Category: Entertainment

  • ओटीटी पर इस हफ्ते एंटरटेनमेंट का महाब्लास्ट क्राइम रोमांस और कॉमेडी का तगड़ा डोज तैयार

    ओटीटी पर इस हफ्ते एंटरटेनमेंट का महाब्लास्ट क्राइम रोमांस और कॉमेडी का तगड़ा डोज तैयार


    नई दिल्ली । ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हर हफ्ते नए कंटेंट की भरमार रहती है लेकिन इस बार का हफ्ता खास तौर पर हिंदी दर्शकों के लिए बेहद दिलचस्प साबित होने वाला है। क्राइम रोमांस थ्रिलर और कॉमेडी से भरपूर कई बड़ी फिल्में और वेब सीरीज इस हफ्ते रिलीज हो रही हैं जो दर्शकों को घर बैठे शानदार एंटरटेनमेंट देने के लिए तैयार हैं। अगर आप भी कुछ नया और मजेदार देखने की तलाश में हैं तो यह लिस्ट आपके लिए परफेक्ट गाइड बन सकती है।

    इस हफ्ते की सबसे चर्चित रिलीज ओ रोमियो है जिसमें शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फ्रेश जोड़ी देखने को मिलेगी। यह फिल्म रोमांस और अंडरवर्ल्ड के खतरनाक खेल को एक साथ जोड़ती है। कहानी प्यार और अपराध के बीच फंसी एक ऐसी दुनिया को दिखाती है जहां हर फैसला जिंदगी बदल सकता है। शाहिद कपूर का इंटेंस अंदाज और तृप्ति डिमरी की मौजूदगी फिल्म को खास बनाती है। यह फिल्म 10 अप्रैल से ओटीटी पर स्ट्रीम होगी और उन दर्शकों के लिए खास है जो इमोशनल ड्रामा के साथ थ्रिल पसंद करते हैं।

    इसके अलावा तू या मैं भी इस हफ्ते की एक अनोखी फिल्म है जो सर्वाइवल थ्रिलर और रोमांस का अलग मिश्रण पेश करती है। कहानी एक अमीर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एक छोटे शहर के रैपर के इर्द गिर्द घूमती है जो एक वीडियो प्रोजेक्ट के दौरान करीब आते हैं। उनकी जिंदगी में अचानक मोड़ तब आता है जब वे गोवा में एक खतरनाक स्थिति में फंस जाते हैं जहां उन्हें अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। यह फिल्म रिश्तों और हालातों की परीक्षा को बेहद अलग अंदाज में दिखाती है।

    वेब सीरीज के शौकीनों के लिए द बॉयज का नया सीजन भी इस हफ्ते आ रहा है जो अपने डार्क और सटायर भरे अंदाज के लिए दुनियाभर में मशहूर है। इस बार कहानी और भी ज्यादा तीखी और टकराव से भरी होने वाली है जहां अच्छाई और बुराई की रेखा और धुंधली नजर आएगी। इसके अलावा साइंस फिक्शन पसंद करने वालों के लिए स्टार वार्स मॉल शैडो लॉर्ड एक शानदार विकल्प है जो एक लोकप्रिय किरदार की नई कहानी को सामने लाता है।

    कॉमेडी और फैमिली ड्रामा पसंद करने वालों के लिए द बिग मिस्टेक एक हल्की फुल्की लेकिन दिलचस्प कहानी लेकर आई है जिसमें गलतियों से पैदा हुए हालात दर्शकों को हंसाने के साथ सोचने पर भी मजबूर करते हैं। वहीं क्राइम ड्रामा पसंद करने वालों के लिए कप्तान एक दमदार वेब सीरीज है जो एक सख्त पुलिस अधिकारी की कहानी को दिखाती है जो अपराध के खिलाफ अपनी जंग में किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

    इसके साथ ही मामला लीगल है का नया सीजन भी दर्शकों को कोर्टरूम ड्रामा के एक नए अंदाज से रूबरू कराएगा जहां एक वकील के जज बनने के बाद की चुनौतियां और दिलचस्प स्थितियां कहानी को और ज्यादा मजेदार बनाती हैं।

    कुल मिलाकर यह हफ्ता ओटीटी दर्शकों के लिए हर तरह का कंटेंट लेकर आया है चाहे आप रोमांस के मूड में हों या थ्रिलर के या फिर हल्की फुल्की कॉमेडी देखना चाहते हों आपको हर जॉनर में कुछ न कुछ नया और दिलचस्प जरूर मिलेगा।

