Author: bharati

  • PM मोदी का वैश्विक लोकप्रियता में दबदबा कायम… सर्वे में शीर्ष पर बरकरार…

    PM मोदी का वैश्विक लोकप्रियता में दबदबा कायम… सर्वे में शीर्ष पर बरकरार…


    नई दिल्ली।
    वैश्विक लोकप्रियता सर्वे (Global Popularity Survey) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) अभी भी शीर्ष पर बरकरार हैं। अमेरिकी ओपिनियन रिसर्च इंस्टीट्यूट मॉर्निंग कंसल्ट की ओर से जारी हालिया सर्वेक्षण के नतीजों में यह बात सामने आई है। सर्वे में यह भी कहा गया कि वैश्विक राजनीति में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का दबदबा साबित कर दिया है। करीब 24 लोकतांत्रिक देशों में किए गए इस सर्वे में शामिल 70 फीसदी लोगों ने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया है।

    सर्वेक्षण के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ अन्य वैश्विक नेताओं की तुलना में काफी ऊंचा है। वहीं, दूसरी ओर जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज इस मामले में पिछड़ गए हैं, उन्हें दुनिया का सबसे अलोकप्रिय नेता आंका गया है। इस सूची में दूसरे स्थान पर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग (63 फीसदी) और तीसरे स्थान पर चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रेज बाबिस (55 फीसदी) रहे। लेकिन मोदी शीर्ष पर रहे।
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    मॉर्निंग कंसल्ट के सर्वे में यह भी कहा गया कि एक ओर जहां भारतीय प्रधानमंत्री की वैश्विक स्वीकार्यता और मजबूत हो रही है। वहीं, यूरोप के प्रमुख देशों के नेताओं को जनता के विरोध और अविश्वास का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति की लोकप्रियता का स्तर भी गिर गया है।

    मैक्रों और ट्रंप की स्थिति
    लोकप्रियता के मामले में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों दूसरे सबसे अलोकप्रिय नेता हैं, जिनसे 75% जनता असंतुष्ट है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सूची में नीचे से 10वें स्थान पर हैं। ईरान के साथ संघर्ष जैसी चुनौतियों के बावजूद, लगभग 38% अमेरिकियों ने ट्रंप के कामकाज का समर्थन किया है। बता दें, 2025 में दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता रेटिंग लगभग 47-51% के बीच थी। अप्रैल 2026 तक इसका स्तर -18 के पास पहुंच गया, जिससे वे आधुनिक समय के सबसे कम लोकप्रिय राष्ट्रपतियों में से एक बन गए।

  • MP: नीमच में ट्रैक पर रखे पत्थरों से टकराई रतलाम-उदयपुर ट्रेन, जोरदार धमाके से अटकी यात्रियों की सांसें …

    MP: नीमच में ट्रैक पर रखे पत्थरों से टकराई रतलाम-उदयपुर ट्रेन, जोरदार धमाके से अटकी यात्रियों की सांसें …


    नीमच।
    शुक्रवार शाम रतलाम से उदयपुर (Ratlam to Udaipur) जा रही ट्रेन के यात्रियों की सांसें उस वक्त अटक गईं, जब साजिश के तहत ट्रैक पर रखे गए भारी पत्थरों से ट्रेन टकरा गई। तेज रफ्तार ट्रेन के पहियों के नीचे पत्थरों के आने से हुए जोरदार धमाके (Loud bangs) और झटकों से पूरी बोगियां दहल उठीं। गनीमत रही कि ट्रेन की गति अधिक होने के कारण बड़ा हादसा टल गया और इंजन सुरक्षित रहा। घटना के बाद ट्रेन 12 मिनट तक ट्रैक पर खड़ी रही, जिससे यात्रियों में भारी दहशत फैल गई।


    क्या है पूरा मामला

    मिली जानकारी के अनुसार रतलाम से शाम 5:10 बजे रवाना हुई उदयपुर सिटी एक्सप्रेस (Udaipur City Express.) जैसे ही नीमच जिले (Neemuch district) के हरकिया खाल क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी किसी अज्ञात शरारती तत्व द्वारा मुख्य ट्रैक पर रखे बड़े पत्थरों के ट्रेन से टकराकर चकनाचूर होने से तेज धमाका हुआ। आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग भी सहम गए।

