Author: bharati

  • बिहार की राजनीति में निर्णायक मोड़, नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सत्ता का पूरा गणित बदला,नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज,

    बिहार की राजनीति में निर्णायक मोड़, नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सत्ता का पूरा गणित बदला,नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज,

    नई दिल्ली:   बिहार की राजनीति में हाल ही में हुए बड़े घटनाक्रम के बाद सम्राट चौधरी को भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। इस निर्णय के साथ ही राज्य में नई राजनीतिक दिशा और संभावित सत्ता परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के भीतर सर्वसम्मति से लिए गए इस फैसले ने बिहार की सियासत में एक महत्वपूर्ण मोड़ पैदा कर दिया है और आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति को लेकर भी नई संभावनाएं खुल गई हैं।

    विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह पिछले लगभग तीस वर्षों से लगातार संगठन और जनसेवा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए केवल एक पद नहीं बल्कि जनता की सेवा करने का अवसर है, जिसे वह पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका संकल्प बिहार के विकास को गति देना और लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना है।

    उन्होंने अपने बयान में कहा कि राजनीतिक जीवन में जिम्मेदारियां बदलती रहती हैं, लेकिन उनका उद्देश्य हमेशा बिहार के हित में काम करना रहा है और आगे भी वे इसी दिशा में निरंतर कार्य करते रहेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी नेतृत्व ने जो भरोसा उन पर जताया है, उस पर वह पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे और जनता के विश्वास को मजबूत बनाए रखेंगे।

    बैठक के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की उपस्थिति में यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। इस दौरान राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक रणनीति और भविष्य की दिशा को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद लिए गए फैसले की औपचारिक घोषणा के साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया।

    सम्राट चौधरी ने कहा कि वे केंद्र और राज्य नेतृत्व के मार्गदर्शन में बिहार को विकास, सुशासन और समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार बनने की स्थिति में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

    इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा और तेज हो गई है कि बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नए नेतृत्व के सामने विकास, रोजगार, कानून व्यवस्था और सामाजिक संतुलन जैसी कई महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी, जिनसे निपटने की दिशा में रणनीति तय की जाएगी।

    समर्थकों और कार्यकर्ताओं में इस निर्णय के बाद उत्साह का माहौल है और पार्टी के भीतर नई ऊर्जा का संचार देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है।

  • सनस्क्रीन से लेकर आयुर्वेद तक: बदल रहे हैं भारत के स्किन केयर ट्रेंड्स

    सनस्क्रीन से लेकर आयुर्वेद तक: बदल रहे हैं भारत के स्किन केयर ट्रेंड्स


    नई दिल्ली। आजकल स्किन केयर सिर्फ खूबसूरती तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह हेल्थ और लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा बन चुका है। भारत में बदलते मौसम, प्रदूषण और स्ट्रेस के कारण स्किन प्रॉब्लम्स तेजी से बढ़ रही हैं, जिसके चलते स्किन केयर इंडस्ट्री में नए ट्रेंड सामने आ रहे हैं।

    1. सनस्क्रीन का इस्तेमाल अब “डेली रूटीन” बना

    डर्मेटोलॉजिस्ट लगातार सलाह दे रहे हैं कि सनस्क्रीन अब सिर्फ गर्मियों के लिए नहीं, बल्कि रोजाना जरूरी है।
    UV किरणों से बचाव के लिए SPF 30 से 50 तक की सनस्क्रीन ज्यादा इस्तेमाल हो रही है।

    2. “Skin Barrier Repair” प्रोडक्ट्स की बढ़ती डिमांड

    आजकल लोग harsh केमिकल्स की बजाय ऐसे प्रोडक्ट्स पसंद कर रहे हैं जो स्किन की natural barrier को ठीक करें।
    Ceramide, Hyaluronic Acid और Niacinamide वाले प्रोडक्ट्स की बिक्री तेजी से बढ़ी है।

    3. नेचुरल और आयुर्वेदिक स्किन केयर की वापसी

    हल्दी, एलोवेरा, चंदन और नीम आधारित प्रोडक्ट्स फिर से ट्रेंड में हैं।
    लोग केमिकल-फ्री और ऑर्गेनिक स्किन केयर को ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं।

