Category: Economy

  • तिजोरी खोल लो! चांदी ने लगाया रिकॉर्ड ‘आग’, सोना भी महंगा – जानें आज के भाव

    तिजोरी खोल लो! चांदी ने लगाया रिकॉर्ड ‘आग’, सोना भी महंगा – जानें आज के भाव


    नई दिल्ली। घरेलू और वैश्विक बाजारों में सोना और चांदी ने निवेशकों को खुश कर दिया। खासकर चांदी ने नया ऑल-टाइम हाई 1,93,452 प्रति किलो छूकर इतिहास रच दिया। सोने की कीमत भी बढ़कर 1,30,320 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।

    MCX पर जोरदार उछाल

    फरवरी कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 0.40% बढ़कर 1,30,320 रुपये प्रति 10 ग्राम हुआ।

    मार्च कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 1.81% की छलांग लगाकर 1,92,148 रुपये प्रति किलो पर पहुंची।

    दिन के कारोबार में चांदी ने 1,93,452 रुपये प्रति किलो का नया ऑल-टाइम हाई भी बनाया।

    वैश्विक बाजार की चमक

    अमेरिकी सोने का फरवरी कॉन्ट्रैक्ट 1% से अधिक बढ़कर 4,271.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा। चांदी भी लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। यह तेजी फेडरल रिजर्व द्वारा तीसरी बार ब्याज दर में कटौती के बाद देखने को मिली।

    देश के प्रमुख शहरों में सोने का भाव

    दिल्ली: 1,30,350 प्रति 10 ग्राम

    मुंबई, कोलकाता: 1,30,200

    चेन्नई: 1,31,460

    अहमदाबाद, वडोदरा: 1,30,250

    बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल, पुणे: 1,30,200

    निवेशकों के लिए संभावनाएं

    विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और फेड की दर कटौती के चलते सोना और चांदी में तेजी और जारी रह सकती है। निवेशकों के लिए यह समय कीमती धातुओं में निवेश करने के लिहाज से बेहद लाभकारी माना जा रहा है।

    निष्कर्ष: चांदी ने इतिहास रचकर निवेशकों को आकर्षित किया और सोने ने भी मजबूती दिखाई। फेड की ब्याज दर में कटौती ने बाजार को नई ऊर्जा दी है, जिससे घरेलू और वैश्विक स्तर पर तेजी की संभावना बरकरार है।

  • इस साल चांदी 2 लाख के पार? रिटर्न में सोने को भी पीछे छोड़ रही है सिल्वर

    इस साल चांदी 2 लाख के पार? रिटर्न में सोने को भी पीछे छोड़ रही है सिल्वर


    नई दिल्ली। इस साल चांदी(Silver) ने निवेशकों को चौंकाते हुए सोने(gold) से भी ज्यादा रिटर्न दिया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल चांदी की कीमतों में 114% से अधिक की भारी बढ़ोतरी हुई है, जबकि सोने में 68% का उछाल देखने को मिला है। एक तरफ सोना 1 लाख 30 हजार प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया है। वहीं, चांदी ने बुधवार को 1,92,000 प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। उम्मीद जताई जा रही है कि साल 2025 के खत्म होने से पहले चांदी दो लाख रुपये प्रति किलो के आंकड़े को पार कर सकती है।
    जानकारों ने कहा, बुधवार को सोने में मामूली बढ़त हुई, जिसे अमेरिकी डॉलर के नरम होने और फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती की पक्की उम्मीदों से सहारा मिला। बाजार के सतर्क रुख के साथ ही वैश्विक अनिश्चितताओं ने भी कीमती धातुओं को और बढ़ावा दिया।

    वायदा बाजार में चांदी 1.53 प्रतिशत बढ़कर 61.60 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड पर पहुंच गई। मंगलवार को, यह धातु 2.66 डॉलर बढ़कर 60.82 डॉलर प्रति औंस के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी। पिछले दो कारोबारी सत्रों में इसमें 5.91 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

    मांग अधिक उत्पादन कम
    एक साल में चांदी के दाम दोगुने हो गए हैं। चांदी की मांग अधिक है, लेकिन उत्पादन कम। इसके साथ ही उद्योग क्षेत्रों में चांदी की मांग पिछले कुछ सालो में बढ़ी है। बदलती तकनीकी ने चांदी की खपत को बढ़ाया है। सोलर, इलेक्ट्रिक गाड़ियों में अब चांदी का उपयोग बढ़ने लगा है जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक कारों की मांग बढ़ेगी, वैसे-वैसे उपयोग और चांदी की मांग बढ़ेगी।

