Author: bharati

  • Petrol-Diesel के रेट में कोई बदलाव नहीं… इस शहर में डीजल 78 और पेट्रोल 82 रुपये प्रति लीटर

    Petrol-Diesel के रेट में कोई बदलाव नहीं… इस शहर में डीजल 78 और पेट्रोल 82 रुपये प्रति लीटर


    नई दिल्ली।
    ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (Oil Marketing Companies) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Price ) में आज शनिवार को कोई इजाफा नहीं किया है। तेल कंपनियों की तरफ से पुरानी की कीमतें बरकरार हैं। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जारी तेजी के बीच कई देशों में पेट्रोल और डीजल के रेट बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, भारत में कीमतों में कोई भी इजाफा सरकार तेल कंपनियों ने नहीं किया है।

    पेट्रोल रेट (Petrol Rate)
    – नई दिल्ली – 94.77 रुपये
    – मुंबई – 103.54 रुपये
    – कोलकाता – 105.41 रुपये
    – बेंगलुरू – 102.92 रुपये
    – चेन्नई – 100.90 रुपये
    – पटना – 105.23 रुपये
    – जयपुर – 104.86 रुपये
    – पोर्ट ब्लेयर – 82.46 रुपये
    – तिरुअनंतपुरम् – 107.48 रुपये


    डीजल रेट (Diesel Rate)

    – दिल्ली – 87.67 रुपये
    – मुंबई – 90.03 रुपये
    – कोलकाता – 92.02 रुपये
    – बेंगलुरू – 90.99 रुपये
    – चेन्नई – 92.49 रुपये
    – पटना – 91.49 रुपये
    – जयपुर – 90.34 रुपये
    – पोर्टब्लेयर – 78.05 रुपये
    – तिरुअनंतपुरम्- 96.48 रुपये


    रिलायंस ने अपने फैसले से डराया

    बीते दिनों रिलायंस और बीपी पेट्रोल पंपों पर नया नियम लागू कर दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार एक बार में कोई भी व्यक्ति 1000 रुपये ही पेट्रोल या डीजल खरीद सकता है। जब से युद्ध शुरू हुआ है तब से पहली बार किसी कंपनी ने ऐसा नियम लगाया है।


    कच्चे तेल का रेट 100 डॉलर के नीचे

    ईरान-अमेरिका के बीच जारी बातचीत का असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर साफ दिख रहा है। कल शुक्रवार कच्चे तेल का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया था। युद्ध शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल 70 डॉलर के आस-पास बना हुआ था।


    Shell India ने 25.01 रुपये बढ़ाया डीजल का रेट

    कंपनी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया है। शेल इंडिया की तरफ से बीते सप्ताह पेट्रोल के रेट में 25.01 रुपये और डीजल के रेट में 7.41 रुपये का इजाफा किया था। इससे पहले नायरा ने भी कीमतों में बढ़ोतरी की थी। नायरा ने मार्च में पेट्रोल के रेट में 5 रुपये और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था।


    एक्साइज ड्यूटी में कटौती

    तेल कंपनियों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से एक्साइज ड्यूटी में कटौती की गई थी। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 10-10 रुपये एक्साइज ड्यूटी घटा दिया था। जिसके बाद डीजल ड्यूटी फ्री हो गया था।

  • PM मोदी के देहरादून दौरे से पहले आतंकी साजिश का खुलासा… ISI एजेंट गिरफ्तार

    PM मोदी के देहरादून दौरे से पहले आतंकी साजिश का खुलासा… ISI एजेंट गिरफ्तार


    नई दिल्ली।
    दिल्ली-देहरादून ऐक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) के उद्घाटन के लिए पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आगामी 14 अप्रैल को देहरादून (Dehradun) दौरा करने वाले हैं। इससे महज 4 दिन पहले देहरादून में आईएसआई एजेंट (ISI Agent) गिरफ्तार हुआ है। उत्तराखंड एसटीएफ (Uttarakhand STF) ने ऑपरेशन प्रहार के तहत आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। प्रेमनगर में रहने वाला 29 वर्षीय विक्रांत कश्यप देश विरोधी गतिविधियों में गिरफ्तार हुआ है। बताया जा रहा है कि देहरादून में गाड़ियों की धुलाई करने वाला विक्रांत पाक आतंकी और आईएसआई एजेंट शहजाज भट्टी से संपर्क में था।

    एसटीएफ आईजी नीलेश आनंद भरणे और एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि 29 वर्षीय विक्रांत कश्यप निवासी झाझरा, प्रेमनगर तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) की दून में जड़ें मजबूत कर रहा था। वह किसी बड़ी घटना की तैयारी में था। उसके पास से .32 बोर की इटेलियन मार्क पिस्टल, सात कारतूस और एक स्प्रे पेंट बरामद हुआ है।


