Author: bharati

  • मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लॉन्च की जनकल्याण योजना, पानी की समस्या पर बड़ा समाधान..

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लॉन्च की जनकल्याण योजना, पानी की समस्या पर बड़ा समाधान..

    नई दिल्ली । अंबेडकर जयंती के अवसर पर राजधानी दिल्ली में जनकल्याण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को याद करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने भारतीय लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी, जिसके कारण देश आज सुचारु रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन मिल सके।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शालीमार बाग क्षेत्र के GP ब्लॉक और बेरिवाला बाग ब्लॉक में वॉटर ATM योजना का शुभारंभ किया। इस पहल को राजधानी में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार वार्ड 55, 56 और 57 में कुल सात वॉटर ATM लगाए गए हैं, जिनमें प्रत्येक यूनिट प्रति घंटे लगभग दो हजार लीटर शुद्ध पानी उपलब्ध कराने की क्षमता रखती है। इन मशीनों में पांच-स्तरीय RO प्यूरीफिकेशन सिस्टम लगाया गया है, जो उच्च TDS वाले पानी को भी पीने योग्य बनाने में सक्षम है।

    सरकारी जानकारी के अनुसार इन वॉटर ATM मशीनों की 24 घंटे निगरानी की जाएगी ताकि पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए। इस सुविधा के तहत नागरिकों को एक विशेष कार्ड के माध्यम से प्रतिदिन निर्धारित मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन लगभग 20 लीटर तक स्वच्छ पेयजल की सुविधा दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट को कम करना और आम लोगों को आसानी से सुरक्षित पानी उपलब्ध कराना है।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार का फोकस केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करना है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर का सपना था कि देश का हर नागरिक समान अवसरों और बुनियादी सुविधाओं का लाभ उठाए, और यह योजना उसी दिशा में एक ठोस प्रयास है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन का भी स्वागत किया और कहा कि इससे राजधानी की कनेक्टिविटी और परिवहन व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। उन्होंने बताया कि इस एक्सप्रेसवे से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी।

    अंबेडकर जयंती के अवसर पर शुरू की गई यह पहल राजधानी में जनसुविधा और बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

  • 15 अप्रैल 2026 बुध प्रदोष व्रत, पर शिव आराधना से मिल सकता है धन लाभ और उन्नति का वरदान

    15 अप्रैल 2026 बुध प्रदोष व्रत, पर शिव आराधना से मिल सकता है धन लाभ और उन्नति का वरदान


    नई दिल्ली । 15 अप्रैल 2026 को बुध प्रदोष व्रत का अत्यंत विशेष संयोग बन रहा है। यह दिन बुधवार को पड़ने के कारण बुध प्रदोष कहलाएगा। वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि इस दिन रात के समय प्रभावी रहेगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस अवसर पर ब्रह्म योग और इंद्र योग का दुर्लभ मेल बन रहा है। यह संयोग धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया है और शिव आराधना के लिए उत्तम फलदायी माना जाता है।

    इस दिन बनने वाला ब्रह्म योग दोपहर तक रहेगा और इसे आध्यात्मिक साधना तथा मन की शांति के लिए विशेष फल देने वाला माना गया है। इसके बाद इंद्र योग का निर्माण होगा जिसे कार्य सिद्धि और सफलता का कारक कहा जाता है। ऐसे में इस दिन किया गया शिव पूजन जीवन में स्थिरता और प्रगति का मार्ग खोल सकता है। विशेषकर व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह दिन लाभ और उन्नति का संकेत माना जा रहा है।

    बुध प्रदोष व्रत पर भगवान शिव की उपासना प्रदोष काल में करने का विधान है। सूर्यास्त के समय स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए। इसके बाद घर के पूजा स्थल को साफ कर घी का दीपक जलाना चाहिए। भक्त को भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लेना चाहिए। इसके बाद शिवलिंग का अभिषेक शुद्ध जल कच्चा दूध और गंगाजल से करना चाहिए। यह प्रक्रिया मन को शुद्ध करती है और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।