    किस वजह से लगातार कीमतें बढ़ रहीं
    दरअसल, दुनिया भर में बढ़ते तनाव, संघर्ष और अनिश्चितता ने सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश के तौर पर और आकर्षक बना दिया है। निवेशक शेयर मार्केट की बजाय इनमें निवेश कर रहे हैं। इसके साथ ही अमेरिकी टैरिफ के आर्थिक प्रभावों को लेकर पैदा हुई चिंताओं ने भी कीमतों को सहारा दिया है। इसके अलावा, दुनिया भर के सेंट्रल बैंक की तरफ से सोने-चांदी की लगातार खरीदारी से बाजार में इन धातुओं की मांग बनी हुई है। वहीं, ईटीएफ में भी भारी मात्रा में पैसा आ रहा है, जिससे कीमतों में तेजी आ रही है।
    क्या दो लाख के आंकड़े को पार कर पाएगी चांदी?

    बाजार के जानकारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस साल चांदी दो लाख रुपये के आंकड़े को पार कर पाएगी? विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल के आखिर तक पर चांदी दो लाख रुपये के भाव को पार कर सकती है। इतना ही नहीं यह 20026 में 2.10 से 2.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक भी पहुंच सकती है।

    एक झटके में चांदी के दाम 11,500 रुपये उछले
    अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों से बढ़ी मजबूत घरेलू मांग के बीच बुधवार को दिल्ली में चांदी की कीमतों में लगभग दो महीनों में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी आई। चांदी के दाम 11,500 रुपये बढ़कर 1,92,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नए शिखर पर पहुंच गई। वहीं, सोने की कीमत 800 रुपये बढ़कर 1,32,400 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।

    इससे पहले, चांदी की कीमत में इतनी बड़ी एक दिन की बढ़ोतरी इस वर्ष 10 अक्टूबर को दर्ज की गई थी, जब चांदी के दाम 8,500 रुपये बढ़े थे। इसके बाद दाम 1,71,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए थे।

    ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, इस साल अब तक चांदी की कीमतों में 31 दिसंबर, 2024 को 89,700 रुपये प्रति किलोग्राम से 1,02,300 रुपये या 114.04 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार को पहली बार 60 डॉलर प्रति औंस से ऊपर जाने के बाद चांदी एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई और बढ़त को और बढ़ाया।

    कारोबारी अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती, मांग में तेजी, आपूर्ति में लगातार कमी और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड में बढ़ते निवेश पर दांव लगा रहे हैं ताकि चांदी की रैली को बढ़ावा मिल सके।

  • फरवरी 2026 को शेयर बाजार रहेगा खुलाबजट का असर तुरंत बाजार पर दिखेगा सरकार का बड़ा फैसला

    फरवरी 2026 को शेयर बाजार रहेगा खुलाबजट का असर तुरंत बाजार पर दिखेगा सरकार का बड़ा फैसला


    नई दिल्ली । 1 फरवरी 2026रविवार को होने वाला केंद्रीय बजट भारतीय शेयर बाजार पर सीधा असर डालेगा। इस साल की तरहजब बजट 1 फरवरी को पड़ रहा हैतो सरकार ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है कि शेयर बाजार रविवार को खुले रहेंगे। आमतौर पर सप्ताहांत में बंद रहने वाले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को 1 फरवरी को व्यापार के लिए खोला जाएगा। यह कदम खासतौर पर निवेशकों की बढ़ती मांग और बजट के तत्काल प्रभाव को देखते हुए लिया गया हैताकि बाजार में बजट के असर को तुरंत देखा जा सके और संभावित उतार-चढ़ाव से बचा जा सके।

    बजट और बाजार का गहरा संबंध

    केंद्रीय बजट न केवल सरकार की वित्तीय नीतियों को निर्धारित करता हैबल्कि यह शेयर बाजार में भी जबरदस्त हलचल पैदा करता है। बजट में घोषित टैक्सइंफ्रास्ट्रक्चर बैंकिंग मैन्युफैक्चरिंग और कैपिटल मार्केट से जुड़े फैसलों का सीधा प्रभाव बाजार की दिशा पर पड़ता है। खासकर जब सरकार किसी सेक्टर में बड़े निवेश की घोषणा करती है या किसी नई योजना का एलान करती हैतो उसका असर बाजार में तत्काल देखा जाता है।

