Author: bharati

  • इंदौर जिला कोर्ट का कड़ा रुख: दूसरी शादी छुपाने वाले पति को झटका, तलाक केस खारिज, FIR होगी दर्ज

    इंदौर जिला कोर्ट का कड़ा रुख: दूसरी शादी छुपाने वाले पति को झटका, तलाक केस खारिज, FIR होगी दर्ज


    इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में एक अहम मामले में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए बिना तलाक दूसरी शादी करने वाले पति के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इंदौर जिला कोर्ट ने पति द्वारा दायर तलाक याचिका को खारिज कर दिया और उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 494 के तहत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह मामला प्रेम विवाह, धोखाधड़ी और द्विविवाह (बिगैमी) से जुड़ा हुआ है, जिसने कानूनी और सामाजिक स्तर पर चर्चा को जन्म दिया है।

    पहले प्रेम विवाह, फिर अलगाव और दूसरी शादी

    जानकारी के अनुसार, नंदानगर निवासी नितिन ने वर्ष 2016 में रीना से प्रेम विवाह किया था। शुरुआती वर्षों में दंपती का जीवन सामान्य रहा, लेकिन संतान न होने के कारण रिश्तों में दूरी आने लगी। वर्ष 2018 के बाद दोनों अलग रहने लगे। इसी बीच, वर्ष 2021 में नितिन ने पारिवारिक सहमति से सोनम नामक महिला से दूसरी शादी कर ली, जबकि पहली पत्नी से उसका कानूनी तौर पर तलाक नहीं हुआ था।

    पहली पत्नी ने जताई आपत्ति, कोर्ट पहुंचा मामला

    जब पहली पत्नी रीना को दूसरी शादी की जानकारी मिली तो उसने इसका विरोध किया। इसी दौरान नितिन ने तलाक के लिए कोर्ट में याचिका दायर की। नोटिस मिलने पर रीना ने अपने वकील पवन राय के माध्यम से जवाब प्रस्तुत किया और कोर्ट को बताया कि बिना तलाक दिए ही नितिन ने दूसरी शादी कर ली है। साथ ही यह भी सामने आया कि दूसरी पत्नी से उसका एक बच्चा भी है, जबकि नितिन ने शुरुआत में दूसरी शादी से इनकार किया।

    फोटो और दस्तावेज बने अहम सबूत

    रीना की ओर से कोर्ट में मजबूत साक्ष्य पेश किए गए, जिनमें नितिन और सोनम की शादी के फोटो, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और अस्पताल व नगर निगम से जुड़े दस्तावेज शामिल थे। इन सबूतों के आधार पर यह साबित हुआ कि आरोपी ने जानबूझकर पहली शादी के रहते दूसरी शादी की और पत्नी के साथ धोखाधड़ी की।

    कोर्ट का फैसला: तलाक याचिका खारिज, FIR के निर्देश

    दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद इंदौर जिला कोर्ट ने रीना के पक्ष में पेश साक्ष्यों को सही माना और नितिन की तलाक याचिका खारिज कर दी। साथ ही कोर्ट ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 494 के तहत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अब यह मामला आगे की कानूनी प्रक्रिया में विचाराधीन रहेगा।

    क्या कहती है IPC की धारा 494

    भारतीय दंड संहिता की धारा 494 के तहत, यदि कोई व्यक्ति अपने जीवनसाथी के जीवित रहते और पहला विवाह वैध होने के बावजूद दूसरी शादी करता है, तो यह द्विविवाह (बिगैमी) अपराध माना जाता है। इसमें अधिकतम 7 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

  • इंदौर में दोस्ती की आड़ में दरिंदगी: 12 साल की छात्रा से दुष्कर्म, जेवर-नकदी भी ठगे

    इंदौर में दोस्ती की आड़ में दरिंदगी: 12 साल की छात्रा से दुष्कर्म, जेवर-नकदी भी ठगे


    इंदौर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी और स्वच्छता में सिरमौर इंदौर शहर से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यहाँ के एक प्रतिष्ठित थाना क्षेत्र में बारह वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ दोस्ती के नाम पर विश्वासघात और फिर घिनौनी दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक युवक ने पहले मासूम बच्ची को अपने झांसे में लेकर उससे दोस्ती की और फिर एकांत का फायदा उठाकर उसे अपनी हवस का शिकार बना डाला। अपराधी की हैवानियत यहीं नहीं थमी बल्कि उसने इस कुकृत्य के बाद बच्ची को डराना और धमकाना शुरू कर दिया ताकि वह किसी को कुछ बता न सके।