    पूजन के दौरान शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। धतूरा और सफेद पुष्प भी अर्पित किए जाते हैं। इस समय निरंतर मन में ओम नमः शिवाय का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त होता है और घर में सुख समृद्धि का वातावरण बनता है।

    शिव पूजा के साथ माता पार्वती की आराधना करने से पारिवारिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है। घर में शांति बनी रहती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। पूजा के अंत में आरती करनी चाहिए और किसी भी त्रुटि के लिए भगवान शिव से क्षमा प्रार्थना करनी चाहिए। शांत और श्रद्धा भाव से की गई यह पूजा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली मानी जाती है।

    इस विशेष बुध प्रदोष व्रत पर ब्रह्म और इंद्र योग का संयोग इसे और भी अधिक फलदायी बना रहा है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में समृद्धि के नए द्वार खोल सकती है और रुके हुए कार्यों में सफलता दिला सकती है।

  • रणबीर-आलिया ने ऑस्ट्रिया की बर्फीली वादियों में मनाई शादी की चौथी सालगिरह..

    रणबीर-आलिया ने ऑस्ट्रिया की बर्फीली वादियों में मनाई शादी की चौथी सालगिरह..

    नई दिल्ली:   बॉलीवुड के चर्चित कपल रणबीर कपूर और आलिया भट्ट ने अपनी शादी की चौथी सालगिरह बेहद खास अंदाज में ऑस्ट्रिया में मनाई। 14 अप्रैल 2022 को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर में शादी के बंधन में बंधे इस कपल ने इस बार अपनी सालगिरह को एक खूबसूरत विदेशी वेकेशन में यादगार बनाया। ऑस्ट्रिया की बर्फीली वादियों में बिताए गए इस खास पल की झलकियां सोशल मीडिया पर सामने आते ही फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गईं।

    आलिया भट्ट ने अपने वेकेशन की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह रणबीर कपूर के साथ बर्फ से ढके पहाड़ों में स्कीइंग का आनंद लेती नजर आईं। तस्वीरों में दोनों की केमिस्ट्री और साथ बिताए गए हल्के फुल्के पल साफ झलकते हैं। कहीं दोनों हंसते हुए नजर आते हैं तो कहीं शांत वादियों में एक दूसरे के साथ समय बिताते दिखाई देते हैं, जिससे उनकी बॉन्डिंग और भी खास लगती है।

    इस खास मौके पर फैमिली टाइम भी वेकेशन का अहम हिस्सा रहा। एक तस्वीर में रणबीर कपूर अपनी बेटी राहा के साथ नजर आते हैं, जहां दोनों अल्पाका जैसे जानवरों के बीच समय बिताते दिखाई देते हैं। यह पल बेहद क्यूट और भावनात्मक माना जा रहा है, जिसे देखकर फैंस लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

    आलिया भट्ट ने इस खास अवसर पर एक भावुक संदेश भी साझा किया, जिसमें उन्होंने अपनी जिंदगी के सफर और रिश्ते की खूबसूरती को शब्दों में पिरोया। उन्होंने कहा कि साथ मिलकर मुश्किल और आसान सभी रास्तों को पार करते हुए उन्होंने एक सुंदर जीवन बनाया है। उनके इस संदेश में प्यार और अपनापन साफ झलकता है, जिसे फैंस ने खूब सराहा।

    इस वेकेशन की तस्वीरों में एक खास रोमांटिक डिनर का दृश्य भी देखने को मिला, जिसने इस सेलिब्रेशन को और भी खास बना दिया। शांत और खूबसूरत माहौल में बिताए गए इन पलों ने कपल के रिश्ते की गहराई को दर्शाया। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को तेजी से शेयर किया जा रहा है और फैंस उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो रणबीर कपूर कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं, जबकि आलिया भट्ट भी आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण फिल्मों में नजर आने वाली हैं। दोनों कलाकार अपने करियर और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

  • लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय सम्मान से चमका पतंजलि अनुसंधान संस्थान, वैज्ञानिक शोध ने बढ़ाया देश का मान

    लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय सम्मान से चमका पतंजलि अनुसंधान संस्थान, वैज्ञानिक शोध ने बढ़ाया देश का मान

