Author: bharati

  • अप्रैल में बढ़ी गर्मी: ग्वालियर में 36 डिग्री के पार तापमान, आगे और चढ़ेगा पारा

    अप्रैल में बढ़ी गर्मी: ग्वालियर में 36 डिग्री के पार तापमान, आगे और चढ़ेगा पारा


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मौसम ने करवट ले ली है। अप्रैल की शुरुआत में हुई बारिश और ओलावृष्टि से मिली राहत अब खत्म हो चुकी है और गर्मी ने दोबारा जोर पकड़ लिया है। रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो करीब आठ दिन बाद 36 डिग्री के पार पहुंचा। वहीं सोमवार को न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    पश्चिमी हवाओं का असर, तेजी से बढ़ेगा तापमान

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले दिनों सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और नमी के कारण तापमान में गिरावट आई थी, लेकिन अब इसका असर खत्म हो गया है। वर्तमान में पश्चिमी हवाएं सक्रिय हैं, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में गर्मी और ज्यादा तीखी हो सकती है।

    अगले 24 घंटे में 2-3 डिग्री तक उछाल

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। दिन के समय गर्म हवाएं चलने का अनुमान है, जबकि रात का तापमान भी धीरे-धीरे 20 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। इससे लोगों को दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी का अहसास होने लगेगा।

    अप्रैल में ग्वालियर का गर्मी ट्रेंड सबसे अलग

    ग्वालियर में अप्रैल महीने की गर्मी का ट्रेंड अन्य शहरों की तुलना में ज्यादा तीव्र रहता है। पिछले 10 वर्षों में यहां तापमान कई बार 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। ऐतिहासिक रूप से 28 अप्रैल 1958 को यहां 46.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था, जो अब तक का रिकॉर्ड है। हालांकि इस महीने में कभी-कभी बारिश भी होती है, जिससे अस्थायी राहत मिलती है।

    गर्मी से बचाव के लिए सावधानी जरूरी

    बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने और शरीर को हाइड्रेट रखने की जरूरत बताई गई है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

  • ग्वालियर हादसा: घर में आग से ट्रैक्टर, स्कॉर्पियो, बाइक-स्कूटी जलीं; बोरिंग पंप से बुझाई गई आग

    ग्वालियर हादसा: घर में आग से ट्रैक्टर, स्कॉर्पियो, बाइक-स्कूटी जलीं; बोरिंग पंप से बुझाई गई आग


    ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर के मुरार इलाके में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात एक मकान में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना मुरार उपनगर में संकल्प हॉस्पिटल के पास प्रेमशंकर नारायण के बाड़े की है, जहां रात करीब 2:30 बजे अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के मकानों तक लपटें पहुंच गईं और लोग दहशत में घर छोड़कर बाहर निकल आए।

    एक घंटे की मशक्कत के बाद काबू, रहवासियों ने खुद संभाली स्थिति

    मकान मालिक बल्ली कांदिल के अनुसार, घर के सामने निर्माण कार्य चल रहा था, जबकि पीछे परिवार रह रहा था। देर रात पड़ोसियों ने आग लगने की सूचना दी, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। फायर ब्रिगेड के समय पर न पहुंचने के कारण स्थानीय लोगों ने खुद मोर्चा संभाला। बोरिंग पंप चालू कर पाइप से पानी डाला गया और आसपास के घरों से भी पानी लाकर आग बुझाने की कोशिश की गई। करीब एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

    ट्रैक्टर-स्कॉर्पियो समेत कई वाहन जलकर खाक

    इस भीषण आग में एक ट्रैक्टर, एक स्कॉर्पियो कार, तीन बाइक और एक स्कूटी पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग से लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। आसपास के घरों की दीवारें भी आग की चपेट में आकर झुलस गईं।

    दमकल पर लापरवाही के आरोप

    मकान मालिक ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड समय पर मौके पर नहीं पहुंची। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दमकल समय पर पहुंच जाती तो नुकसान कम हो सकता था।