    निवेशकों की हमेशा यह शिकायत रही है कि बजट के अगले दिन बाजार बंद होते हैंजिससे अचानक बड़े उतार-चढ़ाव से उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। इसी कारणकई बार यह सुझाव दिया गया था कि बजट के दिन शेयर बाजार खुला रहना चाहिएताकि निवेशकों को निर्णय लेने और सही समय पर कारोबार करने का अवसर मिले। सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और इस साल बजट के दिन शेयर बाजार को खोलने का ऐतिहासिक फैसला लिया।

    इकोनॉमिक सर्वे और बजट की तारीख

    बजट की घोषणा 1 फरवरी को होगीजबकि इससे पहले इकोनॉमिक सर्वे पेश किया जाएगाजो देश की आर्थिक स्थिति और सरकार की नीतियों का खाका तैयार करता है। इकोनॉमिक सर्वे 31 जनवरी 2026 को या 30 जनवरी को पेश हो सकता हैजो कि संसद के पहले कार्यदिवस पर होगा। यह सर्वे आर्थिक वर्ष के दौरान सरकार की प्राथमिकताओं और चुनौतियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देता हैजिससे निवेशक बजट की दिशा को समझने में मदद लेते हैं।

    पिछले उदाहरण

    यह पहला मौका नहीं है जब बजट के कारण बाजार खोला गया है। इससे पहले 1 फरवरी 2025 को भी शनिवार होने के बावजूद बजट के कारण शेयर बाजार खुले थे। एक और उदाहरण 28 फरवरी 1999 का हैजब रविवार को बजट पेश किया गया था। उसी साल से यह परंपरा शुरू हुई थी कि बजट सुबह के समय पेश किया जाएन कि शाम को।

    बजट से जुड़ी अटकलें

    हालांकि बजट में अभी कुछ समय बाकी हैलेकिन इस दौरान बाजार में कई अटकलें तेज हो गई हैं। निवेशक आयकर स्लैब में राहत की उम्मीद कर रहे हैंसाथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े खर्चमैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावाग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और कैपिटल मार्केट से जुड़े सुधारों की भी चर्चा हो रही है। इस साल के बजट में सरकार से अर्थव्यवस्था को पुन गति देने के लिए कई अहम घोषणाओं की उम्मीद की जा रही हैजिससे निवेशकों को सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं।

    कुल मिलाकर1 फरवरी 2026 को होने वाला बजट न केवल देश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम हैबल्कि शेयर बाजार के लिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण रहेगा। सरकार का यह कदम निवेशकों के लिए एक अवसर साबित हो सकता हैक्योंकि इससे बजट के तुरंत बाद बाजार की दिशा को सही समय पर समझा जा सकेगा। इस फैसले से निवेशकों को बाजार में त्वरित प्रतिक्रिया देखने का मौका मिलेगाऔर बाजार में आने वाली हलचल को अधिक नियंत्रण में रखा जा सकेगा। रविवार को बजट और शेयर बाजार दोनों का एक साथ खुलना निश्चित रूप से एक रोमांचक दिन होगा।

  • 1 फरवरी 2026 को रविवार को खुलेगा शेयर बाजार, पेश होगा आम बजट

    1 फरवरी 2026 को रविवार को खुलेगा शेयर बाजार, पेश होगा आम बजट


    नई दिल्ली। आमतौर पर सप्ताहांत में बंद रहने वाले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) 1 फरवरी 2026 (रविवार) को खुलेंगे। इस दिन केंद्र सरकार आम बजट पेश करेगी, इसलिए बाजार नियामकों और वित्त मंत्रालय की सहमति के बाद एक्सचेंज खुलने का निर्णय लिया गया है।

    बजट डे पर बाजार खुलने का मकसद

    सरकार का यह कदम निवेशकों को सीधे बजट के प्रभाव को बाजार में तुरंत देखने का मौका देने के लिए है। आम दिनों में शनिवार और रविवार को बाजार बंद रहते हैं, लेकिन बजट जैसे अहम आर्थिक दिन को अपवाद माना गया है।

    बजट के फैसले सीधे शेयर बाजार पर असर डालते हैं। टैक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कैपिटल मार्केट से जुड़े एलानों के आधार पर निवेशक अपनी रणनीति बनाते हैं। इसलिए बजट के दिन बाजार खुला रहने से अगले दिन बड़े उतार-चढ़ाव से बचा जा सकेगा।

