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  • भारतीय शेयर बाजार में 700 अंकों की छलांग, IT और एफआईआई ने बढ़ाया रुख

    भारतीय शेयर बाजार में 700 अंकों की छलांग, IT और एफआईआई ने बढ़ाया रुख


    नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में जबरदस्त तेजी के साथ खुला और दिन के दौरान सेंसेक्स ने 82,957.91 अंक का उच्चतम स्तर छुआ। यह कल की क्लोजिंग 82,225.92 से करीब 732 अंक अधिक है।

    बाजार में तेजी के पीछे पांच मुख्य कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं।

    1. IT शेयरों में मजबूत खरीदारी:
    निफ्टी आईटी इंडेक्स खबर लिखे जाने तक 2.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई सॉफ्टवेयर कंपनियों के काम करने के तरीके में बदलाव लाएगा और नए अवसर पैदा करेगा। हाल ही में एंथ्रोपिक और इंफोसिस के साथ साझेदारी ने इसका सकारात्मक असर दिखाया है। टीसीएस भी ओपनएआई के साथ मिलकर नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।

    2. वैश्विक संकेतों का सकारात्मक होना:
    अमेरिकी बाजार मंगलवार को हरे निशान में बंद हुए थे। इससे एशियाई बाजारों के साथ भारतीय बाजारों में भी तेजी का रुझान बना रहा।

    3. डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत:
    डॉलर इंडेक्स में कमजोरी से अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 6 पैसे मजबूत होकर 90.89 पर पहुंचा। रुपया मजबूती से विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार और अधिक आकर्षक बन गया।

    4. विदेशी निवेशकों की खरीदारी:
    कल की बड़ी गिरावट के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सिर्फ 102.53 करोड़ रुपए की बिकवाली की। इससे पहले सोमवार को एफआईआई ने कैश मार्केट में 3,483.70 करोड़ रुपए की खरीदारी की थी। यह संकेत है कि विदेशी निवेशकों का रुझान भारतीय बाजार के पक्ष में है।

    5. सकारात्मक बाजार धारणा और निवेशकों का भरोसा:
    एफआईआई की खरीदारी और वैश्विक संकेतों से बाजार में निवेशकों का विश्वास बढ़ा। इससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेजी देखने को मिली।इन पांच कारणों के चलते भारतीय शेयर बाजार बुधवार को मजबूती के साथ हरे निशान में खुला और कारोबार कर रहा है। निवेशकों के लिए यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है कि बाजार में लम्बे समय तक रुझान मजबूत बने रहने की संभावना है।

  • शेयर बाजार हरे निशान में खुला, आईटी और मिडकैप शेयरों में तेजी..

    शेयर बाजार हरे निशान में खुला, आईटी और मिडकैप शेयरों में तेजी..


    नई दिल्ली । मजबूत वैश्विक संकेतों से बुधवार को भारतीय शेयर बाजार सकारात्मक रुख में खुला। सुबह 9:20 बजे सेंसेक्स 478 अंक या 0.58 प्रतिशत बढ़कर 82,751 और निफ्टी 147 अंक या 0.58 प्रतिशत मजबूत होकर 25,570 पर कारोबार कर रहे थे। शुरुआती कारोबार में आईटी शेयरों ने तेजी में मुख्य भूमिका निभाई और निफ्टी आईटी सूचकांक शीर्ष गेनर रहा।

    इसके अलावा निफ्टी मेटल, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑयलएंडगैस, निफ्टी पीएसई, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी मीडिया, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी एनर्जी के सूचकांक भी हरे निशान में थे।

    लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 235 अंक या 0.43 प्रतिशत की तेजी के साथ 59,307 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 98 अंक या 0.59 प्रतिशत मजबूत होकर 17,058 पर कारोबार कर रहा था।

    सेंसेक्स में टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टीसीएस, पावर ग्रिड, इंडिगो, टाटा स्टील, एनटीपीसी, एलएंडटी, सन फार्मा, अदाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और बीईएल प्रमुख गेनर्स रहे। वहीं, एसबीआई, बजाज फाइनेंस और एशियन पेंट्स लूजर्स थे।

    वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। शंघाई, टोक्यो, हांगकांग, बैंकॉक, जकार्ता और सोल में कारोबार हरे निशान में था। अमेरिकी बाजार मंगलवार को हरे निशान में बंद हुए थे।

    विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में तेजी का प्रमुख कारण एफआईआई की ओर से बिकवाली का कम होना है। मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों एफआईआई ने केवल 102.53 करोड़ रुपए की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों डीआईआई ने 3,161.22 करोड़ रुपए की खरीदारी की।

    सोने और चांदी में भी तेजी देखी गई। खबर लिखे जाने तक सोना 0.44 प्रतिशत की मजबूती के साथ 5,199 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 89 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

  • होली से पहले LPG उपभोक्ताओं को लग सकता है झटका… 1 मार्च को अपडेट होंगे रेट

    होली से पहले LPG उपभोक्ताओं को लग सकता है झटका… 1 मार्च को अपडेट होंगे रेट


    नई दिल्ली।
    होली से पहले 1 मार्च को LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) के रेट ( Price) अपडेट होंगे। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (Oil Marketing Companies) इस दिन नए रेट जारी करेंगी। पिछले 5 साल का ट्रेंड बताता है कि मार्च के महीने में घरेलू और कॉमर्शियल सिलेंडर के रेट बढ़े ही हैं। कॉमरशियल सिलेंडर तो हर बार महंगा हुआ है, जबकि इस दौरान घरेलू एलपीजी सिलेंडर (Domestic LPG cylinder) के रेट मार्च में जब भी बदले, उपभोक्ताओं को झटका ही लगा है।

    अभी दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 853 रुपये, कोलकाता में 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये में मिल रहा है। आंकड़े इंडियन ऑयल की वेबसाइट से लिए गए हैं। इसके अनुसार कॉमर्शियल सिलेंडर दिल्ली में 1740.50 रुपये, कोलकाता में 1844.50 रुपये, मुंबई में 1692 और चेन्नई में 1899.50 रुपये में बिक रहा है।


    घरेलू सिलेंडर के रेट का मार्च ट्रेंड

    पिछले 5 साल में तीन बार ही मार्च में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट बदले। दो बार 1 मार्च को और एक बार 22 मार्च को। एक मार्च 2023 को घरेलू एलपीजी सिलेंडर 50 रुपये महंगा हो गया। 6 जुलाई 2022 के बाद रेट में बदलाव हुआ था और दिल्ली में यह 50 रुपये बढ़कर 1103 रुपये पर पहुंच गया। 14 किलो वाले इस सिलेंडर के दाम कोलकाता में 1129, मुंबई में 1102.50 और चेन्नई में 1118.50 रुपये पर पहुंच गए।

    जबकि, साल 2022 में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट में बदलाव 22 मार्च को हुआ। इस दिन भी 50 रुपये का इजाफा हुआ। रेट में बदलाव 6 अक्टूबर 2021 के बाद हुआ था। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 949.50 रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह कोलकाता में 976, मुंबई में 949.50 और चेन्नई में 965.50 रुपये का हो गया। साल 2021 का मार्च भी घरेलू एलपीजी सिलेंडर के उपभोक्ताओं को झटका ही दिया। 1 मार्च 2021 को घरेलू एलपीजी सिलेंड दिल्ली में 25 रुपये महंगा होकर 819, कोलकाता में 845.50, मुंबई में 819 और चेन्नई में 835 रुपये का हो गया।


    पिछले 5 साल से मार्च महीने में क्या रहा कॉमर्शियल सिलेंडर का ट्रेंड
    मार्च 2025 में बढ़े थे सिलेंडर के दाम

