Category: Economy

  • मजबूत वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तेजी, मेटल और डिफेंस शेयरों में खरीदारी

    मजबूत वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तेजी, मेटल और डिफेंस शेयरों में खरीदारी


    नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में अनिश्चितता के बीच सोना और चांदी एक बार फिर चमकने लगे हैं। फेडरल रिजर्व की अहम बैठक से पहले निवेशक सुरक्षित निवेश योग्य की ओर रुख कर रहे हैं, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर दिख रहा है। मंगलवार को घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) पर सोने और चांदी दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

    सोने में सीमित दायरे में तेजी से

    MCX पर 2 अप्रैल 2026 के बैठकों में सोना 1,061 रुपये (0.68%) की बढ़त के साथ करीब 1,56,797 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। व्यापार के दौरान सोने ने 1,56,649 रुपये का निचला स्तर और 1,56,996 रुपये का सर्वोच्च स्तर जारी किया। इससे साफ है कि बाजार में तेजी से तो है, लेकिन यह अभी सीमित दायरे में बनी हुई है। विश्लेषक के अनुसार, निवेशक बचे हुए बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं और फेड के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

    चांदी में ज्यादा तेज उछाल

    सोने के मुकाबले चांदी में ज्यादा तेजी से देखने को मिली। 5 मई 2026 के बैठकों में चांदी 3,353 रुपये (1.31%) बढ़कर 2,59,885 रुपये पर पहुंच गई। चांदी ने कारोबार के दौरान 2,58,338 रुपये का निचला स्तर और 2,61,457 रुपये का उच्चतम स्तर जारी किया। यह खुलता है कि औद्योगिक मांग और निवेश दोनों के कारण चांदी में बढ़ोतरी बनी हुई है।

    कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?

    सोने और चांदी में यह तेजी से मुख्य रूप से फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक (17-18 मार्च) से पहले देखने को मिल रही है। इस बैठक में ब्याज दरों को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। आम तौर पर जब ब्याज अनुमानित कम होती हैं, तो सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश योग्य की मांग बढ़ जाती है। इसी उम्मीद में निवेशक पहले से ही इन कीमतों में पोजीशन ले रहे हैं।

    युद्ध और कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता

    वैश्विक तनाव, खासकर ईरान, संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल के बीच बढ़ते टकराव ने भी बाजार में स्थिरता बढ़ा दी है। पिछले एक महीने में कच्चे तेल की कीमतों में 50% से ज़्यादा की तेज़ी से दर्ज की गई है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका है। यही वजह है कि फेड की यह बैठक भारतीयों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

    आगे क्या रहेगा असर?

    अगर फेड ब्याज दरों को स्थिर रखता है या महंगाई को लेकर सख्त रुख अपनाता है, तो सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव आ सकता है। वहीं, अगर दरों में कटौती के संकेत मिलते हैं, तो उनकी कीमतों में और तेज़ी से देखने को मिल सकती है। अगर निवेशक सतर्क हैं और बाजार की नजर पूरी तरह फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी हुई है।

  • भारतीय शेयर बाजार मजबूत वैश्विक संकेतों से हरे निशान में खुला, मेटल और डिफेंस में खरीदारी

    भारतीय शेयर बाजार मजबूत वैश्विक संकेतों से हरे निशान में खुला, मेटल और डिफेंस में खरीदारी


    नई दिल्ली। मजबूत ग्लोबल संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में खुला। इस दौरान सेंसेक्स 323.83 अंक या 0.43 प्रतिशत की तेजी के साथ 75,826.68 और निफ्टी 84.40 अंक या 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,493.20 पर था।

    शुरुआती कारोबार में बाजार में तेजी का नेतृत्व मेटल और डिफेंस शेयर कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी मेटल और निफ्टी डिफेंस टॉप गेनर्स थे। कमोडिटीज, एनर्जी,फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग और इन्फ्रा भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। दूसरी तरफ आईटी, पीएसयू बैंक, ऑयलएंडगैस, ऑटो, एफएमसीजी, सर्विसेज और रियल्टी लाल निशान में थे।

    सेंसेक्स पैक में इटरनल, बीईएल, एशियन पेंट्स, भारती एयरटेल, टाटा स्टील, इंडिगो, सन फार्मा, मारुति सुजुकी, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, टाटा स्टील, एमएंडएम, पवार ग्रिड और एक्सिस बैंक गेनर्स थे। इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, टीसीएस, एचयूएल, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, एसबीआई और बजाज फिनसर्व लूजर्स थे।

    लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 48 अंक या 0.08 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 54,663 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 12 अंक या 0.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ 15,822 पर था।

    व्यापक बाजार में भी मजबूती बनी हुई है। खबर लिखे जाने तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 51.48 प्रतिशत शेयर हरे निशान में, 43.78 लाल निशान में और 4.74 प्रतिशत बिना की बदलाव के कारोबार कर रहे थे।

    एशियाई बाजारों में मिला जुला कारोबार हो रहा है। टोक्यो, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता हरे निशान में थे। केवल शंघाई का बाजार लाल निशान में था। अमेरिकी बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ था, जिसमें डाओ में 0.83 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक में 1.22 प्रतिशत की तेजी थी।

    विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दौर जारी है। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने सोमवार तो 9,365.52 करोड़ रुपए की बिकवाली की और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 12,593.36 करोड़ रुपए का इक्विटी में निवेश किया।

  • LPG किल्लत के बाद अब दूध सप्लाई पर गहराया संकट, डेयरी सेक्टर के पास सिर्फ 10 दिन का पैकिंग स्टॉक

    LPG किल्लत के बाद अब दूध सप्लाई पर गहराया संकट, डेयरी सेक्टर के पास सिर्फ 10 दिन का पैकिंग स्टॉक



    नई दिल्ली। खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पाबंदी लगाए जाने से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। मिडिल ईस्ट, जो दुनिया में तेल और गैस का बड़ा उत्पादक और सप्लायर है, इस समय युद्ध की चपेट में है। तेल और गैस रिफाइनरियों पर हमलों के कारण आयात-निर्यात का संतुलन बिगड़ गया है, जिसका असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ रहा है।

    हालात को देखते हुए सरकार को सिलेंडर से जुड़े कुछ नियमों में भी बदलाव करना पड़ा है। इसी बीच गैस की कमी का असर अब डेयरी सेक्टर पर भी पड़ने लगा है।

    गैस संकट से दूध सप्लाई पर खतरा

    ऊर्जा संकट के चलते डेयरी उद्योग के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। डेयरी संचालकों का कहना है कि एलपीजी की कमी से दूध की प्रोसेसिंग, पाश्चुरीकरण और पैकेजिंग का काम प्रभावित हो रहा है। यदि जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में दूध की सप्लाई भी बाधित हो सकती है।

    उद्योग से जुड़े लोगों के अनुसार, अगर मौजूदा स्थिति बनी रही तो करीब 10 दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

    डेयरी सेक्टर में बढ़ी चिंता

    दूध को सुरक्षित रखने के लिए पाश्चुरीकरण प्रक्रिया जरूरी होती है, जिसमें बड़ी मात्रा में एलपीजी की आवश्यकता होती है। इसके अलावा दूध की प्लास्टिक पैकेजिंग और कार्टन तैयार करने में भी गैस का उपयोग होता है। गैस की कमी के कारण कई कंपनियां पैकेजिंग सामग्री तैयार नहीं कर पा रही हैं।

    महाराष्ट्र का डेयरी सेक्टर इस संकट से सबसे अधिक प्रभावित बताया जा रहा है। गोवर्धन डेयरी के संस्थापक देवेंद्र शाह के मुताबिक, उनके पास पैकेजिंग मटेरियल का स्टॉक केवल 10 दिन का बचा है। यदि जल्द ही गैस संकट खत्म नहीं हुआ तो दूध की पैकेजिंग और सप्लाई दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

    क्यों पैदा हुआ संकट

    भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। देश 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीदता है और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आता है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी आयात से ही पूरा करता है।

    28 फरवरी को इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए संघर्ष के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा सप्लाई का करीब 20 प्रतिशत और भारत के तेल-गैस आयात का लगभग 50 से 55 प्रतिशत हिस्सा वहन करता है। इस मार्ग के बंद होने से भारत में तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है और देश को अपने रिजर्व स्टॉक पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

    फिलहाल भारत सरकार गैस से लदे जहाजों को सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कराने के लिए ईरान से बातचीत कर रही है। एलपीजी से लदे दो जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ भारत पहुंच चुके हैं, जबकि अन्य जहाजों को भी इस मार्ग से निकालने की कोशिशें जारी हैं।

  • बैंकों, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर की बढ़त के बीच सेंसेक्स 75,500 के पार