    ट्रेन के अचानक झटके से रुकने और तेज धमाके की आवाज सुनकर अंदर बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया। लोग अपनी सीटों से नीचे गिर गए। महिला और बच्चे घबराकर रोने-चिल्लाने लगे। यात्रियों को लगा कि ट्रेन पटरी से उतर गई है या कोई बड़ा धमाका हुआ है।

    लोको पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। इसके बाद सुरक्षा की जांच की गई। करीब 12 मिनट की मशक्कत और पटरी के मुआयने के बाद जब सब कुछ सामान्य पाया गया, तब जाकर ट्रेन को आगे रवाना किया गया। इस दौरान यात्रियों की सांसें हलक में अटकी रहीं।

    सूचना मिलते ही आरपीएफ और स्थानीय पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। ट्रैक पर पत्थर किसने रखे और इसके पीछे मंशा क्या थी? यह जांच का विषय है। घटना ने एक बार फिर रेल सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि साजिश रचने वालों की पहचान की जा सके।

  • अक्षय तृतीया 2026 पर बन रहा अक्षय योग इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत

    अक्षय तृतीया 2026 पर बन रहा अक्षय योग इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत

    नई दिल्ली । हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाने वाला अक्षय तृतीया इस बार विशेष ज्योतिषीय संयोग लेकर आ रहा है। वर्ष 2026 में इस दिन ‘अक्षय योग’ का निर्माण हो रहा है, जिसे अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस योग में सूर्य और चंद्रमा अपनी उच्च राशियों में रहेंगे, जिससे इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। यह स्थिति धन, करियर, शिक्षा और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम देने वाली मानी जाती है।

    ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार इस शुभ योग का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में पड़ेगा, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है।

    सबसे पहले मेष राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में उन्नति का संकेत दे रहा है। नौकरी में कार्यों की सराहना होगी और सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। हालांकि, थोड़ी आर्थिक चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन जीवनसाथी के सहयोग से स्थिति संतुलित रहेगी। इस दौरान स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी होगा।

    तुला राशि के जातकों के लिए यह समय राहत और खुशियों से भरा रहने वाला है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में कमी आएगी और परिवार में सुख-शांति का माहौल बनेगा। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है और यात्रा या घूमने का अवसर भी मिल सकता है।

    धनु राशि के लिए यह समय भाग्यवृद्धि का संकेत दे रहा है। कम मेहनत में अच्छे परिणाम मिलने के योग बन रहे हैं। छात्रों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी, जबकि जीवनसाथी का सहयोग आत्मविश्वास बढ़ाएगा। आर्थिक स्थिति में सुधार और नए कार्यों की शुरुआत के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं।

    ज्योतिषियों के अनुसार इस अक्षय योग का असर मुख्य रूप से करियर, धन, शिक्षा और पारिवारिक जीवन पर देखने को मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ-साथ रिश्तों में मधुरता और मानसिक शांति भी बढ़ने की संभावना है। कुल मिलाकर यह समय कई लोगों के लिए नई संभावनाओं और सकारात्मक बदलावों की शुरुआत का संकेत माना जा रहा है।

  • बेसन, दही और हल्दी से बनाएं आसान और असरदार होममेड फेसवॉश..

    बेसन, दही और हल्दी से बनाएं आसान और असरदार होममेड फेसवॉश..

    नई दिल्ली :आजकल स्किन केयर हर किसी की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है। लोग अपने चेहरे को साफ, फ्रेश और ग्लोइंग बनाए रखने के लिए कई तरह के फेसवॉश इस्तेमाल करते हैं, लेकिन केमिकल वाले प्रोडक्ट्स कई बार त्वचा को रूखा या संवेदनशील बना सकते हैं। ऐसे में किचन में मौजूद प्राकृतिक चीजों से बना होममेड फेसवॉश एक सुरक्षित और असरदार विकल्प माना जाता है।

    इस नेचुरल फेसवॉश को बनाने के लिए किसी महंगे प्रोडक्ट की जरूरत नहीं होती। घर में आसानी से मिलने वाली चीजें जैसे बेसन, दही, हल्दी और गुलाब जल त्वचा की गहराई से सफाई करने में मदद करती हैं। बेसन स्किन से गंदगी और अतिरिक्त तेल हटाने में मदद करता है, दही त्वचा को नमी देता है, हल्दी एंटीसेप्टिक गुणों से स्किन को सुरक्षित रखती है और गुलाब जल चेहरे को ताजगी प्रदान करता है।