    पिछले साल यानी 2025 में दिल्ली में कॉमर्शियल सिलेंडर के रेट में मामूली बढ़ोतरी हुई थी। एक फरवरी को 19 किलो वाला सिलेंडर यहां 1 फरवरी को 1797 रुपये में बिक रहा था, जो 1 मार्च 2025 को 6 रुपये बढ़कर 1803 रुपये का हो गया। कोलकाता में भी इतना ही महंगा होकर 1913, मुंबई में 1756 और चेन्नई मे 1965 रुपये का हो गया था।


    मार्च 2024 में दाम मामूली बढ़े

    साल 2024 में कॉमर्शियल सिलेंडर के रेट में 26 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई। 1 मार्च 2024 को यह दिल्ली में 1795 और मुंबई में भी 26 रुपये बढ़कर 1749 रुपये का हो गया। जबकि, कोलकाता में 24 रुपये महंगा होकर 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर 1911 और चेन्नई में 24 रुपये ही बढ़कर 1961 रुपये का हो गया।


    2023 के मार्च में 108 रुपये तक महंगा हुआ सिलेंडर

    साल 2023 में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा। दिल्ली में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 105 रुपये महंगा होकर 2120, कोलकाता में 108 रुपये बढ़कर 2222 रुपये, मुंबई में 106 रुपये उछलकर 2072 रुपये और चेन्नई में 106 रुपये महंगा होकर 2268 रुपये पर पहुंच गए।


    2022 के मार्च में 100 रुपये से अधिक का झटका

    साल 2022 में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के रेट दो बार बदले। 1 मार्च को और 22 मार्च को। एक फरवरी 2022 के रेट की तुलना में 1 मार्च को कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम दिल्ली में 105 रुपये उछलकर 2012 रुपये, कोलकाता में 108 रुपये महंगा होकर 2095 रुपये पर पहुंच गए। मुंबई और चेन्नई में भी नीला सिलेंडर 106-106 रुपये महंगा हो गया। मुंबई में यह 1963 और चेन्नई में 2146 रुपये पर पहुंच गया।


    2021 के मार्च में 95 रुपये महंगा हुआ सिलेंडर

    मार्च महीने में झटका साल 2021 में भी लगा। 1 मार्च 2021 को दिल्ली में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम 95 रुपये बढ़कर 1614 रुपये पर पहुंच गए। कोलकाता में 98 रुपये बढ़े और 1681.50 रुपये पर पहुंच गए। मुंबई और चेन्नई में 96-96 रुपये बढ़े और क्रमश: 1564 और 1731 रुपये पर पहुंच गए।

  • March Bank Holiday: मार्च महीने में बैंक छुट्टियों की भरमार, ब्रांच जाने से पहले देख लें छुट्टियों की पूरी लिस्ट


    नई दिल्ली । मार्च बैंक छुट्टियां 2026 भारत होली रमजान राम नवमी राज्यवार बैंक छुट्टियों की सूची विवरण जानें मार्च बैंक अवकाश मार्च महीने में बैंक छुट्टियों की भरमार, ब्रांच जाने से पहले देख लें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
    मार्च में कई दिन बंद रहेंगे बैंक
    मार्च बैंक छुट्टियां 2026 मार्च का महीना शुरू होने वाला है और इसके साथ ही बैंक छुट्टियों का नया कैलेंडर भी लागू हो जाएगा. मार्च में होली समेत अन्य त्योहार भी आने वाले है. ऐसे में अगर आप बैंक से जुड़े किसी जरूरी काम करने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले यह जान लेना बेहतर रहेगा कि मार्च में किन-किन दिनों में बैंक बंद रहेंगे. अलग-अलग राज्यों और शहरों में त्योहारों व साप्ताहिक अवकाश के चलते कई दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं. इसलिए प्लान बनाने से पहले छुट्टियों की लिस्ट पर नजर डालना जरूरी है. आइए जानते हैं, मार्च की बैंक छुट्टियों के बारे में….