    बैंकों, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर की बढ़त के बीच सेंसेक्स 75,500 के पार


    नई दिल्ली: 
    भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को लगातार तीन सत्रों की गिरावट के बाद जोरदार रिकवरी दिखाई और हरे निशान में बंद होकर निवेशकों का मनोबल बढ़ाया। शुरुआती कारोबार में उतार-चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बैंकों, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर की मजबूत पकड़ ने बाजार को मजबूती प्रदान की। बीएसई सेंसेक्स अंततः 939 अंक या 1.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,502.85 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी50 ने 1.11 प्रतिशत या 257.70 अंक की तेजी के साथ 23,408.80 पर बंद किया।

    सत्र के दौरान सेंसेक्स ने दिन के उच्चतम स्तर 75,805.27 को छूते हुए 1,241 अंक या 1.66 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। वहीं निफ्टी50 अपने उच्चतम स्तर 23,502 तक पहुंच गया, जिसमें 351 अंक या 1.5 प्रतिशत की बढ़त शामिल थी। हालांकि, व्यापक बाजारों में मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक कमजोर रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.43 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.65 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।

    सेक्टरवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो निफ्टी ऑटो में सबसे अधिक 1.67 प्रतिशत की तेजी रही। निफ्टी एफएमसीजी 1.14 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 1.50 प्रतिशत और निफ्टी बैंक 1.22 प्रतिशत की मजबूती के साथ हरे निशान में बंद हुए। इसके विपरीत निफ्टी रियल्टी 1.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ कमजोर प्रदर्शन करता नजर आया। वहीं निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1.58 प्रतिशत की बढ़त तो निफ्टी आईटी में मामूली 0.10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।

    निफ्टी50 में कुछ प्रमुख शेयरों में गिरावट देखी गई। बीईएल, मैक्स हेल्थकेयर, विप्रो, कोल इंडिया, ओएनजीसी, डॉ. रेड्डीज, सन फार्मा, श्रीराम फाइनेंस, सिप्ला और पावर ग्रिड के शेयरों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही। वहीं अल्ट्राटेक सीमेंट, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इटरनल, ट्रेंट, एचडीएफसी, बजाज फाइनेंस, जेएसडब्ल्यू और बजाज-ऑटो के शेयरों में 2.1 से 4.4 प्रतिशत तक की सबसे अधिक तेजी देखने को मिली।

    कच्चे तेल की कीमतों में लगातार मजबूती देखी गई और यह 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रही। यह बढ़ोतरी मध्य पूर्व में आपूर्ति संबंधी जोखिमों के चलते हुई, खासकर फुजैराह में तीसरे दिन हुए हमले के बाद। फुजैराह संयुक्त अरब अमीरात का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह है और यह होर्मुज जलडमरूमध्य के बिल्कुल बाहर स्थित है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को बाजार में इस तरह की उतार-चढ़ाव वाली स्थितियों में धैर्य रखना चाहिए, क्योंकि मजबूत सेक्टरों की पकड़ बाजार को स्थिर करने में मदद करती है। बैंकिंग, ऑटो और एफएमसीजी क्षेत्रों में सुधार और तेजी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत देते हैं और आने वाले कारोबारी सत्रों में इसी तरह की रिकवरी की उम्मीद जताई जा रही है।

  • बाजार अस्थिरता के कारण फोनपे ने फिलहाल रोकी आईपीओ लिस्टिंग की तैयारी

    बाजार अस्थिरता के कारण फोनपे ने फिलहाल रोकी आईपीओ लिस्टिंग की तैयारी

    नई दिल्ली:  PhonePe ने सोमवार को घोषणा की कि उसने मौजूदा भू-राजनीतिक संघर्षों और बाजार की अस्थिरता के कारण अपनी सार्वजनिक बाजार में लिस्टिंग प्रक्रिया को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। कंपनी ने कहा कि वैश्विक पूंजी बाजारों में स्थिरता आने के बाद वह इस प्रक्रिया को फिर से शुरू करेगी।

    कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Sameer Nigam ने कहा कि वे प्रभावित क्षेत्रों में जल्द शांति बहाल होने की उम्मीद करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी भारत में सार्वजनिक लिस्टिंग के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    कंपनी के अनुसार 30 सितंबर 2025 तक फोनपे के 65 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं और इसका डिजिटल भुगतान नेटवर्क देशभर में 4.7 करोड़ से अधिक व्यापारियों तक पहुंच चुका है।