  • रामायण से आगे निकली महाभारत जब 99.6 प्रतिशत टीआरपी ने दुनिया को चौंका दिया

    रामायण से आगे निकली महाभारत जब 99.6 प्रतिशत टीआरपी ने दुनिया को चौंका दिया

    नई दिल्ली । दूरदर्शन के स्वर्णिम दौर की बात जब भी होती है तो दो धारावाहिक सबसे पहले याद आते हैं रामायण और महाभारत। इन दोनों शोज ने भारतीय टेलीविजन के इतिहास को नई दिशा दी और दर्शकों के दिलों में गहरी जगह बनाई। हालांकि लोकप्रियता के मामले में दोनों ही धारावाहिक बेहद सफल रहे लेकिन टीआरपी के आंकड़ों में महाभारत ने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जिसने उसे इतिहास के पन्नों में अमर कर दिया।

    महाभारत का प्रसारण 1988 से 1990 के बीच हुआ और इस दौरान यह शो घर घर में देखा जाने लगा। रविवार की सुबह सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था और लोग अपने टीवी सेट के सामने बैठ जाते थे। इस धारावाहिक की भव्यता इसकी सबसे बड़ी ताकत थी। सेट डिजाइन संवाद अदायगी और किरदारों की गहराई ने इसे सिर्फ एक धार्मिक शो नहीं बल्कि एक भावनात्मक अनुभव बना दिया।

    युधिष्ठिर का किरदार निभाने वाले गजेंद्र चौहान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि महाभारत की लोकप्रियता का अंदाजा उसकी टीआरपी से लगाया जा सकता है। उनके अनुसार जहां रामायण के पहले एपिसोड को लगभग 34 प्रतिशत और अंतिम एपिसोड को 78 प्रतिशत दर्शकों ने देखा वहीं महाभारत ने शुरुआत से ही रिकॉर्ड बनाना शुरू कर दिया था। महाभारत के पहले एपिसोड की टीआरपी लगभग 79 प्रतिशत रही और इसके अंतिम एपिसोड ने तो इतिहास ही रच दिया जब यह आंकड़ा 99.6 प्रतिशत तक पहुंच गया।

    यही वह उपलब्धि थी जिसने महाभारत को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह दिलाई। उस समय दुनिया भर में इतने बड़े स्तर पर कोई भी टीवी शो इतनी बड़ी दर्शक संख्या हासिल नहीं कर पाया था। इससे पहले कुछ विदेशी शोज की टीआरपी 80 प्रतिशत के आसपास रही थी लेकिन महाभारत ने उन्हें भी पीछे छोड़ दिया।

    इस सफलता के पीछे केवल आंकड़े ही नहीं बल्कि पूरी टीम की मेहनत थी। कलाकारों ने अपने किरदारों को इतने जीवंत तरीके से निभाया कि दर्शक उनसे खुद को जोड़ने लगे। चाहे भीष्म की गंभीरता हो कृष्ण की नीति हो या द्रौपदी का साहस हर किरदार ने दर्शकों के दिल पर गहरा असर छोड़ा। यही वजह रही कि यह शो सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव बन गया।

    महाभारत की लोकप्रियता का असर आज भी देखा जा सकता है। इसकी कहानी इसके संवाद और इसके पात्र आज भी लोगों की यादों में ताजा हैं। आधुनिक दौर में भले ही तकनीक और प्रस्तुति बदल गई हो लेकिन उस दौर की सादगी और प्रभाव आज भी बेमिसाल मानी जाती है। इस तरह महाभारत ने न केवल भारतीय टेलीविजन में अपनी अलग पहचान बनाई बल्कि पूरी दुनिया में यह साबित कर दिया कि मजबूत कहानी और सच्ची मेहनत के दम पर कोई भी शो इतिहास रच सकता है।

  • 83 की उम्र में Amitabh Bachchan ने जाहिर की चिंता, बोले- एंग्जायटी में जीना है हानिकारक

    83 की उम्र में Amitabh Bachchan ने जाहिर की चिंता, बोले- एंग्जायटी में जीना है हानिकारक


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक Amitabh Bachchan पिछले करीब 6 दशकों से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और अपनी जबरदस्त अनुशासन और समय की पाबंदी के लिए जाने जाते हैं। 83 साल की उम्र में भी उनका काम के प्रति समर्पण ऐसा है कि वे आज भी हर दिन काम करना चाहते हैं। हाल ही में अपने ब्लॉग में उन्होंने खुलासा किया कि उनके लिए बिना काम का दिन बिताना काफी असहज और परेशान करने वाला होता है।

