Author: bharati

  • पाइपलाइन के लिए खोदा गड्ढा बना हादसे की वजह, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

    पाइपलाइन के लिए खोदा गड्ढा बना हादसे की वजह, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप


    जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में सोमवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब तेज रफ्तार बाइक 15 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी। हादसे में दो युवक घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    पाइपलाइन के लिए खोदा गया था गड्ढा

    यह घटना रांझी थाना क्षेत्र के गोकलपुर गांव की है, जहां नगर निगम द्वारा अमृत योजना 2.0 के तहत पाइपलाइन डालने के लिए सड़क पर गहरा गड्ढा खोदा गया था। बताया जा रहा है कि सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड भी मौके पर गिरे हुए थे, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया।

    80 किमी/घंटा की रफ्तार बनी हादसे की वजह

    सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, बाइक की रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे से ज्यादा थी। तेज गति के कारण चालक गड्ढे को समय पर देख नहीं सका और बाइक सीधे उसमें जा गिरी।

    पुलिस ने दिखाई तत्परता

    घटना के समय रांझी पुलिस की गश्त टीम पास ही मौजूद थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तुरंत रांझी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।

    अधिकारियों की लापरवाही पर उठे सवाल

    स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढे के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। बैरिकेड्स का गिरा होना और चेतावनी संकेतों का अभाव इस हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जबलपुर में हुआ यह हादसा भले ही जानलेवा नहीं रहा, लेकिन यह साफ करता है कि सड़क निर्माण और खुदाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।

  • साथ जीने-मरने की कसम बनी हकीकत, दूल्हा-दुल्हन सा सजकर की आत्महत्या

    साथ जीने-मरने की कसम बनी हकीकत, दूल्हा-दुल्हन सा सजकर की आत्महत्या


    नई दिल्ली। मुठिया टोला, चांदपुर मुठिया टोला में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक दंपती ने साथ जीने-मरने की कसम को सच करते हुए फांसी लगाकर जान दे दी। 1 अप्रैल को दोनों अपने ही घर में फंदे से लटके मिले, जिससे परिवार और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।

    सुसाइड से पहले की अजीब तैयारी

    परिजनों के अनुसार, घटना से पहले दोनों ने खुद को दूल्हा-दुल्हन की तरह सजाया था। घर में पॉपकॉर्न और शराब भी लाई गई थी। इतना ही नहीं, मोबाइल में “साथ जिएंगे, साथ मरेंगे…” की रिंगटोन भी सेट की गई थी। इन सभी तैयारियों से साफ है कि यह कदम अचानक नहीं, बल्कि पूरी योजना के साथ उठाया गया।

    नई रस्सी से फांसी लगाकर दी जान

    बताया जा रहा है कि दंपती ने नई रस्सी का इस्तेमाल कर फांसी लगाई। घटना के समय घर में कोई और मौजूद नहीं था। जब परिजनों ने देखा तो दोनों मृत अवस्था में लटके मिले, जिससे घर में कोहराम मच गया।

    पिता का दर्द: “घर में कोई परेशानी नहीं थी”

    मृतक युवक के पिता गणेश पटेल ने रोते हुए बताया कि दोनों की शादी परिवार की सहमति से हुई थी। रिश्तेदारी में पहचान होने के बाद दोनों की जिद पर शादी कराई गई थी। उन्होंने कहा, “शादी के ढाई साल तक सबकुछ सामान्य था। घर में कोई परेशानी नहीं थी, फिर भी उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह समझ से परे है।”

    पुराने रिश्ते को लेकर शक

    पिता ने आशंका जताई कि शादी से पहले बहू किसी अन्य युवक के संपर्क में थी। उनका कहना है कि संभव है वही व्यक्ति उसे परेशान कर रहा हो। हालांकि यह सिर्फ एक शक है और असली वजह जांच के बाद ही सामने आएगी।

    अनसुलझे सवालों में उलझी कहानी

    यह घटना कई सवाल छोड़ गई है-

    क्या दंपती किसी मानसिक दबाव में थे?
    क्या किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका थी?
    या फिर यह दोनों का आपसी फैसला था?
    इन सवालों के जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं हैं।

    पुलिस जांच जारी

    पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। मोबाइल, कॉल रिकॉर्ड और आसपास के लोगों से पूछताछ के जरिए सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जा रही है।

    चांदपुर की यह घटना एक गहरी त्रासदी है, जिसने परिवार को तोड़कर रख दिया है और समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • लिवर में दोबारा सिस्ट मिलने से दीपिका कक्कड़ की सेहत को लेकर चिंता..