    इकोनॉमिक सर्वे की तारीख

    आम बजट के दिन इकोनॉमिक सर्वे भी पेश किया जाता है। इस बार यह संभवत: 31 जनवरी (शनिवार) या 30 जनवरी (शुक्रवार) को संसद में पेश किया जाएगा। इकोनॉमिक सर्वे देश की आर्थिक स्थिति और नीतिगत दिशा का संकेत देता है, जिस पर निवेशकों की खास नजर रहती है।

    पहले भी खुल चुका है बाजार

    पहले भी बजट के दिन शेयर बाजार रविवार या शनिवार को खुल चुका है। उदाहरण के लिए, 1 फरवरी 2025 को शनिवार था और बाजार खुला था। वहीं, 28 फरवरी 1999 को रविवार को बजट पेश किया गया था।

    बजट की थीम पर कयास

    हालांकि बजट में अभी करीब 50 दिन बाकी हैं, लेकिन निवेशक पहले से ही अटकलें लगाने लगे हैं। उम्मीद है कि बजट में आयकर में राहत, इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े खर्च, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और कैपिटल मार्केट सुधार जैसे फैसले हो सकते हैं।

    कुल मिलाकर, रविवार को बजट पेश होना और शेयर बाजार खुलना निवेशकों के लिए रोमांचक रहेगा। सरकार का मकसद है कि बजट का असर अर्थव्यवस्था और बाजार पर तुरंत स्पष्ट रूप से दिखाई दे।

  • Meesho IPO: 111 का शेयर 162 पर लिस्ट, निवेशकों की जमकर कमाई

    Meesho IPO: 111 का शेयर 162 पर लिस्ट, निवेशकों की जमकर कमाई


    नई दिल्ली। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho Limited का शेयर बाजार में शानदार लिस्टिंग के साथ एंट्री ली। बुधवार को Meesho का IPO NSE और BSE पर लिस्ट हुआ और यह अपने अपर प्राइस बैंड के मुकाबले 46% प्रीमियम पर डेब्यू किया। 111 रुपये वाले शेयर ने 162 रुपये के पार मार्केट डेब्यू किया, जिससे IPO में पैसे लगाने वाले निवेशकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

    दमदार लिस्टिंग के साथ मार्केट में एंट्री

    NSE पर लिस्टिंग: 162.50

    BSE पर लिस्टिंग: 161.20

    प्रीमियम: 46.40% (NSE), 45.23% (BSE)

    इस शानदार लिस्टिंग के कारण IPO में निवेश करने वाले निवेशकों को तुरंत लाभ हुआ।

    निवेशकों को हुआ सीधा फायदा

    Meesho का IPO कुल 5,421.20 करोड़ का था, प्राइस बैंड 105-111 प्रति शेयर तय किया गया और लॉट साइज 135 शेयरों का था।

    एक लॉट के लिए निवेश: 14,985

    लिस्टिंग के समय मूल्य: 21,937.50

    एक लॉट पर सीधा मुनाफा: 6,952

    HNI निवेशकों के लिए उदाहरण:

    अधिकतम 14 लॉट (1,890 शेयर)

    निवेश राशि: 2,09,790

    लिस्टिंग मूल्य के हिसाब से कमाई: 97,335

    निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस

    Meesho का IPO बहुत अधिक सब्सक्राइब हुआ। कुल 79.03 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।

    कुल आवेदन: 62.75 लाख से अधिक

    कुल बोली राशि: 2,43,830 करोड़ से अधिक

    QIB: 120.18 गुना

    NII: 38.16 गुना

    रिटेल: 19.08 गुना

    इस IPO को निवेशकों ने बहुत उत्साह के साथ लिया और इसके दमदार लिस्टिंग प्रदर्शन ने सभी को फायदा पहुँचाया।

    Meesho का परिचय

    2015 में स्थापित बेंगलुरु स्थित Meesho एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है जो ग्राहकों को किफायती उत्पादों की विस्तृत रेंज प्रदान करता है। इसका फोकस छोटे व्यापारियों और घर से काम करने वाले विक्रेताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म देना है।

    निवेशकों के लिए सुझाव

    Meesho IPO में निवेश करने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के साथ शानदार लाभ हुआ।

    हालांकि, शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ आता है, इसलिए निवेश करने से पहले मार्केट एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें।

  • टाटा ग्रुप की कंपनियों के लिए अच्छा नहीं रहा साल 2025… Rs 5.5 लाख करोड़ घटा मार्केट कैप

    टाटा ग्रुप की कंपनियों के लिए अच्छा नहीं रहा साल 2025… Rs 5.5 लाख करोड़ घटा मार्केट कैप