    “खाली दिन लगता है अजीब”

    अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा कि जब कोई दिन बिना काम के गुजरता है, तो उन्हें अजीब महसूस होता है। उन्होंने कहा कि रोज़ाना एक तय रूटीन में काम करने की आदत बन जाती है, और जब वह अचानक टूटती है तो पूरा दिन एक “मिस्ट्री” जैसा लगने लगता है। उनके मुताबिक, यह बदलाव मन को अस्थिर कर देता है, क्योंकि वे हमेशा अपने समय का सही उपयोग करने में विश्वास रखते हैं।

    एंग्जायटी को बताया खतरनाक

    अपने ब्लॉग में बिग बी ने चिंता (एंग्जायटी) पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जब चीजें योजना के मुताबिक नहीं चलतीं, तो मन में बेचैनी बढ़ने लगती है। अगर इसे समझा न जाए तो यह मानसिक और शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने साफ कहा कि एंग्जायटी में जीना इंसान को कमजोर बना देता है और इससे बचना जरूरी है।

    हर उम्र में काम जरूरी

    यह पहला मौका नहीं है जब Amitabh Bachchan ने काम को लेकर अपनी भावनाएं जाहिर की हैं। इससे पहले भी वे कई बार कह चुके हैं कि उम्र चाहे जो भी हो, इंसान को सक्रिय रहना चाहिए। उनके लिए काम सिर्फ प्रोफेशन नहीं बल्कि जीवन जीने का तरीका है।

    फिल्मों और टीवी में लगातार सक्रिय

    हाल ही में अमिताभ बच्चन को फिल्म Kalki 2898 AD में दमदार भूमिका में देखा गया था, जिसमें उनकी एक्टिंग की काफी तारीफ हुई। अब दर्शक इसके अगले पार्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने टीवी के लोकप्रिय शो Kaun Banega Crorepati के 17वें सीजन को हाल ही में अलविदा कहा है, लेकिन फैंस उन्हें फिर से स्क्रीन पर देखने के लिए उत्साहित हैं।


    क्यों हैं सबसे अलग?

    अमिताभ बच्चन की सबसे बड़ी खासियत यही है कि उन्होंने अपने करियर में कभी भी लापरवाही नहीं दिखाई। समय की पाबंदी, काम के प्रति समर्पण और लगातार खुद को सक्रिय रखने की आदत ही उन्हें आज भी बाकी कलाकारों से अलग बनाती है।

    अमिताभ बच्चन सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि अनुशासन और मेहनत की मिसाल हैं। उनका मानना है कि काम से जुड़ा रहना ही जीवन को संतुलित और सार्थक बनाता है।

  • Aditya Dhar ने खोला राज! Ranveer Singh और Akshaye Khanna नहीं, ये शख्स है ‘धुरंधर’ की असली आत्मा

    Aditya Dhar ने खोला राज! Ranveer Singh और Akshaye Khanna नहीं, ये शख्स है ‘धुरंधर’ की असली आत्मा

     
    नई दिल्ली। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। फिल्म को दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है और स्टार कास्ट की खूब तारीफ हो रही है। Ranveer Singh, Sanjay Dutt, Rakesh Bedi और Akshaye Khanna जैसे कलाकारों ने अपनी एक्टिंग से फिल्म में जान डाल दी है। लेकिन अब फिल्म के निर्देशक Aditya Dhar ने उस शख्स का खुलासा किया है, जिसे वे इस फिल्म की असली ‘आत्मा’ मानते हैं।

    किसे बताया ‘धुरंधर’ की आत्मा?

    आदित्य धर ने अपनी फिल्म के सिनेमैटोग्राफर Vikas Noulakha को ‘धुरंधर’ की आत्मा बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर विकास की जमकर तारीफ की और कहा कि फिल्म के पीछे जो नजर, सोच और आत्मा है, वह विकास ही हैं।

    शूटिंग से पहले ही जुड़ गए थे विकास

    आदित्य धर ने बताया कि विकास नौलखा शूटिंग शुरू होने से कुछ ही दिन पहले इस प्रोजेक्ट से जुड़े थे। लेकिन कम समय में ही उन्होंने फिल्म के हर सीन को इतना प्रभावशाली बना दिया कि वह फिल्म की पहचान बन गए। निर्देशक के मुताबिक, विकास ने सिर्फ कैमरा नहीं संभाला, बल्कि हर फ्रेम में भावनाएं भर दीं।