    हैवानियत के बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खौफनाक दौर

    दुष्कर्म की इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने बच्ची की मासूमियत और डर का फायदा उठाते हुए उसे बदनाम करने की धमकी दी। लोक लाज और समाज के डर से सहमी छात्रा अपराधी के इशारों पर नाचने को मजबूर हो गई। आरोपी ने इसे अपनी कमाई का जरिया बना लिया और बच्ची पर घर से कीमती जेवर और नकदी लाने का भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया। डरी-सहमी छात्रा ने बदनामी के डर से अपने ही घर की अलमारी में सेंध लगाना शुरू कर दिया और समय-समय पर घर के गहने और मेहनत की कमाई आरोपी के हवाले करती रही। आरोपी का दुस्साहस इतना बढ़ गया था कि वह लगातार और अधिक धन की मांग कर रहा था जिससे बच्ची मानसिक तनाव के गहरे भंवर में फंसती चली गई।

    परिजनों की चौकसी से उजागर हुआ दरिंदगी का राज

    इस पूरी घटना का पर्दाफाश तब हुआ जब घर की महिलाओं ने अलमारी से कीमती जेवर और नकदी को गायब पाया। पहले तो परिजनों को लगा कि घर में कोई बाहरी चोर घुस आया है लेकिन जब घर का सामान बार-बार गायब होने लगा तो उन्हें किसी करीबी पर शक हुआ। इसी दौरान उन्होंने अपनी बारह वर्षीय बेटी के व्यवहार में एक अजीब सा डर और चिड़चिड़ापन महसूस किया। जब माता-पिता ने बच्ची को विश्वास में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो वह फूट-फूटकर रोने लगी। छात्रा ने जो आपबीती सुनाई उसे सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बच्ची ने बताया कि किस तरह दोस्ती के नाम पर उसे धोखा दिया गया और फिर उसे आर्थिक रूप से लूटने का सिलसिला शुरू हुआ।

    पुलिस की सख्त कार्रवाई और आरोपी की सरगर्मी से तलाश

    मामले की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में तत्काल टीम गठित की गई। पुलिस ने छात्रा के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। पीड़िता को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया है और उसे इस सदमे से बाहर निकालने के लिए मनोवैज्ञानिकों द्वारा काउंसलिंग भी प्रदान की जा रही है। पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उसके तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अपराधी चाहे कहीं भी छिपा हो उसे जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा और कठोरतम दंड सुनिश्चित किया जाएगा।

  • ममता बनर्जी ने केन्‍द्र सरकार पर लगाया राज्य को बांटने का आरोप, केंद्रीय बलों पर भी उठाए सवाल

    ममता बनर्जी ने केन्‍द्र सरकार पर लगाया राज्य को बांटने का आरोप, केंद्रीय बलों पर भी उठाए सवाल


    नई दिल्ली।
    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर राज्य को तीन हिस्सों में बांटने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों को बिहार और ओडिशा में मिलाने की योजना है, जिससे बंगालियों को परेशान किया जाएगा।

    परिसीमन के जरिए राज्य विभाजन का आरोप
    बांकुरा जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा परिसीमन विधेयक के जरिए पश्चिम बंगाल की सीमाओं में बदलाव करना चाहती है। उनके मुताबिक, इस प्रक्रिया से राज्य के कुछ हिस्सों का दूसरे राज्यों में विलय किया जा सकता है।

    केंद्रीय बलों पर महिलाओं के अपमान का आरोप
    मुख्यमंत्री ने चुनाव के लिए तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जांच के नाम पर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, जो बेहद निंदनीय है।

    टीएमसी सरकार गिराने के लिए ‘1000 करोड़ की साजिश’ का दावा
    ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर टीएमसी को सत्ता से हटाने के लिए 1000 करोड़ रुपये की डील करने का आरोप लगाया। उन्होंने आम जनता उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर के एक वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें भाजपा नेताओं से संपर्क और अल्पसंख्यक वोटों को बांटने की बात सामने आई है।