    लिवर में दोबारा सिस्ट मिलने से दीपिका कक्कड़ की सेहत को लेकर चिंता..


    नई दिल्ली।टेलीविजन जगत की लोकप्रिय अभिनेत्री दीपिका कक्कड़ एक बार फिर अपनी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चर्चा में हैं। पहले गंभीर लिवर सर्जरी और कैंसर जैसे सिस्ट के इलाज से गुजर चुकीं दीपिका के शरीर में दोबारा सिस्ट पाए जाने की जानकारी सामने आई है, जिसके बाद उनका मानसिक तनाव और चिंता बढ़ गई है। परिवार और फैंस दोनों इस खबर से चिंतित हैं, जबकि डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

    पहले भी झेल चुकी हैं बड़ी सर्जरी
    दीपिका कक्कड़ को कुछ समय पहले लिवर के पास टेनिस बॉल के आकार का एक कैंसरयुक्त सिस्ट पाया गया था, जिसके बाद उन्हें बड़ी सर्जरी से गुजरना पड़ा था। इस ऑपरेशन में उनके लिवर का लगभग 22 प्रतिशत हिस्सा निकालना पड़ा था। उस समय की स्थिति काफी गंभीर थी, लेकिन इलाज के बाद वे धीरे धीरे रिकवर कर रही थीं और सामान्य जीवन की ओर लौट रही थीं।

    फिर सामने आई नई मेडिकल समस्या
    हाल ही में नियमित जांच के दौरान उनके लिवर के पास फिर से 1.3 सेंटीमीटर का सिस्ट पाया गया। इस नए सिस्ट के सामने आने के बाद उन्हें दोबारा सर्जरी करानी पड़ी और अब डॉक्टर आगे के इलाज और जांच को लेकर लगातार निगरानी कर रहे हैं। इस स्थिति ने उनके मानसिक तनाव को और बढ़ा दिया है क्योंकि बीमारी के दोबारा लौटने की आशंका उन्हें परेशान कर रही है।

    मानसिक तनाव और भावनात्मक संघर्ष
    दीपिका ने अपनी स्थिति को लेकर खुलकर बात करते हुए बताया कि इस बीमारी ने उन्हें अंदर से हिला दिया है। लगातार स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उनके जीवन में चिंता और बेचैनी बढ़ गई है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अब उन्हें भविष्य को लेकर डर महसूस होने लगा है और वे अपनी सेहत को लेकर बेहद सतर्क हो गई हैं।

    बेटे से दूरी का दर्द
    इस कठिन समय में दीपिका कक्कड़ अपने छोटे बेटे रुहान से पर्याप्त समय नहीं बिता पाने को लेकर भावुक भी हैं। उन्होंने बताया कि कमजोरी और अस्पताल में भर्ती रहने के कारण वे अपने बेटे के साथ पहले की तरह समय नहीं बिता पा रही हैं। कई बार थकान इतनी बढ़ जाती है कि उन्हें आराम करना पड़ता है, जिससे पारिवारिक जीवन पर भी असर पड़ रहा है।

    परिवार का साथ और जिम्मेदारियां
    इस मुश्किल समय में उनके पति शोएब इब्राहिम लगातार उनके साथ खड़े हैं और घर की जिम्मेदारियों को संभाल रहे हैं। परिवार पूरी कोशिश कर रहा है कि दीपिका को मानसिक और भावनात्मक सहारा मिल सके। हालांकि घर के बाहर सब सामान्य दिखता है, लेकिन अंदर से सभी लोग इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं।

    सकारात्मक सोच के साथ आगे की लड़ाई
    दीपिका ने कहा है कि इस कठिन समय में सकारात्मक रहना सबसे जरूरी है और वे पूरी तरह ठीक होने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव शुरू कर दिए हैं। डॉक्टरों के संपर्क में रहते हुए वे आगे के इलाज को लेकर हर जरूरी कदम उठा रही हैं और उम्मीद कर रही हैं कि जल्द ही उनकी सेहत में सुधार आएगा।

  • प्रॉपर्टी विवाद में खूनी हमला, महिला ने मिर्ची झोंकी, साथी ने मारी गोली!