    4. “Glass Skin” और “Hydrated Glow” ट्रेंड

    कोरियन ब्यूटी ट्रेंड्स का असर भारत में भी दिख रहा है।
    लोग अब matte लुक से ज्यादा चमकदार और हाइड्रेटेड स्किन पसंद कर रहे हैं।

    5. Dermatologist-led skincare का चलन बढ़ा

    अब लोग सोशल मीडिया टिप्स की बजाय डॉक्टर-प्रमाणित स्किन केयर रूटीन को फॉलो कर रहे हैं।
    Retinol, Vitamin C serum और chemical exfoliation को लेकर जागरूकता बढ़ी है।

    6. गलत स्किन केयर से नुकसान के मामले भी बढ़े

    बिना सलाह के स्टेरॉइड क्रीम, फेयरनेस क्रीम और हार्श केमिकल्स के उपयोग से स्किन डैमेज के केस बढ़ रहे हैं। डॉक्टर चेतावनी दे रहे हैं कि गलत प्रोडक्ट से स्थायी नुकसान हो सकता है।

  • मऊगंज में दर्दनाक सड़क हादसा, खड़े ट्रेलर ट्रक से टकराईं दो बाइक, 3 युवकों की मौत, 2 गंभीर घायल

    मऊगंज में दर्दनाक सड़क हादसा, खड़े ट्रेलर ट्रक से टकराईं दो बाइक, 3 युवकों की मौत, 2 गंभीर घायल


    मऊगंज। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा लौर थाना क्षेत्र के पन्नी-पथरिया नेशनल हाईवे पर हुआ, जहां दो तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर ट्रक से जा टकराईं।

    पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 11 बजे तीन युवक पल्सर बाइक से हाईवे पर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि वे तेज गति में बाइक चलाने के साथ-साथ मोबाइल पर रील भी बना रहे थे। इसी दौरान उनका ध्यान भटक गया और बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

    पहली दुर्घटना के तुरंत बाद पीछे से आ रही एक अन्य टीवीएस अपाचे बाइक भी हादसे का शिकार हो गई। दूसरी बाइक का चालक अचानक स्थिति को संभाल नहीं पाया और वह भी उसी ट्रेलर से टकरा गया। इस दूसरी टक्कर में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को तत्काल मऊगंज के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    थाना प्रभारी रीना सिंह ने बताया कि हादसे में तीन युवकों की मौत हुई है, जिनकी पहचान बेला गांव निवासी उपलक्ष्य कोल (17), अमरीश कोल (22) और हेमराज कोल (17) के रूप में हुई है। वहीं चितई पुरवा पिपरा निवासी प्रशांत द्विवेदी (19) और प्रदीप द्विवेदी (17) गंभीर रूप से घायल हैं।

    पुलिस को मृतकों के पास से एक गन लाइटर भी मिला है। फिलहाल ट्रेलर ट्रक को जब्त कर लिया गया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

  • बालों की हर समस्या का समाधान? कॉफी से मिल सकता है नेचुरल हेयर केयर

    बालों की हर समस्या का समाधान? कॉफी से मिल सकता है नेचुरल हेयर केयर


    नई दिल्ली। आज के समय में बाल झड़ना और काफी ज्यादा डैंड्रफ होना आम बात बन गया है।आजकल प्रदूषण और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बालों का झड़ना, डैंड्रफ और रूखापन एक आम समस्या बन गई है। हम अक्सर महंगे पार्लर ट्रीटमेंट पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन नतीजा हमेशा अच्छा नहीं आता है इसलिए हम आपके लिए ऐसा ट्रिक लेकर आए हैं जिससे आप अपने बाल को काफी सुंदर और डैंड्रफ फ्री बन सकती हैं।