    स्क्रिप्ट पढ़कर दिया था खास बयान

    जब विकास ने पहली बार फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी, तो उन्होंने कहा था कि वह पिछले 30 सालों से ऐसी फिल्म का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने वादा किया था कि वह इस प्रोजेक्ट में अपनी पूरी जान लगा देंगे-और उन्होंने ऐसा करके दिखाया भी। आदित्य धर के अनुसार, विकास ने इसे सिर्फ एक काम की तरह नहीं, बल्कि एक “भक्ति” की तरह निभाया।

    “फिल्म को जिया है, सिर्फ शूट नहीं किया”

    आदित्य धर ने कहा कि बहुत लोग फिल्म को शूट करते हैं, लेकिन विकास नौलखा ने इस फिल्म को जिया है। उनके इनपुट हमेशा शांत लेकिन सटीक होते थे, जो हर सीन को बेहतर बनाते गए। उन्होंने फिल्म को वह चीज दी, जिसे बनाया नहीं जा सकता—और वह है ‘आत्मा’।

    बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन

    धुरंधर 2 ने रिलीज के 18 दिनों के अंदर ही 1000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। फिल्म ने कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और लगातार शानदार कमाई कर रही है। इस सफलता के पीछे जहां स्टार कास्ट का योगदान है, वहीं पर्दे के पीछे काम करने वाली टीम खासकर सिनेमैटोग्राफी का भी बड़ा हाथ है।

    आदित्य धर का यह बयान साफ करता है कि किसी भी फिल्म की सफलता सिर्फ बड़े सितारों से नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे काम करने वाले क्रिएटिव लोगों की मेहनत से भी तय होती है। विकास नौलखा जैसे कलाकार ही फिल्मों को असल मायनों में ‘जीवंत’ बनाते हैं।

  • ‘मेरे पिता पाकिस्तान नहीं गए’! Rakesh Bedi का Nabil Gabol को करारा जवाब


    नई दिल्ली। फिल्म ‘धुरंधर 2’ को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अभिनेता राकेश बेदी का एक बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। उन्होंने पाकिस्तानी नेता नबील गबोल के उस दावे पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि फिल्म में उनका किरदार कहीं न कहीं उनसे प्रेरित है। इस पर राकेश बेदी ने बेहद सहज और मजाकिया अंदाज में जवाब देते हुए कहा-“मेरी शक्ल आपसे मिलती जरूर है, लेकिन मेरे पिता कभी पाकिस्तान नहीं गए।”

    दरअसल, ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ भले ही पाकिस्तान में बैन रही हों, लेकिन वहां के दर्शकों के बीच इन फिल्मों को लेकर काफी दिलचस्पी देखने को मिली। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें पाकिस्तान के लोग फिल्म के किरदारों पर प्रतिक्रिया देते नजर आए। इन वीडियो में नबील गबोल के बयान भी चर्चा में आए, जहां उन्होंने कहा कि राकेश बेदी का किरदार ‘जमील जमाली’ उनके व्यक्तित्व से मिलता-जुलता है, हालांकि फिल्म में इसे हास्य रूप में पेश किया गया।

    इंटरव्यू में सामने आया पूरा मामला

    एक इंटरव्यू के दौरान जब राकेश बेदी को नबील गबोल के बयान के बारे में बताया गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मैं भी कहना चाहूंगा—आई लव यू, नबील गबोल साहब।” उनके इस जवाब ने माहौल को हल्का बना दिया और दर्शकों के बीच यह बयान खूब पसंद किया जा रहा है।

    “शक्ल मिलना इत्तेफाक है”

    राकेश बेदी ने आगे स्पष्ट किया कि किसी से शक्ल मिलना महज एक इत्तेफाक होता है। उन्होंने कहा कि “हो सकता है कि हमारी शक्लें कुछ हद तक मिलती हों, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई सीधा संबंध है। ना आपके पिता भारत आए, ना मेरे पिता पाकिस्तान गए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि फिल्म में उनके पहनावे और अंदाज ने भी इस समानता को और बढ़ा दिया।

    विवाद से ज्यादा मजाक में लिया बयान

    पूरे मामले में खास बात यह रही कि राकेश बेदी ने इस मुद्दे को विवाद बनाने के बजाय हंसी-मजाक में लिया। उनके जवाब से यह साफ हो गया कि वे इस तुलना को गंभीरता से नहीं लेते, बल्कि इसे एक दिलचस्प संयोग मानते हैं।