    एक महीने से विक्रांत पर पैनी नजर

    एक माह से एसटीएफ विक्रांत की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। विक्रांत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लेने की बात कहने वाले आतंकी संगठन की सोशल मीडिया पोस्ट से प्रभावित होकर उनके जाल में फंसा था।


    स्लीपर सेल तैयार करने की जिम्मेदारी

    टीटीएच एक नया आतंकी संगठन है। इसका मकसद स्लीपर सेल तैयार कर दहशत फैलाना है। इसका सरगना भट्टी आईएसआई से जुड़ा है। पुलिस द्वारा बताया गया है कि विक्रांत को दिल्ली तक स्लीपर सेल तैयार करने की जिम्मेदारी मिली थी। उससे अक्सर पाक में बैठे आका पूछते थे कि दिल्ली की दूरी कितनी है।


    केंद्रीय-सैन्य संस्थानों के वीडियो आतंकी संगठन को भेजे

    आरोपी देहरादून के केंद्रीय, सैन्य, पुलिस और प्रशासनिक संस्थानों के वीडियो और लोकेशन आतंकी संगठन को भेज चुका था। दिल्ली और मुंबई में भी वारदात करने की बात संगठन ने विक्रांत से की। उसके संपर्क में आए लोगों की जांच की जा रही है।

  • शांति वार्ता से पहले ट्रंप का बड़ा बयान… बोले- डील हो या न हो, होर्मुज का खुलना तय

    शांति वार्ता से पहले ट्रंप का बड़ा बयान… बोले- डील हो या न हो, होर्मुज का खुलना तय


    वाशिंगटन।
    इस्लामाबाद (Islamabad.) में होने जा रही पाकिस्तान और अमेरिका (Pakistan and America) के बीच शांति वार्ता से पहले डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump.) ने कहा है कि किसी भी कीमत पर होर्मुज (Hormuz.) को खुलवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि युद्धविराम को लेकर सहमति बने या ना बने, होर्मुज का खुलना तय है। डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कहते रहे हैं कि ईरान पर हमला करके उन्होंने अपने उद्देश्यों की पूर्ति कर ली है और अब उनका टार्गेट होर्मुज खुलवाना है। बता दें कि होर्मुज बंद होने की वजह से दुनिया के ज्यादातर देश बुरी तरह प्रभावित हैं। दुनिया का 20 फीसदी तेल व्यापार इसी समुद्री रास्ते से होता है।

    ट्रंप ने कहा, हमारी जीत हुई है और अब हम खाड़ी का यह रास्ता खोलने जा रहे हैं। इसके लिए कोई डील जरूरी नहीं है। ईरान को लेकर ट्रंप ने कहा, उनकी नौसेना चली गई, वायुसेना चली गई, बड़े नेता चले गए, अब उनके पास बचा ही क्या है। इस्लामाबाद के लिए रवाना होने से पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, अगर ईरानी अच्छी भावना के साथ बात करने को तैया हैं तो हम भी उनका स्वागत करते हैं। अगर वे हमारे साथ कोई खेल खेलना चाहते हैं तो उन्हें अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिलेगी।


    ईरान की तरफ से प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन

    ईरान की तरफ से बातचीत के लिए संसद के स्पीकर मोहम्मद बकर कलीबाफ और उनके साथ विदश मंत्री सैयद अब्बास अरागची, रधक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदियान और केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दुलनासिर हेम्माती इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं। कलीबाफ ने कहा कि दोनों तरफ से दो वादे अभी पूरे नहीं हुए हैं। उनके पूरे होने के बाद ही बातचीत शुरू होगी।

    डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरानी ‘आज इसलिए ज़िंदा हैं क्योंकि बातचीत हो रही है।’ उन्होंने कहा कि ईरानियों को शायद यह एहसास नहीं है कि उनके पास दुनिया से थोड़े समय के लिए ज़बरदस्ती वसूली करने के अलावा कोई और दांव नहीं है; यह वसूली वे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल करके करते हैं। इसके ज़रिए उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान के रणनीतिक नियंत्रण की ओर इशारा किया।

    उन्होंने ईरान पर तंज कसते हुए कहा कि वे (ईरानी) लड़ने के मुकाबले फेक न्यूज़ मीडिया और जनसंपर्क को संभालने में ज़्यादा माहिर हैं। ट्रंप की ये टिप्पणियाँ उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तब आईं, जब उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचा। ईरान ने अभी तक बातचीत के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजा है।

    अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने इस्लामाबाद रवाना होने से पहले कहा कि अगर ईरान ‘सद्भावना’ से काम करता है, तो वे उसके साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान “हमें बेवकूफ़ बनाने” की कोशिश करता है, तो अमेरिका इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा। ईरान की संसद के अध्यक्ष ने ज़ोर देकर कहा कि कोई भी बातचीत शुरू होने से पहले लेबनान में संघर्ष-विराम होना ज़रूरी है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को कहा कि वे लेबनान के साथ जल्द से जल्द बातचीत करने के लिए तैयार हैं।

  • MP: ग्वालियर में 9 साल की मासूम और 8वीं की छात्रा से दुष्कर्म….दोनों आरोपी गिरफ्तार

    MP: ग्वालियर में 9 साल की मासूम और 8वीं की छात्रा से दुष्कर्म….दोनों आरोपी गिरफ्तार


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में 2 नाबालिग बच्चियों से रेप करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने दोनों मामले में आरोपियों को पकड़ लिया है। इनमें से एक आरोपी नाबालिग (Accused Minor) है और पीड़ित छात्रा का सहपाठी भी है।

    ग्वालियर में 9 साल की बच्ची से रेप करने का मामला सामने आया है। यह घटना शाम बिजौली थाना क्षेत्र के सुपावली गांव में हुई। बच्ची अपने ताऊ को खेत पर खाना देने गई थी। खाना देने के बाद वह वहीं खेलने लगी। उसके ताऊ अपने काम में व्यस्त थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे रामवीर जाटव ने बच्ची को अकेला देखा।

    आरोपी बच्ची को बहला-फुसलाकर एक एकांत स्थान पर ले गया। आरोपी रामवीर जाटव ने वहां बच्ची के साथ रेप किया। जब बच्ची ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बच्ची को धमकाकर मौके से फरार हो गया।

    घटना के बाद बालिका घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई। परिजन तत्काल बालिका को लेकर बिजौली थाने पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बालिका की शिकायत पर आरोपी रामवीर जाटव के खिलाफ दुष्कर्म सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। बिजौली थाना सर्किल के सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि बालिका से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    वहीं, दूसरी घटना ग्वालियर में एक आठवीं की छात्रा के साथ उसके ही साथ में पढ़ने वाले छात्र ने रेप किया है। घटना के समय छात्रा घर पर अकेली थी। आरोपी सहपाठी घर में दाखिल हुआ और विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। घटना का पता उस समय चला जब आरोपी घर से भाग रहा था तो छात्रा की मां वहां पहुंच गई।

    मां के पूछने पर छात्रा ने पूरी घटना बता दी। पहले परिवार बदनामी के डर से खामोश रहा, लेकिन परिवार ने मामले की शिकायत की। पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी भी नाबालिग है और उसे बाल सुधार गृह भेजा गया है।

  • MP में पिछले 14 महीनों में 149 तेंदुओं की मौत… आंकड़ों ने बढ़ाई वन्यजीव प्रेमियों की चिंता

    MP में पिछले 14 महीनों में 149 तेंदुओं की मौत… आंकड़ों ने बढ़ाई वन्यजीव प्रेमियों की चिंता


    भोपाल।
    भारत (India) में सबसे ज्यादा तेंदुए (Leopard) मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh.) में पाए जाते हैं और इसी वजह से इसे तेंदुओं का प्राकृतिक आवास (Leopards Natural habitat ) भी कहा जाता है। लेकिन हाल ही में सामने आए एक चिंताजनक आंकड़े (Worrying statistics) ने देश के वन्यजीव प्रेमियों को चिंता में डाल दिया है। दरअसल सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी से पता चला है कि बीते 14 महीनों में राज्य में कुल 149 तेंदुओं की जान जा चुकी है। यह आंकड़ा जनवरी 2025 से लेकर मार्च 2026 तक का है।

    खास बात यह है कि इन मौतों के पीछे की सबसे बड़ी वजह तेंदुओं का शिकार होना नहीं है, बल्कि इन मौतों का बड़ा कारण सड़क हादसे रहे हैं। वहीं वन विभाग ने मौतों के इन आंकड़ों को सामान्य बताया है और उसका कहना है कि तेंदुओं के मामले में चार प्रतिशत की मृत्यु दर स्वीकार्य सीमा के भीतर है।