    कॉफी दिखाएगा का कमाल
    हमारे किचन में रखा हुआ काफी हम पीने के लिए उपयोग करते हैं लेकिन हमें इसके बारे में बिल्कुल नहीं पता कि इसे हमारे बाल भी काफी अच्छे हो सकते हैं। आपको बता दें, कॉफी हेयर मास्क का इस्तेमाल कर आप मात्र 2 हफ्ते में रेशमी, चमकदार और डैंड्रफ मुक्त बाल पा सकते हैं।

    कॉफी के बड़े फायदे
    कॉफी में मौजूद कैफीन बालों की जड़ों को मजबूत करने में मदद करता है, जिससे हेयर ग्रोथ बढ़ती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स स्कैल्प को डिटॉक्स करते हैं और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार लाते हैं। कॉफी बालों के क्यूटिकल्स को स्मूथ बनाती है, जिससे बाल सिल्की नजर आते हैं।

    सिल्की बालों के लिए लगे काफी दही और शहद
    शहद नमी को लॉक करता है और दही बालों को गहराई से कंडीशन करता है। आप 2 चम्मच कॉफी पाउडर, 1 चम्मच शहद, 2 चम्मच ताजा दही लें। तीनों चीजों को मिलाकर एक चिकना पेस्ट बना लें। इसके बाद इसे आप अपने बालों पर पेस्ट की तरह लगे थोड़ी देर रुकने के बाद इसे धूल दे आपकी बाल काफी मुलायम हो जायेगे और साइन करने लगेंगे।

    डैंड्रफ के लिए नींबू कॉफ़ी और तेल
    नींबू डैंड्रफ खत्म करता है और नारियल तेल स्कैल्प को पोषण देता है। आप 2 चम्मच कॉफी पाउडर, 1 चम्मच नारियल तेल, कुछ बूंदें नींबू का रस लें। आप इसे मिलाकर हल्का गुनगुना कर लें ताकि यह स्कैल्प में अच्छे से समा जाए।मास्क लगाने से पहले बालों को अच्छे से कंघी कर लें ताकि कोई गांठ न रहे। ब्रश या उंगलियों की मदद से मास्क को स्कैल्प से लेकर बालों की पूरी लंबाई तक लगाएं।हल्के हाथों से 5 मिनट तक स्कैल्प की मसाज करें। इससे कैफीन जड़ों के अंदर तक जाएगा।मास्क को 30 से 45 मिनट तक लगा रहने दें। अगर आप ऐसा दो हफ्तों में तीन-चार बार करेंगी तो आपके बाल काफी अच्छे और घने बन जाएंगे

  • राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अंबेडकर जयंती पर दी श्रद्धांजलि लोकभवन में हुआ कार्यक्रम

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अंबेडकर जयंती पर दी श्रद्धांजलि लोकभवन में हुआ कार्यक्रम

    भोपाल । भोपाल में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर श्रद्धा और सम्मान का वातावरण देखने को मिला। इस मौके पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर बाबा साहेब को नमन किया।

    कार्यक्रम का आयोजन भोपाल स्थित लोकभवन के बैंक्वेट हॉल में किया गया जहां राज्यपाल ने डॉ. अंबेडकर के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने संविधान निर्माता के रूप में बाबा साहेब के अतुलनीय योगदान को याद किया और उनके विचारों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

    इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लोकभवन के अधिकारी और कर्मचारियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया और बाबा साहेब को आदरांजलि अर्पित की।

    समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने डॉ. अंबेडकर के विचारों और उनके द्वारा स्थापित मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब ने भारतीय समाज को समानता न्याय और अधिकारों का जो संदेश दिया वह आज भी प्रासंगिक है और देश के विकास का मार्गदर्शन करता है।

    यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक चेतना और समता के संदेश को दोहराने का अवसर भी बना। बाबा साहेब के जीवन और संघर्ष को याद करते हुए लोगों ने उनके आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    इस प्रकार भोपाल के लोकभवन में आयोजित यह कार्यक्रम अंबेडकर जयंती के अवसर पर श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक बनकर उभरा जहां संविधान निर्माता को पूरे आदर भाव के साथ याद किया गया।

  • नीतीश कुमार के करीबी को मिल सकती है नई सरकार में अहम जिम्मेदारी..

    नीतीश कुमार के करीबी को मिल सकती है नई सरकार में अहम जिम्मेदारी..