    होली को लेकर बैंक हॉलिडे

    2 मार्च को होलिका दहन के अवसर पर कानपुर और लखनऊ में बैंक बंद रहेंगे. इसके बाद 3 मार्च डोल जतरा, धुलंडी और होलिका दहन जैसे त्योहारों के कारण बेलापुर, भोपाल, देहरादून, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, कोलकाता, मुंबई, नागपुर, पणजी, पटना, रांची और विजयवाड़ा में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी. वहीं 4 मार्च को भी होली के चलते अगरतला, अहमदाबाद, ऐजवाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, इंफाल, ईटानगर, जम्मू, नई दिल्ली, रायपुर, शिलॉन्ग और शिमला में बैंक बंद रहेंगे. इसके अलावा 13 मार्च को चापचर कूट पर्व के कारण आइजोल में बैंक हॉलिडे रहेगा.

    17 मार्च को शब-ए-कद्र के अवसर पर जम्मू और श्रीनगर में बैंक बंद रहेंगे. इसके बाद 19 मार्च को गुड़ी पड़वा, तेलुगु नववर्ष दिवस और पहले नवरात्र के कारण बेलापुर, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, इंफाल, मुंबई, नागपुर, पणजी और विजयवाड़ा समेत कई शहरों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी.
    वहीं 20 मार्च को रमजान और जुमत-उल-विदा के चलते जम्मू, श्रीनगर, कोची, त्रिवेंद्रम और विजयवाड़ा में बैंक बंद रहने वाले हैं.

    21 मार्च को रमजान-ईद और सरहुल के कारण कोच्ची, विजयवाड़ा, त्रिवेंद्रम और शिमला को छोड़कर लगभग पूरे देश में बैंक अवकाश रहेगा. इसके अलावा 26 मार्च को राम नवमी के अवसर पर अहमदाबाद, चंडीगढ़, देहरादून, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ और रांची सहित कई शहरों में बैंक बंद रहेंगे. इसके अलावा भी 27 मार्च को राम नवमी और 31 मार्च को विभिन्न कारणों से कई शहरों में बैंक बंद रहने वाले हैं. अगर आप इन शहरों में रहते हैं तो, बैंक जाने से पहले छुट्टियों की लिस्ट एक बार जरूर चेक कर लेनी चाहिए. ऐसा न हो कि आप बैंक ब्रांच पहुंचे और बैंक बंद हो. ऐसे में आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता हैं.

  • भारत-इजराइल ने मुक्त व्यापार समझौता के लिए बातचीत का पहला दौर शुरू किया

    भारत-इजराइल ने मुक्त व्यापार समझौता के लिए बातचीत का पहला दौर शुरू किया


    नई दिल्ली।
    भारत-इजराइल के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) के लिए बातचीत का पहला दौर 23 फरवरी को नई दिल्ली में शुरू हो गया है, यह दौर 26 फरवरी तक चलेगा।

    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्राल ने मंगलवार को जारी एक बयान में बताया कि इस दौर के दौरान दोनों तरफ के तकनीकी विशेषज्ञ एफटीए के अलग-अलग पहलुओं जैसे कि सामान का व्यापार, सर्विस का व्यापार, ओरिजिन के नियम, सैनिटरी और फाइटोसैनिटरी उपाय, व्यापार में तकनीकी रुकावटें, कस्टम प्रक्रिया और व्यापार सुविधा, बौद्धिक संपदा अधिकार वगैरह को कवर करने वाले सत्र में शामिल होंगे।

    केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ‘एक्स’ पोस्ट पर जारी बयान में लिखा है, इजराइल के एक प्रतिनिधिमंडल से आज मिला, जो इंडिया-इजराइल मुक्त व्यापार समझौता वार्ता (23-26 फरवरी, 2026) के पहले दौर के लिए भारत आया है। गोयल ने आगे कहा कि एफटीए पर बातचीत भारत-इजराइल द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने की दिशा में एक ज़रूरी कदम है, जिसका मकसद दोनों तरफ के बिजनेस और लोगों के लिए ज्यादा मौके बनाना है।

    मंत्रालय के मुताबिक भारत-इजरायल के बीच संदर्भ की शर्तें (टीओआर) पर नवंबर, 2025 में हस्ताक्षर किए गए थे, जिससे व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए पहचाने गए एरिया पर वार्ता के लिए एक संरचित ढांचा बनाया गया था।