    31 प्रतिशत मौतों के पीछे सड़क हादसे वजह

    तेंदुओं की मौत की जानकारी पाने के लिए RTI कार्यकर्ता अजय दुबे ने आवेदन लगाया था। जिसके जवाब में उन्हें बताया गया कि जनवरी 2025 से इस साल मार्च तक के 14 महीनों में मध्य प्रदेश में 149 तेंदुओं की मौत हुई। इनमें से 31 प्रतिशत मौतें सड़क दुर्घटनाओं के कारण हुईं। डेटा के अनुसार इनमें से भी 19 मौतें हाईवे पर हुईं। वहीं बुढ़ापा और बीमारी जैसे प्राकृतिक कारणों के कारण 24 प्रतिशत मौतें हुईं, जबकि 21 प्रतिशत मौतें वन्यजीवों के बीच आपसी संघर्ष के कारण हुईं।


    8 तेंदुओं की जान करंट लगने की वजह से गई

    आंकड़ों के अनुसार शिकार और बदले की भावना के कारण लगभग 14 प्रतिशत तेंदुओं की जानें गईं। 8 लेपर्ड की मौत बिजली का झटका लगने से हुई, फिर चाहे वह जानबूझकर लगाया गया हो या गलती से लगा हो, जबकि दो जानवर फंदों में फंसकर मारे गए। इसके अलावा लगभग नौ प्रतिशत मामलों में, मौत का कारण पता नहीं चल पाया।


    तेंदुओं की लिए कब्रिस्तान बन रहा MP- RTI कार्यकर्ता

    इस RTI को लगाने वाले एक्टिविस्ट अजय दुबे मौतों के इन आंकड़ों को भयावह बता रहे हैं, उनका कहना है कि ये आंकड़े एक गंभीर सच्चाई है। उन्होंने कहा, ‘टाइगर स्टेट (MP) तेंदुओं के लिए एक कब्रिस्तान बन गया है। NTCA (नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी) के प्रोटोकॉल को लागू करने में सिस्टम की नाकामी और सुरक्षित रास्तों की कमी उन्हें खत्म कर रही है।’


    वन विभाग ने कहा- 4% का आंकड़ा सामान्य

    उधर वन विभाग इन मौतों को सामान्य बता रहा है। इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए वन विभाग के अतिरिक्त प्रधान मुख्य संरक्षक (वन्यजीव) एल.कृष्णमूर्ति ने कहा कि राज्य में तेंदुओं की मृत्यु दर को कम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि ‘तेंदुए आकार में छोटे होते हैं और आसानी से दिखाई नहीं देते, इसलिए वे पूरे राज्य में फैले हुए हैं। वे अक्सर इंसानी बस्तियों के करीब पाए जाते हैं।’

    आगे उन्होंने कहा कि ‘मौतों के आंकड़े को कम करने के लिए हम योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे हैं और नई सड़कों पर जानवरों के लिए सुरक्षित निकलने के रास्ते बनाने (एनिमल पैसेज), चेतावनी के संकेतक लगाने और नियमित गश्त करने जैसे उपाय लागू कर रहे हैं।’ साथ ही उन्होंने आगे कहा, ‘हम सड़कों के पास पानी के स्रोत न बनाने की भी सलाह दे रहे हैं, क्योंकि जानवर अक्सर पानी की तलाश में सड़कों की ओर आ जाते हैं और दुर्घटनाओं का शिकार बन जाते हैं।’


    बिग कैट फैमिली में 10 से 20 प्रतिशत मौतें सामान्य

    एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ‘करीब 4,000 तेंदुओं में से 149 की मौत होना केवल 4 प्रतिशत का नुकसान है, जबकि बिल्ली परिवार में सालाना 10 से 20 प्रतिशत तक की मृत्यु दर को स्वीकार्य माना जाता है।’ बता दें कि फरवरी 2024 में जारी आंकड़ों के अनुसार देश में तेंदुओं की सबसे ज्यादा संख्या मध्य प्रदेश में है। उस वक्त मध्य प्रदेश में 3,907 तेंदुए थे। इससे पहले साल 2018 में राज्य में 3,421 तेंदुए थे। मध्य प्रदेश के बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक का नंबर आता है।

