चित होगा।
RBI की यह चेतावनी और मार्गदर्शन समय पर जारी की गई है ताकि लोगों में असली और नकली मुद्रा को पहचानने की जानकारी बनी रहे और किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति न बने।

धर्मेंद्र के निधन ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि उनके करीबी दोस्तों और सिनेमा जगत के कई लोगों को गहरे सदमे में डाला। सलमान खानजो धर्मेंद्र के बहुत करीबी थेउनके जाने को लेकर कई बार अपने दुख का इजहार कर चुके हैं। लेकिन हाल ही में बिग बॉस 19 के ग्रैंड फिनाले के दौरान सलमान ने एक बार फिर धर्मेंद्र को याद करते हुए अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। मंच पर धर्मेंद्र का नाम लेते ही सलमान इतने भावुक हो गए कि उनकी आंखों में आंसू आ गए और वह सिसक पड़े। यह पल दर्शकों के लिए भी बहुत भावनात्मक थाक्योंकि सलमान ने खुलकर कहा कि “हमने सबसे कमाल का इंसान खो दिया है।
सलमान ने धर्मेंद्र को एक बेहतरीन इंसान और एक प्रेरणा माना। उनके अनुसारधर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं थेबल्कि वह एक शानदार इंसान थेजिन्होंने अपने जीवन में हमेशा अपने काम और रिश्तों को ईमानदारी और सच्चाई से निभाया। सलमान ने बताया कि धर्मेंद्र का जो योगदान सिनेमा जगत में रहावह अनमोल है और उनकी यादें हमेशा बनी रहेंगी।
सलमान ने यह भी कहा कि धर्मेंद्र के साथ बिताए गए समय को वह हमेशा याद रखेंगे और उनका मार्गदर्शन उनके लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा। धर्मेंद्र की हंसीउनकी सरलता और उनका सहज स्वभाव हमेशा सलमान के दिल में रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में धर्मेंद्र की जो जगह हैवह कोई नहीं ले सकताऔर उनकी कमी सिनेमा की दुनिया में हमेशा खलेगी। धर्मेंद्र के निधन के बाद सलमान खान ने उनके योगदान को कई बार सराहा है और उन्हें एक आदर्श इंसान बताया।