    SIR को बताया ‘देश का सबसे बड़ा घोटाला’
    मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को हाल के समय का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया। उन्होंने कहा कि यदि उनकी सरकार दोबारा सत्ता में आती है तो केंद्र के सभी जनविरोधी कानूनों को रद्द कर दिया जाएगा।

    सत्ता परिवर्तन का दावा
    ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि 2026 में केंद्र सरकार सत्ता से बाहर हो जाएगी। इसके बाद नई सरकार जनहित में फैसले लेगी और मौजूदा नीतियों में बदलाव किया जाएगा।

  • शिकायत के बाद सख्त कार्रवाई: जगदीश नगर में 12 अवैध रो हाउस ढहाए, नगर निगम की बड़ी कार्रवाई

    शिकायत के बाद सख्त कार्रवाई: जगदीश नगर में 12 अवैध रो हाउस ढहाए, नगर निगम की बड़ी कार्रवाई


    इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बाणगंगा क्षेत्र के जगदीश नगर में बन रहे रो-हाउस को जमींदोज कर दिया। शिकायत मिलने के बाद निगम की रिमूवल टीम सोमवार को मौके पर पहुंची और अवैध कॉलोनी में बन रहे 12 रो-हाउस पर पोकलेन मशीन चलाकर उन्हें तोड़ दिया। कार्रवाई के दौरान 3 पोकलेन मशीन और 70 से अधिक निगमकर्मी मौजूद रहे, जिससे इलाके में हलचल मच गई।

    शिकायत के बाद जांच, फिर चला बुलडोजर

    नगर निगम के रिमूवल अधिकारी अंकेश बिरथरिया ने बताया कि कॉलोनी सेल विभाग को सर्वे नंबर 242/1 पर अवैध कॉलोनी काटने और रो-हाउस निर्माण की शिकायत मिली थी। जांच में पाया गया कि बिना अनुमति के निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बाद भवन अनुज्ञा से संबंधित प्रक्रिया पूरी कर कार्रवाई का निर्णय लिया गया। बताया जा रहा है कि शुभम साहू नामक व्यक्ति द्वारा यह निर्माण कराया जा रहा था।

    6 तैयार, 6 निर्माणाधीन-सभी पर चला पोकलेन

    अधिकारियों के मुताबिक, यहां कुल 12 रो-हाउस बनाए जा रहे थे, जिनमें से 6 लगभग तैयार हो चुके थे और उनमें पुट्टी तक का काम पूरा हो गया था, जबकि 6 निर्माणाधीन थे। अच्छी बात यह रही कि इन रो-हाउस में कोई रह नहीं रहा था, जिससे कार्रवाई के दौरान किसी तरह का विरोध या जनहानि नहीं हुई। ये मकान 5 से 10 हजार वर्गफीट क्षेत्र में बनाए जा रहे थे।

    कमिश्नर के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई

    हाल ही में नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद से निगम की टीम लगातार ऐसे मामलों पर नजर रख रही है और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी इस तरह की कॉलोनियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।

    अवैध निर्माण पर सख्ती का संदेश

    इस कार्रवाई के जरिए नगर निगम ने साफ संदेश दिया है कि बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। शहर में अवैध कॉलोनियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन अब किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है।

  • छिंदवाड़ा में डिस्पोजल फैक्ट्री में आग लगने से 50 लाख से अधिक का हुआ नुकसान, दो लोग झुलसे

    छिंदवाड़ा में डिस्पोजल फैक्ट्री में आग लगने से 50 लाख से अधिक का हुआ नुकसान, दो लोग झुलसे

    छिंदवाड़ा। जिले के सोनपुर रोड स्थित एक डिस्पोजल फैक्ट्री में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरी फैक्ट्री इसकी चपेट में आ गई और भारी नुकसान हो गया। सुबह 6 बजे के बाद आग पर काबू पा लिया गया, हालांकि फैक्ट्री के अंदर से अभी भी बीच-बीच में धुआं उठ रहा है।

    आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की 5 गाड़ियां लगातार पानी डालती रहीं, जबकि नगर निगम के 4 टैंकर भी मौके पर लगाए गए। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में रखी पॉलीथिन और डिस्पोजल सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और हालात बेकाबू हो गए।