    प्रॉपर्टी विवाद में खूनी हमला, महिला ने मिर्ची झोंकी, साथी ने मारी गोली!


    जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में गुरुवार देर रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां हाई कोर्ट में मुंशी का काम करने वाले व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर दिया गया। हमलावरों ने पहले उनकी आंखों में मिर्च पाउडर डाला और फिर गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पीड़ित खुद पुलिस चौकी पहुंचा, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    महिला ने रोका, फिर शुरू हुआ हमला

    घटना पाटन थाना क्षेत्र के बेनीखेड़ा इलाके की है। जानकारी के अनुसार, आगाशोद निवासी 52 वर्षीय ठाकुर दास पटेल बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक महिला ने चेहरा ढंककर उन्हें रास्ते में रोका और अचानक उनकी आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया। मिर्च लगते ही उनका संतुलन बिगड़ गया और वे बाइक सहित सड़क पर गिर पड़े।

    घात लगाए बैठे आरोपियों ने घेरकर की मारपीट

    जैसे ही ठाकुर दास नीचे गिरे, पहले से घात लगाए बैठे 6 अन्य आरोपी वहां पहुंच गए और उन्हें घेरकर मारपीट करने लगे। पीड़ित ने किसी तरह खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने कट्टे से उन पर फायर कर दिया। गोली उनके पेट के किनारे जा फंसी, जबकि छर्रे गले में लगे, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

    लहूलुहान हालत में खुद पहुंचे पुलिस चौकी

    हैरानी की बात यह रही कि इतनी गंभीर हालत में भी ठाकुर दास ने हिम्मत नहीं हारी और खुद नुनसर पुलिस चौकी पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें तत्काल अस्पताल भिजवाया।

    जमीन विवाद बना हमले की वजह

    घायल ने पुलिस को बताया कि यह हमला प्रॉपर्टी विवाद का नतीजा है। उन्होंने ‘सूखा’ क्षेत्र में एक जमीन खरीदने के लिए करीब 22 लाख रुपए दिए थे, लेकिन आरोपी रजिस्ट्री नहीं कर रहे थे। पीड़ित ने दीपक काक्षी, गोपाल काक्षी, वंदना सिंह, बृजलाल पटेल, अर्जुन और सिद्धार्थ दुबे समेत कुल 7 लोगों पर हमले का आरोप लगाया है।

    हत्या के प्रयास का मामला दर्ज

    नुनसर पुलिस चौकी प्रभारी विपिन तिवारी के अनुसार, पीड़ित के बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है और घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।

    जबलपुर में हुई यह घटना प्रॉपर्टी विवादों के खतरनाक रूप को उजागर करती है, जहां मामूली विवाद भी जानलेवा हमले में बदल सकता है। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

  • आईटीआई के सामने खुली शराब दुकान पर एक्शन, 10 दिन में हटाने के निर्देश!

    आईटीआई के सामने खुली शराब दुकान पर एक्शन, 10 दिन में हटाने के निर्देश!


    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर के महल सराय इलाके में एक शराब दुकान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि ठेकेदार ने निर्धारित स्थान के बजाय आईटीआई परिसर के सामने ही दुकान खोल दी, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।

    नियमों की अनदेखी पर आबकारी विभाग सख्त

    मामले की शिकायत मिलने के बाद आबकारी विभाग ने जांच की और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 10 दिनों के भीतर दुकान को हटाया जाए, अन्यथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वृत्त प्रभारी तीर्थराज भारद्वाज ने बताया कि निरीक्षण के दौरान दुकान का स्थान नियमों के विपरीत पाया गया।

    शैक्षणिक संस्थानों के पास होने से बढ़ा विरोध

    इस पूरे विवाद की सबसे बड़ी वजह दुकान का लोकेशन है। शराब दुकान के पास ही आईटीआई, बीटीआई और एसबीआई ट्रेनिंग सेंटर जैसे शैक्षणिक संस्थान मौजूद हैं।

    इन संस्थानों में रोजाना बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं आते-जाते हैं, जिससे स्थानीय निवासियों ने इसे अनुचित बताते हुए पहले भी विरोध जताया था।