    इस बीच कंपनी डिजिटल भुगतान सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नए फीचर भी लॉन्च कर रही है। इसी साल जनवरी में फोनपे पेमेंट गेटवे ने वीजा और मास्टरकार्ड कार्ड लेनदेन के लिए फोनपे पीजी बोल्ट फीचर लॉन्च करने की घोषणा की थी।

    यह समाधान डिवाइस टोकनाइजेशन तकनीक का उपयोग करता है, जिससे उपयोगकर्ताओं और व्यापारी भागीदारों को एक सुरक्षित और तेज इन-ऐप चेकआउट अनुभव मिलता है। इस सुविधा के तहत यूजर्स फोनपे ऐप पर अपने कार्ड को एक बार टोकनाइज कर सकते हैं और बाद में किसी भी जुड़े हुए मर्चेंट प्लेटफॉर्म पर उसी सेव किए गए कार्ड का उपयोग कर सकते हैं।

    इस सिस्टम में सुरक्षित टोकन संवेदनशील कार्ड विवरण की जगह ले लेता है, जिससे उसी डिवाइस पर किए जाने वाले बाद के लेनदेन में बार-बार सीवीवी दर्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे भुगतान प्रक्रिया तेज और सरल हो जाती है।

    फोनपे के मर्चेंट बिजनेस के चीफ बिजनेस ऑफिसर Yuvraj Singh Shekhawat ने कहा कि वीजा और मास्टरकार्ड के लिए फोनपे पीजी बोल्ट फीचर का लॉन्च लाखों भारतीयों के लिए डिजिटल भुगतान को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    उन्होंने कहा कि डिवाइस टोकनाइजेशन के जरिए उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित और वन-क्लिक भुगतान का अनुभव मिलेगा, जबकि व्यापारियों को बेहतर सफलता दर और कम ट्रांजैक्शन ड्रॉप-ऑफ के साथ अपने कारोबार को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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  • डाक सेवा में बड़ा बदलाव, 17 मार्च से शुरू होगी 24 स्पीड पोस्ट सेवा..

    डाक सेवा में बड़ा बदलाव, 17 मार्च से शुरू होगी 24 स्पीड पोस्ट सेवा..


    नई दिल्ली : India Post जल्द ही एक नई एक्सप्रेस डिलीवरी सेवा शुरू करने जा रहा है, जिसके तहत पार्सल और कंसाइनमेंट को 24 घंटे के भीतर पहुंचाया जाएगा। सरकार ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।

    Ministry of Communications के अनुसार डाक विभाग यानी Department of Posts मंगलवार 17 मार्च से 24 स्पीड पोस्ट सेवा शुरू करेगा। इसका उद्देश्य जरूरी और समयबद्ध पार्सल की अगले दिन गारंटी के साथ डिलीवरी सुनिश्चित करना है।

    इस सेवा का शुभारंभ केंद्रीय संचार मंत्री Jyotiraditya M. Scindia और संचार राज्य मंत्री Chandrasekhar Pemmasani करेंगे। कार्यक्रम Akashvani Bhavan के रंग भवन ऑडिटोरियम में दोपहर 12:30 बजे आयोजित होगा, जिसमें डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

    मंत्रालय के अनुसार 24 स्पीड पोस्ट सेवा के जरिए प्रमुख महानगरों में अगले दिन डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स सेवाओं में सुधार होगा।

    पहले चरण में यह सुविधा छह मेट्रो शहरों-Delhi, Mumbai, Chennai, Kolkata, Bengaluru और Hyderabad-में शुरू की जाएगी।

    इसके साथ ही डाक विभाग 24 स्पीड पोस्ट और 48 स्पीड पोस्ट सेवाएं भी उपलब्ध कराएगा, जिनमें क्रमशः डी+1 और डी+2 दिनों में डिलीवरी की गारंटी होगी। इन सेवाओं को विशेष प्रोसेसिंग विंडो और प्राथमिकता वाले एयर ट्रांसपोर्ट का समर्थन मिलेगा।

    नई सेवाओं में ओटीपी-आधारित सुरक्षित डिलीवरी, एंड-टू-एंड ट्रैकिंग और एसएमएस के जरिए पार्सल की स्थिति की जानकारी जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी।

    व्यावसायिक ग्राहकों के लिए विभाग बाय नाउ पे लेटर (BNPL) सुविधा, बड़ी बुकिंग पर फ्री पिकअप, एपीआई इंटीग्रेशन और सेंट्रलाइज्ड बिलिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगा।