  • सीता नवमी पर करें ये विधि पूरी होगी हर मनोकामना जानिए 2026 की डेट और शुभ समय

    सीता नवमी पर करें ये विधि पूरी होगी हर मनोकामना जानिए 2026 की डेट और शुभ समय


    नई दिल्ली । भारतीय परंपरा में बच्चों को नजर दोष से बचाने के लिए कई धार्मिक और ज्योतिषीय उपाय बताए गए हैं और इनमें कालाष्टमी का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन भगवान काल भैरव को समर्पित होता है जिन्हें संकटों का नाश करने वाला और समय का स्वामी माना जाता है। मान्यता है कि कालाष्टमी के दिन किए गए उपाय नकारात्मक शक्तियों को दूर करते हैं और बच्चों को बुरी नजर से सुरक्षित रखते हैं। वर्ष 2026 में 10 अप्रैल को कालाष्टमी का व्रत मनाया जा रहा है और इस दिन किए गए सरल उपाय बेहद प्रभावी माने जाते हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कालाष्टमी हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आती है और इस दिन भगवान काल भैरव की पूजा विशेष फलदायी होती है। काशी में काल भैरव को कोतवाल कहा जाता है और उन्हें सुरक्षा और न्याय का देवता माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा करने से भय संकट और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है। ज्योतिष शास्त्र में भी इस दिन को तंत्र मंत्र और रक्षा उपायों के लिए अत्यंत शक्तिशाली माना गया है।

    यदि आपके घर में छोटे बच्चे हैं और आपको लगता है कि उन्हें बार बार नजर लग जाती है तो कालाष्टमी के दिन कुछ आसान उपाय जरूर करने चाहिए। सबसे पहले घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं। दीपक जलाने के बाद उसकी लौ से काजल तैयार करें और इस काजल को बच्चे के माथे या कान के पीछे हल्का सा लगा दें। ऐसा करने से नजर दोष से बचाव होता है और बच्चे के चारों ओर एक सकारात्मक ऊर्जा का घेरा बनता है।

    इसके अलावा आप मंदिर जाकर भगवान काल भैरव के चरणों में काला धागा अर्पित कर सकते हैं। इस धागे पर थोड़ा सा सिंदूर लगाकर इसे बच्चे के हाथ या गले में बांध दें। मान्यता है कि यह काला धागा एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है और बुरी नजर के प्रभाव को दूर करता है। इस दौरान ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं मंत्र का जाप करना भी अत्यंत लाभकारी माना गया है।

    कालाष्टमी के दिन रात 9 बजे से 11 बजे के बीच पूजा करना सबसे शुभ माना जाता है। इस समय की गई पूजा जल्दी फल देती है और भगवान काल भैरव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। भक्त इस दौरान व्रत रखते हैं दीप जलाते हैं और भगवान से अपने परिवार विशेषकर बच्चों की रक्षा की प्रार्थना करते हैं। यह दिन केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है बल्कि यह विश्वास और आस्था का प्रतीक भी है। ऐसे उपाय लोगों को मानसिक शांति और सुरक्षा का एहसास देते हैं। हालांकि इन उपायों के साथ साथ बच्चों की देखभाल स्वच्छता और स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।

    कालाष्टमी पर किए गए ये सरल उपाय न केवल परंपरा का हिस्सा हैं बल्कि पीढ़ियों से चले आ रहे विश्वास का प्रतीक भी हैं जो आज भी लोगों के जीवन में उतने ही प्रभावी माने जाते हैं।नई दिल्ली । हिंदू धर्म में वैशाख मास का विशेष महत्व होता है और इसी पावन महीने में सीता नवमी का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। यह दिन माता सीता के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है जिन्हें त्याग धैर्य और आदर्श नारीत्व का प्रतीक माना जाता है। वर्ष 2026 में सीता नवमी 25 अप्रैल को मनाई जाएगी और इस दिन व्रत और पूजा करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

    वैदिक पंचांग के अनुसार वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि की शुरुआत 24 अप्रैल 2026 को रात 07 बजकर 21 मिनट पर होगी और इसका समापन 25 अप्रैल 2026 को शाम 06 बजकर 27 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार यह पर्व 25 अप्रैल को ही मनाया जाएगा। इस दिन कई शुभ मुहूर्त भी बन रहे हैं जो पूजा पाठ और व्रत के लिए अत्यंत फलदायी माने जाते हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 51 मिनट से 5 बजकर 35 मिनट तक रहेगा जो साधना और ध्यान के लिए श्रेष्ठ है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से 1 बजकर 10 मिनट तक रहेगा वहीं विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 52 मिनट से 3 बजकर 43 मिनट तक का समय सफलता और शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना गया है। इसके अलावा अमृत काल शाम 6 बजकर 29 मिनट से रात 8 बजकर 04 मिनट तक रहेगा जो विशेष रूप से पूजा के लिए अनुकूल है।

    सीता नवमी का आध्यात्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। माता सीता को देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है और उनकी पूजा करने से घर में सुख समृद्धि और शांति का वास होता है। यह दिन विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस व्रत को करने से अखंड सौभाग्य और दांपत्य जीवन में खुशहाली बनी रहती है।