    इसे बनाने के लिए एक साफ बाउल में दो चम्मच बेसन लें और उसमें एक चम्मच दही मिलाएं। इसके बाद इसमें एक चुटकी हल्दी और थोड़ा सा गुलाब जल डालकर एक स्मूद पेस्ट तैयार करें। इस बात का ध्यान रखें कि मिश्रण न ज्यादा पतला हो और न ज्यादा गाढ़ा, ताकि इसे आसानी से चेहरे पर लगाया जा सके।

    तैयार फेसवॉश को चेहरे पर हल्के हाथों से लगाकर एक से दो मिनट तक मसाज करें। इससे त्वचा की गहराई से सफाई होती है और रोमछिद्रों में जमी गंदगी बाहर निकलने में मदद मिलती है। इसके बाद चेहरे को सामान्य पानी से धो लें और हल्के हाथों से सुखा लें।

    इस घरेलू फेसवॉश का नियमित उपयोग त्वचा को साफ, मुलायम और नेचुरल ग्लो देने में मदद कर सकता है। यह खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी है जिनकी स्किन संवेदनशील है या जो केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स से बचना चाहते हैं।

  • समर स्किन केयर रूटीन त्वचा को ठंडा और चमकदार रखने के सबसे आसान घरेलू तरीके

    समर स्किन केयर रूटीन त्वचा को ठंडा और चमकदार रखने के सबसे आसान घरेलू तरीके


    नई दिल्ली । गर्मियों में तेज धूप, पसीना और बढ़ती गर्मी त्वचा पर सबसे ज्यादा असर डालते हैं। इस मौसम में चेहरा अक्सर चिपचिपा, बेजान और थका हुआ दिखने लगता है। ऐसे में स्किन को ठंडक देना और उसका प्राकृतिक निखार बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है। महंगे प्रोडक्ट्स की बजाय घरेलू और प्राकृतिक उपाय त्वचा को सुरक्षित और स्वस्थ रखने में अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं।

    त्वचा की देखभाल के लिए सबसे पहले आता है एलोवेरा, जिसे एक प्राकृतिक कूलिंग एजेंट माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और हाइड्रेटिंग गुण सनबर्न और जलन को कम करने में मदद करते हैं। धूप से लौटने के बाद ताजा एलोवेरा जेल लगाने से त्वचा को तुरंत राहत मिलती है और रात में लगाने पर यह त्वचा को गहराई से मॉइश्चराइज करता है।

    गर्मियों में त्वचा को ठंडा और फ्रेश रखने के लिए खीरा और गुलाब जल का मिश्रण भी बेहद उपयोगी है। खीरे का रस त्वचा को हाइड्रेट करता है, जबकि गुलाब जल त्वचा के pH संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। इस मिश्रण को स्प्रे बोतल में भरकर फेस मिस्ट की तरह इस्तेमाल करने से चेहरा पूरे दिन तरोताजा महसूस करता है।

    मुल्तानी मिट्टी और चंदन का फेस पैक भी गर्मियों में ऑयली स्किन के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करता है, रोमछिद्रों को साफ करता है और मुंहासों की समस्या को कम करने में मदद करता है। साथ ही यह त्वचा को ठंडक देकर टैनिंग को भी हल्का करता है।

    त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए दही और शहद का मिश्रण एक बेहतरीन उपाय है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड डेड स्किन को हटाने में मदद करता है, जबकि शहद त्वचा को मुलायम और मॉइश्चराइज करता है। इसे हफ्ते में दो बार लगाने से त्वचा की रंगत में सुधार देखा जा सकता है।

    इसके साथ ही शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखना भी बेहद जरूरी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीना और तरबूज, खीरा और संतरा जैसे फलों को डाइट में शामिल करना त्वचा की सेहत के लिए बहुत लाभकारी है। सही आहार और पर्याप्त पानी शरीर के तापमान को नियंत्रित रखते हैं, जिसका सीधा असर चेहरे की चमक पर दिखाई देता है।