    वित्त वर्ष 2024-2025 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापारिक व्यापार 3.62 बिलियन यूएस डॉलर। भारत और इजराइल कई सेक्टर में एक-दूसरे को पूरा करते हैं, और एफटीए एमएसएमई समेत बिजनेस को निश्चितता और अनुमान लगाकर दोनों देशों के व्यापार को और बढ़ाने में एक उत्प्रेरक की भूमिका निभाएगा।

  • सोना दो दिन में ₹4 हजार महंगा, 10 ग्राम 24 कैरेट का भाव ₹1.59 लाख पहुंचा, चांदी की कीमतें गिरीं

    सोना दो दिन में ₹4 हजार महंगा, 10 ग्राम 24 कैरेट का भाव ₹1.59 लाख पहुंचा, चांदी की कीमतें गिरीं


    नई दिल्ली । आज यानी 24 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,021 बढ़कर ₹1,59,241 प्रति 10 ग्राम हो गया है। इससे पहले यह ₹1,58,220 पर था। यानी दो कारोबारी दिनों में सोना लगभग ₹4 हजार महंगा हुआ है।

    वहीं, चांदी के दामों में गिरावट देखने को मिली। एक किलो चांदी की कीमत आज ₹1,163 घटकर ₹2,62,912 पर आ गई, जबकि कल यह ₹2,64,075 प्रति किलो थी।इस साल सोने और चांदी की कीमतों में पहले से ही तेजी रही है। 2026 में अब तक सोना ₹26,000 और चांदी ₹33,000 महंगी हो चुकी है। जनवरी में 29 तारीख को सोने ने ₹1,76,000 और चांदी ने ₹3,86,000 प्रति किलो का ऑल टाइम हाई भी छुआ था।

    पिछले साल 2025 में भी सोने और चांदी ने निवेशकों को बड़ा लाभ दिया। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹76,000 का था, जो 31 दिसंबर 2025 को ₹1,33,000 हो गया, यानी लगभग ₹57,000 की बढ़ोतरी। चांदी में भी 167% का इजाफा हुआ। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी ₹86,000 थी, जो साल के अंत तक ₹2,30,000 प्रति किलो हो गई।

    आने वाले समय में सोने की कीमतों को लेकर UBS जैसी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनियों ने अनुमान लगाया है कि मांग और खरीदारी और बढ़ सकती है। 2025 में दुनिया के केंद्रीय बैंकों ने 863 टन सोना खरीदा था, जबकि 2026 में यह आंकड़ा 950 टन तक पहुंचने का अनुमान है। गोल्ड ईटीएफ में निवेश भी 825 टन तक होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार साल के मध्य तक सोना $6,200 प्रति औंस तक जा सकता है, यानी भारतीय बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव ₹1.80 लाख तक पहुंच सकता है।

    सोना खरीदते समय ध्यान रखें ये बातें:

    सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड हॉलमार्क वाला सोना खरीदें। हॉलमार्क नंबर अल्फान्यूमेरिक होता है जैसे AZ4524, जिससे कैरेट पता चलता है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का वजन और कीमत दिन के हिसाब से कई सोर्सेज से चेक करें। 24, 22 और 18 कैरेट सोने का भाव अलग होता है। सोने और चांदी में निवेश करते समय सही समय और प्रमाणित गोल्ड चुनना सबसे जरूरी है, ताकि लाभ सुरक्षित और लंबे समय तक टिकाऊ रहे।

  • फोनपे की आय में 56 प्रतिशत की बढ़ोतरी, घाटा घटा; पेमेंट से लेंडिंग और इंश्योरेंस तक विस्तार

    फोनपे की आय में 56 प्रतिशत की बढ़ोतरी, घाटा घटा; पेमेंट से लेंडिंग और इंश्योरेंस तक विस्तार