    पूजा विधि की बात करें तो इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। घर के मंदिर में माता सीता और भगवान राम की प्रतिमा या चित्र स्थापित किया जाता है। इसके बाद उन्हें पीले फूल शृंगार की सामग्री और नैवेद्य अर्पित किया जाता है। श्रद्धा के साथ ‘श्री जानकी रामाभ्यां नमः’ मंत्र का 108 बार जप किया जाता है और सीता नवमी की कथा का पाठ किया जाता है। अंत में आरती कर भगवान से सुख समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है।

    इस दिन ॐ सीतायै नमः और ॐ श्री सीता रामाय नमः जैसे मंत्रों का जाप करना भी अत्यंत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से इस दिन व्रत और पूजा करता है उसके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी कष्ट दूर होते हैं। सीता नवमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि यह नारी शक्ति सहनशीलता और समर्पण का भी प्रतीक है। यह दिन हमें जीवन में धैर्य और मर्यादा का महत्व सिखाता है और परिवार के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करता है।

  • अधिक मास 2026 की पूरी जानकारी इस अवधि में क्यों नहीं होते शादी गृहप्रवेश और नए काम

    अधिक मास 2026 की पूरी जानकारी इस अवधि में क्यों नहीं होते शादी गृहप्रवेश और नए काम

    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में अधिक मास का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है और इसे साल के सबसे पवित्र समयों में से एक माना जाता है। अधिक मास जिसे मल मास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है हर तीन वर्ष में एक बार आता है और इस दौरान व्यक्ति को भक्ति साधना और आत्म चिंतन की ओर प्रेरित किया जाता है। वर्ष 2026 में अधिक मास 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक रहेगा और इस पूरे समय को आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ माना गया है जबकि मांगलिक कार्यों के लिए यह अवधि वर्जित रहती है।

    अधिक मास का आधार हिंदू पंचांग की गणना पद्धति से जुड़ा हुआ है। हिंदू कैलेंडर चंद्रमा की गति पर आधारित होता है जबकि सौर वर्ष सूर्य की गति के अनुसार चलता है। चंद्र वर्ष सौर वर्ष से लगभग 11 दिन छोटा होता है जिससे समय के साथ अंतर बढ़ने लगता है। इस अंतर को संतुलित करने के लिए हर तीन साल में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है जिसे अधिक मास कहा जाता है। यह प्रक्रिया समय संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक मानी जाती है और इसी कारण इसका धार्मिक महत्व भी बढ़ जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिक मास को मल मास भी कहा जाता है क्योंकि इस दौरान विवाह गृह प्रवेश नामकरण और जनेऊ जैसे शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। इन कार्यों को इस अवधि में टाल दिया जाता है ताकि इन्हें अधिक शुभ समय में संपन्न किया जा सके। हालांकि नाम भले ही मल मास हो लेकिन इसका आध्यात्मिक महत्व अत्यंत उच्च माना जाता है और इसे पुण्य अर्जित करने का श्रेष्ठ समय बताया गया है।

    अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है और यह भगवान विष्णु को समर्पित होता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख समृद्धि और शांति आती है। इस दौरान भक्त व्रत रखते हैं पूजा पाठ करते हैं और धार्मिक ग्रंथों का श्रवण करते हैं जिससे मानसिक शांति और आध्यात्मिक बल प्राप्त होता है।

    इस पूरे महीने में लोगों को सांसारिक गतिविधियों से थोड़ा विराम लेकर आध्यात्मिक जीवन की ओर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी जाती है। श्रद्धालु इस समय दान पुण्य करते हैं मंदिरों में दर्शन करते हैं और जरूरतमंदों की सहायता करते हैं। इसके अलावा पेड़ पौधे लगाना समाज सेवा करना और धार्मिक कथाओं का आयोजन करना भी इस समय विशेष फलदायी माना जाता है।

    अधिक मास व्यक्ति को यह अवसर देता है कि वह अपने जीवन का मूल्यांकन करे अपने कर्मों पर विचार करे और ईश्वर के प्रति अपनी आस्था को मजबूत बनाए। यह समय केवल धार्मिक अनुष्ठानों का ही नहीं बल्कि आत्म सुधार और आंतरिक शांति प्राप्त करने का भी होता है।