    स्पार्किंग से लगी आग की आशंका

    घटना स्थल पर बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण शॉर्ट सर्किट की संभावना से इनकार किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में वाहनों में स्पार्किंग या पेट्रोल-डीजल के कारण आग लगने की आशंका जताई गई है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।

    सिथौली फैक्ट्री में भी लगी आग, समय रहते पाया काबू

    इसी बीच सिथौली औद्योगिक क्षेत्र स्थित रेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में भी रविवार रात कोयले के ढेर में आग लग गई। हालांकि कर्मचारियों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए 10-15 मिनट में आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बाद में दमकल टीम ने पहुंचकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित किया।

  • पुलिस विभाग में हड़कंप मचाने वाला टीआई पर दुष्कर्म का सनसनीखेज आरोप…

    पुलिस विभाग में हड़कंप मचाने वाला टीआई पर दुष्कर्म का सनसनीखेज आरोप…

    ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में पुलिस महकमे को झकझोर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक पुलिस प्रशिक्षण संस्थान से जुड़े टीआई पर विधवा महिला के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाले विभाग पर भी सवाल उठने लगे हैं। पीड़िता की शिकायत के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    जानकारी के अनुसार 38 वर्षीय विधवा महिला, जो बुटीक संचालन का कार्य करती है, की पहचान लगभग दो वर्ष पहले सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपी से हुई थी। बातचीत की शुरुआत सामान्य परिचय के रूप में हुई थी, लेकिन धीरे धीरे आरोपी ने खुद को अविवाहित और कुंवारा बताकर महिला का विश्वास जीत लिया। इसी विश्वास का लाभ उठाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया गया है।

    पीड़िता का कहना है कि जब बाद में उसे यह जानकारी मिली कि आरोपी पहले से शादीशुदा है, तो उसके साथ धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इस सच्चाई के सामने आने के बाद महिला ने साहस दिखाते हुए पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर संबंधित टीआई के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

    यह घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र के हरिशंकर पुरम इलाके की बताई जा रही है। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है और लोग पुलिस विभाग से निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। घटना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आरोपी अधिकारी की भूमिका की भी विस्तृत जांच की जा रही है।

  • MP में नया कानून: अब गांवों में भी बनेंगी कॉलोनियां, 15% मकान गरीबों के लिए रिजर्व

    MP में नया कानून: अब गांवों में भी बनेंगी कॉलोनियां, 15% मकान गरीबों के लिए रिजर्व


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही मप्र कॉलोनी एक्ट 2026 लागू करने जा रही है, जिसका मकसद शहरों के बढ़ते दबाव को कम करते हुए गांवों में भी व्यवस्थित कॉलोनियों का विकास करना है। इस प्रस्तावित कानून के तहत अब शहरों से सटे ग्रामीण इलाकों में भी कॉलोनी बनाने के लिए सख्त नियम लागू होंगे। सरकार का दावा है कि इससे अवैध कॉलोनियों पर रोक लगेगी और लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी।

    अवैध कॉलोनी पर कड़ा प्रहार, अफसर भी नहीं बचेंगे

    नए कानून में अवैध कॉलोनी बनाने वालों के खिलाफ सख्त प्रावधान किए गए हैं। बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करने पर 7 से 10 साल तक की जेल और 50 लाख से 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, लापरवाही बरतने वाले सरकारी अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी और उन्हें 3 महीने तक की सजा हो सकती है। यह प्रावधान प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

    गरीबों के लिए 15% मकान आरक्षित, सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे घर

    इस एक्ट का सबसे अहम प्रावधान आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए है। हर कॉलोनी में 15% क्षेत्र इन वर्गों के लिए आरक्षित रहेगा। इन मकानों या प्लॉट्स को कलेक्टर द्वारा तय बाजार मूल्य के 90% से अधिक कीमत पर नहीं बेचा जा सकेगा। साथ ही, खरीदार 15 साल तक इन संपत्तियों को बेच या ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे।

    कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रेशन और अनुमति अनिवार्य

    अब कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना रजिस्ट्रेशन कॉलोनी विकसित नहीं कर सकेगी। कॉलोनाइजर को जिला या राज्य स्तर पर पंजीयन कराना होगा, जिसकी वैधता 5 साल होगी। इसके अलावा कॉलोनी डेवलप करने से पहले संबंधित प्राधिकरण से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आवेदन के 60 दिन के भीतर फैसला नहीं होने पर 15 दिन बाद अनुमति स्वतः मान्य मानी जाएगी।

    बुनियादी सुविधाएं देना होगी अनिवार्य

    नई कॉलोनियों में सड़क, पानी, बिजली, सीवरेज, ड्रेनेज, पार्क और खेल मैदान जैसी सुविधाएं देना अनिवार्य होगा। साथ ही पाथ-वे (पैदल मार्ग) बनाना भी जरूरी होगा। कॉलोनाइजर को इन सुविधाओं की गारंटी के लिए बैंक गारंटी या संपत्ति गिरवी रखनी होगी, ताकि अधूरे प्रोजेक्ट्स पर रोक लग सके।

    पुरानी अवैध कॉलोनियों को मिलेगी राहत

    सरकार 2021 से पहले बनी करीब 7 हजार अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की तैयारी में है। इन कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रबंधन अपने हाथ में ले सकती है। इसके लिए निवासियों से विकास शुल्क भी लिया जा सकता है, हालांकि गरीब वर्ग को इसमें छूट दी जाएगी।

    क्यों जरूरी था नया कानून?

    शहरों में जहां कॉलोनी डेवलपमेंट के लिए सख्त नियम लागू हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में सिर्फ जमीन के बंटवारे के आधार पर कॉलोनियां बस रही थीं। इससे अव्यवस्थित विकास, संकरी सड़कें और सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएं बढ़ रही थीं। नए कानून से इस असंतुलन को दूर करने की कोशिश की जा रही है।

    मेट्रोपॉलिटन रीजन को मिलेगा बढ़ावा

    सरकार ने मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 2025 को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत भोपाल और इंदौर सहित 5 बड़े शहरों में मेट्रोपॉलिटन रीजन विकसित किए जाएंगे। इससे शहरी विस्तार को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

  • अमेरिका-ईरान वार्ता फिर शुरू कराने में जुटा पाकिस्तान, शहबाज-मुनीर ने तेज की कूटनीतिक पहल

    अमेरिका-ईरान वार्ता फिर शुरू कराने में जुटा पाकिस्तान, शहबाज-मुनीर ने तेज की कूटनीतिक पहल

    नई दिल्ली। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शुरुआती बातचीत बेनतीजा रहने के बाद पाकिस्तान ने दोनों देशों को फिर से वार्ता की मेज पर लाने के लिए अपनी कूटनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। यह दावा पाकिस्तानी अखबार द न्यूज इंटरनेशनल ने सरकारी सूत्रों के हवाले से किया है।

    पहले दौर की बातचीत नहीं दे सकी ठोस नतीजा
    रिपोर्ट के मुताबिक, प्रारंभिक वार्ता में कोई औपचारिक समझौता नहीं हो पाया, हालांकि दोनों पक्षों ने अपने-अपने रुख स्पष्ट रूप से सामने रखे। इसके बावजूद पाकिस्तान को उम्मीद है कि आगे बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में प्रगति हो सकती है।

    वॉशिंगटन और तेहरान से लगातार संपर्क
    पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान दोनों के संपर्क में बना हुआ है और जल्द से जल्द दूसरे दौर की बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, 22 अप्रैल के आसपास समाप्त होने वाले संभावित सीजफायर से पहले किसी ठोस नतीजे तक पहुंचना प्राथमिक लक्ष्य है, ताकि क्षेत्र में तनाव दोबारा न बढ़े।