    नई दिल्ली:   वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए पतंजलि अनुसंधान संस्थान को लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है। संस्थान को Dr. P. D. Sethi National HPTLC Awards 2025 में प्राइवेट इंडस्ट्री कैटेगरी में प्रथम स्थान से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि आंवला (Phyllanthus emblica) के बीज तेल पर किए गए गहन वैज्ञानिक शोध के लिए प्रदान की गई है, जिसमें इसके एंटी-माइक्रोबियल और बायोफिल्म-रोधी गुणों को प्रमाणित किया गया है।

    संस्थान ने पिछले वर्ष भी इसी श्रेणी में यह सम्मान प्राप्त किया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अनुसंधान की गुणवत्ता और निरंतरता दोनों में स्थिरता बनी हुई है। इस बार का शोध विशेष रूप से आंवला बीज तेल के औषधीय गुणों पर केंद्रित रहा, जिसमें यह पाया गया कि यह प्राकृतिक तेल कई प्रकार के सूक्ष्मजीवों के खिलाफ प्रभावी भूमिका निभाने की क्षमता रखता है और बायोफिल्म निर्माण को रोकने में भी सहायक है। इस शोध को वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह प्राकृतिक संसाधनों के औषधीय उपयोग की नई संभावनाएं प्रस्तुत करता है।

    इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक सम्मान नहीं है, बल्कि संस्थान के वैज्ञानिकों की वर्षों की मेहनत, समर्पण और शोध के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य ऐसे शोध करना है जो समाज के लिए उपयोगी, सुरक्षित और प्रभावी समाधान प्रदान कर सकें। उनके अनुसार यह सम्मान उन सभी वैज्ञानिकों के समर्पण की पहचान है जो निरंतर मानव कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं।

    संस्थान के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. अनुराग वार्ष्णेय ने बताया कि यह पुरस्कार देश में विश्लेषणात्मक रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध को पहचान देने वाला एक प्रतिष्ठित मंच है। लगातार दूसरी बार इस सम्मान का मिलना संस्थान की मजबूत वैज्ञानिक आधारशिला और अनुसंधान की गुणवत्ता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आंवला बीज तेल पर किए गए शोध को पहले भी विभिन्न वैज्ञानिक मंचों पर सराहा जा चुका है।

    संस्थान के अनुसार इन शोधों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है और इन्हें वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशित किया गया है, जिससे भारतीय पारंपरिक औषधीय ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    इस उपलब्धि के साथ पतंजलि अनुसंधान संस्थान ने एक बार फिर यह साबित किया है कि भारत में पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक का संगम वैश्विक स्तर पर नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।

  • OTT और सिनेमाघरों में एंटरटेनमेंट की बरसात, इस हफ्ते रिलीज होंगी कई फिल्में और सीरीज

    OTT और सिनेमाघरों में एंटरटेनमेंट की बरसात, इस हफ्ते रिलीज होंगी कई फिल्में और सीरीज


    नई दिल्ली। वीकेंड पर चिल करने का प्लान बना रहे हैं तो सिनेमाघर और OTT पर कई फ़िल्में और सीरीज दस्तक देने को तैयार है। जिसे आप आसानी से देख सकते हैं। इनमें आपको कॉमेडी, रोमांस, क्राइम, हॉरर कॉमेडी, थ्रिलर और सस्पेंस की फुल डोज मिलेगी। इसलिए इस लिस्ट में अक्षय कुमार की भूत बंगला भी शामिल है जिसका फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं तो चलिए सब की लिस्ट जानते हैं।

    अक्षय कुमार की फिल्म Bhooth Bangla
    अक्षय कुमार की फिल्म ‘भूत बंगला’ कई दिनों से चर्चा में बनी हुई है आपको बता दें कि जब से इस फिल्म का टीचर और ट्रेलर आया है। दर्शक इस फिल्म को देखने के लिए अपनी उत्सुकता दिखा रहे हैं। यह एक हॉरर कॉमेडी फिल्म है इस फिल्म में अक्षय कुमार के अलावा दिवंगत एक्टर असरानी, परेश रावल, राजपाल यादव, तब्बू, मिथिला पालकर और वामिका गब्बी नजर आने वाले हैं यह फिल्म 16 अप्रैल को सिनेमाघरों में दस्तक देगी।