    नई दिल्ली । फिनटेक क्षेत्र में अग्रणी कंपनी फोनपे ने अपने हालिया वित्तीय खुलासों में पिछले तीन वर्षों में आय, मुनाफे और नकदी प्रवाह में उल्लेखनीय सुधार का संकेत दिया है। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस डीआरएचपी के अनुसार, फोनपे की परिचालन से आय वित्त वर्ष 2023 में 2,914.28 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 7,114.85 करोड़ रुपए हो गई। यह 56.25 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) को दर्शाता है।

    आय में वृद्धि के प्रमुख कारण मर्चेंट पेमेंट, लेंडिंग और इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन जैसे कारोबार रहे। कुल आय में मर्चेंट पेमेंट की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2023 में 14.75 प्रतिशत थी, जो वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 27.99 प्रतिशत और 30 सितंबर 2025 को समाप्त छह महीने की अवधि में 30.78 प्रतिशत हो गई। लेंडिंग और इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन सेवाओं की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2023 में 0.96 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 7.84 प्रतिशत और हाल की छह महीने की अवधि में 11.55 प्रतिशत हो गई। इससे स्पष्ट होता है कि कंपनी अब केवल पेमेंट बिजनेस तक सीमित नहीं रही, बल्कि अपने कारोबार में विविधता ला रही है।

    फोनपे के घाटे में भी महत्वपूर्ण कमी आई है। वित्त वर्ष 2025 में संशोधित घाटा घटकर 1,727.41 करोड़ रुपए रह गया, जो वित्त वर्ष 2023 की तुलना में 1,068.65 करोड़ रुपए कम है। इसी अवधि में घाटा मार्जिन 90.68 प्रतिशत से घटकर 22.64 प्रतिशत हो गया। डीआरएचपी में परिचालन लाभ में सुधार भी दर्शाया गया है। वित्त वर्ष 2024 और 2025 में कंपनी ने सकारात्मक एडजस्टेड ईबीआईटीडीए और एडजस्टेड प्रॉफिट दर्ज किया। वित्त वर्ष 2025 में एडजस्टेड ईबीआईटी स्तर पर भी मुनाफा हासिल हुआ, जो लागत नियंत्रण और बढ़ते राजस्व का परिणाम है।

    इस अवधि में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि फ्री कैश फ्लो का सृजन रही। फोनपे ने वित्त वर्ष 2025 में 190.47 करोड़ रुपए और 30 सितंबर 2024 को समाप्त छह महीने की अवधि में 250.16 करोड़ रुपए का फ्री कैश फ्लो दर्ज किया। कंपनी का कहना है कि उसका बिजनेस मॉडल फ्री कैश जनरेशन पर केंद्रित है, जिससे दोबारा निवेश, नए प्लेटफॉर्म में विस्तार और बैलेंस शीट को मजबूत किया जा सके।

    डीआरएचपी में वित्तीय सुधार में तकनीकी अवसंरचना में किए गए निवेश की भी बड़ी भूमिका बताई गई है। इसमें मालिकाना डेटा सेंटर, ऑटोमेशन पहल और डेटा आधारित ग्राहक अधिग्रहण रणनीतियां शामिल हैं। इन पहलों से लेनदेन की बढ़ती संख्या के बावजूद लागत नियंत्रण संभव हुआ, जिससे मार्जिन और नकदी प्रवाह में सुधार हुआ।

    फोनपे ने पूंजी आवंटन कैपिटल एलोकेशन में अनुशासित दृष्टिकोण अपनाने का भी संकेत दिया। कंपनी तरलता बनाए रखने, सोच-समझकर विकास पूंजी लगाने और निवेश को प्रदर्शन से जोड़ने पर ध्यान दे रही है।

    इस खुलासे से यह स्पष्ट होता है कि पिछले तीन वित्त वर्षों में फोनपे ने परिचालन दक्षता बढ़ाने, आय के स्रोतों में विविधता लाने और नकदी प्रवाह मजबूत करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। कंपनी ने अपने व्यवसाय मॉडल को केवल पेमेंट तक सीमित नहीं रखा, बल्कि लेंडिंग और इंश्योरेंस जैसे नए व्यवसाय क्षेत्रों में भी विस्तार किया है, जिससे फिनटेक क्षेत्र में उसकी स्थिति और मजबूत हुई है।