    नई दिल्ली।
    2025 का साल टाटा ग्रुप (Tata Group) की कई कंपनियों के लिए अच्छा नहीं रहा है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (Tata Consultancy Services Limited-TCS), ट्रेंट लिमिटेड, दी इंडियन होटल कंपनी लिमिटेड (IHCL), वोल्टास और तेजस नेटवर्क लिमिटेड के शेयरों में इस साल 60 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। जिसकी वजह से ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों को मार्केट कैप 5.5 लाख करोड़ रुपये घट गया है।


    घटकर कितना हुआ मार्केट कैप

    टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप अब घटकर 25.57 लाख करोड़ रुपये हो गया है। 31 दिसंबर 2024 को समूह की लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 31.09 लाख करोड़ रुपये रहा था। जोकि 17.76 प्रतिशत की गिरावट को दिखाता है।


    किन कंपनियों को हुआ अधिक नुकसान

    टाटा ग्रुप की धाकड़ कंपनी टीसीएस के शेयरों की कीमतों में 21 प्रतिशत की गिरावट आई है। ग्रुप के मार्केट कैप की गिरावट में इस अकेली कंपनी 3.10 लाख करोड़ रुपये का योगदान है। बीते एक साल में कंपनी के शेयरों की कीमतों में 27 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। दो साल में टाटा ग्रुप की इस कंपनी के शेयरों की कीमतों में 11 प्रतिशत लुढ़क गया है।

    ट्रेंट लिमिटेड के शेयरों की कीमतों में इस साल 41 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस कंपनी का मार्केट कैप एक लाख करोड़ रुपये घट गया है।

    इन कंपनियों का बुरा हाल
    IHCL के शेयरों की कीमतों में 18 प्रतिशत की गिरावट आई है। तेजस नेटवर्क लिमिटेड के मार्केट वैल्यू में 2025 में 60 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं, टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड के शेयरों का भाव 25 से 26 प्रतिशत गिरा है। टाटा टेलीसर्विसेज, टाटा पावर कंपनी लिमिटेड, ओरिएंटल होटल्स लिमिटेड, नेल्को लिमिटेड के शेयरों का भाव 38 प्रतिशत तक गिरा है।


    इन कंपनियों के शेयरों में उछाल

    टाइटन कंपनी लिमिटेड, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड और टाटा स्टील के शेयरों की कीमतों में 15 से 25 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। ग्रुप के मार्केट कैप में इन कंपनियों का योगदान 1 लाख करोड़ रुपये का योगदान है।

  • Year Ender 2025: मिडिल क्लास के लिए राहत, इनकम टैक्स और GST सुधार से बढ़ी बचत

    Year Ender 2025: मिडिल क्लास के लिए राहत, इनकम टैक्स और GST सुधार से बढ़ी बचत

    नई दिल्ली। वर्ष 2025 मिडिल क्लास के लिए कई मामलों में शानदार साबित हुआ। इस साल सरकार ने टैक्स और जीएसटी में बड़े सुधार किए, जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ा और वित्तीय बोझ काफी हद तक कम हुआ। सबसे ज्यादा राहत इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव और जीएसटी 2.0 रिफॉर्म से मिली।

    इनकम टैक्स में बड़ी राहत
    केंद्र सरकार ने आम आदमी पर टैक्स का बोझ कम करने के लिए इस साल कई फैसले लिए। बजट 2025 में सरकार ने इनकम टैक्स छूट की लिमिट 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी। इसके साथ ही स्टैंडर्ड डिडक्शन के तहत मिलने वाली 75,000 रुपये की छूट को मिला दिया जाए तो यह बढ़कर 12.75 लाख रुपये हो जाती है। इसका मतलब है कि कोई भी सैलरीड क्लास 12.75 लाख रुपये तक की आमदनी पर इनकम टैक्स छूट का दावा कर सकता है। स्टैंडर्ड डिडक्शन की छूट केवल सैलरीड क्लास को ही मिलेगी।

    जीएसटी 2.0 से मिडिल क्लास को बड़ा फायदा
    सरकार ने 2025 में जीएसटी स्लैब्स में भी बड़ा बदलाव किया। पुराने चार स्लैब 5%, 12%, 18% और 28% को घटाकर अब केवल दो स्लैब 5% और 18% रह गए हैं। वहीं, लग्जरी और सिन गुड्स पर जीएसटी की दर 40% कर दी गई।