  • शनिवार 11 अप्रैल 2026 का राशिफल धन से लेकर सेहत तक क्या कहते हैं ग्रह

    शनिवार 11 अप्रैल 2026 का राशिफल धन से लेकर सेहत तक क्या कहते हैं ग्रह


    नई दिल्ली । 11 अप्रैल 2026 का दिन वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि के साथ प्रारंभ होगा. इस दिन सिद्ध योग साध्य योग सर्वार्थ सिद्धि योग आडल योग और विडाल योग का प्रभाव देखा जाएगा. बुध ग्रह के प्रभाव से संचार व्यापार और निर्णय क्षमता पर विशेष असर देखने को मिलेगा. कई राशियों के लिए यह दिन नए अवसरों का संकेत देगा लेकिन जल्दबाजी से नुकसान भी संभव है. पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा. इस दिन का ग्रह गोचर सभी बारह राशियों पर अलग अलग प्रभाव डालेगा. कुछ लोगों के लिए यह समय धन लाभ और रिश्तों में सुधार लेकर आएगा जबकि कुछ को स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में सावधानी रखनी होगी.

    मेष राशि घर में मरम्मत कार्य तेजी से पूरा होगा. पुराने मित्र से मुलाकात खुशी देगी. मानसिक तनाव कम होगा. आर्थिक मामलों में छोटे लाभ के संकेत मिलेंगे और कार्यों में गति बनी रहेगी.

    वृषभ राशि प्रेम जीवन की परेशानियां कम होंगी. पड़ोसी से विवाद संभव है. संपत्ति से जुड़े निर्णय में लाभ मिल सकता है. निवेश को लेकर सोच समझकर कदम उठाना बेहतर रहेगा और वाणी पर संयम जरूरी होगा.

    मिथुन राशि
    पैरों में चोट की संभावना रहेगी इसलिए सावधानी रखें. जीवनसाथी को किसी सच्चाई का पता चल सकता है. आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी. स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही नुकसान दे सकती है इसलिए सावधानी रखें.

    कर्क राशि
    संपत्ति से जुड़े बड़े निर्णय टालें. पैसों की कमी से कठिनाई बढ़ सकती है. घर में मेहमान आने से वातावरण खुशहाल होगा. पुराने रिश्ते फिर जुड़ सकते हैं. खर्च बढ़ेगा और भागदौड़ रहेगी. मानसिक दबाव बढ़ सकता है लेकिन धैर्य से स्थिति संभल जाएगी.

    सिंह राशि घर बदलने का निर्णय सही नहीं रहेगा. स्वास्थ्य पर ध्यान दें. कार्यस्थल पर कम बोलकर काम पर फोकस करें. अत्यधिक खर्च से बचना होगा और परिवार में तालमेल बनाए रखना होगा.

    कन्या राशि पैर में चोट की संभावना है. स्थान परिवर्तन का निर्णय टालें. काम में एकाग्रता रखें. कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और धैर्य से काम लेना होगा.

    तुला राशि मांगलिक कार्यक्रम की योजना बनेगी. खरीदारी के लिए समय शुभ है. प्रेम संबंधों में नई शुरुआत संभव है. सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और मित्रों का सहयोग मिलेगा.

    वृश्चिक राशि निवेश टालना बेहतर रहेगा. करीबी से धोखा मिल सकता है. सिर दर्द की समस्या रह सकती है. निर्णय लेने में जल्दबाजी नुकसानदेह होगी और मानसिक तनाव बढ़ सकता है.

    धनु राशि स्वास्थ्य में सुधार होगा. खर्च बढ़ेगा. शाम को सतर्क रहें और कम बोलें. यात्रा से लाभ संभव है लेकिन स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी होगा.

    मकर राशि प्रेम जीवन में जल्दबाजी से बचें. स्वास्थ्य और धन दोनों में उतार चढ़ाव रहेगा. संबंधों में गलतफहमी हो सकती है इसलिए संवाद स्पष्ट रखें.

    कुंभ राशि अहंकार छोड़ना जरूरी होगा. रिश्तों में सुधार की संभावना है. आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी. नए अवसर मिल सकते हैं और आत्मविश्वास बढ़ेगा.

    मीन राशि दांपत्य जीवन में निर्णय सावधानी से लें. अचानक धन लाभ संभव है. परिवार में सुख शांति बनी रहेगी और पुराने विवाद खत्म हो सकते हैं.