    आग की चपेट में आए मालिक और परिजन
    यह फैक्ट्री दीपक साहू (30), पिता लालचंद साहू की बताई जा रही है। घटना के समय फैक्ट्री परिसर में बने आवास में उनका परिवार मौजूद था। आग लगने के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति झुलस गए। उन्हें बचाने के प्रयास में फैक्ट्री संचालक दीपक साहू भी घायल हो गए। बुजुर्ग को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जबकि मौके पर पहुंचे डॉक्टर मनन गोगिया ने दीपक साहू का प्राथमिक उपचार किया।

    परिवार में मचा कोहराम
    घटना की सूचना मिलते ही परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। फैक्ट्री को आग में जलता देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। स्थानीय लोगों ने उन्हें संभालने की कोशिश की। फैक्ट्री परिसर में रखे सिलेंडर और डीजल से भरे जनरेटर को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    28 लाख रुपये की नकदी सुरक्षित बचाई गई
    आग फैलने के दौरान परिवार ने सूझबूझ दिखाते हुए घर में रखे 28 लाख रुपये नकद सुरक्षित बाहर निकाल लिए। हालांकि घरेलू सामान आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गया। आग की चिंगारियां पास के खेतों तक भी पहुंचीं, जिससे वहां खड़ी फसल को नुकसान हुआ।

    प्रशासन मौके पर पहुंचा
    घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद नायब तहसीलदार भी घटनास्थल पर पहुंचे। भाजपा नेता अरविंद राजपूत, डॉक्टर मनन गोगिया और कई समाजसेवियों ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग किया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस घटना में 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।

    कोतवाली निरीक्षक आशीष कुमार ने बताया कि सुबह तक आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन अंदर ज्वलनशील सामग्री अधिक होने के कारण अभी भी धुआं निकल रहा है। एहतियात के तौर पर मौके पर टीम तैनात की गई है।

  • अमरनाथ यात्रा 2026: इंदौर में मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए ‘अग्निपरीक्षा’, रात 3 बजे से सड़कों पर श्रद्धालु

    अमरनाथ यात्रा 2026: इंदौर में मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए ‘अग्निपरीक्षा’, रात 3 बजे से सड़कों पर श्रद्धालु


    इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर में श्री अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है, लेकिन मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने की अव्यवस्था ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। 29 जून से शुरू होने वाली यात्रा के लिए अनिवार्य मेडिकल सर्टिफिकेट लेने के लिए श्रद्धालुओं को घंटों नहीं, बल्कि पूरी रात इंतजार करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि अस्पताल की खिड़की खुलने से करीब 10 घंटे पहले ही लोग लाइन में लगने को मजबूर हैं, जिससे पूरा सिस्टम चरमराता नजर आ रहा है।

    रात 3 बजे से लाइन, फुटपाथ बना इंतजार का ठिकाना

    शहर के जिला अस्पताल और अन्य निर्धारित केंद्रों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों से आए श्रद्धालु रात 11 बजे से ही अस्पताल परिसर में पहुंचकर डेरा डाल रहे हैं। कई लोग खुले आसमान के नीचे फुटपाथ पर ही रात गुजार रहे हैं। सुबह 3 बजे तक अस्पताल के गलियारे खचाखच भर जाते हैं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है। यह स्थिति बताती है कि श्रद्धालुओं की संख्या के मुकाबले व्यवस्थाएं बेहद कम हैं।

    महिलाओं पर ज्यादा असर, लाइन में ही नाश्ता

    इस अव्यवस्था का सबसे ज्यादा असर महिला श्रद्धालुओं पर पड़ रहा है। लंबी कतारों में घंटों खड़े रहने के कारण महिलाएं लाइन में ही नाश्ता करने को मजबूर हैं। थकान और असुविधा के चलते कई बार खिड़की खुलने से पहले ही विवाद और धक्का-मुक्की की स्थिति बन जाती है। सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से भी यह स्थिति चिंता का विषय बन गई है।