    453 चीजों पर GST रेट में बदलाव
    नए जीएसटी रेट लागू होने के बाद 453 चीजों की दरों में बदलाव हुआ, जिनमें से 413 चीजों की दर में कमी हुई। करीब 295 जरूरी चीजों पर जीएसटी रेट 12% से घटाकर 5% या जीरो कर दिया गया। 1,200 सीसी या उससे कम की पेट्रोल कारों और 1,500 सीसी या कम की डीजल कारों पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% की गई। इसी तरह, 350 सीसी या उससे कम की बाइक पर भी जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दी गई।

    लग्जरी गाड़ियों और बाइक पर 40% GST
    लग्जरी गाड़ियों और बाइक पर जीएसटी 40% तय की गई। इसके साथ ही कारों पर सेस को भी खत्म कर दिया गया। इन सुधारों का उद्देश्य देश की इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ाना था। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की दूसरी तिमाही में देश की ग्रोथ रेट 8.2% दर्ज की गई, जो पिछली कई तिमाहियों में सबसे तेज है।

    टोल प्लाजा पर भी मिली राहत
    साल 2025 में आम लोगों के लिए टोल टैक्स का बोझ भी कम किया गया। सरकार ने एनुअल पास का ऐलान किया, जिसे 15 अगस्त से लागू कर दिया गया। फास्टैग एनुअल पास की कीमत 3,000 रुपये है। इसके तहत कोई भी वाहन चालक सालभर में 200 टोल प्लाजा पार कर सकता है। इस योजना से एक टोल प्लाजा पार करने की कीमत घटकर केवल 15 रुपये रह जाती है, जिससे हाइवे पर सफर पहले की तुलना में काफी सस्ता हो गया है।
    साल 2025 मिडिल क्लास के लिए राहत और फायदे लेकर आया। इनकम टैक्स में छूट, GST स्लैब्स में कमी और टोल पास सुविधा ने आम आदमी की जेब पर सकारात्मक असर डाला। सरकार के ये कदम आर्थिक दृष्टि से आम जनता को सहारा देने और खर्च में कटौती करने में मददगार साबित हुए हैं।

  • IndiGo पर DGCA का बड़ा एक्शन: रोजाना 110 उड़ानें प्रभावित, सरकार ने एयरलाइन को चेताया

    IndiGo पर DGCA का बड़ा एक्शन: रोजाना 110 उड़ानें प्रभावित, सरकार ने एयरलाइन को चेताया


    नई दिल्ली। देश की प्रमुख एयरलाइन IndiGo पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बड़ा एक्शन लिया है। हाल के हज़ारों फ्लाइट रद्द होने और यात्रियों की परेशानी के कारण सरकार ने एयरलाइन के शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम में 5% कटौती का आदेश दिया है। इसका मतलब है कि इंडिगो से रोजाना करीब 110 उड़ानें छीन ली जाएंगी, जिन्हें अन्य एयरलाइंस को आवंटित किया जाएगा।

    DGCA का कदम और पृष्ठभूमि
    नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा, “हम इंडिगो के मार्गों में कटौती करेंगे। फिलहाल वे 2,200 उड़ानें चला रहे हैं, अब 5% कम होंगी।” यह कार्रवाई 5 दिसंबर को इंडिगो की 100 से अधिक उड़ानों के प्रभावित होने के बाद हुई। DGCA ने एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

    विवरण संख्या/राशि
    प्रतिदिन वर्तमान उड़ानें 2,200
    आदेशित कटौती (%) 5%
    रोजाना छीनी जाने वाली उड़ानें (अनुमानित) 110
    रद्द PNR के लिए मुआवजा ₹745 करोड़

    यात्रियों की भरपाई:
    सरकार ने बताया कि 1 से 8 दिसंबर तक रद्द किए गए 7,30,655 PNR के लिए ₹745 करोड़ का मुआवजा दिया जा चुका है। खोए हुए 9,000 बैगों में से 6,000 लौटाए जा चुके हैं और बाकी बैग जल्द ही यात्रियों तक पहुंचेंगे।

    IndiGo की प्रतिक्रिया:
    एयरलाइन ने कहा कि उड़ानें रद्द होने के पीछे तकनीकी खराबियां, खराब मौसम, हवाई यातायात की भीड़ और क्रू ड्यूटी लिमिटेशन जैसी बाहरी वजहें हैं। इंडिगो ने स्थिति सामान्य करने के लिए 15 दिनों का समय मांगा है।