    सोशल मीडिया पर छाया बयान

    राकेश बेदी का यह हल्का-फुल्का अंदाज अब सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है। फैंस उनके इस जवाब को पसंद कर रहे हैं और इसे एक सकारात्मक प्रतिक्रिया के तौर पर देख रहे हैं, जहां किसी संभावित विवाद को हंसी में टाल दिया गया।

  • रामायण में हनुमान बनेंगे सनी देओल, एक्‍टर के सामने दारा सिंह की यादों बनाए रखने की चुनौती

    रामायण में हनुमान बनेंगे सनी देओल, एक्‍टर के सामने दारा सिंह की यादों बनाए रखने की चुनौती


    नई दिल्ली। रामायण की महान गाथा अब बड़े पर्दे पर लौट रही है। डायरेक्टर नितेश तिवारी और रणबीर कपूर मिलकर रामायण फिल्म ला रहे हैं, जिसमें भगवान राम की भूमिका में रणबीर नजर आएंगे। हनुमान जयंती पर फिल्म की पहली झलक रिलीज़ हुई है, जिसमें राम बने रणबीर दिखाई दे रहे हैं। इस झलक के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया है।

    हनुमान जी की भूमिका में नजर आएंगे सनी देओल

    फिल्म में हनुमान जी की भूमिका में सनी देओल नजर आएंगे। सनी देओल की छवि हमेशा ताकतवर और जोशीले किरदार वाली रही है, इसलिए कई लोगों का मानना है कि हनुमान के रोल में उनकी कास्टिंग उपयुक्त है। लेकिन सवाल ये है कि क्या सनी दारा सिंह जैसे अपनी छाप लोगों के दिलों में छोड़ पाएंगे?

    दारा सिंह ने रामानंद सागर की रामायण में हनुमान बनकर सभी का दिल जीत लिया था। इस रोल के लिए उन्हें 60-62 साल की उम्र में भी घंटों बैठकर गेटअप तैयार करना पड़ता था। उनके चेहरे पर मोल्ड मास्क लगाया जाता, पूंछ और मेकअप के कारण उन्हें खाने-पीने और बैठने में तकलीफ होती। पूरी तैयारी में उन्हें 3-4 घंटे लगते थे।

    स्मरणीय मेहनत और श्रद्धा

    दारा सिंह की मेहनत और श्रद्धा के चलते हनुमान का किरदार आज भी यादगार है। अब सनी देओल पर जिम्मेदारी होगी कि वे इस किरदार को बड़े पर्दे पर जीवंत कर सकें। फिल्म रामायण इस साल दिवाली पर रिलीज होगी। बताया जा रहा है कि सनी का रोल इस पार्ट में छोटा है, लेकिन अगले पार्ट में, जो 2027 की दिवाली पर आएगा, उनकी ताकत और दमदार हनुमान की भूमिका दिखाई देगी।
  • 1967 से आज तक अटूट यात्रा कृषि दर्शन की अनोखी कहानी

    1967 से आज तक अटूट यात्रा कृषि दर्शन की अनोखी कहानी


    नई दिल्ली । भारत में टेलीविजन प्रसारण की शुरुआत दूरदर्शन के साथ साल 1959 में हुई थी और तभी से यह माध्यम देश के हर वर्ग तक जानकारी मनोरंजन और शिक्षा पहुंचाने का सशक्त जरिया बन गया। समय के साथ दूरदर्शन पर कई लोकप्रिय कार्यक्रम प्रसारित हुए जिनमें रामायण हम लोग और आपबीती जैसे शो शामिल हैं लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा कार्यक्रम भी रहा जिसने न सिर्फ इतिहास बनाया बल्कि आज तक अपनी उपयोगिता और प्रासंगिकता को बनाए रखा है। इस शो का नाम है कृषि दर्शन जिसे भारत का सबसे लंबा चलने वाला टेलीविजन शो माना जाता है।

    कृषि दर्शन की शुरुआत 26 जनवरी 1967 को हुई थी जो कि गणतंत्र दिवस का खास दिन था। इस शो को खासतौर पर किसानों के लिए डिजाइन किया गया था ताकि उन्हें खेती से जुड़ी नई तकनीकों उन्नत बीजों और आधुनिक तरीकों की जानकारी दी जा सके। शुरुआत में यह कार्यक्रम केवल दिल्ली के आसपास के लगभग 80 गांवों में ही प्रसारित किया जाता था। उस समय इसका उद्देश्य साफ था किसानों को सशक्त बनाना और उन्हें वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित करना।