    सिर्फ दो डॉक्टर, हजारों की भीड़ धीमी प्रक्रिया से बढ़ी नाराजगी

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी भारी भीड़ के बावजूद मेडिकल जांच के लिए केवल दो डॉक्टरों की तैनाती की गई है। इसी कारण पूरी प्रक्रिया बेहद धीमी हो गई है और सैकड़ों श्रद्धालु घंटों इंतजार करने के बाद भी सर्टिफिकेट नहीं बनवा पा रहे। मेडिकल सर्टिफिकेट में देरी के कारण यात्रा पंजीयन भी अटक रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    व्यवस्था पर उठे सवाल, सुधार की मांग तेज

    श्रद्धालुओं का कहना है कि एक तरफ सरकार यात्रा को सुगम बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं पूरी तरह नाकाफी हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाए, अलग-अलग काउंटर बनाए जाएं और महिलाओं व बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • पन्ना टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को मिला दुर्लभ नजारा, बाघिन P-142 अपने शावकों के साथ जंगल में करती दिखी अठखेलियां

    पन्ना टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को मिला दुर्लभ नजारा, बाघिन P-142 अपने शावकों के साथ जंगल में करती दिखी अठखेलियां

    मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में वन्यजीव प्रेमियों को एक ऐसा दुर्लभ और मनमोहक दृश्य देखने को मिला जिसने सफारी के पूरे अनुभव को यादगार बना दिया। हिनौता क्षेत्र में जंगल सफारी पर निकले पर्यटकों को उस समय रोमांच और उत्साह का अनुभव हुआ जब उन्हें बाघिन P-142 अपने दो छोटे शावकों के साथ प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते हुए दिखाई दी। यह दृश्य न केवल रोमांचकारी था बल्कि जंगल की जीवंतता और उसमें चल रही प्राकृतिक प्रक्रियाओं की एक सुंदर झलक भी प्रस्तुत करता है।

    सफारी के दौरान अचानक सामने आए इस दृश्य ने पर्यटकों को पूरी तरह उत्साहित कर दिया। बाघिन अपने शावकों के साथ बेहद शांत और सतर्क अवस्था में नजर आई, जबकि नन्हे शावक अपने मासूम और चंचल व्यवहार से सभी का ध्यान आकर्षित कर रहे थे। कभी वे मां के करीब जाकर स्नेह जताते दिखे तो कभी झाड़ियों के बीच छिपकर खेलते और अपने प्राकृतिक व्यवहार को समझने की कोशिश करते नजर आए। यह पूरा दृश्य जंगल में जीवन के स्वाभाविक विकास और सीखने की प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से दर्शा रहा था।

    इस अनोखे अनुभव को पर्यटकों ने कैमरों में कैद कर लिया। तस्वीरों और वीडियो में बाघिन की सतर्कता, शावकों की मासूम हरकतें और जंगल का शांत वातावरण एक साथ देखने को मिला। कुछ समय तक पर्यटकों के सामने रहने के बाद बाघिन धीरे धीरे अपने शावकों को लेकर घने जंगल की ओर बढ़ गई और देखते ही देखते सभी दृश्य से ओझल हो गए। यह क्षण पर्यटकों के लिए लंबे समय तक याद रहने वाला अनुभव बन गया।

    इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि सुरक्षित और संतुलित प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीव न केवल सुरक्षित रहते हैं बल्कि अपनी प्राकृतिक जीवनशैली को पूरी स्वतंत्रता के साथ जीते हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या और उनका सफल प्रजनन इस क्षेत्र की मजबूत पारिस्थितिकी व्यवस्था का संकेत देता है। यह संरक्षण प्रयासों की सफलता को भी दर्शाता है, जहां प्रकृति और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

    ऐसे दृश्य यह संदेश देते हैं कि जब प्राकृतिक आवास सुरक्षित रहते हैं तो वन्यजीव अपनी पूरी सहजता के साथ जीवन जीते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में योगदान देते हैं।

  • अनोखी कलाकारी: विशाल पीतल संरचना पर दुनिया के 193 देशों के निशान, बनाने में लगे घंटों

    अनोखी कलाकारी: विशाल पीतल संरचना पर दुनिया के 193 देशों के निशान, बनाने में लगे घंटों