    डेडलाइन से पहले समाधान की कोशिश
    एक वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा कि तय समयसीमा के भीतर इस मुद्दे को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, इसी अवधि में दूसरे दौर की वार्ता आयोजित कराने की दिशा में भी लगातार प्रयास जारी हैं।

    शहबाज शरीफ के निर्देश पर चल रही पहल
    यह पूरी कूटनीतिक कवायद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के निर्देश पर की जा रही है, जिससे स्पष्ट है कि इस्लामाबाद इस मामले को काफी अहम मान रहा है।

    डार और मुनीर कर रहे नेतृत्व
    पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री व विदेश मंत्री इसहाक डार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर इस प्रक्रिया का नेतृत्व कर रहे हैं। पाकिस्तान दोनों देशों तक वार्ता फिर से शुरू करने का संदेश पहुंचा चुका है और अब उनके जवाब का इंतजार किया जा रहा है। पाकिस्तान को उम्मीद है कि जल्द ही सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलेगी, जिससे तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और सीमित समय में कूटनीतिक समाधान निकाला जा सके।

  • उज्जैन में बदमाशों का तांडव: 12 से ज्यादा आरोपियों ने हिस्ट्रीशीटर का मकान जलाया, भागते वक्त दो झुलसे

    उज्जैन में बदमाशों का तांडव: 12 से ज्यादा आरोपियों ने हिस्ट्रीशीटर का मकान जलाया, भागते वक्त दो झुलसे


    नई दिल्ली।मध्य प्रदेश के उज्जैन में गैंगवार ने खौफनाक रूप ले लिया, जहां बदमाशों ने एक हिस्ट्रीशीटर के मकान को पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया। घटना ढांचा भवन क्षेत्र में 11 अप्रैल की रात हुई, जिसका सीसीटीवी वीडियो अब सामने आया है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि 12 से ज्यादा बदमाश हथियारों के साथ मौके पर पहुंचे और सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।

    पेट्रोल डालते ही भड़की आग, कुछ ही सेकंड में जल उठा मकान

    सीसीटीवी में दिख रहा है कि बदमाश पहले मकान के सामने जमा होते हैं। कुछ आरोपी चाकू और अन्य हथियार लिए हुए हैं, जबकि उनके साथी दोपहिया वाहनों पर थोड़ी दूरी पर खड़े नजर आते हैं। इसी दौरान एक बदमाश बोतल में भरा पेट्रोल मकान पर डालता है और दूसरा उसमें आग लगा देता है। देखते ही देखते आग भड़क उठती है और पूरा मकान चपेट में आ जाता है।

    पुरानी रंजिश बनी वजह, दो बदमाश खुद भी झुलसे

    सूत्रों के अनुसार, यह हमला पुरानी गैंग रंजिश का नतीजा है। बताया जा रहा है कि हिस्ट्रीशीटर रौनक गुर्जर और यशवेंद्र उर्फ छम्बू बुंदेला गैंग के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इसी के चलते विरोधी गैंग के करीब 12 बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया। आगजनी के दौरान सड़क पर फैले पेट्रोल की वजह से दो आरोपी खुद भी आग की चपेट में आ गए और झुलसते हुए भागते नजर आए।

    फायरिंग की भी आशंका, बाल-बाल बची 14 वर्षीय बच्ची

    घटना के दौरान फायरिंग किए जाने की भी बात सामने आई है। इसी बीच एक 14 वर्षीय बच्ची अपनी मां के साथ वहां से गुजर रही थी, जो बाल-बाल बच गई। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया है और लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    पुलिस जांच में जुटी, CCTV से होगी पहचान

    मामले की जांच कर रहे विवेक कनोडिया (टीआई, चिमनगंज मंडी थाना) ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है, ताकि पूरे गिरोह का पता लगाया जा सके।

  • मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव महिला सशक्तिकरण और योजनाओं पर करेंगे संबोधन…

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव महिला सशक्तिकरण और योजनाओं पर करेंगे संबोधन…


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 15 अप्रैल को नारी शक्ति वंदन अभियान के अंतर्गत एक भव्य और वृहद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन शहर के प्रतिष्ठित रवींद्र भवन में संपन्न होगा, जहां राज्य के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मुख्य रूप से उपस्थित रहकर संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक भागीदारी और उनके समग्र विकास की दिशा में सरकार की योजनाओं और प्रयासों को जन-जन तक पहुंचाना है।

    यह कार्यक्रम नारी शक्ति वंदन पखवाड़े का हिस्सा है, जो 25 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में विभिन्न गतिविधियों के साथ मनाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से महिलाओं के उत्थान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान को केंद्र में रखते हुए कई स्तरों पर जागरूकता और लाभकारी योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। राजधानी में होने वाला यह मुख्य कार्यक्रम इस पूरे अभियान का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव नारी सशक्तिकरण पर विस्तार से अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। सरकार का मानना है कि बेटियों और बहनों का विकास ही समाज और प्रदेश के समग्र विकास की आधारशिला है। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की जाएगी, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि राज्य सरकार महिलाओं के हित में किस प्रकार निरंतर कार्य कर रही है।

    राज्य सरकार द्वारा लाडली बहना योजना को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश की बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो रहा है और वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैं। अब तक इस योजना के माध्यम से करोड़ों की राशि सीधे महिलाओं के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है, जिससे इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा है।

    नारी शक्ति वंदन पखवाड़े के दौरान राज्यभर में जागरूकता कार्यक्रम, संवाद सत्र और विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ देना ही नहीं बल्कि उन्हें समाज के हर क्षेत्र में समान भागीदारी के लिए प्रेरित करना भी है। इसी क्रम में लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की दिशा में भी चर्चा और पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और निरंतर ऐसी नीतियां लागू की जा रही हैं जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आए। इस आयोजन को प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की गंभीरता और संकल्प का प्रतीक माना जा रहा है।

  • प्रशासन और रेलवे की त्वरित कार्रवाई से वैगन आइसोलेट कर टला बड़ा हादसा…


    खंडवा। मध्यप्रदेश के खंडवा रेलवे क्षेत्र में सोमवार को उस समय गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई जब पनवेल से जबलपुर की ओर जा रही 32 वैगनों वाली एक गुड्स ट्रेन के एलपीजी से भरे एक वैगन में अचानक गैस रिसाव की आशंका सामने आई। इस घटना के बाद रेलवे परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल बन गया तथा सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल आपातकालीन कदम उठाए गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे रूट पर रेल संचालन को नियंत्रित कर दिया गया और सभी संबंधित विभाग सक्रिय हो गए।

    जैसे ही ट्रेन खंडवा जंक्शन के समीप पहुंची, रेल कर्मचारियों ने एक वैगन से गैस रिसाव के संकेत महसूस किए। इसके बाद बिना देरी किए ट्रेन को आउटर पर रोक दिया गया और प्रभावित वैगन को तुरंत अलग कर आइसोलेट किया गया। मौके पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस बल पहुंचा और स्थिति का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने मौके पर ही नियंत्रण व्यवस्था संभाली और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरे क्षेत्र को सतर्क कर दिया गया।

    लीकेज की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विशेषज्ञ टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला और रिसाव रोकने के लिए गीली बोरियों और बालू रेत का उपयोग किया गया। इस दौरान लगातार निगरानी रखते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि गैस का फैलाव न्यूनतम रहे और किसी प्रकार का खतरा उत्पन्न न हो। लगभग तीन घंटे तक चले इस रेस्क्यू और नियंत्रण अभियान में रेलवे और प्रशासनिक टीम पूरी तरह सक्रिय रही।