    टोस्टर (Toaster)
    राजकुमार राव और सान्या मल्होत्रा स्टारर टोस्टर इस महीने की चर्चित रिलीज में से एक है। यह एक डार्क कॉमेडी फिल्म है जिसकी कहानी एक ऐसे शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है जो शादी में गिफ्ट किया गया अपना महंगा टोस्टर वापस लेने के चक्कर में अजीबोगरीब घटनाओं में फंस जाता है। फिल्म में कॉमेडी के साथ सस्पेंस और क्राइम का तड़का भी देखने को मिलेगा। ये 15 अप्रैल को Netflix पर आ रही है।

    अस्सी (Assi)
    अस्सी तापसी पन्नू की हार्ड हिटिंग मूवी है। मूवी अनुभव सिन्हा के डायरेक्शन में एक स्कूल टीचर के साथ हुए गैंगरेप के बाद इंसाफ की लड़ाई दिखाई गई है। तापसी ऐडवोकेट रावी बनी हैं जो पीड़िता का केस लड़ती हैं। यह फिल्म सिनेमा घरों में अपना धमाल मचाने के बाद अब ZEE5 पर 17 अप्रैल को आएगी।

    मटका किंग सीरीज (Matka King)
    मटका किंग 1960 के दशक की क्राइम ड्रामा वेब सीरीज है। सीरीज एक साधारण कॉटन ट्रेडर की कहानी है। वह मटका नाम का नया जुए का खेल शुरू करता है। धीरे-धीरे उसका यह आइडिया पूरे शहर और फिर देश में फैल जाता है, जिससे वह अंडरवर्ल्ड और राजनीति की दुनिया में बड़ा नाम बन जाता है। यह सीरीज 17 अप्रैल को Amazon Prime Video पर दस्तक देगी।

    यूफोरिया सीजन 3 (Euphoria-3)
    यूफोरिया का यह सीजन 3 है। यह पॉप्युलर टीन ड्रामा सीरीज है। इसमें 5 साल का लीप दिखाया जाएगा। लीड एक्टर्स टीन से 20s में पहुंच जाएंगे। यह सीरीज 15 अप्रैल से Jio Hotstar पर आएगी।

    फेक प्रोफाइल सीज़न 3 (Fake Profile Season 3)
    15 अप्रैल को प्रीमियर होने वाला नया सीज़न फेक प्रोफाइल सीज़न 3 में झूठ, विश्वासघात और बदले की रोमांचक कहानी दिखाई जाएगी। जैसे-जैसे राज़ खुलते हैं, किरदारों को अपने कर्मों के परिणामों का सामना करना पड़ता है। इस शो में कैरोलिना मिरांडा और रोडोल्फो सालास मुख्य भूमिका में हैं। ये Netflix पर आएगी।

  • संघर्ष से सफलता तक: प्रफुल हिंगे की कहानी और हार्दिक पांड्या का खास मैसेज

    संघर्ष से सफलता तक: प्रफुल हिंगे की कहानी और हार्दिक पांड्या का खास मैसेज


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 21वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के युवा तेज गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे ने अपने डेब्यू से ही क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी। अपने पहले ही मैच में उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 34 रन देकर 4 विकेट हासिल किए, जिसमें पहले ही ओवर में 3 विकेट लेकर विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।

    पिता का वादा बना करियर की नींव
    प्रफुल्ल हिंगे की कहानी सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि संघर्ष और परिवार के सपोर्ट की मिसाल है। उन्होंने बताया कि जब वह छठी क्लास में थे, तब उन्होंने अपने पिता से क्रिकेट खेलने की इच्छा जताई थी। उस समय उनके पिता ने उन्हें तुरंत मैदान में उतारने के बजाय एक साल रुकने को कहा, लेकिन साथ ही उन्हें टेनिस बॉल से खेलने के लिए एक बैट दिलाया। यही छोटा सा कदम आगे चलकर उनके बड़े क्रिकेटर बनने की नींव बन गया।