  • गर्मी में तुरंत राहत देगा यह सुपर ड्रिंक नारियल पानी और बीज का कमाल जानकर हैरान रह जाएंगे

    गर्मी में तुरंत राहत देगा यह सुपर ड्रिंक नारियल पानी और बीज का कमाल जानकर हैरान रह जाएंगे


    नई दिल्ली । गर्मी के मौसम में बढ़ता तापमान और लगातार पसीना निकलने की वजह से शरीर में डिहाइड्रेशन और थकान की समस्या आम हो जाती है। ऐसे में शरीर को केवल पानी नहीं बल्कि ऐसे प्राकृतिक पेय की जरूरत होती है जो इलेक्ट्रोलाइट्स और पोषक तत्वों से भरपूर हो। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए नारियल पानी और सब्जा सीड्स का संयोजन एक बेहद प्रभावी सुपरड्रिंक माना जा रहा है जो शरीर को तुरंत ठंडक और ऊर्जा प्रदान करता है।

    नारियल पानी अपने आप में एक प्राकृतिक एनर्जी ड्रिंक है जिसमें पोटैशियम मैग्नीशियम और सोडियम जैसे जरूरी मिनरल्स मौजूद होते हैं जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में मदद करते हैं। जब इसमें सब्जा सीड्स यानी तुलसी के बीज मिलाए जाते हैं तो इसका असर और भी बढ़ जाता है। सब्जा सीड्स पानी में फूलकर जेल जैसा रूप ले लेते हैं जिससे शरीर में पानी लंबे समय तक बना रहता है और व्यक्ति खुद को अधिक समय तक हाइड्रेटेड महसूस करता है।

    गर्मियों में अक्सर लोग पेट की समस्याओं जैसे गैस एसिडिटी और कब्ज से परेशान रहते हैं। ऐसे में यह ड्रिंक पाचन तंत्र के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है। सब्जा सीड्स में मौजूद घुलनशील फाइबर आंतों की सफाई में मदद करता है जबकि नारियल पानी पेट की जलन को शांत करता है। दोनों का संयोजन पाचन को बेहतर बनाकर शरीर को हल्का और ऊर्जावान बनाए रखता है।

    थकान और कमजोरी भी गर्मियों में एक बड़ी समस्या होती है। नारियल पानी में प्राकृतिक शर्करा होती है जो तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है जबकि सब्जा सीड्स धीरे धीरे ऊर्जा रिलीज करते हैं। इस वजह से यह ड्रिंक लंबे समय तक शरीर को एक्टिव रखता है और बार बार होने वाली थकान को कम करता है।

    वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी यह मिश्रण बेहद उपयोगी माना जाता है। सब्जा सीड्स पेट में जाकर फूल जाते हैं जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और अनावश्यक भूख कम लगती है। वहीं नारियल पानी लो कैलोरी होने के कारण मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाकर फैट बर्निंग प्रक्रिया में मदद करता है।

    इसके अलावा यह ड्रिंक त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। नारियल पानी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करते हैं जिससे त्वचा साफ और चमकदार बनती है। सब्जा सीड्स के साथ नियमित सेवन करने से मुंहासों की समस्या कम हो सकती है और स्किन में प्राकृतिक निखार आता है।

    कुल मिलाकर यह प्राकृतिक सुपरड्रिंक गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने डिहाइड्रेशन से बचाने और ऊर्जा बनाए रखने का एक आसान और प्रभावी उपाय है। महंगे एनर्जी ड्रिंक्स की तुलना में यह एक सस्ता और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प साबित हो सकता है जिसे रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।

  • बांधवगढ़ में फिर टाइगर अटैक, महुआ बीनने गई महिला को बाघ ने बनाया शिकार

    बांधवगढ़ में फिर टाइगर अटैक, महुआ बीनने गई महिला को बाघ ने बनाया शिकार


    उमरिया। मध्यप्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक बार फिर बाघ के हमले में महिला की मौत हो गई। पनपथा कोर क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद आसपास के गांवों में डर का माहौल फैल गया है।

    महुआ बीनने गई महिला पर हमला

    जानकारी के मुताबिक, ग्राम झलवार निवासी कुसुम बाई गोड़ शुक्रवार को जंगल में महुआ बीनने गई थीं। इसी दौरान पनपथा कोर क्षेत्र के झिरिया जंगल में घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। बाघ महिला को पकड़कर झाड़ियों की ओर घसीट ले गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना जंगल के कक्ष क्रमांक आरएफ 460 के पास बी-2 कैंप क्षेत्र में हुई। दोपहर में ग्रामीणों ने घटना देखी और तुरंत पुलिस व वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और आगे की कार्रवाई शुरू की।

    परिजनों को दी गई तत्काल सहायता

    वन विभाग के अधिकारियों ने मृतक महिला के परिजनों को सांत्वना देते हुए तत्काल 5 हजार रुपये की सहायता राशि दी है। शासन की ओर से निर्धारित 8 लाख रुपये की मुआवजा राशि भी नियमानुसार दी जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र में बाघों की बढ़ती गतिविधियों के चलते मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है।