    स्थानीय लोगों ने की थी शिकायत

    क्षेत्र के निवासियों ने आबकारी विभाग में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि दुकान को तय स्थान से हटाकर गलत जगह संचालित किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह नियमों का उल्लंघन है और इससे सामाजिक माहौल भी प्रभावित हो सकता है।

    कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ सकती है सख्ती

    आबकारी विभाग ने साफ किया है कि यदि 10 दिन के भीतर दुकान नहीं हटाई जाती, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि ठेकेदार विभाग के निर्देशों का पालन करता है या नहीं।

    शिवपुरी में आईटीआई के सामने खुली शराब दुकान का मामला नियमों की अनदेखी और स्थानीय विरोध के कारण तूल पकड़ चुका है। प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए नोटिस जारी किया है, जिससे जल्द समाधान की उम्मीद है।

  • 49 साल की उम्र में पिता बने रणदीप हुड्डा के जीवन में नया अध्याय शुरू..

    49 साल की उम्र में पिता बने रणदीप हुड्डा के जीवन में नया अध्याय शुरू..


    नई दिल्ली:बॉलीवुड अभिनेता और फिल्म निर्माता रणदीप हुड्डा ने अपने निजी जीवन से जुड़ी एक बड़ी और भावनात्मक खुशी फैंस के साथ साझा की है। 49 वर्ष की उम्र में पिता बने रणदीप हुड्डा ने अपनी पत्नी लिन लैशराम के साथ मिलकर अपनी नवजात बेटी का नाम और पहली झलक सामने लाई है, जिसके बाद यह खबर सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गई है। परिवार ने इस खास मौके को बेहद सादगी और भावनात्मक अंदाज में मनाया।

    बेटी के नाम की पहली झलक ने बढ़ाया उत्साह
    रणदीप हुड्डा और लिन लैशराम ने अपनी बेटी का नाम ‘न्योमिका’ रखा है। इस नाम के सामने आते ही फैंस में उत्सुकता और खुशी दोनों देखने को मिली। कपल ने बताया कि यह नाम उन्हें पहली बार सुनते ही बेहद खास और सही महसूस हुआ। बेटी के एक महीने पूरे होने के अवसर पर इस नाम की घोषणा ने इस पल को और भी यादगार बना दिया।

    नाम का अर्थ और पारिवारिक जुड़ाव
    न्योमिका नाम का अर्थ ईश्वरीय कृपा, स्वतंत्रता और असीम आकाश जैसी विशालता से जुड़ा हुआ बताया गया है। यह नाम केवल सुंदर अर्थ ही नहीं रखता बल्कि इसके पीछे एक भावनात्मक पारिवारिक जुड़ाव भी है। बताया गया है कि यह नाम रणदीप हुड्डा की बहन ने चुना है, जिससे इस निर्णय में परिवार की भूमिका और भी खास बन गई है।

    माता पिता बनने का अनुभव
    रणदीप और लिन ने इस अनुभव को जीवन का सबसे भावनात्मक और परिवर्तनकारी समय बताया है। दोनों ने कहा कि बेटी के जन्म के बाद उनकी जिंदगी में एक नई खुशी और जिम्मेदारी जुड़ गई है। यह एक महीना उनके लिए बेहद खास रहा है, जिसमें उन्होंने हर पल को पूरी तरह जीने की कोशिश की है।

    फिल्मी करियर और निजी जीवन का संतुलन
    रणदीप हुड्डा अपने दमदार अभिनय और अलग तरह के किरदारों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हाईवे, सरबजीत, जिस्म 2, किक और लाल रंग जैसी फिल्मों में काम कर अपनी अलग पहचान बनाई है। अभिनय के साथ उन्होंने फिल्म निर्माण में भी कदम रखा है और इंडस्ट्री में एक गंभीर और समर्पित कलाकार के रूप में पहचाने जाते हैं।

    2023 में हुई थी शादी

    रणदीप हुड्डा ने 2023 में मॉडल और अभिनेत्री लिन लैशराम के साथ विवाह किया था। दोनों की जोड़ी को फिल्म इंडस्ट्री में एक संतुलित और समझदार रिश्ते के रूप में देखा जाता है। शादी के बाद अब बेटी के आगमन ने उनके जीवन को और भी पूर्णता प्रदान की है।