    समर कैंप से शुरू हुआ असली सफर
    एक साल बाद उनके पिता ने उनका एडमिशन एक समर कैंप में कराया, जहां से उन्होंने क्रिकेट की बारीकियां सीखनी शुरू कीं। प्रफुल्ल ने बताया कि शुरुआत में उन्हें सीजन बॉल क्रिकेट की समझ नहीं थी, लेकिन मेहनत और लगन से उन्होंने खुद को धीरे-धीरे तैयार किया।
    पिता ने साफ कहा था कि पढ़ाई, स्कूल और क्रिकेट—तीनों को साथ संभालना होगा, और प्रफुल्ल ने यह चुनौती स्वीकार की।

    चोट और MRF अकादमी का कठिन दौर
    प्रफुल्ल के करियर में मुश्किल समय भी आया, जब MRF पेस अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान उनकी पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर की समस्या सामने आई। करीब 7–8 महीने का समय उनके लिए बेहद कठिन रहा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद उन्होंने अंडर-23 क्रिकेट में 25 से ज्यादा विकेट लेकर जोरदार वापसी की।

    ऑस्ट्रेलिया ट्रेनिंग और बड़े गेंदबाजों से सीख
    MRF अकादमी के जरिए उन्हें ऑस्ट्रेलिया में ट्रेनिंग का मौका मिला, जहां उन्होंने दिग्गज तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड और झाय रिचर्डसन से मुलाकात की। वहां उन्होंने फिटनेस, डाइट और मैच मैनेजमेंट को लेकर कई अहम बातें सीखीं।

    हार्दिक पांड्या से खास पल
    विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान हार्दिक पांड्या के खिलाफ गेंदबाजी करते समय प्रफुल्ल शुरुआत में घबराए हुए थे, लेकिन पहली गेंद के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ गया। हार्दिक ने भी उनकी गेंदबाजी की तारीफ करते हुए कहा था

    “बहुत बढ़िया गेंदबाजी।”
    यह बात उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।

     IPL में बड़ा सपना
    प्रफुल्ल हिंगे का कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ आईपीएल खेलना नहीं बल्कि अपनी टीम को चैंपियन बनाना है। इसके अलावा वह बेस्ट फील्डर बनने और सबसे शानदार कैच लेने का सपना भी देखते हैं।

  • एशिया के सबसे अमीर परिवारों की नई सूची जारी, अंबानी परिवार टॉप पर, AI बूम से बढ़ी दौलत

    एशिया के सबसे अमीर परिवारों की नई सूची जारी, अंबानी परिवार टॉप पर, AI बूम से बढ़ी दौलत


    नई दिल्ली। दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI के तेज़ विस्तार ने एशिया के सबसे बड़े कारोबारी परिवारों की संपत्ति में बड़ा इजाफा किया है। ब्लूमबर्ग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार 2026 में एशिया के टॉप 10 सबसे अमीर परिवारों की कुल नेटवर्थ में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसकी बड़ी वजह AI इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे डेटा सेंटर ऊर्जा चिप्स और कच्चे माल की बढ़ती मांग को माना जा रहा है। साथ ही हांगकांग के रियल एस्टेट सेक्टर में सुधार ने भी इन संपत्तियों को और मजबूती दी है।

    अंबानी परिवार सबसे आगे

    इस सूची में पहला स्थान एक बार फिर अंबानी परिवार के पास है जिनकी कुल संपत्ति लगभग 89.7 अरब डॉलर करीब 7.4 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ऊर्जा टेलीकॉम रिटेल और फाइनेंशियल सर्विसेज में लगातार विस्तार कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक परिवार ने अगले कुछ वर्षों में AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश की योजना भी बनाई है।

    क्वोक परिवार दूसरे स्थान पर

    दूसरे नंबर पर क्वोक परिवार है जिनकी संपत्ति करीब 50.2 अरब डॉलर है। इनका मुख्य कारोबार हांगकांग का रियल एस्टेट सेक्टर है जहां हाल के समय में सुधार देखने को मिला है।