    नई दिल्ली:   बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सत्ता समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। इस राजनीतिक हलचल के बीच नई सरकार के गठन की कवायद तेज हो गई है और संभावित मंत्रिमंडल को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इसी क्रम में जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता और अनुभवी विधायक विजय कुमार चौधरी का नाम उपमुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों में प्रमुखता से सामने आ रहा है।

    नीतीश कुमार के साथ लंबे समय से काम कर रहे विजय कुमार चौधरी बिहार की राजनीति में एक भरोसेमंद और अनुभवी चेहरे के रूप में पहचाने जाते हैं। प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक समझ के कारण उन्हें पार्टी के भीतर एक मजबूत रणनीतिक नेता माना जाता है। मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में उनके नाम पर चर्चा यह संकेत दे रही है कि नई सरकार में अनुभव और संतुलन को प्राथमिकता दी जा सकती है।

    विजय कुमार चौधरी का जन्म बिहार के समस्तीपुर जिले में हुआ था और उन्होंने शिक्षा पूरी करने के बाद कुछ समय तक बैंकिंग क्षेत्र में भी कार्य किया, लेकिन बाद में उन्होंने पूरी तरह राजनीति को अपना करियर बना लिया। वे लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं और कई बार विधानसभा चुनाव जीतकर जनता के बीच अपनी मजबूत पकड़ साबित कर चुके हैं।

    अपने राजनीतिक सफर में उन्होंने राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली है, जिनमें वित्त, जल संसाधन, शिक्षा, ग्रामीण विकास और संसदीय कार्य जैसे अहम मंत्रालय शामिल रहे हैं। इसके अलावा वे बिहार विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, जहां उन्होंने सदन की कार्यवाही को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में काम किया।

    जातिगत चर्चा के बीच यह भी स्पष्ट है कि बिहार की राजनीति में उपनाम और सामाजिक पहचान अलग-अलग संदर्भों में देखी जाती है, लेकिन विजय कुमार चौधरी की राजनीतिक पहचान मुख्य रूप से उनके प्रशासनिक कौशल और लंबे अनुभव पर आधारित रही है। वे नीतीश कुमार के करीबी सहयोगियों में गिने जाते हैं और सरकार के निर्णयों में उनकी भूमिका अक्सर महत्वपूर्ण रही है।

    वर्तमान समय में जब एनडीए सरकार के गठन को लेकर मंथन चल रहा है, तब विजय कुमार चौधरी का नाम उपमुख्यमंत्री पद के लिए उभरकर सामने आना यह दर्शाता है कि संगठन अनुभवी और स्थिर नेतृत्व को प्राथमिकता दे सकता है। उनकी छवि एक शांत, संतुलित और प्रशासनिक रूप से दक्ष नेता की रही है, जो सरकार की नीतियों को सुचारू रूप से लागू करने में सक्षम माने जाते हैं।

    बिहार की बदलती राजनीतिक तस्वीर में अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नई सरकार में किन नेताओं को अहम जिम्मेदारी मिलती है और क्या विजय कुमार चौधरी को उपमुख्यमंत्री के रूप में बड़ी भूमिका सौंपी जाती है या नहीं, इसका आधिकारिक फैसला आने वाले समय में राजनीतिक दिशा को और स्पष्ट करेगा।

  • होर्मुज तनाव के बीच कूटनीतिक हलचल ,जयशंकर की इजरायल ऑस्ट्रेलिया से चर्चा

    होर्मुज तनाव के बीच कूटनीतिक हलचल ,जयशंकर की इजरायल ऑस्ट्रेलिया से चर्चा


    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है। इस क्रम में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गिदोन सार और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग से फोन पर अहम बातचीत की।

    विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि इजरायल के विदेश मंत्री के साथ पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इस बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा, तनाव के कारण और संभावित समाधान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया।

    वहीं इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी इस बातचीत की पुष्टि करते हुए कहा कि भारत के साथ उनकी चर्चा सकारात्मक रही। उन्होंने बताया कि बातचीत में ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य और लेबनान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा की गई। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सहयोग और स्थिरता की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