    फैंस की प्रतिक्रिया और बढ़ती लोकप्रियता
    बेटी के नाम और पहली झलक सामने आने के बाद फैंस ने सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं की बौछार कर दी है। लोगों ने इस नए अध्याय के लिए कपल को ढेरों बधाइयां दी हैं और इस पल को बेहद प्यारा बताया है। यह खबर लगातार चर्चा में बनी हुई है और मनोरंजन जगत में भी इसे लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

  • रूस पर ब्रिटेन का बड़ा दावा, यूरोप की केबल-पाइपलाइनों को निशाना बनाने की कोशिश का लगाया आरोप

    रूस पर ब्रिटेन का बड़ा दावा, यूरोप की केबल-पाइपलाइनों को निशाना बनाने की कोशिश का लगाया आरोप


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच अब यूरोप में रूस को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ब्रिटेन ने आरोप लगाया है कि रूसी पनडुब्बियों ने समुद्र के नीचे बिछी महत्वपूर्ण केबल्स और पाइपलाइनों को निशाना बनाने की कोशिश की जिसे ब्रिटिश और नॉर्वेजियन सेनाओं ने संयुक्त अभियान के जरिए विफल कर दिया।

    रूस की कथित गतिविधियों पर ब्रिटेन की नजर

    ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने दावा किया कि रूस की यह गतिविधि लंबे समय से चल रही थी और इसमें युद्धपोत सैन्य विमान और कई पनडुब्बियां शामिल थीं। उनके अनुसार यह अभियान करीब दो महीने तक चला जिसे निगरानी और रणनीतिक जवाबी कार्रवाई के जरिए रोका गया।

    समुद्री सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान

    ब्रिटिश रॉयल नेवी ने नॉर्वे के साथ मिलकर एक संयुक्त सैन्य अभियान चलाया जिसमें रूसी अटैक और जासूसी पनडुब्बियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। ब्रिटेन का कहना है कि जैसे ही उनकी निगरानी बढ़ाई गई रूसी इकाइयां पीछे हट गईं और मिशन छोड़ दिया।

    कठोर परिणाम की चेतावनी
    ब्रिटिश रक्षा मंत्री ने रूस को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि समुद्र के नीचे मौजूद महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश के गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन लगातार इस क्षेत्र में रूस की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।

    रणनीतिक महत्व की केबल्स और पाइपलाइन
    ब्रिटेन के अनुसार जिन समुद्री केबल्स और पाइपलाइनों की सुरक्षा की जा रही है वे वैश्विक संचार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। दावा किया गया है कि दुनिया का बड़ा डेटा ट्रैफिक इन्हीं केबल्स से होकर गुजरता है जिससे इनकी सुरक्षा रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील बन जाती है।

    रूस-नाटो तनाव के बीच बढ़ती टकराहट

    यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है। दूसरी ओर अमेरिका में राजनीतिक हलकों में भी नाटो की भूमिका और यूरोपीय देशों की सुरक्षा जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज है जिससे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता दिख रहा है।

  • शिवपुरी में बिना ड्राइवर दौड़ा ट्रैक्टर, पेड़ से टकराकर रुका-बड़ा हादसा टला!

    शिवपुरी में बिना ड्राइवर दौड़ा ट्रैक्टर, पेड़ से टकराकर रुका-बड़ा हादसा टला!


    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे में गुरुवार देर शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जगतपुर तिराहा पर खड़ा एक ट्रैक्टर अचानक बिना ड्राइवर के ही दौड़ पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि गनीमत रही कि इस दौरान कोई राहगीर या वाहन उसकी चपेट में नहीं आया।

    कैसे हुआ हादसा?

    जानकारी के मुताबिक, कुमरौआ गांव के किसान राजेंद्र धाकड़ अपनी फसल बेचकर कोलारस अनाज मंडी से वापस लौट रहे थे। उन्होंने जगतपुर तिराहा पर अपना ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क किनारे खड़ा किया और पास की दुकान पर सामान लेने चले गए। इसी दौरान खोंकर गांव के उत्तम चंदेल अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली से वहां पहुंचे और पीछे से खड़े ट्रैक्टर में टक्कर मार दी।

    गियर में खड़ा था ट्रैक्टर, अचानक हो गया स्टार्ट

    बताया जा रहा है कि खड़ा ट्रैक्टर गियर में था। जैसे ही पीछे से टक्कर लगी, ट्रैक्टर स्टार्ट होकर आगे बढ़ गया और बिना ड्राइवर के ही अनियंत्रित होकर सड़क पर दौड़ने लगा।