    कुल मिलाकर, इन सरल और प्राकृतिक उपायों को अपनाकर गर्मियों में त्वचा को न केवल सुरक्षित रखा जा सकता है, बल्कि बिना किसी खर्च के प्राकृतिक ग्लो भी पाया जा सकता है।

    गर्मियों में तेज धूप, पसीना और बढ़ती गर्मी त्वचा पर सबसे ज्यादा असर डालते हैं। इस मौसम में चेहरा अक्सर चिपचिपा, बेजान और थका हुआ दिखने लगता है। ऐसे में स्किन को ठंडक देना और उसका प्राकृतिक निखार बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है। महंगे प्रोडक्ट्स की बजाय घरेलू और प्राकृतिक उपाय त्वचा को सुरक्षित और स्वस्थ रखने में अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं।

    त्वचा की देखभाल के लिए सबसे पहले आता है एलोवेरा, जिसे एक प्राकृतिक कूलिंग एजेंट माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और हाइड्रेटिंग गुण सनबर्न और जलन को कम करने में मदद करते हैं। धूप से लौटने के बाद ताजा एलोवेरा जेल लगाने से त्वचा को तुरंत राहत मिलती है और रात में लगाने पर यह त्वचा को गहराई से मॉइश्चराइज करता है।

    गर्मियों में त्वचा को ठंडा और फ्रेश रखने के लिए खीरा और गुलाब जल का मिश्रण भी बेहद उपयोगी है। खीरे का रस त्वचा को हाइड्रेट करता है, जबकि गुलाब जल त्वचा के pH संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। इस मिश्रण को स्प्रे बोतल में भरकर फेस मिस्ट की तरह इस्तेमाल करने से चेहरा पूरे दिन तरोताजा महसूस करता है।

    मुल्तानी मिट्टी और चंदन का फेस पैक भी गर्मियों में ऑयली स्किन के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करता है, रोमछिद्रों को साफ करता है और मुंहासों की समस्या को कम करने में मदद करता है। साथ ही यह त्वचा को ठंडक देकर टैनिंग को भी हल्का करता है।

    त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए दही और शहद का मिश्रण एक बेहतरीन उपाय है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड डेड स्किन को हटाने में मदद करता है, जबकि शहद त्वचा को मुलायम और मॉइश्चराइज करता है। इसे हफ्ते में दो बार लगाने से त्वचा की रंगत में सुधार देखा जा सकता है।

    इसके साथ ही शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखना भी बेहद जरूरी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीना और तरबूज, खीरा और संतरा जैसे फलों को डाइट में शामिल करना त्वचा की सेहत के लिए बहुत लाभकारी है। सही आहार और पर्याप्त पानी शरीर के तापमान को नियंत्रित रखते हैं, जिसका सीधा असर चेहरे की चमक पर दिखाई देता है। कुल मिलाकर, इन सरल और प्राकृतिक उपायों को अपनाकर गर्मियों में त्वचा को न केवल सुरक्षित रखा जा सकता है, बल्कि बिना किसी खर्च के प्राकृतिक ग्लो भी पाया जा सकता है।

  • विटामिन D की कमी: जानिए किन लोगों को सप्लीमेंट, लेना है बेहद जरूरी

    विटामिन D की कमी: जानिए किन लोगों को सप्लीमेंट, लेना है बेहद जरूरी


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, लंबे समय तक घर या ऑफिस के अंदर रहना और कम धूप के संपर्क में आना शरीर में विटामिन D की कमी का बड़ा कारण बन रहा है। हैरानी की बात यह है कि धूप से भरपूर देश में भी बड़ी संख्या में लोग इस समस्या से प्रभावित हैं। विटामिन D हड्डियों की मजबूती, इम्यूनिटी और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी माना जाता है, लेकिन इसकी कमी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार कुछ लोगों में विटामिन D की कमी का खतरा अधिक होता है और उन्हें सप्लीमेंट की जरूरत पड़ सकती है। सबसे पहले वे लोग जो ज्यादातर समय घर या ऑफिस के अंदर रहते हैं और जिनकी त्वचा पर पर्याप्त धूप नहीं पड़ती। इसके अलावा गहरी त्वचा (डार्क स्किन) वाले लोगों में भी यह कमी अधिक देखी जाती है क्योंकि उनकी त्वचा में मेलेनिन अधिक होने से विटामिन D बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।