    सैमसंग का ली परिवार तीसरे स्थान पर

    तीसरे स्थान पर ली परिवार है जिनकी संपत्ति लगभग 45.5 अरब डॉलर है। सेमीकंडक्टर और स्मार्टफोन इंडस्ट्री में सैमसंग की मजबूत पकड़ और AI व रोबोटिक्स में बढ़ता फोकस इनके विकास को आगे बढ़ा रहा है।

    चौथे स्थान पर चेरावनोन्त परिवार
    चेरावनोन्त परिवार की कुल संपत्ति 44.8 अरब डॉलर के आसपास है। इनका चारोएन पोकफैंड ग्रुप फूड रिटेल और टेलीकॉम सेक्टर में सक्रिय है और एशिया में तेजी से विस्तार कर रहा है।

    एल्युमीनियम से बढ़ी झांग परिवार की कमाई
    झांग परिवार की संपत्ति लगभग 44.7 अरब डॉलर है। इलेक्ट्रिक वाहनों और AI इंडस्ट्री में एल्युमीनियम की बढ़ती मांग से इनके बिजनेस को बड़ा फायदा मिला है।

    त्साई परिवार की स्थिर ग्रोथ
    त्साई परिवार लगभग 34.3 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ बैंकिंग और इंश्योरेंस सेक्टर से मजबूत आय बनाए हुए है।

    रेड बुल से चमका यूविदया परिवार

    यूविदया परिवार की संपत्ति करीब 32.9 अरब डॉलर है। रेड बुल ब्रांड ने उन्हें ग्लोबल स्तर पर मजबूत पहचान और लगातार मुनाफा दिया है।

    बैंकिंग सेक्टर में हार्टोनो परिवार
    हार्टोनो परिवार की संपत्ति लगभग 30.2 अरब डॉलर है और इंडोनेशिया के बैंकिंग सेक्टर में इनकी मजबूत पकड़ बनी हुई है।

    भारत के मिस्त्री और जिंदल परिवार भी सूची में

    भारत के मिस्त्री परिवार की संपत्ति करीब 29.5 अरब डॉलर और जिंदल परिवार की संपत्ति लगभग 29.4 अरब डॉलर आंकी गई है। दोनों परिवार क्रमशः इंफ्रास्ट्रक्चर स्टील एनर्जी और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं।

  • जीवनशैली, नींद और संतुलन को लेकर सद्गुरु और आलिया भट्ट के बीच हुई बातचीत ने लोगों को सोचने पर मजबूर किया, उठे कई गहरे सवाल

    जीवनशैली, नींद और संतुलन को लेकर सद्गुरु और आलिया भट्ट के बीच हुई बातचीत ने लोगों को सोचने पर मजबूर किया, उठे कई गहरे सवाल

    नई दिल्ली:   अभिनेत्री आलिया भट्ट और आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु के बीच हुई एक बातचीत इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बातचीत में नींद, जीवनशैली और जीवन के संतुलन जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, जहां आलिया भट्ट ने अपनी दैनिक दिनचर्या साझा की और सद्गुरु ने उस पर एक ऐसा सवाल उठाया जिसने माहौल को हल्का लेकिन विचारशील बना दिया।

    कार्यक्रम के दौरान आलिया भट्ट ने बताया कि उन्हें पर्याप्त नींद लेना बेहद पसंद है और वह सामान्यतः आठ से नौ घंटे तक आराम करती हैं। उन्होंने कहा कि नींद उनके लिए केवल शारीरिक आवश्यकता नहीं बल्कि मानसिक शांति और सुकून पाने का एक तरीका भी है। आलिया ने सहजता से यह भी स्वीकार किया कि आराम उनकी जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे उन्हें अगले दिन के लिए ऊर्जा मिलती है।

    इस पर सद्गुरु ने मुस्कुराते हुए एक ऐसा सवाल किया जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने पूछा कि यदि दिन का इतना बड़ा हिस्सा सोने में ही निकल जाएगा तो फिर जीवन जीने का समय कब मिलेगा। उनका यह सवाल पहले तो हल्के मजाक के रूप में लिया गया, लेकिन धीरे धीरे इसने गहरी सोच को जन्म दे दिया।