    मंत्रालय के अनुसार इन सेवाओं में डिलीवरी में देरी होने पर मनी-बैक गारंटी भी शामिल होगी, जिससे इंडिया पोस्ट की प्रीमियम एक्सप्रेस डिलीवरी क्षमता और मजबूत होगी।

    इस महीने की शुरुआत में चंद्रशेखर पेम्मासानी ने संसद में बताया था कि डाक विभाग पार्सल और ई-कॉमर्स सेगमेंट में कई नई पहल कर रहा है ताकि इसे एक प्रमुख सार्वजनिक लॉजिस्टिक्स संगठन के रूप में विकसित किया जा सके।इन पहलों के तहत पार्सल प्रोसेसिंग और डिलीवरी सिस्टम का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिससे सेवाओं की गति, भरोसेमंदता और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाया जा सके।

  • इंडिगो और अदाणी एयरपोर्ट्स की साझेदारी, ड्यूटी-फ्री शॉपिंग पर मिलेंगे ब्लूचिप्स रिवॉर्ड

    इंडिगो और अदाणी एयरपोर्ट्स की साझेदारी, ड्यूटी-फ्री शॉपिंग पर मिलेंगे ब्लूचिप्स रिवॉर्ड


    नई दिल्ली : IndiGo और Adani Airport Holdings Limited ने सोमवार को एक नई साझेदारी की घोषणा की है। इस समझौते के तहत एएएचएल द्वारा प्रबंधित हवाई अड्डों पर ड्यूटी-फ्री शॉपिंग करने वाले यात्रियों को अब इंडिगो ब्लूचिप्स रिवॉर्ड प्वाइंट्स मिलेंगे।

    दोनों कंपनियों की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस साझेदारी के तहत इंडिगो ब्लूचिप्स सदस्य अदाणी प्लेटफॉर्म के माध्यम से पहले से बुक किए गए ड्यूटी-फ्री उत्पादों पर खर्च किए गए प्रत्येक 100 रुपये पर पांच ब्लूचिप्स प्वाइंट्स अर्जित कर सकेंगे।

    यात्री अपनी यात्रा से पहले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उत्पादों को ब्राउज कर सकते हैं, उन्हें रिजर्व कर सकते हैं और भुगतान भी कर सकते हैं। इसके बाद वे एयरपोर्ट पहुंचकर आसानी से अपनी खरीदी गई वस्तुएं प्राप्त कर सकते हैं।

    इंडिगो के मुख्य डिजिटल एवं सूचना अधिकारी Neetan Chopra ने कहा कि कंपनी अपने लॉयल्टी प्रोग्राम के मूल्य को लगातार बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि अदाणी ड्यूटी-फ्री के साथ यह साझेदारी उड़ानों से आगे बढ़कर यात्रियों को अतिरिक्त रिवॉर्ड देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    वहीं Suchit Bansal ने कहा कि अदाणी प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल डिस्कवरी, प्री-ऑर्डर और आसान कलेक्शन जैसी सुविधाओं को एकीकृत कर एयरपोर्ट पर शॉपिंग के अनुभव को नया रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इंडिगो के साथ यह साझेदारी भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन और देश के प्रमुख निजी हवाई अड्डा संचालक को एक साथ लाती है, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और लाभदायक अनुभव मिलेगा।

    ग्राहक एक समर्पित पोर्टल पर लॉग इन कर अपनी इंडिगो ब्लूचिप सदस्यता आईडी लिंक कर सकते हैं। खरीदारी पूरी होने के 24 से 48 घंटे के भीतर खर्च के आधार पर रिवॉर्ड प्वाइंट्स उनके खाते में जोड़ दिए जाएंगे।

    यह पहल डिजिटल सुविधा, लॉयल्टी लाभ और एयरपोर्ट रिटेल को एक साथ जोड़कर यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

    फिलहाल यह ड्यूटी-फ्री सुविधा मुंबई, अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम, जयपुर, मंगलुरु और लखनऊ हवाई अड्डों पर उपलब्ध है। आने वाले समय में इसे Lokpriya Gopinath Bordoloi International Airport और Navi Mumbai International Airport तक भी विस्तारित करने की योजना है।

    एएएचएल देशभर में आठ हवाई अड्डों का संचालन करता है, जिनमें मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, मंगलुरु, जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं। वहीं नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जो भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक है, ने 25 दिसंबर 2025 से वाणिज्यिक संचालन शुरू किया था।