    समय के साथ इस शो की लोकप्रियता बढ़ती गई और यह सीमित क्षेत्र से निकलकर पूरे देश तक पहुंच गया। आज कृषि दर्शन न केवल टीवी पर बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध है जिससे किसान कहीं भी कभी भी इसे देख सकते हैं। यह शो पहले डीडी नेशनल पर प्रसारित होता था लेकिन साल 2015 में इसे डीडी किसान चैनल पर स्थानांतरित कर दिया गया जिससे इसका फोकस और अधिक स्पष्ट रूप से कृषि पर केंद्रित हो गया।

    इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि यह केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसने किसानों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने का काम किया। खेती से जुड़ी समस्याओं के समाधान नई तकनीकों का प्रदर्शन और विशेषज्ञों की सलाह इस शो की पहचान बन गई। यही वजह है कि दशकों बाद भी इसकी उपयोगिता कम नहीं हुई बल्कि और अधिक मजबूत हुई है।

    कृषि दर्शन को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद यानी ICAR के सहयोग से शुरू किया गया था। यह पहल भारत सरकार की उस सोच का हिस्सा थी जिसमें कृषि को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। विकिपीडिया के अनुसार इस शो के अब तक 62 सीजन पूरे हो चुके हैं और 16780 से अधिक एपिसोड प्रसारित किए जा चुके हैं जो इसे अपने आप में एक रिकॉर्ड बनाता है।

    आज जब मनोरंजन के अनगिनत विकल्प मौजूद हैं तब भी कृषि दर्शन अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। यह सिर्फ एक टीवी शो नहीं बल्कि किसानों के लिए ज्ञान का एक भरोसेमंद स्रोत है जिसने पीढ़ियों को जोड़ा है और देश के कृषि विकास में अहम भूमिका निभाई है।

  • रणबीर की ‘रामायण’ में अमिताभ बच्चन के दामाद नजर आएंगे, निभा रहे खास रोल

    रणबीर की ‘रामायण’ में अमिताभ बच्चन के दामाद नजर आएंगे, निभा रहे खास रोल


    नई दिल्ली।बॉलीवुड में जब बड़े बजट की फिल्में बनती हैं, तो स्टार कास्ट और कहानी दोनों ही दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा देते हैं। इसी कड़ी में रणबीर कपूर की आने वाली फिल्म ‘रामायण’ चर्चा में है। इसका पहला टीजर सामने आ चुका है और इसमें रणबीर के किरदार भगवान राम के रूप में पहली झलक देखने को मिली।

    डायरेक्टर नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित इस फिल्म को लेकर फैन्स काफी उत्साहित हैं। फिल्म में बॉलीवुड से लेकर साउथ सिनेमा तक के जाने-माने कलाकार शामिल हैं। खास बात यह है कि इसमें बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन के दामाद भी अहम भूमिका में नजर आएंगे।

    फिल्म का बजट और स्टार कास्ट

    ‘रामायण’ का प्रोडक्शन ग्लोबल विजुअल इफेक्ट्स और एनीमेशन स्टूडियो DNEG के फाउंडर नमित मल्होत्रा कर रहे हैं। इस पिक्चर का बजट लगभग 4000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जो इसे भारतीय सिनेमा की अब तक की सबसे महंगी फिल्मों में शामिल करता है।

    लीड रोल में रणबीर कपूर के साथ साई पल्लवी, यश, रवि दुबे, सनी देओल शामिल हैं। इसके अलावा सपोर्टिंग कास्ट भी बेहद शानदार है-अरुण गोविल, काजल अग्रवाल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, इंदिरा कृष्णन और शीबा चड्ढा जैसे कलाकार फिल्म का हिस्सा हैं। इस बीच, अमिताभ बच्चन के दामाद कुणाल कपूर भी एक महत्वपूर्ण रोल निभाते नजर आएंगे।

    कुणाल कपूर निभा रहे हैं भगवान इंद्र का रोल

    फिल्म में कुणाल कपूर भगवान इंद्र का किरदार निभा रहे हैं। भले ही यह छोटा सा रोल है, लेकिन रामायण की कहानी में इसका महत्व अत्यधिक है। भगवान इंद्र के कारण ऋषि गौतम ने अपनी पत्नी अहिल्या को पत्थर में बदल दिया था। बाद में भगवान राम ने उन्हें मोक्ष दिलाया। ऐसे में कुणाल का यह रोल कहानी के अहम हिस्से से जुड़ा हुआ है।

    कुणाल कपूर ने इस फिल्म को लेकर कहा था,

    “ये फिल्म हमारी संस्कृति के इतिहास में बहुत जरूरी है। इसे इतने बड़े स्केल पर बनाना जरूरी था, जितनी पहले कभी नहीं बनी। ये बहुत स्पेशल होने वाली है। ऑडियंस इसे देखकर सरप्राइज हो जाएगी।”