    इस घटना के कारण रेल यातायात भी प्रभावित हुआ और कई ट्रेनों की आवाजाही कुछ समय के लिए रोकी या नियंत्रित की गई। कुल मिलाकर लगभग छह ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ, जिससे मार्ग पर अस्थायी अवरोध की स्थिति बनी रही। हालांकि स्थिति सामान्य होने के बाद अन्य वैगनों को सुरक्षित रूप से आगे के गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया है जो वैगन में आई खराबी और रिसाव के कारणों की विस्तृत जांच करेगी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह तकनीकी खामी से जुड़ा मामला हो सकता है, लेकिन वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

    समय रहते की गई त्वरित कार्रवाई के चलते एक बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। पूरे मामले में रेलवे और प्रशासन की सतर्कता से स्थिति को नियंत्रण में लाने में सफलता मिली और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल की गई।

  • सतना के 17 मेधावी छात्र करेंगे इसरो और श्रीहरिकोटा का दौरा, विज्ञान मंथन यात्रा के लिए व्यंकट-वन स्कूल से चयन

    सतना के 17 मेधावी छात्र करेंगे इसरो और श्रीहरिकोटा का दौरा, विज्ञान मंथन यात्रा के लिए व्यंकट-वन स्कूल से चयन

    भोपाल। मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (MP CST) की ‘विज्ञान मंथन यात्रा’ के तहत सतना स्थित शासकीय एक्सीलेंस स्कूल व्यंकट-वन के 17 मेधावी छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थी 20 से 27 अप्रैल तक देश की प्रमुख अंतरिक्ष संस्थान इसरो के बेंगलुरु (कर्नाटक) स्थित मुख्यालय और आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) का शैक्षणिक भ्रमण करेंगे।

    शैक्षणिक यात्रा का उद्देश्य और मार्गदर्शन
    इस दल का नेतृत्व रसायन विज्ञान के शिक्षक डॉ. रामानुज पाठक और भौतिक विज्ञान की शिक्षिका नविता जायसवाल करेंगे। उनके मार्गदर्शन में छात्र वैज्ञानिक प्रयोग, अवलोकन और विश्लेषण की प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझेंगे।

    95 प्रतिशत से अधिक अंक वालों का चयन
    एमपी सीएसटी की इस विज्ञान मंथन यात्रा में एमपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई के विज्ञान संकाय के 10वीं, 11वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं का चयन किया जाता है। इसके लिए पात्रता के रूप में पिछली कक्षा में 95 प्रतिशत या उससे अधिक अंक अनिवार्य हैं। चयनित छात्रों को आगे एक परीक्षा भी देनी होती है। इस परीक्षा में सफल प्रतिभागियों को पांच वर्षों तक प्रतिमाह 1200 से 1500 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।

    व्यंकट-वन स्कूल से चयनित छात्र
    व्यंकट-वन एक्सीलेंस स्कूल से चयनित विद्यार्थियों में शामिल हैं—
    12वीं कक्षा: तोषी गौतम, पल्लवी राठौड़, ऋषिका त्रिपाठी, रुद्राक्ष त्रिपाठी
    11वीं कक्षा: आदित्य पांडेय, अखंड प्रताप यादव, कंचन चौधरी, रितिक तिवारी, नेहा पटेल
    10वीं कक्षा: कृष्णा गुप्ता, मोहिना गुप्ता, प्राची कुशवाहा, राधे गुप्ता, अंशराज सिंह तोमर

    प्राचार्य ने बताया उद्देश्य
    स्कूल के प्राचार्य केएस बघेल ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह योजना छात्रों में वैज्ञानिक प्रतिभा की पहचान करने, उनकी समझ को मजबूत करने और उन्हें वैज्ञानिक विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने के लिए शुरू की गई है। यह योजना 11वीं पंचवर्षीय योजना के तहत राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है।