    सरकार ने चेताया है कि यदि एयरलाइन ने रवैया नहीं सुधारा तो एक्शन और कड़ा किया जाएगा। यह कदम स्पष्ट संदेश देता है कि यात्रियों की असुविधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • मीशो IPO में GMP के दम पर निवेशकों में जोश कल होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग

    मीशो IPO में GMP के दम पर निवेशकों में जोश कल होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग


    नई दिल्ली ।
    ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो का आईपीओ निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रे मार्केट प्रीमियम के दम पर इस आईपीओ ने बाजार में काफी ध्यान आकर्षित किया है। इसके बावजूद GMP में उतार-चढ़ाव के बाद भी लिस्टिंग पर 32 फीसदी तक मुनाफे की उम्मीद जताई जा रही है। आईपीओ 3 से 5 दिसंबर तक खुला था और अब निवेशकों की नजर 10 दिसंबर पर है जब कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट होगी।
    लिस्टिंग पर कितना हो सकता है मुनाफा
    लिस्टिंग से एक दिन पहले ग्रे मार्केट में मीशो का GMP 35 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहा था। इसे आधार मानते हुए मीशो के शेयर 146 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हो सकते हैं जो इश्यू प्राइस 111 रुपये से करीब 32% ज्यादा है। हालांकि GMP में उतार-चढ़ाव को देखते हुए लिस्टिंग के वक्त प्रीमियम में बदलाव हो सकता है और इस वजह से लिस्टिंग पर वास्तविक मुनाफे का आकलन तभी होगा।

    GMP का ट्रेंडकब कितना प्रीमियम

    पिछले 10 दिनों में मीशो आईपीओ का GMP 31.5 रुपये से 49.5 रुपये के बीच रहा। शुरुआती दिनों में प्रीमियम मजबूत बना रहा लेकिन 9 दिसंबर को इसमें थोड़ी गिरावट देखी गई। 30 नवंबर को GMP 42 रुपये था जो 2 दिसंबर को बढ़कर 49 रुपये तक पहुंच गया लेकिन कुछ ही दिनों में यह घटकर 9 दिसंबर को 31.5 रुपये रह गया। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में अस्थिरता है और निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    मीशो का आईपीओ और निवेशकों का आकर्षण

    मीशो एक सोशल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है जो खासकर छोटे और मझोले व्यापारियों को ऑनलाइन बिक्री के लिए एक मंच प्रदान करता है। कंपनी का ब्रांड वैल्यू और मजबूत ग्रे मार्केट प्रीमियम ने इसे निवेशकों के बीच काफी आकर्षक बना दिया है। कंपनी की प्राइस बैंड 105-111 रुपये प्रति शेयर रखी गई है और एक लॉट में 135 शेयर शामिल हैं। इस आईपीओ का कुल इश्यू साइज 488396721 शेयरों का है जो कुल 5421.20 करोड़ रुपये का है। इसमें से 4250 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1171.20 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल है। कंपनी की फेस वैल्यू 1 रुपये रखी गई है।

    निवेशकों के लिए एक मौका

    मीशो के आईपीओ ने निवेशकों को एक अच्छा मौका प्रदान किया है लेकिन इसमें जोखिम भी है। ग्रे मार्केट प्रीमियम के उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को अपने निर्णय में सतर्क रहना चाहिए। कई बार आईपीओ की लिस्टिंग पर प्रीमियम में बदलाव हो सकता है और इसलिए निवेशकों को लिस्टिंग के समय निवेश के फैसले पर ध्यान देना चाहिए।

     मीशो का आईपीओ निवेशकों के लिए एक आकर्षक मौका हो सकता है खासकर जब लिस्टिंग के समय संभावित मुनाफे की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि बाजार की अस्थिरता को देखते हुए यह महत्वपूर्ण है कि निवेशक अपने निवेश निर्णयों में सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की शॉर्ट टर्म अस्थिरता से बचने के लिए उचित रणनीति अपनाएं। 10 दिसंबर को लिस्टिंग के बाद ही इस आईपीओ की असली तस्वीर सामने आएगी।

  • Year Ender 2025: सोना-चांदी ने दी रिकॉर्ड कमाई, सेंसेक्स-निफ्टी ने किया निराश

    Year Ender 2025: सोना-चांदी ने दी रिकॉर्ड कमाई, सेंसेक्स-निफ्टी ने किया निराश


    नई दिल्ली। साल 2025 सोना और चांदी निवेशकों के लिए शानदार साबित हुआ, जबकि शेयर बाजार उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। पूरी दुनिया में आर्थिक अनिश्चितताओं और बाजार की अस्थिरता के बीच कीमती धातुओं ने लगातार नए रिकॉर्ड बनाए और सुरक्षित निवेश विकल्प बनने की अपनी छवि को और मजबूत किया।