    सद्गुरु ने आगे जीवनशैली और ऊर्जा संतुलन पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग दिनभर की थकान और तनाव के कारण अधिक नींद की ओर आकर्षित होते हैं, जबकि असली समस्या शरीर और मन के असंतुलन में होती है। उनके अनुसार यदि व्यक्ति अपने भीतर संतुलन बना ले तो उसे लंबे समय तक सोने की आवश्यकता कम हो सकती है और वह अधिक सक्रिय जीवन जी सकता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि जीवन का उद्देश्य केवल आराम करना नहीं बल्कि हर क्षण को पूरी तरह से अनुभव करना है। उनके अनुसार जागरूकता के साथ जीया गया जीवन अधिक अर्थपूर्ण होता है और व्यक्ति अपनी ऊर्जा का बेहतर उपयोग कर सकता है। यह दृष्टिकोण आधुनिक जीवनशैली में संतुलन की आवश्यकता को उजागर करता है, जहां लोग व्यस्तता और थकान के बीच अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना भूल जाते हैं।

    बातचीत के दौरान जब पारिवारिक जीवन का जिक्र आया तो सद्गुरु ने बच्चों से सीखने की बात कही। उन्होंने कहा कि बच्चे जीवन को बिना किसी बोझ के जीते हैं और उनकी सरलता वयस्कों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख हो सकती है। उनके अनुसार माता पिता को बच्चों को केवल सिखाना ही नहीं बल्कि उनसे सीखने की कोशिश भी करनी चाहिए क्योंकि वे जीवन को बहुत स्वाभाविक तरीके से समझते हैं।

    इस बातचीत का एक हल्का और मनोरंजक क्षण तब आया जब सद्गुरु ने मजाकिया अंदाज में अपनी भावनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें भी कभी कभी अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करने का मन होता है। इस पर माहौल हल्का हो गया और बातचीत में एक मानवीय और सरल पक्ष सामने आया।

    यह पूरा संवाद केवल एक सामान्य बातचीत नहीं रह गया बल्कि जीवनशैली, संतुलन और सोच के नजरिए पर एक गहरी चर्चा में बदल गया, जिसे लोग अपने अपने तरीके से समझ और साझा कर रहे हैं।

  • नीतीश युग का अंत, ‘सम्राट युग’ की शुरुआत, बिहार में नई सरकार के सामने ये हैं बड़ी चुनौतियां

    नीतीश युग का अंत, ‘सम्राट युग’ की शुरुआत, बिहार में नई सरकार के सामने ये हैं बड़ी चुनौतियां


    पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दो दशक से मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने पद से इस्तीफा दे दिया है और मंत्रिमंडल भंग होने के बाद राज्य में नए राजनीतिक युग की शुरुआत हो गई है। एनडीए विधायक दल ने सम्राट चौधरी को अपना नेता चुन लिया है, जिसके बाद अब उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ माना जा रहा है।

    बिहार में सम्राट युग की शुरुआत
    नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल के बाद अब बिहार में पहली बार बीजेपी से मुख्यमंत्री बनने की संभावना है। नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रशासनिक ढांचे को संभालने और विकास की रफ्तार को बनाए रखने की होगी। इसके अलावा राज्य में भ्रष्टाचार और अफसरशाही को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। रेड टेप कल्चर के कारण कई सरकारी योजनाएं जमीन पर सही ढंग से लागू नहीं हो पातीं, जिससे जनता तक योजनाओं का पूरा लाभ नहीं पहुंच पाता।

    बेरोजगारी और पलायन पर फोकस जरूरी

    बिहार में बेरोजगारी और पलायन हमेशा से बड़ा मुद्दा रहा है। युवाओं का लगातार अन्य राज्यों की ओर जाना सरकार के लिए गंभीर चुनौती है। पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दे भी राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रहे हैं।

    शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि ढांचा कमजोर
    राज्य में उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और कृषि व सिंचाई ढांचे की कमजोर स्थिति विकास में बाधा बनती रही है।