    पेड़ से टकराकर थमा रफ्तार का कहर

    बेकाबू ट्रैक्टर कुछ दूरी तक सड़क पर चलता रहा और फिर सड़क से उतरकर एक पेड़ से टकरा गया। इसी के साथ उसकी रफ्तार थम गई और एक बड़ा हादसा टल गया।

    बड़ा हादसा टलने से लोगों ने ली राहत की सांस

    घटना के समय आसपास कोई राहगीर या अन्य वाहन मौजूद नहीं था। अगर ट्रैक्टर किसी की चपेट में आ जाता, तो गंभीर हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों ने इसे बड़ी राहत बताया।

    लापरवाही बन सकती थी जानलेवा

    यह घटना एक बार फिर सड़क पर वाहन खड़ा करते समय सावधानी बरतने की जरूरत को दर्शाती है। गाड़ी को गियर में छोड़ना या सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज करना कभी भी खतरनाक साबित हो सकता है।

    कोलारस के जगतपुर तिराहा पर हुई यह घटना भले ही बिना किसी नुकसान के खत्म हो गई, लेकिन यह एक गंभीर चेतावनी है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

  • आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम मध्यप्रदेश में 48% स्टार्टअप महिलाओं के नाम

    आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम मध्यप्रदेश में 48% स्टार्टअप महिलाओं के नाम

    भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता को नई दिशा देने के लिए एमएसएमई विकास नीति 2025 और स्टार्टअप नीति 2025 के जरिए बड़ा कदम उठाया है। इन नीतियों का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में मजबूत आधार प्रदान करना है। राज्य सरकार का दावा है कि इन पहलों ने महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल दिए हैं और “वोकल फॉर लोकल” के विजन को भी मजबूती दी है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण के संकल्प और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में उद्योग और स्टार्टअप क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 24.34 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों में से लगभग 4.11 लाख इकाइयों का संचालन महिलाओं द्वारा किया जा रहा है, जो करीब 17 प्रतिशत हिस्सेदारी को दर्शाता है।

    स्टार्टअप क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। कुल 7264 मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में से 3476 स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं, जो लगभग 48 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह आंकड़ा देश में महिला उद्यमिता की मजबूत स्थिति को दर्शाता है और प्रदेश को स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करता है।

    एमएसएमई विकास नीति 2025 के तहत महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। जिन महिला उद्यमियों द्वारा संयंत्र और मशीनरी में निवेश किया जाता है, उन्हें ₹10 करोड़ तक के निवेश पर अधिकतम 48 प्रतिशत तक पूंजी अनुदान का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग की महिलाओं के लिए यह सहायता बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक की गई है, जबकि सामान्य वर्ग के लिए यह 40 प्रतिशत निर्धारित है। यह प्रावधान महिलाओं को बड़े स्तर पर उद्योग स्थापित करने के लिए प्रेरित कर रहा है।

    इसी तरह स्टार्टअप नीति 2025 में भी महिलाओं के लिए विशेष वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। महिला उद्यमियों को 18 प्रतिशत तक की वित्तीय सहायता दी जाती है, जिसमें प्रति ट्रॉंच ₹18 लाख तक और कुल मिलाकर ₹72 लाख तक की सहायता शामिल है। वहीं अन्य स्टार्टअप्स के लिए यह सीमा 15 प्रतिशत या ₹15 लाख तक सीमित है।

    इन नीतियों के चलते मध्यप्रदेश में महिला उद्यमिता को नई गति मिली है और राज्य सरकार इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रही है। सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से आने वाले समय में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और भी मजबूत होगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।

  • प्यार और बदले की गहरी कहानी में भावनात्मक परतों का मजबूत चित्रण….

    प्यार और बदले की गहरी कहानी में भावनात्मक परतों का मजबूत चित्रण….