    50 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों में भी विटामिन D बनाने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ सकती है। वहीं मोटापे से ग्रस्त लोगों में यह विटामिन शरीर की फैट कोशिकाओं में फंस जाता है, जिससे इसकी उपलब्धता कम हो जाती है। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी इसकी अधिक आवश्यकता होती है क्योंकि इस दौरान शरीर की जरूरतें बढ़ जाती हैं।

    शाकाहारी या वीगन लोगों में भी विटामिन D की कमी आम है क्योंकि इसके प्रमुख प्राकृतिक स्रोत जैसे मछली और अंडे उनके आहार में शामिल नहीं होते। इसके अलावा किडनी या पाचन संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों में भी शरीर विटामिन D को सही तरीके से अवशोषित नहीं कर पाता, जिससे कमी की संभावना बढ़ जाती है।

    विटामिन D की कमी के लक्षणों में लगातार थकान, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी, बाल झड़ना, बार-बार बीमार पड़ना और मूड स्विंग शामिल हैं। लंबे समय तक कमी रहने पर यह हड्डियों को कमजोर कर सकता है और इम्यून सिस्टम को प्रभावित कर सकता है।

    विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सुबह या दिन के समय थोड़ी देर धूप लेना, आहार में मशरूम, फोर्टिफाइड दूध, अंडे की जर्दी और अन्य पोषक खाद्य पदार्थ शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि सप्लीमेंट लेने से पहले ब्लड टेस्ट और डॉक्टर की सलाह जरूरी है, क्योंकि अधिक मात्रा में विटामिन D शरीर के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। कुल मिलाकर, सही जीवनशैली, संतुलित आहार और समय-समय पर जांच के जरिए विटामिन D की कमी को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

  • मीठी तुलसी के चमत्कारी फायदे ,गर्मियों में शरीर को देगी ठंडक और सेहत

    मीठी तुलसी के चमत्कारी फायदे ,गर्मियों में शरीर को देगी ठंडक और सेहत


    नई दिल्ली । भारतीय परंपरा में तुलसी का विशेष महत्व रहा है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि मीठी तुलसी भी गुणों से भरपूर एक औषधीय पौधा है। आयुर्वेद में इसे बेहद उपयोगी माना गया है और खासकर गर्मियों में इसका सेवन कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है।

    मीठी तुलसी को स्टीविया के नाम से भी जाना जाता है। यह प्राकृतिक रूप से मीठी होती है और इसकी मिठास सामान्य चीनी से कई गुना अधिक होती है। खास बात यह है कि इसमें ग्लूकोज या सुक्रोज नहीं होता, इसलिए यह रक्त शर्करा को नहीं बढ़ाती। यही कारण है कि डायबिटीज के मरीज सीमित मात्रा में इसका सेवन कर सकते हैं।

    आयुर्वेद के अनुसार, मीठी तुलसी पित्त को शांत करने में मदद करती है। गर्मियों में जब शरीर में गर्मी और एसिडिटी बढ़ जाती है, तब इसके पत्तों से बना शरबत या काढ़ा पेट को ठंडक देता है और जलन को कम करता है। यह शरीर के तापमान को संतुलित रखने में भी सहायक होती है।

    मीठा खाने की इच्छा को नियंत्रित करने में भी स्टीविया काफी कारगर है। इसमें कैलोरी बहुत कम होती है, जिससे यह वजन नियंत्रित रखने में मदद करती है। जो लोग डाइटिंग कर रहे हैं या वजन घटाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतर विकल्प बन सकती है।

    इसके अलावा, मीठी तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो दांतों को कैविटी और सड़न से बचाने में मदद करते हैं। जहां रिफाइंड शुगर दांतों के लिए नुकसानदायक होती है, वहीं स्टीविया एक सुरक्षित विकल्प के रूप में सामने आती है।

    ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में भी यह उपयोगी मानी जाती है। खासकर गर्मियों में लो ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर इसका सेवन लाभकारी हो सकता है। साथ ही यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत देती है।

    त्वचा के लिए भी मीठी तुलसी फायदेमंद है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को साफ और स्वस्थ रखने में मदद करते हैं, जिससे त्वचा संबंधी समस्याएं कम होती हैं।