    इसी कड़ी में जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग से भी पश्चिम एशिया संकट को लेकर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सहयोग और संवाद को जरूरी बताया।

    दरअसल, हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी का ऐलान किए जाने के बाद स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है। अमेरिका के इस कदम को वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम के अनुसार नाकेबंदी लागू कर दी गई है और इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है। इस दौरान ईरान के बंदरगाहों से आने जाने वाले जहाजों पर विशेष नजर रखी जा रही है जबकि अन्य देशों के लिए जा रहे जहाजों को कुछ छूट दी गई है।

    इस सैन्य अभियान में अमेरिकी नौसेना का अत्याधुनिक युद्धपोत यूएसएस ट्रिपोली भी तैनात किया गया है जहां से एफ 35बी लाइटनिंग स्टील्थ फाइटर जेट और अन्य विमान लगातार निगरानी और संचालन में जुटे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है और यहां किसी भी प्रकार का तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में भारत की यह कूटनीतिक पहल न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

  • महू में अंबेडकर जयंती पर बवाल श्रद्धालुओं से धक्का मुक्की पुलिस के रवैये पर उठे सवाल

    महू में अंबेडकर जयंती पर बवाल श्रद्धालुओं से धक्का मुक्की पुलिस के रवैये पर उठे सवाल

    इंदौर । मध्यप्रदेश के महू में अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया जब श्रद्धा और उत्साह के बीच पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे। डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की जन्मस्थली पर देशभर से हजारों अनुयायी पहुंचे थे और पूरे क्षेत्र में आस्था का माहौल बना हुआ था।

    सुबह से ही लोग अपने परिवारों के साथ बाबा साहेब को नमन करने और इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए वहां एकत्रित हो रहे थे। कई श्रद्धालु जन्मस्थली परिसर में फोटो और वीडियो के जरिए इस पल को सहेज रहे थे। इसी दौरान आरोप है कि वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने अचानक लोगों को हटाना शुरू कर दिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों और श्रद्धालुओं का कहना है कि बिना किसी स्पष्ट सूचना के पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लोगों को पीछे हटने के लिए मजबूर किया। इस दौरान कई लोगों के साथ धक्का मुक्की भी हुई जिससे माहौल बिगड़ गया और मौके पर अफरा तफरी मच गई। दूर दराज से आए अनुयायियों ने इस व्यवहार का विरोध किया और नाराजगी खुलकर सामने आई।

    देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और लोगों ने मौके पर ही नारेबाजी शुरू कर दी। श्रद्धालुओं का आरोप था कि उन्हें सम्मान के साथ श्रद्धांजलि देने का मौका नहीं दिया जा रहा है और उनके साथ अनावश्यक सख्ती बरती जा रही है।

    सूत्रों के अनुसार यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया जब मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जा रहा था। वीआईपी मूवमेंट के मद्देनजर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए लेकिन यह सख्ती कई लोगों को नागवार गुजरी।

    इस घटना ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर आम श्रद्धालुओं की भावनाओं और गरिमा को नजरअंदाज किया जा सकता है। आस्था के इस बड़े आयोजन में बेहतर भीड़ प्रबंधन और संवेदनशील व्यवहार की अपेक्षा की जाती है ताकि किसी भी तरह का विवाद पैदा न हो।

    फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों की मांग है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में बेहतर व्यवस्था और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए ताकि श्रद्धा और सम्मान का माहौल बना रहे।