    नई दिल्ली। निर्देशक शेनिल देव की फिल्म ‘डकैत: ए लव स्टोरी’ एक साधारण प्रेम कहानी की सीमाओं से बाहर निकलकर टूटे रिश्तों, बदले की आग और इंसानी भावनाओं की जटिल परतों को सामने लाती है। करीब 2 घंटे 35 मिनट की यह फिल्म एक ऐसी दुनिया रचती है जहां प्यार केवल सुकून नहीं देता, बल्कि दर्द, गुस्सा और हिंसा की एक लंबी यात्रा की शुरुआत बन जाता है। फिल्म का मूल स्वर गंभीर और भावनात्मक है, जिसमें किरदारों के फैसले कहानी को लगातार मोड़ते रहते हैं।

    आदिवी शेष का संयमित और प्रभावशाली अभिनय
    फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष आदिवी शेष का अभिनय है, जिन्होंने अपने किरदार को बेहद संतुलित और गहराई से निभाया है। टूटे हुए दिल और भीतर से उबलते गुस्से को उन्होंने बिना किसी अतिशयोक्ति के दर्शाया है। उनका अभिनय अधिकतर सूक्ष्म भावों और शांत दृश्यों के जरिए सामने आता है, जो दर्शकों पर गहरा असर छोड़ता है। कई जगह उनकी आंखों और चेहरे के भाव ही कहानी का बोझ संभालते नजर आते हैं, जिससे किरदार और अधिक विश्वसनीय बन जाता है।

    मृणाल ठाकुर की मजबूत मौजूदगी
    मृणाल ठाकुर ने भी अपने किरदार को मजबूती और संवेदनशीलता के साथ निभाया है। उनका चरित्र केवल कहानी को आगे बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि अपनी अलग पहचान और परतों के साथ खड़ा होता है। उनके भीतर छिपा रहस्य और भावनात्मक द्वंद्व फिल्म में एक अलग तनाव पैदा करता है। आदिवी शेष के साथ उनकी केमिस्ट्री कहानी को और अधिक जटिल और दिलचस्प बनाती है।

    तकनीकी पक्ष और सिनेमैटिक टोन

    फिल्म की सिनेमैटोग्राफी इसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है, जो धूल भरे और सुनसान वातावरण को बेहद प्रभावी ढंग से दर्शाती है। दृश्य संयोजन और रंगों का उपयोग कहानी के उदास और गंभीर मूड को और गहराई देता है। कैमरा कई दृश्यों को लंबे समय तक पकड़कर रखता है, जिससे भावनाओं को खुलकर सामने आने का अवसर मिलता है। हालांकि, यही शैली कई बार फिल्म की गति को धीमा भी कर देती है। बैकग्राउंड स्कोर कहानी के भावनात्मक और तनावपूर्ण क्षणों को प्रभावी रूप से उभारता है, बिना दृश्य पर हावी हुए।

    कमजोर पड़ती पटकथा और धीमी शुरुआत
    फिल्म की कहानी का आधार मजबूत होने के बावजूद पटकथा में कुछ कमजोरियां नजर आती हैं। कई घटनाक्रम अनुमानित प्रतीत होते हैं, जिससे कुछ हिस्सों में रोमांच कम हो जाता है। पहले हिस्से में कहानी और किरदारों की स्थापना पर अधिक समय दिया गया है, जिससे गति धीमी महसूस होती है। हालांकि दूसरा भाग अधिक प्रभावशाली और भावनात्मक रूप से सशक्त है, जो पहले हिस्से की कमी को काफी हद तक पूरा कर देता है।

    किरदारों की जटिल दुनिया

    फिल्म की सबसे खास बात इसका यह दृष्टिकोण है कि इसमें किसी भी किरदार को पूरी तरह सही या गलत के रूप में नहीं दिखाया गया है। हर पात्र अपनी कमजोरियों और गलतियों के साथ सामने आता है। यही ग्रे शेड्स फिल्म को यथार्थ के करीब लाते हैं और दर्शकों को सोचने पर मजबूर करते हैं। यह कहानी आसान जवाब नहीं देती, बल्कि परिस्थितियों और भावनाओं की जटिलता को उजागर करती है।

    एक गंभीर और भावनात्मक सिनेमाई अनुभव

    डकैत: ए लव स्टोरी’ उन दर्शकों के लिए बनाई गई फिल्म है जो केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि गहराई और भावनात्मक जुड़ाव की तलाश में होते हैं। यह फिल्म प्यार को एक सरल भावना के बजाय एक जटिल अनुभव के रूप में प्रस्तुत करती है, जिसमें दर्द और बदलाव भी शामिल हैं।