    सोना-चांदी का धमाकेदार साल

    2025 में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में भारी वृद्धि दर्ज की गई। सबसे बड़ी छलांग चांदी ने लगाई, जिसने सोने को भी रिटर्न के मामले में पीछे छोड़ दिया।

    चांदी का रिटर्न (2025):

    1 सप्ताह: 12.13%

    1 महीना: 19.70%

    3 महीने: 44.91%

    6 महीने: 77.73%

    1 वर्ष: 97.83%

    मौजूदा कीमत: 1,80,900 प्रति किलोग्राम (टैक्स सहित)

    सोने का रिटर्न (2025):

    1 सप्ताह: 1.75%

    1 महीना: 6.41%

    3 महीने: 21.45%

    6 महीने: 32.57%

    1 वर्ष: 68.14%

    मौजूदा कीमत: 1,30,000 प्रति 10 ग्राम के करीब

    दोनों धातुओं की चमक ने निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दिया-चाहे वे ज्वेलरी खरीदार हों या सुरक्षित संपत्ति की तलाश में लगे निवेशक।

    गोल्ड-सिल्वर ETF ने कराया मालामाल

    कीमती धातुओं के ETF ने भी इस साल धमाकेदार प्रदर्शन किया।

    गोल्ड ETF रिटर्न (1 वर्ष):

    औसतन 58-60%

    GLD और SGOL जैसे बड़े ETFs ने भी 58%+ रिटर्न दिया

    सिल्वर ETF रिटर्न (1 वर्ष):

    UTI Silver ETF: 100.89%

    ICICI Prudential Silver ETF: 100.72%

    HDFC Silver ETF: 100.29%

    SBI Silver ETF: -100%

    ETF क्षेत्र में सिल्वर सबसे आगे रही, जिससे छोटे निवेशकों को भी अच्छी कमाई का मौका मिला।

    सेंसेक्स-निफ्टी ने किया निराश

    जहां सोना-चांदी ने निवेशकों को खुश किया, वहीं शेयर बाजार सुस्त रहा।

    इंडेक्स परफॉर्मेंस (2025):

    सेंसेक्स: 5.30%

    निफ्टी 50: 6.38%

    म्यूचुअल फंड्स का हाल इससे भी खराब रहा। 41 में से केवल 3 फंड्स ने ही बेहतर रिटर्न दिया। यह संकेत है कि 2025 में इक्विटी मार्केट की राह चुनौतीपूर्ण रही।

    सोना-चांदी क्यों चमके और बाजार क्यों कमजोर पड़ा?
    कीमती धातुओं में तेजी के प्रमुख कारण:

    वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता

    डॉलर की कमजोरी

    अंतरराष्ट्रीय मुद्रास्फीति

    भू-राजनीतिक तनाव

    चांदी की औद्योगिक मांग में उछाल

    शेयर बाजार की कमजोरी के कारण:

    बाजार में अस्थिरता

    विदेशी निवेशकों की सावधानी

    आर्थिक दबाव

    ग्लोबल मार्केट में मंदी का असर

    इन परिस्थितियों ने निवेशकों को सुरक्षित एसेट्स की ओर मोड़ा और सोना-चांदी की तेजी और बढ़ गई।

    एक्सपर्ट्स की राय

    HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी विशेषज्ञ सौमिल गांधी के अनुसार-

    ग्लोबल मार्केट में मजबूत ट्रेंड और रुपये की कमजोरी के कारण घरेलू सोने के दाम तेजी से बढ़े।

    फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर कटौती की उम्मीदों से डॉलर कमजोर हुआ, जिससे बुलियन मार्केट को समर्थन मिला।

    निवेशक US रोजगार डेटा और ISM सर्विसेज PMI पर नज़र बनाए हुए हैं, जो आगे की दिशा तय करेगा।

    निवेशकों के लिए सबक

    2025 ने निवेशकों को एक अहम बात सिखाई-
    केवल स्टॉक्स पर निर्भर रहना समझदारी नहीं है।

    एक संतुलित पोर्टफोलियो में शामिल होना चाहिए:

    सोना

    चांदी

    इक्विटी

    कम जोखिम वाले दीर्घकालिक साधन

    सोना-चांदी ने यह साबित किया कि आर्थिक अनिश्चितता के दौर में ये धातुएं निवेश में स्थिरता लाती हैं।