  • ऑनलाइन और ऑफलाइन का सह-अस्तित्व: भारत का ई-कॉमर्स 2030 तक 280-300 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है


    नई दिल्ल। भारतीय ई-कॉमर्स बाजार ने पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकास किया है और नई रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक इसका आकार लगभग दोगुना होकर 280-300 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है। वर्तमान में यह बाजार 120-140 अरब डॉलर के बीच है। यह जानकारी मंगलवार को बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप BCG की रिपोर्ट में सामने आई।

    रिपोर्ट में कहा गया कि भले ही ऑनलाइन मार्केट तेजी से बढ़ रहा है लेकिन ऑफलाइन रिटेल बाजार भी मजबूत बना हुआ है और पिछले चार वर्षों में 13-14 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। भारतीय ई-कॉमर्स अब एक ऐसे चरण में प्रवेश कर चुका है जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन रिटेल सह-अस्तित्व के साथ काम कर रहे हैं। मल्टी-चैनल खरीदार आज सामान्य रूप से दोनों माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं और लगभग आधे ऑफलाइन खरीदार ऑनलाइन चैनलों से खरीदारी की जानकारी प्राप्त करते हैं।

    वर्तमान में भारत में लगभग 30 करोड़ ऑनलाइन खरीदार हैं जिनकी संख्या 2030 तक 44 करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है। इनमें लगभग 30 प्रतिशत खरीदार ग्रामीण भारत से हैं। ई-कॉमर्स में ई-रिटेल और ई-सेवाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। अनुमानित मूल्य के अनुसार ई-रिटेल 75-85 अरब डॉलर और ई-सेवाएं 45-55 अरब डॉलर तक पहुंच सकती हैं। वहीं ई-सेवाओं की वृद्धि दर 20-22 प्रतिशत और ई-रिटेल की वृद्धि दर 16-18 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

    रिपोर्ट में 12000 से अधिक उपभोक्ताओं के सर्वेक्षण के आधार पर यह भी उल्लेख किया गया कि आज के खरीदार सुविधा विश्वास और आवश्यकताओं के आधार पर स्क्रीन और स्टोर के बीच सहजता से आवागमन करते हैं। वे ऑनलाइन खोज करते हैं ऑफलाइन खरीदारी करते हैं और कभी-कभी ऑनलाइन ब्राउज़िंग के बाद ऑफलाइन खरीदारी का विकल्प चुनते हैं।

    लगभग दो-तिहाई महिला खरीदारों ने कहा कि वे ऑनलाइन खरीदारी को अधिक सुरक्षित मानती हैं। इसका कारण गोपनीयता आसान पहुँच और किसी भी समय स्वतंत्र रूप से खरीदारी करने की क्षमता है। BCG की पार्टनर और डायरेक्टर कनिका सांघी ने बताया भारत के खरीदार अधिक विविधतापूर्ण होते जा रहे हैं। उपभोक्ता अपनी आवश्यकताओं और परिपक्वता के अनुसार विभिन्न प्रारूपों का उपयोग कर रहे हैं। इसलिए प्लेटफॉर्म और ब्रांडों को सभी टचपॉइंट्स पर सरल सुरक्षित और सहज अनुभव प्रदान करना आवश्यक है।

    क्विक कॉमर्स ने पिछले वर्षों में 100 प्रतिशत से अधिक की सीएजीआर वृद्धि दर्ज की है जिससे तत्काल और टॉप-अप खरीदारी मुख्यधारा बन गई है और खरीदारों की खरीदारी की आवृत्ति बढ़ी है। इसी तरह सोशल और चैट कॉमर्स में 40-45 प्रतिशत की सीएजीआर वृद्धि हुई है।

    रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि ऑनलाइन ब्रांडों को 100 करोड़ रुपये के वार्षिक राजस्व तक पहुँचने में लगने वाला समय पहले लगभग 11 साल था जो अब घटकर लगभग 7 साल रह गया है। इस डेटा से यह स्पष्ट होता है कि भारत का ई-कॉमर्स बाजार न केवल तेजी से बढ़ रहा है बल्कि उपभोक्ताओं के व्यवहार और तकनीकी अपनाने की क्षमता के कारण भी यह निरंतर विकास कर रहा है।

  • गलत जानकारी के साथ बेची जा रही बीमा पॉलिसी… बैंकों को वित्त मंत्री की कड़ी चेतावनी

    गलत जानकारी के साथ बेची जा रही बीमा पॉलिसी… बैंकों को वित्त मंत्री की कड़ी चेतावनी


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बैंकों (Banks) द्वारा गलत जानकारी के साथ बेची जा रही बीमा पॉलिसी (Insurance Policy) व अन्य उत्पादों पर कड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि बैंकों का मूल कार्य जमा (धनराशि) जुटाने और ऋण देने है और बैंक उसी पर ध्यान केंद्रित करें। सोमवार को बजट के बाद भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में वित्त मंत्री ने कहा कि बैंक जरूरत न होने के बावजूद भी ग्राहकों को बीमा बेचने में अधिक समय लगा रहे हैं जबकि उनका मुख्य कार्य बैंकिंग सेवाएं देना है। उन्होंने कहा कि मिस-सेलिंग लंबे समय से चिंता का विषय रही है और अब इस पर सख्ती जरूरी है।

    कई मामलों में ग्राहकों के पास पहले से बीमा पॉलिसी होती है, लेकिन उसके बावजूद बैंक उन पर नई बीमा पॉलिसी लेने का दबाव बनाते हैं। खासकर होम लोन लेते समय ग्राहकों से अतिरिक्त बीमा लेने को कहा जाता है, जबकि संपत्ति पहले से ही गिरवी होती है। ऐसे में नियामक की जिम्मेदारी स्पष्ट न होने के कारण ग्राहकों को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि बैंकों को ग्राहकों की जरूरत समझने, जमा बढ़ाने और जिम्मेदारी के साथ ऋण देने पर ध्यान देना चाहिए।


    बैंकों को अधिक मानवीय होने की जरूरत

    वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली को अधिक मानवीय और ग्राहक-केंद्रित बनाने की आवश्यकता है। मौजूदा समय में बैंकों ने ग्राहकों के साथ संबंध मजबूत करने और उनकी वित्तीय जरूरतों को समझने की मूल कार्य दूरी बना ली है, जिससे ग्राहकों में असंतोष बढ़ा है। बैंक अपने कम लागत वाले जमा यानी (करंट अकाउंट–सेविंग अकाउंट) को मजबूत करने पर जोर दें और ग्राहक केंद्रित सेवाएं विकसित करें।


    कहां और कैसे करें शिकायत

    गलत जानकारी देकर उत्पाद बेचने पर आप राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा, बीमा के लिए इरडा, बैंकिंग के लिए आरबीआई (सीएमएस पोर्टल), या ऑनलाइन माध्यम से शिकायत कर सकते हैं। समस्या का समाधान न होने पर उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया जा सकता है।


    शिकायत करने के प्रमुख मंच

    – राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन : टोल-फ्री नंबर 1915 या 1800-11-4000 पर कॉल करें।
    – ई-दाखिल पोर्टल: ऑनलाइन उपभोक्ता शिकायत दर्ज करने के लिए।
    – बीमा मिस-सेलिंग: बीमा कंपनी की शिकायत निवारण सेल में, फिर बीमा लोकपाल या इरडा की वेबसाइट (155255 पर कॉल)।
    – बैंकिंग मिस-सेलिंग: आरबीआई के बैंकिंग लोकपाल के पास।
    – फ्री-लुक पीरियड (आमतौर पर 15-30 दिन) के भीतर शिकायत करने पर पॉलिसी रद्द कर रिफंड पाना आसान होता है।