    अमिताभ बच्चन संग व्यक्तिगत रिश्ता

    कुणाल कपूर, अमिताभ बच्चन के छोटे भाई अजिताभ बच्चन की बेटी नैना बच्चन के पति हैं। अजिताभ और उनकी पत्नी रमोला बच्चन की बेटी नैना से कुणाल ने फरवरी 2015 में शादी की थी। इस तरह से वह बॉलीवुड के प्रतिष्ठित परिवार का हिस्सा भी बन चुके हैं।

    कुणाल कपूर का करियर

    कुणाल कपूर को फिल्म इंडस्ट्री में कई चर्चित फिल्मों में देखा जा चुका है। उनकी फिल्में ‘रंग दे बसंती’, ‘आजा नचले’, ‘लव शव ते चिकन खुराना’, ‘डॉन 2’ और ‘ज्वेल थीफ’ दर्शकों को याद हैं। उनकी एक्टिंग और स्क्रीन प्रजेंस ने उन्हें इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए उपयुक्त बनाया है।

    दर्शकों की उत्सुकता

    फिल्म का बड़ा बजट, स्टार कास्ट और ऐतिहासिक महत्व इसे बेहद खास बनाते हैं। रणबीर कपूर के भगवान राम के रूप में स्क्रीन पर आने के साथ-साथ, कुणाल कपूर का छोटा लेकिन अहम रोल फिल्म की कहानी में नई जान डालने वाला है।

  • बॉलीवुड की चौंकाने वाली कहानी: स्टार एक्ट्रेस और बेटे के जन्मदिन पर हुई दर्दनाक घटना

    बॉलीवुड की चौंकाने वाली कहानी: स्टार एक्ट्रेस और बेटे के जन्मदिन पर हुई दर्दनाक घटना


    नई दिल्ली।बॉलीवुड में कई कलाकारों की जिंदगी पर्दे के पीछे संघर्ष और दर्द से भरी होती है। इनमें से कुछ को अपने करियर के साथ-साथ पर्सनल लाइफ में भी बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसी ही एक दर्दनाक कहानी है अभिनेत्री सईदा खान की, जिनकी जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द उनके बेटे के जन्मदिन पर हुआ।

    फिल्म इंडस्ट्री में कदम और शुरुआती सफलता

    सईदा खान का जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा फिल्ममेकर एचएच रवैल की मदद से। उन्हें पहली बार पहचान मिली फिल्म “अपना हाथ जगन्नाथ” से, जिसमें उनके साथ किशोर कुमार थे। इसके अलावा, उन्होंने “कांच की गुड़िया” जैसी फिल्मों में भी काम किया, जिसमें उनके साथ मनोज कुमार नजर आए।

    हालांकि शुरुआती सफलता के बावजूद सईदा का करियर बड़े पैमाने पर नहीं चला और उन्होंने धीरे-धीरे बी और सी ग्रेड फिल्मों में काम करना शुरू किया।

    प्यार और परिवार की स्थापना

    इस दौरान सईदा का प्यार डायरेक्टर बृज सदनाह से हुआ। दोनों ने शादी की और दो बच्चे हुए—एक बेटा कमल और एक बेटी नम्रता। कमल ने बाद में कुछ फिल्मों में काम किया। सईदा अपने परिवार के प्रति बेहद समर्पित थीं और बच्चों की परवरिश में पूरा ध्यान देती थीं।

    बेटा के बर्थडे पर हुई दर्दनाक घटना

    21 अक्टूबर 1990 का दिन सईदा खान के लिए और उनके परिवार के लिए भयानक रात में बदल गया। उनके बेटे कमल का 20वां जन्मदिन था और सईदा इस दिन के जश्न की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान उनके पति, शराब के नशे में, सईदा और बेटी पर गोली चला दी। उन्होंने बेटे कमल को भी गोली मारने की कोशिश की और इसके बाद उन्होंने अपनी जान ले ली।

    इस हमले में सईदा की मौत हो गई, जबकि उनके बेटे कमल ने चमत्कारिक रूप से बचने में सफलता पाई।

    बेटे कमल ने साझा की कहानी

    कमल ने बाद में इस घटना का दर्दनाक सच साझा किया। उन्होंने बताया,

    “मुझे भी गोली लगी थी और बुलेट मेरी गर्दन के पास से निकली। मुझे बचने का कोई लॉजिकल कारण नहीं था। मेरी एकमात्र उम्मीद थी कि मुझे आगे बढ़ने दो और जीवन जीने दो।”