  • आईपीओ लॉक-इन खत्म होते ही चार शेयरों में गिरावट, ऐ फाइनेंस 7.4% तक टूटा

    आईपीओ लॉक-इन खत्म होते ही चार शेयरों में गिरावट, ऐ फाइनेंस 7.4% तक टूटा


    नई दिल्ली :
    हाल ही में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई चार कंपनियों के शेयर सोमवार को गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। इन कंपनियों के आईपीओ की लॉक-इन अवधि खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए, जिसके कारण शेयरों पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया।

    फ्रैक्टल एनालिटिक्स के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। कंपनी के करीब 0.69 करोड़ शेयर, जो कुल इक्विटी का लगभग 4 प्रतिशत हैं, लॉक-इन से बाहर आकर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए। इसके चलते कंपनी के शेयर करीब 4.35 प्रतिशत तक गिर गए।

    दोपहर करीब 1:50 बजे कंपनी के शेयर 3.98 प्रतिशत की गिरावट के साथ 764.35 रुपये पर कारोबार करते नजर आए। यह शेयर अभी भी अपने आईपीओ प्राइस 900 रुपये से लगभग 12 प्रतिशत नीचे चल रहा है।

    वहीं ऐ फाइनेंस के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। कंपनी के शेयर करीब 7.42 प्रतिशत तक गिर गए, क्योंकि इसकी एक महीने की लॉक-इन अवधि समाप्त हो गई। लॉक-इन खत्म होने के बाद करीब 1.76 करोड़ शेयर, जो कंपनी की लगभग 7 प्रतिशत इक्विटी के बराबर हैं, बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए।

    पिछले पांच कारोबारी दिनों में कंपनी के शेयर 14.64 प्रतिशत गिर चुके हैं, जबकि एक महीने के दौरान निवेशकों को करीब 24.29 प्रतिशत का नकारात्मक रिटर्न मिला है।

    इसी तरह पार्क मेडी वर्ल्ड के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को कंपनी के करीब 0.85 करोड़ शेयर, यानी लगभग 2 प्रतिशत इक्विटी लॉक-इन से बाहर आने के बाद इसके शेयर करीब 3.2 प्रतिशत तक गिर गए।

    वहीं नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। कंपनी के करीब 0.28 करोड़ शेयर, जो लगभग 3 प्रतिशत इक्विटी के बराबर हैं, 16 मार्च से ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए। इसके बाद कंपनी के शेयर करीब 2.8 प्रतिशत तक नीचे आ गए।

    इस बीच नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में आईपीओ लाने वाली 88 कंपनियों के प्री-लिस्टिंग निवेशकों की लॉक-इन अवधि 11 मार्च से 29 जून 2026 के बीच खत्म होने वाली है।

    रिपोर्ट के मुताबिक इस अवधि के दौरान करीब 72 अरब डॉलर यानी लगभग 6.6 लाख करोड़ रुपये के शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। इससे आने वाले महीनों में बाजार की धारणा और कई शेयरों की चाल पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

  • एलपीजी आपूर्ति को लेकर राहत, छापेमारी के बीच सिलेंडर बुकिंग घटी और ऑनलाइन बुकिंग बढ़ी

    एलपीजी आपूर्ति को लेकर राहत, छापेमारी के बीच सिलेंडर बुकिंग घटी और ऑनलाइन बुकिंग बढ़ी

    नई दिल्ली:  देश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर बनी आशंकाओं के कम होने और सरकार द्वारा जमाखोरी तथा ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बाद गैस सिलेंडर की बुकिंग में गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

    सरकारी सूचना एजेंसी पीआईबी इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि 14 मार्च को एलपीजी सिलेंडर की कुल 77 लाख बुकिंग दर्ज की गई। इससे एक दिन पहले यानी 13 मार्च को यह आंकड़ा 88.8 लाख था। इससे स्पष्ट है कि घबराहट में की जा रही बुकिंग अब कम हो रही है।

    बयान में यह भी बताया गया कि एलपीजी बुकिंग में ऑनलाइन माध्यम की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। अब कुल बुकिंग का लगभग 87 प्रतिशत हिस्सा डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है, जबकि इससे पहले यह 84 प्रतिशत था। साथ ही किसी भी एलपीजी वितरक के पास गैस खत्म होने की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

    सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए कई राज्यों में छापेमारी अभियान चलाया है। इसके साथ ही 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थिति की निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किए गए हैं ताकि गैस आपूर्ति व्यवस्था पर नजर रखी जा सके।

    सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराकर सिलेंडर की बुकिंग न करें और अधिकतर मामलों में डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें। साथ ही एलपीजी वितरकों के पास अनावश्यक रूप से जाने से भी बचने की सलाह दी गई है।

    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि सरकार घरेलू उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता दे रही है और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। खास तौर पर घरों के अलावा अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए गैस आपूर्ति को बनाए रखा जा रहा है।

    एलपीजी की मांग को पूरा करने के लिए आयात और आपूर्ति व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी वाहक जहाज शिवालिक और नंदा देवी लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें से एक जहाज सोमवार को मुंद्रा बंदरगाह और दूसरा मंगलवार को कांडला बंदरगाह पहुंचने की संभावना है।

    सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति मौजूद है और उपभोक्ताओं को किसी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

  • जनवरी के मुकाबले फरवरी में थोक महंगाई बढ़ी, मैन्युफैक्चरिंग और खाद्य कीमतों का असर

    जनवरी के मुकाबले फरवरी में थोक महंगाई बढ़ी, मैन्युफैक्चरिंग और खाद्य कीमतों का असर

    नई दिल्ली: भारत में थोक मूल्य सूचकांक यानी डब्ल्यूपीआई पर आधारित महंगाई दर फरवरी महीने में बढ़कर 2.13 प्रतिशत हो गई है। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक खाद्य और गैर-खाद्य उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण यह वृद्धि दर्ज की गई है।

    इससे पहले जनवरी में थोक महंगाई दर 1.81 प्रतिशत थी जबकि पिछले साल फरवरी में यह 2.45 प्रतिशत दर्ज की गई थी। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के बयान के अनुसार फरवरी 2026 में महंगाई दर सकारात्मक रहने की मुख्य वजह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, बेसिक मेटल, खाद्य उत्पाद, गैर-खाद्य उत्पाद और टेक्सटाइल की कीमतों में वृद्धि रही।

    आंकड़ों के अनुसार फरवरी में खाद्य उत्पादों की थोक महंगाई दर 2.19 प्रतिशत रही, जो जनवरी में 1.55 प्रतिशत थी। हालांकि सब्जियों की कीमतों में कुछ राहत देखने को मिली है। सब्जियों में थोक महंगाई दर जनवरी के 6.78 प्रतिशत से घटकर फरवरी में 4.73 प्रतिशत पर आ गई। इसके बावजूद दाल, आलू, अंडे, मांस और मछली जैसी वस्तुओं की कीमतों में पिछले महीने की तुलना में वृद्धि दर्ज की गई है।

    मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी महंगाई का दबाव बढ़ा है। फरवरी में मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों की थोक महंगाई दर जनवरी के 2.86 प्रतिशत से बढ़कर 2.92 प्रतिशत हो गई। वहीं गैर-खाद्य पदार्थों की श्रेणी में महंगाई दर जनवरी के 7.58 प्रतिशत से बढ़कर फरवरी में 8.80 प्रतिशत हो गई। हालांकि ईंधन और ऊर्जा श्रेणी में महंगाई दर अभी भी नकारात्मक बनी हुई है। फरवरी में फ्यूल और पावर बास्केट की थोक महंगाई दर -3.78 प्रतिशत रही, जबकि जनवरी में यह -4.01 प्रतिशत थी।

    इससे पहले सरकार ने खुदरा महंगाई दर के भी आंकड़े जारी किए थे। फरवरी में खुदरा महंगाई दर 3.21 प्रतिशत दर्ज की गई, जो जनवरी के 2.74 प्रतिशत से 0.47 प्रतिशत अधिक है।ग्रामीण इलाकों में फरवरी में खुदरा महंगाई दर 3.37 प्रतिशत रही जबकि जनवरी में यह 2.73 प्रतिशत थी। वहीं शहरी क्षेत्रों में खुदरा महंगाई दर फरवरी में 3.02 प्रतिशत रही, जो जनवरी में 2.75 प्रतिशत थी।

    खाद्य महंगाई की बात करें तो फरवरी में यह 3.47 प्रतिशत रही। ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर 3.46 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 3.48 प्रतिशत दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य और मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण आने वाले महीनों में महंगाई पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।