    इंदौरमध्य प्रदेश के इंदौर में आंबेडकर जयंती से पहले एक अनूठा और प्रेरणादायक कार्य किया जा रहा है। यहां 72 फीट लंबे पीतल के पट्ट पर दुनिया के 193 देशों के प्रतीक चिन्ह उकेरे जा रहे हैं। यह विशेष पहल “संविधान से देश” थीम के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य विश्व शांति और एकता का संदेश देना है। इस पट्ट पर “सर्वेभवन्तु: सुखिन:” का संदेश भी अंकित किया जाएगा, जो वैश्विक कल्याण की भावना को दर्शाता है।

    3 घंटे में कटा 72 फीट लंबा पीतल पट्ट, अब होगी प्रिंटिंग

    रविवार को इस 72 फीट लंबे और 5 इंच चौड़े पीतल पट्ट को काटने का काम पूरा किया गया। इस प्रक्रिया में करीब 3 घंटे 10 मिनट का समय लगा। खास बात यह है कि इतने लंबे पट्ट का वजन लगभग 1 किलो ही है, जिससे इसे संभालना और प्रदर्शित करना आसान रहेगा। अब सोमवार को इस पर 193 देशों के प्रतीक चिन्हों की प्रिंटिंग की जाएगी, जिसके बाद 14 अप्रैल को इसे औपचारिक रूप से जारी किया जाएगा।

    एडवोकेट लोकेश मंगल की पहल, 80 वकीलों का सहयोग

    इस अनोखे प्रोजेक्ट को लोकेश मंगल के नेतृत्व में तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए उन्हें थावरचंद गेहलोत से प्रेरणा मिली है। इस पहल में करीब 80 वकीलों का सहयोग मिल रहा है, जो इसे सफल बनाने में जुटे हैं। इससे पहले भी लोकेश मंगल पीतल पर कई रचनात्मक कार्य कर चुके हैं, लेकिन यह प्रोजेक्ट अपने आप में बेहद खास और बड़ा है।

    फोल्ड कर ले जा सकेंगे, विश्व शांति का संदेश बनेगा पहचान

    इस पीतल पट्ट की सबसे खास बात यह है कि इसे फोल्ड करके आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकेगा। 193 देशों के प्रतीक चिन्हों के साथ यह पट्ट एक तरह से वैश्विक एकता और शांति का प्रतीक बनेगा। आयोजकों का कहना है कि “सर्वेभवन्तु: सुखिन:” के संदेश को केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

    आंबेडकर जयंती पर होगा भव्य विमोचन

    14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर इस पीतल पट्ट का विमोचन किया जाएगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग इस अनूठी कृति को देखने पहुंच सकते हैं। यह पहल न केवल आंबेडकर के विचारों को सम्मान देती है, बल्कि संविधान और विश्व शांति के संदेश को भी मजबूत करती है।

  • मध्यप्रदेश कैबिनेट में 286.26 करोड़ की मीडवासा सिंचाई परियोजना को मिली मंजूरी..

    मध्यप्रदेश कैबिनेट में 286.26 करोड़ की मीडवासा सिंचाई परियोजना को मिली मंजूरी..

    भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी राज्य के स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में बड़े स्तर पर विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से कई योजनाओं और परियोजनाओं को स्वीकृति दी है, जिससे प्रदेश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।

    कैबिनेट बैठक में सागर जिले की मीडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना से क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और किसानों को कृषि उत्पादन में सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस तरह की परियोजनाओं से कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

    इसके साथ ही प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन के लिए 2250 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा, जिससे उत्पादन क्षमता और दक्षता में वृद्धि हो सके।

    महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना और महिला हेल्पलाइन 181 के संचालन के लिए 240.42 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत प्रदेश में आठ नए वन स्टॉप सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे महिलाओं को आपातकालीन सहायता और सुरक्षा सेवाएं और अधिक सुलभ हो सकेंगी।

    इसके अलावा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1005 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही प्रदेश में नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1674 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए 3553.35 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना और विकास कार्यों को गति मिलेगी। वहीं लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10801 करोड़ रुपये की बड़ी राशि को मंजूरी प्रदान की गई है, जिससे सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाएगा।

    कैबिनेट बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को शीघ्र लागू करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाने के निर्णय का स्वागत किया गया है। राज्य सरकार ने इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया है।

    कैबिनेट के इन निर्णयों को प्रदेश के समग्र विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि आधुनिकीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में व्यापक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।

  • आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते समय अथिया शेट्टी ने अनजाने में साझा की लता मंगेशकर की फोटो।

    आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते समय अथिया शेट्टी ने अनजाने में साझा की लता मंगेशकर की फोटो।

    नई दिल्ली।भारतीय फिल्म जगत में अपनी एक अलग पहचान रखने वाली अभिनेत्री अथिया शेट्टी इन दिनों एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण चर्चा और विवादों के केंद्र में आ गई हैं। हाल ही में दिग्गज गायिका आशा भोसले के निधन की खबर के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई और मनोरंजन जगत की तमाम हस्तियों ने उन्हें भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी क्रम में अथिया शेट्टी ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने के लिए एक पोस्ट साझा किया लेकिन उसमें हुई एक तकनीकी या मानवीय चूक ने नेटिजन्स का ध्यान खींच लिया। अभिनेत्री ने आशा भोसले को नमन करते हुए अनजाने में स्वर कोकिला लता मंगेशकर की तस्वीर साझा कर दी जिसके बाद उन्हें तीखी प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा।

    सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले दर्शकों ने इस चूक को तुरंत पकड़ लिया और इसे एक गैर जिम्मेदार व्यवहार करार दिया। ट्रोल करने वालों का तर्क है कि फिल्म उद्योग से जुड़ी एक हस्ती होने के नाते इतनी बड़ी चूक होना निराशाजनक है। लोगों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि बिना जांचे परखे इतनी महान विभूतियों के बारे में जानकारी साझा करना उनकी गरिमा के अनुकूल नहीं है। हालांकि कुछ प्रशंसकों ने इसे एक मानवीय भूल बताते हुए अभिनेत्री का बचाव भी किया लेकिन तब तक यह मुद्दा इंटरनेट पर पूरी तरह वायरल हो चुका था और बहस का विषय बन गया था।

    अथिया शेट्टी के इस पोस्ट पर टिप्पणियों की बाढ़ आ गई जिसमें लोगों ने उन्हें दोनों महान गायिकाओं के बीच अंतर समझाने की कोशिश की। कई यूजर्स ने लिखा कि श्रद्धांजलि देने की जल्दबाजी में तथ्यों और तस्वीरों की गरिमा का ध्यान रखना अनिवार्य होता है। फिल्म सितारों के लिए सोशल मीडिया एक ऐसा मंच है जहां उनकी हर छोटी बड़ी गतिविधि पर लाखों लोगों की नजर होती है और ऐसे में इस तरह की गलती उनकी संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर देती है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि डिजिटल युग में कलाकारों को अपनी सार्वजनिक अभिव्यक्ति के प्रति अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    आशा भोसले के निधन से संगीत जगत के एक युग का अंत हो गया है और उनके प्रशंसक इस समय अत्यधिक भावुक हैं। ऐसे संवेदनशील समय में गलत तस्वीर का उपयोग होना प्रशंसकों की भावनाओं को आहत करने वाला सिद्ध हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि कलाकारों के सोशल मीडिया हैंडल अक्सर उनकी टीम द्वारा संचालित किए जाते हैं लेकिन अंतिम जिम्मेदारी कलाकार की ही मानी जाती है। इस विवाद के बाद अथिया शेट्टी ने हालांकि अपनी भूल सुधारने की कोशिश की होगी लेकिन स्क्रीनशॉट और चर्चाओं ने तब तक सोशल मीडिया के हर कोने में अपनी जगह बना ली थी।

    मनोरंजन जगत में अक्सर सितारों को उनकी छोटी-छोटी गलतियों के लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है और अथिया शेट्टी के साथ हुआ यह वाकया भी इसी का उदाहरण है। यह घटना सेलिब्रिटी संस्कृति और सोशल मीडिया के दबाव के बीच एक संतुलन बनाने की चुनौती को दर्शाती है। जहां एक ओर पूरा देश संगीत जगत की महान हस्ती को खोने के गम में डूबा है वहीं दूसरी ओर इस तरह के विवाद मुख्य शोक समाचार से ध्यान भटकाने का काम करते हैं। आने वाले समय में यह देखना होगा कि अभिनेत्री इस पूरे प्रकरण पर अपनी क्या सफाई देती हैं या वे इसे शांति से शांत होने का समय देती हैं।