    कमल ने बताया कि उन्होंने अपनी माँ और बहन को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अस्पताल में पर्याप्त बेड नहीं थे। उन्होंने डॉक्टर से कहा कि अपनी माँ और बहन को जिंदा करने की कोशिश करें। अंततः कमल का जीवन बच गया, लेकिन उन्होंने अपना पूरा परिवार खो दिया।

    40 की उम्र में हुई सईदा की मौत और उनकी यादें

    सईदा खान की मौत उनके 40वें साल में हुई और यह बॉलीवुड की सबसे दुखद घटनाओं में से एक मानी जाती है। उनके बेटे और परिवार ने इस त्रासदी का सामना किया, लेकिन सईदा की कहानी आज भी हर किसी के रोंगटे खड़े कर देती है।

    उनकी जिंदगी और करियर ने यह दिखाया कि स्टारडम की चमक के पीछे कई बार दर्द और संघर्ष छिपा होता है। सईदा की कहानी बॉलीवुड के उन दुखद किस्सों में शामिल है, जो हमेशा याद रखी जाएंगी।

  • दिव्या भारती और श्रीदेवी की जिंदगी में छुपा है चौंकाने वाला कनेक्शन, मौत और फिल्म ‘लाडला’ तक का राज

    दिव्या भारती और श्रीदेवी की जिंदगी में छुपा है चौंकाने वाला कनेक्शन, मौत और फिल्म ‘लाडला’ तक का राज


    नई दिल्ली।80 और 90 के दशक में श्रीदेवी हिंदी सिनेमा की सुपरस्टार थीं। उनकी खूबसूरती और अदाकारी के दीवाने पूरे देश में थे। 1992 में जब दिव्या भारती ने बॉलीवुड में कदम रखा, तो दर्शकों और इंडस्ट्री में उनकी तुलना श्रीदेवी से होने लगी। दोनों की शक्ल, बड़ी आंखें और कर्ली बाल इतने मिलते-जुलते थे कि दिव्या को ‘मिनी श्रीदेवी’ कहा जाने लगा।

    पहली मुलाकात और हॉलीवुड जैसी तारीखें

    दिव्या और श्रीदेवी की पहली मुलाकात केवल एयरपोर्ट पर हुई थी, जहां उन्होंने सिर्फ ‘हाय’ कहा। लेकिन उनके जीवन में संयोग और भी दिलचस्प थे। दिव्या का जन्म 25 फरवरी को हुआ और श्रीदेवी की मौत 24 फरवरी को, यानी दिव्या के जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले।

    दुखद मौतें और रहस्य

    दिव्या भारती की मौत चौथी मंजिल से गिरने से हुई, लेकिन इसे लेकर आज तक रहस्य बना हुआ है कि यह हादसा था या हत्या। उनके पति और निर्माता साजिद नाडियाडवाला भी शक के घेरे में रहे। श्रीदेवी की अचानक बाथटब में डूबने और कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत ने भी देश को हिला दिया। उनके पति और निर्माता बोनी कपूर पर भी शक जताया गया, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं मिला।

    ‘लाडला’ फिल्म का कनेक्शन

    फिल्म ‘लाडला’ भी दोनों की जिंदगी से जुड़ी है। शुरुआत में इसे दिव्या भारती अनिल कपूर के साथ करने वाली थीं और शूटिंग का आधा हिस्सा पूरा हो चुका था। दिव्या की मौत के बाद यह फिल्म श्रीदेवी के हाथ में चली गई। दोनों का लुक, डायलॉग और अंदाज इतना समान था कि सेट पर लोग दंग रह जाते थे।

    करियर और निजी जिंदगी में समानताएं

    दोनों ने दक्षिण भारतीय फिल्मों से करियर की शुरुआत की और बाद में बॉलीवुड पर राज किया। इसके अलावा, दोनों ने फिल्म निर्माता से शादी की थी। इस तरह उनके जीवन और करियर में कई अनजाने और रहस्यमय संयोग देखने को मिलते हैं।

    दिव्या भारती और श्रीदेवी के जीवन में संयोग और समानताएं लगातार नजर आती हैं—जन्म और मौत की तारीख, फिल्म ‘लाडला’, करियर की शुरुआत और निजी जीवन। हालांकि दोनों की मौत ने बॉलीवुड को हिला दिया, उनके योगदान और यादें आज भी जीवंत हैं।