  • वंदना कटारिया: ओलंपिक में हैट्रिक लगाने वाली इकलौती भारतीय खिलाड़ी

    वंदना कटारिया: ओलंपिक में हैट्रिक लगाने वाली इकलौती भारतीय खिलाड़ी


    नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी की स्टार खिलाड़ी वंदना कटारिया का नाम देश के खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। 15 अप्रैल 1992 को रोशनाबाद (उत्तराखंड) में जन्मी वंदना ने फॉरवर्ड पोजीशन पर खेलते हुए भारतीय टीम को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई और महिला हॉकी को नई पहचान दी।
    शुरुआती करियर और पहचान
    वंदना कटारिया को साल 2006 में भारतीय जूनियर टीम में जगह मिली और 2009 में उन्होंने सीनियर टीम में कदम रखा। 2013 जूनियर वर्ल्ड कप में वे भारत की टॉप स्कोरर रहीं, जहां टीम ने कांस्य पदक जीता। इसी प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
    एशियाई खेल और अंतरराष्ट्रीय सफलता
    2014 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का वह अहम हिस्सा थीं। इसी साल उन्हें हॉकी इंडिया की ‘प्लेयर ऑफ द ईयर’ भी चुना गया। 2014-15 में एफआईएच हॉकी वर्ल्ड लीग में उन्होंने 11 गोल कर टूर्नामेंट की टॉप स्कोरर बनने का रिकॉर्ड बनाया।

    ओलंपिक में ऐतिहासिक हैट्रिक
    वंदना कटारिया ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रच दिया, जब वह ओलंपिक हॉकी में हैट्रिक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। इस उपलब्धि ने उन्हें दुनिया भर में पहचान दिलाई और भारतीय महिला हॉकी को नई ऊंचाई पर पहुंचाया।
    सम्मान और उपलब्धियां
    वंदना को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए कई बड़े सम्मान मिले, जिनमें अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री शामिल हैं। 2022 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया, वहीं उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की ब्रांड एंबेसडर बनकर समाजिक स्तर पर भी योगदान दिया।
    शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर
    अपने करियर में वंदना कटारिया ने 320 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 158 गोल दागे। उनकी आक्रामक खेल शैली और लगातार गोल करने की क्षमता ने उन्हें भारतीय हॉकी की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल किया।
    संन्यास और विरासत
    1 अप्रैल 2025 को वंदना कटारिया ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास की घोषणा की। हालांकि मैदान से दूर होने के बावजूद उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी।

  • सब जूनियर मेन्स हॉकी में यूपी की जीत, कप्तान केतन कुशवाहा की कप्तानी रही खास

    सब जूनियर मेन्स हॉकी में यूपी की जीत, कप्तान केतन कुशवाहा की कप्तानी रही खास


    नई दिल्ली। सब-जूनियर मेन्स नेशनल हॉकी चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। फाइनल में यूपी ने हॉकी मध्य प्रदेश को 5-2 से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। पूरी चैंपियनशिप में टीम अपराजेय रही और हर मैच में दमदार खेल दिखाया।
    “खुली बातचीत और भरोसा ही जीत की कुंजी”
    टीम के कप्तान केतन कुशवाहा ने जीत का राज बताते हुए कहा कि टीम के अंदर खुली बातचीत और एक-दूसरे पर भरोसा ही सबसे बड़ी ताकत रही। उन्होंने बताया कि हर खिलाड़ी अपनी गलतियों पर चर्चा करता था और उन्हें सुधारने की कोशिश करता था, जिससे टीम लगातार बेहतर होती गई।
    शुरुआती गोल से मिला आत्मविश्वास
    केतन कुशवाहा ने कहा कि फाइनल में शुरुआती गोल ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ा दिया। इसके बाद टीम ने पूरे मैच में दबाव बनाए रखा और विपक्षी टीम को वापसी का मौका नहीं दिया।
    कोच और सिस्टम की बड़ी भूमिका
    उत्तर प्रदेश हॉकी के अध्यक्ष डॉ. आरपी सिंह ने इस जीत को राज्य की मजबूत हॉकी प्रणाली का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों को समय रहते पहचानकर उन्हें सही कोचिंग और माहौल देना इस सफलता की असली वजह है। कोच रजनीश मिश्रा के योगदान की भी उन्होंने सराहना की।
     लगातार बेहतर हो रहा यूपी हॉकी का प्रदर्शन
    यूपी हॉकी ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। 2021 से अब तक राज्य की टीमों ने विभिन्न कैटेगरी में 13 पदक जीते हैं, जिनमें 5 गोल्ड शामिल हैं। यह दिखाता है कि राज्य में हॉकी का मजबूत आधार तैयार हो रहा है।