    कुल मिलाकर, मीठी तुलसी केवल स्वाद में ही नहीं बल्कि गुणों में भी बेहद समृद्ध है। इसे अपनी डाइट में शामिल कर आप गर्मियों में सेहतमंद और संतुलित जीवन की ओर एक आसान कदम बढ़ा सकते हैं।

  • शुरुआती लोगों के लिए बेस्ट योग रूटीन, रोज 15 मिनट ,में पाएं फिट बॉडी और शांत मन

    शुरुआती लोगों के लिए बेस्ट योग रूटीन, रोज 15 मिनट ,में पाएं फिट बॉडी और शांत मन


    नई दिल्ली । अगर आप योग की शुरुआत करना चाहते हैं लेकिन समझ नहीं पा रहे कि कौन से आसन से शुरुआत करें, तो आयुष मंत्रालय की सलाह आपके लिए एक बेहतरीन गाइड साबित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती लोगों के लिए ताड़ासन, वज्रासन और भुजंगासन सबसे सरल और प्रभावी योगासन हैं, जिन्हें घर पर आसानी से किया जा सकता है।

    योग विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना केवल 10 से 15 मिनट इन आसनों का अभ्यास करने से शरीर लचीला बनता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और मानसिक शांति मिलती है। योग की शुरुआत हमेशा धीरे-धीरे करनी चाहिए और सांसों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। नियमित अभ्यास से जल्दी ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं।

    ताड़ासन योग का सबसे बुनियादी आसन है, जो शरीर को संतुलन और मजबूती देता है। इसमें सीधे खड़े होकर हाथों को ऊपर उठाया जाता है और पूरे शरीर को खींचा जाता है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को सीधा करता है, शरीर की मुद्रा सुधारता है और एकाग्रता बढ़ाता है। शुरुआत में इसे 20 से 30 सेकंड तक करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।

    वज्रासन एकमात्र ऐसा आसन है जिसे भोजन के बाद भी किया जा सकता है। इसमें घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठा जाता है और शरीर को सीधा रखा जाता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है, पेट की समस्याओं में राहत देता है और ध्यान के लिए आदर्श मुद्रा मानी जाती है। शुरुआती लोग इसे 3 से 5 मिनट तक करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।

    भुजंगासन पीठ और रीढ़ के लिए बेहद फायदेमंद है। इसमें पेट के बल लेटकर छाती को ऊपर उठाया जाता है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है, फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है और तनाव को कम करता है। इसे 15 से 20 सेकंड तक रोककर 3 से 5 बार दोहराना चाहिए।

    इन तीनों आसनों का नियमित अभ्यास न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर आप लंबे समय तक स्वस्थ और संतुलित जीवन जी सकते हैं।

  • लिवर को रखना है मजबूत, तो डाइट में शामिल करें ये सुपरफूड फल और पत्ते

    लिवर को रखना है मजबूत, तो डाइट में शामिल करें ये सुपरफूड फल और पत्ते


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित खानपान का सबसे ज्यादा असर हमारे लिवर पर पड़ रहा है, जो शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है। लिवर न केवल खून को साफ करता है बल्कि पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में इसकी देखभाल बेहद जरूरी हो जाती है।

    हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को लिवर की सेहत के प्रति जागरूक करना है। विशेषज्ञों और आयुष मंत्रालय के अनुसार, अगर सही खानपान और प्राकृतिक चीजों को डाइट में शामिल किया जाए तो लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ फल और पत्ते लिवर के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं। इनमें सबसे पहले आता है आंवला, जिसे लिवर का सबसे बड़ा दोस्त माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं। रोजाना आंवला या इसका जूस पीना बेहद फायदेमंद होता है।

    पपीता भी लिवर के लिए काफी लाभकारी है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और लिवर में जमा विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके अलावा अनार का सेवन लिवर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाता है और खून को शुद्ध रखने में सहायक होता है।

    अंगूर में पाए जाने वाले प्राकृतिक कंपाउंड लिवर की सूजन को कम करते हैं और उसे डिटॉक्स करने में मदद करते हैं। वहीं संतरा और नींबू विटामिन सी से भरपूर होते हैं। सुबह खाली पेट नींबू पानी पीने से लिवर को साफ रखने में मदद मिलती है।