    शराबबंदी पर भी चर्चा तेज
    बिहार में लागू शराबबंदी नीति एक बार फिर चर्चा में है। कुछ एनडीए नेताओं द्वारा इस पर पुनर्विचार की मांग भी उठती रही है। हालांकि इस फैसले के सामाजिक और राजनीतिक असर को लेकर मतभेद बने हुए हैं।

    नीतीश से अलग पहचान बनाने की चुनौती

    नई सरकार के सामने एक बड़ी राजनीतिक चुनौती पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि और कार्यशैली से अलग पहचान बनाना भी होगी। नीतीश कुमार की सुशासन बाबू की छवि ने लंबे समय तक जनता को प्रभावित किया है। ऐसे में नई सरकार को ऐसी नीतियां और योजनाएं लानी होंगी, जो सीधे जनता, खासकर महिलाओं और युवाओं के जीवन में बदलाव ला सकें।

    कुल मिलाकर बिहार अब एक नए राजनीतिक चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां नेतृत्व परिवर्तन के साथ उम्मीदें भी बढ़ी हैं और चुनौतियां भी। नई सरकार के प्रदर्शन पर ही आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक दिशा तय होगी।

  • राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त नियम लागू, सरकार ने बदला शुल्क ढांचा

    राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त नियम लागू, सरकार ने बदला शुल्क ढांचा

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरलोडेड वाहनों के संचालन को नियंत्रित करने और सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए शुल्क संबंधी नियमों में बड़ा संशोधन किया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी नए प्रावधानों के तहत अब ओवरलोडिंग की मात्रा के आधार पर शुल्क तय किया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है, बल्कि हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को होने वाले नुकसान को भी कम करना है। नए नियम 15 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू होंगे।

    संशोधित व्यवस्था के अनुसार यदि कोई वाहन निर्धारित वजन सीमा से अधिक लेकिन दस प्रतिशत तक अतिरिक्त भार लेकर चलता है, तो उस पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेकिन यदि ओवरलोडिंग दस प्रतिशत से अधिक और चालीस प्रतिशत तक पाई जाती है, तो वाहन मालिक को बेस रेट का दोगुना शुल्क देना होगा। वहीं चालीस प्रतिशत से अधिक ओवरलोड वाले वाहनों पर चार गुना शुल्क लागू किया जाएगा, जिससे अत्यधिक लोडिंग पर सख्त रोक लगाई जा सके।

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि ओवरलोडिंग की जांच टोल प्लाजा पर लगाए गए प्रमाणित और आधुनिक वजन मापने वाले उपकरणों से की जाएगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी तरह की माप में गड़बड़ी की संभावना कम होगी। जिन टोल प्लाजा पर वजन मापने की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, वहां ओवरलोड शुल्क लागू नहीं किया जाएगा, जिससे तकनीकी ढांचे के विस्तार को भी बढ़ावा मिलेगा।

    नए नियमों के तहत ओवरलोड शुल्क का भुगतान केवल फास्टैग प्रणाली के माध्यम से ही किया जाएगा। इससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा और पूरी प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी बनेगी। इसके अलावा ऐसे सभी वाहनों का रिकॉर्ड राष्ट्रीय वाहन रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा, जिससे निगरानी व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके। बिना वैध फास्टैग के हाईवे पर प्रवेश करने वाले वाहनों के खिलाफ मौजूदा नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ निजी निवेश आधारित परियोजनाओं पर यह नियम तत्काल लागू नहीं होंगे, जब तक संबंधित कंपनियां इन्हें अपनाने की सहमति नहीं देतीं। इससे सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया गया है।

    इसके साथ ही वेट इन मोशन तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है, जिसके तहत वाहनों का वजन चलते हुए ही मापा जा सकेगा। इससे टोल प्लाजा पर रुकावट कम होगी और ट्रैफिक प्रवाह भी सुचारू रहेगा। सरकार का मानना है कि इन नए नियमों से ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण होगा, सड़कें अधिक सुरक्षित होंगी और राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता और आयु में भी सुधार आएगा।