    फलों के साथ-साथ कुछ पत्ते भी लिवर के लिए बेहद उपयोगी माने जाते हैं। माकोय के पत्ते आयुर्वेद में लिवर टॉनिक के रूप में जाने जाते हैं और लिवर की सूजन को कम करने में मदद करते हैं। वहीं मोरिंगा के पत्तों में पोषक तत्वों की भरमार होती है, जो लिवर को मजबूत बनाने और शरीर को डिटॉक्स करने में सहायक होते हैं।

    विशेषज्ञों की सलाह है कि इन प्राकृतिक चीजों को अपनी रोजाना की डाइट में शामिल करें। साथ ही तला-भुना और जंक फूड से दूरी बनाएं, शराब का सेवन सीमित करें, नियमित व्यायाम करें और पर्याप्त नींद लें। इन आसान आदतों को अपनाकर लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत रखा जा सकता है।

  • 18 अप्रैल का राशिफल: प्रीति योग और अश्विनी नक्षत्र का असर, इन राशियों के रिश्तों में आएगी मिठास

    18 अप्रैल का राशिफल: प्रीति योग और अश्विनी नक्षत्र का असर, इन राशियों के रिश्तों में आएगी मिठास


    नई दिल्ली । आज 18 अप्रैल, शनिवार का दिन है। इस दिन भगवान शिव और हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार इस दिन अश्विनी नक्षत्र और प्रीति योग का संयोग बन रहा है, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा। कुछ राशियों के लिए दिन शुभ रहेगा, जबकि कुछ को सावधानी बरतने की जरूरत है।

    मेष से मीन तक जानें दिन का हाल-

    मेष राशि
    आज थोड़ा थकान महसूस हो सकती है, लेकिन प्रेम संबंधों में नजदीकियां बढ़ेंगी। काम में लाभ होगा, बस खर्चों पर नियंत्रण रखें। थोड़ा आराम करना फायदेमंद रहेगा।

    वृषभ राशि
    करियर में सुधार दिखेगा और लव लाइफ भी संतुलित रहेगी। ऑफिस में विवाद से बचें और सेहत को नजरअंदाज न करें। शांत स्वभाव दिन को आसान बनाएगा।

    मिथुन राशि
    दिन खुशी और अच्छी खबर लेकर आ सकता है। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। काम में व्यस्तता रहेगी, लेकिन परिणाम आपके पक्ष में रहेगा।

    कर्क राशि

    थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। सेहत का ध्यान रखें और रिश्तों में सोच-समझकर बात करें। धैर्य से हालात बेहतर होंगे।

    सिंह राशि

    आज जोखिम लेने से बचें। परिवार और पार्टनर का सहयोग मिलेगा। काम धीरे-धीरे सही दिशा में बढ़ेगा।

    कन्या राशि
    गले या नाक से जुड़ी परेशानी हो सकती है। काम में उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन परिवार का साथ मिलेगा। खानपान पर ध्यान दें।

    तुला राशि
    दिन सामान्य रहेगा, लेकिन पेट संबंधी दिक्कत हो सकती है। काम का दबाव रहेगा और रिश्तों में हल्की खटास आ सकती है। ओवरथिंकिंग से बचें।

    वृश्चिक राशि
    आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। अनावश्यक खर्च या नुकसान हो सकता है। विवादों से दूरी बनाए रखें।

    धनु राशि
    विरोधियों पर बढ़त मिलेगी और काम में अवसर मिलेंगे। मन थोड़ा अस्थिर रह सकता है, इसलिए सकारात्मक सोच बनाए रखें।

    मकर राशि
    मन परेशान रह सकता है और रिश्तों में बहस की स्थिति बन सकती है। बड़े फैसले टालना बेहतर रहेगा। शांति से सोचने पर समाधान मिलेगा।

    कुंभ राशि
    घर में तनाव हो सकता है और मां की सेहत को लेकर चिंता रहेगी। खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलें।

    मीन राशि
    मन में घबराहट रह सकती है और रिश्तों में तनाव आ सकता है। सेहत का ध्यान रखें और खुद को व्यस्त रखने की कोशिश करें।